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Incest परिवार मे प्यार बेशुमार

राज ज्योति के हाथ से चाय का कप लेता है और एक सीप लेता है ..

राज ... बहुत अच्छी चाय बनाई है

ज्योति ... थॅंक यू भैया

और दोनो चाय पीकर नीचे आ जाते है ...

रात के 10 बजने वाले थे

राज अपने रूम में पहूचकर बॅड पर लेट जाता है तभी उसके फोन में व्हाट्सअप मेसेज आता है ...

राज मोबाइल उठाकर देखता है मेसेज दीदी का था

डॉली... हेलो राज सो गये क्या

राज फॉरन रिप्लाइ करता है ...

राज ... नही दीदी बस आपकी याद में जाग रहा हू ...

दीदी ...अच्छा जी मेरी याद किसलिए आ रही है जनाब को

राज ... दीदी फिर से आपके साथ सोने को दिल कर रहा है ...

दीदी ..तुम ना बहुत बदमाश हो गये हो

अच्छा हुआ जो मेरी ड्यूटी यहाँ लग गई

राज ...दीदी एक किस दो ना प्लीज़

दीदी ...तुम नही मानोगे राज में अब फोन रखती हू

राज ... रूको रूको दीदी प्लीज़

दीदी ... अब क्या है

राज ... वैसे अभी क्या कर रही हो वहाँ पर दीदी

दीदी ...कुछ नही राज फ्री हू .. विशाल सर तो सो रहे है... में बस तुमसे बाते कर रही हू

राज ... दीदी एक पिक भेजो ना अपनी

दीदी ...तुम्हे क्या हो गया है राज मुझे हॉस्पिटल आए एक दिन भी नही हुआ और तुम पागलो जैसी बाते कर रहे हो ...

राज ... हा में पागल हो गया हू तुम्हारे लिए प्लीज़ भेजो ना एक बार अपनी पिक

दीदी ...अच्छा बाबा भेजती हू ...

तभी राज के मोबाइल पर एक और व्हाट्सअप मेसेज आता है ये मेसेज नेहा का था ...

नेहा .... हेलो राज कैसे हो

राज नेहा का मेसेज पढ़ ही रहा था तभी डॉली अपनी सेल्फी राज को सेंड करती है

राज अपनी दीदी की पिक देखता है ...

और राज दीदी के लिए मेसेज टाइप करता है

राज ... बहुत क्यूट लग रही हो प्लीज़ अपनी एक पिक टॉपलेस भेजो ना

और राज मेसेज सेंड कर देता है ..मगर जल्दी जल्दी में राज ग़लती से ये मेसेज नेहा को सेंड कर देता है ....

और जब राज की नज़र व्हाट्सअप स्क्रीन पर जाती है बहुत देर हो जाती है ....

राज .... बहुत क्यूट लग रही हो प्लीज़ अपनी एक पिक टॉपलेस भेजो ना

राज ...ओह्ह्ह ये क्या हो गया मुझसे ओह्ह्ह शीट ओह्ह्ह शित्तत्त

राज को अपने आप पर बड़ा गिल्टी लग रहा था ...

मगर दूसरी तरफ नेहा का रियेक्शन बिल्कुल अलग था ...

नेहा ...ओह्ह्ह राज देखने में तो बिल्कुल भोले लगते हो ...और फर्स्ट बोल में ही सिक्स मार दिया ... तुम भी क्या याद करोगे राज

नेहा बॅड से उतर शीशे के सामने पहुच अपना टॉप उतार फेंकती है खुद का नंगा जिस्म शीशे में निहारते हुए मुस्कुरा देती है और फिर अपने मोबाइल से सेल्फी लेती है ....

और फिर राज को सेंड कर देती है
 
अपडेट.....25......

राज नेहा का टॉपलेस फोटो देखता है ...

उसे अपनी आँखो पर विस्वास नही होता

नेहा इतनी अड्वान्स भी हो सकती है ...

राज के दिल में नेहा के लिए जाने कैसे कैसे विचार आने लगते है ...

नेहा की वर्जिनिटी पर भी राज को शक होने लगता है ...

राज नेहा की पिक का रिप्लाइ देना चाहता था..

मगर राज का दिल तो इस वक़्त बस दीदी से बाते करने का कर रहा था ...

राज नेहा की जगह दीदी को मेसेज सेंड कर देता है ..

मगर दीदी की तरफ से कोई रिप्लाइ नही आता...

राज खुद से ही झल्लाने लगता है ...

और फिर दीदी एक दो मेसेज और सेंड करता है

मगर फिर डॉली की तरफ से कोई रिप्लाइ नही आता ...

राज सोचता है क्या हो गया दीदी को जो रिप्लाइ नही दे रही ...

राज रात भर दीदी को याद करते हुए करवाते बढ़ाता हुआ सो जाता है ...

जेसे जेसे हॉस्पिटल में डॉली के दिन गुजर रहे थे राज की तड़प दीदी के लिए बढ़ती जा रही थी मगर राज के हाथ दीदी से मिलने का कोई मोका ही नही लग रहा था ...

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दिन ऐसे ही गुजर रहे थे ...

उधर नेहा भी राज के लिए पूरी तरह दीवानी हो गयी थी ज्योति को कॉलेज से जब भी घर छोड़ने आती ज्योति के घर कई कई घंटे रुक कर जाती ... जिस वजह से सुषमा और पंकज भी नेहा को बिल्कुल ज्योति की तरह समझने लगे थे ....

आज डॉली को हॉस्पिटल जाते जाते करीब 15 दिन गुजर चुके थे ..डॉली की सेवा से आज विशाल (बॉस) पूरी तरह ठीक हो चुका था..

