(UPDATE-65)
तुम मेशे किसी एक को काली शक्तियों को कुछ दीनों के लिए अपना ना होगा तकिी काली शक्तियों के मदद से हम जल्लाद को हरा सके , हम सब जल्लाद को किसी भी किम्मत पे हराना चाहते थे इसलिए हम गुरु धर्मानंद के उस सलाह पे राजी हो गये और फिर गुरु धर्मानंद ने हम सबकी संयम और दिमाग का परीक्षा लिया , वो ये जान ना चाहते थे की हम में से कौन सबसे ज्यादा शांत और सरल है और किसी भी परिस्थिटी में अपने दिमाग को शांत और काबू में रख सके और इसे परीक्षा में सम्राट हम सबमेसए ज्यादा काबिल निकला इसलिए गुरु धर्मानंद ने सम्राट को छूना काली शक्तियों को अपने काबू में करने के लिए
उसके बाद गुरु धर्मानंद ने सम्राट को काली शक्तियों को केशे काबू में करना है वो सिखाया और बाकी हम सबको भी अलग से जल्लाद के खिलाफ लड़ने की ट्रनिंग दी गयी , इसे बीच गुरु धर्मानंद ने विराट में भी कुछ कुछ बात नज़र की इसलिए उन्होंने विराट को खास तौरपे हम सबसे अलग ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया
कुछ महीनों तक इसे ही ट्रेनिंग चलती रही गुरु धर्मानंद ने सम्राट को सबसे अलग रखा हुआ था , उस से किसी को भी मिलने की इजाज़त नहीं थी सम्राट को काली शक्तियों को अपने अधीन में लाने में कोई परेशानी ना हो इसे लिए गुरु धर्मानंद ने ये फैसला लिया था
और गुरु धर्मानंद के ट्रेनिंग से हम सब भी ताकतवर होचुके थे लेकिन हम मेशे सबसे ज्यादा बदलाव विराट में आया था गुरु धर्मानंद के कुछ ट्रेनिंग से विराट अब एक महा योढ़ा बन चुका था सचाई और धर्म का सबसे बड़ा और ताकतवर योढ़ा बन चुका था उसके तलवार में इतनी धार थी की उसके तलवार के एक वार से बारे से बारे पहाड़ की भी धज्जियाँ उड़ जाती थी
और इसे बीच जल्लाद ने हम सबको ढूंढ़ने के लिए ज़मीन आश्मन एक कर दिया था और आख़िरकार उसे एक दिन पता चल ही गया की हम सब गुरु धर्मानंद के आश्रम में हैं और उनसे कुछ ट्रेनिंग लेरहे हैं उसे हराने के लिए इसलिए जल्लाद ने अपने फौज की एक खास टुकड़ी को भेज दिया हम पर हमला करने के लिए
जब जल्लाद के फौज ने गुरु धर्मानंद के आश्रम पे हमला किया ुषवक़्त विराट कुछ कुछ काम से गुरु धर्मानंद के चेलए ब्रह्मानंद के साथ कहीं गया हुआ था इसलिए आश्रम की हिफ़ाज़त की ज़िमेदारी हम पर आ गाई थी और में , डर्कलॉर्ड , राजकुमारी पद्मिनी और गुरु धर्मानंद ने मिलकर उन्न सभी शैतानो का सामना किया लेकिन हम सब बुरी तरह से हार गये
वो सभी शैतान राजकुमारी पद्मिनी की खूबसूरती को देख भड़क गये और उनके साथ बतामीज़ी करने लगे और फिर उनके साथ जबारजस्ति करने लगे लेकिन ठीक उसी वक्त , सम्राट को जिस कुछ कोठरी में गुरु धर्मानंद ने बंद किया हुआ था तकिी उसे कोई उसकी ट्रेनिंग में परेशान ना कार सके , उस कोठरी के दरवाजा की एक तेज धमाके के साथ धज्जियाँ उड़ गयीं
और फिर उस कोठरी के अंदर से सम्राट बाहर निकला सम्राट का पूरा शरीर हरा पदचुका था और आँखें पूरी तरह से लाल थी , जब सम्राट को हम सबने देखा तो हम सबकी आँखें छोन्दया गयीं सम्राट के रूप को देख के हम सब के होश उड़ गये थे ुषवक़्त लेकिन हमसे भी बुरी हालत किसी की थी और वो थे गुरु धर्मानंद
