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Adultery वासना की मारी औरत की दबी हुई वासना

[SIZE=150%] रीमा बोली - तुम सालो के साथ रियायत का कोई फायदा नहीं है | रीमा उठकर एक हाथ में गन थामे और दुसरे हाथ से स्ट्रैप वाला लंड अपनी कमर में बांधने लगी |

रीमा - रीमा की चूत चोदने चले थे |

राजू रोते हुए - बहुत दर्द होगा रीमा चाची, मेरी गांड फट जाएगी |

रीमा - चूत भी तो चोदने पर फट जाती है एक बार अपनी गांड मरवाने का टेस्ट भी लेकर देखो, चूत में पेलते समय तो बहुत मजा आता है एक बार गांड में लंड आने जाने में कितना दर्द होता है कैसा मजा आता है ये भी तो महसूस करो | लड़की को चोदते हो तो उसमें उसके साथ क्या होता है कैसे वो सारा दर्द बर्दाश्त करती है कैसे पूरा का पूरा लंड पेलने के बाद भी वो बिना शिकायत के सारा दर्द सह लेती है कम से कम उसका थोड़ा मजा तो लेकर कर देखो चूत ना सही कम से कम का गांड मार कर देखो तो सही महसूस कैसा होता है जब कही लंड घुसता है | एक बार गांड में ले कर तो देखो राजू पता तो चलेगा चुदाई होती कैसी है |

राजू रोते हुए - गलती हो गई प्लीज मुझे माफ कर दो मैं आगे से ऐसा कुछ नहीं करूंगा सब अपने मां बाप की कसम मैं आपको सपने में भी नहीं देखूंगा, सपने में भी नहीं सोचगां आपके बारे में |

रीमा - मैंने कब मना किया कि तुम मेरे बारे में मत सोचो मेरे बारे में सोचो, खूब सोचो अगर तुम अच्छे से गांड मरवाओगे तो वह सकता मैं तुम्हें जो भी चोदने को दे दूं | निराश हताश हारे लुटे पिटे जग्गू को पहली बार इतनी देर में हल्की सी आशा की किरण दिखाई दी

जग्गू उत्साह से भरकर - सच में मैं क्या मैं आपको चोद सकता हूं |

रीमा ने जग्गू के उत्साह को भांप लिया - हमम्म्म्मम्म्म्मम्म] सोचूंगी अगर तुम्हारी गांड मरवाना मुझे पसंद आ गया तो | अभी कुछ कह नहीं सकती | अपनी अपनी पेर्फोमांस से खुश कर फिर देखूँगी | अगर तुम लोगों की गांड मरवाना मुझे पसंद आया तो एक बार में सोचूंगी कि तुम्हें अपनी चूत चोदने दू या नहीं |

जग्गू जोश में - निहुर साले राजू भोसड़ी के, कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है |

जग्गू राजू को झुकता हुआ अबे भोसड़ी के तेरी मां की चूत साले एक बार गांड मारने में क्या हो जाता है कौन सा साला तेरी गाड़ चौराहा हो जाएगी, किसी को कुछ पता नहीं चलेगा | जग्गू के कहने के बाद में राजू का जो प्रतिरोध है वह थोड़ा और कम हो गया इधर प्रियम भी राजू को झुकाने में लगा था और राजू था कि वह मानने को तैयार नहीं था राजू ने जग्गू से बोला - एक काम कर तू ही गांड मरवा ले मेरे पीछे क्यों पड़ा है |

जग्गू बोला - रीमा चाची तुझे झुकने को कहा तो तू झुकना |

रीमा ने बीच में ही क्लेरिफाई किया - ऐसा कुछ नहीं कि सिर्फ राजू की गांड मरी जाएगी लेकिन अभी राजू से ही शुरुआत होगी, चलो लड़कों शुरू हो जाओ मुझे गुस्सा मत दिलाओ अगर मेरी चूत चोदानी है चुपचाप लग जाओ और एक दूसरे से अपनी गांड हंसते-हंसते मरवाते रहो मुझे पता है गांड मरवाने में दर्द होता है और तुम लोगों की गांड भी तो अभी कोरी करारी है तो धीरे-धीरे शुरू करो मैं नहीं कहती एकदम से पेल दो ताकि दूसरों की गांड फट जाए बस मुझे यह खेल देखना है और खेल लंबे तक देखना है इसलिए चुपचाप मेरी बात मान लो अगर मेरी चिकनी चूत चाहिए | तब तक तुम लोगों के फोटो खींचती हूं | चलो अपने अपने काम पर लग जाओ |

प्रियम ने राजू को झुका दिया और आगे से जग्गू ने भी राजू को अपनी कमर तक झुका लिया जिससे कि उसका लंड राजू के मुंह के सामने आ गया, प्रियम में राजू की गांड पर अपना लंड सटा दिया और उस पर ढेर सारी लार छोड़ कर उसे अंदर घुसाने लगा राजू थोड़ा सा कसमसआने लगा लेकिन धीरे-धीरे प्रियम के लंड ने राजू के गांड के छेद में जगह बनानी शुरू कर दी और अंदर घुसने लगा | इधर आगे जग्गू ने अच्छे से राजू के सिर को पकड़ लिया और अपना लंड राजू के मुंह पर सटा दिया, राजू ने ना चाहते हुए भी मर्जी के खिलाफ अपना मुंह खोल दिया और जग्गू के लंड को अपने मुंह में लेने लगा जग्गू नीचे से कमर हिलाने लगा और उसका लंड राजू के मुंह में जाने लगा पीछे प्रियम राजू की गांड में लंड को घुसेड़कर आगे पीछे होने लगा अब राजू आगे पीछे दोनों तरफ से चुद रहा था | यह द्रश्य देखकर देखकर रीमा को तो जैसे ओर्गास्म आ गया वह बड़ी मस्ती से उन तीनों की फोटो खींचती रही, तीनो को पाने एक इशारे पर नाचती रीमा अन्दर ही अन्दर फूली नहीं समां रही थी | राजू के आगे जग्गू कमर हिला रहा था और पीछे प्रियम कमर हिला रहा था राजू दोनों तरफ से बुरी तरह से चोदा जा रहा था एक तो मुंह में और दूसरा गांड में उसका लंबा खड़ा लंड अपनी फूली हुई गोलियों के साथ में प्रियम के हर धक्के के साथ हिल रहा था आगे जग्गू भी उसी शिद्दत के साथ प्रियम राजू के मुंह में अपना लंड उसे रहा था जो कि बमुश्किल ही उसके सुपाडे के साथ इंच 2 इंच ही राजू के मुहँ के अंदर जा पा रहा था