विशाल की फैमली और राज आज सुबह सुबह विशाल को हॉस्पिटल से घर ले जाने के लिए इकट्ठा थे ....

विशाल का जल्दी ठीक होने का पूरा क्रेडिट विशाल की फॅमिली डॉली को दे रहे थे ...

सभी लोग बारी बारी डॉली को गले लग कर धन्यवाद करते है ...

विशाल के पापा भी डॉली को गले से लगा लेते है ...थॅंक यू बेटा तुमने हमारे बेटा की इतनी सेवा करी बोलो क्या चाहिए तुम्हे

डॉली... ये तो मेरा फर्ज़ था अंकल मुझे कुछ नही चाहिए...

राज पास में खड़ा ये सब देख रहा था

और फिर थोड़ी देर में सभी लोग हॉस्पिटल से विदा होते है..

डॉली भी राज के साथ बाइक पर बैठ घर के लिए निकल पड़ते है ...

राज .... थॅंक्स गॉड दीदी आपको हॉस्पिटल से छुटकारा तो मिला ..

डॉली... ऐसा क्यूँ बोल रहे हो राज

राज ... तुम्हे क्या बताऊँ दीदी तुम्हारे बिना 15 दिन कैसे कटे ...

डॉली... मेरे बिना मतलब

राज ... ओफफ़फो दीदी आप क्यूँ नही समझती मेरे दिल का हाल

डॉली ... अच्छा अब समझी ये दिल का मामला है ...

राज ... ओह्ह्ह्ह थॅंक गॉड तुम समझी तो

डॉली... इतना प्यार करते हो मुझसे

राज ...दिल चीर के देख लो दीदी आपकी ही तस्वीर मिलेगी

डॉली... भाई ये केसा प्यार करने लेगे तुम मुझसे ऐसा प्यार तो अपनी बीवी के लिए बचा कर रखना ..

राज ... मुझे कुछ नही पता दीदी आज की रात आपको मेरे साथ सोना है

डॉली... उफ़फ्फ़ ये केसी ज़िद है राज

लगता है तू अपना प्रॉमिस भूल गया ...

राज ...केसा प्रॉमिस

डॉली ... मेंने उस रात कहा था फिर ऐसा कुछ नही करोगे ...

राज ... किस रात की बात कर रही हो दीदी मुझे कुछ याद नही

दोनो की बाते ख़तम भी नही हुई थी की घर आ जाता है ....

ज्योति मम्मी पापा एक साथ बैठे खाना खा रहे थे

डॉली और राज भी सबके साथ बैठ जाते है

पंकज ... बेटा में तुम्हारा ही इंतज़ार कर रहा था...

राज ... क्या हुआ पापा

पंकज .. बेटा हम सबको आज शाम को देहरादून के लिए निकलना है ...
 
राज.. क्यूँ क्या हुआ

पंकज.. मेरे बचपन का दोस्त है ना राजवीर ..

राज ... हा पापा

पंकज... वो अपनी बेटी प्रिया की शादी कर रहा है ..

राज ... एक दम अचानक

पंकज... हा बेटा राजवीर का फोन आया था जिस लड़के से प्रिया की शादी हो रही है वो लड़का 8 दिन बाद अमेरिका चला जायगा

इसलिए एक दम से शादी का प्रोग्राम बन गया ...

ज्योति ... ओह्ह्ह वूओव पापा फिर तो सब चलेंगे बड़ा मज़ा आयेगा ...

तभी बीच में राज बोल पड़ता है

राज ... पापा में कैसे जा पाउन्गा मेरे बॉस ने अभी तक ऑफीस भी जाय्न नही किया मेरे ऊपर ही ऑफीस की सारी ज़िम्मेदारी है ...

पंकज... ओह्ह्ह मगर बेटा तुम अकेले कैसे रहोगे ...

राज डॉली की आँखो में देख कर इशारा करता है जेसे कह रहा हो दीदी तुम भी मत जाओ .. .

सुषमा..राज कोई बच्चा थोड़े है जो अकेला नही रह सकता ...

डॉली अपनी मम्मी की बाते सुन राज की तरफ देखकर मुस्कुरा देती है ...

राज उठकर अपने रूम में चला जाता है

डॉली समझ जाती है राज मुझपर खफा होकर गया है ...

सुषमा... बेटा तुम दोनो भी अपने कपड़े वागेहरा बेग में रख लो ज़्यादा टाइम नही है हमारे पास ...

ज्योति और डॉली ... जी मम्मी ठीक है ...

ज्योति उठकर अपने रूम में चली जाती है

और डॉली खाने के बर्तन उठा कर किचिन में रखती है ...

और थोड़ी देर बाद डॉली राज के रूम में पहुचती है राज अपनी ड्रेस बदलने के लिए पेंट उतार चुका था ...

डॉली.. राज एक दम क्यूँ उठकर क्यूँ चले आये ..

राज ... दीदी मुझे आपसे कोई बात नही करनी

डॉली... ऊहहू लगता है मेरा भाई नाराज़ हो गया..

राज अलमारी में अपना लोवर देखते हुए

राज ...मेरे खफा होने ना होने से तुम पर क्या फरक पड़ता है ...

डॉली...ऐसी क्या ख़ाता हो गई मुझसे जो इतना खफा हो

राज ... ज़्यादा बनिए मत दीदी आपको सब पता है कब्से तड़प रहा हू में आपके लिए और आज एक मोका मिला वो भी तुम जान बुझ कर मिस कर रही हो .....

डॉली ... अच्छा बाबा सॉरी बताओ तुम्हारा मूड ठीक करने के लिए क्या करना होगा ..

राज ... मेरा मूड ठीक है आप शादी में जाइए ...

