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Incest जिंदगी के रंग अपनों के संग

मॉम खाना लेने को चली गयी कि तभी अमृता दी की एंट्री हुई.में सच में क्या किस्मत पाई है मैने साला सारी जिंदगी ही ससपेन्स में है और मेरे भाई लोग बोलते है कि मैने ससपेन्स बना रखा है अब आप लोग ही बताओ कि अगर अमृता दी 02 मीं पहले आ जाती तो उन का क्या बिगड़ जाता .

अमृता दी-तुम यहाँ क्या कर रहे हो बैठे तो ऐसे हो जैसे कि मालिक हो इस घर के.

में-हाँ अब हूँ मुझे गोद ले लिया है मिस्टर.गुप्ता यानी कि मेरे डॅड ने और आप कौन है .

अमृता-क्या बकवास है ये ये तुम्हें बहुत भारी पड़ेगा.

में-हल्की चीज़ो का मुझे शॉक भी नही है.अगर आपको विश्वास नही हो रहा तो अभी विश्वास दिला देता हूँ. मॉम खाना लाने में और कितना टाइम लगेगा.

मॉम-(किचन से ही) बस ला रही हूँ दो मिनट रुक जा .

में-अब तो विश्वास हो गया की और कोई डाउट है.

अमृता दी-ये सब हो क्या रहा है मुझे तो कुछ समझ ही नही आ रहा.

मॉम-अरे अमृता तुम कब आई आओ बैठो

अमृता दी-ये सब क्या है आंटी आप ने इसे गोद ले लिया और किसी को बताया भी नही और वो भी एक नौकर को.

मॉम-ये क्या बकवास है अमृता उस दिन अजय ने तुम को नाश्ता क्या सर्व कर दिया तुम ने इसे नोकर बना दिया शर्म आनी चाहिए तुम्हें

ये तुम्हारा छोटा भाई है.

में-दीदी जी नमस्ते.

अमृता दी-पर आंटी अभी अभी तो इसने कहा कि आप ने और अंकल ने इसे गोद लिया है.और उस दिन भी इसने मुझसे ये ही कहा था

कि पार्टी के तैयारियों के लिए आया है .

मॉम-में बिल्कुल तेरी बात से सहमत हूँ इस ने कहा होगा ऐसा बहुत ही नौटंकी बाज और शैतान है ये.

ये अजय है जो अपने मामा मामी के साथ बाहर रहता था कुछ दिन पहले ही इंडिया आया है अब यही रह के अपनी आगे की स्टडी करेगा.

तू रुक तुझे में अभी बताती हूँ तूने मुझे बुद्धू बनाया ना.और दी मुझे सोफे के कुशन से मारने लगी और में बचने के लिए मॉम के पीछे छुप गया जब दी थक गयी तो उन्होने अपनी हार मानते हुए अपने हथियार डाल दिए.मैने मोका देख के उन को पीछे से गले लगा लिया और वो मेरे सिर पे हाथ फेरने लगी.

में-मॉम अमृता दी मुझसे बड़ी है या सेम एज की है में काफ़ी कॅनफ्यूज़ हूँ.

मॉम-बड़ी है 6 मंत्स.

में-मर गया अब तो .

अमृता दी-और नही तो क्या चल अपना समान पॅक कर और गुड़िया के साथ तू भी चल रहा है मेरे साथ.

में-कोई कही नही जा रहा हमारा कुछ और प्लान है.

अमृता दी-क्या प्लान है कोई प्लान नही .

में-अब कुछ नही हो सकता मैने सब को बोल दिया है और हम घूमने जा रहे है अगर आप चाहे तो आप भी हमारे साथ चल सकती है.

गुड़िया -नही दी नही जाएगी .

में-तू कब आई तुझे तो मैने देखा ही नही.

गुड़िया -बस अभी ही आई हूँ और प्ल्ज़ भाई दी को मत लेके जाओ ना.

में-तू टेन्षन ना ले तेरा बदला भी तो लेना है साथ में सबक सिखाना दी को वहाँ.

अमृता दी-क्या खुसुर फुसुर हो रही है तुम दोनों में.

में-कुछ नही आप चल रही है ना.

अमृता दी-पता नही मॉम से पूछना पड़ेगा.

में-वो मॉम पूछ लेगी क्यूँ मॉम.

मॉम-ओके चल में बात कर लूँगी तू भी तैयारी कर ले.

अमृता दी-पर मेरे पास मेरा समान नही है.

में-तो क्या हुआ चल के शॉपिंग कर लेते है वैसे भी मुझे और मेरी प्रिंसेज़ को तो शॉपिंग करनी ही है.

गुड़िया -और नही तो क्या आपको चलना है तो आप भी चल सकती है.

अमृता दी-देखो कैसे भाई के आने से चींटी के भी पर निकल आए है तुझे तो में बाद में देख लूँगी.

में-ऐसा कुछ नही है.

गुड़िया -बिल्कुल है अब आप मेरा कुछ नही कर सकती अब मुझे बचाने वाला आ गया .

में-क्यूँ पिटवाने पे तुली है तुझे पता तो है कि लड़कियों का टॉप फ्लोर खाली होता है कब गरम हो जाए पता नही.

गुड़िया -आपके कहने का मतलब क्या है कि मेरा भी ...

में-अरे नही तुझे छोड़ के तू तो स्पेशल है.
 
badlraj wrote: ↑ 14 Oct 2020 10:16
कहानी मस्त जा रही है मित्र ।
 
में-क्यूँ पिटवाने पे तुली है तुझे पता तो है कि लड़कियों का टॉप फ्लोर खाली होता है कब गरम हो जाए पता नही.

गुड़िया -आपके कहने का मतलब क्या है कि मेरा भी ...

में-अरे नही तुझे छोड़ के तू तो स्पेशल है.

गुड़िया -तब ठीक है

अमृता दी-कब चलना है शॉपिंग पे.

में-बस कुछ देर में चलते है रवि और जिया दी को भी बुला लेता हूँ अच्छा रहे गा.

अमृता दी-वैसे कहाँ जा रहे है हम.

