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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

सुबह मेरी आँख खुली तो एलीना का प्यार भर चेहरा देखके मैं खुश हो गया और एलीना के होंठ चूम के एलीना को अपनी गोद में उठा लिया

एलीना का बदन बुखार से तप रहा था

यह मेरी बेरेहमी का नतीजा था

फिर मैं एलीना को अपनी गोद में उठाए बाथरूम में ले गया

शवर ऑन किया तो एलीना की आँख खुली

फिर मैं एलीना को अच्छे से सॉफ किया

और एलीना की चूत की सिकाई करने लगा

फिर मैं बाथरूम से बाहर आया एलीना को सोफे पे लिटाया और कमरा सही किया

और एलीना को कपड़े पहनाया और बेड पे बैठ गया

फिर मैं एलीना को टॅबलेट खिलाया

एलीना- रोते हुए तो तुम बिल्कुल बच्चे लगते हो

[और एलीना हंस दी

दिलीप- तुमसे बहुत प्यार करता हूँ

एलीना- मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ

और बेशरम कपड़े पहेन लो

दिलीप- नही पहनुंगा

एलीना- ऐसे रहोगे तो मेरा मन डोलने लगेगा

दिलीप- और तुम्हारे गाल पे मेरा थप्पड़ पड़ेगा

एलीना- अब बताओ वो इंजेक्षन में क्या था

दिलीप- तुम्हारा जिस्म ठंडा करने के लिए

ड्रग्स ना लेने से तुम्हारा जिस्म तप रहा था

और उस इंजेक्षन से तुम्हारा जिस्म बर्फ जैसा ठंडा हो गया

इसी लिए तुम हॉर्नी हो गयी और तुम्हारे जज़्बात बाहर आ गये

एलीना- सो स्वीट मेरा इतना ख्याल है

वाइल्ड सेक्स भी बुरा नही होता

दिलीप- हम ने जो किया वो भी वाइल्ड सेक्स ही था

एलीना- तो फिर इंजेक्षन क्यूँ लगाया

दिलीप- डॉक्टर हो या क्या हो

तुम वाइल्ड बन गई थी और तुम मुझे उकसा रही थी धमकी दे रही थी

एलीना- इसी लिए तुमने मेरी हर बात मानी

दिलीप- अब सो जाओ

एलीना- रोज़ की प्राब्लम है यह

दिलीप- डोंट वरी मैं शहेर जा रहा हूँ

मेडिसिन लाने तुम्हारे लिए

इसको तुम छोड़ नही सकती लेकिन कम तो कर सकती हो

और जिस कंट्रोल नही होगा उस दिन तुम्हे प्यार करूँगा

[मैने देखा एलीना सो गयी है

मैं विदू के रूम में आके सो गया....

.विदू की बाहो में कितना सकुन मिल रहा था.मैं बता नही सकता.जब मेरी आँख खुली तो सुबह के 10 बज चुके थे.और मैं अकेला सोया हुआ था.फिर मैं बाथरूम में जाके फ्रेश हुआ.जब बाथरूम से बाहर निकला तो वँया बेड पे बैठी हुई थी.मेरे कपड़े हाथ में लिए हुई थी.मैं टवल लपेटे हुआ था.वँया थोड़े गुस्से में दिख रही थी.मैं वँया के हाथ से कपड़ा लिया.और अपना टवल का सिरा खोल दिया.मेरा टवल गिरते ही वँया बुरी तरह से शरमा गयी.फिर मैं अपने कपड़े पहेन लिया.और वँया के पास बैठ गया

 
.विदू की बाहो में कितना सकुन मिल रहा था.मैं बता नही सकता.जब मेरी आँख खुली तो सुबह के 10 बज चुके थे.और मैं अकेला सोया हुआ था.फिर मैं बाथरूम में जाके फ्रेश हुआ.जब बाथरूम से बाहर निकला तो वँया बेड पे बैठी हुई थी.मेरे कपड़े हाथ में लिए हुई थी.मैं टवल लपेटे हुआ था.वँया थोड़े गुस्से में दिख रही थी.मैं वँया के हाथ से कपड़ा लिया.और अपना टवल का सिरा खोल दिया.मेरा टवल गिरते ही वँया बुरी तरह से शरमा गयी.फिर मैं अपने कपड़े पहेन लिया.और वँया के पास बैठ गया