डॉली... ऐसे कैसे नही चाहिए तुम्हे कुछ मुझे तो देना है तुमको

और डॉली आगे बढ़कर एक दम राज के गले में अपनी बाँहो डाल देती है और राज के होंटो के करीब अपने होंठ लेजाकर राज के होंटो पर रख देती है ...

राज एक दम शॉक्ड सा रह जाता है ...

डॉली राज से चिपकते हुए बड़े कामुक अंदाज़ में किस कर रही थी ...

नीचे राज सिर्फ़ अंडरवेर में खड़ा था डॉली के चिपकने से लंड भी खड़ा होने लगता है ...

डॉली के इस हमले का असर राज पर भी होने लगता है और राज भी अपनी दीदी को कस के बाँहो में भींच लेता है और दीदी को बॅड पर धक्का देकर ऊपर चढ़ जाता है ..

राज एक दम कुछ ज़्यादा ही एक्शिटेड हो जाता है डॉली को राज का यही व्यवहार अच्छा नही लगता ...

डॉली... राज तुम ना एक दम पागल हो जाते हो..दरवाज़ा भी खुला है अगर किसी ने देख लिया तो छोड़ो मुझे ..

मगर राज पर तो जेसे उत्तेजना सवार थी डॉली के होंटो को अपने मूह में लेकर

चूसने लगता है और चुचियों को दोनो हाथो से मसल देता है ...

डॉली... प्लीज़ राज बस करो कोई आ जायगा

राज ... एक शर्त पर छोड़ूँगा

डॉली... क्या है बोलो

राज ... तुम्हे वादा करना होगा मेरे साथ सोओ गी ..

तभी डॉली को महसूस होता है कोई दरवाज़े के पास आ रहा ...

डॉली ... में वादा करती हू ..जल्दी से हटो कोई आ रहा है ...

और डॉली जल्दी से राज के नीचे से निकल जाती है ...
 
तभी रूम में ज्योति एंटर होती है ...

ज्योति ... दीदी में कब से तुम्हे आवाज़ लगा रही हू और आप यहाँ है मेरा ब्लू टॉप नही मिल रहा...

डॉली.. ओह्ह्ह ज्योति मुझे तुम्हारी बिल्कुल आवाज़ नही आई चल में देखती हू तेरा टॉप शायद मेरे कपड़ो वाली साइड रखा है ..

ये कहते हुए डॉली राज के रूम से बाहर निकल जाती है ...

ज्योति जेसे ही रूम से निकलने के लिए पलटती है ज्योति की नज़र राज के अंडरवेर पर चली जाती है ...

ज्योति के पैर एक दम वही के वही जम जाते है जेसे ज्योति को बहुत बड़ा झटका लगा हो ...

राज के अंडरवेर में खड़े लंड का उभार ज्योति को बिल्कुल सॉफ नज़र आ रहा था ....

ज्योति भोचक्की सी राज के रूम से निकलते हुए सोचती है ...ये इतना बड़ा कैसे हो गया सोचते सोचते ज्योति अपने रूम में आती है ...

जहा डॉली अपना बेग लगा रही थी ..

अपनी दीदी को देख ज्योति कहती है

ज्योति ... दीदी मिल गया मेरा टॉप

डॉली... हा मेंने तेरे बाग में रख दिया है

तभी ज्योति के मोबाइल की रिंग टोन बजने लगती है

ज्योति देखती है नेहा का फोन था कॉल रिसीव करती है ...

ज्योति.. हेलो नेहा

नेहा ... कहा पर है ज्योति आज कॉलेज भी नही आई

ज्योति... नही यार आज कॉलेज आना नही हुआ हम सब शादी में देहरादून जा रहे है ...

नेहा ... ओह्ह्ह अच्छा

ज्योति और नेहा की बात सुन डॉली ज्योति से कहती है ...

डॉली... ला मेरी बात करा नेहा से

ज्योति... नेहा दीदी बात करना चाहती है तुमसे और ज्योति दीदी को मोबाइल पकड़ाती है ...

डॉली ज्योति से फोन लेकर नेहा से ऐसे बात करती है जिससे ज्योति को पता भी ना चले क्या बाते की ...

डॉली... नेहा हम सब 3-4 दिन के लिए देहरादून के लिए निकल रहे है घर पर राज अकेला रहेगा ..

क्या तुम एक काम कर सकती हो राज के लिए मार्केट से कुछ खाने के लिए ले आओगी ...

नेहा डॉली की बात सुन शॉक्ड सा जवाब देती है

नेहा ... में हा क्यउउू नही ले आउन्गी

डॉली... ओकेकक बाइ नेहा थॅंक यू सो मच ...

और डॉली फोन काट देती है ...

उधर नेहा सोचती है राज के साथ अकेला रहने को मिलेगा

नेहा .... याआहूऊ नेहा की तो जेसे लॉटरी निकल गई हो ...

डॉली भी सोचती है राज और नेहा को मिलने का इससे बढ़िया मोका नही मिल सकता ...

और शाम के 4 बजे चुके थे मम्मी पापा ज्योति डॉली देहरादून के लिए निकल जाते है ....

राज घर में अकेला रह जाता है और सोचता है साली मेरी किस्मत ही खराब है अब अकेला रहकर मूठ मारू ...

राज ने ठीक से खाना भी नही खाया था राज किचिन में कुछ खाने के लिए ढूंढता है उससे फ्रिड्ज में रखे केले नज़र आते है राज केले लेकर किचिन से जेसे ही निकलता है डोर बेल बज उठती है

राज ... कौन आ गया अब

राज उठकर गेट खोलता है सामने बड़े ही सेक्सी कपड़ो में हाथ में थेला लिए नेहा खड़ी थी ...

