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Adultery Meri Bhabhi Ma मेरी भाभी माँ

“तुम भी ना पूरी आइटम हो “

मैं हसने लगा

“ये मैं कोई आइटम वातें नही हू समझे , चलो क्लास के लिए लेट हो रहा है , तू यहाँ क्यो आ गया मैं तो आ ही रही थी क्लास मे “

ये तो सफेद झूठ बोलने पर तुली हुई थी , लेकिन मैं उसके झूठ को सुनकर मुस्कुराने लगा , वो फिर से खड़ी होने को हुई और मैने उसके हाथो को पकड़ कर फिर से उसे नीचे बिठा दिया …

“क्या कर रहे हो चलो ना क्लास का टाइम हो रहा है “

वो हड़बड़ाई हुई सी बोली

“आज नही ”

“मतलब.???”

“ मतलब ये मेडम की आज हम क्लास नही जाएगे “

वो मुझे थोड़े अजीब निगाहो से देखने लगी

“तो क्या करेंगे “

“बस यही बैठेंगे , बाते करेंगे “

उसका चेहरा मुझे साफ बता रहा था की वो भी दिल से यही चाहती है लेकिन फिर भी बाहर से उसने थोड़ा ना नुकुर किया

“अरे क्लास ….”

“क्लास की मा का …”

“अंकित … क्या गंदी गंदी बात करते हो , चलो ठीक है हम यही बैठते है तो अक्की और बाकी लोगो को भी बुला हू “

मैने उसका हाथ थाम लिया , वो बड़े ही आश्चर्य से मुझे देख रही थी लेकिन उसके मासूम से चेहरे मे एक डर भी फैला हुआ था , शायद उसकी धड़कने तेज थी , वो हल्के हल्के कांप रही थी …

“किसी को मत बुलाओ बस हम दोनो ,,, अकेले बाते करते है “

वो थोड़ी देर तक मेरी आँखो को देखती रही जैसे कुछ पढ़ने की कोशिस कर रही हो , और फिर उसके चेहरे मे थोड़े शर्म के भाव आए और उसका चेहरा भी झुक गया

हम दोनो ही बिना कुछ बोले ही वहाँ बैठे रहे , क्या बोला जाए ये मुझे भी समझ नही आ रहा था, बस उसका हाथ मेरे हाथो मे था और हम दोनो ही किसी के पहले बोलने के इंतजार मे थे , जब दोनो मे से कोई नही बोला तो मैं उसकी गोद मे अपना सर रखने लगा

“ये क्या कर रहे हो “

वो थोड़ी सी हड़बड़ाई

“क्यो गोद मे सोने नही देगी क्या “

वो मुस्कुराइ और उसने खुद को पेड़ से टीका लिया और अपने बस्ते को अपने गोद मे रख दिया ताकि मैं उसपर अपना सर रख सकु , मैं उसकी गोद मे लेटा हुआ उसके चेहरे को देख रहा था ,

“नेहा सुनो ना “

“ह्म “

वो मुझसे बात करने के लिए थोड़ी सी झुकी , मेरे सामने वो सुंदर सा चेहरा था जो भोलेपन से भरा हुआ था, आँखो मे चश्मा अभी बी लगा हुआ था , बाल खुले हुए थे , फ्रॅक पहनी हुई थी लेकिन फिर भी आँखो मे छोटी सी बिंदी लगाने से उसकी खूबसूरती और भी ज़्यादा निखर कर बाहर आ रही थी ..

मैं इसी सोच मे था की मेरे ऐसे करने से नेहा के दिल मे क्या हो रहा होगा , क्या उसे ये लगेगा की मैं भी उसे प्यार करता हू , और क्या मैं सच मे उससे प्यार करता हू , वो मेरी बहुत अच्छी दोस्त थी उसे धोखा देना ,,

नही नही मैं उसे धोखा तो नही दे सकता , मैं खुद को ही कभी माफ़ नही कर पाउन्गा , क्या मुझे सुस के बारे मे इसे बता देना चाहिए …..सुस के बारे मे सुनकर इसके दिल पर क्या बीतेगी ….

मेरे चेहरे मे चिंता के भाव आ गये थे वही नेहा मेरे दिल के हालत से अंजान सी मेरे उपर थोड़ी झुक गयी , उसके बाल मेरे चेहरे पर पड़ने ल्गे थे वही उसकी आँखे मेरे चेहरे पर जमी हुई थी जिससे उसका चेहरा मुझे साफ साफ दिख रहा था , वो खुश थी बहुत खुश थी …

“क्या बोलना चाहते थे “

उसकी बात से मैं अपने ख़यालो से निकल गया , मुझे क्या करना चाहिए???