दिलीप- तुम मुझपे गुस्सा हो

वँया- हां

दिलीप- क्यूँ

वँया- तुम्हे नही पता.एलीना बिस्तर से उठ भी नही पा रही है

दिलीप- मुझे पता है.और इसमें गुस्सा होने वाली क्या बात है

वँया- वो वो

दिलीप- वो मतलब कि मैं एलीना के साथ थोड़ा ज़्यादा कर दिया

वँया- हां

दिलीप- अरे मेरी प्यारी वँया. इधर आओ

[और मैने खींचके वँया को अपनी गोद में बिठा लिया.वँया शर्मा गयी.और मैं वँया को अपने सीने से लगा लिया]

पता है मैं पहला ऐसा पति हूँ.जो अपनी तीनो पत्नी से एक जैसा प्यार करता है.

[तभी गेट खुला और विदू मेरे लिए नाश्ता लेके रूम में आ गई.वँया मुझसे अलग होने की कोशिश की.पर मैने और ज़ोर से उसे अपनी बाहो में भींच लिया.विदू भी मेरे पास बैठ गयी

विदू- नाश्ता कर लीजिए

दिलीप- आप ही खिला दीजिए

[विदू मुझे खिलाने लगी

दिलीप- आपको जलन तो नही हो रही है

विदू- नाश्ता कीजिए.मुझे लगता है आज कल आप कुछ ज़्यादा ही मस्ती कर रहे हैं

दिलीप- दुनिया की तीन सबसे हसीन लड़किया जिसकी बीवी हो

विदू- वो मस्ती करेगा ही पता है

अब बिना कुछ बोले नाश्ता कीजिए.[फिर मैने नाश्ता कर लिया.वँया शरम के मारे पानी पानी हो रही थी.अपना चेहरा मेरे सीने में छिपाए.फिर विदू चली गयी

वँया- बहुत गंदे हो तुम

दिलीप- फिर भी तुम्हारा पति हूँ.[और मैं वँया के होंठो पे अपने होंठ रख के चूसने लगा.फिर मैं और वँया एलीना के रूम में गये.जहाँ विदू एलीना का सर दबा रही थी.

दिलीप- मैं शहेर जा रहा हूँ आप तीनो को कुछ चाहिए

वँया- क्यूँ

विदू-वानु यह क्या तरीका है.अगर वो जा रहे हैं तो कोई काम होगा

वँया- आप करो इनकी पूजा.पता चला वापस आए तो दो चार जगह चोट लग गयी

[वँया की बात सुनके.मैं मुस्कुरा दिया

दिलीप- तुम भी चलो लेकिन अगर किसी ने तुम्हे देखके सीटी मारी.कोई घटिया कॉमेंट किया.तो उसकी जान ले लूँगा

वँया- फिर तो तुम अकेले ही जाओ.लेकिन मैं कह देती हूँ.झगड़ा मत करना

[फिर मैं कार में बैठा और शहेर पहुँचा.सबसे पहले रॉकी के घर पहुँचा. डोरबेल बजाया.गेट खुला और सामने अरुणा खड़ी थी

मेरा तो दिमाग़ घूम गया.अरुणा की भी हालत कुछ ऐसी थी

तभी रॉकी की आवाज़ आई

रॉकी- कौन है आरू

[मैं अंदर गया.रॉकी जैसे ही मुझे देखा.रॉकी की फॅट गयी.

