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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

दिलीप- अब जाके शवर ले लो[पर वँया तो सो चुकी थी.मैं वँया के जिस्म पे एक चादर डाल दिया.और उसके माथे को चूम के विदू के रूम में पहुँचा.मैं टाइम देखा तो 2 बज रहे थे.मैं एक लंबी साँस लिया और विदू के पास बेड पे बैठ गया

सोचा था कि वँया की तरह विदू को भी सज़ा दूँगा.पर अब डर लग रहा था कि विदू कही गुस्सा ना हो जाए.बात यह थी कि वँया मेरे साथ खुलके प्यार इसलिए की.वो मुझे किसी बात के लिए मना नही कर सकती.मुझसे पहले ही वो जान जाती है.मुझे क्या चाहिए.पर विदू ऐसी नही थी.वो मेरे सामने एक बच्ची बन जाती है

पर मैं क्या करूँ.इतने दिन तक मैं अपने आप को कंट्रोल कर रहा था.लेकिन आज मेरे अरमान फिर जाग गये थे

मैं अपनी सोच में खोया हुआ था.तभी मेरे हाथ पे कुछ महसूस हुआ.

विदू जाग गयी थी.और उठके बैठी मुझे देख रही थी

विदू- क्या सोच रहे हैं

दिलीप- कुछ नही

[मेरे गाल पे हाथ फेरने लगी

विदू- मुझसे झूठ बोलेंगे

दिलीप- ऐसी कोई बात नही है

विदू- मेरे प्यार पति देव जी.जब आप मुझसे छोटे थे.तब भी मैं आपकी सबसे ज़्यादा इज़्ज़त करती थी.आज जब आप मुझसे बड़े हैं.तब भी मैं आपकी सबसे ज़्यादा इज़्ज़त करती हूँ.आप अगर मेरे साथ कुछ ग़लत भी करेंगे.मैं उफ़फ्फ़ तक नही करूँगी

[मैं विदू को अपने सीने से लगा लिया.फिर विदू मुझसे अलग हो हुई

विदू- अब बताइए

दिलीप- आपने देखा मैं एलीना के साथ क्या करता हूँ

[विदू शरमा गयी.साला मेरी तो फॅट ही गयी

जब इस बात पे इतना शरमा रही हैं.तो जब यह बोलूँगा कि आपके साथ भी वैसा ही करना चाहता हूँ

विदू- बता भी दीजिए.वरना मुझे चैन नही मिलेगा

दिलीप- क्या वो सही है

विदू- देखा जाए तो हमारे समाज में पति कुछ भी कर सकता है

लेकिन मुझे पूरा यकीन हैं कि आप ने एलीना की मर्ज़ी से ही उसके साथ वैसा किया होगा

दिलीप- [मैं अपने दिल को मज़बूत किया]

क्या आप को गुस्सा आएगा अगर मैं आपके साथ भी वैसा ही करूँ

[बोल तो दिया लेकिन अब फॅट रही थी

क्यूंकी विदू मुझे अजीब नज़रो से देख रही थी

 
विदू- आप इतने बेशरम कैसे बन गये.क्या मैं आपको ऐसी लगती हूँ.क्या यही है आपका प्यार.अपनी बीवी के साथ ऐसे करने में मज़ा आता है आपको

[विदू एक ही साँस में पूरी बात कहके चुप हो गयी.और मेरी दुनिया लूट गयी.मैं समझ ही नही पाया कि अब मैं क्या करू.आज मेरी एक ग़लती ने मेरी विदू को मुझसे गुस्सा कर दिया.मैं यह कैसे सोच लिया कि वो मेरे साथ ऐसा करेंगी.मैं तो यह भी भूल गया.कि एलीना भी मेरे साथ खुशी से यह सब नही कर रही है.यह सब करना उसकी मजबूरी है.लेकिन वो तो चाहती थी.कि मैं उसे डॉमिनेट करू.लेकिन मैं उसे इंजेक्षन देके उसे बेकाबू कर देता ताकि वोही मुझे उकसाए.इसका मतलब मैं एक अच्छा पति नही हूँ.यह सब सोचते हुए मुझे पता ही नहा चला की कब मेरे आँखो से आँसू बहने लगे