उनके मुंह से ुषवक़्त यही निकला था , है मेरे ख़ुदाया ये क्या हो गया , ये तो अनर्थ हो गया सम्राट की ट्रेनिंग बीच में ही रुक्क गयी इसका मतलब अब सम्राट को शैतान बन ने से कोई नहीं रोक सकता , हम सबने जब ये बात सुनी तो हम सबके होश उड़ गये थे
सम्राट उस कोठरी से बाहर निकलते ही उन्न शैतानो के ऊपर हमला करदेता है , सम्राट के एक एक मुक्के में वो शैतान मौत के घाट उतार रहे थे सम्राट उन्न सबको बड़ी ही बेरेहमी के साथ मरता हुआ आगे बधरहा था , सम्राट अपना मुंह खोलता तो उसमें से आग का बवंडर निकलता और उस आग के बवंडर में वो शैतान जल्के रख होजते
सम्राट ने कुछ ही मिनिट्स में शैतानो की उस टुकड़ी को बारे ही आसानी से खत्म कार्दिया था और उसके बाद सम्राट वहाँ से अपने नयी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए तेज रफ्तार के साथ वहाँ से चला गया
आश्रम में चारों तरफ लाशें ही लाशें गिरी पड़ी हुई थी जब विराट और ब्रह्मानंद वापाश आए थे और आश्रम की ये हालत देख दोनों तेजिसे अंदर की तरफ दौड़ गये वहाँ उन्हें सभी मीलगए , विराट ने गुरु धर्मानंद से पूछा की ये सब यहाँ क्या हुआ तो गुरु धर्मानंद ने विराट को सबकुछ बता दिया केशे यहाँ पे शैतानो ने हमला किया और केशे सम्राट की ट्रेनिंग बीच में रुक्क गयी और वो बाहर निकल आया और गुरु धर्मानंद ने विराट को ये भी बताया की अब शायद ही कोई सम्राट को शैतान बन ने से रोक सके
विराट ने ये सुनते ही कहा की में अपने भाई को कभी भी शैतान बन ने नहीं दूँगा कभी नहीं , ये बोलकर विराट ने मेरे तरफ देखा और मुझसे कहा की जल्दी से जल्दी अपनी जादू का इंटेमाल करके पता लगाओ सम्राट ईश्वक़्त कहाँ है और मैंने फौरन पता लगा लिया , सम्राट तेज रफ्तार से जल्लाद के इल्लाके के तरफ तरफ रहा था
सम्राट कहाँ है ये पता चलते ही विराट भी अपने भाई के तरफ तेजिसे तरफ गया , कुछ ही घंटों में सम्राट जल्लाद के किल्ले तक पहुँच चुका था और सम्राट के राषते में जो भी आता सम्राट उसे मौत के घर उतरके आगे तरफ जाता और विराट भी तेजिसे आगे तरफ रहा था , कुछ ही वक्त के अंदर सम्राट ने जल्लाद के सभी गुलामो को शैतानो को हरके जल्लाद के महेल के अंदर घुस गया
तब तक विराट भी वहाँ पहुँच चुका था महेल में घुसते ही सम्राट को जल्लाद दिख गया और सम्राट फौरन जल्लाद के ऊपर हमला करदेता है सम्राट और जल्लाद के बीच में एक घमासान लधाई शुरू होजती है , सम्राट का हर एक वार जानलेवा था लेकिन जल्लाद सम्राट के हर एक वार से बड़ी ही आसानी से बाचहजाता है अपनी जादुई कवच के वजह से सम्राट का हर एक वार बेकार जाने लगता है इसलिए सम्राट कमजोर पड़ने लगता है और हारने लगता है लेकिन तभी
सम्राट ईश्वक़्त जल्लाद से अकेला लध रहा था और सम्राट का हर एक वार जल्लाद पे नाकाम हो रहा था इसलिए सम्राट जल्लाद के सामने कमजोर पड़ रहा था हार रहा था
जल्लाद अपने दोनों हाथों को जोड़ता है और उसका रुख सम्राट के तरफ करता और फिर देखते ही देखते जल्लाद के हाथों से लाल रंग की ऊर्जा निकलती है और सम्राट से जा टकराती है और सम्राट दूर जाकर गिरता है और फिर जल्लाद अपने चेहरे पे मुश्कं लिए सम्राट के तरफ बढ़ने लगता है लेकिन तभी वहाँ विराट अपहुँचता है , अपने भाई को हरता हुआ देख विराट तेजिसे उस तरफ भागता है और लधाई में कुदड पड़ता है