दिलीप- यह हैं आप की नयी गर्लफ्रेंड

रॉकी- मैं तुझे बताने ही वाला था

[मैं रॉकी पे कूद गया.और उसके पेट में दो या तीन मुक्का मार दिया

अरुणा- यह आप क्या कर रहे हैं छोड़िए उसे

[मैने रॉकी को छोड़ दिया.

 
दिलीप- परसो तुम शहेर आई.और परसो ही इसकी गर्लफ्रेंड बन गयी

रॉकी- अबे अपने होने वाले जीजा को कोई इतना ज़ोर से मारता है

दिलीप- तुझसे तो बाद में निपट लूँगा

पहले तुम जाके गाड़ी में बैठो

अरुणा- यही पे बात कर लेते हैं

रॉकी- अबे इतना एमोशनल क्यूँ हुआ जा रहा है

दिलीप- अरुणा कार में जाके बैठिए

[अरुणा कार में जाके बैठ गयी]

रॉकी- शक्ति लगता है भाभी को फोन करना ही पड़ेगा

दिलीप- इधर तू अपनी भाभी को फोन करेगा.और मैं तेरा ब्रेकप कर दूँगा

[थोड़ी देर बाद मैं और अरुणा.एक केफे में बैठे कॉफी पी रहे थे]...

दिलीप- बताओगी भी यह सब क्या है

अरुणा- जब मैं शहेर वापस आ गई.तो रॉकी ने मुझे मिलने बुलाया.मैं उससे मिलने गयी.उसने सीधा मुझे आइ लव यू बोल दिया.तुम तो जानते हो.कि मैं उससे क्या किसी से भी प्यार नही करती.इसी लिए मैने उसे इनकार कर दिया.उसने मुझे कहा कि सिर्फ़ एक महीना मैं उसके साथ रहूं.वो मुझे टच भी नही करेगा.और एक महीने बाद अगर मुझे इनकार करना हो तो मैं कर दूँ.तभी मुझे बड़ी दादी की एक बात याद आ गई.वो हमेशा कहती है.जो हम से बेपनाह मोहब्बत करता है.उसको हमे एक मौका देना चाहिए.हो सकता है हमे उससे प्यार हो जाए

[अरुणा के कहे गये आखरी शब्द तीर की तरह मेरे दिल में चुभे.प्यार खोने का डर क्या होता है.यह मैं जानता हूँ.लेकिन प्यार खोना क्या होता है.यह मैं नही जानता.और रॉकी मेरा बेस्ट फ़्रेंड है.वो अरुणा को एक काँटा चुभने नही देगा.शायद मेरी वजह से जो तकलीफ़ अरुणा को हुई है.वो कम हो जाए

दिलीप- घर पे क्या बोली हो

अरुणा- दिन भर यहाँ रहती हूँ.रात को घर

[फिर कुछ बात करने को बचा नही था.तो हम रॉकी के घर वापस आ गये.और रॉकी ने क्या डिन्निंग टेबल सजाया हुआ था.सब अरुणा के फॅवुरेट डिशस थी.हम तीनो ने खाना खाया.फिर अरुणा रॉकी के मना करने के बाद प्लेट उठाके किचन में चली गयी

दिलीप- बेस्ट ऑफ लक.और अगर कुछ ग़लत किया तो

रॉकी- तो तू मेरी हड्डिया तोड़ देगा

[सोचा था रॉकी के साथ डॉक्टर के पास जाउन्गा.लेकिन यहाँ तो खुद रॉकी मरीज़ बना हुआ है

[फिर मैं एक डॉक्टर के घर गया.क्यूंकी वो मेरा दोस्त था.और मैं उसे एलीना की सारी कंडीशन बताया.उसने मुझे सारी मेडिसिन दी.यही एक ऐसा डॉक्टर है.जिसकी मेडिसिन सिर्फ़ इसी के पास मिलती है.कुछ घंटे बाद मैं गाओं में एंटर हुआ.रास्ते में विनय मुझे एक जगह मज़दूरी करता दिखा

 
[सोचा था रॉकी के साथ डॉक्टर के पास जाउन्गा.लेकिन यहाँ तो खुद रॉकी मरीज़ बना हुआ है