मेरे सामने अब भी ये बड़ा सवाल था

“नेहा ,, मुझसे कुछ मत छिपा सीधे सीधे एक सवाल का जवाब दोगि “

वो मुझे घुरने लगी

“क्या ?”

“क्या तुम मुझसे प्यार करती हो “

वो कुछ भी नही बोल पाई

“और हा प्यार मतलब दोस्त वाला नही , तुम समझ गयी ना मैं कौन से वाले प्यार के बारे मे बात कर रहा हू “

वो स्तब्ध थी , अवाक थी , उसने कभी मुझसे ऐसे प्रश्न की अपेक्षा भी तो नही की थी …

“नेहा तुम्हारी आँखे बताती है की तुम मुझसे प्यार करती हो, और मुझे ही क्या सभी को ये पता है ,सुस को भी “

उसने आश्चर्य से मुझे देखा , साथ ही उसके आँखो मे थोड़ा गीलापन उतरने लगा,

“मुझे माफ़ कर दो “

नेहा के ऐसा कहने से मैं बड़े ही आश्चर्य मे पड़ गया , ये मुझसे माफी क्यो माँग रही है ???

“तुम मुझसे माफी क्यो माँग रही हो “

“क्योकि मैने ये भी नही सोचा की तुम मेरे बारे मे क्या सोचते हो और मैं प्यार कर बैठी ,इसमे तुम्हारी कोई ग़लती नही है, तुम ये सब इसलिए कर रहे थे ना की मुझे दुख ना पहुचे , मैं अब समझ गई , नही अंकित मुझे दुख नही होगा अगर तुम मुझसे प्यार नही करते तो कोई बात नही अगर तुम्हे सुस ही पसंद है तो ठीक है कोई बात नही “
 
नेहा के ऐसा कहने से मैं बड़े ही आश्चर्य मे पड़ गया , ये मुझसे माफी क्यो माँग रही है ???

“तुम मुझसे माफी क्यो माँग रही हो “

“क्योकि मैने ये भी नही सोचा की तुम मेरे बारे मे क्या सोचते हो और मैं प्यार कर बैठी ,इसमे तुम्हारी कोई ग़लती नही है, तुम ये सब इसलिए कर रहे थे ना की मुझे दुख ना पहुचे , मैं अब समझ गई , नही अंकित मुझे दुख नही होगा अगर तुम मुझसे प्यार नही करते तो कोई बात नही अगर तुम्हे सुस ही पसंद है तो ठीक है कोई बात नही “

वो फफक उठी थी , ये लड़किया सच मे समझ के बाहर होती है , साला मैने सोचा था की इसे आराम से समझा लूँगा और मैं ही फँस गया था, इसे अभी ये लगने लगा था की मैं जो यहाँ आकर इससे प्यार भरी बाते किया वो सब बस इसलिए क्योकि मैं इसे ना बोलने वाला हू ….

हद है मदर***द

“नेहा तुम ग़लत समझ रही हो , मैं सच मे सुस से प्यार नही करता मैं तो …”

मैं कुछ बोल पाता उससे पहले ही नेहा का रोना और जोरो का हो गया

“हा अंकित आई लव यू … आई लव यू अंकित “

और उसने मेरा सर पकड़कर मेरे होठों को अपने होठों मे डाल दिया , अब ऐसे सिचुयेशन मे मैं क्या कर सकता था ….:

मैने होंठ खोल दिए

नारी को समझना मुश्किल ही नही नामुमकिन होता है अचानक अचानक से मूड मे तब्दीली हो जाती है ,,

हमारे होंठ मिल चुके थे वो बहुत ही शिद्दत से मेरे होठों को लगभग खा ही रही थी , मैं भी बस उसका मज़ा ले रहा था

नहा ने मन भरने तक मेरे होठों को चूमा और फिर

“आइ एम सॉरी अंकित … मैं बहक गयी थी .”

