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Incest बाप खिलाड़ी बेटी महाखिलाडीन (Completed)

रिया गार्डन की बेन्च पर बैठ कर सोच में पड़ी गयी- हे भगवान, डैड रेहाना तक भी पहुँच गए। यह तो बहुत बुरा हुआ। रेहाना जैसी मिडिल क्लास रंडियों पर डैड कहीं अपनी सारी दौलत ही ना लुटा दें। हे भगवान अब मैं क्या करूं, कैसे डैड को रोकूँ?

उधर रमेश अपने कमरे से फ्रेश होकर निकला. वो सीधे किचन में जा कर रति से बोला- जानू, रिया बेटी किधर है?
रति- वह गार्डन में है।
रमेश- गार्डन में! जरा मैं भी गार्डन की फ्रेश हवा लेकर आता हूँ।

रमेश गार्डन में जा पहुँचा. रिया की नज़र अचानक रमेश पर गयी.
रमेश रिया के पास जाकर बोला- क्यों री रंडी? सुबह-सुबह गार्डन की हवा खा रही है।

रिया सीधे मुद्दे पर आते हुए बोली- पापा तुमने रेहाना से भी Xxx कर लिया?
रमेश हँसता हुआ बोला- ओह . तो उस रंडी ने तुझे सब पहले ही बता दिया?
रिया- हाँ डैड, मगर आप ऐसा क्यों कर रहे हो? वह अच्छी लड़की नहीं है।

रमेश- तो क्या तू है अच्छी लड़की?
रिया- वह बात नहीं है डैड, वह एक मिडल क्लास लड़की है. वह आपसे आपके पैसे पाना चाहती है।

रमेश- मेरे पैसे हैं. मैं चाहूं जिस पर उन्हें लुटाऊँ, तुझे उससे क्या? हां, अगर तुझे मेरी दौलत पानी है तो तू हाँ बोल दे और चुद जा मुझसे. बोल पापा Xxx करेगी?
रिया- नहीं।

रमेश- ठीक है मैं तुझे मालामाल कर दूंगा. मुंह मांगी रकम दूंगा, मगर 10 दिन तक तुझे दिन रात चोदूंगा, बोल चुदेगी?
रिया- नहीं।
रमेश- 10 लाख दूंगा। चुदेगी?

इस बार रिया सोच में पड़ गयी- क्या करूं? हां कर दूं? नहीं नहीं . एक ना एक दिन यह सारी दौलत मेरे ही नाम होने वाली है। मगर कहीं डैड ने सारी दौलत रेहाना जैसी रंडियों के आगे लुटा दी तो? नहीं नहीं . वे ऐसा नहीं कर सकते।

रमेश- बोल, चुप क्यों हो गयी?
अचानक ही रिया के मुंह से निकला- हां, मैं तैयार हूं.
रमेश खुश हो गया और बोला- ठीक है, मगर मेरी एक शर्त भी होगी.
रिया- कैसी शर्त?

वो बोला- तुझे पूरे समय घर पर नंगी ही रहना होगा. तू कभी भी, किसी भी समय बिना मेरी मर्जी के एक भी कपड़ा नहीं पहन सकती और तुझे मेरा एक काम भी करना होगा।

जिस दिन मेरा काम पूरा कर देगी उसी दिन तेरा 10 लाख वाला चेक पास हो जाएगा और तू इस ड्यूटी से भी आज़ाद हो जाएगी।
रिया- मुझे क्या करना होगा?

रमेश- तू एक रंडी है तो तुझे रंडी वाला ही काम करना होगा। तुझे एक लड़की को रंडी बनाना होगा और तुझे आज के बाद सिर्फ मेरी रंडी बन के रहना पड़ेगा। तेरे सारे खर्च मैं दूँगा।
रिया- क्या?
रमेश- हां, ठीक सुना तूने। तुझे एक लड़की को रंडी बनाना होगा।
 
रिया- लेकिन आपकी उस लड़की से क्या दुश्मनी है? इससे आपको क्या फायदा होगा?
रमेश- मेरी उससे कोई दुश्मनी नहीं है लेकिन अगर हम लोगों को इस शहर में रहना है तो तुझे ये काम करना ही पड़ेगा. नहीं तो हमारी इज्जत की धज्जियां उड़ जाएंगी।

वो बोली- ठीक है, लेकिन आप ठीक से बताओ. आपकी बात मेरी समझ में नहीं आ रही?
रमेश- ठीक है। देखो मेरे दोस्त से तुम मिल ही चुकी हो, लेकिन उसे पता नहीं है कि तू मेरी बेटी है. जिस दिन उसे पता चल गया और उसने किसी को बता दिया तो हमारा इस शहर में रहना मुश्किल हो जाएगा।

