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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

किरण मौसी एक तकिये को फर्श पे रखके,घुटनों के बल बैठ गयी

अब मेरा लंड किरण मौसी के गाल को टच कर रहा था...

किरण मौसी धीरे से अपना हाथ लंड के नीचे ले गयी,और धीरे से मेरे लंड को पकड़के,लंड की चमड़ी को पीछे की

और इसी तरह धीरे धीरे मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी साथ ही मेरे बॉल्स को दूसरे हाथ से सहलाने लगी

मेरे लंड की चमड़ी स्लो मोशन में आगे पीछे हो रही थी

किरण मौसी मेरी तरफ नही देख रही थी

कुछ देर तक मेरे लंड और बॉल्स सहलाने के बाद,किरण मौसी मेरी तरफ देखी,और अपने होंठ मेरे लंड की तरफ बढ़ाने लगी

मेरे लंड के सुपाडे पे एक किस कर दी

और टोपे को मुँह में भरके चूसने लगी

किरण मौसी मेरे आधे लंड को चूस रही थी

साथ ही बॉल्स सहला रही थी

फिर किरण मौसी मेरे लंड मुठियाते हुए चूसने लगी,एक हाथ से मेरे लंड को पकड़के मेरे लंड को चूसने लगी,फिर मेरे लंड को दोनो हाथो में

भरके मेरे लंड के सुपाडे को चूसने लगी

कुछ देर में मेरा पूरा लंड किरण मौसी की लार से सराबोर हो गया

किरण मौसी को कोई जल्दी ही नही थी,मैने किरण मौसी के सर को पकड़ा,और अपना लंड किरण मौसी के मुँह में अंदर बाहर करने लगा

फिर मैने अपना लंड किरण मौसी के मुँह से बाहर निकाला,और उन्हे बेड पे लेटा दिया,और अपना लंड उनके मुँह के पास ले गया,वो अपना

मुँह खोल दी,मैने अपना लंड किरण मौसी के मुँह में डाल दिया

और धीरे से उनके मुँह को चोदने लगा

कुछ देर तक किरण मौसी के मुँह को चोदने के बाद मैने अपना लंड मुँह से निकाल लिया

फिर उनकी टाँगो को फैलाक़े अपना लंड उनकी चूत पे सेट किया

दिलीप- मासी डालु कि नही

किरण मौसी- डाल दे

दिलीप- क्या डालु

किरण मौसी- अपना लंड मेरी चूत में डाल दे

दिलीप- आप तो काफ़ी बोल्ड हो

किरण मौसी- सिर्फ़ आज के लिए

आआह माआ

[मैं एक धक्का मार चुका था,और मेरा आधा लंड किरण मौसी की चूत में चला गया

मैं किरण मौसी के होंठ चूस्ते हुए उनके बूब्स दबाने लगा

कुछ देर बाद किरण मौसीई शांत हुई

एक और धक्का मारके अपना पूरा लंड किरण मौसी की चूत में उतार दिया

एक बार फिर किरण मौसी की चीख निकल गयी,और आँखो से आँसू भी

मैं थोड़ी देर रुक के किरण मौसी की चुचियो को दबाने लगा,किरण मौसी के जिस हिस्से को दबाता उस हिस्से पे मेरे हाथ के निशान

आजाते,थोड़ी देर बाद मैं किरण मौसीई की चूत मारने लगा

किरण मौसी- एस दिलीप अया फक मी फक मी यस आअह

प्लीज़ फक मी

और ज़ोर से चोद अपनी मासी को

अया दिलीप काश मैं तुझसे रोज़ चुद पाती अया उम्म्म्म

दिलीप- यस मासी यह लो टेक इट यस येस टेक इट बेबी

[मेरी गति अब तेज़ हो गयी थी
 
किरण मौसी- यस दिलीप और ज़ोर से चोद अपनी मासी को

यस यस यस

[मैं किरण मौसी के होंठो पे अपने होंठ रखा और पूरी स्पीड से चोदने लगा

ताबड़तोड़ धक्के मारने लगा

कुछ देर बाद मासी झड़ने लगी

फिर किरण मौसी ने फटाक से मुझे बेड पे लिटाया,और मेरे लंड पे बैठने लगी

जब मेरा पूरा लंड किरण मौसी की चूत में चला गया,तो किरण मौसी मेरे सीने पे दोनो हाथ रखके,मेरे लंड पे कूदने लगी