उसकी इस हालत को देखकर मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था

“अच्छा पहले मेरा रेप कर दो और फिर माफी माँग लो “

मेरे आँखो और बातों मे शुरुआत थी लेकिन नेहा की मनोदशा कुछ ऐसी थी की उसे ये बात समझ नही आई , वो और भी घबरा गयी

“आइ एम रियली सॉरी अंकित… मैं ही पागल हू, मैं पागल हुए जा रही हू”

उसकी ये हालत और मेरे लिए इतना प्यार देखकर मेरे दिल मे भी उसके लिए एक फीलिंग सी उमड़ने लगी थी

मैने उसके बालो मे अपने हाथ को फँसाया और उसके चेहरे को अपनी ओर खींच लिया वो कुछ बोल पाती उससे पहले ही हमारे होंठ फिर से मिल चुके थे ………….

जब हमारी साँसे टूटने लगी तब हम अलग हुए

“ये क्या था अंकित “

मैं अब भी नेहा की गोद मे सोया हुआ था और हमारी नज़रे एक दूसरे पर ही टिकी हुई थी

“तुम्हे क्या लगता है की क्या था “

नेहा मुझे ध्यान से देखने लगी

“अंकित मैं एक सीधी साधी सी लड़की हुई , मैं उन लड़कियो की तरह नही हू जो रोज ही बाय्फ्रेंड बदल ते रहते है , मेरे लिए प्यार के बहुत मायने है , और मैं तुमसे बेपनाह प्यार करती हू , क्या इस किस को मैं तुम्हारे प्यार की हामी मान लू ….”

मेरे लिए ये बड़ी ही समस्या की घड़ी थी , मैं नेहा से झूठ नही बोल सकता था लेकिन सच बोलने से उसका जो दिल टूटता वो भी मुझे मंजूर नही था

“नेहा मैं तुम्हे बहुत ही पसंद करता हू, लेकिन मेरे लिए प्यार को समझ पाना अभी तो कठिन है, बस इतना समझ लो की तुम्हारे सुंदर चेहरे को देखकर मेरे दिल की धड़कने भी तेज हो जाती है, बस इतना समझ लो की तुम्हे रोता हुआ देखकर मेरा भी दिल बैठ जाता है, बस इतना जान लो मैं तुम्हे हमेशा अपने पास चाहता हू , अगर ये प्यार है तो हा मैं तुमसे प्यार करता हू,और अगर ये प्यार नही है तो … तो शायद मुझे प्यार को समझने के लिए और भी समय चाहिए “

बात सीधे से कही जा सकती थी लेकिन जब सामने लड़की हो तो बात को घूमकर ही बोलना चाहिए , क्योकि सीधी बात उनके समझ मे जल्दी नही आती , और घूमाओदार बातों को वो जल्दी समझ लेती है …. या शायद बिना समझे ही खुस हो जाती है :हहा:

नेहा भी मेरी बात सुनकर खुश हो गयी

“ठीक है तुम्हे अगर टाइम चाहिए तो तुम टाइम लो , लेकिन अंकित मैं तुमसे बहुत प्यार करती हू ,,,”

उसने मेरी आँखो मे देखते हुए कहा

“मैं जानता हू , तुम्हारी आँखो मे दिखता है “

मेरी बात सुनकर उसने फिर से अपने होठों को मेरे होठों मे मिला दिया ………..
 
अपने कमरे मे लेटा हुआ मैं छत को ही देख रहा था ,

मुझे पता ही नही चला की भाभी कब कमरे मे आ चुकी थी , वो आकर मेरे बाजू मे बैठ गयी और मेरे बालो मे अपने हाथो को फेरने लगी …

“क्या हुआ बाबू , क्या सोच रहा है “

भाभी की बातों से मैं जैसे अपनी यादो से बाहर आया

“कुछ नही भाभी बस मैं नेहा और सुस के बारे मे सोचा रहा था , आज नेहा ने मुझे प्रपोज़ कर दिया “

“अच्छा और तूने क्या कहा “

मैने भाभी को सब कुछ बता दिया था , उनके चेहरे मे कई भाव आ जा रहे थे

“भाभी मुझे क्या करना चाहिए “

भाभी ने एक गहरी सांस ली

“मेरे ख्याल से तुझे नेहा को सब बता देना चाहिए”

“लेकिन इससे तो वो टूट जाएगी “

“हा लेकिन फिर भी सम्हल जाएगी, अगर उसे बाद मे पता चला तो … ?”

