S
StoryPublisher
Guest
सुबह जब साक्षी की नींद खुलती है तो वो देखती है वीर एक तकिए को हग कर के लेटा हुआ है
साक्षी - हाए मेरे बंदर रात भर तड़पते रहे बस
ही ही ही ही ही
फिर वीर भी उठ जाता हैं और गुस्से मे साक्षी को देखता है
साक्षी की तरफ आता है
साक्षी - अरे क्या हुआ मैने क्या किया
वीर - रुको तुमको बताता हूं मैं
साक्षी उठ कर भागने लगती है , और उसके पीछे ही वीर भागता है
साक्षी - अरे सुनो तो
वीर - क्या सुनो हा
तभी साक्षी बेड के पास रुक जाती है और वीर उसके ऊपर ही गिर पड़ता है
वीर पहली बार अपनी मां के ऊपर लेटा था और उसके चूचे उसके सीने में फील हो रहे थे
और ऐसा होते ही वीर की सास बहुत तेजी से ऊपर नीचे होने लगती है और वीर को ऐसे सास लेता देख साक्षी को हसी आ जाती है
साक्षी - आराम से सास लो ही ही ही ही
वीर के हाथ पैर कांपने लगते है और वो धीरे धीरे से कापते हुए हाथों से साक्षी के गाल को छुने जाता है तभी साक्षी कहती है ओ मेरे बच्चे मुझे कुछ चुब रहा है
इतना सुन कर वीर फिर से काप जाता है और ये देख कर साक्षी कहती है चलो हटो मजा बहुत ले लिया मेरा
साक्षी फिर उसको अपने ऊपर से फेक देती है और कहती है जब देखो मेरे पीछे पीछे पड़े रहते हो बड़े आए
वीर - मैं तुमसे डरता नहीं समझी मेरा जो दिल करेगा वो करूंगा तुम पत्नी हो मेरी मेरा हक बनता है तुमसे प्यार करने का
इसके पहले वो कुछ और कहता वीर देखता है की साक्षी उसको ही घूर रही है जो लोहे की रेलिंग पर हाथ रख कर खड़ी थी
वीर जैसे ही ये नजारा देखता है उसकी गांड़ ही फट जाती है और वो कूदते हुए वापिस पीछे हो जाता है
तभी साक्षी उसकी तरफ बढ़ती है और कहती है कुछ कह रहे थे ना तुम वो मैं सुन नहीं पाई जरा फिर से बोलना
वीर - देखो तुम मुझे ऐसे डराया मत करो देखो मारना मत प्लीज तुम मुझे प्यार करने क्यों नहीं देती जब देखो दूर रहती हो सोते टाइम हग भी नहीं करने देती
साक्षी - अच्छा ठीक है दिन भर मुझे खुश रख कर दिखाओ अगर मैं खुश हुई तो बहुत प्यारा हग दूंगी और रात को जैसे तुम चाहो वैसे सोने दूंगी
फिर साक्षी वहा से जाने लगती है और वीर भी उसके साथ चल कर आगे आता है जैसे ही वो दूर गई वीर कहता है बड़ी आई हूं!!!
इधर साक्षी नहाने के लिया चली जाती है और वीर भी अपना काम करने लगता है स्वाति के पास कॉल कर के उसको सब समझा देता है
स्वाति - ओके सर मैं सब संभाल लुंगी आप आराम से जाइए
इधर साक्षी नहा कर के आती हैं और वीर को देखती है जो उसको घूर रहा था और उसके होठ काँप रहे थे
साक्षी - यार मैं तो तुमसे बहुत परेशान हूं अब क्या हुआ है बोलो
वीर - वो वो क्या तुम जींस पहनोगे
साक्षी उसको देखती है ।
वीर -नहीं नहीं कोई बात नहीं मत पहनो मन नहीं है तो
साक्षी - पहन लेती लेकिन मेरे पास नहीं है और जो थी वो अब टाइट आती है
वीर - मैंने लाया है आपके लिए वो पहन लो प्लीज
साक्षी - अच्छा ठीक है अब जाओ तैयार होने दो
वीर - थैंक्यू जान
और फिर वीर वहा से निकल जाता है और थोड़े टाइम बाद साक्षी तैयार हो कर नीचे आती है जिसे देख कर ही वीर देखता रह जाता है
साक्षी - चले अब मुझे देख चुके तो
वीर - थोड़ा सा देख लो तो इतना गुस्सा
साक्षी - पड़ोसी की बीवी नहीं हूं तुम्हारी ही बीवी हूं मैं चलो
फिर दोनो निकल पड़ते है मॉल की तरफ
साक्षी - सुनो मेरे मायके मे कुछ भी नाटक मत करना समझे कोई कुछ भी कहे डान्टे तो सुन लेना चुप चाप
वीर - ही ही ही ही ही मैं सब संभाल लूंगा प्यार करता हूं तुमसे
साक्षी - शायद वहा मैं तुम्हारी मदद ना कर पाऊं तो कुछ भी कांड मत करना वहा तुम मेरा साथ चाहते हो तो मेरे घर वालो के सामने साबित कर देना की मेरे लिया कुछ भी कर सकते हो