में-वो स्पेशल लोगो को ही पता है और आप स्पेशल लोगो में नही आते तो वेट आंड वॉच.

गुड़िया धीरे से मेरे कान में मुझे तो बता दो में तो स्पेशल हूँ.

में-मुझे क्या पता प्लान तो तेरा था तुझे पता होना चाहिए कि कहाँ जाना है.

गुड़िया -हे भगवान क्या सारा काम इस छोटी सी बच्ची से ही करवाओगे कुछ खुद भी कर लो.

में-अच्छा कुछ ज़्यादा नही हो रहा.

गुड़िया -कम की हमें आदत नही है.हम अपने रूम में आराम करने जा रहे है जब हम वापस आए तो हमें हमारे सवाल के जबाब मिल जाने चाहिए.

में-तू रुक तुझे बताता हूँ में.

पर वो भाग के अपने रूम में पहुँच गयी उस का रूम नीचे होने का एक ये फ़ायदा भी था वापस आ के सबसे पहले इसका रूम उपर

सेट करवाता हूँ तब बात बनेगी नही तो ये तो हमेंशा ही बच जाएगी.

मैं-- दी आप भी आराम कर लें जब जाना होगा में आप की बता दूँगा और में भी आराम करने चला गया .**

में अभी अपने कमरे में पहुँचा ही था कि रवि का कॉल आ गया.

में-देख अगर आरजेंट ना हो तो बाद में बात करते है मुझे अभी सोना है.

रवि-कमीने मेरी नीद उड़ा के तुझे सोने की पड़ी है .तूने निशा से बात की या नही.

में-अभी नही में कर लूँगा.

रवि-अभी कर में 5 मिनट बाद दुबारा कॉल कर रहा हूँ और मुझे गुड न्यूज़ ही चाहिए नही तो मुझसे बुरा कोई नही होगा.(और कमिने ने फोन काट दिया.)

मैं- यार कसम से क्या दिन आ गये है यार मेरे कोई भी धमकी दे देता है आज कल.और मैने निशा को कॉल मिलाया और कमाल की बात कि दो रिंग में ही फोन पिक हो गया जैसे कि मेरे ही फोन का वेट कर रही हो.
 
निशा-क्या बात है आज हमारी याद कैसे आ गयी.

में-याद आई नही तुम ने मजबूर किया.

निशा-क्या सच में मुझे तो लगा था कि…

में-वो हेलो मिस तुम कुछ और सोचो उस से पहले ही क्लियर कर दूं कि अभी अभी रवि का कॉल आया था और वो कोई ट्रिप प्लान कर रहा है ऑल फ्रेंड्स+फॅमिली तो तुम को भी इन्वाइट किया है वैसे भी तुमारा प्रॉमिस बाकी है डेट का तो क्या कहती हो ओके है.

निशा-तुम हो ट्रिप में या नही.

में-मेरे से तुम्हे क्या लेना है.वैसे बता दूं कि में उस का भाई और दोस्त दोनों हूँ तो जाहिर से बात है कि मेरा होना तो तय है.

निशा-ओके डन में भी चल रही हूँ.कब चलना है और कितनी दिन का ट्रिप है.

में-कल निकलना है और शायद तीन से चार दिन का ट्रिप है.

निशा-ये तो बता दो कि कहाँ का ट्रिप है .

में-में अब कुछ नही बताने वाला या तो तुम खुद उसे कॉल कर लो या आज शाम को सिटी माल में मिल के उस से पता कर लो हम

सब शॉपिंग के लिए आज सिटी माल में मिलने वाले है.

निशा-ओके तो शाम को मिलते है.

में-ठीक है बाद में बात करते है ओके बाइ.

और मैने फोन काट कर दिया .और कोई 1मिनट बाद ही रवि का फोन आ गया उस को सब बात बता के फोन रख के थोड़ा आराम करने की कोशिश करने लगा.फिर पता ही नही चला कि मेरी आख कब लग गयी मुझे तो जब होश आया जब मुझे कोई हिला के उठा रहा था.मैने बड़ी मेहनत से अपनी आखे खोल के देखा तो गुड़िया मुझे उठा रही थी आज लाइफ में पहली बार मुझे किसी ने बिना पानी के उठाया

था मैने सोचा कि में सपना देख रहा हूँ और में फिर से सोने लगा .तभी कोई मेरे लेफ्ट कान को काटने लगा तब मुझे याद आया कि यार

सपने में दर्द नही होता इसका मतलब ये रियल है और दोस्तो क्या बताऊ क्या चीख निकली मेरी दर्द के मारे की में बता नही सकता.

में-तू रुक कोई ऐसे भी जागता है इससे तो अच्छा पानी ही डाल देती.

गुड़िया -तो में क्या करती पिछले 15 मिनट से उठा रही हूँ और वैसे भी पानी का आइडिया पुराना है.

में-तू रुक तुझे अभी बताता हूँ.

गुड़िया -अगर मुझे कुछ किया ना तो में चिल्ला दूँगी और जिया दी नीचे ही है फिर आपको कौन बचाएगा आप का तो कोई बड़ा भाई भी नही है मेरी तरह.

में-वाह मेरी बिल्ली मुझी से म्याऊ कोई नही हर बिल्ले यानी की इनसेन का वक़्त आता है तुझे तो में छोड़ने वाला नही हूँ.

गुड़िया -में छोड़ने भी नही दूँगी.

और मेरे गले लग गयी और पता नही कैसे पर मेरा झूठा ही सही पर जो गुस्सा था उस पे वो ऐसे गायब हो गया जैसे कि मेरे स्टोरी से

कुछ रिडर्स गायब हो गये है.

में-तुझे छोड़ के इस जनम में तो नही जाउन्गा तू टेन्षन ना ले चल ये बता इतनी मेहनत क्यूँ की.

गुड़िया -मेहनत मैने कहाँ क़ी.

में-मेरा मतलब कि मुझे क्यूँ उठाया.

गुड़िया -सब आप का नीचे वेट कर रहे है शॉपिंग पे नही चलना क्या .