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[SIZE=150%] रीमा बोली - तुम सालो के साथ रियायत का कोई फायदा नहीं है | रीमा उठकर एक हाथ में गन थामे और दुसरे हाथ से स्ट्रैप वाला लंड अपनी कमर में बांधने लगी |

रीमा - रीमा की चूत चोदने चले थे |

राजू रोते हुए - बहुत दर्द होगा रीमा चाची, मेरी गांड फट जाएगी |

रीमा - चूत भी तो चोदने पर फट जाती है एक बार अपनी गांड मरवाने का टेस्ट भी लेकर देखो, चूत में पेलते समय तो बहुत मजा आता है एक बार गांड में लंड आने जाने में कितना दर्द होता है कैसा मजा आता है ये भी तो महसूस करो | लड़की को चोदते हो तो उसमें उसके साथ क्या होता है कैसे वो सारा दर्द बर्दाश्त करती है कैसे पूरा का पूरा लंड पेलने के बाद भी वो बिना शिकायत के सारा दर्द सह लेती है कम से कम उसका थोड़ा मजा तो लेकर कर देखो चूत ना सही कम से कम का गांड मार कर देखो तो सही महसूस कैसा होता है जब कही लंड घुसता है | एक बार गांड में ले कर तो देखो राजू पता तो चलेगा चुदाई होती कैसी है |

राजू रोते हुए - गलती हो गई प्लीज मुझे माफ कर दो मैं आगे से ऐसा कुछ नहीं करूंगा सब अपने मां बाप की कसम मैं आपको सपने में भी नहीं देखूंगा, सपने में भी नहीं सोचगां आपके बारे में |

रीमा - मैंने कब मना किया कि तुम मेरे बारे में मत सोचो मेरे बारे में सोचो, खूब सोचो अगर तुम अच्छे से गांड मरवाओगे तो वह सकता मैं तुम्हें जो भी चोदने को दे दूं | निराश हताश हारे लुटे पिटे जग्गू को पहली बार इतनी देर में हल्की सी आशा की किरण दिखाई दी

जग्गू उत्साह से भरकर - सच में मैं क्या मैं आपको चोद सकता हूं |

रीमा ने जग्गू के उत्साह को भांप लिया - हमम्म्म्मम्म्म्मम्म] सोचूंगी अगर तुम्हारी गांड मरवाना मुझे पसंद आ गया तो | अभी कुछ कह नहीं सकती | अपनी अपनी पेर्फोमांस से खुश कर फिर देखूँगी | अगर तुम लोगों की गांड मरवाना मुझे पसंद आया तो एक बार में सोचूंगी कि तुम्हें अपनी चूत चोदने दू या नहीं |

जग्गू जोश में - निहुर साले राजू भोसड़ी के, कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है |

जग्गू राजू को झुकता हुआ अबे भोसड़ी के तेरी मां की चूत साले एक बार गांड मारने में क्या हो जाता है कौन सा साला तेरी गाड़ चौराहा हो जाएगी, किसी को कुछ पता नहीं चलेगा | जग्गू के कहने के बाद में राजू का जो प्रतिरोध है वह थोड़ा और कम हो गया इधर प्रियम भी राजू को झुकाने में लगा था और राजू था कि वह मानने को तैयार नहीं था राजू ने जग्गू से बोला - एक काम कर तू ही गांड मरवा ले मेरे पीछे क्यों पड़ा है |

जग्गू बोला - रीमा चाची तुझे झुकने को कहा तो तू झुकना |

रीमा ने बीच में ही क्लेरिफाई किया - ऐसा कुछ नहीं कि सिर्फ राजू की गांड मरी जाएगी लेकिन अभी राजू से ही शुरुआत होगी, चलो लड़कों शुरू हो जाओ मुझे गुस्सा मत दिलाओ अगर मेरी चूत चोदानी है चुपचाप लग जाओ और एक दूसरे से अपनी गांड हंसते-हंसते मरवाते रहो मुझे पता है गांड मरवाने में दर्द होता है और तुम लोगों की गांड भी तो अभी कोरी करारी है तो धीरे-धीरे शुरू करो मैं नहीं कहती एकदम से पेल दो ताकि दूसरों की गांड फट जाए बस मुझे यह खेल देखना है और खेल लंबे तक देखना है इसलिए चुपचाप मेरी बात मान लो अगर मेरी चिकनी चूत चाहिए | तब तक तुम लोगों के फोटो खींचती हूं | चलो अपने अपने काम पर लग जाओ |