फिर अचानक विदू अपना चेहरा अपने दोनो हाथो से ढक ली

विदू- आप कितने बेशरम हैं.ऐसे कोई कहता है

[और विदू अपने चेहरे से हाथ हटके हँसने लगी.मैं हक्का बक्का विदू को देखने लगा

कुछ देर बाद विदू हँसना बंद की

विदू- कैसी लगी मेरी आक्टिंग

[यह सुनके मैं विदू के चेहरे को देखा

और विदू की तरफ पीठ कर लिया.विदू मेरे आगे आ गई

विदू- आप तो नाराज़ हो गये

कमाल हो गया.मुझे लगा था कि मेरे पति देव जी मुझसे कभी नही रूठेँगे

पर अफ़सोस मैं इतनी खुशनसीब कहाँ.ऐसा हो ही नही सकता.कि कोई पति अपनी पत्नी से नाराज़ ना हो

[विदू के इतना कहते ही मैं विदू के माथे से अपना माथा सटा दिया

दिलीप- आपसे रूठने का मैं कभी सोच भी नही सकता

दोबारा आप ऐसा नही कहेंगी वरना

विदू- वरना क्या

दिलीप- वरना बहुत मारूँगा

विदू- आप और मुझे मारेंगे

ज़रा मारके तो दिखाइए

दिलीप- दिखाउन्गा

उससे पहले मेरे कुछ सवालो का जवाब दीजिए सिर्फ़ हाँ या ना में

बिना कोई सवाल पूछे

विदू- पूछिए

दिलीप- आप मेरी गर्लफ्रेंड बनेंगी

विदू- हां

दिलीप- आप मुझसे प्यार करती हैं

विदू- हां

दिलीप- आप मेरी फ़िक़र करती है

विदू- हां

दिलीप- आप मेरी पत्नी हैं

विदू- हाआँ

दिलीप- आप मेरी साली हैं

विदू- हां

दिलीप- मैं आपकी जान हूँ

विदू- हां

दिलीप- आप मुझसे प्यार करेंगी

विदू- हां

दिलीप- आप मुझसे प्यार करेंगी

विदू- हां

दिलीप- आप मुझसे प्यार करेंगी

विदू- हां

दिलीप- आप मुझसे प्यार करेंगी

विदू- हां

[यह रहा मेरा तोहफा]

दिलीप- आप अभी बेशरम बन के मुझसे प्यार करेंगी

विदू- हां नही

दिलीप- यस यस यस

विदू- नही नही आपने चीटिंग की है

दिलीप- कैसी चेटिंग मैने सवाल किया आपने हां कहा

विदू- आप बहुत गंदे हैं.आप ऐसा नही कर सकते

दिलीप- बिल्कुल कर सकता हूँ.मैं आपका पति देव हूँ

विदू- चीटर

दिलीप- मेरी लेने चली थी.अब आप खुद मुझे अपनी देंगी वो भी बेशरम बनके.

[और मैं हँसने लगा]...

विदू- चीटर

कुछ देर तक विदू मुझे गुस्से से देखती रही.मैं भी बेशर्मो की तरह मुस्कुराता रहा

तभी मेरा ध्यान विदू की ड्रेस पे गया

मेरा तो लंड हिलने लगा

 
मेरी पहली बीवी मुझे गुस्से से लाल पीली हुई देख रही थी.लेकिन मेरी नज़र उसकी चुचियो पे जम गई थी

पर एक बात मेरी समझ नही आई.यह फ्रॉक पेहेन्के क्यूँ सोई हुई थी

मैं विदू को अपने पास बैठने का इशारा किया

वो मुझे घूरते हुए मेरे पास बैठ गयी

मैं विदू का हाथ पे अपना हाथ रख दिया

दिलीप-[मन में] शायद यह सही वक़्त नही है.विदू धीरे धीरे खुलेगी.मैं अभी रुक जाता हूँ.और वैसे भी वँया और एलीना तो है ही

जैसे ही मैं कुछ बोलना चाहा.विदू अपने रसीले होंठ मेरे होंठो पे रखके चूसने लगी.मैं सकपका गया.फिर तो मेरे मन में लड्डू फूटने लगे.विदू मेरे होंठो को बड़ी अदाओं से चूस रही थी

विदू- कितना टेस्टी हैं आपके होंठ.आज इन्हे खा जाउ.

