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विजय- अजय मेहमान किस टाइम तक आयेंगे?
अजय- “दोपहर के लिए बोला है। मैं संजना से पूछता हूँ.." और अजय संजना को काल करता है- “हेलो संजना जी कैसी हो?"
संजना- जी अंकल बढ़िया हूँ।
अजय- किस टाइम तक आयेंगे आप लोग?
संजना- एक बजे तक पहुँच जायेंगे अंकल।
अजय- “ओके...” और काल काट दिया।
विजय- अभी तो सिर्फ 9:00 बजे हैं, मैं तब तक दुकान पर हो आऊँ?
अंजली- नहीं भाई साहब, अब आप कहीं नहीं जायेंगे।
विजय- भाभी बस मैं एक घंटे में आ जाऊँगा। शाप की चाबी मेरे पास है।
अंजली- भाई साहब जल्दी से आ जाइएगा और आपको डी.जे. का इंतेजाम भी करना है।
विजय- “ठीक है। मैं वापसी में बुला लाऊँगा डी.जे. वाले को.." और विजय दुकान पर निकल गया।
अंजली अजय से- "सुनो जी, अभी तक फूल वाला नहीं आया। आप जरा फोन करना उसको.."
अजय- "अभी करता हूँ..." और अजय फूल वाले को फोन मिलाता है।
टीना- मम्मी आज दिव्या भाभी भी आयेंगी?
किरण- अच्छा।
टीना- जी मम्मी, एक गिफ्ट रखा है घर पर मैं ले आऊँ?
किरण- मुझे फोन पर बोल देती, तो मैं ले आती।
अजय अंजली से- “फूल वाले का फोन नहीं मिल रहा। मैं उसके पास होकर आता हूँ.."
टीना- अंकल मैं भी चलती हूँ आपके साथ, मुझे घर से गिफ्ट लाना है।
अजय- “हाँ चलो बेटा..." और दोनों बाइक से टीना के घर के लिए निकल गये।
टीना रास्ते में- "अंकल पहले फूल वाले के पास जाओगे?"
अजय- नहीं तो, घर चलते हैं।
टीना- और फूल वाले का कैसे करोगे?
अजय- उसको फोन पर बोल दूंगा।
टीना- आप तो बोल रहे थे फोन नहीं मिल रहा।
अजय- मैंने तब उसे मिलाया ही नहीं था।
टीना- वाह अंकल वाह... यू अरे ग्रेट माइंड।
अजय- “तेरा भी तो माइंड कमाल का है...” और दोनों इस वक्त टीना के घर में थे। अजय ने फूल वाले को आधे घंटे में पहुँचने को बोला।
फिर गेट बंद करके जल्दी-जल्दी दोनों ने कपड़े उतारे।
अजय- “दोपहर के लिए बोला है। मैं संजना से पूछता हूँ.." और अजय संजना को काल करता है- “हेलो संजना जी कैसी हो?"
संजना- जी अंकल बढ़िया हूँ।
अजय- किस टाइम तक आयेंगे आप लोग?
संजना- एक बजे तक पहुँच जायेंगे अंकल।
अजय- “ओके...” और काल काट दिया।
विजय- अभी तो सिर्फ 9:00 बजे हैं, मैं तब तक दुकान पर हो आऊँ?
अंजली- नहीं भाई साहब, अब आप कहीं नहीं जायेंगे।
विजय- भाभी बस मैं एक घंटे में आ जाऊँगा। शाप की चाबी मेरे पास है।
अंजली- भाई साहब जल्दी से आ जाइएगा और आपको डी.जे. का इंतेजाम भी करना है।
विजय- “ठीक है। मैं वापसी में बुला लाऊँगा डी.जे. वाले को.." और विजय दुकान पर निकल गया।
अंजली अजय से- "सुनो जी, अभी तक फूल वाला नहीं आया। आप जरा फोन करना उसको.."
अजय- "अभी करता हूँ..." और अजय फूल वाले को फोन मिलाता है।
टीना- मम्मी आज दिव्या भाभी भी आयेंगी?
किरण- अच्छा।
टीना- जी मम्मी, एक गिफ्ट रखा है घर पर मैं ले आऊँ?
किरण- मुझे फोन पर बोल देती, तो मैं ले आती।
अजय अंजली से- “फूल वाले का फोन नहीं मिल रहा। मैं उसके पास होकर आता हूँ.."
टीना- अंकल मैं भी चलती हूँ आपके साथ, मुझे घर से गिफ्ट लाना है।
अजय- “हाँ चलो बेटा..." और दोनों बाइक से टीना के घर के लिए निकल गये।
टीना रास्ते में- "अंकल पहले फूल वाले के पास जाओगे?"
अजय- नहीं तो, घर चलते हैं।
टीना- और फूल वाले का कैसे करोगे?
अजय- उसको फोन पर बोल दूंगा।
टीना- आप तो बोल रहे थे फोन नहीं मिल रहा।
अजय- मैंने तब उसे मिलाया ही नहीं था।
टीना- वाह अंकल वाह... यू अरे ग्रेट माइंड।
अजय- “तेरा भी तो माइंड कमाल का है...” और दोनों इस वक्त टीना के घर में थे। अजय ने फूल वाले को आधे घंटे में पहुँचने को बोला।
फिर गेट बंद करके जल्दी-जल्दी दोनों ने कपड़े उतारे।