आगे बताते हुए रमेश बोला- उसकी एक ही बेटी है रश्मि। बस तुझे अपनी साथी रंडियों और दलालों से मिलकर रश्मि को एक रंडी बनाना है और मेरे लिए बुक करना है। जिस दिन ये लड़की मेरी बांहों में होगी उस दिन तू फ्री हो जाएगी।

रिया- ठीक है. मुझे मंज़ूर है।
रमेश- आज से ही शुरू करते हैं। चल रूम में चल साली रंडी और नंगी हो जा।

रिया- नहीं यह नहीं हो सकता।
रमेश- तो फिर 10 लाख भूल जा।

रमेश को समझाते हुए वो बोली- मगर मैं घर में नंगी कैसे रह सकती हूं? मां भी तो है!
रमेश- तू उसकी फिक्र मत कर. मैं संभाल लूंगा।

रिया फिर बहाना बनाते हुए बोली- मगर मेरे पीरियड्स के टाइम?
समस्या देख कर रमेश बोला- हम्म . उस समय तू सिर्फ एक छोटी सी पैंटी पहन लेना और उन दिनों की भरपाई तू अगले कुछ दिनों में कर देना। वैसे भी तेरे पास तेरा मुंह और गांड भी तो है, मैं उससे भी काम चला लूंगा.

रिया- अगले कुछ दिनों में से क्या मतलब है आपका? मतलब टाइम से ज़्यादा?
रमेश- हाँ बस तीन चार दिन।
रिया- नहीं, उसके अलग से चार्ज लगेंगे।

रमेश- देख रंडी, यह पीरियड्स तेरी प्रॉब्लम है. तू ही इसे समझ. मैं तुझे पूरे दिनों के पैसे दे रहा हूँ. अगर सिर्फ तीन चार दिनों के लिए तू 10 लाख ठुकरा रही है तो तेरी मर्जी।

रिया डर गयी और बोली- ठीक है, ठीक है, मुझे मंजूर है. मगर मां का क्या?
हंसते हुए रमेश ने कहा- मैंने बोला ना . तू फिक्र मत कर।

फिर रमेश ने अपने फोन में एक नम्बर डायल किया.
रिया सोचने लगी कि कहीं डैड मेरी मां का मर्डर तो नहीं करवाना चाहते! नही-नहीं ऐसा नहीं हो सकता. मेरे डैड इतने जालिम नहीं हो सकते.

तभी दूसरी ओर से किसी ने फोन उठा लिया.
रमेश- हैलो डॉक्टर राकेश।
राकेश- हाँ रमेश, बोल।
रमेश- अरे यार तुझसे कुछ काम है।
राकेश- हाँ बोल यार।

रमेश- यार मैं चाहता था कि रति दिन भर काम करती रहती है. मेरे कितना भी कहने पर वह कोई नौकर भी नहीं रखती। अकेले बहुत थक जाती है यार मुझसे यह देखा नहीं जाता।
राकेश- तो अब क्या मैं तुम्हारे लिए नौकर ढूंढ दूं?
रमेश- अरे नहीं यार, पहले पूरी बात तो सुन।

राकेश- हाँ तो बोल।
रमेश- मैं चाहता हूँ कि वह कुछ दिनों के लिए अपने भाई के पास रानीखेत घूम आये. उसका भी जरा मन बहल जाएगा और आराम भी हो जाएगा।
राकेश- ग्रेट आईडिया . तो भेज दे।
 
रमेश- मगर वह मानेगी नहीं। यार मेरे दिमाग में एक आईडिया है उसमें मुझे तेरी हेल्प चहिये।
राकेश- हाँ बोल।
रमेश- मैं सोच रहा था क्यों न मैं उसकी चाय में नींद की गोली मिला दूं और जब वह बेहोश हो जाए तो तुझे बुला कर उसका झूठा चेकअप करवा दूं।

राकेश- उससे क्या होगा?
रमेश- अरे यार, तू उसे किसी हिल स्टेशन जाने की सलाह दे डालना और मेरा काम बन जाएगा.
राकेश हँसते हुए बोला- साला तू बहुत बड़ा कमीना है. कहीं तू रति भाभी को बाहर भेज कर खुद के मज़े की तो नहीं सोच रहा?

रमेश- यार, बात तो कुछ वैसी ही है।
राकेश- ठीक है, मैं तेरा काम कर दूंगा मगर बदले में मुझे तेरी सेक्रेटरी रीता चाहिए। बहुत दिन हो गए साली को चोदे हुए।
रमेश- डन! तो कल सुबह?
राकेश- ओके डन! बाय।
रमेश- बाय।

रिया मुस्करा कर बोली- वाह क्या आइडिया है!
रमेश- चल रंडी बेटी पहले अपनी मां को नींद की गोली तो दे दे।
रिया- डैड, मगर डॉक्टर अंकल तो कल आयेंगे ना?
रमेश- मेरी रांड बिटिया, पहले माहौल तो बनाना पड़ेगा ना?

