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Guest
रोशन :- सच बात छे...कुछ अलग होगा..तो सभी जेंट्स को भी अच्छा लगेगा..
मोहन लाल :- हाँ...वही तो...
पायल :- ओके एक्सलेंट..तो सर आप भी पार्ट लेंगे ना.
मोहन लाल :- ऑफ कोर्स....
पायल :- ओके..तो में सभी मेडम्स को ले जाती हूँ...तब तक आप यहाँ आरेंजमेंट
कर वा दीजिए..
मोहन लाल :- हाँ ओके...
और मोहन लाल जेंट्स के पास आ जाता है...और पायल लॅडीस के साथ खड़ी रहती है...
अब आप क्या चाहते हैं...अब अरेंज्मेंट के बारे में भी लिखूं...हाँ यही कम रह गया
है ना मेरा....अब बताऊ कि एक एक चीज़ कहाँ शिफ्ट हुई है..कहाँ क्या रखा है..
कामवाला समझ रखा है...चलो हटो जी..में नही बता रहा......
अब सब सोच में डूब गये कि में टाइम को थोड़ा आगे कर के लिख दूँगा.. है..ना
यही सोच रहे हो...और अगर नही भी सोच रहे तो मेरा क्या..मत सोचो...
में तो चला अपनी दूरबीन लेकर....देखूं तो सही कुछ शायद दिख जाए.....
ज़ूम इन......
ह्म वॉशरूम में कोई नही है.....अब्दुल कहाँ गया..साला....चलो कमरे में
ज़ूम इन करके देखता हूँ......हैरान मत हो 21स्ट सेंचुरी है..टेक्नालजी बहुत आ गई
है...मेरे पास है ऐसा दूरबीन जो यहीं से बैठे बैठे कमरे में देख सकते हैं....
फुल ऑन ज़ूम इन कर डून....ह्म चलो कमरे के गेट के पास तो पहुच गये...
ज़रा अंदर भी झाँक लें....
ओहो तो भाई साहब यहाँ लगे पड़े हैं....
आआआ ओह सोडा की कसम आज तेरी चूत का भोसड़ा बना दूँगा.
अब्दुल का लंड प्रीति की चूत के अंदर बाहर हो रहा था.....
प्रीति पलंग पर लेटी पड़ी थी..उपर से अब्दुल उसके दोनो पैर उपर कर के उसकी चूत
में लंड अंदर बाहर कर रहा था....
प्रीति :- आआहह ऊहोोह...उूुुुउउ..सस्स्सीसीसीई फक मी हार्ड
आ फकक्क्क्क्क्क्क्क्क......
प्रीति भी अपनी गान्ड नीचे से उछाल उछाल के अब्दुल का लंड ले रही थी....
अब्दुल ने अपने दोनो हाथ प्रीति के गोल गोल बड़ी ही सॉफ्ट बूब्स पे रखे हुए थे.
और उन्हे दबा रहा था.....और नीचे से अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था...
पच्चह पच्चह की आवाज़ पूरे कमरे में फैली हुई थी...
मोहन लाल :- हाँ...वही तो...
पायल :- ओके एक्सलेंट..तो सर आप भी पार्ट लेंगे ना.
मोहन लाल :- ऑफ कोर्स....
पायल :- ओके..तो में सभी मेडम्स को ले जाती हूँ...तब तक आप यहाँ आरेंजमेंट
कर वा दीजिए..
मोहन लाल :- हाँ ओके...
और मोहन लाल जेंट्स के पास आ जाता है...और पायल लॅडीस के साथ खड़ी रहती है...
अब आप क्या चाहते हैं...अब अरेंज्मेंट के बारे में भी लिखूं...हाँ यही कम रह गया
है ना मेरा....अब बताऊ कि एक एक चीज़ कहाँ शिफ्ट हुई है..कहाँ क्या रखा है..
कामवाला समझ रखा है...चलो हटो जी..में नही बता रहा......
अब सब सोच में डूब गये कि में टाइम को थोड़ा आगे कर के लिख दूँगा.. है..ना
यही सोच रहे हो...और अगर नही भी सोच रहे तो मेरा क्या..मत सोचो...
में तो चला अपनी दूरबीन लेकर....देखूं तो सही कुछ शायद दिख जाए.....
ज़ूम इन......
ह्म वॉशरूम में कोई नही है.....अब्दुल कहाँ गया..साला....चलो कमरे में
ज़ूम इन करके देखता हूँ......हैरान मत हो 21स्ट सेंचुरी है..टेक्नालजी बहुत आ गई
है...मेरे पास है ऐसा दूरबीन जो यहीं से बैठे बैठे कमरे में देख सकते हैं....
फुल ऑन ज़ूम इन कर डून....ह्म चलो कमरे के गेट के पास तो पहुच गये...
ज़रा अंदर भी झाँक लें....
ओहो तो भाई साहब यहाँ लगे पड़े हैं....
आआआ ओह सोडा की कसम आज तेरी चूत का भोसड़ा बना दूँगा.
अब्दुल का लंड प्रीति की चूत के अंदर बाहर हो रहा था.....
प्रीति पलंग पर लेटी पड़ी थी..उपर से अब्दुल उसके दोनो पैर उपर कर के उसकी चूत
में लंड अंदर बाहर कर रहा था....
प्रीति :- आआहह ऊहोोह...उूुुुउउ..सस्स्सीसीसीई फक मी हार्ड
आ फकक्क्क्क्क्क्क्क्क......
प्रीति भी अपनी गान्ड नीचे से उछाल उछाल के अब्दुल का लंड ले रही थी....
अब्दुल ने अपने दोनो हाथ प्रीति के गोल गोल बड़ी ही सॉफ्ट बूब्स पे रखे हुए थे.
और उन्हे दबा रहा था.....और नीचे से अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था...
पच्चह पच्चह की आवाज़ पूरे कमरे में फैली हुई थी...