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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

दिलीप- क्यूंकी उन्हे मुझपे गुस्सा आ रहा था

विदू- गुस्सा इसी लिए आ रहा था,क्यूंक एक लड़की आपको कही कि अगर आप उसे प्यार नही करेंगे तो वो अपने आपको बर्बाद कर देगी,और आप इतना सोच रहे हैं

दिलीप- यह आपकी सोच है,वो दोनो ऐसा सोच ही नही सकती

विदू- जाके एक बार उनसे बात कीजिए

दिलीप- फिर से मारेंगी

विदू- आप डर क्यूँ रहे हैं

दिलीप- मैं किसीसे डरता वर्ता नही हूँ

विदू- अगर आप मुझसे प्यार करते हैं तो डरेंगे नही

[इतना चढ़ा दिया विदू ने मैं सीधा अपने रूम की तरफ गया और जब वहाँ पहुँचा तो एलीना ही थी

इससे पहले एलीना कुछ कहती मैने अपना मुँह एलीना के गाल पे रखा और लगा दाँत से काट ने

जब मैं अपने होन्ट एलीना के गाल से हटाया तो एलीना मेरे तरफ लपकी

दिलीप- रुक जाओ वरना गाल के अलावा और भी जगह है जहाँ दाँत से काट लूँगा

एलीना- क्या करते हो सब कितना मज़ाक उड़ाती हैं

दिलीप- सॉरी अगर तुम्हे बुरा लगा हो तो

एलीना- और मारूँगी अगर ऐसा बोलोगे तो और बैठो

[मैं एलीना के साथ बैठ गया

एलीना- अब दीदी ने तो तुम्हे बता दिया होगा

कि हम ने तुम्हे थप्पड़ क्यूँ मारा

दिलीप- तो इसका मतलब

एलीना- हां मेरे शक्ति बाबू,लेकिन मैं तुमसे नाराज़ हूँ,एक थप्पड़ से इतना नाराज़ हो गये

दिलीप- मुझे लगा कि तुम मेरी बात सुनके बहुत दुखी हो गयी,इसी लिए मैं अपना मुँह छिपा लिया