में-तू चल में बस 5 मिंट में आया.और में बाथरूम में चला गया और फ्रेश होने के साथ ही जबरदस्त बाथ ले के वापस अपने कमरे में आ गया अब प्रॉब्लम ये थी कि में पहनु क्या आज पहली बार में गुड़िया के साथ शॉपिंग पे जा रहा था तो स्पेशल तो लगना ही था ना तभी मुझे नैना दी की दी हुई ड्रेस की याद आई और मैं अपने बॅग में उसे ढूँढने लगा.यहाँ आने के बाद मैने अब तक अपना बॅग भी नही खोला था और आज जब खोला तो उस में मुझे शेली का दिया हुआ वो गिफ्ट दिखाई दिया जो उस ने मुझे आते हुए दिया था पर आज टाइम ना होने के कारण मुझे फिर उसे वापिश रखना पड़ा और ड्रेस निकाल के तैयार होने लगा कोई 30 मिनट लगे मुझे तैयार होने में मुझे और झूठ नही बोलुगा आज कसम से किसी हॉलीवुड हीरो से कम नही लग रहा था बस एक ही प्रॉब्लम थी मेरी शॉवलेशस के जो मुझे आज भी बांधनी नही आती थी यहाँ तो नैना दी या मामी बाँध दिया करती थी यहाँ किस से बोलू ये ही समझ नही आ रहा था .की तभी रवि मेरे कमरे में आया .
 
में-क्यूँ पिटवाने पे तुली है तुझे पता तो है कि लड़कियों का टॉप फ्लोर खाली होता है कब गरम हो जाए पता नही.

गुड़िया -आपके कहने का मतलब क्या है कि मेरा भी ...

में-अरे नही तुझे छोड़ के तू तो स्पेशल है.

गुड़िया -तब ठीक है

अमृता दी-कब चलना है शॉपिंग पे.

में-बस कुछ देर में चलते है रवि और जिया दी को भी बुला लेता हूँ अच्छा रहे गा.

अमृता दी-वैसे कहाँ जा रहे है हम.

में-वो स्पेशल लोगो को ही पता है और आप स्पेशल लोगो में नही आते तो वेट आंड वॉच.

गुड़िया धीरे से मेरे कान में मुझे तो बता दो में तो स्पेशल हूँ.

में-मुझे क्या पता प्लान तो तेरा था तुझे पता होना चाहिए कि कहाँ जाना है.

गुड़िया -हे भगवान क्या सारा काम इस छोटी सी बच्ची से ही करवाओगे कुछ खुद भी कर लो.

में-अच्छा कुछ ज़्यादा नही हो रहा.

गुड़िया -कम की हमें आदत नही है.हम अपने रूम में आराम करने जा रहे है जब हम वापस आए तो हमें हमारे सवाल के जबाब मिल जाने चाहिए.

में-तू रुक तुझे बताता हूँ में.

पर वो भाग के अपने रूम में पहुँच गयी उस का रूम नीचे होने का एक ये फ़ायदा भी था वापस आ के सबसे पहले इसका रूम उपर

सेट करवाता हूँ तब बात बनेगी नही तो ये तो हमेंशा ही बच जाएगी.

मैं-- दी आप भी आराम कर लें जब जाना होगा में आप की बता दूँगा और में भी आराम करने चला गया .**

में अभी अपने कमरे में पहुँचा ही था कि रवि का कॉल आ गया.

में-देख अगर आरजेंट ना हो तो बाद में बात करते है मुझे अभी सोना है.

रवि-कमीने मेरी नीद उड़ा के तुझे सोने की पड़ी है .तूने निशा से बात की या नही.

में-अभी नही में कर लूँगा.

रवि-अभी कर में 5 मिनट बाद दुबारा कॉल कर रहा हूँ और मुझे गुड न्यूज़ ही चाहिए नही तो मुझसे बुरा कोई नही होगा.(और कमिने ने फोन काट दिया.)

मैं- यार कसम से क्या दिन आ गये है यार मेरे कोई भी धमकी दे देता है आज कल.और मैने निशा को कॉल मिलाया और कमाल की बात कि दो रिंग में ही फोन पिक हो गया जैसे कि मेरे ही फोन का वेट कर रही हो.

निशा-क्या बात है आज हमारी याद कैसे आ गयी.

में-याद आई नही तुम ने मजबूर किया.

निशा-क्या सच में मुझे तो लगा था कि…

में-वो हेलो मिस तुम कुछ और सोचो उस से पहले ही क्लियर कर दूं कि अभी अभी रवि का कॉल आया था और वो कोई ट्रिप प्लान कर रहा है ऑल फ्रेंड्स+फॅमिली तो तुम को भी इन्वाइट किया है वैसे भी तुमारा प्रॉमिस बाकी है डेट का तो क्या कहती हो ओके है.

निशा-तुम हो ट्रिप में या नही.

में-मेरे से तुम्हे क्या लेना है.वैसे बता दूं कि में उस का भाई और दोस्त दोनों हूँ तो जाहिर से बात है कि मेरा होना तो तय है.

निशा-ओके डन में भी चल रही हूँ.कब चलना है और कितनी दिन का ट्रिप है.

में-कल निकलना है और शायद तीन से चार दिन का ट्रिप है.

निशा-ये तो बता दो कि कहाँ का ट्रिप है .

में-में अब कुछ नही बताने वाला या तो तुम खुद उसे कॉल कर लो या आज शाम को सिटी माल में मिल के उस से पता कर लो हम

सब शॉपिंग के लिए आज सिटी माल में मिलने वाले है.

निशा-ओके तो शाम को मिलते है.

में-ठीक है बाद में बात करते है ओके बाइ.
 