“हुम्म लेकिन भाभी मैं सुस से भी दूर नही जाना चाहता और नेहा से भी नही ,,,”

मेरी बात सुनकर भाभी जोरो से हंस पड़ी

“वहाँ बाबू , दोनो तरफ़ खेलना चाहता है “

मैं भाभी की बात को समझ गया था

“भाभी मेरी बात को समझो , मैं सिर्फ़ खेलना नही चाहता बल्कि सच मे मैं दोनो को पसंद करता हू , और हा दोनो को बस पसंद ही करता हू प्यार का पता नही, लेकिन इतना ज़रूर है की मैं आपसे प्यार करता हू “

भाभी ने मेरे सर पर एक चपत मार दी

“अब मेरी क्या ज़रूरत है तुझे, जिस्म की प्यास बुझाने के लिए सुस और रानी है और प्यार देने के लिए नेहा , अब ये भाभी तेरे किस काम की “

भाभी की ये बात मुझे थोड़ी बुरी लग गई थी , मैने उन्हे पकड़कर बिस्तर मे लिपटा दिया और खुद उनके उपर आ गया, वो इस अचानक हुए हमले से थोड़ी घबरा गयी थी

“सोनू ये क्या कर रहा है “

“आई लव यू भाभी “

मेरे होंठ सीधे उनकी गर्दन पर पहुच गये और भीगे होठों ने उनके गले को भी भीगा दिया ..

“सोनू ये ग़लत हो रहा है , नही “

वो छटपटाई ज़रूर लेकिन उनके ना मे भी कोई दम नही दिख रहा था

“भाभी आई लव यू भाभी “

मैं उनके कंधे को चूसने लगा था ,

“नही सोनू प्लीज़ “

इस बार भाभी की आवाज़ मे एक मदहोशी सी आ चुकी थी , मैं अपने हवस की आग को थोड़ा सा संभाला और उनके चेहरे को देखने लगा , आँखो मे आँसू की दो बूंदे और होठों का फड़फड़ाना उन्हे और भी हसीन बना रहा था ..

उन्होने आँख खोलकर मुझे देखा , वो मेरे नीचे बड़ी हुई थी , उनकी सारी का पल्लू मैने दूसरे तरफ फेक ही दिया था जिससे उनके उन्नत दोनो स्तन साफ साफ तने हुए खड़े दिखाई दे रहे थे और ब्लाउस मे सामने की कोशिस कर रहे थे लेकिन समा नही पा रहे थे , वही बाल अब तक की हमारी चुम्मा छाती मे बिखर चुके थे ..

हम दोनो की ही साँसे तेज हो चुकी थी ..

मैने बड़े ही प्यार से उनके मासूम से चेहरे को देखा , कितनी निर्दोष थी भाभी..

लेकिन कितनी कठोर भी , शायद वक़्त ने इनके जिस्म की कोमलता को और भी सवार दिया लेकिन मन की कोमलता को कठोर बना दिया था ..

जीवन भर इन्होने बस ग़रीबी और मेहनत ही देखी थी, और जब जवान हुई ही थी की एक हवसी कमीने के प्यार के जाल मे फँस कर अपने जीवन को और भी बर्बाद कर लिया, और फिर मेरे कारण फिर से दुख देखने पड़े , और अब जबकि कुछ ठीक होता मालूम हुआ तो पता चला की इन्हे उस बदले की आग मे झोक दिया गया है जिसका इन्हे कोई इल्म ही नही था, जीवन के थपेड़ो ने इनके मन को कठोर कर दिया है लेकिन फिर भी मेरे लिए ममता का भाव आज भी इनकी आँखो मे चमक रहा है … और मैं………??
 
अचानक ही मेरे मन मे एक ग्लानि का भाव आ गया मैं प्यार को हवस की ओर ले जाने पर तुला हुआ था , लेकिन इस लिंग का क्या करू जो अभी भी ये सब सोचते हुए भी भाभी के मासूम से चेहरे और उरोजो (बूब्स) की कोमलता का अहसास करते हुए भाभी के जाँघो के बीच सारी के उपर से ही सही लेकिन रगड़ खा रहा था और जितना वो रगड़ ख़ाता उतना ही और भी उत्तेजित होता जाता था ..

मैने सर को थोड़ा सा झटका

“क्या हुआ सोनू तू आ “

भाभी कुछ बोलती उससे पहले ही मेरा लिंग फिर से रगड़ खा गया

“भाभी आप भी तो जवान हो , और क्या सच मे आपको मन नही करता की .. “

मैं इतना बोलकर चुप हो गया , वो कुछ नही बोल पा रही थी उनका चेहरा ऐसा हो गया था जैसे वो अब तब रोने वाली हो लेकिन रो नही पा रही हो , जैसे वो मुझे अपने उपर से हटाना तो चाहती हो लेकिन हटा नही पा रही हो ..