[फिर मैं एक डॉक्टर के घर गया.क्यूंकी वो मेरा दोस्त था.और मैं उसे एलीना की सारी कंडीशन बताया.उसने मुझे सारी मेडिसिन दी.यही एक ऐसा डॉक्टर है.जिसकी मेडिसिन सिर्फ़ इसी के पास मिलती है.कुछ घंटे बाद मैं गाओं में एंटर हुआ.रास्ते में विनय मुझे एक जगह मज़दूरी करता दिखा

मैं गाड़ी रोक के उसके पास गया.वो मुझे देखके मेरे गले लग्के रोने लगा

मैं उसे चुप कराया.और उसके बाद जो उसने मुझे बताया.मैं अपना आपा खो दिया.और उसे कार में बैठने को बोला.और पहुँचा शांति के पति के घर.शांति का पति बैठके चाइ पी रहा था.

वो मुझे देखके कुछ बोलता.उससे पहले ही मैं उसका कॉलर पकड़ा और उठाके फेंक दिया.दस फीट दूर जाके गिरा.तभी शांति दौड़ी अपने पति के पास गयी

दिलीप-अभी भी उसी के पास जा रही हो.तुम्हारी माँ से घर के कागजात पे धोखे से इसने साइन लिया.और वो घर बेच दिया.तुम्हारा भाई मज़दूरी करता है.तुम्हारी माँ दूसरो के घर में काम करती है.और तुम्हे धरमपत्नी बनने का भूत सवार है.और तू हरामके इस बार माफ़ कर रहा हूँ.अगर शांति को एक खरोंच भी आई.तो अपनी विदू की कसम.तेरी मर्दानगी काट के फेंक दूँगा.चल विनय

[विनय कार में बैठा और हम गाओं वापस आ गये.मैं सरपंच के पास गया.

उससे विनय के घर की चाबी लिया

[हम उस घर पे पहुँचे

दिलीप- यह घर तेरा ही है.और कल से स्कूल चले जाना.अब से तू सिर्फ़ पढ़ेगा.

[विनय मेरे सामने हाथ जोड़ दिया]

हाथ जोड़ने की ज़रूरत नही है.जब तू पढ़ लिखके बड़ा आदमी बन जाएगा.तब तुझसे एक एक रुपया का हिसाब लूँगा.

देगा ना

[विनय एक बार फिर मेरे गले लग गया.फिर मैं लखन के पास गया.अभी भी उदास था वो

दिलीप- क्या हुआ अभी तक आप उदास हो

लखन- प्रिन्सिपल का बेटा आया था.आज हम से मिलने.अपनी बहेन की शादी हम से करवाना चाहता है.हम उस लड़की से 15 साल बड़े हैं.वो कह रहा था.कि यह उसकी माँ चाहती है

दिलीप- कर लो शादी

लखन- वो लड़की हमे देखना तक नही चाहती

दिलीप- लेकिन तुम तो उस लड़की से प्यार करते हो

लखन- यह आप क्या कह रहे हैं

दिलीप- प्यार में मैं पीएचडी कर चुका हूँ.अंधे को देखके बता सकता हूँ.की वो किसी लड़की प्यार करता है कि नही

मेरी बात मान लो उस लड़की से शादी कर लो.क्यूंकी रमण क्यूँ मारा गया.यह खबर पूरा शहेर जानता है.कोई भी एक रेपिस्ट और एक खूनी की बेटी से शादी नही करेगा

हम जानते हैं कि प्रिन्सिपल के साथ जो हुआ सही हुआ.लेकिन ज़्यादा तर लोग नॅरो माइंडेड हैं

यह रेपिस्ट है तो इसका बेटा भी वैसा ही होगा.यह खूनी है तो इसका बेटा भी खूनी होगा.वैसे भी बहुत ऐश कर ली तुमने अब तुम भी देखो.कि शादी करने से क्या क्या होता है.