विराट तेजिसे अपना तलवार निकलता है और उसका रुख जल्लाद के तरफ करके वार करता है इसे से विराट के तलवार से नीले रंग की ऊर्जा निकलती है और सीधे जा टकराती है जल्लाद से और जल्लाद उड़ते हुए अपने महेल के दीवार से जा टकराता है
और फिर विराट अपने तलवार को ऊपर असमान के तरफ उठता है और कुछ मंत्र पढ़ता है और फिर अपने तलवार के रुख को महेल के चारों तरफ करते हुए वार करने लगता है इसे से विराट के तलवार से काले धुएन्ँन निकालने लगते हैं और चारों तरफ तेजिसे मंडराने लगते हैं , जल्लाद ये सब हैरानी से देखने लगता है , वो काले धुएन्ँन जल्लाद के शरीर से टकराते हुए निकालने लगते हैं , जल्लाद को कुछ भी समझ में नहीं आ रही था और फिर कुछ देर बाद वो सारे काले धुएन्ँ गायब होजते हैं
विराट के आँखों में एक अजीब तरह की चमक थी ुषवक़्त और विराट के आँखों में चमक देख जल्लाद समझ जाता है की विराट ने जरूर कुछ किया है इसलिए जल्लाद अपने दोनों आँखों को बंद करता है और ध्यान लगता है , जल्लाद को फौरन पता चल जाता है की विराट ने उन्न काले धुएन्ँन के मदद से अड्रिस्या(इनविज़िबल) तेज और धार धार धागों से उसे बाँध दिया है , ये जानते ही जल्लाद को बहुत गुस्सा आता है और वो आगे बढ़ने की कोशिश करता है लेकिन जल्लाद एक कदम भी हिल नहीं पता है , जल्लाद एक कदम तो दूर वो इधर उधर मूंड़ भी नहीं परहा था
जल्लाद को कुछ भी समझ में नहीं आ रही था वो क्या करे फिर उसने ध्यान लगाने का सोचा और उसने अपनी आँखों को कुछ देर के लिए बंद कर दिया और फिर कुछ देर बाद जब उसने अपनी आँखें खोली तो उसे वो अड्रिस्या धागे दिखाई देने लगे और ये भी दिखाई देने लगा की वो सारे धागों की शुरूआत कहाँ से हुई है
वो सारे धागे विराट के तलवार से निकले थे और विराट ने उन्न धागों को उन्न काले धुएन्ँन के मदद से जल्लाद के शरीर के चारों तरफ फैला दिया था और ईश्वक़्त विराट अपने तलवार को ज़मीन में थोड़ा सा अंदर धसाके ज़ोर से पकड़े हुए खड़ा था इसे से वो सारे धागे बहुत ही टाइट काश गये थे जिसके वजह से जल्लाद हिल भी नहीं परहा था
जल्लाद धीरे धीरे उन्न धागों को तोड़ने की कोशिश करने लगता है , बहुत मुश्किल से एक दो धागे टूट जाते हैं इसे से जल्लाद को थोड़ा हिलने को मिलजाता है और वो बकीके धागे भी तोड़ने की कोशिश करता है लेकिन तभी विराट फिरसे अपने तलवार को काश देता है और ज़मीन के अंदर और थोड़ा सा घुसा देता है इसे से जलद अपने कमर के बॉल आ जाता है , जल्लाद झुके हुए खड़ा था और हिल भी नहीं परहा था
विराट के द्वारा तलवार काशे जाने पर वो सारे धागे भी बहुत ज्यादा टाइट हो गये थे और इसे वजह से जल्लाद के कवच में भी क्रॅक पड़ने शुरू होचुके थे
और फिर विराट अपने तलवार को और थोड़ा सा काश देता है जिस से जल्लाद और थोड़ा सा नीचे झुकक जाता है और फिर विराट तेजिसे उठता है और अपने तलवार को तेजिसे ज़मीन के अंदर से निकलता है और जल्लाद के तरफ तरफ जाता है उसका सर काटने के लिए , और विराट को अपने तरफ तेजिसे आता हुआ देख जल्लाद फिर से अपने सभी ताक़तों को इकट्ठा करता है और फिरसे उठने की कोशिश करने लगता है वो धागे एक एक करके टूठत्ने लगते हैं