प्रियम ने राजू को झुका दिया और आगे से जग्गू ने भी राजू को अपनी कमर तक झुका लिया जिससे कि उसका लंड राजू के मुंह के सामने आ गया, प्रियम में राजू की गांड पर अपना लंड सटा दिया और उस पर ढेर सारी लार छोड़ कर उसे अंदर घुसाने लगा राजू थोड़ा सा कसमसआने लगा लेकिन धीरे-धीरे प्रियम के लंड ने राजू के गांड के छेद में जगह बनानी शुरू कर दी और अंदर घुसने लगा | इधर आगे जग्गू ने अच्छे से राजू के सिर को पकड़ लिया और अपना लंड राजू के मुंह पर सटा दिया, राजू ने ना चाहते हुए भी मर्जी के खिलाफ अपना मुंह खोल दिया और जग्गू के लंड को अपने मुंह में लेने लगा जग्गू नीचे से कमर हिलाने लगा और उसका लंड राजू के मुंह में जाने लगा पीछे प्रियम राजू की गांड में लंड को घुसेड़कर आगे पीछे होने लगा अब राजू आगे पीछे दोनों तरफ से चुद रहा था | यह द्रश्य देखकर देखकर रीमा को तो जैसे ओर्गास्म आ गया वह बड़ी मस्ती से उन तीनों की फोटो खींचती रही, तीनो को पाने एक इशारे पर नाचती रीमा अन्दर ही अन्दर फूली नहीं समां रही थी | राजू के आगे जग्गू कमर हिला रहा था और पीछे प्रियम कमर हिला रहा था राजू दोनों तरफ से बुरी तरह से चोदा जा रहा था एक तो मुंह में और दूसरा गांड में उसका लंबा खड़ा लंड अपनी फूली हुई गोलियों के साथ में प्रियम के हर धक्के के साथ हिल रहा था आगे जग्गू भी उसी शिद्दत के साथ प्रियम राजू के मुंह में अपना लंड उसे रहा था जो कि बमुश्किल ही उसके सुपाडे के साथ इंच 2 इंच ही राजू के मुहँ के अंदर जा पा रहा था

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[SIZE=150%] राजू दोनों तरफ से चोदा रहा था प्रियम और जग्गू तो मिलकर उसे अच्छे से चोद रहे थे और यह देख कर ही रीमां को बहुत ही मजा आ रहा था दो लंडो के साथ में चुदाई कैसी होती है यह भी रीमा ने पहली बार देखा था रीमा को लड़कों की चुदाई में कोई दिलचस्पी नहीं थी वह बस उन लड़कों को सजा देना चाहती थी जो कि उसके बारे में ऐसे गंदे गंदे ख्याल ला सकते थे | वह चाहती थी लड़के समझे हर रिश्ता अलग-अलग होता है और हर कोई औरत एक सिर्फ सेक्स ऑब्जेक्ट नहीं होती कि वह लोग उसको जब छाए अपनी हवस की प्यास बुझाने को चोद सके | रीमा ने जो कुछ भी जग्गू से अपने बारे में सुना था उसको लेकर उसके अंदर बहुत ही गुस्सा भरा हुआ था और वह जग्गू को खासकर कब से सबक सिखाना चाहती थी बाकी राजू और प्रियम की किस्मत बुरी थी कि वह जग्गू का साथ देने आ गए इसलिए अब वह भी आटे के साथ में घुन की तरह पिस रहे थे |

रीमा को उनका एडवेंचर आब उबाऊ लगने लगा - अच्छा बच्चों चलो अब एक काम करो अब एक दूसरे की गांड बारी बारी से मारना शुरू करो | अब तक जो भी किया बहुत अच्छा किया अब एक काम करो राजू तू जग्गू की गांड में लंड घुसा और प्रियम तू राजू की गांड मार है एक दूसरे के आगे झुक जाओ और कुत्ते की तरह गाड़ मारना शुरू शुरू कर दो

हांफता हुआ प्रियम - मैं कुछ समझा नहीं चाची |

रीमा बोली - अबे गधे मेरी चूत को चोदने की बारी आती है तो बहुत जल्दी दिमाग तेज चलने लगता है साले मैंने बोला है भोसड़ी के तू झुक जा राजू की गांड मारता रह राजू तू अपने आगे जग्गू को झुका ले और उसकी गांड मारना शुरू कर दे |

जग्गू हैरान हो गया | ये क्या हो रहा है रीमा तो हम सबकी गांड मरवाने के प्लान में है ऐसे तो अपनी की इज्जत मीती में मिल जाएगी | जग्गू ने साफ़ मना कर दिया - यह क्या है रीमा मैडमम मै किसी से अपनी गांड नहीं मर्वाऊंगा

रीमा - सोच ले जग्गू अभी फायदे में रहेगा, बाद में तुझे ज्यादा तकलीफ हो सकती है |

जग्गू - जो भी आप कह रही है वो सब तो कर ही रहा हूँ, मेरी अपनी कोई इज्जत है कोई रेपुटेशन है इन साले दो टके के लौंडो के चक्कर में आकर मैं भी यहां पर फस गया हूं | अब मुझसे आप जो भी बोलोगी मैं सब करने के लिए तैयार हूं आपकी चूत को चाट दूंगा आपकी गांड को भी चाट दूगां, आप तलवे चाट लूंगा, जो भी कहेगी सब करूगां लेकिन ये नहीं, यह काम मुझसे आप मत कहिए वैसे भी मैं इनके सालों के घटिया इंसानों के लंड को सहला रहा हूं यही क्या कम है | मन करता है सालो के सर फोड़ दू |

रीमा - अभी मौका है सोच ले जग्गू यहां पर तू फायदे में रहता आगे तुझे ज्यादा नुकसान हो सकता है देख अभी तू चुपचाप किसी एक का लंड अपनी गांड में डालवा ले , तो तुझे वह नहीं लेना पड़ेगा जो तुझे मैं दूंगी |

जग्गू कुछ उत्साह में आ गया - आप भी कुछ देने वाली हो, आप जो भी दोगी सब ले लूगाँ मै, आपसे तो मै अपनी गांड भी मरवा लूगाँ |

