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Incest परिवार मे प्यार बेशुमार

राज को देखकर उसके मामा और मामी बड़े खुश होते है ..खाना वाना खाकर राज कमरे में आराम करने लगता है ...

रात के 9 बज रहे थे

राज अपने मोबाइल में 12 बजे का अलार्म लगा

आँखे बंद करके लेट जाता है ...

उधर मम्मी के रूम में अदिति भी बिल्कुल राज की तरह अपने मोबाइल में 12 बजे का अलार्म सेट करती है ..और रिंग की जगह फोन में वाइब्रटर टोन सेट करके लेट जाती है ...

मगर राज और अदिति को ये मालूम नही था

की उनसे पहले छत पर कोई और भी रात गुज़ारने की प्लानिंग कर चुका है ....

जेसे ही रात के 12 बजते है राज और अदिति आहिस्ता से उठकर छत पर पहुच जाते है ...

मगर राज और अदिति को ऊपर पहुचते ही अज़ीब सी आवाज़े आने लगती है....

आअहह ऊओह उउउफफफफफफफ्फ़ आअहह बभ्ाऐइय्ाआआअ

दोनो को सिसकारियों की आवाज़े सुनकर लगता है कमरे में कोई सेक्स कर रहा है ....

राज ... ओह शीट .. गई भेंस पानी में. अंदर तुम्हारे मम्मी पापा सेक्स कर रहे है ...

अदिति...मगर राज मम्मी तो नीचे सो रही है ...

राज ..क्या बात कर रही हो अदिति..अगर तुम्हारी मम्मी नीचे है तो फिर अंदर कौन है ...

अदिति... राज बुआ कमरे में नही है ..

अदिति की बात सुनकर राज को गुस्सा आ जाता है ...

राज ..क्या बकवास कर रही हो अदिति..कहने से पहले एक बार सोच तो लेती तुम..

मेरी मम्मी के बारे में बात कर रही हो ...

राज का गुस्सा देख अदिति खामोश हो जाती है ...

फिर भी दोनो को उत्सुकता हो रही थी ..आख़िर

कमरे के अंदर कौन कौन है ..

राज दरवाज़े के पास जाकर अंदर झाँकने की कोशिश करता है..मगर दरवाज़ा अंदर से लॉक था..

और कोई झिर्री भी भी दिखाई नही दे रही थी ..जिससे अंदर देख सके ...

तभी अदिति को ध्यान आता है रूम के पीछे वाली साइड में एक विंडो है ..

अदिति राज को इशारा करते हुए अपने पीछे पीछे आने को बोलती है ...

राज चुप चाप अदिति के पीछे पीछे चल पड़ता है

अदिति रूम के पीछे विंडो के पास पहुचती है ..

विडो खुली थी मगर अंदर से परदा डाला हुआ था ...

राज बिल्कुल अदिति के पीछे खड़ा था..जिससे राज का लंड अदिति को अपनी गान्ड की दरार में सॉफ महसूस हो रहा था ...

अदिति आहिस्ता से विंडो का परदा हटा कर अंदर झाँकती है ...

अदिति की नज़र अपने पापा के ऊपर पड़ती है ..

जो इस वक़्त बिल्कुल नंगे अपने लंड को डॉगी स्टाइल

बनी चूत में अंदर बाहर कर रहे थे ..

अदिति को सिर्फ़ अपने पापा का चेहरा ही दिखाई दे रहा था..डॉगी स्टाइल में कौन है ये अदिति को नज़र नही आ रहा था ...

आअहह ऊओह ययईसस्स्स्स्स्स्स्सस्स

उूउउइम्म्म्मममममममममममममम

मगर अदिति को के कानो में आवाज़ ज़रूर आती है ...

अदिति को ये आवाज़ बिल्कुल बुआ की लग रही थी ...

अदिति आहिस्ता से राज से कहती है ..

अदिति.. राज अंदर बुआ है ..

राज को अब भी यक़ीन नही होता और राज अदिति को हटा खुद अंदर देखने लगता है ...

राज को भी अजय मामा ही दिखाई देते है ...

जो सटासट चूत में धक्के मार रहे थे ...

ये देखकर राज फिर से अदिति से कहता है ...