“सोनू …”

उनके ऐसे चेहरे को देखकर तो मुझे उनपर और भी ज़्यादा प्यार आ गया और जब उन्होने मेरा नाम लिया , हे.. क्या मदहोशी और कोमलता थी उनके आवाज़ मे ..

मैने झुककर सीधे उनके होठों को अपने होठों मे लिया ,,,

उनके निचले होंठ जो अभी फड़फडा रहे थे मैने उन्हे अपने होठों मे ले लिया था और बड़े ही आराम से चूस रहा था, भाभी कसमसाई और मेरे बालो को अपने हाथो मे भर कर खिच लिया ..

इससे मुझे दर्द तो हुआ लेकिन इससे मैने उनके होठों को छोड़ा नही बल्कि काट दिया ..

“उूउउम्म्मह”

भाभी की हल्की दर्द भरी सिसकी मेरे होठों मे ही डब कर रह गयी थी और उन्होने और भी जोरो से मेरे बालो को अपने ओर खिच लिया …

मैने सुना था की दर्द मज़ा देती है लेकिन दर्द उत्तेजना कोई बड़ा देती है ये अभी अभी जाना था , क्योकि भाभी मेरे होठों पर टूट ही पड़ी थी वो भी बड़ी ही उत्तेजना के साथ पूरी ताक़त लगा कर मेरे होठों को चूसे जा रही थी ..

दोनो ही फिर से मग्न हो गये थे दुनिया दारी और चिन्ताओ से परे हटकर खो गये थे , एक अजीब सी दुनिये मे जिसे लोग हवस की दुनिया कहते है तो कोई प्यार की ..

मुझे नही पता था की ये क्या है लेकिन मैं ये करना चाहता था भाभी ये करना चाहती थी और इसके अलावा मुझे और किसी चीज़ की परवाह नही थी ..

होठों को चुसते हुए मेरे हाथ भाभी के उन उरोजो (बूब्स0 पर चले गये जो मेरे लिए ममता के प्रतीक हुआ करते थे , आज मैं उसे ही बड़े ही आराम और प्यार से मसल रहा था , ब्लाउस के उपर से ही मेरे हाथ उन बड़े बड़े आमों को मसल रहे थे , और धीरे से मेरे हाथो ने वो हुक खोल ही दिया जिससे वो ब्लाउस उन स्तनो को संभाल कर रहे हुए था , ब्लाउस तो खुल गया और दोनो तरफ़ फैल गया लेकिन अभी एक और वस्त्र मेरे और मेरे भाभी की ममतामयी उरोजो के बीच था जिसे लोग ब्रा कहा करते है , लेकिन फिर भी मैं उनकी कोमलता का अहसास तो कर ही पा रहा था और साथ ही साथ मेरी उत्तेजना का भी ..

जिस्म एक दूसरे मे घुलने को हुए जा रहे थे आज तो हर दीवार का गिरना तय था ,

आज मैं भाभी को अपना बने मे कोई भी कसर नही छोड़ना चाहता था मैं चाहता था की आज तक जितनी ममता उन्होने मुझे दी है मैं उससे कही ज़्यादा उनको प्यार दे दूं , आज उनके जिस्म के हर हिस्से को मैं अपने होठों से भीगो दूं ..

लेकिन ………..
 
मेरा मोबाइल जोरो से बजने लगा ..

पहले रिंग मे मैने कोई भी प्रतिक्रिया नही दी , लेकिन वो फिर से बजने लगा

“सोनू सोनू किसी का कॉल आ रहा है “

भाभी ने मुझे अपने से हटाया ,

ये मादरचोद कॉल अभी आना था ..

मेरा दिमाग़ ही खराब हो गया .. बड़े ही मुश्किल से अपना हाथ मोबाइल तक लाया लेकिन नंबर नोन था

“छोड़ो ना भाभी होगा किसी का मैने उनके वक्षो पर अपने होठों को रख दिया लेकिन मोबाइल फिर से बजने लगा , इस बार मैने फोन उठा लिया और स्पीकर मे डाल दिया ..

“हेलो कौन है “

मेरी साँसे बहुत ही तेज चल रही थी तो मैने अपने सांस को थोड़ा संभालातेआ हुए कहा

“तेरा काल शिवा “

“क्या ??”