रीमा जग्गू को देखकर हैरान थी, कैसे वो उसके लिए उतावला हो रहा था, लेकिन इसी उतावले पन में जग्गू ने रीमा को एक आईडिया तो दे ही दिया - जग्गू जैसी तेरी मर्जी एक काम करो तुम भी झुक जाओ जब राजू गांड मरवाएगा तो तुम भी मार लो प्रियम की | राजू प्रियम तेरी गांड मारेगा क्योंकि उसको तेरी गांड मारने का ठेका दे दिया है जग्गू को समझ में नहीं आया क्या कहा |

जग्गू - मै कुछ समझा नहीं |

रीमा - अबे छछुंदर के लंड जब प्रियम राजू की गांड मार रहा है तू प्रियम के पीछे जाकर उसकी गांड नहीं मार सकता चुतिया भोसड़ी वाला | अब तो चुपचाप जाकर के प्रियम की गांड मार |

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[SIZE=150%] जग्गू को घिन आ गयी, पता नहीं रीमा क्या क्या करवाएगी उससे | उसका लंड भी तना हुआ था, काफी देर से वो उसे हाथ से मसल रहा था, जग्गू के दिमाग में रीमा पूरी तरह से छाई हुई थी रीमा के लिए वो अभी समुन्दर में भी कूद जाये यहाँ तो बस प्रियम पर झुकाना था | जग्गू प्रियम के पीछे जाकर के खड़ा हो गया राजू पहले से झुका हुआ था प्रियम ने बाहर निकले लंड को फटाक से राजू की गांड में पेल दिया | प्रियम जानता था यहाँ उसका कुछ बस नहीं चलने वाला है, रीमा चाची से पंगे लेने पर आज वो सचमुच में पछता रहा था | उसे पहले ही अकल आ जानी थी लेकिन पता नहीं किसने उसकी बुद्धि भ्रस्त कर दी थी | ये आफत उसकी खुद की बनायीं हुई थी अब तो बस उसे अपनी और रीमा चाची की नजरो में अपमानित होना ही बाकि रह गया था | रीमा ने वो भी कसर पूरी कर दी | अब इससे ज्यादा और कोई क्या उसकी इज्जत उछाल सकता था | उसका ही खास दोस्त उसके पीछे अपना लंड थामे खड़ा था | इस घोर अपमान से प्रियम की आंखे गीली हो गयी | उसने मन ही मन कसम खाई अब से वो कभी भी रीमा चाची के बारे में कुछ भी गलत नहीं सोचेगा | क्योंकि जो भी उसके साथ होने जा रहा है वो खुद उसकी ही गलती है | जग्गू ने प्रियम को अच्छे से पीछे से जकड़ लिया और उसकी गांड पर अपना मोटापा फूला हुआ सख्त लंड सटा दिया | प्रियम की कोरी करारी गांड का छेद भी इससे पहले कभी नहीं खुला था | जग्गू ने अपना जोर बढ़ा दिया | प्रियम को तो समझ में आ गया था उसकी गांड की फट रही है क्योंकि उसकी गांड में मोटा लंड छोड़ो उंगली तक नहीं गई थी | उसने कहा जग्गू से बोला अबे जग्गू लार तो लगा ले |

जग्गू बोला - हां यार मैंने भी नहीं चाहता कि तेरी गांड मेरे सीखे लंड से चीर जाए |

प्रियम को जग्गू के इस डायलोग पर गुस्सा आ गया - बेटा अभी तेरी मारूगां तब पता चलेगा सुखा लंड क्या होता है |

जग्गू ने अपने लंड पर ढेर सारी लार उड़ेल दी और उसे मलने लगा |

आगे प्रियम अपनी कमर हिला कर के राजू की गांड मारने लगा था राजू नीचे की तरफ झुका हुआ उसकी गांड ऊपर की तरफ हवा में उठी हुई थी और उस पर प्रियम लदा हुआ था अब उसके ऊपर जग्गू लद गया था | प्रियम का लंड राजू के गांड में घुसा हुआ था लेकिन प्रियम राजू को पकड़कर थम गया क्योंकि जग्गू ने जोर बढ़ा दिया था और प्रियम की गांड का छल्ला फ़ैलाने लगा था उसको दर्द होने लगा | उसने जबड़े भीच लिए थे और उसके हाथो की पकड़ राजू पर और ज्यादा सख्त हो गयी | जग्गू ने प्रियम को थामकर एक जोरदार तरीके से झटका मारा जग्गू का लंड का सुपाड़ा प्रियम की कोरी कुंवारी गांड में घुस गया था प्रियम के मुंह से चीख निकल गई | उसकी आंखे आंसुओं से डबडबा आई | प्रियम की चीख सुन रीमा के अंदर ही अंदर एक सुकून की लहर दौड़ गयी - हरम जड़ो मेरी इज्जत से खेलने चले थे, अब मेरे सामने ही सबकी इज्जत तार तार हो रही है |

रीमा गरजी - अब पता चला ऐसे ही चीख निकलती है जब कोई लंड किसी चूत में जाता है या किसी औरत की गांड में ऐसे ही लंड को घुसाते हैं तब भी तो ऐसी ही चीखे निकलती हैं | आह्ह खुस कर दिया तुमने प्रियम बेबी | अब तुम भी चुदाई का दर्द का अनुभव कर रहे हो | उम्मीद है तुम्हे अकल आएगी |

रीमा - जग्गू शुरू हो जा, तुझे क्या न्योता बेजू |

उसको बदला लेते समय इतना सुकून कभी नहीं मिला जितना उसे प्रियम की चीख सुनकर मिला था अब साले इसको समझ में आएगा लंड की चुदाई क्या होती है अब सालो को पता चलेगा जब कोई लंड अंदर घुसता है तो कैसा महसूस होता है |

