दिलीप- थोड़ी देर बाद मैं विदू के रूम पे गया गेट खुला ही था मैने अंदर जाके गेट लॉक किया और विदू के बेड पे बैठ गया
आज पहली बार मुझे अहसास हुआ कि मैं भी विदू से बेन्तेहा मोहब्बत करता हूँ मैं मोबाइल में 4आम का अलार्म लगाके विदू के साथ सो गया नींद में मुझे लगा कि कोई मुझे किस कर रहा है मैने अपनी आँख खोल दी कुछ दिखाई नही दे रहा था विदू ही होगी मैं भी विदू होन्ट चूमने लगा फिर मैने किस तोड़ दिया और उठके बैठ गया विदू मुस्कुरा रही थी मैने टाइम देखा 5 बज रहे थे]
विद्या- क्या हुआ ऐसे क्या देख रहा है
दिलीप- मैं आपसे बात नही करूँगा
विद्या- क्यूँ
दिलीप- क्यूँ आपको पता नही है
विद्या- माफ़ करदेना प्लीज़
दिलीप- आपको पता है अगर आपको कुछ हो जाता तो बस नींद की गोली खाली
विद्या- मैं उस वक़्त कुछ सोचने की हालत में नही थी
दिलीप- अच्च्छा अब रोना बंद करो कल से रो ही रही हो
विद्या- तू भी तो रो रहा है
दिलीप- मैने विदू को अपनी गोद में खींच लिया] मामी कैसी है
विद्या- ठीक ही हैं
दिलीप- आपको एक बतानी है
[बड़ी नानी ने जो बात मुझे बताई थी मैं वो सारी बात विदू को बता दिया]
विद्या- पिताजी ने तो हमे यह सारी बाते नही बताई
दिलीप- शायद आप सबने कुछ सुना ही नही होगा
विद्या- तू तो बड़ा समझदार है
दिलीप- मैं तो अपने आपको उल्लू समझता हूँ
विद्या- खबरदार जो मेरी जान को तूने उल्लू बोला है
दिलीप- तो क्या आपका पति बोलूं
[यह सुनके विदू का चाँद सा चेहरा टमाटर की तरह लाल हो गया]
दिलीप-बोलू कि नही
विद्या- हाँ
दिलीप- तो आपके पतिदेव चाहते हैं आप हमारी साली साहेबा को जाके समझाए कि आज उन्हे अपने जीजाजी के साथ स्कूल जाना है
[विदू अभी भी शर्मा रही थी]
मैं विदू के गाल सहलाने लगा
एक बात बताओगी
विद्या- क्या
दिलीप- आप की एज कितनी है
विद्या- 22
दिलीप- ठीक है
विद्या- अब तू रेडी हो जा मैं वँया के पास जा रही हूँ
दिलीप- किस लिए
विद्या- अपने पति की आग्या जो पूरी करनी है
[यह कहके विदू भाग गयी]
मैं भी अपने रूम में आके रेडी हुआ और नीचे गया डाइनिंग पे बड़ी नानी छोटी मामी मेरी सब बहनें बैठी थी यह छोटे मामा कहाँ गये फिर नाश्ता करके कालिए के साथ अखाड़े में गया 1 घंटे तक कसरत किया फिर स्कूल पहुँचा वँया के क्लास में जाके अपना बॅग लिया फिर मैं अपने क्लास में आके बैठ गया रवि भी नही दिख रहा था
तभी मेरे बगल में दीपा आके बैठ गयी
दीपा तुम यहाँ पे क्यूँ बैठ गयी
दीपा- वो आज तुम्हारे साथ रवि बैठा नही है इसलिए मैं बैठ गयी
दिलीप- ठीक है
फिर टीचर्स आते गये पढ़ाते गये तभी मेरी जाँघ पे दीपा ने हाथ रख दिया
[यह तो बहुत तेज़ है]
मैं दीपा को घुरके देखा
[दीपा ब्लॅक बोर्ड की तरफ देख रही थी]
[तुझे तेज़ी देखनी है]
मैं अपना हाथ नीचे ले गया और उसके स्कर्ट के अंदर घुसा दिया
दीपा सकपका गयी
मैं अपनी उंगली उसकी चूत पे घुमाने लगा दीपा अभी भी सामने देख रही थी मैं अपनी एक उंगली धीरे से उसकी चूत में डालके आगे पीछे करने लगा दीपा का हाथ मेरी जाँघ पे टाइट होने लगा अब मैं तेज़ी से अपनी उंगली आयेज पीछे करने लगा
जैसे ही मुझे लगा कि वो झड़ने वाली है मैने अपना हाथ निकाल लिया दीपा मेरी तरफ देखने लगी दीपा का चेहरा देखके लगा
कि किसीने उसकी जान निकाल ली हो मैं मुस्कुरा दिया आस पास स्टूडेंट्स थे दीपा कुछ कर भी नही सकती थी
थोड़ी देर बाद लंच टाइम हो गया मैने बाथरूम में जाके अपना हाथ धोया
और वापस अपने क्लास में आके वँया के साथ खाना खाया फिर वँया चली गयी....