राज ... अदिति तुम्हे ग़लत फहमी हो रही है

अंदर तुम्हारे मम्मी पापा ही है ...

अदिति को लगता है कुछ भी कह लू राज को यक़ीन नही आयेगा ..इसलिए अदिति राज का हाथ पकड़ राज को अपने साथ नीचे कमरे में ले आती है ..

जहा सिर्फ़ अदिति की मम्मी ही सो रही थी ..

राज की मम्मी सुषमा बिस्तर से गायब थी ...

राज के तो जेसे अदिति की मम्मी को कमरे में देखकर पैरो तले ज़मीन खिसक गई थी ...

राज को बिल्कुल यक़ीन नही आ रहा था..

उसकी मम्मी ये सब कर सकती है .......

राज के तो होश उड चुके थे...

शटेचु की तरह अदिति से बिन कुछ राज अपने रूम में चला जाता है ...

..अदिति की चूत में खुजली हो रही थी राज से चुदने के लिए ....

मगर राज को ऐसा झटका लगा था की वो अदिति को चोदना ही भूल गया..

जिस वजह से अदिति राज को जाने से रोक ना सकी...

झटका तो अदिति को भी लगा था ..मगर अदिति से ज़्यादा असर राज पर हो रहा था ...

राज बिस्तर पर लेटा अपनी मम्मी के बारे में ही सोच रहा था ...
 
राज ने जबसे होश सम्भाला था ..

तब से राज को पापा से ज़्यादा प्यार अपनी मम्मी

से मिला था ..

राज के लिए सुषमा एक आदर्श थी. ...

राज की हर मुश्किल हर परेशानी को उसकी मम्मी ने चुटकी में हल किया था .....

ऐसी प्यारी छवि बनाई हुई थी राज ने अपने दिल में.. ....

राज की आँखो से नींद कोसो दूर भाग चुकी थी.

बार बार राज को अपनी आँखो के सामने अजय मामा का लंड ही दिखाई दे रहा था..जो उसकी मम्मी की चूत में आते जाते हुए अंदर बाहर हो रहा था .. ...

राज बिस्तर पर बार बार करवट बदलते हुए सोने की कोशिश कर रहा था ...मगर मम्मी की चुदाई के सीन राज को सारी रात परेशान करते रहे .......

राज सुबह जल्दी उठता है नहा कर फ्रेश होता है ..

और वापस चलने की तैयारी भी करने लगता है ...

अजय मामा राज को तैयार होते देख ...

अजय मामा ... राज बेटा इतनी जल्दी जाने की तैयारी जा रहे हो ....

राज .. हा मामा मुझे आज जल्दी जाना पड़ेगा क्यूँकी मुझे कंपनी भी जाना है ....

तभी अदिति की मम्मी बोलती है .....

सविता..... ऐसे कैसे चले जाओगे राज बिना खाना खाये.. में खीर पूरी बना रही हूँ

बिना खाये तो जाने नही देंगे ...

मामी की ज़िद के आगे राज को झुकना पड़ता है ..

राज की मम्मी को तो वैसे ही जाने की कोई जल्दी नही थी ..मामी भी खाना बनाने में दिन के 2 बजा देती है ..

और राज को घर से निकलने में शाम हो जाती है

राज अपना बेग गाड़ी में रखता है ...

अदिति खामोश खड़ी राज को जाते हुए देख रही थी...

राज सबको बाइ बोलता है ...

सुषमा भी अपने भाई से विदा लेती है ...

सुषमा... अच्छा भैया चलती हूँ फिर आउन्गी...

...

थोड़ी देर बाद राज अपनी मम्मी को लेकर वापस

नोएडा के लिए निकल पड़ता है ...
 
रास्ते में सुषमा राज से पूछती है ...

सुषमा... क्या बात है बेटा ..सुबह से देख रही हूँ

बड़ा चुप चुप सा लग रहा है ...

राज ... कुछ नही बस यहाँ रात नींद नही आई...

सुषमा...ऊहह ये बात है ..तेरी तबीयत तो ठीक है बेटा ...

राज ... हा ठीक है मम्मी ...

राज फिर से खामोशी से गाड़ी चलाने लगता है ...