और विनय का अड्मिशन करवा दो.और जो खर्च होगा मेरे हिसाब में लिख लेना

 
[मैं देखा रात के 8 बज चुके थे मैं घर आ गया.और एलीना के रूम में गया.तीनो टीवी देख रही थी.मैं जल्दी से दवाई छिपा दिया,..

तीनो टीवी देखने में इतना बिज़ी थी.मुझे देखी तक नही

तभी मुझे एक आइडिया आया

मैं धीरे से तीनो के पीछे पहुँचा

और जैसे ही अपना मुँह खोला कुछ बोलने के लिए वँया बोल पड़ी

वँया- तुम्हे क्या लगा हमे पता नही है.कि तुम आ गये हो

[और तीनो मेरी तरफ मूड के मुझे देखने लगी

दिलीप- यही तो मैं सोच रहा था.मेरी तीन देवियो का ध्यान मुझपे ही नही है

[तीनो खड़ी हो गयी वँया मेरा हाथ पकड़के मुझे बेड पे बिठा दी

वँया- लाओ तुम्हारे पैर दबा देती हूँ

दिलीप- रहने दो

[पर हम पतियो का राज तो सिर्फ़ प्यार करते वक़्त होता है.वँया मेरे पैर दबाने लगी

[थोड़ी देर बाद वँया फ्रेश हो जाओ बोलके रूम में से चली गयी

फिर हम सब नीचे गये खाना खाने

खाना खाने के बाद मैं बड़ी नानी के रूम में गया.वो सोई हुई थी.मैं उनके पैर च्छुआ.और वँया के रूम में गया.वँया मिरर के सामने खड़ी होके अपने बाल संवार रही थी

मैं वँया के पास जाके.उसके पीछे खड़ा हो गया.वँया एक नज़र मुझे देखी और फिर से अपने बाल सँवारने लगी.

मैं वँया की कमर में हाथ डाला और उसे अपनी तरफ खींचा

वँया पूरी तरह मुझसे चिपक गयी

वँया थोड़ा शरमा रही थी

मैं अपनी हथेली वँया के पेट पे रखके सहलाने लगा

आज कल वँया साड़ी पहेन रही थी

वँया- दिलीप

दिलीप- ह्म

वँया- क्या कर रहे हो

दिलीप- अपनी बीवी के साथ रोमॅन्स कर रहा हूँ

वँया- अच्छा जी

दिलीप- हांजी

[मैं अपनी एक उंगली वँया की नाभि में डाल दिया

वँया- अयाया छोड़ो ना

दिलीप- ऐसे कैसे छोड़ दूँ.सुबह से तुम्हारे लिए तड़प रहा हूँ

वँया- क्यूँ और भी तो बीविया हैं.तुम्हारी

दिलीप- यह तुम मेरे दिल से पूछो

कि आज यह तुम्हारे लिए बेचैन क्यूँ है

[वँया शरमा के बोली- मैं क्यूँ पुच्छू.तुम ही बता दो

[मैं वँया को अपनी तरफ किया.और अपने दोनो हाथ वँया की कमर पे रखके खुद से पूरा सटा लिया.इतना कि मेरा खड़ा लंड वँया को चुभता महसूस होने लगा.उसके गाल शरम के मारे लाल हो गये

वो अपना चेहरा नीचे किए हुई थी

उसकी पतली सी नाज़ुक कमर को मैं सहला रहा था

फिर मैं अपने होंठ आगे बढ़ाने लगा

वँया के होंठ काँप रहे थे

हमारे होंठ इतने करीब थे.हमारी साँसें एक दूसरे के चेहरे से टकरा रही थी

 
मैं वँया को अपनी तरफ किया.और अपने दोनो हाथ वँया की कमर पे रखके खुद से पूरा सटा लिया.इतना कि मेरा खड़ा लंड वँया को चुभता महसूस होने लगा.उसके गाल शरम के मारे लाल हो गये

