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Guest
में भी अपने दोनो हाथो को मा के पीठ पर कश लिया. हम दोनो एक-दूसरे में समा जा ना चाहते थे.
लगभग 20 मिनिट्स तक हम एक-दूसरे से चिपके हुए खड़े रहे...
मुझे ये भी पता भी नही था की पूजा ओर डॉली हमें देख कर मुस्कुरा रही है.
तभी पूजा के ताली बज़ाने से हम अलग हुए.
पूजा- वा भाई आज में अपनी आँखो से देख ली हू की आप मा से बहुत ज़्यादा प्यार करते हो इतना ज़्यादा
की मा से एक पल की दूरी भी आपसे ओर मा से बर्दास्त नही होगी.
राज- हा पूजा तुम ठीक कह रही है. अब तुम अनिता को अपने रूम में ले जाओ ये भागे थोड़े जा रही है पास ही तो रहेगी बस फ़र्क इतना पड़ेगा की चेहरा दिखाई नही देगा.
में मा से एकबार ओर गले से मिला ओर मा मेरे रूम में से निकल कर पूजा के रूम में चली गयी... में बेड पे लेट गया मुझे ऐसा लगा की मेरे शरीर से प्राण निकल कर पूजा के रूम में चले गयेमें बहुत ही बेचैन हो गया. बेड पर लेटेलेटे मा को याद करने लगा. तभी डॉली ने दरवाजे को अंदर से कुण्डी निकाल कर बंद की ओर मेरे बगल में लेट गयी. में करवट बदला ओर में डॉली की बड़ी-बड़ी चुचियो पर सर रखते हुए लेट गया.
डॉली मेरे बालो में उंगलिया फिराने लगी. में अपनी आँखो को बंद करके डॉली के उभारों पेर लेट गया. डॉली के उंगलिया फिराते ही मुझे लगा जैसे मेरी मा मेरी जान मेरी बालो में उंगलिया फिरा रही हो, बस मेरी आँखे धीरे-धीरे बंद हो गयी... में डॉली के ऊपर सो गया.
लगभग रात 7:53 में मेरी आँखे खुली. तो डॉली मेरे पास नही थी. में उठा ओर बाथरूम में घुश गया. बाथरूम में मेने सारे कपड़े को निकाल कर फेक दिया.......
में अब केवल एक अंडरवेर पहना हुआ था मेरे बदन पर ओर कपड़ा नही था. में बाथरूम से निकला तो डॉली मेरे सामने खड़ी थी. डॉली को देखते ही मेरा गला सूखने लगा. डॉली इश् समय एक लहंगा पहनी हुई थी. लहनगा चूत के थोड़ा ऊपर बँधा था.. चोली का आगे वाला कट बहुत ही बोल्ड था. आधी से ज़्यादा चुचिया बाहर आने के लिए छलक रही थी.. होंठो पर लाल रंग का लिपस्टिक था. डॉली बहुत ही हॉट लग रही थी.. मेरा लंड सनसनाता हुआ अंडरवेर में तंबू बनाकर खड़ा हो गया. में जैसे ही डॉली की ओर बढ़ा तो डॉली वहाँ से निकलते हुए'' खाना खा लीजिए में अभी आती हू''
मेने टेबल पर से खाना उठाया ओर जल्दी से खाना खा लिया..
खाना खाते ही डॉली आई अब वो एक दुपट्टा रखी हुई थी उसके हाथो में एक दूध का ग्लास था. उसने दूध का ग्लास टेबल पर रखा ओर प्लेट उठाकर किचन में चली गयी... मेने एक ही साँस में पूरा दूध ख़तम कर दिया.....ओर अंडरवेर निकाल ते हुए नीचे फेक दिया ओर एक चादर अपने बदन पर रखते हुए लेट गया.
10 मिनिट्स के बाद डॉली आई अंदर से डोर को बंद की ओर मेरे बगल में आकर चादर में घुसते हुए करवट के बल लेट गयी.. मेने करवट बदला ओर डॉली के पीछे से चिपकते हुए डॉली के चोली को खोल दिया. अंदर ब्रा नही था फिर डॉली के नाभि को सहलाते हुए लहंगा के डोरी को खोल दिया. डॉली एकदम सिहर गयी मेने पैरो के मदद से डॉली के लहंगा को निकाल दिया. फिर डॉली को पीठ के बल लिटा ते हुए चोली को निकाल दिया अब डॉली के बदन पर एक मात्र पैंटी थी में उसको भी निकाल कर फेक दिया..