और मैने फोन काट कर दिया .और कोई 1मिनट बाद ही रवि का फोन आ गया उस को सब बात बता के फोन रख के थोड़ा आराम करने की कोशिश करने लगा.फिर पता ही नही चला कि मेरी आख कब लग गयी मुझे तो जब होश आया जब मुझे कोई हिला के उठा रहा था.मैने बड़ी मेहनत से अपनी आखे खोल के देखा तो गुड़िया मुझे उठा रही थी आज लाइफ में पहली बार मुझे किसी ने बिना पानी के उठाया

था मैने सोचा कि में सपना देख रहा हूँ और में फिर से सोने लगा .तभी कोई मेरे लेफ्ट कान को काटने लगा तब मुझे याद आया कि यार

सपने में दर्द नही होता इसका मतलब ये रियल है और दोस्तो क्या बताऊ क्या चीख निकली मेरी दर्द के मारे की में बता नही सकता.

में-तू रुक कोई ऐसे भी जागता है इससे तो अच्छा पानी ही डाल देती.

गुड़िया -तो में क्या करती पिछले 15 मिनट से उठा रही हूँ और वैसे भी पानी का आइडिया पुराना है.

में-तू रुक तुझे अभी बताता हूँ.

गुड़िया -अगर मुझे कुछ किया ना तो में चिल्ला दूँगी और जिया दी नीचे ही है फिर आपको कौन बचाएगा आप का तो कोई बड़ा भाई भी नही है मेरी तरह.

में-वाह मेरी बिल्ली मुझी से म्याऊ कोई नही हर बिल्ले यानी की इनसेन का वक़्त आता है तुझे तो में छोड़ने वाला नही हूँ.

गुड़िया -में छोड़ने भी नही दूँगी.

और मेरे गले लग गयी और पता नही कैसे पर मेरा झूठा ही सही पर जो गुस्सा था उस पे वो ऐसे गायब हो गया जैसे कि मेरे स्टोरी से

कुछ रिडर्स गायब हो गये है.

में-तुझे छोड़ के इस जनम में तो नही जाउन्गा तू टेन्षन ना ले चल ये बता इतनी मेहनत क्यूँ की.

गुड़िया -मेहनत मैने कहाँ क़ी.

में-मेरा मतलब कि मुझे क्यूँ उठाया.

गुड़िया -सब आप का नीचे वेट कर रहे है शॉपिंग पे नही चलना क्या .

में-तू चल में बस 5 मिंट में आया.और में बाथरूम में चला गया और फ्रेश होने के साथ ही जबरदस्त बाथ ले के वापस अपने कमरे में आ गया अब प्रॉब्लम ये थी कि में पहनु क्या आज पहली बार में गुड़िया के साथ शॉपिंग पे जा रहा था तो स्पेशल तो लगना ही था ना तभी मुझे नैना दी की दी हुई ड्रेस की याद आई और मैं अपने बॅग में उसे ढूँढने लगा.यहाँ आने के बाद मैने अब तक अपना बॅग भी नही खोला था और आज जब खोला तो उस में मुझे शेली का दिया हुआ वो गिफ्ट दिखाई दिया जो उस ने मुझे आते हुए दिया था पर आज टाइम ना होने के कारण मुझे फिर उसे वापिश रखना पड़ा और ड्रेस निकाल के तैयार होने लगा कोई 30 मिनट लगे मुझे तैयार होने में मुझे और झूठ नही बोलुगा आज कसम से किसी हॉलीवुड हीरो से कम नही लग रहा था बस एक ही प्रॉब्लम थी मेरी शॉवलेशस के जो मुझे आज भी बांधनी नही आती थी यहाँ तो नैना दी या मामी बाँध दिया करती थी यहाँ किस से बोलू ये ही समझ नही आ रहा था .की तभी रवि मेरे कमरे में आया .

रवि-अबे क्या लग रहा है मस्त लगा रहा है यार आज तो दिल कर रहा है कि में ही तुझे प्रपोज कर दूं.

में-जल्दी कर वैसे भी मुझे इस टाइम एक गर्लफ्रेंड की सख़्त ज़रूरत है.

रवि-ऐसा क्या हो गया कमीने जो तुझे आज एकदम से गर्लफ्रेंड की ज़रूरत पड़ने लगी.

में-ये देख(और अपना पैर उस को दिखाते हुए).

रवि-तुझे अभी तक शोलेस बांधनी नही आती अब आएगा मज़ा.

में-चुप चाप से बाँध दे नही तो निशा को भूल जा.

रवि-तो में भी सब को बता दूँगा कि तुझे शोलेस बांधनी नही आती.

में-यार तू तो बुरा मान गया.यार में तो ये कह रहा था कि निशा तेरा इंतज़ार कर रही होगी माल में उस को ज़्यादा इंतज़ार करवाना अच्छा नही होगा.

रवि-चल तू भी क्या याद करेगा .

और फिर उस ने किसी तरह मेरे शोलेस बाँध दिए.मैने सोचा कि साला अब इस प्रॉब्लम से निजात पाना बहुत ज़रूरी हो गया नही तो ये

तो अपना कलपद कर वा देगा कही भी और जब इस जैसे दोस्त हो तो चान्स काफ़ी ब्राइट है हमारे कलपद होने के.

फिर हम नीचे चले गये यहाँ सब मुझे ऐसे मूह फाड़ के देखने लगे जैसे कि किसी ने कभी मुझे देखा ही नही हो.

में-सभी ऐसे क्या देख रहे हो मुझे पता है में अच्छा नही लग रहा पर ऐसे देख के मुझे अंबेरसिंग फील तो मत कर्वाओ.

अमृता-तुझे ऐसा किस ने कह दिया कसम से आज तो पता नही कितनी लड़किया तुझे पे मर मिटेंगे.

में-पर रवि तो बोल रहा था कि ये ड्रेस बिल्कुल भी अच्छा नही है.

रवि-भाई मैने कब बोला.

जिया दी-ये तो पागल है तू सच में बहुत स्मार्ट लग रहा है तू मेरे साथ रह्न नही तो कही ऐसा ना हो कि हमें पता ही ना चले और कोई और उड़ा के ले जाए हमारे हीरो को.

में-आप बिल्कुल भी टेन्षन ना ले ऐसा कुछ भी नही होने वाला और में तो सिर्फ़ अपने आंगल के ही साथ रहुगा.

गुड़िया -हाँ बिल्कुल भाई सिर्फ़ मेरे साथ ही रहे गे.