नेहा को इतने सेक्सी कपड़ो में देखकर राज के मूह में भी पानी आ जाता है ...

राज ... नेहा तुम आओ आओ ज्योति तो शादी में गई है ...

नेहा ... हा मुझे मालूम है मेरी बात हुई थी उससे ..

राज सोचता है नेहा को पहले से मालूम था में घर पर अकेला हू ..लगता है ज़्यादा ही आग भरी है इसमें ..

राज ... अच्छा तुम्हे पता चल गया था में अकेला हू

नेहा ..हा इसलिए आपका अकेलापन दूर करने आ गई

राज ... ओह्ह्ह

राज ... अच्छा पहले ये बताओ क्या लोगि

नेहा ... कुछ भी चलेगा ..

तभी राज को टेबल पर रखे केले नज़र आते है ...

राज ... केला खाओगी

नेहा ...आपका केला भी खा लेंगे इतनी जल्दी क्या है पहले मेरा मॅंगो जूष तो पी लो

राज नेहा की ऐसी बाते सुन नेहा का चेहरा देखता रह जाता है...

नेहा अपने थेले से मॅंगो जूष की बोतल निकालती है ....

राज तो नेहा की बात का कुछ और ही मतलब सोच रहा था ...

राज ... ओह्ह्ह में तो कुछ और ही सोच बैठा

था ...
 
अपडेट..... 26......

नेहा भी शरारत भरी नज़र से राज को देखकर पूछती है ...

नेहा ... ज़रा हमे भी तो पता चले ऐसा क्या सोच लिया था तुमने ...

राज ...रहने दो कही तुम नाराज़ हो गई तो

नेहा ... में आज के जमाने की लड़की हू तुम

बेझिझक कह सकते हो ...

राज नेहा के ब्रेस्ट की तरफ नज़र उठा कर इशारे से बिन कहे सब कुछ कह देता है...

नेहा ... में तो तुमको बड़ा भोला समझती थी मगर तुम तो बड़े नॉटी हो ...

नेहा की इन अदाओं ने राज को बैचेन करके रख दिया था ...

राज भी हिम्मत करके नेहा का हाथ पकड़ लेता है और अपना हाथ नेहा के ब्रेस्ट पर रख देता है ...

राज ... क्या मुझे ये वाला मॅंगो जूस भी पीला सकती हो ...

नेहा मुस्कुराते हुए राज से कहती है

नेहा ... उसके लिए तुम्हे पहले मेरे पापा से लाइसेन्स लेना पड़ेगा ...

राज खड़ा होकर नेहा को अपनी बाँहो में भर लेता है और नेहा के चेहरे को बिल्कुल करीब होते हुए ...

राज ... जब लड़का और लड़की राज़ी हो तो पापा को बीच में लाने की क्या ज़रूरत है

....

और फिर राज नेहा के गुलाबी होंटो को चूम लेता है .....

नेहा के तो जेसे दिल के अरमान पूरे कर दिए थे राज ने किस करके...

नेहा भी एक दम से राज के होंटो को अपने होंटो में लेकर चूसने लगती है ...

नेहा .... ओह्ह्ह राज तुम नही जानते में कब इस पल का इंतज़ार कर रही थी....

तुम पहली नज़र में मेरे दिल को भा गये थे ...

अब मेरे जिस्म के हर हिस्से पर सिर्फ़ तुम्हारा ही हक़ है ..आई लव यू राज आई लव यू.....

राज नेहा को गोद में उठा लेता है

नेहा भी राज की गर्दन में हाथ डाल खुद को संभालती हुई राज के रूम में पहुचती है ....

राज नेहा को बॅड पर लिटा देता है और फिर नेहा के टॉप को उतार देता है ....

नेहा ने टॉप के नीचे ब्रा भी नही पहनी थी ....टॉप उतरते ही राज के सामने नेहा के दोनो आम आ जाते है ...

नेहा के बूब्स डॉली के मुक़ाबले काफ़ी बड़े थे....

राज .... ओह्ह्ह वूओव नेहा तुम्हारे आम तो काफ़ी बड़े बड़े है इनका जूस पीने में तो मज़ा ही आ जायगा ...

और राज अपने होंटो से नेहा की चुचियों का

जूस पीने लगता है ...

नेहा की एक चुचि राज के मूह में थी और दूसरी चुचि को राज अपने हाथो से मसल रहा था ....

नेहा को अपनी छाती में हल्का हल्का दर्द भी महसूस हो रहा था...

ह ह ऊहह उउउइइ उफफफफ्फ़ आअहह आईईईई सस्सीई से सीईइ सेईईईईईईीईएसस्स सेईईईईईईीईएसस्स ससीई

मगर नेहा राज का बिल्कुल विरोध नही कर रही थी ....काफ़ी देर तक एक चुचि चूसने के बाद राज दूसरी चुचि चूसने लगता है ....

काफ़ी देर चुचि चूसने के बाद राज नीचे की तरफ बढ़ने लगता है और एक हाथ से नेहा का निक्कर भी उतार देता है ...

और नेहा पूरी तरह राज के सामने नंगी पड़ी थी ...

राज अपनी आँखो से नेहा की चूत का दीदार कर रहा था ...

बड़ी ही प्यारी चूत लग रही थी नेहा की चूत

के दोनो होंठ आपस में बिल्कुल चिपके हुए थे...चूत ऐसे लग रही थी जेसे गुलाब की कली हो ...

राज अपने हाथ नेहा की चूत के होंटो पर रख देता है और दोनो होंटो को ऐसे खोलकर देखता जेसे नेहा की वर्जिनिटी चेक कर रहा हो ...

और फिर राज अपने होंठ चूत के होंटो पर लगा अपनी जीब बाहर निकालता है और चूत को चाटने लगता है ...