तुम मेशे किसी एक को काली शक्तियों को कुछ दीनों के लिए अपना ना होगा तकिी काली शक्तियों के मदद से हम जल्लाद को हरा सके , हम सब जल्लाद को किसी भी किम्मत पे हराना चाहते थे इसलिए हम गुरु धर्मानंद के उस सलाह पे राजी हो गये और फिर गुरु धर्मानंद ने हम सबकी संयम और दिमाग का परीक्षा लिया , वो ये जान ना चाहते थे की हम में से कौन सबसे ज्यादा शांत और सरल है और किसी भी परिस्थिटी में अपने दिमाग को शांत और काबू में रख सके और इसे परीक्षा में सम्राट हम सबमेसए ज्यादा काबिल निकला इसलिए गुरु धर्मानंद ने सम्राट को छूना काली शक्तियों को अपने काबू में करने के लिए
उसके बाद गुरु धर्मानंद ने सम्राट को काली शक्तियों को केशे काबू में करना है वो सिखाया और बाकी हम सबको भी अलग से जल्लाद के खिलाफ लड़ने की ट्रनिंग दी गयी , इसे बीच गुरु धर्मानंद ने विराट में भी कुछ कुछ बात नज़र की इसलिए उन्होंने विराट को खास तौरपे हम सबसे अलग ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया
कुछ महीनों तक इसे ही ट्रेनिंग चलती रही गुरु धर्मानंद ने सम्राट को सबसे अलग रखा हुआ था , उस से किसी को भी मिलने की इजाज़त नहीं थी सम्राट को काली शक्तियों को अपने अधीन में लाने में कोई परेशानी ना हो इसे लिए गुरु धर्मानंद ने ये फैसला लिया था
और गुरु धर्मानंद के ट्रेनिंग से हम सब भी ताकतवर होचुके थे लेकिन हम मेशे सबसे ज्यादा बदलाव विराट में आया था गुरु धर्मानंद के कुछ ट्रेनिंग से विराट अब एक महा योढ़ा बन चुका था सचाई और धर्म का सबसे बड़ा और ताकतवर योढ़ा बन चुका था उसके तलवार में इतनी धार थी की उसके तलवार के एक वार से बारे से बारे पहाड़ की भी धज्जियाँ उड़ जाती थी
और इसे बीच जल्लाद ने हम सबको ढूंढ़ने के लिए ज़मीन आश्मन एक कर दिया था और आख़िरकार उसे एक दिन पता चल ही गया की हम सब गुरु धर्मानंद के आश्रम में हैं और उनसे कुछ ट्रेनिंग लेरहे हैं उसे हराने के लिए इसलिए जल्लाद ने अपने फौज की एक खास टुकड़ी को भेज दिया हम पर हमला करने के लिए
जब जल्लाद के फौज ने गुरु धर्मानंद के आश्रम पे हमला किया ुषवक़्त विराट कुछ कुछ काम से गुरु धर्मानंद के चेलए ब्रह्मानंद के साथ कहीं गया हुआ था इसलिए आश्रम की हिफ़ाज़त की ज़िमेदारी हम पर आ गाई थी और में , डर्कलॉर्ड , राजकुमारी पद्मिनी और गुरु धर्मानंद ने मिलकर उन्न सभी शैतानो का सामना किया लेकिन हम सब बुरी तरह से हार गये
वो सभी शैतान राजकुमारी पद्मिनी की खूबसूरती को देख भड़क गये और उनके साथ बतामीज़ी करने लगे और फिर उनके साथ जबारजस्ति करने लगे लेकिन ठीक उसी वक्त , सम्राट को जिस कुछ कोठरी में गुरु धर्मानंद ने बंद किया हुआ था तकिी उसे कोई उसकी ट्रेनिंग में परेशान ना कार सके , उस कोठरी के दरवाजा की एक तेज धमाके के साथ धज्जियाँ उड़ गयीं
और फिर उस कोठरी के अंदर से सम्राट बाहर निकला सम्राट का पूरा शरीर हरा पदचुका था और आँखें पूरी तरह से लाल थी , जब सम्राट को हम सबने देखा तो हम सबकी आँखें छोन्दया गयीं सम्राट के रूप को देख के हम सब के होश उड़ गये थे ुषवक़्त लेकिन हमसे भी बुरी हालत किसी की थी और वो थे गुरु धर्मानंद