और हम सब उस की बात को सुन के हँसने लगे पहले तो उस को कुछ समझ नही आया पर जब समझ में आया तो वो भी हँसने लगी.

गुड़िया -आप बहुत बुरे हो.आप ने मुझे एंजल से आंगल बना दिया.

जिया दी-चलो भी अब लेट नही हो रहे .

रवि-आज तो में BMW ले के जाउन्गा और अगर तूने कुछ कहा तो उस की डिकी खाली पड़ी है.

में-में क्यूँ कुछ कहने लगा में तो खुद भी अपनी आंगल के साथ ओह सॉरी एंजल के साथ जाउन्गा.

गुड़िया -अगर एक बार और मुझे आप ने आंगल बोला ना तो में आप से बात नही करने वाली.

जिया--ओये अब चल भी लेट हो रहे है चूहे बिल्ली का खेल अभी बाकी है.

में-चलो भी में तो कब से तैयार हूँ तुम लोग ही लेट कर रहे हो.फिर हम लोग पार्किंग एरिया में आ गये और वहाँ से जिस को जो गाड़ी पसंद आई वो ले के जाने लगा.अब हालत कुछ ऐसी थी कि अमृता दी और जिया दी एक कार में रवि अकेला अपने कार में और में और

गुड़िया एक कार में और निकल पड़े अपनी मंज़िल की और.

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निशा-यार कहाँ रह गये ये सब अभी तक आए क्यूँ नही.कसम से अगर नही आया या उस ने मज़ाक किया होगा ना तो वो गया में उस

को छोड़ने वाली नही हूँ फोन भी नही उठा रहा.रवि को कॉल करू पर अगर उस को कॉल किया तो कही वो पीछे ही ना पड़ जाए यार .

अभी निशा अपने ख़यालो में ही खोई हुई थी की हम सब उसके पास पहुँच गये और उस को घर के खड़े हो गये.

में-किस के ख़यालो में खोई हो .

अमृता-कमाल का सर्प्राइज़ है तुम जानते हो इसे.

रवि-ये हमारी कॉलेज फ्रेंड् है.

निशा-में तुम लोगो के बारे में ही सोच रही थी.अमृता तू इन के साथ क्या कर रही है.

में-सब बातें बाद में कर लेना या शॉपिंग के साथ कर लेना अभी चलो यहाँ से नही तो सभी हम को देख रहे है.

निशा-हम सब को नही तुमे देख रहे है वैसे कमाल के लग रहे हो आज तो कोई खास बात.

गुड़िया -आपको मतलब आप अपना काम करे.

जिया दी-गुड़िया ये क्या है कोई ऐसे बात करता है क्या किसी से वो दोस्त है अजय की.

गुड़िया -सॉरी दी.

में-कोई बात नही चलो शिपिंग करते है.

सब आगे जाने लगे तो रवि ने मुझे रोक लिया .भाई मेरा काम कब करेगा.

में-उस में क्या है जा के पकड़ ले में यही हूँ में बाद में आता हूँ.

रवि खुश हो गया और निशा के पास चल दिया.अब क्या करूँ में बोल तो दिया रवि को कि थोड़ी में आता हूँ पर क्या करूँ.

हेलो मिस्टर.अजय.

में-जी बोले क्या में आपको जानता हूँ.

अननोन-हाँ क्यूँ नही दोस्त है हम आपके दोस्त है.

में-पर मैने तो आपको आज से पहले कभी नही देखा.

अननोन-ज़रूरी नही कि जिस को तुम ने ना देखा हो उसे तुम जानते नही हो.

में-देखो मुझे अभी तुम से बात करने में कोई दिलचस्पी नही तो तुम जा सकते हो नही तो मुझसेसिक्योर्ती को बुलाना पड़ेगा.

अननोन-लगता है जॅक ने तुमे कुछ बताया नही हमारे बारे में.

में-तुम जॅक को कैसे जानते हो.जॅक का नाम लेने के बाद मैने उस को ठीक से देखा तो वो ६फीट का कोई डरावना आदमी था सब से जो अजीब चीज़ थी उस की वो थी उस की आखे उस में एक अजीब सी कसक थी दिखने में उस का रंग नीला था पर अगर कोई ध्यान से

देखे तो उन में उसे सिर्फ़ अंधेरा ही दिखेगा शकल भी बड़ी ही अजीब थी उस की ऐसा लग रहा था कि जैसे कि हर मिंट.उस का चेहरा किसी नयी शकल में तब्दील हो रहा है.

अननोन-वैसे तो में तुमे यहाँ लेने आया था पर लगता है कि तुम अभी तैयार नही हो.

में-मुझे नही पता कि तुम क्या बक रहे हो अगर तुम जॅक को जानते हो तो तब तो तुम्हे पता ही होगा कि वो क्या कर सकता है.(पर असल में मेरी फट के गुरुद्वारा हुआ पड़ा था)

अननोन-हाँ जॅक एक ए+फाइटर है नाम बहुत सुना है उस को मिलने की तमन्ना हम भी रखते है चलो उस से हेलो बोल देना मेरा बोल

देना कि स्लींट ने याद किया है और उसके लिए गिफ्ट है इस अड्रेस पे जा के ले ले.

और फिर मुझे वो एक अड्रेस दे के ऐसे गायब हो गया जैसे कि वो कभी वहाँ था ही नही .में अब तक इतना कुछ देख लिया था कि अब

मेरे लिए कुछ भी नामुमकिन नही रहा था नही तो मेरे लिए हार्टअटेक आना पक्का था जैसे वो यहाँ से गायब हुआ.

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वहाँ घर पे जॅक किसी परेसानी में अपने कमरे में इधर उधर टहल रहा था.

जॅक-नंबर9 क्या रिपोर्ट है .

नंबर9-रिपोर्ट अच्छी नही है हमारा एक फाइटर गायब है और उस से कोई संपर्क नही हो रहा .