[मुझे तो यकीन नही हुआ.कि यह मेरी विदू ही है.विदू मेरे होन्ट चूस रही थी.फिर विदू मेरे होंठ चूस्ते.मुझे लिटा दी.और मेरे पेट पे बैठके मेरे होंठो को चूसने लगी

फिर मैं सोच ना बंद किया.और अपने दोनो हाथ विदू की पीठ पे ले गया.और उसे एक झटके में अपने सीने से लगा लिया

विदू- अया आराम से

दिलीप- आराम हराम है[और मैं भी विदू के होंठ चूसने लगा.

पर मैं कुछ ही ज़्यादा ही जोश में आ गया.और अपनी ज़ुबान विदू मुँह में डाल दिया.विदू मेरी ज़ुबान चूसने लगी.फिर मैं किस तोड़ दिया.विदू हाँफने लगी.मैना नॉर्मल था.लेकिन विदू तो आज मेरी लेने पे तुली हुई थी.एक बार फिर से विदू मेरे होंठो को चूसने लगी

विदू- आज आपकी सारी बेशर्मी निकाल दूँगी.उम्म्म उम्म्म उम्म्म्म

[मैं विदू के होंठ चूस्ते हुए विदू के गले को सहलाने लगा.

विदू- उम्म कितना अच्छा किस करते हैं आप उम्म्म

दिलीप- आप से अच्छा नही

विदू- तुम कहिए ना

दिलीप- आप भी कहिए

विदू- मेरी बात नही मानेंगे

दिलीप- ओके मेरी जान तुम बहुत टेस्टी हो.और सेक्सी भी[विदू ना चाहते हुए भी शर्मा गयी.मैं विदू को बेड से खड़ा किया

 
दिलीप- ओके मेरी जान तुम बहुत टेस्टी हो.और सेक्सी भी[विदू ना चाहते हुए भी शर्मा गयी.मैं विदू को बेड से खड़ा किया

और उसके गले को चूमने लगा.साथ ही उसकी पीठ पे हाथ ले जाके फ्रॉक की ज़िप खोल दिया.और फ्रॉक को कंधे से नीचे सरका दिया.विदू का जिस्म तो दूध सा सफेद.और जैसे ही मैं विदू के गले को चूमना बंद किया.तो देखा विदू का गोरा गला एक दम लाल हो गया है

दिलीप- अब अपने कपड़े उतारो मेरी जान

[मेरी बात सुनके विदू शरमा गयी.और अपनी फ्रॉक उतार दी.फ्रॉक उतरते ही मेरा लंड घायल हो गया.विदू किसी अप्सरा से कम नही लग रही थी.सब पर्फेक्ट था.

विदू-[शरमाते हुए] पसंद आया

[विदू के इतना कहते ही.मैं अपनी शर्ट उतार फेंका.वैसे तो अब मेरा जिस्म ढीला हो गया था

दिलीप- अब बताइए पसंद आया

विदू- हे भगवान पत्नी से ज़्यादा गोरा पति है

दिलीप- पति का लंड भी गोरा है

[साला जोश में बोल गया.और विदू बुरी तरह से शरमा गयी.अगले ही पल मुझे झटका लगा

विदू- [आँखें बंद करके]पत्नी की चूत गुलाबी है

दिलीप- वो तो है

[और मैं विदू पे टूट पड़ा और विदू के होंठो को चूसने लगा.कुछ देर बाद विदू भी मेरे होन्ट चूसने लगी.फिर मैं विदू की कमर में चींटी काट लिया

विदू- उ माआ

[ मैं किस थोड़ा और जहाँ पे मैं चींटी काटा.वहाँ अपने होन्ट रखके चूमने लगा.

विदू- आआआः ऐसा मत की अया

[फिर मैं विदू को अपनी गोद में उठाया.और बेड पे लिटा दिया

साथ ही अपनी पॅंट भी उतार दिया.मेरा लंड अपनी औकात में आचुका था...