दिलीप- लंच टाइम ख़तम हो गया लेकिन दीपा मेरे साथ दोबारा नही बैठी थोड़ी देर बाद अदिति क्लास में आके मेरे साथ बैठ गयी
[स्कूल की छुट्टी होने में अभी कुछ टाइम था इतनी देर से यह थी कहाँ पे]
शकल से बड़ी घमंडी लग रही थी मुझे क्या फिर स्कूल की छुट्टी हो गयी
मैं और वँया स्कूल से घर पहुँचे वँया अपनी माँ के रूम में चली गयी
[पर मुझे तो पता ही नही था कि मेरी किस्मत ऐसी फूटी है]
बड़ी नानी बैठी हुई थी मैं जाके बड़ी नानी के पास बैठ गया
दिलीप- आप अकेली क्यूँ बैठी हैं
बड़ी नानी- तो किसके साथ बैठू
दिलीप- क्या बड़ी नानी आप भी घर में छोटी मामी बाकी सब हैं आप उनके साथ भी तो बैठ सकती हैं
बड़ी नानी- वो सब तो वापस चले गये
दिलीप- कॉन सब
बड़ी नानी- तेरे छोटे मामा और तेरी सब बहने
दिलीप- क्याअ...पर कब और मुझसे मिले बिना वो ऐसा कैसे कर सकते हैं
बड़ी नानी- वो तेरे छोटे मामा को शहेर से फोन आया था कि वो जल्द से जल्द शहर आजाए वरना उनकी कंपनी को भारी नुकसान होगा इसी लिए वो सब आज ही चले गये
दिलीप- ठीक है मैं अपने रूम में जा रहा हूँ फिर मैं अपने रूम में आगया और रोने लगा मुझसे बर्दाश्त नही हो रहा था
कि अब मैं अपनी विदू से नही मिल पाउन्गा गुस्सा भी बहुत आरहा था कि आज मैं स्कूल क्यूँ गया मन कर रहा था कि अपना सर दीवार पे दे मारू थोड़ी देर मैं ऐसे ही रोता रहा मुझे अभी बहुत गुस्सा आरहा था रो रो के मेरी आँखें लाल हो गयी थी मैं अपना मुँह धोके नीचे गया
वँया बड़ी नानी की गोद में सर रखके सोई हुई थी मैं बड़ी नानी के पास गया और अपना मुँह दूसरी तरफ करके बोला]
बड़ी नानी मैं गाओं घुमके आता हूँ
बड़ी नानी- शाम होने से पहले आ जाना
दिलीप- फिर मैं सीधा बिम्ला के घर गया क्यूंकी एक बिम्ला ही थी जिसकी वजह से मेरा गुस्सा ठंडा हो सकता था
थोड़ी देर बाद मैं पहुँचा बिम्ला के घर
मैं बिना गेट नॉक किए अंदर चला गया और गेट लॉक कर दिया बिंला के घर में 2 रूम है
मैं पहले रूम में गया वहाँ बिंला नही मिली
दूसरे रूम मे जब मेरी नज़र पड़ी तो बिम्ला पूरी नंगी होके बेड पे लेटी अपनी आँखें बंद किए अपनी चूत पे उंगली घुमा रही थी बिम्ला को नंगी देखके मेरा सारा गुस्सा हवा में उड़ गया मैं बिम्ला के पास जाके खड़ा हो गया]
क्या कर रही हो काकी बिम्ला सकपका गयी और अपने आप को चादर से ढँकने लगी]
रहने दो ऐसे ही अच्छि लगती हो
बिम्ला- छोटे मालिक आप
दिलीप- हाँ मैं
बिम्ला- आप यहाँ क्या करने आए हैं
दिलीप- क्यूँ तुम्हे नही पता है
बिम्ला- नही मुझे क्या पता
दिलीप- देखो काकी फालतू का टाइम पास मत करो वरना अगर मैं चला गया तो दोबारा कभी नही आउन्गा
दिलीप- इससे पहले काकी कुछ सोच पाती मैने आगे बढ़के चादर खींच लिया
अब काकी मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी फिर मैने अपने सारे कपड़े उतार दिए
काकी की नज़र मेरे लंड से हट ही नही रही थी] ऐसे क्या देख रही हो
बिम्ला- मैं तो बेकार में ही सोच रही थी कि तू अभी बच्चा है
दिलीप- तुझे इस बच्चे से चुदना है कि नही यह सुनके काकी ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अपने उपर खींच ली और पूरे जोश के साथ किस करने लगी मैं भी पूरे जोश के साथ काकी के होंठ चूसने लगाफिर मैं अपनी ज़ुबान काकी के मुँह में डाल दिया
काकी मेरी ज़ुबान को चूसने लगी मैं काकी के दूध दबाने लगा काकी ने किस तोड़ दिया मैं काकी को लेटा दिया और काकी के एक दूध को दबाते हुए दूसरे दूध को चूसने लगा कभी निपल को चूस्ता कभी निपल को काट लेता काकी के दूध बहुत बड़े थे
फिर मैं दूसरे दूध को भी ऐसे ही चूसने लगा उसके बाद मैं काकी की जाँघो को चूमने लगा काकी मेरा सर अपनी चूत पे रख रही थी मैं काकी की चूत देखके पागल हो गया काकी की चूत पे एक भी बाल नही थे काकी की चूत एक दम फूली हुई थी
