फुल एर कंडीशनर रूम सामने दीवार पर लगी बड़ी सी एल ई डी और बॅड ऐसा जेसे किसी दुल्हन के लिए सजाया हो ज्योति बॅड पर बैठ कर देखती है ..बैठते ही उसको बड़ा मज़ा सा आ जाता है ...
ज्योति को लग रहा था जेसे किसी राजमेहल में आ गई हो ...
नेहा भी ज्योति के बराबर में लेट जाती है ...
नेहा ...ज्योति केसा लगा मेरा रूम
ज्योति ....वूओवव्व नेहा में बता नही सकती मुझे कितना पसंद आया बस यू समझ ले इससे बढ़िया कोई हो नही सकता तेरे तो मज़े ही मज़े है ...
नेहा ...ज्योति में ये सब छोड़कर सारी ज़िंदगी छोटे से घर में बिता सकती हू
....
ज्योति ...क्यूँ भला
नेहा ...तेरी भाभी बनकर राज के घर में ज्योति ....
ज्योति ...अच्छा जी ये बात है
...........
नेहा .. ज्योति अपनी ड्रेस चेंज कर ले
ज्योति ....हा यार कोई हल्का सा टॉप निकाल दे ..
नेहा ज्योति के लिए लोवर टॉप निकालती है ..
नेहा ..तू कपड़े चेंज कर में तेरे लिए दूध लेकर आती हू ..
ज्योति अपने कपड़े उतारकर टॉप और लोवर पहन लेती है ...
थोड़ी देर बाद नेहा भी ज्योति के लिए दूध ले आती है ....
और फिर नेहा एलईडी चलाते हुए ज्योति से पूछती है कोई मूवी देखनी है ...
ज्योति ....हा लगा दे यार
नेहा ...केसी मूवी देखना पसंद करोगी
ज्योति ...कोई भी लगा दे ...
नेहा को शरारत सूझती है ...पॉर्न देखेगी
ज्योति ...सेटप नेहा मेरा मतलब ये नही था ...
नेहा ...हा हा मुझे मालूम है तूने तो आज तक बी ग्रेड मूवी भी नही देखी होगी .
नेहा एलईडी में पेन ड्राइव लगाती है और एक मूवी प्ले करती है ....
ज्योति ....ये कौन सी मूवी लगाई है
नेहा ..लस्ट स्टोरीस
और नेहा भी ज्योति की बगल में लेट कर मूवी देखने लगती है
मूवी में बहुत सारे सेक्सी सीन भरे हुए थे ..
ज्योति रिमोट वाइब्रटर वाला सीन देखकर नेहा से पूछती है ...
ज्योति ...ये क्या है
नेहा ...ये एक वाइब्रटर होता है जिसे योनि पर लगाकर मास्टरबेट करते है ...
राज और डॉली काफ़ी देर से एक दूजे की बाँहो में थे... राज को डॉली से केसा प्यार होने लगा था ये तो राज भी नही जानता था ....
डॉली... राज काफ़ी रात हो चुकी है में भी सोने जा रही हू तू भी सो जा ...
डॉली राज की बाँहो से निकलती है और जेसे ही रूम से बाहर जाने लगती है राज डॉली को आवाज़ देता है ....
राज ...दीदी थोड़ी देर रुक जाओ ना प्लीज़
राज की आवाज़ में बड़ी कशिश थी डॉली के पाँव एक दम रुक जाते है और वापस पलट राज के बहुत करीब आती है ...
डॉली... क्या बात है राज कुछ कहना चाहते हो क्या ...
राज ... हा दीदी...
डॉली..क्या कहना चाहते हो राज मेरा दिल भी तुम्हारी बाते सुनना चाहता है ...
राज कहता कुछ नही बस आगे बढ़कर फिर से डॉली से लिपट जाता है
और अपना चेहरा बिल्कुल डॉली के होंटो के करीब लाते हुए ..