रमेश अपने कमरे से नींद की गोली ले आया और बाप-बेटी दोनों ड्राइंग रूम में आकर बैठ गये.
रमेश ने रति को आवाज लगा कर कहा- जानू, चाय ले आना.
रति- जी अभी लायी।

थोड़ी देर के बाद रति दो कप चाय ले कर आई और रमेश और रिया को दे दी.
रमेश- अरे तुम अपने लिए नहीं लायी?
रति- आप लोग पीजिये. मैं बाद में पी लूंग़ी।
रमेश- नहीं, जाओ और अपने लिए भी ले कर आओ।

रमेश के बार-बार ज़िद करने पर रति अपने लिए भी चाय ले आई और बैठ गयी. तभी रिया ने रति को अपनी बातों में उलझा कर उसका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया. रमेश ने चुपके से दो गोली रति की चाय में डाल दीं.

फिर चाय पीते हुए तीनों बातें करने लगे. रमेश और रिया दोनों ही रति की ओर देख रहे थे कि क्या रिएक्शन होने वाला है.
रति बोली- मुझे बहुत काम है. मैं जा रही हूं.
वो उठ कर जाने लगी.

रमेश और रिया हैरान हो रहे थे कि प्लान तो कामयाब होता नहीं दिख रहा. तभी किचन की ओर जाते जाते रति बेहोश होकर नीचे गिर गयी.
थोड़ी देर बाद रति को होश आया और उसने देखा कि वह अपने रूम में अपने बेड पर लेटी है.

रमेश- तुम ठीक तो हो ना? मैं अभी डॉ. राकेश को फ़ोन लगाता हूँ।
रमेश फोन लगाने ही वाला था कि रति ने उसका हाथ पकड़ कर कहा- नहीं, डॉक्टर की जरूरत नहीं है, मैं ठीक हूं.
रमेश- नहीं, मैं तुम्हारी कोई बात नहीं सुनूंगा. आखिर तुम बेहोश कैसे हो गयी?

रति- अरे कुछ नहीं हुआ मुझे. मैं बिल्कुल ठीक हूँ. जाने दो।
रमेश- जाने कैसे दूं?
रति- जानू प्लीज . तुम्हें मेरी कसम।

रमेश रुक गया.
रिया रमेश की ओर देखने लगी.
दोनों ही मंद मंद मुस्करा रहे थे.
 
वो दिन ऐसे ही गुजर गया लेकिन अगले दिन भी यही वाकया हुआ. आज रिया खुद चाय बना कर लाई. उसने खुद ही गोली चाय में डाल दीं. रति फिर से बेहोश हो गयी.

जब उसकी नींद खुली तो उसने खुद को बेड पर पाया मगर इस बार डॉ. राकेश भी वहां मौजूद थे.
रमेश रति से बोला- तुम ठीक तो हो ना?
रति- हाँ मै ठीक हूँ लेकिन पता नहीं मुझे क्या हो जा रहा है कल से!

डॉ राकेश- भाभी जी, मैं तो राय दूँगा कि आप 10-15 दिन किसी हिल स्टेशन पर जाकर रेस्ट कर लीजिए। आपको आराम की जरूरत है।

रमेश- अगर ऐसा है तो फिर ठीक है. मैं कॉल कर देता हूं. तुम्हारे भाई आकर तुम्हें ले जाएंगे क्योंकि उनका घर रानीखेत में है इसलिए तुम्हारी छुट्टी भी हो जाएगी और तुम्हें रेस्ट भी मिल जाएगा. फिर 10 दिनों के बाद मैं तुम्हें बुला लूंगा।

डॉक्टर राकेश अपने घर चला गया और रमेश ने रति के भाई को कॉल कर दिया. रिया के मामा आये और अपनी बहन रति का हालचाल पूछने लगे. सारी बता पता चलने पर वो रति को रानीखेत ले गये.

अब घर पर रिया और रमेश ही रह गये.

रमेश रिया से बोला- देख ले, अब से तू सिर्फ एक रंडी है और तेरा काम मेरी सेवा करना है. इन 10 दिनों में मैं जो कहूंगा वह तुझे करना होगा क्योंकि मैंने तुझे 10 लाख रुपये दिए हैं. जब 10 दिन तू मुझे खुश कर देगी तभी तेरा 10 लाख का चेक पास होगा.