जग्गू ने फिर से लंड को हल्का सा पीछे खींच लिया जोरदार झटका दिया | प्रियम तो घुटनों के बल होकर भी खडभड़ा गया | जग्गू ने पूरी ताकत से उसकी गांड पर लंड की ठोकर मरी | उसका लंड प्रियम की गांड के सख्त छेद को फैलाता हुआ अन्दर तक घुस गया | प्रियम के मुहँ से एक लम्बी जोरदार चीख निकल | वो दर्द से हाथ पैर पटकने लगा | जग्गू के लगे धक्के से उसका लंड भी राजू की गांड में घुस गया | जग्गू ने जोर से दबाव बनाये रखा जग्गू का लंड प्रियम की गांड में और अन्दर तक घुसता हुआ चला गया | ये देखकर जग्गू को बहुत ही खुशी हुई की उसका लंड प्रियम की कसी हुई गांड में समां गया था | जग्गू ने एक हुंकार भरी | राजू दोनों के बोझ से दबा जा रहा था | प्रियम को बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था और उसकी गांड में बहुत तेज जलन भी हो रही थी यही हाल राजू का था लेकिन राजू कुछ देर पहले से गांड मरवा रहा था इसलिए उसका दर्द कम हो चुका था लेकिन प्रियम की तो बुरी हालत है उसने अपनी कमर हिलाने बंद कर दी वह अपनी गांड में होने वाले दर्द को बर्दाश्त करने की पूरी कोशिश कर रहा था उर इसीलिए इधर उधर हाथ पाँव पटक रहा था | इसके उलट जग्गू पुरे जोश में था |

रीमा ने तीनो की हालत देखि और धमकाते हुए बोली - मैंने यहाँ कोई गांड का दर्द निवारण केंद्र खोल रखा है, गांड मरवाओगे तो दर्द तो होगा ही | जग्गू मेरी चूत के दर्शन करने है की नहीं |

रीमा की चूत की बात सुनते ही जग्गू को जोश आ गया | उसके सटक से एक जोर दार धक्का प्रियम के चुताड़ो पट लगाया और उसका मोटा लंड प्रियम की गांड में पैबस्त हो गया | ठोकर इतनी तेज थी की प्रियम का लंड भी राजू के गांड में घुस गया | जग्गू प्रियम को थाम कर तेज तेज अपनी कमर हिलाने लगा | उसके ठोकरों से प्रियम भी हिलाने लगा जिससे उसका लंड अपने आप ही राजू की गांड मारने लगा | क्या नजारा था रीमा तो अन्दर तक वासना से नाहा सी गयी | वो कैमरा छोड़कर तेजी से अपनी गुलाबी चूत मसलने लगी | और जग्गू की तरफ जांघे फैलाकर दिखाते हुए - जग्गू तुझे ये चाहिए की नहीं |

जग्गू तेज मारते धक्को की वजह से हांफता हुआ - हाँ मैडम बिलकुल चाहिए |

रीमा - तो जोर जोर से चोद साले इस भडवे को | मार साले की गांड जोरदार तरीके से | अपने लंड से मसल कर कुचकर रख दे इसकी हरामी गांड को |

जग्गू का जोश तो दुगना हो गया जैसे उसे किसी ने वियाग्रा की गोली खिला दी हो | जग्गू पुरे जोश से धक्के मारने लगा | प्रियम की हालत पतली हो गयी | एक तो पिछवाड़े में भीषण दर्द और उसपर से जग्गू के भीषण धक्के | प्रियम तो जैसे बेहोश होने की कगार पर पंहुच गया | प्रियम के मुहँ से बस दर्द भरी कराहे ही निकल रही थी और उसके शरीर में जीतनी ताकत थी उससे वो खुद की गांड में हो रहे दर्द को बर्दास्त करने की कोशिश कर रहा था | जग्गू के धक्को से राजू की गांड तो अपने आप ही प्रियम का लंड अन्दर ले रही थी |

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[SIZE=150%] रीमा ने जोश में हुंकार भरते हुए - मजा आ रहा है प्रियम, देख लिया रीमा से पंगा लेने का हस्र | बहुत देर हो गयी मोटे लंड के मजे लेट हुए अब तोडा मजा राजू को भी दे | राजू प्रियम की गांड अब तू मार और जग्गू का लंड तेरी गांड में जायेगा |

राजू के अन्दर अब किसी तरह का प्रतिरोध करने की हिम्मत नहीं थी | प्रियम के घुटने और पैरो में अब जान नहीं बची थी | उसकी गांड में तेज दर्द हो रहा था और जो उसके जंगो और पैरो को कमजोर कर रहा था | प्रियम पीठ के बल लेट गया | उसके ऊपर राजू आ गया | उसके [पीछे जग्गू आ गया | अब कमरे का सीन देखकर कोई नहीं कह सकता था ये तीनो बिलकुल नार्मल लड़के है और इनमे से कोई भी गे नहीं है | असल में अब तीनी के अन्दर किसी तरह का विरोध करने की ताकत नहीं बची थी | जो होना था सो हो चूका था | एक बार लंड गांड में जाये या १० बार , लंड तो गांड में घुस चूका था | इसलिए अब कम से कम अपने अन्दर की आग तो बुझा ही लो | राजू ने अपने लंड को जोर जोर से मसलते हुए उस पर ढेर सारा लार मल दिया और उसे प्रियम की गांड के खुले छेद पर सटा दिया | पीछे से जग्गू कुछ ज्यादा ही जोश में था | उसने बिना किसी इशारे के ही राजू की गाड़ पर लंड रखकर तेजी से पेल दिया | झटका जोरदार था जग्गू का पूरा लंड राजू की गांड में समां गया और उस झाके के कारन राजू की कमर भी हिली और इउसका लंड प्रियम की गांड में घुस गया | अब प्रियम का दर्द बर्दाश्त करने की हालत में आ गया था | दोनों एक दुसरे के उपर घोड़ी बने लंड पेलने में जुटे थे | तीनो बुरी तरह हांफ रहे थे | और ये कामुक नजारा देख रीमा अट्टहास लगा रही थी और अपनी गुलाबी चूत मसल रही थी | जग्गू जैसे ही रीमा के गुलाबी चूत को देखता उसका जोश कई गुना बढ़ा जाता | वो तेजी से हांफ रहा था लेकिन उसके धक्के दनादन जारी थे | पहले उसने प्रियम की गांड को सुरंग बना डाला था अब राजू की गांड में भी बुरी तरह से लंड पेल रहा था |