[फिर एलीना मुझे किस करके चली गयी
 
रात में हम सबने खाना खाया,और मैने जानबूझ के वँया से बात नही किया

कुछ देर बाद मेरा फोन बजने लगा

दिलीप- मैं वेट कर रहा हूँ,तुम आरहे हो कि नही

डी- जल्दी नकली मासी को लेके आ जाओ मैं बाहर वेट कर रहा हूँ

[और फोन कट हो गया

मैं नकली मासी के रूम में गया

वो मुझे देखके मुस्कुरा दी

दिलीप- मासी आप मेरे रूम में चलो ना जल्दी

किरण मौसी- क्यूँ

दिलीप- चलो ना जल्दी

किरण मौसी- चलती हूँ

[उसके बाद नकली मासी मेरे साथ मेरे रूम में आई

मैने गेट लॉक किया और नकली मासी कुछ बोलती उससे पहले ही मैं उसे बेहोश कर दिया

और ख़ुफ़िया रास्ते से हवेली के बाहर आया

तभी मुझे एक साया दिखा

और जैसे ही वो मेरे सामने आया मैं चौंक गया

दिलीप- तू डी है

डी- हां

दिलीप- तू कब से कमॅंडो चीफ बन गया

डी- बहुत लंबी कहानी है

दिलीप- लेकिन मेरे पीछे क्यूँ पड़ गया है तू

डी- तेरा गार्डियन एंजल हूँ मैं

दिलीप- पहले तू इसे ठिकाने पे लगा

[डी ने नकली मासी को अपनी कार में डाल दिया

दिलीप- अब आगे क्या इरादा है

[यह सुनके देव मेरे गले लग गया

देव- वैसे तू काफ़ी वीक हो गया है

दिलीप- तीन शादी करने का इनाम मिला है

देव- चल फिर मैं चलता हूँ

दिलीप- अब तेरा हाथ नही कांपता लड़कियो को छुने से

देव- लंबी कहानी है,फ़ुर्सत से सुनाउन्गा चलता हूँ

जिस दिन तेरी वाइफ्स को पता चला कि तू क्या कर रहा है,बहुत पिटेगा

दिलीप- वजह तुझे पता है

कम से कम मेरी फॅमिली सेफ रहेगी

लेकिन मैं अब¨¬ भी नही समझा कि तू कमॅंडो चीफ कैसे बन गया

देव- कहा ना फ़ुर्सत से बताउन्गा

[फिर मैने देव को सल्यूट किया और कार में से अपनी किरण मौसी को गोद में उठाया,और ख़ुफ़िया रास्ते से अपने रूम में आ गया
 
दिलीप- वजह तुझे पता है

कम से कम मेरी फॅमिली सेफ रहेगी

लेकिन मैं अब¨¬ भी नही समझा कि तू कमॅंडो चीफ कैसे बन गया

देव- कहा ना फ़ुर्सत से बताउन्गा

[फिर मैने देव को सल्यूट किया और कार में से अपनी किरण मौसी को गोद में उठाया,और ख़ुफ़िया रास्ते से अपने रूम में आ गया

करीब 2 घंटे बाद किरण मौसी को होश आया,और मुझे देखके वो मेरे गले लग्के रोने लगी

फिर मैने उन्हे चुप कराया

दिलीप- आप कुछ दिन से हमारे साथ हैं

बस आप इतना समझ लीजिए

किरण मौसी- तू पूछेगा नही मैं कहाँ थी,मुझे किसने बचाया

दिलीप- फ़िक़र मत कीजिए एक बार उनका पता चल जाए एक एक को जान से मार दूँगा

किरण मौसी- तू ऐसा कुछ भी नही करेगा

तुझे मेरी कसम

दिलीप- आप यही पे सो जाओ

[किरण मौसी मेरे बेड पे सो गयी

मुझे देव पहले ही बता चुका था,कि किरण मौसी को एक रूम में रखा गया था,जहाँ उन्हे कोई तकलीफ़ नही थी

जिन्होने किरण मौसी को किडनॅप किया था,वो सिर्फ़ मेरी प्रॉपर्टी के पीछे है,लेकिन बस एक बार इनका पता चल जाए

मैं विदू के रूम में आके सो गया...

लेकिन बस एक बार इनका पता चल जाए

मैं विदू के रूम में आके सो गया

[अगले दिन मैं वँया को लेके कॉलेज पहुँचा

मैं आगे चल रहा था,और वँया मेरे पीछे,लेकिन मैं वँया से अभी तक बात नही किया था

तभी मैं किसी से टकरा गया

यह वो थी जो वँया के साथ बैठती थी

वो गिरते गिरते बची

मैने उसे इग्नोर किया और आगे बढ़ गया

1 पीरियड के बाद मैं राहुल से मिलने चला गया

आज भी उसकी दोनो दीदी उसके पास बैठी थी,मुझे देखके वो दोनो [ही] बोलके बाहर चली गयी

थोड़ी देर तक मैं राहुल से बात किया

[उधर वँया से उसकी फ़्रेंड कुछ बात कर रही थी

टीना- वँया तू दिलीप से कब मिली थी

वँया- हम दोनो एक ही गाओं में रहते हैं

टीना- तुम दोनो में प्यार कब हुआ

वँया- मैने उसे प्रपोज़ किया था

टीना- तुम दोनो में सब कुछ हो गया

वँया- शादी के बाद होगा
 
[इधर मैं राहुल से बात करके वापस कॉलेज पहुँचा

एक बार फिर मैं किसी से टकरा गया,इस बार कोई लड़का था

वो मुझे सॉरी बोलके चला गया

फिर मुझे एक पॅकेट दिखा, उसे मैं उठा लिया उसमें एक मेमोरी कार्ड था

मैने उसे अपनी जेब में रख लिया

और सोचा जब वो मिलेगा तब दे दूँगा

फिर मैं वँया के पास पहुँचा

मैने देखा ज़्यादा लोग नही हैं क्लास रूम में

मैने झट से वँया के गाल को चूमा और उसे एक कॅड्बेरी दे दिया,और अपनी जगह पे आके बैठ गया,वँया मुझे देखती रह गयी,अब वो और बेचैन हो गयी मुझसे बात करने के लिए