यह कहते हुए उसने चेक रिया को दे दिया और एक एग्रीमेंट भी साइन करवा दिया जिसमें बहुत सारी शर्तें लिखी हुई थीं. रिया ने एग्रीमेंट पेपर पढ़ा जिसमें बहुत सारी गंदी गंदी शर्तें भी लिखी हुई थी.

उसे देख कर रिया ने रमेश से कहा- इसमें तो बहुत सारी गंदी गंदी शर्तें लिखी हुई हैं।
रमेश- देख साली रंडी, तू एक रांड है. तुझे मेरी सारी गंदी गंदी फेंटेसी पूरी करनी पड़ेंगी। मैं फ्री में तुझे 10 लाख नहीं दे रहा. इसके लिए तुझे दुनिया की सबसे बड़ी रंडी भी बनना पड़ सकता है। तुझे ऐसे ऐसे काम भी करने पड़ेंगे जो रंडी भी नहीं कर सकती है। मैं तुझे बताऊंगा कि रंडी की औकात क्या होती है, तुझे रंडी बनने का बहुत शौक है ना? मैं तुझे ऐसी रंडी बनाऊंगा जैसी आज तक किसी ने नहीं बनाई होगी।

रिया- मुझे मंजूर है। मैं आपकी सभी फैंटेसी पूरा करूँगी लेकिन मुझे टाइम चाहिए।
रमेश- ठीक है। अब से तेरा काम शुरू हो जाता है. तुझे धीरे धीरे एक-एक करके अपने कपड़े उतारने हैं और मैं तेरा वीडियो बनाऊंगा. मेरा जब मन करेगा, जैसे मन करेगा वैसे तुझे चोदूंगा और उसका वीडियो भी बना सकता हूं. मैं तुझसे जो बोलूंगा वह तुझे करना पड़ेगा।

रमेश- चल अपने कपड़े उतार और कुतिया बन जा. फिर कुतिया की तरह चलकर इधर आ।
रिया कुतिया की तरह चलकर रमेश के पास आ गयी. रमेश ने अपने दोनों पैर जूते समेत रिया की पीठ पर रख दिये. कुछ देर रेस्ट करने के बाद रमेश ने अपने सारे कपड़े निकाल दिये और रिया को अपना लंड चूसने का इशारा किया.
 
रिया कुतिया बने हुए ही अपने बाप का मोटा लंड अपने मुँह में भरकर चूसने लगी.
रमेश- आह साली रंडी . चूस साली कुतिया. आह्ह कितना गर्म मुंह है तेरा . चूस साली रांड.. कितना मस्त लंड चूसती है तू . आह्ह चूस जा पूरा.
रिया- आह डैड . तुम्हारा लंड कितना मस्त है! बहुत मजा आता है मुझे इसे चूसने में . आह्ह . उम्म . मच . मच . अम्म . आह्ह।

रमेश रिया के पास गया और उसके बालों को आगे से खींच कर उसके होंठों पर अपने होंठ लगा दिये और उनको किस करने लगा. थोड़ी देर चूमने के बाद रमेश ने रिया को अलग किया और आगे से उसकी दोनों चूचियों को पकड़ कर मसलने लगा. फिर झुक कर उसके बूब्स चूसने लगा.

फिर रमेश ने सीधे रिया को बेड पर झुका दिया. रिया ने झुक कर अपनी गांड को रमेश के सामने कर दिया और गांड का छेद खोल कर रमेश को दिखाने लगी. रमेश रिया की गांड को चाटने लगा. फिर अपनी जीभ निकाल कर रिया की गांड और चूत को चाटने लगा.

अपनी गांड और चूत चटवाते हुए रिया भी मज़े में सिसकारी लेने लगी- आह्हम . आआ . डैड . ओह्ह . माय गॉड . आआऊ . अम्म . ओह्ह जोर से।

कुछ देर ऐसे ही चाटने के बाद रमेश खड़ा हुआ और अपने लंड पर थूक लगा कर उसने रिया की गांड में लंड को लगा दिया और एक धक्के के साथ अपना लंड रिया की गांड में पेल दिया.

अचानक लगे धक्के से रिया दर्द से चीख पड़ी और कराहने लगी- आईई या . मर गयी . ऊईई मां . आह्ह डैड आराम से करना था. एक ही बार में पूरा घुसा दिया.

रमेश- साली ज्यादा नाटक मत कर. तेरी ये गाडं पूरे लंड के लंड खा जाती है. चुपचाप चुद मेरे लंड से। मैं तुझे फ्री में नहीं पेल रहा हूं. तुझे पूरी कीमत दे रहा हूं. इसलिए अपनी गांड को थोड़ी ढीली रख.