मैं काकी की चूत में अपनी नुकीली ज़ुबान घुसा दिया और ज़ोर से चूसने लगा फिर मैं काकी की चूत में अपनी दो उंगली डालके आगे पीछे करने लगा काकी ने अपना पानी मेरे मुँह में ही छोड़ दी मैं काकी का सारा पानी पी गया फिर मैं खड़ा होके काकी के मुँह के पास गया काकी मेरे लंड को अपने हाथ में लेके नापने लगी]
देखती ही रहोगी या चुसोगी भी
मेरे इतना कहते ही काकी गॅप से मेरे लंड के टोपे को चूसने लगी कभी आधे लंड को चुस्ती कभी पूरे लंड को एक बार तो काकी ने मेरे पूरे लंड को अपने मुँह में ले ली मेरा लंड काकी के हलक तक चला गया फिर मैने काकी के सर को पकड़ा और हल्के हल्के धक्के लगाने लगा फिर मैं काकी के मुँह से अपना लंड निकाला और अपनी पॅंट से कॉंडम निकाल के अपने लंड पे लगा दिया एक बार फिर मैं काकी के मुँह में अपना लंड डालके गीला किया और काकी के दोनो टॅंगो के बीच आगया अपना लंड काकी की चूत पे रगड़ने लगा
बिम्ला- एक ही बार में डाल दे अपना मुन्सल जैसा लंड
दिलीप- दर्द नही होगा
बिम्ला- नही होगा
काकी के इतना कहते ही मैने काकी टाँग को पकड़ा और एक ही बार में अपना पूरा लंड डाल दिया काकी अपने मुँह पे हाथ रख दी काकी के आँखो से आँसू निकलने लगे मैं बिना रुके अपना लंड काकी की चूत में पेलने लगा 10 मिनिट तक ऐसे ही चोदता रहा फिर काकी ने पानी छोड़ दिया काकी बिना कहे घोड़ी बन गई मैं काकी के पीछे आया और अपना लंड काकी की चूत में डालके धक्के मारने लगा मेरी नज़र काकी की गान्ड पे गयी मैं काकी की चूत में अपना लंड पेलते हुए अपनी उंगली से काकी की गान्ड के छेद को कुरेदने लगा मन किया कि अभी गान्ड में लंड घुसा दूं पर अगर गुस्सा हो गया तो चूत भी नही मिलेगी
बिम्ला- अया यह क्या कर रहा है अया और ज़ोर से चोद मुझे फाड़ दे मेरी चूत अया आअज से मैं तेरी हूँ तू जब चाहेगा जहाँ चाहेगा मैं तुझसे चुदवाउंगी अया हूओ आआी माअर डाअला तुने
दिलीप- काकी फिर पानी छोड़ दी अब मेरा लंड आराम से काकी की चूत में जा रहा था मैं झुकके काकी के दूध दबाने लगा
काकी अभी तक तीन बार पानी छोड़ चुकी थी मैं काकी की चूत से अपना लंड निकालके लेट गया काकी समझ गयी काकी मेरे खड़े लंड पे अपनी चूत सेट करके बैठने लगी और धीरे से अपनी गान्ड उपर नीचे करने लगी काकी के हिलते हुए दूध को देखके मैं पागल हो गया मैने काकी को अपने उपर खींच लिया और नीचे से धक्के मारने लगा काकी फिर पानी छोड़ दी मैने काकी की चूत से अपना लंड निकाला और कॉंडम हटा कर अपना लंड काकी के मुँह में डाल दिया काकी मेरे लंड को चूसने लगी थोड़ी देर बाद मैं अपना सारा वीर्य काकी के मुँह में छोड़ दिया काकी मेरा सारा वीर्य पी गयी
हमारी चुदाई 40 मिनिट तक चली फिर हम दोनो बेड पे बैठ गये
दिलीप- मज़ा आया
बिम्ला- बहुत मज़ा आया तू तो असली मर्द है
दिलीप- अभी तक कितने ले चुकी हो
बिम्ला- तू तीसरा है
दिलीप- लेकिन आप तो बहुत अच्छे से साथ देती हो
बिम्ला- वो इस लिए की मेरा पति रोज़ मुझे बेरेहमी से चोदता था फिर वो मर गया लेकिन मेरी चूत प्यासी रह गयी
उसके बाद मैं सरपंच से चुदवाने लगी
दिलीप- लेकिन आपका घर कैसे चलता है
बिम्ला- सरपंच मुझे हर महीने पैसे देता है
दिलीप- और आपका खेत
बिम्ला- वो सरपंच के यहाँ गिरवी है
दिलीप- आप मेरी एक बात मनोगी
बिम्ला- क्या
दिलीप- मैं आपका खेत दिलवा दूँगा इसके बदले में आप सिर्फ़ मुझसे चुदवाओगी
बिम्ला- तू अगर मेरी मदद नही भी करेगा तब भी मैं सिर्फ़ तुझसे चुदवाउन्गी
दिलीप- वादा
बिम्ला- पक्का वादा
दिलीप- एक बात समझ में नही आई उस दिन सरपंच आपकी गान्ड मार रहा था लेकिन आपकी गान्ड के छेद को देखके नही लगता कि आपने कभी गान्ड मरवाई होगी
बिम्ला- क्यूकी उस दिन मैं पहली बार गान्ड मरा रही थी वो भी अधूरी रह गयी सुनना एक बार और चोद ना
दिलीप- शाम होने वाली है मुझे घर भी जाना है
बिंला- ठीक है
दिलीप- चलो आप तो मुझे अब मुझे छोटे मालिक नही कहेंगी
[बिम्ला हँसने लगी]
मैं अपने कपड़े पहन कर के बाहर आया और सीधा घर पहुँचा..,.