जॅक-पर ऐसा कैसे हो सकता है वो एक ट्रॅक फाइटर है उस का ऐसे गायब होना मुझे कुछ ठीक नही लगता तुम अभी के अभी एक सर्च टीम को उस की तलाश में लगा दो और मुझे जल्द ही रिपोर्ट चाहिए किसी भी कीमत पे मुझे मेरा फाइटर सही सलामत चाहिए.

नंबर9-जी सर में अभी जाता हूँ में खुद ही सर्च टीम के साथ जाता हूँ आप टेन्षन ना ले.

जॅक-ठीक है तुम जाओ में देखता हूँ की अजय घर से बाहर ना जाए.

फिर वो जो साया अब तक जिस को जॅक नंबर9 के नाम से बात कर रहा थॉ वो एक कदम पीछे हो के उपर हवा में उछल के ऐसे गायब हो गया जैसे की वहाँ उपर कोई चुंबक लगा हो.

जॅक मेम से माँ ये अजय कहाँ है .

मॉम-वो सब माल गये है कुछ शॉपिंग के लिए.

जॅक सिट ये क्या कर दिया उस ने .और जॅक भागते हुए अपने कमरे में पहुँच गया और फिर ध्यान लगाते हुए.

नंबर9-सर आप ने याद किया .

जॅक-हाँ ये बताओ कि कौन सा फाइटर गायब है और किस एरिया पे था वो.

नंबर9-नंबर7 गायब है सर सेंट्रेल एरिया देख रहा था वो.

जॅक-कुछ तो बहुत बुरा है तुम एक काम करो नंबर8 और नंबर10 को भी बुलाओ अभी और कुछ ही सेक. में यहाँ दो से चार हो गये.

नंबर10-ऐसा क्या ज़रूरी कम पड़ गया सर जो आपने हमें यहाँ बुलाया है.

जॅक-ज़्यादा बात करने का टाइम नही है मेरे पास.मुझे इस टाइम एक फाइव डिविषन बार्रियर चाहिए सेंट्रेल में जल्दी और कोई भी यहाँ से बाहर नही जाना चाहिए जिस पे भी शक हो उसे ख़तम कर दो जल्दी.

नंबर10-ओके सर आगले 5मिंट में आपको बार्रियर मिल जाएगा.

और फिर एक बार जॅक वहाँ अकेला था.

जॅक-ली अभी के अभी यहाँ आओ.

ली-कोई प्रॉब्लम है सर.

जॅक-तुम अभी के अभी सिटी माल जाओ और ये देखो कि वहाँ सब ठीक रहे .

ली-आप बिल्कुल भी टेन्षन ना ले में अभी जाता हूँ.

फिर से एक बार वो ही ली वहाँ से ऐसे गायब जैसे कि हवा में धूल गायब होती है.

जॅक अगर इस बार मुझे अपने फाइटर के बलि देने पड़ी तो में उसे नही छोड़ने वाला फिर चाहे इसके लिए मुझे किसी का भी सामना करना पड़े ….

ये जान के कि अजय जॅक को बिना बताए ही घर से बाहर गया है .जॅक का गुस्से से बुरा हाल था और वो इस टाइम हमारा जॅक तो

बिल्कुल ही नही लग रहा था.फिर जॅक ने अपनी आँखे बंद की और और अपने दोनों हाथों की हथेलियो को एक साथ मिला के कुछ

हरकत की और अगले ही पल उसके सामने ली खड़ा था.

ली-जी सर मुझे कैसे याद किया.

जॅक-ली जाओ अजय को मेरे पास ले के आओ.

ली-जी सर अभी ले के आता हूँ.

फिर ली वहाँ से चला गया और कोई 5मिनट बाद वापस आया पर इस बार वो अकेला नही था किसी को अपने कंधे पे ऐसे उठा रखा हो

जैसे की किसी ने फूलों(फ्लवर्स) की माला को उठा रखा हो.

ली-सर ये रहा अजय.

अजय-जॅक ये क्या तरीका है किसी को बुलाने का मुझे पता है कि तुम्हारे और तुम्हारे कुछ साथियो के पास कुछ सुपर नॅचुरल पवर है पर इसका मतलब ये नही की तुम मुझे ऐसे कही से भी उठा के ले आओ.

जॅक-पहले ये बताओ कि तुम वहाँ क्या कर रहे थे और वहाँ कुछ अजीब हुआ क्या कुछ भी .

में-हम लोग वहाँ पे शॉपिंग कर रहे थे कल हम लोग टूर पे जा रहे है उसी की शॉपिंग कर रहे थे और वहाँ कुछ अजीब नही हुआ बस तुम्हारा कोई दोस्त मिला था बड़ा ही अजीब था उस ने ये एड.दिया तुमारे लिए और कहाँ है कि तुम्हारे लिए गिफ्ट है वहाँ.

जॅक ने वो एड.ली को देते हुए कुछ इशारा किया जिसे ली समझते हुए वहाँ से चला गया .

तभी जॅक ने फिर से अपने हाथों की हथेलिओ को आपस में मिला के एक अजीब तरह का हॅंड सिंग बनाया और देखते ही देखते वहाँ 3 लोग साए के रूप में आ गये.और सिर झुका के बैठ गये .उन में से किसी की भी शकल नही दिख रही थी देखने में सभी बड़े अजीब थे

एक अजीब से ड्रेस पहन रखी थी और सभी के पास कुछ ना कुछ हथियार थे और वो भी पुराने जमाने के थे तो पुराने पर लग बिल्कुल नये जैसे रहे थे.
 
जॅक ने फिर से अपने हाथों की हथेलिओ को आपस में मिला के एक अजीब तरह का हॅंड सिंग बनाया और देखते ही देखते वहाँ 3 लोग साए के रूप में आ गये.और सिर झुका के बैठ गये .उन में से किसी की भी शकल नही दिख रही थी देखने में सभी बड़े अजीब थे

एक अजीब से ड्रेस पहन रखी थी और सभी के पास कुछ ना कुछ हथियार थे और वो भी पुराने जमाने के थे तो पुराने पर लग बिल्कुल नये जैसे रहे थे.

जॅक-नंबर10 क्या रिपोर्ट है .