वो जोर जोर से धक्के लगाते हुए रिया की गांड को चोदने लगा. रिया भी अब मजे से सिसकारियां लेते हुए चुद रही थी. कुछ देर ऐसे ही अपनी बेटी की गांड चुदाई करने के बाद उसने लंड को बाहर निकाल लिया और उसके मुंह में लंड दे दिया. रिया अपने घुटनों पर होकर उसके लंड को जोर जोर से चूसने लगी.

रमेश ने रिया के बाल पकड़ कर उसको ऊपर उठाया और फिर उसे धकेल कर नीचे फर्श पर गिरा दिया. फिर वो खुद भी नीचे लेट गया. रिया अब उसके तोप की तरह खड़े लंड पर बैठ गयी और उसने अपनी गांड में उसका लंड पूरा का पूरा अंदर ले लिया.

बाप का लंड गांड में लेकर वो उस पर जोर जोर से उछलने लगी और मस्त सिसकारियां लेने लगी- आह्ह यसस्स डैडी . उफ्फ तुम्हारा लंड डैडी, मुझे चुदने में बहुत मजा आ रहा है . आह्ह ओहह् याहहह . हम्म . वाह्हह . फक मी हार्ड डैडी।

रमेश- हां साली कुतिया . क्या मस्त गांड है तेरी . आह्ह चोद चोद कर गुफा कर दूंगा इसकी . आह्ह चुद साली रांड।
रिया लगातार रमेश के लंड पर उछलती रही और ऐसे ही 15 मिनट तक ये चुदाई चली.
 
अब रमेश झड़ने के करीब पहुंच गया. उसने लंड को निकाला और रिया को नीचे पटक कर उसके मुंह के पास लंड को लाकर जोर जोर से मुठ मारने लगा- आह्ह साली कुतिया . आह्ह ये ले रंडी . आह्ह सस्स . आह स्स्स . करके वो तेज तेज मुठ मारने लगा.

कुछ पल बाद रमेश के लंड से वीर्य छूटने को हुआ तो उसने रिया के मुंह में लंड दे दिया और सारा माल उसके मुंह में भर दिया जिसे रिया गटक गयी. रमेश रिया के बदन पर ही ढेर हो गया.

रिया- डैड, बहुत ही टेस्टी है आपका वीर्य।
रमेश- तुझे पसंद आया?
रिया- अरे ऐसे कैसे पसंद नहीं आएगा? क्या मॉम को पसंद नहीं है?

रमेश- अरे उसे तो बहुत पसंद है मेरा वीर्य. पूरा पी जाती है. मगर साली गांड नहीं मारने देती है.
रिया- कोई बात नहीं डैड . आपकी बेटी है न? जितना मन करे उतना मेरी गांड मारो। माँ की कमी मैं पूरी करूँगी।

रिया- डैड, अपनी बेटी रिया को चोद कर कैसा लगा?
रमेश- यह भी कोई पूछने वाली बात है? तेरे जैसी बेटी भगवान सबको दे।
उस रोज रमेश ने चार बार रिया को अपने मनचाहे पोज में चोदा. रिया की चूत और गांड को चोद चोद कर उसने सुजा दिया.

फिर दोनों थक कर एक दूसरे से लिपट कर सो गये.
 
सुबह के वक्त रमेश और रिया उठे. नाश्ते के बाद वो दोनों फिर से तैयार थे। रमेश ने रिया को पूरा नंगी कर दिया और खुद भी सिर्फ अंडरवियर में था।

रमेश रिया को पीछे से जकड़े हुए अपना लौड़ा अंडरवियर से बाहर निकाल कर रिया की गांड पर रगड़ने लगा। रिया को अपनी गांड पर अपने पिता का चुभता लौड़ा बहुत मस्त लग रहा था। उसका एक हाथ रमेश के लौड़े को अंडरवियर के ऊपर से ही महसूस करने लगा।

फिर रमेश ने रिया को झटके से अपनी ओर घुमा लिया। रिया की गांड की दरार में उसने उंगली घुसा दी. ऊपर से वो रिया के अंगूर समान निप्पल को मुंह में रखकर चूसने लगा।

रिया को अपनी चूचियों को चुसवाने में बड़ा मजा आ रहा था। वो अपनी चूची को उठा उठाकर अपने डैड के मुंह में देने लगी।
रमेश उसकी चूचियों को पूरे आनंद से चूस रहा था।

रिया सिसकारने लगी- आआआ . आआहह . डैड . चूस . स्सो.. ऊफ़्फ़ . आआहह . खूब चूसो। बहुत . अच्छा लग रहा है।
रमेश ने उसके आनंद को बनाये रखा और खूब चूसा।