राज को गाड़ी चलाते हुए एक घंटा हुआ था ..की आगे चलने के बाद रोड पर बहुत जाम लगा हुआ था ......

जाम देखकर राज ....

राज ... ऊओह श्िीीत

सुषमा... क्या हुआ बेटा

राज ... पता नही मम्मी आगे बहुत जाम दिख रहा है ...

राज को पता चलता है एक ट्रक का आक्सिडेंट हो गया था जिससे ये जाम लग गया .....

जाम में खड़े खड़े काफ़ी रात हो चुकी थी ....

राज रात भर सो भी नही पाया था जिससे राज की आँखे बार बार झपक रही थी सुषमा की नज़र राज पर पड़ती है ...

सुषमा... राज बेटा लगता है तुम्हे नींद आ रही है

गाड़ी कैसे चलाओगे ...

राज अपनी मम्मी को बोलता है ...

राज ... नही मम्मी में चला लूँगा ...

सुषमा...नही बेटा नींद में गाड़ी चलना बहुत बड़ा रिस्क है ...ऐसा करते है आज रात किसी होटल में रुक जाते है..सुबह सवेरे सवेरे निकल जाएँगे ...

राज को भी लगता है अब उससे नींद की वजह से गाड़ी नही चलेगी ..

इस वजह से राज अपनी गाड़ी घुमा लेता है ...

और किसी अच्छे से होटल को तलाश करने लगता है ....

तभी राज की नज़र एक होटल पर पड़ती है और राज अपनी

गाड़ी उसी होटल में ले जाता है ....

गाड़ी खड़ी करके राज और सुषमा रिसेप्षन पर पहुचते है ...

रिसेप्षन पर एक खूबसूरत लड़की बैठी हुई थी ...

राज ... एक्सक्यूँस मी में हमे एक रूम चाहिए ..

लड़की राज की तरफ मुस्कुराते हुए ..

रेसेप्सनिस्ट.. सर बस एक सिंगल रूम ही खाली है ...

राज ... ओह्ह्ह

तभी सुषमा बीच में बोल पड़ती है ...

सुषमा... वही चलेगा मेडम ..

लड़की सुषमा को ऊपर से नीचे तक देखती है ...

सुषमा का सेक्सी जिस्म देखकर रेसेप्सनिस्ट लड़की को लगता है ..जेसे सुषमा राज को यहाँ अपनी सेक्स की आग बुझाने लाई है ...
 
सुषमा का सेक्सी जिस्म देखकर रेसेप्सनिस्ट लड़की को लगता है ..जेसे सुषमा राज को यहाँ अपनी सेक्स की आग बुझाने लाई है ...

लड़की ..चलिए मेम आपको रूम दिखाती हूँ ...

लड़की राज और सुषमा को उनके रूम तक पहुचती है ..

रूम में पहुचते ही राज लोवर बनियान लेकर फ्रेश होने बाथरूम में घुस जाता है ...

थोड़ी देर में राज नहाकर निकलता है ...

सुषमा भी अपनी नाइटी निकाल कर नहाने

के लिए बाथरूम जाने लगती है...

सुषमा..राज जब तक में फ्रेश होती हूँ तुम नीचे कॅंटीन में चाय बोल आओ ..

राज ... जी मम्मी

राज मम्मी के लिए चाय लेने चला जाता है ..

सुषमा अपनी नाइटी लेकर बाथरूम में घुस जाती है ...

राज नीचे रिसेप्षन पर पहुचता है

लड़की... क्या चाहिए सर

राज ... चाय मिलेगी मेंम

लड़की.. जी सर यहाँ चाय दूध सब मिलता है...

दूध का सुनकर..

राज ..अच्छा फिर एक ग्लास दूध भी दे दीजिए..

लड़की.. 2 मिनिट बैठिए सर...

राज चुप चाप एक टेबल पर जाकर बैठ जाता है ...

लड़की को जाने क्या सूझता है राज के दूध में वियाग्रा टॅबलेट डाल देती है ..

राज गटागट दूध पी जाता है ..

और मम्मी के लिए एक कप चाय लेकर वापस रूम में आ जाता है ...

तभी बाथरूम से मम्मी भी नहा कर बाहर निकलती है ...