राज ...दीदी मेरा ऐसा दिल कर रहा है बस आपकी बाँहो में ही रहूं ...
राज की ग्रप्थ डॉली पर फिर से टाइट होने लगी थी और राज के हाथ अपने आप डॉली की कमर को सहलाने लगते है ....
इस बार डॉली राज को हर्ट करना नही चाहती थी इस वजह से डॉली राज की बाँहो से निकलने की कोशिश भी नही करती ....
राज डॉली के जिस्म को मदहोश करता जा रहा था मदहोशी में राज अपने होंटो से डॉली के गाल चूम लेता है ...
मगर इस बार बिना काटे ...
डॉली को अपने जिस्म में राज के इस तरह किस करने से सनसनाहट सी महसूस होने लगती है ....
डॉली को लगता है आज राज के इरादे नेक नही है यहाँ से चलने में ही उसकी भलाई है ...
डॉली...राज पता है रात के 11 बजने वाले है सुबह ऑफीस भी जाना है ...
डॉली दोबारा राज की बाँहो से निकलना चाहती है
मगर राज डॉली को बॅड पर धक्का दे देता है और खुद भी डॉली के ऊपर चढ़ जाता है और इससे पहले डॉली कुछ समझ पाती राज अपने होंटो को डॉली के होंटो से मिला देता है ....
डॉली एक दम शॉक्ड हो जाती है उससे राज से ऐसी उम्मीद नही थी राज इतना कुछ भी कर सकता है ...
डॉली बेजान सी राज के नीचे दबी हुई थी ..
राज ने उसके होंटो को अपने होंटो से लॉक किया हुआ था जिससे कुछ बोल भी नही सकती थी बस अपनी आँखो से राज से कहना चाह रही थी जेसे ही राज से आँखे मिलती है ...
राज प्लीज़ ऐसा कुछ मत करो छोड़ो मुझे ये ग़लत है भाई ...
मगर राज डॉली के होंटो को ऐसे चूसने लगा था जेसे उसके होंटो पर शहद लगा हो ....
राज के ऐसा करने से डॉली के हाथ राज के कंधो को पकड़ लेते है और डॉली फिर से राज को धक्का देना चाहती थी..मगर तभी डॉली को याद आता है कैसे राज घर छोड़ कर चला गया था ...
तब तक राज के हाथ फिर से डॉली के उभारों पर आ गये थे और होंटो को चूस्ते हुए फिर से उभर दबाने लगा मगर इस बार राज के हाथो में बिल्कुल भी शख़्ती नही थी
बड़े ही आहिस्ता से सहलाया था राज ने ...
डॉली अभी तक बेबस राज के नीचे दबी हुई थी ना आवाज़ निकाल सकती थी ...और ना ही राज को धक्का दे सकती थी बस दिल में एक ही बात थी ....नही राज ऐसा कुछ मत करो ये ग़लत है .....
थोड़ी देर बाद जेसे ही राज डॉली के होंटो को आज़ाद करता है ...
डॉली....राज प्लीज़ छोड़ो मुझे ऐसा मत करो ये ग़लत है ..
राज की पकड़ जेसे ही ढीली होती है
डॉली फॉरन राज के नीचे से निकल जाती है ...
और रूम से बाहर जाने लगती है ...
राज ...दीदी प्लीज़ रुक जाओ ना
डॉली...नही राज में तुम्हारे साथ ये सब नही कर सकती ....
राज भी बॅड से उठकर डॉली का हाथ थाम लेता है
राज ....आई लव यू दीदी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो ...
डॉली... राज में तुम्हारी बहन हू हमारे बीच ऐसा कुछ नही हो सकता ...
राज ...दीदी मुझे मालूम है मगर में क्या करूँ मुझे तुम्हारे सिवा कोई अच्छा नही लगता ...
डॉली... ओह्ह्ह्ह राज तुम समझते क्यूँ नही में तुम्हारे साथ सेक्स नही कर सकती ....