वीर - हा ठीक है शायद मैने बीते कुछ दिनों में ऐसा कर दिया है जिससे सब मुझसे नाराज़ है ना
साक्षी - अभी का टाइम देखो पुरानी बात छोड़ो मिटी डालो उसमें
इधर ये दोनो मॉल कब आ गए पता ही नहीं चला और जैसे ही दोनो अंदर आए वीर ने साक्षी को बोला की हम मूवी देखेंगे आज है ना सारे कपल देखते है मूवी अब हमारी पूरी हुर्रे
साक्षी - आज नहीं लेट हो रहा है ना जब वहा से लौट कर आएंगे तो साथ मैं देखा जाएगा और प्रोमिस एक गर्लफ्रेंड और बाय्फ्रेंड की तरह देखने दूंगी
वीर उदास हो कर कहता है कोई बात नहीं जैसे तुमको सही लगे
और साक्षी के साथ चुप चाप चलने लगता है और साक्षी उसका हाथ पकड़ लेती है और वीर अब स्माइल कर के उसके साथ चलने लगता है।
फिर दोनो एक ड्रेस की दुकान पर जाते है
सेल्स गर्ल - मेम क्या दिखाना है आपको
साक्षी - साड़ी मैरिज के लिए
साक्षी फिर वहा साड़ी पसंद करती है और वीर को कहती है तुम भी ड्रेस ले लो अपनी पसंद के जो जो तुम्हे पसंद हो
वीर भी कपड़े ले लेता है और दोनो बिलिंग करवाते है तो सारे ड्रेस देख कर साक्षी हैरान हो जाती है
फिर साक्षी कार मैं वीर से कहती है क्या है ये सब हा
वीर - तुमने ही कहा था जो पसंद हो लेते आना
साक्षी - बहस मत करो मैने तुम्हारे लिया कहा था तुम मेरे लिए सारी ड्रेस ले आए हो क्यो
वीर - मैं इन ड्रेस में तुमको देखना चाहता हूं तो ले आया
इधर वीर और साक्षी घर आते है और तभी साक्षी के डॅड का फोन आ जाता है जो कहते है 5 मिनट मे तैयार रहो आने के लिए
फिर दोनो गांव के लिया साक्षी के घर के लिए निकल जाते है जहा वीर ड्राइव कर रहा था वही साक्षी उदास बैठी थी
साक्षी - हाए मेरे बंदर रात भर तड़पते रहे बस
ही ही ही ही ही
फिर वीर भी उठ जाता हैं और गुस्से मे साक्षी को देखता है
साक्षी की तरफ आता है
साक्षी - अरे क्या हुआ मैने क्या किया
वीर - रुको तुमको बताता हूं मैं
साक्षी उठ कर भागने लगती है , और उसके पीछे ही वीर भागता है
साक्षी - अरे सुनो तो
वीर - क्या सुनो हा
तभी साक्षी बेड के पास रुक जाती है और वीर उसके ऊपर ही गिर पड़ता है
वीर पहली बार अपनी मां के ऊपर लेटा था और उसके चूचे उसके सीने में फील हो रहे थे
और ऐसा होते ही वीर की सास बहुत तेजी से ऊपर नीचे होने लगती है और वीर को ऐसे सास लेता देख साक्षी को हसी आ जाती है
साक्षी - आराम से सास लो ही ही ही ही
वीर के हाथ पैर कांपने लगते है और वो धीरे धीरे से कापते हुए हाथों से साक्षी के गाल को छुने जाता है तभी साक्षी कहती है ओ मेरे बच्चे मुझे कुछ चुब रहा है
इतना सुन कर वीर फिर से काप जाता है और ये देख कर साक्षी कहती है चलो हटो मजा बहुत ले लिया मेरा
साक्षी फिर उसको अपने ऊपर से फेक देती है और कहती है जब देखो मेरे पीछे पीछे पड़े रहते हो बड़े आए
वीर - मैं तुमसे डरता नहीं समझी मेरा जो दिल करेगा वो करूंगा तुम पत्नी हो मेरी मेरा हक बनता है तुमसे प्यार करने का
इसके पहले वो कुछ और कहता वीर देखता है की साक्षी उसको ही घूर रही है जो लोहे की रेलिंग पर हाथ रख कर खड़ी थी
वीर जैसे ही ये नजारा देखता है उसकी गांड़ ही फट जाती है और वो कूदते हुए वापिस पीछे हो जाता है
तभी साक्षी उसकी तरफ बढ़ती है और कहती है कुछ कह रहे थे ना तुम वो मैं सुन नहीं पाई जरा फिर से बोलना
वीर - देखो तुम मुझे ऐसे डराया मत करो देखो मारना मत प्लीज तुम मुझे प्यार करने क्यों नहीं देती जब देखो दूर रहती हो सोते टाइम हग भी नहीं करने देती
साक्षी - अच्छा ठीक है दिन भर मुझे खुश रख कर दिखाओ अगर मैं खुश हुई तो बहुत प्यारा हग दूंगी और रात को जैसे तुम चाहो वैसे सोने दूंगी
फिर साक्षी वहा से जाने लगती है और वीर भी उसके साथ चल कर आगे आता है जैसे ही वो दूर गई वीर कहता है बड़ी आई हूं!!!