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फिर मैं विदू को अपनी गोद में उठाया.और बेड पे लिटा दिया

साथ ही अपनी पॅंट भी उतार दिया.मेरा लंड अपनी औकात में आचुका था

विदू- यह यह क्या है

दिलीप- क्यूँ सुहागरात में नही देखी थी

विदू- उस दिन इतना बड़ा नही था

[मुझे हँसी आ गई.और मैं सीधा बेड पे कूद गया.विदू डर गयी.मैं विदू के साथ लेट गया

दिलीप- हुम्म तो क्या कह रही थी

विदू- उस दिन इतना बड़ा नही था

दिलीप- क्या इतना बड़ा नही था

[विदू का चेहरा पूरी तरह लाल हो गया

विदू- आअपका ला लंड

दिलीप- अच्छा तो चेक करो

विदू-[हकलाते हुए] क्कक्या

दिलीप- मेरा लंड और क्या

[विदू एक बार मुझे देखी और अपने काँपते हाथो से मेरे लंड को पकड़ ली

दिलीप- अया

विदू- सच्मे बहुत बड़ा है इट सो बिग

दिलीप- तुम्हारा ही है.जो चाहे करो

[विदू शर्मा गयी.लेकिन फिर वो मेरे लंड को सहलाते हुए मेरे सीने पे हाथ घुमाने लगी

मैं भी विदू की कमर पे हाथ रख दिया और सहलाने लगा

एक बार मन किया विदू की गान्ड पे हाथ रख दूं

लेकिन अगले ही पल मैं काँप गया.क्यूंकी मुझे अपने लंड पे गरम साँसें महसूस होने लगी

विदू का चेहरा मेरे लंड के पास था.और विदू के होंठ काँप रहे थे

मैं विदू के गाल सहलाया.तो वो मुझे देखके अपनी ज़ुबान निकाली और मेरे लंड को उपर से नीचे तक चाटने लगी.

दिलीप- क्या बीविया हैं मेरी.सब का अपना स्टाइल है

विदू- [शरमाते हुए] चुप भी कीजिए

[विदू मेरे लंड को चाट के पूरा चिकना कर चुकी थी.मैं बहुत ही ज़्यादा जोश में था

फिर धीरे से अपने होंठ खोली और मेरे लंड को अपने मुँह में लेने लगी.बड़ी मुश्किल से मेरा लंड विदू के मुँह में जा रहा था

जब मेरा आधा लंड विदू के मुँह में चला गया.तो विदू मेरे लंड को चूसने लगी.बहुत धीरे धीरे चूस रही मेरे लंड को

कुछ देर तक मेरे लंड को चूसने के बाद.विदू मेरा लंड अपने मुँह से निकाल ली.और मुझे देखने लगी

विदू- अब आपकी बारी

आइए पूरा कर लीजिए अपने अरमान

 
कुछ देर तक मेरे लंड को चूसने के बाद.विदू मेरा लंड अपने मुँह से निकाल ली.और मुझे देखने लगी

विदू- अब आपकी बारी

आइए पूरा कर लीजिए अपने अरमान

[विदू की बात सुनके मैं उठके बैठ गया.और उसकी ब्रा उतार दिया

और निपल्स को पकड़के खींच लिया

विदू- अया बड़े बेशरम हो गये हैं

[मैं निपल्स को मसलने लगा.थोड़ी देर बाद जब निपल्स लाल हो गये.तब मैं उसे चूसने लगा.इतनी तेज़ी से चूसा की विदू आआहए पूरी रूम में गूंजने लगी

विदू- आपके ही की है मेरी यह आआह चुचिया और ज़ोर से चुसिये उईईइ माआ आआह

फिर मैं विदू के निपल्स चूस्ते हुए.उसे काटने भी लगा.मगर प्यार से.विदू उछल्ने लगी.निपल्स को काटके जब मैं उसपे अपनी ज़ुबान फिराता

तो विदू मदहोशी से सिसक उठती

कुछ देर निपल्स को चूसने के बाद मैं बेड से नीचे उतर गया

विदू का सर बेड के किनारे पे था.और मेरा लंड ठीक विदू के होंठो से टच हो रहा था

विदू अपने होंठ खोली.और मैं धीरे से अपना आधा लंड विदू के मुँह में डाल दिया

और विदू के मुँह को चोदने लगा

विदू पेट के बल लेटी हुई और मेरा लंड उसके मुँह में अंदर बाहर हो रहा था.और विदू मेरे बॉल्स को सहला रही थी