मैं और भाभी दोनो ही बुरी तरह से चौक गये थे ..

“तू जिस आग से खेल रहा है उससे खेलना छोड़ दे , वरना तेरा भी वही हश्र होगा जो उन दोनो का हुआ है “

उधर से एक मर्द की आवाज़ आई , आवाज़ बहुत ही भारी थी

“तुम.. तुम ये क्या कह रहे हो मुझे कुछ समझ नही आ रहा है “

मेरे पसीना आ चुका था मैं अभी भी भाभी के उपर ही पड़ा हुआ था लेकिन लिंग पूरी तरह से मुरझा गया था .

“जिस लड़की के तू बहुत नज़दीक जा रहा है , वो तुझे काल तक ले जाएगी , उसके पास जाने की कोशिस मत करना वरना तेरा भी वही हाल होगा जो दोनो का किया है , देखा तो होगा ना तूने … वो मेरी है सिर्फ़ मेरी “

उसके इतना बोलने पर मैं और भाभी दोनो ही एक दूसरे को देखने लगे

“कौन..?? कौन लड़की ..”

लेकिन इतने के बाद उधर से कॉल काट चुका था …
 
मेरे माथे मे तो पसीना था ही लेकिन भाभी का भी वही हाल था ..

“ये किस लड़की की बात कर रहा है भाभी ??“

“अरे मुझे क्या पता .. तू किसके किसके साथ है ..शायद नेहा ??”

मैने एक गहरी सांस ली और थोड़ा शांत हुआ ..

“नही भाभी नेहा नही , नेहा ऐसे मामलो से कोषो दूर है , ये शायद सुस के बारे मे बोल रहा होगा क्योकि पहला खून जिसका हुआ वो भी सुस के पिता का खास था , हो सकता है की सुस से उसका कोई संबंध रहा हो और दूसरा तो सुस का बाय्फ्रेंड था ही ..”

भाभी ने भी हा मे सर हिलाया ..

“लेकिन सोनू ये भी मत भूल की तूने आज ही नेहा को किस किया और आज ही ये कॉल आया “

“ये इतफाक भी तो हो सकता है ना , ऐसे भी दोनो मर्डर से नेहा का दूर दूर तक कोई कनेक्षन ही नही है “

भाभी ने थोड़ा गुस्से से मुझे देखा

“नेहा उतनी भी सरीफ़ नही है जितनी तू उसे समझता है , मैने उसके बारे मे पता किया है और वो अपने पिता के खूनियो का बदला लेने के लिए उबल रही है … हो सकता है की तिवारी तक पहुचने के लिए उसने भवानी या उस लड़के विजय मल्होत्रा का ईस्तमाल करने की सोची हो और खूनी जैसा की इसने कहा की इसका नाम सिवा है ने उन दोनो को नेहा के पास जाने के कारण ही मार दिया हो “

मैने अपना सर पकड़ लिया अब तक हम दोनो ही बैठ चुके थे , मूड की मा बहन तो हो ही चुकी थी ..

“लेकिन जहाँ तक मुझे पता है खून तो किसी लड़की ने किया है “

मैं धीरे से बोला

“आज कल की टेक्नालजी का क्या पता बाबू, मर्द भी तो हो सकता है और किसी तरह ऐसा दिखा दिया गया हो की किसी औरत ने खून किया है “

भाभी की बात भी सही थी आज कल की टेक्नालजी का कोई भरोशा नही है ..

“कम से कम ये नंबर, ट्रेस करवाते है की कहाँ से कॉल आया होगा “

मैने अपने मोबाइल मे मेसेज टाइप करना शुरू किया

“किसे मेसेज कर रहा है “

“उन्हे जो नंबर को ट्रेस कर सकते है , सेकरीट सर्विस वाले “

मैने पूर्वी और काजल दोनो को वो नंबर भेज दिया था …….

भाभी मेरे पास से उठ चुकी थी और मेरे लिए भी एक ग्लास मे पानी ले आई ..

तभी मेरा मोबाइल फिर से बजा ..
 
इस बार सुस थी ..

“अब इसे क्या हो गया “

भाभी ने जब मोबाइल मे नंबर देखा तो उनके होठों मे मुस्कान आ गयी …

“उठा भी ले “

मैने पानी पीते हुए मोबाइल को स्पीकर मे डाल कर कॉल उठा लिया

“बेबी आज क्यो नही आए “

उसकी आवाज़ की मदहोशी सुनकर मुझे अपनी ग़लती का अहसास हुआ मैने खाम्खा ही कॉल स्पीकर मे डाल दिया था

“बस आज नही आउन्गा “

भाभी मुझे देखकर मुस्कुराने लगी

“सुनो ना मेरे पापा ने तुम्हे घर बुलाया है , कल ..”