किरण मौसी- तेरा लंड तो काफ़ी दमदार है,लगता नही है कि तेरी तीनो बीविया तुझसे नाराज़ रहेंगी उनके तो मज़े हैं

दिलीप- अभी तो आप मज़े लो[और मैं किरण मौसी की कमर पकड़के नीचे से धक्के मारने लगा

किरण मौसी- आअह और ज़ोर से चोद अपनी मासी को,आअह दिलीप तू जहाँ चाहेगा मैं वहाँ तुझसे चुदवाउन्गी,फक मी यस फक मी यस यस और ज़ोर से अयाया

दिलीप- यस मासी यह लो[मैं किरण मौसी को अपनी तरफ झुकाया,और अपना पूरा लंड निकालके एक ही बार में पेल दिया

और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा

किरण मौसी- और ज़ोर से यस फक मी लाइक आ होर,उई माआ प्लीज़ फक मी यस आइ वाना कम आइ वाना कम

दिलीप- किरण मौसी आप कुछ ज़्यादा बोल्ड नही हो गयी

किरण मौसी-वोहवोहवो क्या करूँ तुझे देखके कंट्रोल नही हो रहा है

[मैं किरण मौसी के एक बूब को मुँह में भरके चोदने लगा

किरण मौसी भी आआहए भरे जा रही थी

किरण मौसी- कितना अच्छा चोदता है तू,अयाया फक मी यस यस,अब मैं तुझसे रोज़ चुदवाउन्गी

[किरण मौसी की आवाज़ें अब तेज हो गयी थी

कुछ देर में ही किरण मौसी झड़ने लगी

दिलीप- अब आपकी सवारी करूँगा

[किरण मौसी तुरंत घोड़ी बन गयी
 
किरण मौसी- कितना अच्छा चोदता है तू,अयाया फक मी यस यस,अब मैं तुझसे रोज़ चुदवाउन्गी

किरण मौसी की आवाज़ें अब तेज हो गयी थी

कुछ देर में ही किरण मौसी झड़ने लगी

दिलीप- अब आपकी सवारी करूँगा

किरण मौसी तुरंत घोड़ी बन गयी

मैं किरण मौसी के पीछे आ गया,पर किरण मौसी की गान्ड देखके तो मेरे होश उड़ गये

यह मेरा आस अडिक्षन बढ़ता जा रहा है

फिर मैं अपना आधा लंड किरण मौसी की चूत में डाल दिया

किरण मौसी- दिलीप एक ही बार में डाल ना

दिलीप- दर्द होगा

किरण मौसी- तेरे लिए सह लूँगी

[मैने तुरंत अपना पूरा लंड निकाला और एक ही बार में पूरा डाल दिया

किरण मौसी को ज़्यादा दर्द नही हुआ

फिर मैं ताबड़तोड़ धक्के मारने लगा

बार बार मेरी नज़र किरण मौसी की गान्ड के छेद पे जा रही थी

मैं किरण मौसी की गान्ड पे थप्पड़ मारने लगा

किरण मौसी- यह क्या कर अया यस फक मी यस आआह

दिलीप- अपनी मासी को चोद रहा हूँ,येस टेक इट मासी टेक इट

किरण मौसी- यस फक मी अया हाअरदर हाअरदर ऊवू

[मैने अपना पूरा लंड किरण मौसी की चूत से निकाला ,और एक ही बार में डाल दिया,फिर निकाला फिर एक ही बार में पेल दिया

किरण मौसी झड़ने लगी

मैं भी अब झड़ने वाला था

फिर मैने अपना लंड किरण मौसी के मुँह में डाला,और उनके मुँह को चोदने लगा

कुछ ही देर में मेरा लंड वीर्य छोड़ने लगा

किरण मौसी मेरे रस की एक एक बूँद पी गयी

फिर वो फ्रेश होके अपने रूम में चली गयी,मैने अपना लॅपटॉप निकाला,और जैसे ही ऑन किया मैं दंग रह गया

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किरण मौसी अपने रूम में,अपने बेड पे लेटी,एक हाथ से अपनी चूत सहला रही थी और एक हाथ से अपने बूब्स दबा रही थी,वो भी पूरी

नंगी,तो डी सही था,यह किरण मौसी नही है,नही है यह मेरी किरण मौसी....