इधर साक्षी नहाने के लिया चली जाती है और वीर भी अपना काम करने लगता है स्वाति के पास कॉल कर के उसको सब समझा देता है
स्वाति - ओके सर मैं सब संभाल लुंगी आप आराम से जाइए
इधर साक्षी नहा कर के आती हैं और वीर को देखती है जो उसको घूर रहा था और उसके होठ काँप रहे थे
साक्षी - यार मैं तो तुमसे बहुत परेशान हूं अब क्या हुआ है बोलो
वीर - वो वो क्या तुम जींस पहनोगे
साक्षी उसको देखती है ।
वीर -नहीं नहीं कोई बात नहीं मत पहनो मन नहीं है तो
साक्षी - पहन लेती लेकिन मेरे पास नहीं है और जो थी वो अब टाइट आती है
वीर - मैंने लाया है आपके लिए वो पहन लो प्लीज
साक्षी - अच्छा ठीक है अब जाओ तैयार होने दो
वीर - थैंक्यू जान
और फिर वीर वहा से निकल जाता है और थोड़े टाइम बाद साक्षी तैयार हो कर नीचे आती है जिसे देख कर ही वीर देखता रह जाता है
साक्षी - चले अब मुझे देख चुके तो
वीर - थोड़ा सा देख लो तो इतना गुस्सा
साक्षी - पड़ोसी की बीवी नहीं हूं तुम्हारी ही बीवी हूं मैं चलो
फिर दोनो निकल पड़ते है मॉल की तरफ
साक्षी - सुनो मेरे मायके मे कुछ भी नाटक मत करना समझे कोई कुछ भी कहे डान्टे तो सुन लेना चुप चाप
वीर - ही ही ही ही ही मैं सब संभाल लूंगा प्यार करता हूं तुमसे
साक्षी - शायद वहा मैं तुम्हारी मदद ना कर पाऊं तो कुछ भी कांड मत करना वहा तुम मेरा साथ चाहते हो तो मेरे घर वालो के सामने साबित कर देना की मेरे लिया कुछ भी कर सकते हो
वीर - हा ठीक है शायद मैने बीते कुछ दिनों में ऐसा कर दिया है जिससे सब मुझसे नाराज़ है ना
साक्षी - अभी का टाइम देखो पुरानी बात छोड़ो मिटी डालो उसमें
इधर ये दोनो मॉल कब आ गए पता ही नहीं चला और जैसे ही दोनो अंदर आए वीर ने साक्षी को बोला की हम मूवी देखेंगे आज है ना सारे कपल देखते है मूवी अब हमारी पूरी हुर्रे
साक्षी - आज नहीं लेट हो रहा है ना जब वहा से लौट कर आएंगे तो साथ मैं देखा जाएगा और प्रोमिस एक गर्लफ्रेंड और बाय्फ्रेंड की तरह देखने दूंगी
वीर उदास हो कर कहता है कोई बात नहीं जैसे तुमको सही लगे
और साक्षी के साथ चुप चाप चलने लगता है और साक्षी उसका हाथ पकड़ लेती है और वीर अब स्माइल कर के उसके साथ चलने लगता है।
फिर दोनो एक ड्रेस की दुकान पर जाते है
सेल्स गर्ल - मेम क्या दिखाना है आपको
साक्षी - साड़ी मैरिज के लिए
साक्षी फिर वहा साड़ी पसंद करती है और वीर को कहती है तुम भी ड्रेस ले लो अपनी पसंद के जो जो तुम्हे पसंद हो
वीर भी कपड़े ले लेता है और दोनो बिलिंग करवाते है तो सारे ड्रेस देख कर साक्षी हैरान हो जाती है
फिर साक्षी कार मैं वीर से कहती है क्या है ये सब हा
वीर - तुमने ही कहा था जो पसंद हो लेते आना
साक्षी - बहस मत करो मैने तुम्हारे लिया कहा था तुम मेरे लिए सारी ड्रेस ले आए हो क्यो
वीर - मैं इन ड्रेस में तुमको देखना चाहता हूं तो ले आया
इधर वीर और साक्षी घर आते है और तभी साक्षी के डॅड का फोन आ जाता है जो कहते है 5 मिनट मे तैयार रहो आने के लिए
फिर दोनो गांव के लिया साक्षी के घर के लिए निकल जाते है जहा वीर ड्राइव कर रहा था वही साक्षी उदास बैठी थी