रिया की बुर से पानी लगातार बह रहा था। रमेश ने उसकी दोनों चूचियों को खूब चूसा। रिया रमेश के लण्ड को सहला रही थी।

उसके बाद रमेश ने अपना अंडरवियर उतारना चाहा तो रिया ने उसे रोक दिया। वो खुद ही सिंक के पास फर्श पर घुटनों के बल बैठ गयी। रमेश के लण्ड को अंडरवियर के ऊपर से ही चाटने लगी। वो उसके लण्ड की खुशबू सूंघ रही थी।

रमेश का अंडरवियर रिया ने अपने थूक से गीला कर दिया। फिर उसने रमेश के लण्ड को अंडरवियर से बाहर निकाला। रमेश ने अंडरवियर को फिर निकाल ही दिया।

रिया ने अपने डैड के लण्ड को अपने चेहरे पर लगा कर उसके साइज को नापा. लगभग पूरा चेहरा लंड की लंबाई से कवर हो गया। रिया हंस रही थी.
वो बोली- डैड हमारे चेहरे के बराबर है आपका लण्ड।
रमेश- इसी ने कल रात तुम्हारी चुदाई की थी. अब खूब चुदोगी इससे!

रमेश के लण्ड को रिया ने अपने मुंह में भर लिया। रमेश को लण्ड चुसवाने का बहुत अनुभव था। रिया ने बिल्कुल वैसे ही चूसना शुरू किया जैसे ब्लू फिल्मों में करते हैं।

रिया ने उसके लण्ड को पूरा थूक से नहला दिया। उसका थूक रमेश के लण्ड से धागों की तरह लटकता हुआ टपक टपक कर नीचे गिर रहा था. वो पूरा मन लगा लगा कर अपने पापा के लण्ड को चाट रही थी।

कभी लण्ड के सुपारे को जीभ से रगड़ती और चूसने लगती। लण्ड के छेद को जीभ से छेड़ती। फिर लण्ड पर थूक कर अपने हाथों से मलती और फिर लण्ड को मुंह में भरकर चूसने लगती।
 
रिया चूसते हुए बोली- डैड तुम्हारा लण्ड बहुत मस्त है। एकदम कड़क है. आह्ह . अम्म . ओम्म . आह्ह . चप . चप .
करते हुए वो लंड को चूसती रही.
रमेश कुछ नहीं बोल पा रहा था. उसके मुंह से केवल आनंद के सीत्कार निकल रहे थे- आह्ह . हाय . अम्म . आह्ह . आह्हा .कमाल की चुसक्कड़ हो बेटी।

रिया ने फिर रमेश के लण्ड को पूरा मुंह में घुसा लिया और रमेश को देखती रही। मुंह में लण्ड होने की वजह से उसके गाल फूल गए थे। वो तिरछी नज़रों से रमेश को देख रही थी। कुछ देर वैसे ही रुकने के बाद उसको उबकाई आयी और पूरा लण्ड बाहर आ गया।

लौड़ा पूरा थूक से सन चुका था। रिया की आंखों में इस वजह से आंसू थे और हांफ रही थी।
रिया ने रमेश को देखा और कहा- इसे गैगिंग कहते हैं डैड। मैंने ऐसा खीरे के साथ कई बार किया हुआ है और अब लंड के साथ कर रही हूं.

रमेश ने जोश में कहा- हाँ, पता है मुझे. मैं भी इस क्रिया का बहुत फैन हूं. तुम बहुत मस्त कर रही हो. बिल्कुल ब्लू फिल्म की रंडियों की तरह।
रिया- डैड चुदाई का मज़ा तो गालियों के साथ ही आता है। मुझे गालियों से कोई ऐतराज नहीं है. आपका मन करे तो गाली भी दो.
ऐसा कह कर रिया ने फिर से रमेश के लंड को मुंह में भर लिया.

रमेश- क्या बात है साली रंडी! मेरे मुंह की बात छीन ली, आज से तू मेरी रंडी है साली। अब तू बेटी से रंडी बन गयी है।

रिया लण्ड चूस रही थी. तब रमेश ने उसके बालों का गुच्छा बनाकर कसकर पकड़ लिया जिससे उसके बाल हल्के खिंच रहे थे।

तब उसने लण्ड को बाहर निकाल लिया. रिया का मुंह अभी भी खुला था. रमेश ने उसके खुले मुंह में थूक की गेंद बनाकर फेंक दी.
रिया ने उसे अपने डैड को दिखाते हुए पी लिया और बोली- और थूको डैड। प्लीज और दो।
उसने मुंह खोल दिया।

रमेश ने फिर वैसे ही किया। इस बार भी रिया ने वही किया। वो सारे थूक को मस्ती से चाट कर अंदर पी गयी.
रमेश- रिया तुम कितनी बड़ी रंडी हो, मुझे तो विश्वास नहीं हो रहा है कि मेरी बेटी के अंदर इतनी बड़ी रंडी रहती है।