फिर मैने अपना रूम सही किया,और एलीना के रूम में जाके उसके साथ लेट गया

सुबह जब आँख खुली तो अकेला था

देखा लेट हो गया हूँ

साला कॉलेज भी जाना है

फटा फॅट रेडी होके नीचे गया,नाश्ता किया

वँया मेरा वेट कर रही थी

लेकिन एक काम अभी बाकी था

मैने एलीना को इशारा किया,और अपने रूम में आ गया

एलीना मेरे रूम में आई,और मेरे पास पहुँची
 
एलीना- क्या हुआ

दिलीप- किरण मौसी कितनी भी कोशिश करे आज जाने की,उन्हे जाने मत देना

एलीना- ठीक है नही जाने दूँगी

[इसके आगे एलीना कुछ बोल ही नही पाई,मैं उसे किस करने लगा था

फिर मैने एलीना के होंठो से अपने होंठ अलग किए

एलीना- जान ही निकाल देते हो

दिलीप- अब जाओ और विदू को भेज देना

एलीना- मैं नही भेजूँगी

दिलीप- [आँख दिखाते हुए] क्यूँ

एलीना- मुझे पता है तुम क्या करोगे उनके साथ,फिर वो शरम के मारे मुझसे बात नही करेंगी

दिलीप- लगता है आज मेरे बिना सोना है तुमको

[इतना ही कहा था कि एलीना रूम से बाहर गयी

और ठीक 2 मिनिट बाद विदू अंदर आई

विदू- वँया गुस्से से लाल हो रही है,और आप यहाँ हैं

[मैने विदू को अपनी बाहो में भर लिया

और किस करने लगा

विदू भी मेरा पूरा साथ देते हुए मुझे किस करने लगी

फिर मैने किस तोड़ दिया

विदू- हो गया तो जाइए

दिलीप- पहले मेरे होंठो से अपनी लिपस्टिक सॉफ कर दीजिए

[विदू शर्मा गयी,और मेरा चेहरा सॉफ कर दी

फिर मैं नीचे आया,बाइक पे बैठा वँया मेरे पीछे बैठी,फिर मैने बाइक स्टार्ट किया

कुछ देर बाद वँया मुझसे पूरा सटके बैठ गयी

हम कॉलेज पहुँचे

पहली घंटी बज चुकी थी

और वँया मुझे डाँटने लगी

हम कॅंटीन में आ गये

तभी दो लड़के मेरे पास आए

उन्हो ने अपना नाम अमित और सुनील बताया

मैने भी उन्हे अपना नाम बताया

अमित- कल तुम नही आए कॉलेज अच्च्छा हुआ

दिलीप- क्या हुआ था कल

सुनील- वो कल तुम्हे धोने के लिए कुछ गुंडे तुम्हे ढूँढ रहे थे

दिलीप- चलो अच्छा हुआ

अमित- जब तुमने उस लड़के को पीटा,तो हम सब की रॅगिंग बंद हो गयी

[फिर वो दोनो दूसरी टेबल पे जाके बैठ गये

फिर हम क्लास रूम में गये

एक तो यह प्रोफेससेर अजीब है,गुस्सा इनकी नाक पे रहता है

अब इन्होने एक क्वेस्चन लिखना शुरू किया,इनके क्वेस्चन लिखने से पहले ही एक लड़की ने आन्सर दे दिया,तो उस लड़की को इन्हो ने पनिशमेंट लगा दी