मम्मी ने नाइटी के नीचे शायद ब्रा नही पहनी थी जिससे मम्मी की चुचियों के दोनो निप्पल राज को सॉफ महसूस हो रहे थे ...

सुषमा.. चाय ले आया बेटा..\

राज जल्दी से अपनी नज़रे वहाँ से हटाता है ...

सुषमा राज के हाथ से चाय का कप ले लेती है ...

सुषमा.. अपने लिए नही ली

राज ... में नीचे दूध पी आया

राज की नज़र ना चाहते हुए भी बार बार

अपनी मम्मी की छाती पर जा रही थी...

चाय पीकर सुषमा राज से लाइट ऑफ करने को बोलती है.. और बॅड पर एक साइड करवट लेकर लेट जाती है

राज भी लाइट्स बंद करके अपनी मम्मी के बराबर में लेट जाता है ...

मगर अभी राज को लेटे हुए 10 -15 मिनिट ही हुए थे की राज पर वियाग्रा का असर शुरू हो जाता है .....
 
सिंगल बॅड होने के कारण सुषमा राज के लिए जगह बनाते हुए बॅड पर एक साइड होकर लेटी थी ...

बिस्तर पर लेटे हुए राज को फिर से अपनी मम्मी और अजय मामा का सेक्स याद आ जाता है ...

राज को अपनी मम्मी पर गुस्सा भी आ रहा था ये सब करते हुए उन्हे ज़रा भी शरम नही आई ..

मम्मी के बारे में राज ये सोच ही रहा था की राज को अपना प्यार याद आ जाता है..

वो भी तो डॉली दीदी को बेपनाह प्यार करता है ..

और दीदी के साथ यही सब करना चाहता है ...

राज को दीदी के बारे में सोचते ही याद आता है..

इस सनडे दीदी के बर्थडे भी है ... और राज ने दीदी से वादा किया था.. इस बार दीदी को गिफ्ट के रूप में प्यार देगा...

दीदी के साथ सेक्स का सोचते ही राज का लंड लोवर में झटके मारने लगता है ...

लगता है राज पर वियाग्रा का असर होने लगा था.......

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दूसरी तरफ डॉली को अपने पापा का एक राज और मालूम पड़ता है ..

डॉली अपने पापा के लिए दूध लेकर उनके कमरे में जाती है ...

पापा बॅड पर बैठे एक छोटा सा बॉक्स खोल रहे थे ...

जेसे ही पापा ने बॉक्स से कोई पेपर निकाला डॉली रूम में आ जाती है ...

डॉली को देखकर पापा घबरा से जाते है...

डॉली की नज़र बॉक्स पर पड़ चुकी थी .....

डॉली... पापा इस बॉक्स में क्या है

पंकज.. कुछ नही बेटा कंपनी के कागज है ...

डॉली को साफ पता चल रहा था पापा झूठ बोल रहे है ...

डॉली दूध का ग्लास पापा को पकड़ाती है और वही पापा के पास बैठकर बॉक्स

देखने लगती है..और बॉक्स से एक पेपर निकालते हुए ..

डॉली...पापा मुझे तो ये लव लेटर लग रहे है ...

डॉली ...पापा ये लव लेटर बुआ के लिखे हुए है ...

अब पंकज को लगता है छुपाने से कोई फ़ायदा नही .....

पंकज...हा बेटा ये लव लेटर ही है ..

जब भी अकेला होता हूँ तो इन्हे पड़कर अपने प्यार को याद कर लेता हूँ ...

डॉली... पापा क्या में ये लेटर पढ़ सकती हूँ ...

पंकज... बेटा इसमें ऐसी बाते लिखी है ...में तुम्हे नही दे सकता ...

डॉली... ओह्ह्ह कम ओंन पापा में कोई बच्ची नही हूँ सब समझती हूँ ...

प्लीज़ पापा मेरा दिल कर रहा है लेटर पढ़ ने को ...

डॉली अपने पापा से लेटर पढ़ने की ज़िद करने लगती है ...

डॉली के ज़िद के आगे पंकज को झुकना पड़ता है ....

पंकज... ठीक है बेटा मगर प्लीज़ किसी को इसका पता नही चलना चाहिए...