दिलीप- मैं अपने रूम में बैठा हुआ था कि वँया आ गई फिर हम दोनो साथ पढ़ाई करने लगे फिर वँया और मैं नीचे गये हम दोनो डाइनिंग टेबल पे बैठे हुए थे कि मामा और उनकी दूसरी बीवी आ गई वँया उठ ही रही थी कि मैं उसका हाथ पकड़ लिया फिर हम सब ने खाना खाया
बड़े मामा- दिलीप आप की पढ़ाई कैसी चल रही है
दिलीप- जी अच्छि चल रही है
फिर बड़े मामा और उनकी दूसरी बीवी चले गये
दिलीप- मामी खाना नही खाएँगी क्या
बड़ी नानी- मैं भी बोलके थक गयी हूँ
दिलीप- उनको पूरी बात पता है कि नही
बड़ी नानी- तू अभी नही समझेगा
दिलीप- [क्या नही समझूंगा बड़ी नानी भी ना कमाल करती हैं]
मैं अपने रूम में आगया बेड पे लेटते ही नींद आ गई
सुबह उठके नहाया धोया तय्यार होके नीचे गया फिर वोही कालिए के साथ कसरत करके स्कूल पहुँचा
आज भी रवि नही आया
आज दीपा भी नही आई मेरी बेंच ऐसे ही खाली थी
स्कूल की छुट्टी हो गयी मैं घर आगया
3 दिन ऐसे ही बीत गये आज शांति की रिपोर्ट लाने जाना था अब बड़ी नानी क्या बताता इसीलिए कुछ बताया ही नही मैं सारा काम निपटा के स्कूल पहुँचा थोड़ी देर बाद बस स्टॉप पे पहुँचके एक बस में बैठ गया बस चलने लगी डेढ़ घंटे बाद बस शहर में पहुँची मैं भी एक टॅक्सी करके हॉस्पिटल पहुँचा फिर नर्स से बात करने लगा
थोड़ी देर बाद डॉक्टर के कॅबिन में गया
डॉक्टर रिया- बैठ जाइए
[मैं बैठ गया]
सारी रिपोर्ट्स नॉर्मल है आप को चिंता करने की कोई ज़रूरत नही है
दिलीप- [यह सुनके मेरा दिमाग़ सुन्न हो गया अब शांति को प्रेगनेंट करना पड़ेगा मैं सोच में डूब गया]
डॉक्टर रिया- क्या हुआ आप खुश नही लग रहे हैं
दिलीप- नही ऐसी कोई बात नही है वैसे मुझे बाथरूम जाना है
[ मेरे मुँह से अपने आप निकल गया]
डॉक्टर रिया- यॅ श्योर उस तरफ
दिलीप- मैं बाथरूम में घुस गया 10 मिनिट तक ऐसे ही खड़ा रहा फिर जैसे ही मैने बाथरूम का गेट खोला
मेरी नज़र डॉक्टर पे पड़ी
डॉक्टर की पीठ दूसरी तरफ थी पर इसके कपड़े देखके नही लग रहा था कि यह रिया है तभी मेरा लंड मेरे दिमाग़ पे हावी हो गया लेकिन अगर आइडिया काम नही किया तो जूते तो पड़ेंगे ही मैं धीमे कदमो से उसके पास पहुँचा और उसकी कमर में हाथ डालके अपनी तरफ खींच लिया वो चीखने ही वाली थी कि मैं अपना हाथ उसके मुँह पे रख दिया
दिलीप- रिया चीखो मत मैं हूँ मैने अपना हाथ उसके मुँह से नही हटाया मैं उसकी गर्दन पे किस करने लगा पर इतना काफ़ी नही था मैं अपना हाथ कपड़ो के उपर से उसकी चूत पे रखके सहलाने लगा दूसरे हाथ से मैने अपनी पैंट खोलके नीचे कर दिया अंडरवेअर नीचे करते ही मेरा शेर दहाड़े मारने लगा मैने उसका हाथ पकड़के अपने लंड पे रख दिया वो अपना हाथ हटाने लगी
दिलीप- क्या हुआ जान अपने बाबू को प्यार करो ना फिर वो मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी मैं तेज़ी से उसकी चूत सहला रहा था मैं अपना दूसरा हाथ उसके दूध पे रख दिया और दबाने लगा थोड़ी देर बाद वो ढीली पड़ने लगी मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है मैं जल्दी से अपना हाथ हटा दिया
दिलीप- जान इधर घुमो ना तुम्हार होंठ तो चूम लूँ मैने उसको अपनी तरफ घुमाया उसको देखके डरते हुए
दिलीप- आप कॉन हैं मुझे माफ़ कर दीजिए मैं समझा आप रिया हैं मैं दूसरी तरफ घूमके अपनी पॅंट उपर करने की कोशिश करने लगा...