मेरा लंड विदू के थूक से नहाते हुए उसके मुँह को चोद रहा था

विदू के मुँह को चोदते हुए मेरी नज़र उसकी गान्ड पे पड़ गयी.और मैं विदू की हसीन गान्ड में खो गया.और इसी जोश में मैं विदू के मुँह अपना पूरा लंड और तुरंत वापस भी निकाल लिया

विदू खाँसने लगी

दिलीप- सॉरी

विदू- इट्स ओके पति देव जी

वैसे हो गया या अभी बाकी है

[विदू के इतना बोलते ही मैं थोड़ा आगे बढ़ा.मेरे बॉल्स विदू के होंठो से साथ गये.विदू मेरे एक बॉल को मुँह में लेके चूसने लगी

साथ ही मेरे लंड को मुठियाने लगी...

मैं थोड़ा आगे बढ़ा.मेरे बॉल्स विदू के होंठो से साथ गये.विदू मेरे एक बॉल को मुँह में लेके चूसने लगी

साथ ही मेरे लंड को मुठियाने लगी

फिर विदू मेरे दूसरे बॉल को चूसने लगी

विदू मेरे बॉल्स को अपने होंठो में भरके अंदर ज़ुबान से सहला रही थी.मैं एक अलग ही दुनिया में पहुँच चुका था

फिर मैं विदू के मुँह से अपने बॉल्स निकाला

दिलीप- अब सीधी लेट जाइए

[विदू सीधी लेट गयी

विदू- कैसे कैसे अरमान भरे हैं आपके अंदर

दिलीप- अरे आपको तो यह कहना चाहिए.आइए पति देव जी अपनी विदू के मुँह को जी भरके चोदिये

[विदू बहुत बुरी तरह शरमा गयी

लेकिन अगले ही पल मेरा दिल बाग बाग हो गया

 
विदू- आइए पति देव जी अपनी विदू के मुँह को जी भरके चोदिये

[विदू अपना सिर बेड से नीचे लटका दी

मैं विदू के मुँह में अपना लंड डालके चोदने लगा.साथ ही विदू की चुचियो को दबाने लगा

फिर मुझे एक आइडिया आया

मैं विदू का दोनो हाथ पकड़के अपने दोनो जाँघ पे रख दिया

मेरी लंड अभी भी विदू के मुँह में ही था

दिलीप- जब लगे कि ज़्यादा हो रहा है तो दबाव डालना[विदू ने अपना सिर हां में हिला दिया और मैं अपनी स्पीड बढ़ाते हुए विदू के मुँह चोदने लगा.मेरी स्पीड बढ़ती जा रही थी.कभी कभी मेरा लंड विदू के गले तक चला जाता.लेकिन विदू मेरी जाँघो को सहलाती रही.फिर मैं अपना लंड विदू के मुँह से बाहर निकाल लिया

दिलीप- अब अपना पूरा मुँह खोलो

विदू- हाए पति देव जी इतना ज़ुल्म

लीजिए खोल दी अपना पूरा मुँह

[विदू अपना पूरा मुँह खोल दी और मैं अपने बॉल्स के नीचे से अपना लंड पकड़ा.और अपना लंड और बॉल्स दोनो विदू के मुँह में डाल दिया

विदू मेरी जाँघो को बड़े प्यार से सहला रही थी.यह था मेरे लिए मेरी विदू का प्यार.मैं इतना हार्ड हो रहा था.और विदू सॉफ्ट.कुछ देर तक मैं अपने बॉल्स और अपना लंड दोनो विदू के मुँह में अंदर बाहर करता रहा

फिर मैं एक पिल्लो नीचे ज़मीन पे रखा

[विदू समझ गयी मैं क्या चाहता हूँ.विदू घुटनो के बल बैठ गयी

और मुझे ज़ुबान दिखा के चिढ़ाते हुए.अपना पूरा मुँह खोल दी.मैं झट से अपना लंड विदू की चूत में उतार दिया

और विदू को डीपथ्रोट देने लगा

 
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