वो अपना चेहरा नीचे किए हुई थी

उसकी पतली सी नाज़ुक कमर को मैं सहला रहा था

फिर मैं अपने होंठ आगे बढ़ाने लगा

वँया के होंठ काँप रहे थे

हमारे होंठ इतने करीब थे.हमारी साँसें एक दूसरे के चेहरे से टकरा रही थी

वँया के बूब्स मेरे सीने में बिल्कुल दबे हुए थे

मैं अपने होंठ वँया के होंठो पे रख दिया

लेकिन चूसा नही

कुछ ही देर बाद वँया मेरी होंठो को बड़े प्यार से चूसने लगी

मैं भी वँया के होंठो को चूसने लगा

वँया कभी मेरी उपरी होन्ट चुस्ती तो कभी नीचली होंठ.कुछ देर किस करने के बाद मैं किस तोड़ दिया.वँया मेरे चेहरे को बड़े प्यार से देखने लगी

मैं वँया के पूरे चेहरे को चूमने लगा

वँया- दिलीप कोई आजाएगा

दिलीप- आने दो

हम अपनी बीवी को प्यार कर रहे हैं

किसी के बाप का क्या जाता है

[तभी मेरा फोन जो मेरी जेब में था वाइब्रट करने लगा

मैं समझ गया कि 10 बज चुके हैं

दिलीप- वानु

वँया- ह्म

दिलीप- सो जाओ

[एक बार मुझे देखी

वँया- ओके

[फिर वँया बेड पे लेट गयी

और मैं एलीना के रूम में आ गया.वो टीवी देख रही थी

मैं एलीना के पास जाके बैठ गया.वो टीवी बंद करके मेरे गाल पे हाथ फेरने लगी

मैं एलीना को समझा दिया.कि कौनसी मेडिसिन कब लेनी है.फिर एलीना को एक एक करके दवाई खिला दिया

ऐसे ही 1 घंटा गुज़र गया.एलीना अब बेचैन होने लगी थी

मैने इंजेक्षन एलीना को लगा दिया

ठीक 5 मिनिट बाद एलीना मुस्कुराने लगी...

एलीना- मेरे प्यारे पति इतनी दूर क्यूँ बैठे हो

आओ ना मेरे पास

[मैं एलीना के एक दम नज़दीक चला गया

एलीना मेरी गोद में आके बैठ गयी.और मुझे देखने लगी

एलीना- मुझे प्यार करो ना

दिलीप- मेरे कपड़े तो उतारो

[मेरे इतना कहते ही एलीना मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी

और मेरी शर्ट उतार दी.बनियान तो मैं पहना नही था

एलीना मेरे सीने पे हाथ फेरने लगी

एलीना इस वक़्त एक नाइटी पहने हुई थी

 
एलीना इस वक़्त एक नाइटी पहने हुई थी

जिसमें उसकी ब्रा और पैंटी सॉफ दिख रही थी

एलीना अपने होंठ मेरे सीने पे रखके चूमने लगी.मेरी आआह निकल गयी

एलीना मेरे सीने को चूमते हुए मेरी पॅंट खोलने लगी.अब मैं सिर्फ़ अंडरवेर में था

फिर एलीना मुझे बेड के किनारे बिठा के मेरी अंडरवेर भी उतार दी

मेरे लंड जो कि पूरा खड़ा हो चुका था

[एलीना मेरे लंड को अपने हाथ में लेके सहलाने लगी

एलीना- सो क्यूट मेरे प्यारे हज़्बेंड का प्यारा लंड

[एलीना अपने दोनो हाथो से मेरे लंड को मुठियाने लगी

मैं अपने हाथ बाँधे एलीना को देख रहा था

कुछ देर तक मेरे लंड को मुठियाने के बाद एलीना मेरे लंड के टोपे पे किस करदी

और अपने होंठ खोलके मेरे लंड के टोपे को अंदर भर ली

मुझे देखते हुए टोपे को पूरे जोश के साथ चूसने लगी

और मेरे बॉल्स को सहलाने लगी

थोड़ी देर तक मेरे लंड के टोपे को चूसने के बाद.एलीना धीरे धीरे करके मेरे आधे लंड को चूसने लगी