डॉली पापा की इज़ाज़त मिलते ही खुशी खुशी लेटर पढ़ने लगती है ...

डॉली ने अभी दो लाइन ही पढ़ी थी ..

की उसे अपने पापा के सामने पढ़ते हुए

शरम आने लगती है ....

डॉली... पापा में ये लेटर अपने रूम में जाकर पढ़ लू. सुबह पढ़कर लूटा

दूँगी ...

पंकज ...ठीक है बेटा ले जा ..

डॉली बुआ के लिखे लेटर लेकर अपने रूम में आ जाती है .......

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इधर राज पर वियाग्रा का ऐसा असर हो चुका था की राज का लंड लोवर फाड़ कर

बाहर निकलना चाह रहा था...

राज भी अपना लंड देखकर हैरान था

इतना अट्रॅक्षन अपने लंड में पहली बार देख रहा था ...राज की कुछ समझ नही आ रहा था क्या करे ....

राज परेशान होकर अपना लोवर उतार देता है ...

सिंगल बॅड होने के कारण राज का जिस्म अपनी मम्मी से टच हो रहा था ...

राज लोवर उतारकर अपने अंडरवेर में हाथ डालकर लंड पकड़ता है ...

लंड की अकड़ाहट देखकर लग रहा था

इस वक़्त लंड किसी चूत में जाना चाहता है...

मगर इस वक़्त राज को चूत कहा मिलती

राज चूत के बारे में सोच ही रहा था

की तभी राज को बराबर में लेटी अपनी मम्मी का ख़याल आ जाता है ....

राज अपने लंड के आगे इतना बेबस था की राज अपनी मम्मी की तरफ करवट ले

लेता है ...जिससे राज का अकडा हुआ लंड सीधा मम्मी की गान्ड की दरार में जा लगता है ...

राज के अंदर अचानक इतनी हिम्मत कहाँ से आ गई.. की राज अपनी मम्मी की कोहली भर कर अपनी तरफ खिचते हुए अपने लंड का सारा ज़ोर मम्मी की गान्ड पर देने लगता है .... राज को जेसे मम्मी के जागने का ज़रा भी डर नही था..

राज का लंड जो इस वक़्त स्टील की रोड बन चुका था..

लंड की चुभन से सुषमा की आँखे फॉरन खुल जाती है ...

सुषमा को लगता है जेसे उसकी गान्ड में

किसी ने रोड घुसा दी हो ...

सुषमा आँखे खोलकर देखती है राज उससे चिपटा हुआ था ....

सुषमा को समझते देर नही लगी जिसे वो स्टील की रोड समझ रही थी वो असल में राज का लंड है..

सुषमा को लगता है शायद ये सब राज

नींद में कर रहा था ....

सुषमा फॉरन पलट कर राज को देखती है ...

मगर ये क्या सुषमा देखती है राज तो आँखे खोले हुए जाग रहा था ...

राज को जागता देख सुषमा शॉक्ड रह जाती है ...

सुषमा... ये ये तुम क्या कर रहे हो राज

तुम्हे ज़रा भी शरम नही आई..

मेरे साथ ये सब करते हुए ...

मगर राज तो जेसे आज अपनी मम्मी से

बग़ावत के मूड में था..उसे अपनी मम्मी का वो राज मालूम था जिससे

राज अपनी मम्मी को जेसे चाहे वैसेचला सकता था ...

राज ...मम्मी मुझे तो शरम आ रही है ..मगर ये सब आपकी बेशर्मी की वजह से हो रहा है ...

सुषमा... क्या बकवास कर रहे हो तुम..

राज ..में ठीक कह रहा हूँ मम्मी मुझे पता चल गया तुम मेरे साथ जयपुर क्यूँ आई थी...

सुषमा... क्यूँ आई क्या पता चल गया तुझे ...

राज ... मेंने तुम्हे रात अजय मामा के साथ ऊपर कमरे में सेक्स करते देख लिया था....

राज के मूह से ये सुनकर तो जेसे

सुषमा के होश फहख़्ता हो गये

सुषमा अभी तो राज पर भड़क रही थी...

एक दम अचानक जेसे राज ने सुषमा पर बम फोड़ दिया था ...

राज ... बोलो अब क्या कह रही थी मुझे शरम नही आती..