वँया- कितनी ख़तरनाक मेडम हैं

मुझसे अगर कुछ पूछेंगी,तब ही मैं जवाब दूँगी

[मेरा फोन मेरी पॅंट की जेब में वाइब्रट हो रहा था

इसी लिए मैं खड़ा हो गया

दिलीप- मिस मुझे पानी पीने जाना है

[मेडम एक बार मुझे देखी,और बाहर जाने का इशारा की

मैं तुरंत बाहर आया

और फोन उठाया

डी- वो आप ने पता लगाया

दिलीप- तुम सही कह रहे थे

डी- मैने बहुत सोचा,और उसके बाद मुझे समझ में आया

बड़ी नानी ने अपनी हर एक प्रॉपर्टी आपके नाम कर चुकी हैं

इसी लिए किरण मौसी को गायब करके उनकी जगह नकली किरण मौसी को लाया गया है

ताकि वो आप से पेपर्स पे साइन करवा ले

दिलीप- मुझे सिर्फ़ नाम चाहिए,किसने किया है यह सब
 
बड़ी नानी ने अपनी हर एक प्रॉपर्टी आपके नाम कर चुकी हैं

इसी लिए किरण मौसी को गायब करके उनकी जगह नकली किरण मौसी को लाया गया है

ताकि वो आप से पेपर्स पे साइन करवा ले

दिलीप- मुझे सिर्फ़ नाम चाहिए,किसने किया है यह सब

डी- बड़ी नानी के मामा के दो पोते दो पोती है

इन चारो में से किसीने यह करवाया है

दिलीप- और कुछ पता चले तो बताना

[फिर फोन कट हो गया

बड़ी नानी के मामा के दो पोते और दो पोती

मतलब बड़े मामा की उम्र के ही होंगे यह चारो

किरण मौसी किसी मुसीबत में तो नही हैं

इतना तो पक्का है,जिसने यह किया है,उसे अपनी ज़िंदगी बिल्कुल प्यारी नही है

अगर बड़े मामा को पता चला,तो वो इन चारो को दफ़ना देंगे..,

फिर मैं क्लास में चला गया

कॉलेज ऑफ होने के बाद हम घर वापस आ गये

और मैं एलीना के रूम में गया

पर एलीना अपने रूम में नही थी

विदू के रूम में गया तो देखा एलीना और विदू टीवी देख रही थी

मैं एलीना की गोद में जाके बैठ गया

लेकिन तुरंत हट भी गया

[एलीना मुझे मारने लगी

दिलीप- मामी कहाँ हैं

विदू- माँ बड़ी दादी और किरण मौसी छोटी माँ सब मंदिर गयी हैं

और वँया कहाँ है

दिलीप- खाना खा रही है

विदू- क्या मतलब

दिलीप- उसे ज़ोर की भूख लगी है

विदू- मैं उसके पास जा रही हूँ

[फिर विदू रूम से बाहर चली गयी

मैं एलीना को देखने लगा

एलीना- किरण मौसी तो यह कह रही थी,वो 1 महीना यही रहेंगी

दिलीप- अच्छा गोद में तो आके बैठो

एलीना- नही बैठना

दिलीप- बैठती है कि नही

एलीना झट से मेरी गोद में बैठ गयी

एलीना- रोमॅन्स भी डाँट के करते हो

दिलीप- अब बताओ क्या हुआ है

एलीना- 1 हफ्ते में मैं ठीक हो जाउन्गी

फिर तुम मेरी तरफ देखोगे भी नही

दिलीप- ऐसा मत सोचो,तुम ठीक हो जाओगी,तब तुम्हे रोमॅन्स वाला प्यार करूँगा

फिर मैने एलीना को कुछ कहा

एलीना का मुँह हैरत से खुल गया
 
एलीना- छी छी

दिलीप- किसी को बताना मत

एलीना- मुझे मार नही खानी है,जो मैं यह किसी को बताउन्गी

दिलीप- अगर बताई है तो

[एलीना मेरे कान में कुछ कही,जिससे मैं शॉक में चला गया,और दुआ करने लगा,काश यह सच हो जाए

एलीना- तुम्हारा चेहरा क्यूँ खिल गया

और जो कहा था वो किया कि नही

दिलीप- क्या कहा था

एलीना- एंजाय कर रहे हो कि नही

दिलीप- तुम्हे मार खानी है

एलीना- इसमें ग़लत क्या है

दिलीप- एक के साथ कर चुका हूँ

[एलीना सोच में डूब गयी

दिलीप- तुमसे अपनी हर बात शेर कर सकता हूँ

इसी लिए कह दिया,हां अगर थप्पड़ मारना चाहो तो मार सकती हो

एलीना- इतनी बड़ी बात तुम इतने आराम से कह रहे हो

दिलीप- बड़ी बात तब होगी,जब तुम इसे बड़ा बनाओगी मैं कुछ भी कर लूँ,हर सज़ा मंज़ूर होगी लेकिन

एलीना- तुमसे अलग नही रह सकती

[और एलीना मुझे किस करने लगी,मेरे होंठो को बड़े प्यार से चूस रही थी,तभी गेट नॉक हुआ