“व्हाट …वाइ ???:?:”

“बोल रहे थे कोई एमर्जेन्सी काम है तुमसे , आरजेंट मे बुलाया है …कल सुबह आ जाना साथ ही चले जाएँगे “

“हुम्म ओके …. अभी मैं रखता हू “

और मैने कॉल रख दिया , अब साला ये तिवारी को क्या हो गया जिसने मुझे एमर्जेन्स मे बुलाया है ???

मैने भाभी को देखा उनके चेहरे मे भी वही चिंता के भाव थे , तभी मेरे मोबाइल पर पूर्वी और काजल के थे ..

“क्या पढ़ रहा है “

“नंबर जो ट्रेस करने के लिए दिया था वो एक इंटरनेट से किया गया कॉल था और उसका लोकेशन अभी साउदी अरब का दिखा रहा है … वो लोग बोल रहे है की लोकेशन और नंबर दोनो ही फर्जी है तो इसे ऐसे ट्रेस नही किया जा सकता , वो आस पास ही कही होगा, उसे ट्रेस तभी किया जा सकेगा जब हम बात कर रहे हो , अगली बार जब कॉल क्रे तो इनफॉर्म करने के लिए बोला है “

भाभी के चेहरे मे बेचैनी दिखाई दे रही थी

“वो लड़की कौन हो सकती है सोनू ..?”

भाभी ने फ़िक्र करते हुए कहा

“शायद सुस ही हो , या जैसा आप बोल रही हो नेहा भी हो सकती है … कही रानी तो नही , रानी के साथ भी आज ही तो ..”

मैं इतना बोलकर चुप हो गया था

“नही रानी नही हो सकती उसका आख़िर उन लोगो से क्या संबंध “

“संबंध तो कैसे भी हो सकता है , हो ये भी सकता है की हम जैसा इसे सोच रहे हो वैसा हो ही नही , हो सकता है की ये तिवारी के करीबियो का मामला ही ना हो बल्कि और कुछ ही मामला हो …”

“हा ये भी हो सकता है , ऐसे भी उसने तेरा नाम क्यो चुराया “

“हो सकता है की उसका नाम भी शिवा ही हो ..”

“हो सकता है लेकिन मर्डर का स्टाइल शक्ति गेंग वाला क्यो ..??”

मैं सोच मे पड़ गया था ..

“छोड़ो ना भाभी , कोई भी हो साला और कोई भी हो वो लड़की “

मैने बेफीकरी से कहा

“नही सोनू अब अलर्ट रहना होगा…”

मैने हा मे सर हिलाया ……

“चल अब सो जा “

भाभी ने मेरे बालो मे हाथ फेरना शुरू कर दिया था और मैं उनके गोद मे सर रखे आँखे बंद कर सोने लगा था , साला आज क्या सोचा था और क्या हो गया, पूरी उत्तेजना ही शांत हो चुकी थी ………
 
अपडेट 36

“आख़िर तुम्हे कोई तो आइडिया होगा की तुम्हारे पापा ने हमे क्यो बुलाया है “

मैं सुस के साथ उसकी गाड़ी मे बैठा हुआ था, सुबह जल्दी आने को बोलकर हम 10 बजे उसके घर जा रहे थे, मैं 7 बजे से उसके पास पहुचा था और 2 घंटे ताबड तोड़ सेक्स करने के बाद सुस को चैन मिला था ..

“अरे चलोगे तो खुद ही पता चल जाएगा ना “

“हुम्म “

“क्या हुआ खोए खोए लग रहे हो “

सुस को मेरे मन की दशा का भान तो हो ही गया था

“बस यार थोड़ा परेशान हू , हमारे बीच ये जो हो रहा है क्या ये सही है ??”

सुस मेरी बात सुनकर जोरो से हँसी

“क्यो नेहा ने कुछ कहा क्या ??”

सुस के ऐसा बोलने पर मैं उसे ध्यान से देखने लगा ,

“अरे यार मैं अब तुम्हे समझने लगी हू , सो डोन्ट वरी … मैं जानती हू की नेहा तुम्हे प्यार करती है और तुम भी उसे पसंद करते हो “

“ओह्ह्ह्ह हा मैं नेहा को पसंद करता हू लेकिन प्यार ??? आई डोन्ट नो”

सुस के चेहरे मे मुस्कान और भी गहरी हो गयी

“तो प्यार किससे करते हो … मुझसे ?”

