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मीनू- भाई चल तुम्हारा कमरा साफ कर दूँ. तुम वहाँ बैठे रहना. तुम जैसा बोलॉगे वैसा सेट्टिंग कर देंगे.
लल्लू- दी अभी कोई जल्दी नही है. आराम से करना उसको. अभी तो मा का हुक्म है की उनके साथ सोया करू जब तक में बिल्कुल ठीक ना हो जाऊ.
मीनू- ठीक है भाई.
लल्लू उठ कर छत पर चला गया और वहाँ चारो ओर टहलने लगा.
कोमल- क्या बात है यहाँ क्यू आ गया.
लल्लू पीछे देखा तो कोमल खड़ी थी.
लल्लू- दी कल आप का भी तबीयत खराब हो गया था.
कोमल- नही तो. तुम्हे बताया तो था, मुझे सर दर्द कर रहा था कल.
तुम ये बताओ की यहाँ अकेले क्या कर रहा है.
लल्लू- दी नीचे बैठा बैठा मन नही लग रहा था तो यहाँ आ गया.
कोमल- चल हमारे साथ अब अभी जब तक तू ठीक नही होता दिन में हम सब के साथ रहना और रात को मा के पास सो जाना.
लल्लू- ठीक है दी.
फिर दोनो नीचे आ गये.
शालिनी- तुम यहाँ हो. में सभी जगह ढूँढ ली तुम्हे.
लल्लू- क्या बात है काकी. क्यू ढूँढ रही थी आप.
शालिनी- चल नाश्ता कर फिर तुम्हे दवाई भी खानी है.
लल्लू बुरा सा मूह बनाता हुआ चल दिया शालिनी के साथ.
फिर नाश्ता और दवाई ले कर लल्लू वहाँ से अपने बहनो के कमरे में आ गया.
सारी बहने लल्लू को चारो ओर से घेर बैठ गई.
सोनम- तो बताओ भाई. आप की क्या सेवा किया जाये.
लल्लू- दीदी मेरा टाँग खिचना बंद करो.
रोमा- भाई क्या हम लोग कोई गेम खेले.
गौरी- हा भाई. बड़ा मज़ा आएगा.
लल्लू- सही कहा. हम कोई गेम खेलते है.
फिर यू ही सब खेलते हुए टाइम पास करने लगे.
शाम में राम एक ब्लॅक कलर का स्कॉर्पियो खरीद कर आ गया.
घर के सारे लोग बाहर आ कर देखने आए.
सब बहुत खुश थे.
लल्लू- दी अभी कोई जल्दी नही है. आराम से करना उसको. अभी तो मा का हुक्म है की उनके साथ सोया करू जब तक में बिल्कुल ठीक ना हो जाऊ.
मीनू- ठीक है भाई.
लल्लू उठ कर छत पर चला गया और वहाँ चारो ओर टहलने लगा.
कोमल- क्या बात है यहाँ क्यू आ गया.
लल्लू पीछे देखा तो कोमल खड़ी थी.
लल्लू- दी कल आप का भी तबीयत खराब हो गया था.
कोमल- नही तो. तुम्हे बताया तो था, मुझे सर दर्द कर रहा था कल.
तुम ये बताओ की यहाँ अकेले क्या कर रहा है.
लल्लू- दी नीचे बैठा बैठा मन नही लग रहा था तो यहाँ आ गया.
कोमल- चल हमारे साथ अब अभी जब तक तू ठीक नही होता दिन में हम सब के साथ रहना और रात को मा के पास सो जाना.
लल्लू- ठीक है दी.
फिर दोनो नीचे आ गये.
शालिनी- तुम यहाँ हो. में सभी जगह ढूँढ ली तुम्हे.
लल्लू- क्या बात है काकी. क्यू ढूँढ रही थी आप.
शालिनी- चल नाश्ता कर फिर तुम्हे दवाई भी खानी है.
लल्लू बुरा सा मूह बनाता हुआ चल दिया शालिनी के साथ.
फिर नाश्ता और दवाई ले कर लल्लू वहाँ से अपने बहनो के कमरे में आ गया.
सारी बहने लल्लू को चारो ओर से घेर बैठ गई.
सोनम- तो बताओ भाई. आप की क्या सेवा किया जाये.
लल्लू- दीदी मेरा टाँग खिचना बंद करो.
रोमा- भाई क्या हम लोग कोई गेम खेले.
गौरी- हा भाई. बड़ा मज़ा आएगा.
लल्लू- सही कहा. हम कोई गेम खेलते है.
फिर यू ही सब खेलते हुए टाइम पास करने लगे.
शाम में राम एक ब्लॅक कलर का स्कॉर्पियो खरीद कर आ गया.
घर के सारे लोग बाहर आ कर देखने आए.
सब बहुत खुश थे.