रीमा का रोमांच थम सा गया था उसे और ज्यादा और ज्यादा की लत लग गयी थी रीमा ने और ज्यादा रोमांच लाने के लिए - अब गांडमरो थोड़ा साइड पोज में भी एक्शन कर दो तो कुछ विडियो और फोटो ले लू मै |

तीनो थम गए | किसी को कुछ समझ नहीं आया | जग्गू रीमा की तरफ देखने लगा |

रीमा हैरानी से - तुम लोगों को साइडपोज नहीं पता है और चले थे जो है रीमा को चोदने के लिए भोसड़ी वालों ........साइड पोज वह होता है जिसमें एक तरफ एक कंधे पर झुक कर के एक दूसरे की चुदाई की जाती है , राजू तुम एक काम करो तुम जो है अपने बाएं कंधे पर झुक जाओ और उसके पीछे से प्रियम आ करके तुम्हारी गांड में लंड घुसा देगा और उसके पीछे तुम जग्गू फिर से प्रियम की गांड मरोगे | इस तरह से तीनों एक कंधे पर हो करके एक दूसरे के पीछे से एक दूसरे की गांड मारोगे आते हैं | फटाफट अपनी पोजीशन लेकर एक्शन शुरू कर दो ताकि मैं एक फोटो ले लू , पता नहीं कब तुम लोगों की पिचकारी शुरू हो जाये | काफी देर से गांड मार रहे हो और मुझे पता है गांड मारने में बहुत ही ज्यादा मेहनत लगती है और लंड में बहुत ज्यादा रगड़न होती है जिससे कि बहुत ही जल्दी पिचकारी छूट जाती है इस बार किसी ने ना कोई प्रतिरोध किया ना कोई नौटंकी की | तीनों अपने आप ही उस पोजीशन में सेट हो गए और एक दूसरे की गांड में लंड घुसाकर पीछे से अपने चूतड़ हिलाने लगे | तीनों के अंदर बहुत ही ज्यादा हीनता और शर्म भाव भर गया था इतनी ज्यादा ग्लानि से भर गए थे कि वह एक दूसरे की शक्ल भी नहीं देख रहे थे तीनों ने जो भी किया था वह उनके कर्मों का फल था लेकिन फिर भी यहां पर दाद देनी होगी कि रीमा' जिसने अपने कठिन समय में उस सिचुएशन में खुद को बहुत ही संयमित बनाए रखा और उन लड़कों की भावनाओं को बहुत जल्दी पहचान गई और मौका मिलते ही बाजी पलट दी | अब वह तीनों बहुत ही ज्यादा पछता रहे थे और मन ही मन एक दूसरे को कोस रहे थे कि सालों ऐसा प्लान बनाया ही क्यों था जो यह दिन देखना पड़ा | तीनों की चेहरे की हवाइयां उड़ते देख कर रीमा समझ गई थी कि अब बस यह लौड़े कुछ देर के मेहमान हैं इसीलिए रीमा ने आदेश दिया अच्छा बच्चे एक

काम करो अब अपने दोस्तों की गन्दी गन्दी गांडो से अपने लंड को निकालो और अपने हाथ से मुठियाना शुरू कर दो मैं चाहती हूँ तुम लोग अपनी अपनी पिचकारी अपने ऊपर ही गिराओ, मेरे कैमरे को भी मजा आएगा शूट करने में | एक दूसरे की गांड में छोड़ने से पता ही नहीं चलेगा पिचकारी कब छूती | अपनी पिचकारी अपने हाथ से निकालो ताकि अपनी मेहनत का फल खुद को मिल सके चलो फटाफट अलग हो जाओ और अपने अपने हाथों को हिलाते हुए अपनी अपनी सबसे झील के सफेद पानी को बाहर निकालो |

तीनों ही चुपचाप एक दूसरे से अलग हो गए और सोफे पर आकर बैठ गए उसके बाद में अपने लंड को पकड़ के मुठीयाने लगे और कुछ ही देर में तीनों के लंडो ने अपनी-अपनी पिचकारिया छोड़नी शुरू कर दी तीनों के लंडो से निकला हुआ सफेद गरम लावा उनकी नाभि और उनके लंड के आसपास फैल गया रीमा यह सब देखकर कस कर अपनी चूत गाने को रगड़ने लगी थी उसके आनंद की कोई सीमा नहीं थी | 3 जवान लड़के जो उसको चोदने का खाका बना कर के यहां आए थे जो उसे बंधक बनाकर उसे चोदना चाहते थे कुत्तिया की तरह चोदना चाहते थे हचक हचक के चोदकर उसकी चूत फाड़ने के लिए आये थे, अब शर्म से झुके चेहरों से उसके सामने पराजित बैठे थे | उसने उनके गेम की पूरी बाजी ही पलट दी और अब तीन लड़के मायूस से निराशा से थके हारे पराजय से भरे हुए अपने अपने झड चुके लंड को बड़ी निराशा से मसल रहे थे |