[उधर लावन्या अपने रूम में गुम्सुम बैठी हुई थी,कल उसे बहुत बड़ा झटका लगा था

कल से ना तो उसने कुछ खाया था,और ना ही किसी से बात कर रही थी

इनस्पेक्टर ने लावन्या के पिता को बताया की वो लड़का यह शहेर छोड़ कर चला गया है

फिर लावन्या के पिता ने अपने आदमियो को बोला कि उसे जितना जल्दी हो सके ढुंढ़ो,पर किसिके पास उस लड़के की फोटो ही नही थी

[इधर मैं पक रहा था टीचर्स का लेक्चर अपनी जिंदगी में दूसरी बार सुनके,शूकर है कॉलेज ऑफ हुआ और मैं वँया को साथ लेके गाओं की

तरफ आने लगा,वँया पीछे से मेरे गले लग गयी मैं बाइक स्लो कर दिया
 
[इधर मैं पक रहा था टीचर्स का लेक्चर अपनी जिंदगी में दूसरी बार सुनके,शूकर है कॉलेज ऑफ हुआ और मैं वँया को साथ लेके गाओं की

तरफ आने लगा,वँया पीछे से मेरे गले लग गयी मैं बाइक स्लो कर दिया

वँया- अब तुमपे कभी हाथ नही उठाउंगी प्लीज़ मुझसे बातें करो ना

इतनी बुरी भी नही हूँ,जितना तुम समझते हो

और तुम किसी के भी पास जाओ,मैं कुछ नही बोलूँगी

दिलीप- तो तुम्हे लगता है कि मैं तुमसे बात इसी लिए नही कर रहा हूँ,ताकि तुम मुझे किसी के साथ भी सोने की इजाज़त दे दो

वँया- काश तुम मेरे पहले वाले दिलीप होते,जो सिर्फ़ मेरा प्यार देखता[मैं बाइक रोक दी और पीछे मूड के वँया को देखने लगा

दिलीप- तुम कभी भी मुझे समझ नही पाओगी

वँया- एक बार और तुम समझा दो

दिलीप- तुम से बहुत प्यार करता हूँ

[वँया मेरे सीने से लग गयी,और मैं उसके माथे को चूम लिया

[फिर हम घर पहुँचे

मैं सीधा अपने रूम में आया

और वो मेमोरी कार्ड अपने मोबाइल में डाला

और चेक करने लगा

3 या 4 वीडियोस थे

मैं वीडियो प्ले किया और जो मैं देखा मुझे उसपे यकीन नही हुआ फिर मैने दूसरा वीडियो देखा तीसरा भी वीडियोस देखा और चौथा,4