नेहा एक दम तड़प सी जाती है पहली बार उसकी चूत ने किसी के होंटो को छुआ था ...

नेहा की सिसकारियाँ पूरे रूम गूँज रही थी ....

ओह राज्ज्जज्ज्ज्ज्ज्ज्ज उउउफफफफफफ्फ़ सस्सीई ईईीीइसस्स्स्स्स्स्स्स्सस्स ईईीीइ

सस्स्स्स्स्स्स्स्सस्स उफफफफ्फ़

नेहा की चूत हल्का हल्का जूस निकाल रही थी जिसे राज बड़े आराम से अपनी जीब से चाटे जा रहा था ...

काफ़ी देर चाटने के बाद नेहा का बदन अकड़ जाता है और नेहा अपनी चूत को राज के

मूह की तरफ उउछालते हुए चूत से अपना ढेर सारा पानी छोड़ देती है ...

और नेहा ठंडी होकर एक दम बॅड पर लूड़क जाती है ...

राज खड़ा होकर अपना लोवर उतार देता है

जेसे ही अपना लोवर उतरता है राज का 7-8 इंच का लॉडा स्प्रिंग की तरह जंप लेता हुआ झूलने लगता है ...

और राज नेहा के उपर लेट कर नेहा को किस करने लगता है राज का लंड सीधा नेहा की गीली चूत पर टच होने लगा था ...

थोड़ी देर बाद राज नेहा का एक हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख देता है
 
नेहा का हाथ जेसे ही राज के लंड को छूता है ...नेहा अपने हाथ से उसके आकार का जायज़ा करते हुए एक बार तो डर ही जाती है

और नेहा के मूह से उफ़फ्फ़ निकल जाती है

(बाप रे ये इतना बड़ा )

थोड़ी देर बाद राज नेहा के उपर से हटता है और अपना लंड बिल्कुल नेहा के सामने लाकर ...

राज ...क्या डर लग रहा है इससे नेहा

नेहा ...और नही तो क्या देखो कैसे घूर घूर कर देख रहा है ...

राज ... तुम तो बेकार में डर रही हो देखो तो बेचारा कितनी हसरत से तुम्हे देख रहा है कब अपने होंटो में लेकर इसे प्यार करोगी...

नेहा ... अच्छा जी ये बात है तो लो अभी हसरत पूरी करती हू इसकी ...

और नेहा राज के लंड को अपने हाथो में लेकर लंड की टोपी पर अपने होंठ रख देती है ....

राज की सिसकी निकल जाती है.

राज .... ह नेहा एसस्स्सस्स आईसीए हीईीई करूँऊऊऊऊऊ मज़ा आ रहा है

नेहा लंड की टोपी पर ही होंठ चले जा रही थी ...

राज .... नेहा मूह के अंदर लो ना

...

नेहा जेसे ही मूह खोलती है राज अपने लंड नेहा के मूह में धकेल देता है ...

और लंड को आगे पीछे करते हुए नेहा से कहता है ...

राज ...सस्सीई अहहाअ नेहा ऐसे अप डाउन करती रहो

राज ... ओह्ह्ह नेहा बहुत मज़ा आ रहा है कामन एसस्स्सस्स एससस्स ऐसे ही आअहह सस्स्सीईई ऊहह

राज के लंड से हल्का हल्का लिक्विड और साथ में नेहा का थूक मिलाकर पुच पच की आवाज़ निकल रही थी ...

नेहा पहली बार लंड चूस रही थी

मगर राज को पूरा मज़ा आ रहा था

नेहा को लंड चूस्ते चूस्ते काफ़ी देर हो गई थी ...जिस कारण नेहा का मूह भी दुखने लगा था...

राज ... ऊहह नेहा एससस्स फास्टटत् फास्टटत्त ऊहह राज पूरे चर्म पर पहुच चुका था और अगले ही पल राज का पूरा लिक्विड नेहा के गले में उतरता चला जाता है .....

नेहा एक लंड को छोड़ खांसने लगती है

नेहा को शायद लिक्विड का स्वाद अच्छा नही लगा था ...

नेहा ... उफफफ्फ़ राज ये क्या पीला दिया तुमने कड़वा कड़वा ..

और नेहा उठकर बाथरूम में चली जाती है थोड़ी देर बाद नेहा शावेर लेकर बाहर आती है ....

नेहा का गीला जिस्म देख राज का लंड फिर से अकड़ जाता है ...

राज .... उफफफफ्फ़ नेहा गीले जिस्म में कयामत लग रही हो ...

नेहा जेसे ही बॅड पर पड़े अपने कपड़े उठाती है राज नेहा को अपने ऊपर खिच लेता है ...

नेहा ... बस राज अब में चलती हू काफ़ी देर हो चुकी है ...

मगर राज कहाँ मानने वाला था राज नेहा के उपर आ जाता है और अपने लंड को नेहा की चूत पर सेट करने लगता है ....

नेहा .... ओह्ह्ह्ह राज ये क्या कर रहे हो तुम

मगर राज कहाँ सुनने वाला था लंड को ठीक से सेट करके एक धक्का लगाता है ....

मगर लंड स्लिप हो जाता है ...

राज .... उफफफ्फ़ बहुत टाइट है

राज दोबारा लंड को चूत की फांके खोलकर सेट करता है ...

नेहा भी अपने हाथो से बॅड की चादर पकड़ लेती है ...

राज फिर से एक धक्का लगाता है ..वही रिज़ल्ट लंड फिर फिसल जाता है ...

राज ... यार जा ही नही रहा तुम्हारी चूत बहुत टाइट है ...