तीनों की ना तो नजर एक दूसरे से मिल रही थी ना एक दूसरे को देख रहे थे तीनों पर सर झुकाए अपने अपने लंड को मसल रहे थे जो की पूरी तरह से उनकी से सने हुए थे और अब वह धीरे धीरे नरमी की तरफ बढ़ने लगे थे | तभी रीमा ने कैमरा अलग रख दिया और एक स्ट्रैप डिल्डो निकाल कर के अपनी कमर में बांध दिया और अपने हाथ में गन पकड़ ली तीनो के तीनो लड़के अपनी हार स्वीकार कर चुके थे लेकिन रीमा के अंदर भरा गुस्सा कम ही नहीं हो रहा था, वो उन्हें बुरी तरह से सबक सिखाने के चक्कर में थी, साथ ही साथ वो बेहद सतर्क थी कही कोई उससे बगावत न करे जो उसे लेने के देने पड़ जाये | इनमें से अगर किसी एक दिन बगावत कर दी तो उसकी दुर्गति हो सकती इसलिए उसने अपने हाथ में गन थाम रखी थी |

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[SIZE=150%] रीमा ने स्ट्रैप पहनकर के राजू को अपने पास आने को कहा | राजू के पास में आते ही रीमा ने उसके ऊपर गन तान दी और अपना प्लास्टिक वाला लंड उसके मुंह के सामने तान दीया राजू घुटनों के बल बैठ गया | उसने बिना किसी रेसिस्टेंस के अपना मुंह खोल दिया क्योंकि गन देखकर उसकी और ज्यादा फट गई थी रीमा ने चुपचाप उसके मुंह में अपने प्लास्टिक के लंड का सुपाड़ा घुसेड़ कर अपनी कमर हिलाने लगी जबकि दूसरे हाथ से गन थामकर राजू के सर पर तान दी | जग्गू और प्रियम की ये देखकर ही फट गयी | अब तो वो किसी अनहोनी की आशंका से बुरी तरह डर गए | दोनों ने नज़ारे नीची कर ली और अपनी मुरझाये लंडो पर जाकर टिका दी | राजू के सर पर तना हुआ गन....................... यह देखकर प्रियम और जग्गू के चेहरे जो पहले से ही निराशा से लटके हुए थे अब डर दहशत और निराशा से भर गए | जग्गू की कुछ ज्यादा ही फट के हाथ में आ गयी ..............तो क्या रीमा चाची अब इस प्लास्टिक के लंड से हम सब की गांड फाड़ने जा रही है |

जग्गू अपने मन को दिलासा देता हुआ बोला नहीं नहीं यह साले इन गांडमरो के लिए यह है ये साले हैं ही इसी लायक, रीमा चाची मेरे साथ नहीं करेगी जब मैं गाड़ मरवाई ही नहीं | ये सब इन सबको सबक सिखाने के लिए | इनके साथ ऐसा ही सलूक होना चाहिए ये है ही एक नंबर के घटिया इंसान इसलिए इनके साथ जो हुआ सही हुआ |

जग्गू अपने अन्दर की दहशत को काबू में करता हुआ - रीमा मैडम आप तो हुस्न परी हो अप्सरा भी फ़ैल है आपके हुस्न के आगे और ऊपर से आप की कमर में बंधा ये प्लास्टिक का लंड सोने पर सुहागा लगा रहा है | एक बार इससे जरा राजू की गांड भी मार दो हमें भी तो सिखावो कैसे अच्छे से गांड मारी जाती है | आपके मटकते चूतड़ जब राजू की गांड में ये मुसल रबर का लंड पेलेगें तो सच में देखने में बहुत मजा आएगा |

राजू ने एक मुस्त ढेर सारी गालियाँ मन ही मन जग्गू को दी |

जग्गू - हम तो अनाड़ी है रीमा मैडम, जैसे-तैसे निपटा तो दिया लेकिन मजा नहीं आया, अच्छे से कैसे गांड मरी जाती है एक बार जरा डेमो दिखा दो | हम भी देखे कैसे अदा से आपके मोटे मोटे भरी भरकम चूतड़ और नाजुक कमर झटके मारती है | कसम से आपको धक्के मारते देख मजा आ जायेगा |

जग्गू की बाते सुनकर रीमा का अन्दर तक खून खौल गया लेकिन उसने एक लम्बी साँस ली और बहुत ही प्यार से बोली - जैसी तेरी मर्जी जग्गू, तुझे तो लाइव डेमो दिखाउंगी with प्रैक्टिकल | अब तुम तो झड चुके हो, तुमारी जवानी का जोश तो उतार गया है लेकिन मेरा चूत दाना तो अभी भी खुजला रहा है , अभी थोडा सा जिस्म गरम कर लू , अभी राजू कच्चा है इसलिए राजू को थोड़ा और ट्रेनिंग दे दू, राजू की गांड को ट्रिंग की ज्यादा जरुरत है और तुम लोग भी अच्छे से देख लो कैसे अच्छे से गांड मारी जाती है अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है |

राजू - मै ही क्यों रीमा चाची |

रीमा - क्योंकि तेरी गलती सबसे कम है, और तू ही सबसे अनाड़ी है चला था रीमा चोदने | रीमा को चोदने के लिए बहुत ही ट्रेंड लंड की जरूरत होती है जो कि तुम लोगों के पास नहीं है इसलिए पहले बच्चों का ट्रेनिंग ले लो, थोड़ा लंड को बचपने से बाहर ले कर आओ, रीमा की चूत तुम जैसे किसी अनाड़ी के लिए नहीं है इसको चोदने वाला मोटा तगड़ा लंड बहुत ज्यादा स्किल वाला होना चाहिए |

अभी तो तूने चुदाई का सुभारम्भ किया है, एक बार असली लंड लिया है गांड में अब एक बार मोटा लंड लेकर देख | एक बार आदमी से गांड मरवाई है एक बार औरत के नाजुक मादक जिस्म से गांड मरवाकर देख |