मैं एलीना के चेहरे पे आए हुए बालो को साइड किया.एलीना मेरा लंड को चूस्ते हुए.अपनी ज़ुबान से मेरे लंड के टोपे को खुरेद रही थी

धीरे धीरे करके अब एलीना मेरा पूरा लंड अपने मुँह में लेके चूसने लगी थी

और उसकी आँखें बता रही थी की वो ज़्यादा ज़ोर दे रही थी

मैं अपना लंड एलीना के मुँह से निकाल लिया

एलीना मुझे गुस्से से देखने लगी

मैं बेड से नीचे उतरके खड़ा हो गया

मेरा लंड एलीना के मुँह के बिल्कुल सामने था

एलीना अभी भी मुझे गुस्से से देख रही थी

मैं अपना लंड एलीना के होंठो से सटा दिया

एलीना झट से अपना मुँह खोल दी

मैं अपना आधा लंड एलीना के मुँह में डाल दिया

और अंदर बाहर करने लगा

एलीना काफ़ी खुश हो गयी थी

अगर एलीना मेरा लंड चुस्ती तो वो मेरा पूरा लंड चुस्ती

इसी लिए मैं अपना आधा लंड एलीना के मुँह में अंदर बाहर कर रहा था

कुछ देर तक एलीना का मुँह चोदने के बाद मैं अपना लंड बाहर निकाल लिया

एलीना गुर्राके रह गयी

 
एलीना काफ़ी खुश हो गयी थी

अगर एलीना मेरा लंड चुस्ती तो वो मेरा पूरा लंड चुस्ती

इसी लिए मैं अपना आधा लंड एलीना के मुँह में अंदर बाहर कर रहा था

कुछ देर तक एलीना का मुँह चोदने के बाद मैं अपना लंड बाहर निकाल लिया

एलीना गुर्राके रह गयी

मैने एलीना का कंधा पकड़के उठाया और एलीना के होंठ चूसने लगा

एलीना भी मेरे होंठ चूसने लगी

मैं एलीना के होंठ चूस्ते हुए अपने दोनो हाथ एलीना के बूब्स पे रख दिया

एलीना किस तोड़ दी

एलीना- दबाओ ना अपनी बीवी की चुचियो को.बहुत बेचैनी हो रही है

[मैं एलीना की नाइटी को थोड़ा अड्जस्ट करके उसके दोनो बूब्स बाहर निकाल लिया

और उन्हे ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा

साथ उसके गले को चूमने लगा

थोड़ी देर तक एलीना के बूब्स दबाने के बाद.मैं एलीना को घोड़ी बना दिया

वो बेड से पूरा सॅट गयी

मैं उसकी नाइटी उपर करके उसकी पैंटी उतार दिया

और अपना मुँह एलीना की चूत पे रख दिया

एलीना के मुँह से आअह निकल गयी

मैं एलीना की चूत को चाटने लगा

एलीना- और ज़ोर से चूसो यस यस अया लिक्क माइ पुसी बेबी यस आआह

[मैं चूत चूस्ते हुए चूत के दाने को मसल्ने लगा

एलीना का जिस्म थरथरा उठा

पर एलीना अभी झड़ने वाली नही थी

कुछ देर तक एलीना की चूत चूसने के बाद मैने अपना लंड एलीना की चूत पे सेट किया

एलीना अपनी गर्दन पीछे करके मुझे देखी

एलीना- एक ही बार में डाल दो

[मैं अपने हाथ एलीना के बूब्स पे रखके दबाने लगा.और अपना लंड एलीना की चूत पे रगड़ने लगा]....

मैं अपने हाथ एलीना के बूब्स पे रखके दबाने लगा.और अपना लंड एलीना की चूत पे रगड़ने लगा

 
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