डॉली पीठ के बल लेट गयी मेने डॉली के दोनो पैरो को चौड़ा किया. डॉली चूत को चौड़ा किया जीभ निकाल कर डॉली के पूरे चूत को चाटने लगा . डॉली की चूत रस से भरी हुई थी. में डॉली की फूली हुई चूत की छेद में अपने जीभ को पेलने लगा.
डॉली मेरे सर को अपनी चूत पर दबाते हुए सिसकारी भरने लगी..आ...एमेम...एमेम...उउउ...एम्म...य्यी...आमम..आआआ....हह...एयेए
थोड़ी देर में डॉली मेरे मूह में झड़ गयी उसकी चूत रस से मेरा पूरा मूह भर गया.. में सारे चूत रस को पी गया. झड़ने के कुच्छ देर बाद डॉली मेरे सर को छोड़ दी.
मेने डॉली की चूत को फैलाया लंड को थूक से गीला करते हुए चूत के छेद पर सेट किया ओर एक धक्का में पूरा 8इंच लंड डॉली की चूत में पेल दिया. में डॉली के दोनो गदराई हुई चुचियो को पकड़ते हुए ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा ओर डॉली के होंठो को चुसते हुए धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा..
चुचियो को मसलते हुए होंठो को चुसते हुए लंड को चूत में अंदर-बाहर किए जा रहा था. डॉली मेरे बालो को सहलाते हुए मेरे होंठो को चूस रही थी. नीचे गान्ड उठाकर सहयोग कर रही थी. 5 मिनिट्स में डॉली का फिर से चूत से पानी निकल गया. में थोड़ा देर रुक गया डॉली की एक चुचि को चुसते हुए रस पीने लगा दूसरे को मसलने लगा. अब दोनो चुचियो को मसलते ओर रस पीते हुए ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगाने लगा. पूरे कमरे में फॅक.....फॅक.....म्म्म्मम की आवाज़े गुजने लगी. लगभग
10मिनिट्स के बाद मेने एक जोरदार धक्का लगाया लंड को डॉली की चूत की गहराईओ में उतरते हुए झड़ गया. डॉली के दोनो पैर मेरे चुतड़ों के ऊपर कश गये. वो अपने हाथो से मेरे पीठ को सहलाने लगी... डॉली का चुचि अभी मेरे मूह में थी............................. कुच्छ देर में हम नॉर्मल हो गये.
तभी मुझे याद आया की डॉली आज सर्प्राइज़ देने वाली है.
में अपना सर ऊपर उठाया ओर डॉली के आँखो में देखते हुए' डॉली तुम सर्प्राइज़ देने वाली थी'
चलो जल्दी से बताओ'
डॉली- नही में नही बताऊुँगी मुझे बहुत शरम आ रही है.''
में डॉली की बात सुनकर डॉली के चुचि जितना हो सके मूह भरा दूसरे को अपने हाथ से दबोचते हुए, मूह भरा चुचि पेर धीरे-धीरे दाँत गढ़ाने लगा दूसरे को ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा, थोड़ी देर मेरा लंड खड़ा हो गया. मेने लंड को चूत पर सेट किया एक ही बार लंड चूत के अंदर डाल दिया. फॅक की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज गयी. डॉली एमेम...एयेए..आ....एम्म्म
..एयेए..आ....एम्म्म
मेने डॉली के चुचि को मूह से बाहर निकाला ओर दोनो चुचियो को दबोचते हुए' अब तो शरम नही आएगी चलो जल्दी से बताओ''
डॉली- आप बाप बनने वाले है. डॉली की बात सुनकर खुशी के मारे आँखो से आँसू टपक पड़े. ओर में डॉली के पूरे चेहरे को पागलो की तरह चूमने लगा..डॉली ने आज मुझे जिंदगी की वो खुशी सुनाई जिसको सुनने के लिए हर पति तरसता है.
में डॉली के पूरे चेहरे को चूमने के बाद: अरे पागल ये बात नही बता रही थी. तू नही जानती की में आज कितना खुश हू. आज तूने मेरी जिंदगी की सारी ख़ुसी दे दी
में डॉली की दोनो चुचियो को मसलते ज़ोर-ज़ोर से चोदते हुए फिर से झड़ गया तबतक डॉली दो बार ओर झड़ गयी...
में डॉली के ऊपर धडाम से गिर गया. डॉली के दोनो हाथ मेरे पीठ पर कस गये.
कुच्छ देर के बाद में डॉली के ऊपर ही सो गया.