दिलीप- लेकिन मैं पॅंट उपर नही कर रहा था पीछे से वो लड़की मेरे गले लग गयी]
यह आप क्या कर रही हैं छोड़िए मुझे मैं रिया को धोका नही दे सकता
लड़की- कोई बात नही मैं रिया की बहेन दिया हूँ
दिलीप- मैं कुछ समझा नही
दिया- तुम्हारा नाम क्या है
दिलीप- दिलीप
दिया- तो दिलीप आज तुम मुझे अपनी रिया ही समझो
दिलीप- अब मैं तो यही चाहता था अगर रिया आ गई तो वो मुझसे नाराज़ हो जाएगी
दिया- नही होगी और अगर हो गई तो मैं हूँ ना
[रिया को आने में 2 घंटा लग जाएगा]
दिलीप- दिया के इतना कहते ही मैं पीछे मूड गया और दिया के होंठ चूसने लगा दिया भी मेरे लंड को पकड़के आगे पीछे करने लगी मैने दिया की साड़ी को निकाल दिया अब दिया सिर्फ़ ब्लाउस ऑर पेटिकोट में थी मैं दिया कि ज़ुबान चूस्ते हुए दिया के दूध दबाने लगा दिया सिसकियाँ लेने लगी मैने दिया का ब्लाउस उतार के साइड में रख दिया दिया के दूध ब्रा के उपर से ही बड़े दिख रहे थे फिर मैने बिना देरी किए दिया बाकी कपड़े भी उतार दिए
दिया भी कहाँ पीछे रहने वाली थी वो भी मेरे सारे कपड़े उतार दी अब हम दोनो पूरे नंगे थे मैने दिया को डेस्क पे लेटा दिया और दिया के निपल पे ज़ुबान फिराने लगा दूसरे निपल को मसल्ने लगा 3 4 मिनिट बाद निपल को मुँह में लेके चूसने लगा
दूसरे दूध को दबाने लगा
दिया- धीरे दबाओ दर्द हो रहा है
दिलीप- रिया के साथ ऐसे ही करता हूँ फिर दिया कुछ नही बोली मैं दिया के दूसरे दूध को चूसने लगा थोड़ी देर बाद मैं दिया के दोनो दूध को चूस के लाल कर दिया फिर मैं दिया की गहरी नाभि में अपनी उंगली डालके घुमाने लगा दिया हिल गयी
मैं दिया की नाभि में अपनी ज़ुबान डालके घुमाने लगा दिया आहे भरने लगी मैं दिया के दूध दबाते हुए दिया की नाभि को अपनी ज़ुबान से चोदने लगा
थोड़ी देर बाद दिया की चूत ने पानी छोड़ दिया अब मैं दिया की चूत को देखने लगा दिया की चूत एक दम गुलाबी थी
मैं दिया कि चूत के फांको को खोलके देखने लगा मैं दिया की चूत को अपनी ज़ुबान से चाटने लगा दिया अपने हाथ से मेरे सर को चूत पे दबाने लगी मैं दिया की चूत को बेरेहमी से चूसने लगा फिर दिया की चूत ने पानी छोड़ दिया मैं सारा पानी पी गया उसके बाद मैं खड़ा हो गया दिया घुटनो के बल ज़मीन पे बैठ गयी फिर दिया अपनी ज़ुबान निकालके मेरे लंड को चाटने लगी मस्ती में मेरी आँखें बंद हो गयी फिर दिया मेरे लंड के टोपे को मुँह में लेके चूसने लगी और मेरे आंडो को सहलाने लगी
2 मिनिट बाद दिया मेरे आधे लंड को चूसने लगी दिया के चूसने का अंदाज देखके लग रहा था कि पूरी एक्सपर्ट है लंड चूसने में . फिर मैने दिया के मुँह से अपना लंड निकाल लिया दिया डेस्क पे हाथ रखके झुक गई
मैने अपनी पॅंट से कॉंडम निकालके अपने लंड पे लगा लिया अपना लंड दिया की चूत पे सेट किया और धक्का मार दिया
मेरा आधा लंड दिया की चूत में समा गया दिया की चीख निकल गयी
दिलीप- चीखो मत कोई सुन लेगा
दिया- अया माअर डाअला और बोलता है चीखू नही उई माआ
दिलीप-मैने एक और धक्का मार दिया दिया कि फिर से चीख निकल गयी अब मेरा पूरा लंड दिया की चूत में जा चुका था
मैं दिया कि कमर पकड़के हल्का धक्का मारने लगा थोड़ी देर बाद दिया भी अपनी गान्ड पीछे धकेलने लगा
दिया- अयाया कितना तगड़ा लंड है तेरा और ज़ोर से चोद फाड़ दे मेरी चूत को अया ऊवू