नंबर10-सिर रिपोर्ट अच्छी नही है हमारा एक साथी से हमारा संपर्क नही हो पा रहा हम ने एक सर्च टीम भेजी है जिस का लीडर चार्ली

है बाकी उसके आने से ही पता चलेगा कि क्या बात है.

जॅक-इंटेरशटिंग तुम लोग सबसे अड्वान्स लेवेल के फाइटर हो और तुम्हारा ही एक साथी ऐसे गायब हो जाता है और तुम को ही नही पता कि वो कहाँ है .तुम कैसे लीडर हो.

नंबर10-में माफी चाहता हूँ सिर पर मुझे सिटी के सेंटर में कुछ अजीब सी शक्तियों का अहसास हुआ जिस को चेक करने के लिए ही मैने नंबर 07 को वहाँ भेजा था क्यूँ कि मुझे शक्तियों का बहुत ही मामूली सिंगल मिला था इसलिए मैने उसे अकेले ही भेज दिया ये देखने के लिए कि कही कोई हमारा साथी तो नही आया है हमारी मदद के लिए पर तब से उस से कोई कॉंटॅक्ट नही हुआ.

जॅक-तुम कब से इतने नासमझ हो गये नंबर10 मुझे तो लगा कि तुम एक अच्छे फाइटर के साथ साथ अच्छे लीडर भी हो पर अब मुझे

अपने फ़ैसले से खुद पे ही गुस्सा आ रहा है.तुम उसके लाइफ एनेर्जी से भी तो पता लगा सकते हो कि वो कहाँ है .

नंबर09-सर हम ने ट्राइ किया पर उसके सिंगनल पूरी सिटी से आ रहे है ऐसा लग रहा जैसे कि कोई उसे ले के पूरे सिटी में घूम रहा है .

जॅक-अब ये क्या मुसीबत है .ठीक है तुम लोगो का बॅरियर का काम कहाँ तक पहुँचा.(बॅरियर एक ऐसा जाल है जो किसी को दिखाई नही देता पर बहुत ही पवर फुल होता है इसको बनाने के लिए पाँच तरह के तत्वो की ज़रूरत होती है आग,पानी,हवा,धरती और लास्ट आप अपनी शक्ति के मुताबिक किसी का भी यूज़ कर सकते हो फॉर एग्ज़ॅंपल बिजली .अगर एक बार बॅरियर बन जाए तो जितनी जगह पे ये बॅरियर होगा वहाँ पे हो हमारी शक्तियाँ दस गुना बढ़ जाएगी और दुश्मन की शक्तियाँ धीरे धीरे ये बॅरियर ऐसे खिचता है कि उस को पता ही ना चले

और उस को इस हद तक कमज़ोर कर देता है कि सामने वाला अपने पैरो पे खड़ा भी नही रह पाता.पर ये एक दो धारी तलवार भी है अगर इसको बनाने वालो में से कोई एक भी मारा जाता है या किसी वजह से काबू से बाहर हो जाता है तो इसका असर हम पे उल्टा हो है

इसी लिए ये ट्रिक कुछ ही फाइटर को अलाउ होती है.)

नंबर10-सर 60% तक हो गया है जल्द ही पूरा हो जाएगा.

जॅक-और जो हमारे साथी आने वाले थे उन का क्या हुआ.

नंबर10-सर पोर्टल खोलने में कुछ दिक्कत आ रही है कोई है जो नही चाहता कि कोई यहाँ आए वो ही हमें रोक रहा है पर आप टेन्षन ना ले हम ने उस का तोड़ निकाल लिया है जल्द ही हमारे साथी हम को जाय्न कर लेंगे.पर एक बुरी खबर भी है सर कल के टाइम भी पोटल खोला गया था और वहाँ से कुछ फाइटर यहाँ आए है पर वो हमारे नही है और काफ़ी ताकतवर है .मुझे लगता है कि दुश्मन भी पूरी तैयारी में है.

जॅक-हाँ मैने भी महसूस किया है कि आज कल उन की तरफ से कुछ ज़्यादा ही खामोसी छाई हुई है और ये अच्छा नही है.पर तुम

लोग बॅरियर को जल्द से जल्द कंप्लीट करो और चार्ली के आने पे उसे मुझे रिपोर्ट करने को कहो.

फिर वो तीनो वहाँ से चले जाते या गायब हो जाते है .और एक बार फिर में और जॅक उस कमरे में अकेले थे उन की बातो को सुन के में ये तो समझ गया था कि मामला कुछ ठीक नही है पर कितना खराब है ये मुझे नही पता था और सच कहूँ तो मुझे एस टाइम जॅक से बहुत डर

भी लग रहा था .शायद जॅक को किसी का इंतज़ार था पर किस का ये नही पता शायद ली का इसलिए उस ने मुझ पे कोई ध्यान ना देते हुए अपनी अलमारी से कुछ निकालने लगा …

कुछ देर में ली भी आ गया पर वो काफ़ी घबराया हुआ था.

जॅक-ली क्या बात है.

ली-सर वहाँ पे हमारा एक साथी ज़ख्मी पड़ा हुआ पड़ा था उस की लगभग सारी शक्ति ख़तम हो गयी थी वो तो अच्छा है कि उस का डिफेन्स अच्छा है इसीलिए अब तब किसी तरह जिंदा है.

जॅक-किस लेवेल का फाइटर था.

ली-ए लेवेल शायद.

जॅक-ओके तुम अजय के रूप में माल जा के हालात संभाल लो वो लोग अजय को ढूँढ रहे होगे.और ये लेते जाओ आज से तुम इंचार्ज हो

इस बार उम्मीद है मुझे निराश नही करोगे.

ली-पर सर इसकी क्या ज़रूरत है अभी तो आपके जाने में टाइम है अभी अजय तैयार नही है.

जॅक-ली मुझे पता है में क्या कर रहा हूँ में अब अपने और साथी नही खो सकता किसी एक के लिए फिर चाहे वो कही का राजकुमार ही क्यूँ ना हो.

ली-पर सर अभी ये उस शक्ति को संभाल नही पाएगा.

