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रागिनी- हा दीदी. मेरे प्यारे बेटे ने मुझे माफ़ कर दिया है.
रागिनी लल्लू को अपने बाहों में भर कर उसके गाल को चूम कर बोली.
ऋतु- चलो अच्छी बात है.
लल्लू फिर वहाँ से आ कर मा के कमरे में चला गया.
कमरे में मा बैठी कुछ सोच रही थी.
लल्लू- क्या बात है मा. आप क्या सोच रही हो.
काजल- कहा था तू.
लल्लू- में तो बगीचे में दीदी लोगो के साथ था.
काजल- तुम बुलेट सीखने गये थे.
लल्लू- हा मा बड़ा मज़ा आया. पता है आते वक्त में ही चला कर लाया था बुलेट को. काका तो पीछे बैठे हुए थे.
मा- देख बेटा. तू बुलेट चलाना मत सिख. कही कोई चोट लग गई तो.
लल्लू- मा.. नही लगेगी चोट. मुझे अच्छा लगता है.
मा- तेरे पापा को पता चला तो वो फिर नाराज़ हो जाएँगे.
लल्लू- नही होंगे. जब में आ रहा था बुलेट चलता हुआ तो पापा भी थे दालान पर. वो कुछ नही बोले.
मा बेड से उतार कर लल्लू को बाहों में भर कर सिर पर हाथ फेरती बाहर चली गई.
लल्लू बेड पर जा कर लेट गया.
लेटे लेटे उसे कब आँख लग गई पता ही नही चला.
रागिनी लल्लू को अपने बाहों में भर कर उसके गाल को चूम कर बोली.
ऋतु- चलो अच्छी बात है.
लल्लू फिर वहाँ से आ कर मा के कमरे में चला गया.
कमरे में मा बैठी कुछ सोच रही थी.
लल्लू- क्या बात है मा. आप क्या सोच रही हो.
काजल- कहा था तू.
लल्लू- में तो बगीचे में दीदी लोगो के साथ था.
काजल- तुम बुलेट सीखने गये थे.
लल्लू- हा मा बड़ा मज़ा आया. पता है आते वक्त में ही चला कर लाया था बुलेट को. काका तो पीछे बैठे हुए थे.
मा- देख बेटा. तू बुलेट चलाना मत सिख. कही कोई चोट लग गई तो.
लल्लू- मा.. नही लगेगी चोट. मुझे अच्छा लगता है.
मा- तेरे पापा को पता चला तो वो फिर नाराज़ हो जाएँगे.
लल्लू- नही होंगे. जब में आ रहा था बुलेट चलता हुआ तो पापा भी थे दालान पर. वो कुछ नही बोले.
मा बेड से उतार कर लल्लू को बाहों में भर कर सिर पर हाथ फेरती बाहर चली गई.
लल्लू बेड पर जा कर लेट गया.
लेटे लेटे उसे कब आँख लग गई पता ही नही चला.