दिया के मुँह से यह सब सुनके मुझे झटका लगा फिर भी मैं धीरे से धक्के लगा रहा था थोड़ी देर बाद दिया की चूत ने पानी छोड़ दिया मैने दिया की कमर को ज़ोर से पकड़के अपना आधा लंड दिया की चूत से बाहर निकाला और पूरी ताक़त से पेल दिया दिया की चीखने लगी लेकिन मैं रुका नही तेज़ तेज़ धक्के मारने लगा पहले दिया को मज़े के साथ दर्द दिया अब दर्द के साथ मज़ा देना था मैं दिया को चोद रहा था दिया आहे भर रही थी
दिलीप- दिया कैसा लग रहा है
दिया- बहुत मज़ा आ रहा है पता नही रिया कब से मज़े कर रही है तुम्हारे साथ
दिलीप- दिया अब पोज़िशन चेंज करते हैं फिर मैं चेयर पे बैठ गया और दिया मेरे खड़े लंड पे अपनी चूत रखके बैठने लगा
मैं दिया की कमर पकड़के के नीचे से धक्के मारने लगा मैं दिया के निपल को अपने दाँतों में पकड़के दिया को चोदने लगा
दिया की चूत ने फिरसे पानी छोड़ दिया
मैने दिया को खड़ा किया और दिया की एक टाँग उठाके एक ही बार में अपना पूरा लंड दिया की चूत में डाल दिया मैं दिया को पिच्छले 30 मिनिट से चोद रहा था मैने दिया को अपनी गोद में उठा लिया और दिया की चूत में पूरी ताक़त से धक्के लगाने लगा अब मुझे लग रहा था कि मेरा निकलने वाला है मैं दिया को नीचे उतार दिया अपने लंड से कॉंडम निकालके दिया के मुँह में अपना लंड डाल दिया दिया मेरे लंड को चूसने लगी मैं दिया का सर पकड़के तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगा एक विस्फोट के साथ मेरा सारा वीर्य दिया के मुँह में चला गया दिया मेरा सारा वीर्य पी गयी फिर मैं अपना कपड़े पहेन लिया
दिलीप- दिया जब पूछे तो बता देना कि मेरे आते ही वो चला गया
दिया- तुम फिकर मत करो मैं संभाल लूँगी वैसे तुम बहुत अच्छे से चुदाई करते हो फिर कब आओगे
दिलीप- देखूँगा तुम्हारी एज कितनी है
दिया- 33 और हां मुझे पता है कि तुमने रिया के साथ कुछ नही किया है
दिलीप- मैं मुस्कुरा दिया फिर मैं शांति की रिपोर्ट्स लेके बस स्टॉप पहुँचा बस में बैठ गया
दिलीप- ठीक छुट्टी होने से पहले मैं अपने क्लास में जाके बैठ गया
अदिति मेरे साथ बैठी हुई थी रवि भी नही दिख रहा है
थोड़ी देर बाद छुट्टी हो गयी तभी वँया मेरे पास आई
हम दोनो चलते हुए बाते करने लगे
वँया- कहाँ थे तुम लंच टाइम में
दिलीप- वो विनय के घर गया था
वँया- क्यूँ
मैं वँया को घूर्ने लगा
वँया-अरे मेरा मतलब है तुम स्कूल के बाद भी तो जा सकते थे
दिलीप- आगे से तुम्हे बताके जाउन्गा
वँया- अच्छा सुनो कल से हम घर पे ही पढ़ाई करेंगे
दिलीप- क्यूँ
वँया- वो इसलिए कि अब हमे ज़्यादा पढ़ाई करनी होगी वरना तुम ऐसे घूमते रहोगे और कहीं फैल हो गये तो
दिलीप- क्या बात कर रही हो पिछ्ले कुछ साल से हर एग्ज़ॅम्स में मैं सेकेंड आरहा हूँ
वँया- और फर्स्ट कॉन आता है
दिलीप- मुझे क्या पता कौन आता है मैं सिर्फ़ अपने काम से काम रखता हूँ मुझे क्या कोई बंदर या बंदरिया फर्स्ट आए
वँया- गुस्से में मैं फर्स्ट आती हूँ वँया पैर पटकते हुए अपने रूम में चली गयी और मैं अपने आपको कोस्ता रहा
मैं भी अपने रूम में आके लेट गया और पिच्छले कुछ दिनो के बारे में सोचने लगा
कैसे मैने मेडम को चुदवाते हुए देखा
फिर मेडम को मैने बोला सच बताने को
मेडम अपनी चुदाई पूरे डीटेल के साथ बताने लगी
उसी दिन मुझे पता चला कि चुदाई किसे कहते है कैसे करते हैं
फिर सुधा की वजह से मुझे पूरा सेक्स ज्ञान मिला
सुधा की याद आते ही मैं सोचा कि कल सुधा से मिल लूँगा
लेकिन अभी एक बड़ी प्राब्लम वँया को मनाना है
फिर मैं कपड़े बदलके वँया के रूम मे गया
गेट नॉक किया
वँया- रूम के अंदर से कौन है
दिलीप- मैं हूँ
वँया- क्या है
दिलीप- कुछ नही बस तुमसे बात करनी है
वँया- मुझे तुमसे कोई बात नही करनी है
दिलीप- लेकिन क्यूँ