तुम्हारा सेक्स देखकर ही मेरे जिस्म में ये आग भड़की है.. अब ये आग तुमको ही बुझानी होगी ...
 
राज ... बोलो अब क्या कह रही थी मुझे शरम नही आती..

तुम्हारा सेक्स देखकर ही मेरे जिस्म में ये आग भड़की है.. अब ये आग तुमको ही बुझानी होगी ...

राज ने कितनी आसानी से अपनी मम्मी से सेक्स करने को बोल दिया था ...

सुषमा राज की बात सुनकर कुछ भी

बोलने की स्थिति में नही थी ...

राज का लंड अब भी अंडरवेर में तंबू बनाए हुए था..सुषमा को खामोश देख राज फिर से मम्मी से चिपकते हुए अपना हाथ मम्मी की नाइटी के ऊपर ठीक चूत वाली जगह रख देता है ...

राज के चूत पर हाथ रखते ही सुषमा राज का हाथ पकड़ लेती है ...

सुषमा... राज ये ये जो तुम कर रहे हो वो ग़लत है ..

मगर इस वक़्त राज अपने लंड की वजह से सही ग़लत समझने की स्थिति में नही था ...

राज में इतनी हिम्मत कहाँ से आ जाती है की राज अपनी मम्मी की नाइटी को खिच कर अलग कर देता है..सुषमा राज के सामने बिल्कुल नंगी हो जाती है..

नंगी होकर सुषमा को बड़ी शरम आ रही थी..

मगर क्या करे अपने किए की वजह से सुषमा चुपचाप राज की हरकते झेलने पर मजबूर थी .... राज का लंड भी चूत देखकर बावला हो चुका था...

जेसे ही राज अपनी उंगली को मम्मी की चूत पर फेरने लगता है ... ...

सुषमा की आँखे बंद हो जाती है और मूह से सिसकारी निकल जाती है ...

सुषमा... आाऐईीइसस्स्स्सस्स सससी नही आआहह राअज आाऐययईीीइसस्स्सस्स सईई..

राज चूत पर उंगली फेरते हुए धीरे धीरे चूत में उंगली करने लगता है. जिससे .थोड़ी ही देर में सुषमा की चूत गीली होने लगती है ... आँखे बंद किए सुषमा को भी अब राज का उंगली करना अच्छा लगने लगा था ...

सुषमा के मूह से लगातार सिसकारियाँ निकलती जा रही थी .... आअहह आईईीीइसस्शह सस्सीईई

आआहह सस्स्सीईई ईईईईई

उंगली करते करते सुषमा की चूत गीली हो जाती है.

जेसे ही सुषमा की चूत गीली होती है राज उठकर अपना मूह मम्मी की चूत से लगा देता है ...

और अपनी जीब से चूत की मलाई चाटने लगता है ...

चूत पर राज की जीब लगते ही सुषमा मछली की तरह तड़प जाती है .. और एक दम सुषमा की आँखे खुल जाती है..और एक दम सुषमा राज के बालो को पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगती है ....आआहह राआज सस्सीईए सुषमा ने सोचा भी नही था राज उसकी चूत को चाट भी सकता है ... आाआआईीइसस्सस्स आआईयीीइसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स आआआआअहह

सुषमा तड़प्ते हुए राज से चुदने की मिन्नत करने लगती है ...

सुषमा.... ऊओह राज ये केसी आग लगा दी तूने

अब रहा नही जा रहा जल्दी कुछ कर आआअहह सस्स्स्सीईई आआहह

सुषमा की तड़प देख रह अपना मूह चूत से हटा देता है ..और जेसे ही राज अपना अंडरवेर उतारता है

राज का लंड सीधा सुषमा की आँखो के सामने आ जाता है ...वियाग्रा की वजह से राज का लंड बिल्कुल स्टील की रोड के समान लग रहा था ..सुषमा भी राज के लंड का विकराल रूप देखकर हैरान हो रही थी ....

राज सुषमा का हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख देता है..जेसे सुषमा को दिखाना चाह रहा था ..

देखो मम्मी में कितना बड़ा हो गया. .

राज का लंड जेसे ही सुषमा के हाथो में आता है..
 