नेहा ... कुछ लगा लो थूक लगा लो

और राज अपने लंड पर ढेर सारा थूक लगा कर फिर से लंड को चूत पर अड्जस्ट करके

एक जोरदार धक्का लगाता है ...

नेहा .... उईईईईईईईईईईईईईईईईईईई माअरर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर गिईईईईईईईईईईईईईई राज्ज्जज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज

अबकी बार राज का लंड एक ही धक्के में नेहा की चूत को चीरता हुआ आधा घुस चुका था ...

नेहा दर्द से बिलबिला उठी थी मगर राज नेहा की परवा किए बगैर एक और धक्का लगा देता है लंड चूत की झिल्ली फाड़ता हुआ पूरा घुस जाता है ..

इस बार नेहा की चीख पूरे घर में गूँज जाती है राज जल्दी से अपने होंठ नेहा के होंटो पर रखता है और ताबड़तोड़ धक्के लगाने लगता है ....

चूत पूरी लहुलुहान हो चुकी थी

नेहा की आँखो से दर्द के आसू निकल रहे थे .....

मगर राज के धक्को ने ज़रा सी देर में नेहा के दर्द भूलना शुरू कर दिया था

राज को भी लगता है नेहा अब नॉर्मल हो चुकी है तो अपने होंठ नेहा के होंटो से हटा लेता है ....

नेहा.... आअहह राज तुमने तो मार ही डाला मुझे आअहह आईईीीइसस्शह ओह नेहा भी अब राज के धक्को का साथ देने लगी थी ....

नेहा ... ह राज आअहह ऐसे हि ज़ोर से ऊहह आअहह आईईीीइसस्शह

राज लंड को अंदर बाहर किए जा रहा था

थोड़ी देर बाद राज पूरे चर्म पर पहुच चुका था ....

मगर राज से पहले नेहा अपना पानी छोड़ देती है और अगले ही पल राज भी अपने लिक्विड से नेहा की चूत भर देता है ....

दोनो तृप्त होकर हान्फते हुए बॅड पर लूड़क जाते है ...

आज नेहा कली से फूल बन चुकी थी
 
अपडेट......27....

थोड़ी देर बाद नेहा बॅड से उतर खड़ी होती है और जेसे ही अपने कपड़े उठाने के लिए दो कदम बढ़ाती है ... पैरों में दर्द की वजह से लड़खड़ा जाती है ...

नेहा ... उफफफफ्फ़ राज मुझसे तो चला भी नही जा रहा में घर कैसे जाउन्गी ....

राज खड़ा होकर नेहा की चूत पर नज़र डालता है चूत पूरी तरह सूज गई थी ...

राज ... ओह्ह्ह नेहा तुम्हारी चूत पर तो बहुत सूजन आ गई तुम यही बैठो में गरम पानी लेकर आता हू ...

और राज नंगा ही उठकर किचिन में पहुचता है...

नेहा जेसे ही बॅड पर बैठती है उसकी नज़र बॅड शीट पर पड़ती है बॅड शीट पर खून का बड़ा सा धब्बा लगा हुआ था ...

राज एक भगोने में गरम पानी ले आता है ...

राज ...नेहा अपने पर लटकाकर बैठो में गरम पानी से तुम्हारी सिकाई कर देता हू

तुम्हे एक दम आराम मिल जायगा ....

नेहा पर लटकाकर जेसे ही अपने दोनो पर फैलाती है राज के सामने नेहा की चूत पूरी तरह सामने आ जाती है ...

राज एक कपड़े को गरम पानी में भिगोता है और फिर नेहा की चूत पर हल्के हल्के फेरने लगता है ...

नेहा को अपनी चूत पर बड़ा सुकून सा महसूस होता है ...

राज .... कुछ आराम सा मिल रहा है नेहा

नेहा ... हा बहुत आराम मिल रहा है ...

सिकाई करते करते राज का लंड फिर से खड़ा हो जाता है राज का दिल एक बार और करने को करने लगता है ....

और राज नेहा की चूत की फांको में अपनी उंगली चलानी शुरू कर देता है ...

जेसे ही नेहा को राज के इरादे का अहसास होता है ...

नेहा ... लगता है राज अभी तुम्हारा दिल नही भरा ....

राज ... एक राउंड और हो जाए नेहा ...

नेहा ... नही राज मेरी हालत पहले से ही खराब हो चुकी है ...अगर एक और राउंड खेल लिया तो में बिल्कुल घर नही जा पाउन्गी ...

राज नेहा की चुचियो को मसलते हुए ...

राज ...तो फिर आज रात यही रुक जाओ ना

नेहा ... वैसे राज दिल तो मेरा भी नही कर रहा है..मगर मम्मी पापा से क्या कहूँगी....

नेहा राज से बात ही कर रही थी तभी नेहा का फोन बजने लगता है ...

नेहा की मम्मी का फोन था ...

नेहा कॉल रिसीव करती है...मम्मी पूछती है बेटा कहा रह गई

नेहा ... मम्मी में ज्योति के घर आ गई थी बस 5 मिनिट में निकलती हू और ये कहकर नेहा फोन काट देती है ...

और नेहा जल्दी जल्दी अपने कपड़े पहनकर राज के घर से निकल जाती है ....

रात को राज के पास डॉली का फोन आता है ....

डॉली... हेलो राज कैसे हो ...

राज ... तुम पर क्या फरक पड़ता है दीदी मुझे अकेला छोड़कर चली गई और अब पूछती हो केसा हू ...

डॉली... अर्रे मेरा भाई तो अभी तक खफा है हम से ...हम ने तो अपने भाई का अकेलापन दूर करने के लिए नेहा से कहा था ...क्या नेहा नही आई तुम्हारे पास ..