वँया- क्यूंकी तुमने मुझे बंदरिया कहा
दिलीप- तो तुम भी मुझे कुछ बोल दो
वँया गेट खोलके मुझे घूर्ने लगी
दिलीप-क्या हुआ चाहो तो मार लो
वँया- हर वक़्त मज़ाक मत किया करो मैं जो कहूँगी करोगे
दिलीप- ज़रूर करूँगा
वँया- तो किताब लेके आओ आज 4 घंटे पढ़ाई करेंगे
दिलीप- यह सुनके मुझे ऐसा लगा कि मेरा हार्ट फैल हो जाएगा मैं अकेले 4 घंटे क्या 6 घंटे भी पढ़ सकता हूँ
लेकिन वँया के साथ वँया हर एक वर्ड को पहले समझती है फिर आगे बढ़ती है अब क्या कर सकते हैं
वँया के साथ 4 घंटे तक पढ़ाई करने के बाद कुछ करने का मन ही नही कर रहा था
मैं नीचे हॉल में गया बड़ी नानी के पास गया
दिलीप-बड़ी नानी आप बहुत थकि थकि लग रही हैं क्या हुआ आपकी तबीयत तो ठीक है ना
बड़ी नानी- जब तक मेरा बेटा ठीक है मुझे क्या होगा
दिलीप- बात मत बदलिए आपको मेरी कसम बताइए क्या बात है
बड़ी नानी- बहू सुबह से ना कुछ खा रही है ना कुछ पी रही है
दिलीप- इसका मतलब आप भी सुबह से भूखी हैं
[ मामी के सामने जाते ही कितना भी कोशिश . सपना याद आही जाता है फिर भी बड़ी नानी के लिए मामी को खिलाना तो पड़ेगा ही वरना वँया भी भूख हड़ताल कर देगी ]
मैं किचन में जाके प्लेट में खाना रखा और मामी के रूम पे गया गेट नॉक किया मामी ने गेट खोला मामी बहुत उदास लग रही थी मैं बिना कुछ कहे अंदर जाके बेड पे बैठ गया मामी गेट पे ही खड़ी मुझे देख रही थी मैं उठके मामी के पास गया
और मामी का हाथ पकड़के बेड पे बिठा दिया फिर तो कमाल हो गया
मैं अपने हाथ से मामी को खाना खिलता रहा मामी खाती रही फिर मैं रूम से बाहर आ गया
बड़ी नानी ने जब देखा कि प्लेट में कुछ नही है तो वो मुस्कुरा दी
अब रात के खाने का टाइम हो ही चुका था
वँया भी नीचे आ गई फिर हम सब साथ में खाना खाने लगे बड़े मामा और उनकी दूसरी बीवी भी हमारे साथ बैठके खा रहे थे मेरा तो खून जलने लगा कि दूसरी शादी हो गयी तो यह भी ध्यान में नही आरहा है कि एक और बीवी है उसको देखले कि वो कैसी है
तभी बड़े मामा मुझे घूर्ने लगे मेरी तो फट गई मैं जल्दी से खाना ख़ाके अपने रूम में आगया और बैठके सोचने लगा कि शांति का क्या . उसे सिड्यूस भी नही कर सकता क्यूंकी टाइम कम है उपर से एग्ज़ॅम्स अब एक ही रास्ता है बिंला
वोही मेरी मदद करेगी फिर मैं सो गया
सुबह में उठके वोही किया जो करता हूँ फिर अखाड़े से सीधा बिम्ला के घर गया...
दिलीप- सबसे पहले आप मत बोल मैं तेरे से एक दो दिन छोटा ही हूँ
बिम्ला की बेटी कुछ बोल ही नही रही थी
दिलीप- अच्छा ठीक है मैं जाता हूँ फिर मैं बिम्ला के घर से बाहर आगया घर के पीछे गया खिड़की से बिम्ला के घर में घुस गया बाथरूम ठीक रूम के सामने था मैं नही चाहता था कि बिम्ला की माँ की बेटी अपनी माँ को ग़लत समझे
बिंला की बेटी खाट पे बैठी हुई थी अब क्या करूँ मैं फिर खिड़की से बाहर आया 2 3 पत्थर लेके वापस अंदर आया
एक पत्थर किचन में फेंक दिया
बिंला की बेटी जल्दी से किचन में भागी शायद उसको लगा होगा कि बिल्ली है
मैने भागके बाथरूम में घुसके गेट बंद कर दिया
बिम्ला मुझे देखके सकपका गयी बिंला पूरी नंगी थी
बिम्ला- दिलीप तुम मेरी बेटी है घर में
दिलीप- मुझे पता है मैं उससे छुप्के आया हूँ
मैं बिम्ला के पास गया और उसके बूब्स को दबा दिया
बिम्ला की आ निकल गयी
दिलीप-मुझे आपको एक बात बतानी है
बिम्ला- क्या
दिलीप- [फिर मैं शांति की सारी बात बिम्ला को बता दिया]
बिम्ला- इसमें मैं क्या कर सकती हूँ