राज का लंड सीधा सुषमा की आँखो के सामने आ जाता है ...वियाग्रा की वजह से राज का लंड बिल्कुल स्टील की रोड के समान लग रहा था ..सुषमा भी राज के लंड का विकराल रूप देखकर हैरान हो रही थी ....

राज सुषमा का हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख देता है..जेसे सुषमा को दिखाना चाह रहा था ..

देखो मम्मी में कितना बड़ा हो गया. .

राज का लंड जेसे ही सुषमा के हाथो में आता है..

सुषमा को फॉरन अजय का लंड याद आ जाता है ..

जो बिल्कुल उसके भाई के लंड जितना लंबा मोटा लग रहा था ...

लंड को देखकर सुषमा की चूत भी चुदने को कुलबुलाने लगी थी ...

राज से भी अब कंट्रोल नही हो रहा था ...और राज आगे बढ़कर सुषमा को चोदने के लिए टाँगों के बीच आता है सुषमा फॉरन अपनी टाँगे फैलाकर राज के सामने अपनी चूत कर देती है ...

राज अपने हाथ से लंड को पकड़कर चूत पर सेट करता है ... सुषमा के मूह से मीठी सी आ निकल जाती है ...मगर राज धीरे धीरे चूत की फांको में अपना लंड रगड़ने लगता है.

राज अपनी मम्मी को चोदने से पहले ऐसे तैयार कर रहा था जेसे बिन चुदी कुँवारी चूत को तैयार कर रहा हो ...मगर सुषमा का दिल तो चाह रहा था राज एक झटके में अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दे ...

लंड की रगड ने अब सुषमा और भी बैचेन बैचेन कर दिया था ...

सुषमा.... आअहह राज ये तू क्या कर रहा है

क्यूँ तडपा रहा है मुझे जल्दी से पूरा अंदर घुसा दे .....

अपनी मम्मी की ऐसी तड़प देखकर..

राज एक जोरदार धक्का मार देता है ...

सुषमा..... आाआऐययईईईईईई म्म्माआअ मार गैिईईईईईईईईईई

...

चूत गीली होने की वजह से और वियाग्रा के असर से राज का लंड एक ही झटके में पूरा चूत में घुसता चला जाता है ......

सुषमा को लगता है जेसे उसकी चूत में कोई रोड घुस गई हो ... इस धक्के ने सुषमा को भी मा की याद दिला दी थी .... राज चुदाई करते हुए अपने लंड को अंदर बाहर करने लगता है .....
 
सुषमा...आआआहह ऊऊहह उउउफफफफफफफफफफफफफ्फ़ आअहह आअहह आआआहह

आऐईइसस्स्स्स्स्सस्स सस्स्सीईईईईईईई

सुषमा की सिसकारियाँ कमरे में संगीत बजा रही थी ....

राज की चुदाई से अब सुषमा को मज़ा आने लगता है और सुषमा खुद भी नीचे से अपनी चूत में लंड लेने लगती है ....

राज के धक्के लगातार तेज़ होते जा रहे थे...

जिससे थोड़ी ही देर में सुषमा चरम पर पहुच जाती है.... आआआहहस्स्सीईईईई करती हुई सुषमा झड़ने लगती है ...

मगर राज के लंड पर कोई असर नही हो रहा था

राज अब भी लगातार सुषमा को चोदे जा रहा था ...

झड़ने की वजह से चूत में अब फॅक फॅक की आवाज़ आ रही थी ...

राज अपनी मम्मी को पकड़ कर दूसरी पोज़िशन में चोदना चाह रहा था ..सुषमा राज का इशारा समझ जाती है और खुद को डॉगी में कर लेती है ...

राज फिर से अपनी मम्मी की चूत में अपना लंड डालकर चोदने लगता है ...

राज का लंड किसी मशीन की तरह सुषमा की चूत में अंदर बाहर हो रहा था ...

राज अभी तक झड़ने के करीब भी नही पहुचा था और सुषमा दूसरी बार तैयार हो जाती है ...

सुषमा राज के हर धक्के का जवाब अपनी गान्ड पीछे करके देने लगती है ...

राज से चुदते हुए सुषमा खुद को धन्य समझने लगी थी....