एलीना मुझसे अलग हुई

और वँया और विदू अंदर आई

वँया- यह हर वक़्त तीसरी के साथ क्यूँ चिपके रहते हो

[वँया इतना ही कही थी'मैं उसकी कमर में चींटी काट लिया

दिलीप- क्या बोल रही थी

वँया- मैं तो यह कह रही थी,कि तुम दीदी के साथ भी चिपके रहा करो

विदू- बेशरम यह कैसी बातें कर रही है

वँया- दिन में मेरे साथ रहता है,रात में एलीना के साथ,आपके साथ कब रहेगा

विदू- बहुत बोलती है तू

वँया- एलीना दीदी मुझे पढ़ा दो ना

[एलीना वँया को गुदगुदी करने लगी

एलीना- तुझे कितनी बार कहा है,मुझे दीदी मत बोला कर

[फिर दोनो रूम में से चली गयी,और मैने विदू को खींचके अपनी गोद में बिठा लिया

दिलीप- वँया की बात तो सही है

आपको तो टाइम ही नही दे रहा हूँ

विदू- मुझे फरक़ नही पड़ता,

दिलीप- अच्छा अगर फरक़ नही पड़ता तो एक काम कीजिए

विदू- क्या

दिलीप- मैं शवर लेने जा रहा हूँ आप भी आजाओ

वैसे भी अभी कोई आएगा भी नही

[फिर मैं बाथरूम में आके कपड़े उतारा और शवर ऑन कर दिया

ठीक 5 मिनिट बाद विदू मेरे सामने खड़ी थी
 
फिर मैं बाथरूम में आके कपड़े उतारा और शवर ऑन कर दिया

ठीक 5 मिनिट बाद विदू मेरे सामने खड़ी थी

विदू एक हाथ से अपनी चूत ढके हुई थी

मैने विदू को अपने सीने से लगा लिया,विदू के जिस्म पे पानी गिराने लगा

दिलीप- देखा वँया सच कह रही थी

[विदू शर्मा गयी

मैं विदू को किस करने लगा..,

विदू भी मेरे होंठो को चूसने लगी

कुछ देर तक हम एक दूसरे के होंठ चूस्ते रहे

फिर मैं विदू के गले को चूमने लगा,विदू की सिसकी निकल गयी

और विदू अपना एक हाथ नीचे ले जाके,मेरे खड़े लंड पे रख दी

और मेरे लंड को मुठियाने लगी

फिर मैने शवर ऑफ किया,और विदू के जिस्म पे साबुन लगाने लगा

विदू बस मेरे लंड को मुठिया रही थी

मैने थोड़ा सा साबुन विदू की चुचियो पे लगाया,और उन्हे अपने दोनो हाथो से मसल्ने लगा

विदू के बूब्स अब बड़े हो रहे थे

फिर मैं विदू के पेट पे साबुन लगाने लगा

जैसे ही मैने अपनी एक उंगली विदू की नाभि में डाली,वो लड़खड़ा गयी

फिर मैं विदू को अपने सीने से लगाके,उसकी पीठ पे साबुन लगाने लगा,विदू की साँस अब भारी हो रही थी

उसके हाथ मेरे लंड पे कुछ तेज चलने लगे थे

विदू की पीठ पे साबुन लगाने के बाद मैने थोड़ा सा साबुन विदू की गान्ड पे लगाया,और उसकी गान्ड मलने लगा

विदू के गान्ड की दरार में जब एक उंगली घुसा कर मैने रगड़ा,तो विदू की आअह निकल गयी

फिर मैने विदू की टाँगो को खोला और थोड़ा नीचे झुक के विदू की जाँघ पे साबुन लगाके मलने लगा

जब मेरी नज़र विदू की चूत पे पड़ी,तो मैं मुस्कुरा दिया,विदू की चूत रस बहा रही थी

मैं एक हाथ विदू की चूत पे रखके उसे मसल्ने लगा,विदू अपनी आँखें बंद करके बस मज़े ले रही थी

फिर मैने शवर ऑन कर दिया,अभी भी मैं विदू की चूत मसल रहा था

कुछ ही देर में विदू के जिस्म पे से साबुन धूल गया,लेकिन मैं विदू की चूत सहलाता रहा

कुछ देर में विदू की आआहए तेज हो गयी

तो मैं नीचे घुटनो के बल बैठ गया,और अपना मुँह विदू की चूत पे रखके चूसने लगा,विदू को मेरे ऐसा करने की बिल्कुल उम्मीद नही थी
 