बहुत ही अच्छी नींद आई.
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लगभग 20 मिनिट्स तक हम एक-दूसरे से चिपके हुए खड़े रहे...
मुझे ये भी पता भी नही था की पूजा ओर डॉली हमें देख कर मुस्कुरा रही है.
तभी पूजा के ताली बज़ाने से हम अलग हुए.
पूजा- वा भाई आज में अपनी आँखो से देख ली हू की आप मा से बहुत ज़्यादा प्यार करते हो इतना ज़्यादा
की मा से एक पल की दूरी भी आपसे ओर मा से बर्दास्त नही होगी.
राज- हा पूजा तुम ठीक कह रही है. अब तुम अनिता को अपने रूम में ले जाओ ये भागे थोड़े जा रही है पास ही तो रहेगी बस फ़र्क इतना पड़ेगा की चेहरा दिखाई नही देगा.
में मा से एकबार ओर गले से मिला ओर मा मेरे रूम में से निकल कर पूजा के रूम में चली गयी... में बेड पे लेट गया मुझे ऐसा लगा की मेरे शरीर से प्राण निकल कर पूजा के रूम में चले गयेमें बहुत ही बेचैन हो गया. बेड पर लेटेलेटे मा को याद करने लगा. तभी डॉली ने दरवाजे को अंदर से कुण्डी निकाल कर बंद की ओर मेरे बगल में लेट गयी. में करवट बदला ओर में डॉली की बड़ी-बड़ी चुचियो पर सर रखते हुए लेट गया.
डॉली मेरे बालो में उंगलिया फिराने लगी. में अपनी आँखो को बंद करके डॉली के उभारों पेर लेट गया. डॉली के उंगलिया फिराते ही मुझे लगा जैसे मेरी मा मेरी जान मेरी बालो में उंगलिया फिरा रही हो, बस मेरी आँखे धीरे-धीरे बंद हो गयी... में डॉली के ऊपर सो गया.
लगभग रात 7:53 में मेरी आँखे खुली. तो डॉली मेरे पास नही थी. में उठा ओर बाथरूम में घुश गया. बाथरूम में मेने सारे कपड़े को निकाल कर फेक दिया.......
में अब केवल एक अंडरवेर पहना हुआ था मेरे बदन पर ओर कपड़ा नही था. में बाथरूम से निकला तो डॉली मेरे सामने खड़ी थी. डॉली को देखते ही मेरा गला सूखने लगा. डॉली इश् समय एक लहंगा पहनी हुई थी. लहनगा चूत के थोड़ा ऊपर बँधा था.. चोली का आगे वाला कट बहुत ही बोल्ड था. आधी से ज़्यादा चुचिया बाहर आने के लिए छलक रही थी.. होंठो पर लाल रंग का लिपस्टिक था. डॉली बहुत ही हॉट लग रही थी.. मेरा लंड सनसनाता हुआ अंडरवेर में तंबू बनाकर खड़ा हो गया. में जैसे ही डॉली की ओर बढ़ा तो डॉली वहाँ से निकलते हुए'' खाना खा लीजिए में अभी आती हू''
मेने टेबल पर से खाना उठाया ओर जल्दी से खाना खा लिया..
खाना खाते ही डॉली आई अब वो एक दुपट्टा रखी हुई थी उसके हाथो में एक दूध का ग्लास था. उसने दूध का ग्लास टेबल पर रखा ओर प्लेट उठाकर किचन में चली गयी... मेने एक ही साँस में पूरा दूध ख़तम कर दिया.....ओर अंडरवेर निकाल ते हुए नीचे फेक दिया ओर एक चादर अपने बदन पर रखते हुए लेट गया.
10 मिनिट्स के बाद डॉली आई अंदर से डोर को बंद की ओर मेरे बगल में आकर चादर में घुसते हुए करवट के बल लेट गयी.. मेने करवट बदला ओर डॉली के पीछे से चिपकते हुए डॉली के चोली को खोल दिया. अंदर ब्रा नही था फिर डॉली के नाभि को सहलाते हुए लहंगा के डोरी को खोल दिया. डॉली एकदम सिहर गयी मेने पैरो के मदद से डॉली के लहंगा को निकाल दिया. फिर डॉली को पीठ के बल लिटा ते हुए चोली को निकाल दिया अब डॉली के बदन पर एक मात्र पैंटी थी में उसको भी निकाल कर फेक दिया..