राज को अपनी दीदी की बात सुनकर शॉक लगता है राज के पास दीदी की बात का जवाब नही था

( राज मन ही मन सोचता हुआ…. तो ज्योति से नही दीदी से बात हुई थी नेहा की )

डॉली... कहाँ खो गया राज में तुमसे पूछ रही हू नेहा आई थी क्या ...

राज ... हा आई थी और बस ज्योति को पूछ कर चली गई

डॉली... ओह्ह्ह चली गई ...

राज... क्या नेहा की बात लेकर बैठ गई...क्या हो रहा है वहाँ पर ...

डॉली... यहाँ पर बड़ा मज़ा आ रहा है

राज अभी भी डॅन्स प्रोग्राम चल रहा है .....

ज्योति ने ऐसा ज़बरदस्त डॅन्स किया सब देखते रह गये ...

राज ... अच्छा जी तो हमारी ज्योति डॅन्स भी करती है ...और हमे पता भी नही ...

डॉली.. मेंने उसकी वीडियो बनाई है अभी भेजती हू तुम्हे ...

राज ... .. दीदी क्या तुमने भी किया था डॅन्स

डॉली.. अर्रे भाई मुझे कहाँ आता है डॅन्स..

राज ... हा तुम्हे तो बस दिल जलाना आता है ...

डॉली... वैसे जलने की बू तो आ रही है ...

( और डॉली खिलखिलाकर हँस पड़ती है )

राज ... एक बार घर तो आ जाओ अपने रॉकेट से ऐसी आग लगाउन्गा. जलाना भूल जाओगी ...

डॉली... ऊहह हो तो हमारे भाई के पास रॉकेट भी है में तो माचिस की तिल्ली समझ रही थी ...
 
राज कुछ कहता इससे पहले डॉली फोन काट देती है ....

राज हेलो हेलो करता रह जाता है मगर डॉली दीदी लाइन पर नही थी ...

तभी राज के व्हाट्सअप पर डॉली का वीडियो आता है ...

राज वीडियो ओपन करके देखता है ...

बोले चूड़ीया बोले कंगना सॉंग पर ज्योति डॅन्स कर रही थी...

राज ने सोचा भी नही था ज्योति इतना बढ़िया डॅन्स भी करती है ...

ज्योति का वीडियो देखकर राज का दिल चाह रहा था काश में भी वहाँ पहुच जाऊ ...

बिस्तर पर लेटे हुए राज को डॉली और ज्योति की बहुत कमी महसूस हो रही थी ...

और यही राज याद करते हुए राज की आँख लग जाती है ....

सुबह राज की आँखे नेहा के फोन से खुलती है ....

नेहा ... हाई राज गुड मॉर्निंग

राज ... गुड मॉर्निंग नेहा केसी हो

नेहा ... मेरा हाल मत पूछो राज ..

राज ... क्यूँ क्या हो गया तुम्हे

नेहा...पता है अभी तक बिस्तर में हू मुझसे तो अभी भी चला नही जा रहा...

राज ...तुम भी ना बहुत ही नाज़ुक हो..

में तो आज अपने राजू को तुम्हारा दूसरा घर दिखाना चाहता हू ... ..

नेहा राज का मतलब फॉरन समझ जाती है ...

नेहा ...लगता है मेरी जान लेने का इरादा है तुम्हारा ...

राज ... मेरा राजू बहुत भोला है वो किसी की जान नही ले सकता ...

नेहा ... में जानती हू कितना भोला है तुम्हारा राजू वो तो शूकर है आज सनडे है और मम्मी पापा की नज़र मेरी चाल पर नही गई ..अगर मुझे चलते हुए मम्मी पापा की नज़र पड़ जाती ...तो उन्हे समझते देर ना लगती ..की उनकी बेटी किसी से चुदकर आई है ....

नेहा की बाते राज को उत्तेजित कर देती है

जिससे राज का हाथ अपने लंड पर पहुच जाता है ..लंड पूरा अकड़कर खड़ा हो चुका था ....

राज ... नेहा क्या तुम मेरे घर आ सकती हो ..

नेहा ... क्यूँ नही तुम बुलाओ और में ना आऊँ ऐसा तो कभी हो नही सकता ...मगर राज घर पर अभी मम्मी पापा है और अगर में उनके सामने लडखडाती हुई तुम्हारे पास आउन्गी तो सोचो क्या होगा उनको जाने दो फिर आती हू ...

राज ... ओह्ह्ह ये बात है तुम्हारे मम्मी पापा कहा जाएँगे

नेहा ... मम्मी पापा हर सनडे गाँव जाते है वहाँ पर पापा हमारा बहुत बड़ा फार्महाउस है ...

राज ... अच्छा तो तुम सनडे को घर में बिल्कुल अकेली रहती हो ...

नेहा ... नही संजना दीदी है जो घर में खाना वागेहरा बनाती है ...

राज ... ओह

नेहा ... क्या हुआ

राज ... में सोच रहा था में ही आ जाऊं तुम्हारे पास ...

नेहा ... हाँ क्यूँ नही मुझे बहुत खुशी होगी तुम्हारे आने की आ जाओ में तुम्हारे लिए अपना सब कुछ खोल के रखूँगी ....

राज .... संजना दीदी के सामने

नेहा ... तुम उनकी टेंशन ना लो.. में तुम्हारा 10 बजे इंतज़ार करूँगी ...

राज जेसे ही बिस्तर से उठता है राज का लंड स्प्रिंग की तरह ऊपर नीचे झूलने लगता है ...

राज ... बस थोड़ा सा सब्र कर मेरे राजू... आज तुझे एक और महल में घूमने का मोका मिल जायगा ....

