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Guest
और दूसरे दिन राजन भी देखना चाहता था कि क्या अदिति उसको नजर आएगी जब लिफ्ट से निकलकर अंजली के यहाँ जाएगा? अदिति के दरवाजे के पास से जब राजन गुजरता था तो अपने गले को साफ करते हुए गुजरता, अदिति को सुनाने के लिए की वो बाहर से गुजर रहा है।
अदिति अपनी छत पर से नीचे उन दोनों को देखती थी, जिस वक्त अंजली कालेज से वापस आती है। और तकरीबन हर रोज अदिति ने उस आदमी को अंजली से साथ आते हुए देखा। राजन ने भी अदिति को कई बार देखा छत पर। अंजली ने भी खयाल किया की हर रोज अदिति उन दोनों को देखती है तो अंजली और राजन ने इस बारे में बात किए जैसे बिस्तर पर गये।
अंजली ने कहा- “पता नहीं के अदिति मेडम ने आपको हर रोज आते हुए देखा तो डैड से कह देगी अगर? मुझे डर लग रहा है...”
राजन- “मेरे खयाल से मुझे उससे बात करना चाहिए क्या कहती हो?"
अंजली- “पता नहीं, आपके खयाल से तब और भी शक नहीं पैदा करोगे आप?"
राजन- “मेरे खयाल से वो सब समझती है और उसको सब पता है आलरेडी की मैं तुम्हारा प्रेमी हूँ, और वो शादीशुदा औरत होते हुए सब समझेगी और हम उसको सब बात सीक्रेट रखने को बोल सकते हैं, चलो दोनों साथ चलकर उनसे बात करते हैं..."
अंजली- “ना बाबा ना... मैं नहीं जाने वाली, आप जाओ और उनसे कहना मुझे बदनाम नहीं करने को और मुझे परेशानी में नहीं डालने को..."
राजन- “तुम फिकर मत करो डार्लिंग मैं सब ठीक कर दूंगा। चलता हूँ उनसे बात करने, वापस आकर बताऊँगा के उसने क्या कहा। मुझे पूरा यकीन है की वो हमारे बारे में किसी को नहीं बताएगी..."
राजन ने अदिति का दरवाजा खटखटाया और अदिति स इज़्ड हो गई उसको देखकर जब दरवाजा खोला तो। अदिति एक स्कर्ट और ब्लाउज़ में थी। स्कर्ट उसकी घुटनों तक आती थी और उसकी दिल की धड़कन तेज हो गई, राजन को अपने सामने देखकर उस वक्त। असल बात यह थी की ठीक उसी वक्त अदिति उन दोनों के बारे में ही सोच रही थी और वो अचानक हाजिर हो गया। इसलिए घबरा सी गई अदिति। अब वो उस आदमी को यह तो नहीं कह सकती थी की मैं आपके ही बारे में सोच रही थी अभी।
अदिति ने पूछा- “जी क्या मदद कर सकती हूँ आपकी?"
राजन ने कहा- "मुझको एक बहुत ही जरूरी और अहम बात करनी है। इसलिए मुझको अंदर आना चाहिए। और अंजली ने मुझको बात करने के लिए भेजा है...”
अंजली का नाम सुनकर अदिति ने उसको अंदर आने को कहा और बाहर देख रही थी की अंजली भी आ रही है की नहीं?”
राजन ने कहा- "अंजली नहीं आ रही है क्योंकी उसको शर्म आ रही है। इसीलिए मैं अकेले आया है बात करने के लियो"
लाउंज में बैठे दोनों, अदिति उनके सामने बैठी, और उसकी स्कर्ट जो घुटनों तक थी बैठने से और ऊपर हो गई जिससे उसकी खूबसूरत गदराई जांघे दिखने लगीं। और राजन की आँखों को खुशी होने लगी। राजन को अपने लण्ड को पैंट में सीधा करना पड़ा, उसने किया, अदिति ने देखा और होंठों को दाँतों में दबाया।
* * * * * * * * * *
अदिति अपनी छत पर से नीचे उन दोनों को देखती थी, जिस वक्त अंजली कालेज से वापस आती है। और तकरीबन हर रोज अदिति ने उस आदमी को अंजली से साथ आते हुए देखा। राजन ने भी अदिति को कई बार देखा छत पर। अंजली ने भी खयाल किया की हर रोज अदिति उन दोनों को देखती है तो अंजली और राजन ने इस बारे में बात किए जैसे बिस्तर पर गये।
अंजली ने कहा- “पता नहीं के अदिति मेडम ने आपको हर रोज आते हुए देखा तो डैड से कह देगी अगर? मुझे डर लग रहा है...”
राजन- “मेरे खयाल से मुझे उससे बात करना चाहिए क्या कहती हो?"
अंजली- “पता नहीं, आपके खयाल से तब और भी शक नहीं पैदा करोगे आप?"
राजन- “मेरे खयाल से वो सब समझती है और उसको सब पता है आलरेडी की मैं तुम्हारा प्रेमी हूँ, और वो शादीशुदा औरत होते हुए सब समझेगी और हम उसको सब बात सीक्रेट रखने को बोल सकते हैं, चलो दोनों साथ चलकर उनसे बात करते हैं..."
अंजली- “ना बाबा ना... मैं नहीं जाने वाली, आप जाओ और उनसे कहना मुझे बदनाम नहीं करने को और मुझे परेशानी में नहीं डालने को..."
राजन- “तुम फिकर मत करो डार्लिंग मैं सब ठीक कर दूंगा। चलता हूँ उनसे बात करने, वापस आकर बताऊँगा के उसने क्या कहा। मुझे पूरा यकीन है की वो हमारे बारे में किसी को नहीं बताएगी..."
राजन ने अदिति का दरवाजा खटखटाया और अदिति स इज़्ड हो गई उसको देखकर जब दरवाजा खोला तो। अदिति एक स्कर्ट और ब्लाउज़ में थी। स्कर्ट उसकी घुटनों तक आती थी और उसकी दिल की धड़कन तेज हो गई, राजन को अपने सामने देखकर उस वक्त। असल बात यह थी की ठीक उसी वक्त अदिति उन दोनों के बारे में ही सोच रही थी और वो अचानक हाजिर हो गया। इसलिए घबरा सी गई अदिति। अब वो उस आदमी को यह तो नहीं कह सकती थी की मैं आपके ही बारे में सोच रही थी अभी।
अदिति ने पूछा- “जी क्या मदद कर सकती हूँ आपकी?"
राजन ने कहा- "मुझको एक बहुत ही जरूरी और अहम बात करनी है। इसलिए मुझको अंदर आना चाहिए। और अंजली ने मुझको बात करने के लिए भेजा है...”
अंजली का नाम सुनकर अदिति ने उसको अंदर आने को कहा और बाहर देख रही थी की अंजली भी आ रही है की नहीं?”
राजन ने कहा- "अंजली नहीं आ रही है क्योंकी उसको शर्म आ रही है। इसीलिए मैं अकेले आया है बात करने के लियो"
लाउंज में बैठे दोनों, अदिति उनके सामने बैठी, और उसकी स्कर्ट जो घुटनों तक थी बैठने से और ऊपर हो गई जिससे उसकी खूबसूरत गदराई जांघे दिखने लगीं। और राजन की आँखों को खुशी होने लगी। राजन को अपने लण्ड को पैंट में सीधा करना पड़ा, उसने किया, अदिति ने देखा और होंठों को दाँतों में दबाया।
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