और किसी को पता चल गया तो मेरी ज़िंदगी बर्बाद हो जाएगी..
अगर तुम्हे सेक्स ही करना है... तो तुम नेहा के साथ भी कर सकते हो बहुत पसंद करती है तुम्हे मना भी नही करेगी ...
राज .... ठीक है दीदी में प्रॉमिस करता हू में आपके साथ सेक्स नही करूँगा ... मगर दीदी
डॉली...मगर क्या
राज ... दीदी में चाहता हू आज रात आप मेरी बाँहो में सो जाओ ....
डॉली... मेरी बाँहो में नींद आ जाएगी तुझे फिर से वही शरारत करेगा ...
राज ... मेंने प्रॉमिस तो किया है दीदी में आपके साथ सेक्स नही करूँगा ....
डॉली सोचती है राज के साथ सोने में क्या बुराई है ...
राज को लग रहा था आज उसकी लॉटरी लगने वाली है ... उतावलेपन में अंधेरे के कारण ठोकर खा बैठता है....
ये तो शूकर था राज सीधी डॉली के ऊपर जा गिरता है ...
डॉली... उफफफफ्फ़ राज आराम से भी तो आ सकते हो ...
राज ...दीदी अब मुझसे सबर नही हो रहा.....
और राज डॉली को अपनी बाँहो में भर लेता है ....
राज ....ओह्ह्ह दीदी आई लव यू
राज दीदी के चेहरे पर फिर से अपने होंठ रख देता है और एक हाथ सीन पर लेजाकर आहिस्ता से सहलाने लगता है ....
डॉली....आहहस्स्सीईई ऊहह राज
राज ने लाइफ में किसी लड़की को अभी तक छुआ भी नही था... और आज राज को मोका मिला बेसबर तो होना ही था ....
दीदी का चेहरा चूमते हुए राज गर्दन पर पहुच चुका था....
राज डॉली को किस ऐसे कर रहा था जेसे दीदी के जिस्म पर मक्खन मलाई लगी हो और उसे चाट रहा हो ...
डॉली भी राज की हरकत से तड़प जाती है ...
डॉली...ओफफफफफफफफूऊ सस्स्सीई आआअहह ऊवू राज्ज्जज्ज ये तुम क्या कर रहे हो उफफफ्फ़ .....
राज ....दीदी आपको भी मज़ा आ रहा है ना...
डॉली....ओह्ह्ह राज तुम्हे किस करनी है तो जल्दी से कर लो ... ...
राज ....दीदी इतनी भी क्या जल्दी है किस भी कर लेंगे पहले थोड़ा प्यार तो कर लू ...
डॉली को लगता है राज ने ज़रूर पहले किसी के साथ ये सब किया हुआ है ...
राज .... दीदी अपना टॉप उतार दो
डॉली...ओह्ह्ह राज किस ही तो करनी है ऐसे ही कर लो ...
राज ....दीदी ऐसे मज़ा नही आयेगा प्लीज़ उतार दो ना...
डॉली...ठीक है राज मगर बस एक बार ..
और डॉली अपना टॉप उतार देती है टॉप के नीचे डॉली ने सिर्फ़ एक पेंटी पहनी हुई थी
उफफफफ्फ़ अपनी दीदी को इस रूप में देखकर राज की तो धड़कन ही रुक जाती है ...
ये देखकर लंड भी अपने पूरे शबाब में अकड़कर खड़ा हो जाता है जेसे अभी लोवर फाड़ कर बाहर निकल आयेगा ...अंधेरे की वजह से डॉली की नज़र राज के लंड पर नही पड़ती ....
डॉली का मदमस्त करने वाला अनछुआ यौवन ... जेसे राज को आमंतरण दे रहा हो...
लूट लो अपना लॉटरी का इनाम ...
राज फिर से बेसबरा हो जाता है और दोनो उभारों पर टूट पड़ता है जेसे वाक़ई अपना इनाम हड़प रहा हो ...