वीडियोस हमारे कॉलेज की 4 मेडम के एमएमएस,जिसमें वो चुदवा रही हैं

और इसमें वो मिसेज़ भी हैं जिनको सिर्फ़ गुस्सा ही आता है

खैर मैं वो मेमोरी कार्ड अपने फोन से निकालके छिपा दिया

फिर हम सबने खाना खाया

और मैं सीधा बिम्ला के घर पहुँचा

बिम्ला मुझे देखके सोच में पड़ गयी

दिलीप- आप बाहर जाओ

[मेरी बात सुनके वो घर से बाहर चली गयी

मैं माला के रूम में गया,बिम्ला की बेटी का नाम माला है

वो पढ़ाई कर रही थी

मुझे देखके वो घबरा गयी

मैं उसके पास बैठ गया
 
दिलीप- अपनी माँ से इतनी गंदी बाते करते हुए तुझे शरम नही आई

और अभी घबरा रही है

माला- छोटे मालिक आप मुझे ग़लत मत समझना

दिलीप- इतनी इज़्ज़त किस लिए दे रही है

माला- आप मेरी लिए इतना कुछ कर रहे हैं

दिलीप- क्या कर रहा हूँ तेरे लिए

[माला शरमाने लगी

माला- आप बहुत अच्छे हैं

दिलीप- मेरी अच्छाई की तारीफ़ बाद में करना

पहले यह बता मैने तेरे साथ ऐसा क्या कर दिया,जो तू मुझसे प्यार करने लगी

माला- उस दिन आप अगर मेरे साथ वो सब करते तो मैं आपको रोकती भी नही,लेकिन वो वासना होती

दिलीप- इसी लिए तुझे मुझसे प्यार हो गया

पर मैं तो तुझसे प्यार नही करता

तो यह तो मेरे लिए वासना ही है

माला- इतना बात नही करते आप सीधा जो करना होता कर लेते

दिलीप- यह सब करके क्या मिलेगा तुझे

माला- मैं जिस से प्यार करती हूँ उससे शादी नही कर सकती

लेकिन वो मुझे एक बार प्यार तो कर सकता है

दिलीप- काश मैं तेरी माँ के साथ वो सब नही किया होता

माला- काश आप मुझे जल्द से जल्द प्यार करो

दिलीप- बड़ा प्यार प्यार कर रही है,पता भी है प्यार कैसे करते हैं

माला- पता है

दिलीप- ठीक है

[मैं माला को का हाथ अपने हाथ में पकड़ा,और उसके गाल को चूम लिया, वो शरमाने लगी,फिर मैं अपने होंठ उसके होंठो की तरफ बढ़ाने लगा

और कुछ ही देर में हम एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे

माला जिस तरह से मेरे होंठ चूस रही थी,उससे सॉफ पता चल रहा था,कि वो पहली बार किस कर रही है
 
मैं माला को का हाथ अपने हाथ में पकड़ा,और उसके गाल को चूम लिया, वो शरमाने लगी,फिर मैं अपने होंठ उसके होंठो की तरफ बढ़ाने लगा

और कुछ ही देर में हम एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे

माला जिस तरह से मेरे होंठ चूस रही थी,उससे सॉफ पता चल रहा था,कि वो पहली बार किस कर रही है

मैं धीरे धीरे उसके नीचली होंठ को अपने होंठो में भरके चूस रहा था,और वो मेरे उपरी होंठ चूस रही,माला का हाथ मेरे सीने पे घूम रहा

था,फिर मैं किस तोड़ दिया और उसे देखने लगा,माला अभी भी शरमा रही थी...

फिर मैने किस तोड़ दिया

और उसे देखने लगा,माला अभी भी शरमा रही थी

दिलीप- शरमाएगी तो प्यार कैसे करेगी,और वैसे भी सिर्फ़ आज के लिए मिला हूँ,जी भर के प्यार कर

[यह सुनते ही माला एक बार फिर मेरे होंठ चूसने लगी

मैं भी माला के होंठ चूसने लगा,हम दोनो एक दूसरे के होंठो को बड़े प्यार से चूस रहे थे

कुछ देर तक एक दूसरे के होंठो को चूसने के बाद हम ने किस करना बंद किया

फिर मैं माला के जिस्म को उपर से नीचे तक देखने लगा

माला थी तो साँवली लेकिन प्यार करने लायक थी

मैने माला के सर के बालो को पकड़ के एक साइड किया,और उसके गले पे अपने होंठ रखके चूमने लगा,माला की आआह निकल गयी

कुछ देर तक मैं माला के गले को चूमता रहा

फिर मैं माला की आँखो को चूम के उसके गालो को चूमा फिर उसके पूरे चेहरे को चूमने लगा