रमेश अपना लण्ड रिया के मुंह पर रगड़ने लगा। उसके पूरे चेहरे को अपने लण्ड पर लगे थूक से भिगो दिया। रिया को ये बहुत ही उत्तेजक लग रहा था।

कुछ देर उसके चेहरे पर ऐसा करने के बाद उसने रिया को बालों से पकड़कर किचन की दीवार से लगा दिया, जिससे वो पीछे पूरी तरह से चिपक गयी. अब वो और पीछे नहीं जा सकती थी।

रमेश ने रिया के मुंह में लौड़ा डाल दिया। रिया का मुंह पूरा उसके लौड़े से भर गया।

रिया के मुंह को रमेश बेरहमी से चोदने लगा। रमेश ठोकर मारता तो उसके आंड रिया की ठुड्ढी और होंठों से टकरा जाते थे। रिया की आंखें बिना पलक झपकाए रमेश की आंखों को निहार रही थीं।
 
गर्मी की वजह से दोनों पसीना पसीना हो चुके थे। मगर दोनों में से कोई भी रुकने का नाम नहीं ले रहा था। रमेश लौड़ा निकालता और उस पर लगा थूक रिया के चेहरे पर मल देता। रिया के मुंह से थूक के धागे बन बनकर फर्श पर गिर रहे थे।

रमेश- क्यों रंडी बेटी? मज़ा आ रहा है चुदाई में?
रिया सिर्फ हल्का सिर हिलाकर- गूँ-गूँ . गूँ-गूँ . गूँ-गूँ.. गूँ . गों गों करके जवाब दे रही थी।

फिर रमेश ने रिया को बालों से पकड़े हुए ही उठाया और उसे पकड़ कर किचन से बाहर ले आया।
रमेश कामुकता से बोला- क्या मस्त रंडी छुपी थी इस घर में और मैं ब्लू फिल्में देखता था। सच में लड़की में त्रियाचरित्र के गुण होते ही हैं। साली ऊपर से ढोंग रचती है पवित्र होने का और अंदर से उतनी बड़ी रांड के गुण छुपाये रहती है।

फिर रमेश रिया को अपने कमरे में ले गया और उसको बिस्तर पर धकेल दिया।

रिया- अब क्या करोगे डैड?
वो मुस्कुराते हुए कामुकता से बोली।
रमेश- तुम्हारी चूत का स्वाद चखना है। चल अपना पैर फैलाकर चूत को खोल साली कुतिया।
रिया- वाह डैड, तुम मेरी चूत को चूसोगे, आ जाओ। इस चूत को और गर्म कर दो. अभी तक कितनों ने चूसा है इसको, आज आप भी स्पेशल चुसाई कर डालो मेरी गर्म गर्म तपती हुई चूत की। आह्ह चूस लो डैडी।

रमेश ने रिया की टांगों के बीच में जगह बनाई और बैठ गया। उसने रिया के करीब आकर उसकी चूत को पहले सूँघा। सूंघने से उसमें चूत की सौंधी सी खुशबू आ रही थी।

रिया की चूत गीली हो चुकी थी। उसमें से लसलसा पदार्थ बह रहा था जो कि चूत को चिकना कर रहा था. चूत की दोनों फाँकों को रिया ने अलग कर रखा था। अंदर सब गुलाबी गुलाबी था।

फैलाने से चूत का छेद हल्का हल्का दिखाई दे रहा था. उसने चूत के ऊपर थूक दिया और उस पर खूब मल दिया। उसने करीब 5 - 6 बार थूका। फिर चूत की चुसाई में लग गया।

उसने जीभ से चूत की लंबी चिराई को सहलाना शुरू किया और अपने दायें हाथ की मध्य उंगली उसकी चूत में घुसा दी।
रिया चिहुंक उठी- ऊफ़्फ़ . आआहह.. ऊईईईई . आआहह . आऊऊ डैड बहुत अच्छा लग रहा है।

उसके हाथ रमेश के सर के पीछे थे जो रमेश को चूत की तरफ लगातार धकेल रहे थे।
रमेश तो रिया की रसीली चूत चूसने में तल्लीन था। रमेश के मुंह से केवल लप लप लप लप लप . लुप-लुप . सुनाई दे रहा था।

रिया कामुकता से लबरेज़ अब बकते जा रही थी- डैड और चूसो . खूब चूसो . आआहह ऐसे ही . ऊफ़्फ़ . ऊउईईई मर गयी . आह्ह डैडी . चूसते रहो . आह्ह मा . आह्ह ओह्ह।

रमेश की उंगलियां उसकी चूत की गहराई में उतर रही थी। रमेश कभी उसकी चूत के दाने को चूसता, कभी दांतों से हल्का काट लेता। ऐसा करके वो रिया को चरम सुख की ओर ले जा रहा था।

तभी रिया ने उसके सर को अपनी जांघों के बीच में जकड़ लिया और दोनों हाथों से उसके सर को चूत पर धकेलने लगी।
एक चीख उसके मुंह से फूटी- आहहह आईईई . आह्हह .हाहह . गईईई .
करके वो जोर से चिल्लाई और फिर निढाल हो गयी.
 