जॅक-इसे संभालना होगा कैसे वो ये जाने उस शक्ति की वजह से में अपनी पॉवर यूज़ नही कर सकता और अपने आद्मिउो को सिर्फ़ मरते हुए ही देख सकता हू.
 
ली-सिर पर अगर आप ने ये किया तो उन सब के बलिदान बेकार हो जाएगे.

जॅक-तुम समझ नही रहे तुम नही जानते कि किसी अपने को अपनी ही आँखों के सामने दम तोड़ते हुए देख कर कैसा महसूस होता है और वो भी तब जब में उन में से बहुत को बचा सकता था पर में इसलिए कुछ नही कर सकता क्यूँ कि मेरे पास ये खास शक्ति है जो मेरे शरीर से मेरी ताक़त का एक एक कतरा चूस लेती है ताकि वो जिंदा रह सके .ली तुम्हे नही लगता कि मेरे साथ कुदरत ने एक बेहद ही भद्दा मज़ाक

किया है ना तो में मर सकता हूँ ना में बूढ़ा हो सकता हूँ ना में खुश रह सकता हूँ और ना ही में किसी पे गुस्सा कर सकता हूँ सिर्फ़

इस शक्ति की वजह से जो मुझे किसी के अमानत के तोर पे दी गयी है तुम्हे पता है में चाह के भी इस अजय से दूर नही हो सकता.

ली-सर मुझे पता है इसे संभालना कितना मुस्किल है पर एक सिर्फ़ आप ही इसे संभाल सकते है .प्ल्ज़ सर इस लड़के को एक आख़िरी

मोका दे दे प्ल्ज़ इसके लिए ना सही इसके पूर्वजो के लिए ही जिन्होने हमेंशा ही हमें उन शक्तियोंवो से बचाया है जिन से बचना नामुमकिन था.

जॅक-ली शायद तुम ठीक कह रहे हो मुझे इसे एक आख़िरी मोका देना चाहिए पर वो मोका इसे यहाँ नही मिलेगा .

ली-जैसा आप ठीक समझे.

जॅक-अब तुम माल जाओ और अजय बन के इसके परिवार के साथ रहना .और एक बात ली मुझे तुम पे गर्व है मुझे ख़ुसी है कि तुम मेरे भाई के बेटे हो उस भाई के जो एक अच्छा देश भक्त और अच्छा लीडर था तुम में वो सब गुण है मुझे उम्मीद है कि तुम बहुत कुछ करोगे

और हमारे खानदान का नाम रोशन करोगे............

तो अजय अब तुमारे पास सिर्फ़ दो रास्ते है या तो मेरा साथ दो या फिर में अपने तरीके से तुम से अपना काम निकलवा लूँ.

अजय-पर ये सब हो क्या रहा है.

जॅक-अब वक़्त आ गया है कि तुम ये जान लो कि तुम कौन हो और किसलिए हो.में कौन हूँ और तुम्हारे साथ ये सब क्यूँ हो रहा है.

अजय-मुझे नही पता तुम क्या कह रहे हो.पर मुझे सब कुछ जानना है सब कुछ .

जॅक-मुझे लगता है कि तुमे बताने से अच्छा है कि में तुम्हे वो दिखा दूं जो तुम्हारा है और जिस चीज़ के लिए ये सब हो रहा है.

में-तो फिर इंतज़ार किस का है सुरू करो.

जॅक-ऐसे नही पहले तुम ये जान लो कि सच्चाई जानने के बाद तुम यहाँ ऐसे नही रह सकते तुम्हारी जिंदगी के मायने बदल जाएगे तुम

बदल जाओगे और तुम्हारा परिवार बदल जाएगा .

में-ऐसा कभी नही हो सकता चाहे कुछ भी हो में अपना परिवार अपने दोस्त कभी नही छोड़ सकता ना ही कभी बदल सकता हूँ.

जॅक-अजय बदलाव ही जिंदगी है अब ये सब तुम्हारी जिंदगी में सिर्फ़ ये कमज़ोरी बन के रहेगे हम तुमे कभी कमज़ोर नही देख सकते चाहे उसके लिए हमें कुछ भी करना पड़े.

में-तुम ग़लत सोच रहे हो जॅक ये मेरी कमज़ोरी नही ताक़त बनेगे.

जॅक-ये अब तुम्हे डिसाइड करना है कि तुम क्या चाहते हो वो सब जिंदा रहे और खुश रहे या में उन को ऐसी दुनिया में भेज दूं जहाँ पे तुम चाह के भी उन को ना पा सको.

में-तुम पागल हो गये हो तुम ऐसा कुछ नही कर सकते.

जॅक-तुम मेरे बारे में अभी जानते ही कितना हो.में एक किल्लर मशीन हूँ कभी मेरे नाम से पूरे देश हिल जाया करते थे में लोगो को सिर्फ़ इस लिए मारता था क्यूँ कि मुझे इसे में ख़ुसी मिलती थी देश मेरा नाम सुन के स्लेंडरर कर दिया करते थे और तुम मुझे कह रहे हो कि में

पागल हूँ ऐसा कुछ नही कर सकता मैने अपने बेटे को अपने हाथों से मारा है इन्ही हाथों से तुम उस पुराने जॅक को देखना चाहते हो बोलो.

में-नही ये सच नही हो सकता तुम झूठ बोल रहे हो सिर्फ़ मुझे डराने के लिए.

जॅक-चलो फिर में तुमे इसका एक नमूना दिखाता हूँ किस से शुरुआत करू.शायद तुम्हारी वो गुड़िया ठीक रहेगी क्यूँ क्या कहते हो.

में-नही तुम ऐसा कुछ नही करोगे .

जॅक-में नही करूगा अजय ये तो वो चीज़ करेगी जो मेरे अंदर है तुम्हारा अंश जिसे सिर्फ़ खून चाहिए चाहे वो किसी का भी हो.

में-जॅक में वो सब करने को तैयार हूँ पर तुम मेरे परिवार को कुछ नही करोगे और उन की सेफ्टी की गारंटी दोगे .
 
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