उनके मुंह से ुषवक़्त यही निकला था , है मेरे ख़ुदाया ये क्या हो गया , ये तो अनर्थ हो गया सम्राट की ट्रेनिंग बीच में ही रुक्क गयी इसका मतलब अब सम्राट को शैतान बन ने से कोई नहीं रोक सकता , हम सबने जब ये बात सुनी तो हम सबके होश उड़ गये थे
सम्राट उस कोठरी से बाहर निकलते ही उन्न शैतानो के ऊपर हमला करदेता है , सम्राट के एक एक मुक्के में वो शैतान मौत के घाट उतार रहे थे सम्राट उन्न सबको बड़ी ही बेरेहमी के साथ मरता हुआ आगे बधरहा था , सम्राट अपना मुंह खोलता तो उसमें से आग का बवंडर निकलता और उस आग के बवंडर में वो शैतान जल्के रख होजते
सम्राट ने कुछ ही मिनिट्स में शैतानो की उस टुकड़ी को बारे ही आसानी से खत्म कार्दिया था और उसके बाद सम्राट वहाँ से अपने नयी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए तेज रफ्तार के साथ वहाँ से चला गया
आश्रम में चारों तरफ लाशें ही लाशें गिरी पड़ी हुई थी जब विराट और ब्रह्मानंद वापाश आए थे और आश्रम की ये हालत देख दोनों तेजिसे अंदर की तरफ दौड़ गये वहाँ उन्हें सभी मीलगए , विराट ने गुरु धर्मानंद से पूछा की ये सब यहाँ क्या हुआ तो गुरु धर्मानंद ने विराट को सबकुछ बता दिया केशे यहाँ पे शैतानो ने हमला किया और केशे सम्राट की ट्रेनिंग बीच में रुक्क गयी और वो बाहर निकल आया और गुरु धर्मानंद ने विराट को ये भी बताया की अब शायद ही कोई सम्राट को शैतान बन ने से रोक सके
विराट ने ये सुनते ही कहा की में अपने भाई को कभी भी शैतान बन ने नहीं दूँगा कभी नहीं , ये बोलकर विराट ने मेरे तरफ देखा और मुझसे कहा की जल्दी से जल्दी अपनी जादू का इंटेमाल करके पता लगाओ सम्राट ईश्वक़्त कहाँ है और मैंने फौरन पता लगा लिया , सम्राट तेज रफ्तार से जल्लाद के इल्लाके के तरफ तरफ रहा था
सम्राट कहाँ है ये पता चलते ही विराट भी अपने भाई के तरफ तेजिसे तरफ गया , कुछ ही घंटों में सम्राट जल्लाद के किल्ले तक पहुँच चुका था और सम्राट के राषते में जो भी आता सम्राट उसे मौत के घर उतरके आगे तरफ जाता और विराट भी तेजिसे आगे तरफ रहा था , कुछ ही वक्त के अंदर सम्राट ने जल्लाद के सभी गुलामो को शैतानो को हरके जल्लाद के महेल के अंदर घुस गया
तब तक विराट भी वहाँ पहुँच चुका था महेल में घुसते ही सम्राट को जल्लाद दिख गया और सम्राट फौरन जल्लाद के ऊपर हमला करदेता है सम्राट और जल्लाद के बीच में एक घमासान लधाई शुरू होजती है , सम्राट का हर एक वार जानलेवा था लेकिन जल्लाद सम्राट के हर एक वार से बड़ी ही आसानी से बाचहजाता है अपनी जादुई कवच के वजह से सम्राट का हर एक वार बेकार जाने लगता है इसलिए सम्राट कमजोर पड़ने लगता है और हारने लगता है लेकिन तभी
सम्राट ईश्वक़्त जल्लाद से अकेला लध रहा था और सम्राट का हर एक वार जल्लाद पे नाकाम हो रहा था इसलिए सम्राट जल्लाद के सामने कमजोर पड़ रहा था हार रहा था
जल्लाद अपने दोनों हाथों को जोड़ता है और उसका रुख सम्राट के तरफ करता और फिर देखते ही देखते जल्लाद के हाथों से लाल रंग की ऊर्जा निकलती है और सम्राट से जा टकराती है और सम्राट दूर जाकर गिरता है और फिर जल्लाद अपने चेहरे पे मुश्कं लिए सम्राट के तरफ बढ़ने लगता है लेकिन तभी वहाँ विराट अपहुँचता है , अपने भाई को हरता हुआ देख विराट तेजिसे उस तरफ भागता है और लधाई में कुदड पड़ता है