डॉली.... उफफफफ्फ़ राअज्जज आराम से भी तो कर सकते हो दर्द होता है ...
पता नही तुम किस जनम का बदला ले रहे हो जो मुझसे ....
राज ...दीदी ऐसा मोका फिर कहाँ मिलेगा ले लो आप भी मज़े
डॉली... तुम ही लो मज़े मुझे तो लग रहा जेसे तुम मेरी जान लेकर छोड़ोगे आज ....
राज ये तुम क्या कर रहे हो प्लीज़ बस करो मुझे कुछ हो रहा है ....
मगर राज पर डॉली की बातो का कोई असर नही होता बल्कि इस बार हाथ की जगह अपनी जीब डॉली के पेट पर फेरने लगता है ...
और जेसे ही राज अपनी जीब से नॉविल के पास चाट्ता है
डॉली तो मचल ही उठती है लगता है जेसे उसका जिस्म हवा में उड़ने लगा है
राज आगे बढ़ते हुए पूरी तरह अपनी दीदी के उपर आ जाता है जिससे राज का तना हुआ लंड डॉली की योनि पर आ जाता है ....राज जेसे ही अपनी जीब को निप्पल पर लगाता है ...
डॉली की योनि भी अपना रस टपका देती है
डॉली....उफफफ्फ़ राज सस्सीई ऊओह बॅस करूऊओ प्लीज़ मगर अब डॉली को भी अच्छा लगने लगा था डॉली के हाथ खुद बा खुद राज की कमर पर दवाब देने लगे थे ...
जिससे राज का लंड भी चूत पर और दबने लगा था डॉली भी राज के लंड को अपनी चूत पर फील कर रही थी ..
डॉली की चूत पूरी तरह सुलग चुकी थी किसी भी पल अपना लावा बाहर फेकने वाली थी ...
राज बारी बारी दोनो निप्पल चूसने में लगा था जेसे उसे कोई अमृत मिल गया हो ....
तभी डॉली राज की कमर में अपने नाख़ून गढ़ाती हुई राज को ज़ोर से नीचे दबाती है और खुद भी नीचे से अपनी चूत को लंड से मिलाते हुए सिसकारने लगती है ...
डॉली की पेंटी योनि रस से पूरी तरह गीली हो चुकी थी गीलेपन की वजह से लंड थोड़ा और चूत की फांको में फसने लगता है राज भी बेकाबू हो जाते है और डॉली की चूत पर घिस्से लगाने लगता है.
उत्तेजना में डॉली एक दम राज के होंटो को चूमने लगती है. और एक दम डॉली की चूत पानी छोड़ देती है
डॉली बेजान सी आँखे बंद कर बिस्तर पर पड़ जाती है ...
राज का भी उत्तेजना में बुरा हाल हो चुका था और फिर अपना लंड हाथ में पकड़ जल्दी जल्दी आगे पीछे करने लगता है और ज़रा ही देर में राज का लंड भी पानी छोड़ देता है ....
राज की नज़र अपनी दीदी पर पड़ती है
डॉली इतनी देर में गहरी नींद में जा चुकी थी ....
ये देख राज मुस्कुराता हुआ अपनी दीदी की बगल में सो जाता है
.........
सुबह 7 बजे राज का मोबाइल बज उठता है
राज आँखे खोलता हुआ उठता है डॉली उसकी बगल में टॉपलेस लेटी हुई थी ...
राज का फोन बज रहा था ..
राज अपना मोबाइल उठा कर रिसीव करता है
राज....हेलो कौन
दूसरी तरफ से आवाज़ सुनता है
राज .....ओह माइ गॉड कैसे हुआ ये सब में बस पहुचता हू ...
तभी डॉली की आँख भी खुल जाती है ...
अपनी हालत देख पहले जल्दी से अपना टॉप पहनती है ....
हॉस्पिटल में ऑपरेशन रूम के पास पहले से ही ऑफीस का सारा स्टाफ माजूद था सभी का चेहरा हालत बया कर रहा था ..कोई बहुत बड़ी अनहोनी हो चुकी है ...