कुछ देर में विदू की आआहए तेज हो गयी

तो मैं नीचे घुटनो के बल बैठ गया,और अपना मुँह विदू की चूत पे रखके चूसने लगा,विदू को मेरे ऐसा करने की बिल्कुल उम्मीद नही थी

विदू बस मेरे सर पे हाथ रखके,मेरे सर को अपनी चूत पे दबा रही थी

कुछ ही देर में विदू झड़ने लगी

और विदू की चूत से निकले रस को मैं पी गया

फिर मैं खड़ा हो गया

और विदू थोड़ी देर सुसताने लगी,तब तक मैं भी नहा चुका था

फिर हम बाथरूम से बाहर आए

और मैं बेड पे लेट गया,विदू एक बार मेरी आँखो में देखी,और फिर वो मेरे खड़े लंड को अपने दोनो हाथ से मुठियाने लगी

थोड़ी देर मेरे लंड को मुठियाने के बाद,मेरा लंड एक दम हार्ड हो गया

विदू मेरे लंड की तरफ झुकने लगी,जब विदू के होंठ मेरे लंड के सुपाडे को टच हुए,तो मेरा लंड झटके खाने लगा

विदू अपनी ज़ुबान बाहर निकालके मेरे लंड के टोपे पे घुमाने लगी

कुछ देर तक मेरे लंड के टोपे को चाटने के बाद,विदू अपना मुँह खोलके मेरा आधा लंड अपने मुँह भरके चूसने लगी

विदू आज कुछ ज़्यादा ही प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी

इतने दिन बाद जो मिला था

फिर विदू मेरे आधे लंड को चूस्ते हुए एक हाथ से मेरे बॉल को सहलाने लगी

जब मेरा आधा लंड विदू की लार और थूक से गीला हो गया,तब विदू मेरे बॉल्स को अपने मुँह में लेके चूसने लगी,साथ ही मेरे लंड को मूठ भी मारने लगी

विदू मेरे बॉल्स को चुस्के गीला कर दी,और मैं बेड से नीचे उतर गया

विदू एक तकिया ज़में पे रखके उसपे घुटनो को बल बैठ गयी

और मेरे आधे लंड को चूसने लगी

फिर मैं विदू के मुँह में अपना लंड आगे पीछे करने लगा

कुछ देर विदू के मुँह को चोदने के बाद मैं विदू को बेड पे लिटा दिया

और उसकी गान्ड बेड के किनारे पे लाके,अपना लंड विदू की चूत पे सेट किया,और धक्का मारा,मेरा आधा लंड विदू की छूट में समा गया,विदू को दर्द हुआ,फिर मैने अपना थोड़ा सा लंड विदू की चूत से बाहर निकाला,और एक धक्का मारके अपना पूरा लंड विदू की चूत में

डाल दिया,विदू को दर्द हुआ और वो दर्द से कराहने लगी

मैं विदू के होंठ चूस्ते हुए,हल्के धक्के मारने लगा,कुछ देर तक विदू को दर्द होता रहा,फिर वो भी मज़े से आहे भरने लगी

दिलीप- मेरी जान कैसा महसूस हो रहा है

[मैने विदू की चूत में तेज़ धक्के मारते हुए बोला

विदू- यस फक मी बेबी यस फक मी अया यस फक मी एस हार्डर ऊवू एआः

[मैं विदू की चुचियो को मसल्ते हुए,तेज़ी से विदू को चोदने लगा

कुछ ही देर में विदू बुरी तरह से झड़ने लगी

मैने अपना लंड विदू की चूत से निकाल लिया,और विदू घोड़ी बन गयी

मैने अपना लंड विदू की चूत पे सेट किया,और दो धक्के में पूरा डाल दिया,और ताबड़तोड़ विदू की चूत मारने लगा

मेरे धक्के इतने तेज़ थे,कि विदू आगे खिसकने लगी,मैं विदू की कमर को मज़बूती से पकड़े विदू की चूत मार रहा था

चुदाई के समय विदू ज़्यादा बात नही करती थी

मुझे भी पसंद नही है

मेरा लंड विदू की चूत के अंदर रगड़ खा रहा था,फतच फतच की आवाज़ आती जब मेरा लंड विदू की चूत में अंदर बाहर होता

कुछ ही देर में विदू एक बार फिर से झड़ने लगी
 
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