विराट तेजिसे अपना तलवार निकलता है और उसका रुख जल्लाद के तरफ करके वार करता है इसे से विराट के तलवार से नीले रंग की ऊर्जा निकलती है और सीधे जा टकराती है जल्लाद से और जल्लाद उड़ते हुए अपने महेल के दीवार से जा टकराता है
और फिर विराट अपने तलवार को ऊपर असमान के तरफ उठता है और कुछ मंत्र पढ़ता है और फिर अपने तलवार के रुख को महेल के चारों तरफ करते हुए वार करने लगता है इसे से विराट के तलवार से काले धुएन्ँन निकालने लगते हैं और चारों तरफ तेजिसे मंडराने लगते हैं , जल्लाद ये सब हैरानी से देखने लगता है , वो काले धुएन्ँन जल्लाद के शरीर से टकराते हुए निकालने लगते हैं , जल्लाद को कुछ भी समझ में नहीं आ रही था और फिर कुछ देर बाद वो सारे काले धुएन्ँ गायब होजते हैं
विराट के आँखों में एक अजीब तरह की चमक थी ुषवक़्त और विराट के आँखों में चमक देख जल्लाद समझ जाता है की विराट ने जरूर कुछ किया है इसलिए जल्लाद अपने दोनों आँखों को बंद करता है और ध्यान लगता है , जल्लाद को फौरन पता चल जाता है की विराट ने उन्न काले धुएन्ँन के मदद से अड्रिस्या(इनविज़िबल) तेज और धार धार धागों से उसे बाँध दिया है , ये जानते ही जल्लाद को बहुत गुस्सा आता है और वो आगे बढ़ने की कोशिश करता है लेकिन जल्लाद एक कदम भी हिल नहीं पता है , जल्लाद एक कदम तो दूर वो इधर उधर मूंड़ भी नहीं परहा था
जल्लाद को कुछ भी समझ में नहीं आ रही था वो क्या करे फिर उसने ध्यान लगाने का सोचा और उसने अपनी आँखों को कुछ देर के लिए बंद कर दिया और फिर कुछ देर बाद जब उसने अपनी आँखें खोली तो उसे वो अड्रिस्या धागे दिखाई देने लगे और ये भी दिखाई देने लगा की वो सारे धागों की शुरूआत कहाँ से हुई है
वो सारे धागे विराट के तलवार से निकले थे और विराट ने उन्न धागों को उन्न काले धुएन्ँन के मदद से जल्लाद के शरीर के चारों तरफ फैला दिया था और ईश्वक़्त विराट अपने तलवार को ज़मीन में थोड़ा सा अंदर धसाके ज़ोर से पकड़े हुए खड़ा था इसे से वो सारे धागे बहुत ही टाइट काश गये थे जिसके वजह से जल्लाद हिल भी नहीं परहा था
जल्लाद धीरे धीरे उन्न धागों को तोड़ने की कोशिश करने लगता है , बहुत मुश्किल से एक दो धागे टूट जाते हैं इसे से जल्लाद को थोड़ा हिलने को मिलजाता है और वो बकीके धागे भी तोड़ने की कोशिश करता है लेकिन तभी विराट फिरसे अपने तलवार को काश देता है और ज़मीन के अंदर और थोड़ा सा घुसा देता है इसे से जलद अपने कमर के बॉल आ जाता है , जल्लाद झुके हुए खड़ा था और हिल भी नहीं परहा था
विराट के द्वारा तलवार काशे जाने पर वो सारे धागे भी बहुत ज्यादा टाइट हो गये थे और इसे वजह से जल्लाद के कवच में भी क्रॅक पड़ने शुरू होचुके थे
और फिर विराट अपने तलवार को और थोड़ा सा काश देता है जिस से जल्लाद और थोड़ा सा नीचे झुकक जाता है और फिर विराट तेजिसे उठता है और अपने तलवार को तेजिसे ज़मीन के अंदर से निकलता है और जल्लाद के तरफ तरफ जाता है उसका सर काटने के लिए , और विराट को अपने तरफ तेजिसे आता हुआ देख जल्लाद फिर से अपने सभी ताक़तों को इकट्ठा करता है और फिरसे उठने की कोशिश करने लगता है वो धागे एक एक करके टूठत्ने लगते हैं