सभी की आँखे नम थी
राज आहिस्ता से मॅनेजर से पूछता है .... कैसे हुआ ये सब
मॅनेजर... विशाल सर अपनी फॅमिली के साथ आगरा से लौट रहे थे रास्ते में ट्रॅक से उनकी कार का आक्सिडेंट हो गया ...
राज ...ओह्ह्ह नो ये तो बहुत बुरा हुआ डॉक्टर क्या बोल रहे है...
मॅनेजर ... अभी ऑपरेशान चल रहा है मेडम की हालत बहुत नाज़ुक है ...उनको जब तक होश नही आ जाता कुछ कहा नही जा सकता ...
बस अब तो उपर वाले का ही सहारा है भगवान से दुआ करो जल्दी से हमारे सर पहले की तरह अच्छे हो जाए ....
राज ... हा में भी दुआ करता हू भगवान जल्दी से उन्हे ठीक कर दे ....
थोड़ी देर बाद डॉक्टर बाहर आता है ...
डॉक्टर्स...विशाल तो ख़तरे से बाहर है
मगर हम मेडम को बचा नही सके ..
ये सुन सभी की आँखो से आँसू निकल जाते है ... राज की आँखे भी गीली हो जाती है बॉस की शादी को 2 साल भी नही हुए थे इतना बड़ा सदमा पता नही कैसे बर्दास्त कर पायंगे .....
घर वालो का भी रो रो कर बुरा हॉल था ...
मगर मौत के आगे किसका बस चलता है
......
शाम को राज और डॉली नम आँखो से विदा लेकर घर लौट आते है ...
........
3-4 दिन ऑफीस भी बंद रहता है मगर राज और डॉली डेली विशाल से मिलने हॉस्पिटल जाते है ....
विशाल के पापा संजीव रॉय.. राज से कहते है ....राज डॉक्टर्स बोल रहे है विशाल के जख्म भरने में कम से कम महीना भर लग जायगा ... में आज से तुम्हे ऑफीस की सारी ज़िम्मेदारी देता हू तुम जाकर ऑफीस का काम सम्भालो ....
राज ...जी अंकल ठीक है आप फिकर ना करे में सब संभाल लूँगा...
संजीव रॉय... गुड मुझे तुमसे यही उम्मीद है ...और हा यहाँ हॉस्पिटल में भी किसी एक की ज़रूरत है जो रात को यहाँ रुक सके ..
तुम्हारी नज़र में ऑफीस में है कोई जिसपर तुम्हे सबसे ज़्यादा भरोसा हो ...
राज .... में देखता हू सर कौन रुक सकता है....
संजीव रॉय .... ठीक है देखकर भेजो
राज और डॉली हॉस्पिटल से निकल जाते है ...
राज को समझ नही आ रहा था अपने बॉस के पास किसकी ड्यूटी लगाए मगर राज को ऐसा कोई भी नज़र नही आ रहा था जिसपर आँखे बंद करके भरोसा कर सके ...
तभी राज अपनी दीदी की आँखो में सवाल भरी नज़रो से देखता है.. जेसे राज पूछ रहा हो क्या तुम ये ड्यूटी कर सकती हो दीदी ....
डॉली भी राज की आँखे पढ़ लेती है
डॉली... राज तुम यही सोच रहे हो ना क्या में बॉस के पास रुक सकती हू
राज ... हा दीदी में यही सोच रहा हू मुझे तुम्हारे अलावा किसी पर भरोसा नही लगता ...
डॉली...ठीक है राज में आज से ये ड्यूटी भी करने को तैयार हू ...
राज .... ओह्ह्ह दीदी यू आर ग्रेट ....थॅंक यू सो मच पता है तुमने मेरी बहुत बड़ी टेंशन दूर कर दी .....
राज डॉली को घर छोड़ता है और फिर अकेला ऑफीस चला जाता है ....