चुदने में सुषमा को बहुत मज़ा आ रहा था ...

जिससे सुषमा राज से कुछ ना कुछ बोलने लगती है ...

सुषमा...आअहह राज ऐसे ही करते रहो बहुत मज़ा आ रहा है ...

आआअहह राज कम ओंन आआआअहह

क्या मस्त चुदाई करता है

मम्मी के बोलने से राज को भी डबल मज़ा आ रहा था जिससे राज के धक्के और भी तेज़ होते जा रहे थे ...

राज के हर धक्के पर सुषमा मज़े में कुछ ना कुछ बोले जा रही थी ...

सुषमा... आआहह राज घुसा दे पूरा अपनी मा की चूत में आज अपना लंड आआहह ऊओह सस्सीईईई उउउफफफफफफफफफफफफ्फ़

राज ने अपनी मम्मी के दोनो कूल्हे पकड़े हुए थे और अपने लंड को लगातार पिस्टन की तरह अंदर बाहर किए जा रहा था .....

थोड़ी देर में ही सुषमा फिर से चरम पर पहुच जाती है ....

सुषमा.... आआहह राज मेरा होने वाला है आआआआआआअ आ आआईयीीइसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स

और एक दम सुषमा अपना पानी छोड़ देती है ...

सुषमा फिर से झड़ चुकी थी

मगर राज का लंड था की झड़ने का नाम ही नही ले रहा था..

अपने लंड की हालत देखकर राज को होटल वाली लड़की पर शक़ होने लगता है ..ज़रूर उसने दूध में कुछ मिलाया था जिस वजह से लंड पानी नही छोड़ रहा ...

राज लगातार अब भी अपनी मम्मी को छोड़े जा रहा था..राज के धक्को से अब सुषमा की चूत दुखने लगती है ......

सुषमा... बस राज और कितना चोदेगा मुझे अब तो मेरी चूत दुखने लगी है ...
 
राज अपनी मम्मी को दर्द देना नही चाहता इसलिए फॉरन अपना लंड चूत से बाहर खिच लेता है ...

जेसे ही सुषमा की चूत से लंड निकलता है ..

सुषमा बिस्तर पर लूड़क जाती है .....

क्या मस्त चुदी थी आज सुषमा राज के लंड से..

पूरी तरह तृप्त हो चुकी थी सुषमा

अभी सुषमा सकूँ से ठंडी साँसे ले रही थी की सुषमा की नज़र राज के खड़े लंड पर पड़ती है ...सुषमा को अपने बेटे पर तरस आ जाता है

और सुषमा राज का हाथ पकड़ अपनी तरफ खि चती है ..जिससे राज का लंड सीधी सुषमा के चेहरे के करीब आ जाता है...

राज कुछ सोचता उससे पहले सुषमा अपना मूह खोलकर राज का लंड गदप जाती है ...

जेसे ही राज का लंड सुषमा के मूह में जाता है

राज को बड़ी ठंडक महसूस होती है...

राज के मूह से भी ह निकल जाती है...

राज .... आआहह सस्स्सीईई आआहह

सुषमा बड़े प्यार से राज का लंड चूस रही थी ... सुषमा राज को फारिग करना चाहती थी ...

इसलिए राज के लंड को अब पूरा अपने मूह में लेते हुए चुसाइ लगाने लगी थी ...

सुषमा की आँखो से पानी भी आने लगता है

मगर इसकी परवाह किए बगैर सुषमा ब्लोवजोब दे रही थी ...

इसे कहते है एक्सपीरियेन्स सुषमा की मेहनत अपना रंग दिखाने लगती है ...

राज अपने चरम पर आने लगता है ....

राज ... ऊऊऊहह मम्मी मेरा होने वाला है मगर सुषमा राज की बातो को अनसुना करती हुई लगातार ब्लोवजोब देती रहती है ...

और अगले पल राज के लंड से वीर्य का सेलाब निकल जाता है जो सुषमा के हलक में उतरता चला जाता है ....

राज भी झड़ चुका था ये सब उसकी मम्मी की मेहनत का फल था ....

चुदाई करके राज और सुषमा बुरी तरह थक चुके थे लेटते ही दोनो को कब नींद आ जाती है पता ही नही चलता....

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