मैं उसके चहेरे को चूम के लाल कर दिया

उसके बाद मैं माला के होंठो पे अपनी ज़ुबान फेरने लगा,माला शरमाते हुए अपना मुँह खोल दी,मैं अपनी ज़ुबान उसके मुँह में डाल दिया,माला धीरे-2 मेरी ज़ुबान को चूसने लगी

मैं अपने दोनो हाथ माला की कमर पे रखके सहलाने लगा

माला मेरी ज़ुबान चूस रही थी,कुछ देर बाद मैं माला की ज़ुबान चूसने लगा

और साथ ही माला की कमर सहलाने लगा

फिर मैं अपने होंठ माला के होंठो से अलग किया

दिलीप- अपने कपड़े तू उतारेगी या मैं उतारू

माला-[शरमाते हुए] आप ही उतार दो

[मैं माला की कमीज़ नीचे से पकड़ा और उपर उठाने लगा

माला अपने हाथ उपर करके मेरी मदद की,और मैं माला की कमीज़ उतार दिया

माला अपने हाथ नीचे कर ली

मैने माला को लिटा दिया और उसके उपर आके एक बार उसके होंठ चूसने लगा,साथ ही अपने दोनो हाथ ब्रा के उपर से ही माला के दोनो बूब्स पे रखके सहलाने लगा

माला उम्म्म उम्म्म की आवाज़ें निकालने लगी

कुछ देर तक माला के बूब्स दबाने के बाद मैने माला को पलटने को बोला,वो पेट के बल लेट गयी,मैं ब्रा की स्ट्रीप खोल दिया,माला की पीठ पूरी नंगी हो गयी

फिर मैं अपने होंठ माला की पीठ पे रखके माला की पीठ चूमने लगा

माला कामुकता भरी आवाज़ें निकालने लगी

मैं माला की पूरी पीठ को चूमते हुए माला की कमर सहलाने लगा
 
माला की पीठ से होते हुए मैं माला की कमर पे आया,और उसकी पूरी कमर को चूमने लगा

कुछ देर तक माला की कमर चूमने के बाद मैने माला को सीधा किया

माला अपने हाथ अपने बूब्स पे रखके लेटी हुई थी

फिर मैने माला के हाथ उसके बूब्स पे से हटाए और ब्रा भी हटा दिया

माला के बूब्स देखके मैं खो सा गया,एक दम गोल गोल बूब्स थे माला के

फिर मैं माला के दोनो बूब्स पे अपने हाथ रखके मसल्ने लगा

माला आअहे भरने लगी

कुछ देर तक माला के बूब्स को मसल्ने के बाद मैं थोड़ा ज़ोर से माला के बूब्स को मसल्ने लगा

माला फिर भी आहे भरती रही

फिर मैं माला के एक बूब को चूसने लगा

और दूसरे बूब को मसल्ने लगा

बारी बारी मैने दोनो बूब्स को चूसा फिर मैं माला की तरफ देखने लगा

माला थोड़ा शरमाई थोड़ी कामुकता से मुझे देख रही थी

फिर मैं माला के पेट को चूमते हुए माला के बूब्स दबाने लगा,पेट को चूमने के बाद मैं माला के बूब्स को चूसने लगा,और अपनी एक उंगली माला की नाभि में डालके खुरेदने लगा

कुछ ही देर बाद माला का बदन अकड़ गया और उसका जिस्म 3 या 4 झटके खाने के बाद एक दम निढाल हो गया,शायद वो झड गयी थी