रिया ने अपने बाप को अपनी बांहों में भर लिया।
रमेश बोला- बिना लण्ड लिए ही झड़ गयी साली रंडी?
रिया ने अपने डैड के सर को पकड़ लिया और चूमने लगी। अब रमेश रिया के ऊपर लेटा था।

एक हाथ से रिया ने रमेश के लण्ड को पकड़ लिया और सहलाने लगी। रमेश ने रिया की आंखों में देखा. वो मदहोश हो चुकी थी।

रमेश ने रिया को खड़ी होने के लिए कहा और खुद उठकर बैठ गया। उसने रिया की नाभि को चूमा और उसमें जीभ घुसाकर चाटने लगा। रिया खड़ी खड़ी आहें भर रही थी।

वो अपने दोनों हाथ रमेश के कंधों पर रखे हुए थी। उसकी आंखें बंद थीं और भवें कामुकता से तनी हुई थीं। रमेश ने रिया की चूत में उंगली घुसा रखी थी. वो रिया की चूत में तेजी से उंगली चला रहा था.

रिया इतनी गर्म हो गयी कि उसकी सिसकारियां कमरे की दीवारों को जैसे तोड़ने पर उतारू हो गयीं.
रमेश- बेटी इस समय क्या मस्त लग रही हो तुम। मन कर रहा है, तुमको हमेशा ऐसे ही देखूं, रुको कैमरा लाता हूं.

रमेश को रोकते हुए रिया बोली- नहीं डैड अभी नहीं, प्लीज बाद में . इस वक़्त तो मुझे तुम्हारा लौड़ा चाहिए। मैं बहुत चुदासी हो गई हूं. उफ़्फ़ . कितना अच्छा लग रहा है. लौड़ा डालोगे तो और मज़ा आएगा। हाय . डैडी मेरी चूत को चोद दो ना प्लीज.. आपकी रंडी बेटी की रिक्वेस्ट है.. डैडी प्लीज चोद दो मुझे।

रमेश- तेरा यही एक्सप्रेशन तो चाहिए साली रंडी। बस तुरंत आ जाऊंगा और जितना चाहेगी उतना पेलूँगा तुमको। रमेश ने उसकी चूत से उंगली निकाली और चाट गया।

रिया इतनी चुदासी थी कि वो अपने अंग अंग को खुद ही सहला रही थी। रमेश फौरन अपने कमरे में गया और अलमारी से कैमरा ले आया। रिया खड़ी खड़ी अपनी चूत को सहला रही थी। रमेश ने उसको बिना बताए कुछ फ़ोटो ली उसी अवस्था में। फिर उसने रिया को सोफे पर लेट कर छत की ओर देखने को कहा.

वो सोफे पर लेट गयी. रमेश ने उसे सर को सोफे के हैंडल पर रखने को बोला. उसके बाल समेटकर बाहर लटका दिए। फिर रिया ने एक हाथ से अपनी चूत को फैला दिया और दूसरे हाथ की पहली उंगली मुंह में दबा ली.

पोज देख कर रमेश बोला- परफेक्ट!
रिया- डैड जल्दी से मुझे लंड दे दो. ये फोटो बाद में भी ले सकते हैं. मैं लंड लिये बिना नहीं रह सकती हूं. जैसा तुम कहोगे वैसा करूंगी. बस मुझे एक बार चोद दो डैडी।

रमेश- साली रंडी . तेरे चेहरे पर अभी जो चुदने की प्राकृतिक लालसा है, जितनी चुदासी तू हो रही है लण्ड लेने के लिए, जो तुम्हारे मन की प्यास है, ये बहुमूल्य भाव तुम्हारे चेहरे पर किसी गहने की तरह तुम्हारी अंदर की रांड को निखार रहे हैं।

कहते हुए रमेश ने 4-5 तस्वीरें क्लिक कीं। रिया अपनी बुर को रगड़ते हुए भिन्न भिन्न मुद्राओं में तस्वीर खिंचवा रही थी। रमेश उसकी नग्नता को तस्वीरों में कैद कर रहा था।
 
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