“आई डोन्ट नो “

सुस शांत हो चुकी थी , मुझे लगा की शायद मैने कोई ग़लत बात कह दी

“सॉरी यार”

मैने उसे मनाने के लिए कहा, और उसने एक गहरी सांस छोड़ी

“कोई बात नही , आई लव यू .. और मैं तुम्हे नेहा के साथ शेयर कर सकती हू “

“क्या ?? “

सुस जोरो से हँसी ..

“हा बिल्कुल और मुझे कोई कुछ बोलेगा भी नही “

“मतलब ??”

“मतलब की अगर कोई लड़का अपनी गर्लफ्रेंड को किसी दूसरे लड़के के साथ शेयर करे तो लोग उसे चूतिया या क्यूक्कल्ड वागरह कहते है , लेकिन मजेदार बात ये है की लड़किया अगर अपने बाय्फ्रेंड को किसी दूसरे लड़की के साथ शेयर करे तो लोग लड़के को ख़ुस नशीब कहते है , और लड़की को भी कोई गाली नही पड़ती …:हहा: “

(समझ तो गये होगे की मैं क्या कह रहा हू :)
 
“हा समाज हमेशा से दोहरी मानसिकता का रहा है , वो हमेशा ही लड़कियो और लड़को को अलग अलग मापदंडो मे मापता आया है , शायद समाज को यही लगता है की लॅंड कभी नही घिसता लेकिन चूत घिस जाती है ….“

मैने भी सुस की बात का समर्थन किया , और दोनो ही जोरो से हंस पड़े …

“तो मैं कह रही थी की मैं तैयार तू , तुम अगर चाहो तो नेहा के साथ रहो या किसी और लड़की के साथ लेकिन मेरा साथ मत छोड़ना “

सुस ने अपना हाथ मेरे हाथो मे रख दिया था , ऐसी बिगड़ैल लड़की को इस तरह की बात करते देखना भी अपने आप मे एक सुखद अहसास था ..

“मैं तुम्हारा साथ नही छोड़ूँगा सुस , लेकिन मुझे ये समझ नही आता की नेहा तुम्हारे बारे मे जानकार कैसा रिएक्ट करेगी “

मेरी बात सुनकर सुस ने एक गहरी सांस ली

“तो उसे बताना ही मत ..”

“ नही यार वो अच्छी लड़की है और मैं उसे अंधेरे मे नही रख सकता , वो मुझसे बहुत प्यार करती है सुस , मैं उसका दिल भी नही तोड़ना चाहता और उसे सब सच भी बताना चाहता हू ..”

सुस भी थोड़ी गंभीर हो गयी थी

“मेरे ख़याल से तुम्हे हम दोनो मे से एक को ही चुनना पड़ेगा क्योकि नेहा मुझसे बेहद नफ़रत करती है ..”

सुस बस इतना बोलकर ही शांत हो गयी थी ,और मेरे पास उसकी इस बात का कोई भी जवाब भी तो नही था ………

सुस का घर आ चुका था वहाँ हमे एक कमरे मे ले जाया गया जहाँ जाकर मेरे एक और सर्प्राइज़ मिला …

वहाँ तिवारी के साथ उसके कुछ खास व्यक्ति बैठे हुए थे हमे भी पास ही बिठाया गया था , मेरे सामने जो बैठी थी उसे देख देख कर मैं असहज हो रहा था लेकिन उसके चेहरे मे बस मुस्कान थी ..

“काजल जी ये सुस का बॉडीगार्ड है अंकित..”

तिवारी ने काजल से मेरा इंट्रोडक्षन करवाया

“ह्म मैं इसे जानती हू तिवारी जी , आप से जुड़े हुए हर शख़्श की जानकारी मैने निकाल ली है “

काजल की बात सुनकर तिवारी के चेहरे मे आया चिंता का भाव थोड़ा कम हो गया और एक मुस्कान उसके होठों मे आ गयी

“इसीलिए तो ये काम आपको दिया हू , आपको अपने काम मे महारत हासिल है .. फिर भी अफ़सोस की कातिल अभी भी पकड़ा नही गया ..”

तिवारी के चेहरे पर फिर से चिंता के भाव आए
 
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