फिर मैं माला की शलवार उतारने लगा

माला अपनी गान्ड उठाके अपनी शलवार उतारने में मेरी मदद की

अब माला सिर्फ़ पैंटी में थी

मैने माला की टाँगो को चौड़ा किया और उसकी जाँघो को चूमने लगा

माला आअहे भरने लगी

माला की जाँघो को चूमने के बाद मैने माला की पैंटी को निकाल दिया

मुझे यकीन नही हुआ माला की चूत पे एक भी बाल नही था

मैने माला की चूत की फांको को खोलके देखा छेद बहुत छोटा था

फिर मैं माला की चूत पे अपना मुँह रखके चूसने लगा
 
माला की जाँघो को चूमने के बाद मैने माला की पैंटी को निकाल दिया

मुझे यकीन नही हुआ माला की चूत पे एक भी बाल नही था

मैने माला की चूत की फांको को खोलके देखा छेद बहुत छोटा था

फिर मैं माला की चूत पे अपना मुँह रखके चूसने लगा

माला- दिलीप वहाँ मत चुसिये प्लीज़

दिलीप- क्यूँ

माला- वो गंदा है

दिलीप- तू तो कह रही थी तुझे सब पता है

माला- मैं नही चाहती आप वहाँ पे चूसो

दिलीप- चुप रह और मुझे अपना काम करने दे

[मैं वापस माला की चूत चूसने लगा,कुछ देर बाद माला अपना हाथ मेरे सर पे रखके दबाने लगी

कितना नाटक करती हैं यह लड़किया

मैं माला की चूत के दाने को अपने होंठो मे भरके चूस रहा था

माला आअहे भरते हुए मेरा सर अपनी चूत पे दबा रही थी

कुछ ही देर में माला की आअहे तेज़ हो गयी

मैं समझ गया माला झड़ने वाली है

मैं और तेज़ी से माला की चूत चूसने लगा,और माला झड़ने लगी

माला अपनी आँख बंद किए अपनी साँसें काबू कर रही थी

फिर मैने अपनी शर्ट और पॅंट उतार दिया और साथ में अंडरवेर उतारके नंगा हो गया

मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था,और काफ़ी दर्द भी कर रहा था

फिर मैं रूम से बाहर आया और किचन में जाके तेल ढूँढने लगा,तेल एक कटोरी में डालके वापस रूम में आया,माला मुझे देखके बुत बन गयी

मैं उसके पास पहुँचा और उसे हिलाया

वो होश में आई

माला- यह क्या है

दिलीप- नाटक मत कर पहले भी देख चुकी है

माला- पहले छोटा था

दिलीप- दूर से देखी थी इसी लिए

अब इसे प्यार कर

[माला शरमाते हुए मेरे लंड को सहलाने लगी

फिर माला मेरे लंड की चमड़ी को पीछे करके मेरे लंड के सुपाडे को देखने लगी

मैने माला का दूसरा हाथ पकड़के अपने बॉल्स पे रख दिया,वो मेरे लंड के साथ मेरे बॉल्स को भी सहलाने लगी

दिलीप- अब मुँह में ले बहुत दर्द कर रहा है

माला- इसमें दर्द थोड़े ही ना होता है....

दिलीप- इस में दर्द होता है या नही,इसका ज्ञान बाद में लेना,अभी मुँह में ले या फिर ऐसे ही शुरू हो जाऊ

[माला शरमा गयी,और मेरे लंड के टोपे को चूम ली

कुछ देर तक टोपे को चूमने के बाद माला अपना मुँह खोली,और अपनी ज़ुबान बाहर निकालके मेरे पूरे लंड को चाटने लगी

फिर वो मेरे लंड को अपने मुँह भरके चूसने लगी

कुछ देर बाद वो मेरा आधा लंड अपने मुँह में लेके चूसने लगी

फिर मैने उसके मुँह से अपना लंड निकाला

और उसके सर को पकड़ा

वो थोड़ी घबरा गयी

दिलीप- डर क्यूँ रही हो अपना पूरा मुँह खोलो

[माला अपना पूरा मुँह खोली,मैं अपने आधे लंड को उसके मुँह डालके आगे पीछे करने लगा

मैं एक दम आराम से माला के मुँह में अपना लंड आगे पीछे कर रहा था,फिर माला अपने आप मेरे लंड को चूसने लगी

जब माला मेरा लंड चुस्के थक गयी,फिर मैं उसे बेड पे लिटाया

और ढेर सारा तेल उसकी चूत पे डालके उसकी चूत सहलाने लगा
 
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