डॉली पीठ के बल लेट गयी मेने डॉली के दोनो पैरो को चौड़ा किया. डॉली चूत को चौड़ा किया जीभ निकाल कर डॉली के पूरे चूत को चाटने लगा . डॉली की चूत रस से भरी हुई थी. में डॉली की फूली हुई चूत की छेद में अपने जीभ को पेलने लगा.
डॉली मेरे सर को अपनी चूत पर दबाते हुए सिसकारी भरने लगी..आ...एमेम...एमेम...उउउ...एम्म...य्यी...आमम..आआआ....हह...एयेए
थोड़ी देर में डॉली मेरे मूह में झड़ गयी उसकी चूत रस से मेरा पूरा मूह भर गया.. में सारे चूत रस को पी गया. झड़ने के कुच्छ देर बाद डॉली मेरे सर को छोड़ दी.
मेने डॉली की चूत को फैलाया लंड को थूक से गीला करते हुए चूत के छेद पर सेट किया ओर एक धक्का में पूरा 8इंच लंड डॉली की चूत में पेल दिया. में डॉली के दोनो गदराई हुई चुचियो को पकड़ते हुए ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा ओर डॉली के होंठो को चुसते हुए धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा..
चुचियो को मसलते हुए होंठो को चुसते हुए लंड को चूत में अंदर-बाहर किए जा रहा था. डॉली मेरे बालो को सहलाते हुए मेरे होंठो को चूस रही थी. नीचे गान्ड उठाकर सहयोग कर रही थी. 5 मिनिट्स में डॉली का फिर से चूत से पानी निकल गया. में थोड़ा देर रुक गया डॉली की एक चुचि को चुसते हुए रस पीने लगा दूसरे को मसलने लगा. अब दोनो चुचियो को मसलते ओर रस पीते हुए ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगाने लगा. पूरे कमरे में फॅक.....फॅक.....म्म्म्मम की आवाज़े गुजने लगी. लगभग
10मिनिट्स के बाद मेने एक जोरदार धक्का लगाया लंड को डॉली की चूत की गहराईओ में उतरते हुए झड़ गया. डॉली के दोनो पैर मेरे चुतड़ों के ऊपर कश गये. वो अपने हाथो से मेरे पीठ को सहलाने लगी... डॉली का चुचि अभी मेरे मूह में थी............................. कुच्छ देर में हम नॉर्मल हो गये.
तभी मुझे याद आया की डॉली आज सर्प्राइज़ देने वाली है.
में अपना सर ऊपर उठाया ओर डॉली के आँखो में देखते हुए' डॉली तुम सर्प्राइज़ देने वाली थी'
चलो जल्दी से बताओ'
डॉली- नही में नही बताऊुँगी मुझे बहुत शरम आ रही है.''
में डॉली की बात सुनकर डॉली के चुचि जितना हो सके मूह भरा दूसरे को अपने हाथ से दबोचते हुए, मूह भरा चुचि पेर धीरे-धीरे दाँत गढ़ाने लगा दूसरे को ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा, थोड़ी देर मेरा लंड खड़ा हो गया. मेने लंड को चूत पर सेट किया एक ही बार लंड चूत के अंदर डाल दिया. फॅक की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज गयी. डॉली एमेम...एयेए..आ....एम्म्म
..एयेए..आ....एम्म्म
मेने डॉली के चुचि को मूह से बाहर निकाला ओर दोनो चुचियो को दबोचते हुए' अब तो शरम नही आएगी चलो जल्दी से बताओ''
डॉली- आप बाप बनने वाले है. डॉली की बात सुनकर खुशी के मारे आँखो से आँसू टपक पड़े. ओर में डॉली के पूरे चेहरे को पागलो की तरह चूमने लगा..डॉली ने आज मुझे जिंदगी की वो खुशी सुनाई जिसको सुनने के लिए हर पति तरसता है.
में डॉली के पूरे चेहरे को चूमने के बाद: अरे पागल ये बात नही बता रही थी. तू नही जानती की में आज कितना खुश हू. आज तूने मेरी जिंदगी की सारी ख़ुसी दे दी
में डॉली की दोनो चुचियो को मसलते ज़ोर-ज़ोर से चोदते हुए फिर से झड़ गया तबतक डॉली दो बार ओर झड़ गयी...
में डॉली के ऊपर धडाम से गिर गया. डॉली के दोनो हाथ मेरे पीठ पर कस गये.
कुच्छ देर के बाद में डॉली के ऊपर ही सो गया.
बहुत ही अच्छी नींद आई.
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