और राज बाथरूम में पहुच कर खूब अच्छी तरह मल मल कर नहाता है

राज को लंड के पास हल्के हल्के बाल दिखते है ..राज रेजर से उन्हे भी अच्छे से सॉफ करता है ...और फिर अपने रूम में आकर ब्लू जींस और वाइट टी शर्ट पहन कर तैयार होता है ...

राज तैयार होकर अपनी बाइक से नेहा के घर के लिए निकल पड़ता है. ..

रास्ते में मार्केट से नेहा के लिए एक गुलाब का फूल लेता है ...

करीब 10.15 बजे राज नेहा के घर के सामने खड़ा था ....

नेहा 10 बजे से दरवाज़े पर ही खड़ी राज का इंतज़ार कर रही थी ...ये 15 मिनिट नेहा के बड़ी मुश्किल से कटे थे ...

राज को देखकर नेहा का चेहरा खिल् जाता है और नेहा एक गाना गुनगुनाने लगती है ....

देर लगी आने में तुमको शूकर है फिर भी आये तो आइए आपका इंतज़ार था ....
 
अपडेट......28.........

राज बाइक खड़ी करके जेसे ही नेहा के पास आता है नेहा गेट पर ही राज को अपने गले लगा लेती है ...

नेहा ने टॉप के अंदर ब्रा भी नही पहनी थी ..जिससे राज को नेहा की चुचि अपने सीन पर सॉफ महसूस होती है ...

राज ... दरवाज़े पर ही खड़ा रखोगी या अंदर भी बुलाओगी ...

नेहा ... मेंने तो पहले से तुम्हारे लिए सारे दरवाज़े खोल रखे है.तुमको इजाज़त लेने की क्या ज़रूरत है. मेरे घर तुम्हारा ही तो है कभी भी घुस सकते हो

राज ... ओह्ह्ह ये बात है तो चलो घुस जाते है ....

राज और नेहा बाँहो में चिपके चिपके घर के अंदर दाखिल हो जाते है ....

नेहा ... आई लव यू राज तुम्हारे आने की मुझे कितनी खुशी है में बता नही सकती...

राज कुछ कहे बिना नेहा के होंटो को चूमने लगता है...जेसे राज घर से यही सब करने आया था ....

नेहा भी किस करते हुए राज का साथ देने लगती है...और ऐसे ही लिपटाते चिपटाते नेहा राज को अपने बाथरूम तक ले आती है .

राज नेहा को बॅड पर धकेलते हुए एक दम उसके ऊपर आ जाता है और नेहा की चुचि को हाथ में लेकर ज़ोर से मसलने लगता है ...

राज को उपर वाले ने शायद बड़ा ही बेसबरा बनाया है...

तभी तो राज इतनी जल्दी नेहा के कपड़े उतारने लगा था ...

नेहा राज की ऐसी दीवानी हो गई थी जिस्म तो क्या राज के एक इशारे पर जान दे सकती है ....

टॉप उतरते ही नेहा की दोनो चुचियाँ राज के हाथो में आ चुकी थी और राज उनके निप्पल को मूह से लगाकर रसीले आम की तरह निचोड़ निचोड़ कर चूसने लगता है

....

नेहा दर्द से सिसकारियाँ लेने लगती है ...

नेहा ....ऊहह राअज्जजज सस्सीईई आअहह उउउइईई उफफफफफफफफफकककक्सीईई

नेहा राज की किसी भी हरकत का विरोध नही करती बल्कि राज का साथ देने के लिए अपना हाथ नीचे ले जाकर राज की जींस खोलने लगती है ...राज भी अपना पेट ढीला करता है जिससे नेहा आसानी से राज की जींस उतार देती है अंडरवेर के ऊपर से ही नेहा राज का लंड पकड़ लेती है ....

राज का लंड पहले ही आकड़ा हुआ था नेहा के पकड़ते ही लंड में और भी अकड़ाहट आ जाती है ...और नेहा राज का अंडरवेर भी उतार देती है...लंड नेहा के सामने पूरी तरह

अकड़कर खड़ा था

नेहा ...तुम्हारा राजू तो बहुत अकड़ रहा है ...

राज .... इसने जबसे तुम्हारा घर देखा है

बिल्कुल बावला हो चुका है ..

नेहा ... अच्छा जी इससे इतना पसंद आया मेरा घर .....

राज ... हा तभी तो साले का अपने घर में मन नही लग रहा था...

नेहा ... क्या कह रहा था तुमसे

राज ... बस सुबह से याद करके आँसू बहाए जा रहा था और मुझसे इसकी हालत देखी ना गई ले आया तुम्हारे पास...

नेहा ... ठीक किया तुमने इससे मेरे पास लाकर में अभी इसकी सारी ख्वाहिश पूरी कर दूँगी ...

और ये कहकर नेहा राज के लंड को अपने होंटो में लेकर लॉलीपोप की तरह चूसने लगती है ....

राज तो जेसे तड़प ही जाता है ...राज को लगता है अगर थोड़ी देर नेहा ऐसे चुसेगी तो काम तमाम हो जायगा ....

राज एक दो मिनिट में ही नेहा के मूह से अपना लंड निकाल लेता है. ..

और नेहा को बॅड पर लेटता हुआ अपने हाथो में दोनो टाँगे पकड़ फैलाते हुए अपना लंड चूत पर सेट करता है और एक जोरदार धक्का लगा देता है...

राज इतनी ज़ोर से धक्का मारता है नेहा

बॅड पर 6 इंच आगे हो जाती है ...

नेहा ....आअहह राज उउईईईईईई उउफफफफफफ्फ़

आहिस्ता से करूँऊओढीर्री ससीए करूँऊ ऊफफफफ्फ़ उउईईईईईई
 
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