दिलीप- देखो काकी आपको पता है कि शांति का पति दूसरी शादी करेगा ही वो कभी नही मानेगा कि कमी उसमें है क्यूंकी शांति की सारी रिपोर्ट्स नॉर्मल है इसलिए अब मैं उसके पास नही जा सकता वो मुझसे पूछेगी कि रिपोर्ट्स में क्या आया तो
इसलिए अब आप कुछ ऐसा सोचो जिससे शांति मेरे साथ चुदाई करने के लिए तय्यार हो जाए और मैं उसे प्रेगनेंट कर दूं
बिम्ला- इसके बदले मुझे क्या मिलेगा
दिलीप- क्या चाहिए
बिम्ला- तुम
बिम्ला हँसने लगी
तभी बिम्ला की बेटी की आवाज़ आई
बिंला की बेटी- माँ कितनी देर से नहा रही हो
बिम्ला- अभी आई -----अब क्या करूँ
दिलीप- क्या करू मतलब बाहर जाके अपनी बेटी को किसी काम से बाहर भेज दो मैं चला जाउन्गा
बिम्ला बाहर चली गयी
थोड़ी देर बाद बिम्ला आई
बिम्ला- अब जाओ मैं कल तक कुछ सोच लूँगी
दिलीप- फिर मैं बिम्ला के घर्से चल दिया रास्ते में मुझे रवि दिखा उसके साथ 4 5 लोग भी थे रवि मुझे देखके रुक गया
दिलीप- तू कुछ दिन से स्कूल क्यूँ नही आरहा है
रवि- वो मेरी दीदी की शादी है इसलिए
दिलीप- और तू मुझे बुलाने भी नही आया
रवि- मुझे लगा कि तू नही आएगा
दिलीप- और तुझे ऐसा क्यूँ लगा
रवि- मैने सोचा कि तू ठाकुर है मेरी बहेन की शादी में कहाँ से आएगा
दिलीप- सबसे पहली बात मेरे मामा ठाकुर हैं मैं नही समझा
रवि- तो ठीक है कल शाम का महुरत निकला है और अगर आएगा तो मेरे घर पे तुझे रुकना पड़ेगा क्यूंकी बिदाई परसो है
दिलीप- ठीक है मैं आ जाउन्गा
थोड़ी देर बाद मैं पहुँचा घर मैं वँया के रूम पे गया
वँया रूम में इधर उधर घूम रही थी
वँया के हाथ में बेलन था
मैं वँया के पास गया
क्या हुआ ऐसे क्यूँ घूम रही हो
वँया- गुस्से में तुम अखाड़े से 2 घंटे पहले आने वाले थे कहाँ थे इतनी देर
दिलीप- मुझे तो कुछ समझ ही नही आया वँया मुझे बेलन दिखा कर डाँट रही थी
वँया- बोलोगे भी कि नही
दिलीप- वो मेरे दोस्त की बहेन की शादी है कल उसी से मिलने गया था
वँया- कल तो ऋतु की शादी है तुम्हारे दोस्त का नाम क्या है
दिलीप- रवि
वँया- अच्छा ठीक हैं मैं किताब लेके आती हूँ तुम्हारे रूम में अभी 10 बजे हैं हम शाम के 6 बजे तक पढ़ाई करेंगे
बीच में एक घंटा खाने की छुट्टी
दिलीप- 8 घंटे
वँया- क्यूँ कम है
दिलीप- नही नही ठीक है
फिर मैं अपने रूम की तरफ चल दिया और सोचने लगा कि जबसे मैने अपना सर फोड़ा है
वँया बदल गयी है उपर से अब हिट्लर की टोन में बात करती है
तभी मेरे दिमाग़ की घंटी बजी
यह ऋतु तो वोही है जिसको मैने चोदा था
चलो कोई बात नही और भी आएँगी
मैं कपड़े बदलके बेड पे बैठ गया
थोड़ी देर बाद वँया बुक्स लेके आ गई
उसके बाद वँया के साथ पढ़ाई किए 8 घंटे 48 घंटे के बराबर लगे मुझे
एक बार तो रोने भी वाला था फिर सोचा कि और नाराज़ हो गयी तो
शाम 6 बजे वँया मेरे रूम से चली गयी
थोड़ी देर बाद मेरा फोन बजने लगा
मैने फोन उठाया
दिलीप- हेलो एसपी सर कैसे हैं आप
एसपी- एसपी नही आइजी बोलो एमएलए के केस के बाद मेरा प्रमोशन हो गया
दिलीप- बधाई हो वैसे आप आइजी हैं तो आपके जीजाजी का क्या हुआ
एसपी- उनका भी प्रमोशन हो गया वैसे तुमने बताया नही कि तुम्हारे पैसो का क्या करूँ
दिलीप- मुझे नही चाहिए वो पैसे
एसपी- देखो दिलीप भले ही तुमने इतना बड़ा कारनामा करके दिखा दिया है पर तुम्हारी जिंदगी अभी शुरू ही हुई है
एसपी- इस लिए मेरी बात मानो मैं तुम्हारे नाम से एक अकाउंट खुलवा देता हूँ उसमें तुम्हारे पैसे सेफ रहेंगे
और तुम अगर वो पैसे खुद के लिए नही भी यूज़ करते हो तो कोई बात नही अभी तुम्हारी पूरी जिंदगी पड़ी है
दिलीप- ठीक है जैसी आपकी मर्ज़ी फिर मैं फोन कट कर दिया...