रीमा - एक काम कर तू चुपचाप आकर मेरे ऊपर बैठ जा | इतना कहकर रीमा पीठ के बल सोफे पर बैठ गई और उसने राजू को अपने ऊपर बैठा लिया और अपने लंड को उसकी गांड पर सटा करके उसके ऊपर बैठने को कहा गया | राजू ने प्लास्टिक के लंड जो की उसकी गांड के छेद से सटा हुआ था उस पर अपनी गांड से नीचे को दबाव डाल | प्लास्टिक का लंड आराम से उसकी गांड में घुस गया | राजू की गांड का छेद वैसे भी नरम हो चुका था इसलिए प्लास्टिक का लंड लेने में उसे सिर्फ थोड़ी सी तकलीफ हुई क्योंकि यह थोड़ा सा मोटा था रीमा ने अपनी गन राजू की खोपड़ी पर तान रखी है जिससे राजू की और ज्यादा फटी हुई हुई थी इसीलिए राजू भी रीमा के बिना कहे ही अपनी कमर को हिलाने लगा और प्लास्टिक का लंड जो कि रीमा की कमर से से बंधा हुआ था राजू की गांड में अपने आप ही जाने लगा उसका मुरझाया हुआ लंड और ज्यादा सिकुड़ गया था |

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[SIZE=150%] रीमा हुंकारा भरती हुई - मजा आ रहा है ना ............. तू मुझे चोदने के सपने देखता था अब मुझे चोदने की कुछ तो कीमत देनी ही पड़ेगी ना अब अच्छे से अपनी गांड मरवा ले मुझसे उसके बाद सोचूंगी कि तेरे को कुछ और भी देना है या नहीं |

तेरा लंड तो वैसे भी मै चूस ही चुकी हूँ इसलिए जन्नत की सैर तो तू कर ही चुका है अब तेरी बारी है मुझे जन्नत की सैर कराने की अच्छे से पूरा का पूरा अपनी गांड में ले | अच्छे से हचक हचक के धक्के लगा ताकि मेरा चूत दाने पर आचे से ठोकर आये और ठोकर खा खा कर के मेरी चूत झर झर कर बह निकले .......................... मुझे अच्छे से स्वर्ग की अनुभूति हो |

अभी कुछ ही देर हुई थी कि राजू की फट के हाथ में आ गई उसकी गांड ने जवाब दे दिया और वो रीमा से गिडगिडाने लगा - रीमा चाची मम्मी अब मुझसे और नहीं होगा, आब नीचे करके मेरी गांड भले ही मार लो लेकिन अब मेरे में दम नहीं बचा है | आप नीचे लिटाकर जीतनी गांड मारनी है मार लो लेकिन इस गन से मुझे मत डराओ | मै अब पस्त हो चूका हूँ, कसम खाता हूँ अब ऐसी गलती दुबारा कभी नहीं करूगां | इतना कहकर कि वह जोर-जोर से रोने लगा रीमा को भी लगा कि राजू की इतनी ज्यादा गलती भी नहीं थी |

इसमें गलती प्रियम और जग्गू की थी | रीमा को लगा इतनी सजा राजू के लिए ठीक है इसलिए उसने राजू की गांड से अपने प्लास्टिक लैंड को निकाल दिया और उसे चुपचाप किनारे बैठकर अपने सूखे हुए लंड को मसलने को कह दिया |

इसके बाद उसने बक्से के पास आते हुए - जग्गू अच्छा ये बता ये मोटा वाला लंड प्रियम की चिकनी गांड के लिए कैसा रहेगा |

जग्गू का डर अब ख़त्म हो गया था, जग्गू उत्साह से बोल पड़ा - मैडम बहुत मजा आएगा इस साले प्रियम की वजह से ही हम सब यहां फस गए हैं अब आप इसकी जमकर गांड मारो मुझे भी देखने में बहुत मजा आएगा उसके बाद आप जो कहोगी वह मैं करूंगा |

रीमा आत्मियता से - ठीक है मेरे बच्चे इसके बाद तेरा ही नंबर है तुझे भी जन्नत की सैर कर आऊंगी जग्गू यह सुनकर गदगद हो ,उसे लगा रीमा चाची उसको अब जन्नत की सैर कराएगी इसका मतलब है है वो अब रीमा की चूत छोड़ पायेगा | वो इसी ख्याल से ही जोश से भर गया , उसके लंड में अकडन आने लगी | रीमा ने एक नया प्लास्टिक का लैंड निकाला और उसे अपनी चूत के सामने जो के स्ट्रिप पर फंसा लिया यह पहले से थोड़ा ज्यादा मोटा लंड था और रीमा ने बिना देखे चुपचाप प्रियम के ऊपर जा कर चुके उसके गांड में वो मोटा लंड पेल दिया | उसके एक हाथ में गन थी इसलिए उसने राजू से कैमरे से फोटो खीचने को कहा | जग्गू सोफे पर पसरे हुए अपने लंड को मसलता रहा जो फिर से अकड़ने होने लगा था |

प्रियम कराह उठा उसे उम्मीद नहीं थी कि रीमा चाची ऐसा कुछ उसके साथ करने वाली है लेकिन अब और वह कुछ कर नहीं सकता था उसे चुपचाप ही ये सब बर्दाश्त करना था | रीमा ने प्रियम की गांड में पूरा का पूरा रबर का लंड घुसेड़ दिया था | रीमा की कमर बार-बार तेजी से हिल रही थी और उसका स्ट्रैप उसके चूत दाने पर आचे से ठोकर मार रहा थाजिससे उसकी उत्तेजना और ज्यादा बढ़ रही थी | रीमा इसी उत्तेजना में और ज्यादा जोर से ही करारे झटके लगाने लगाती | प्रियम के मुहँ से दर्द भरी कराह निकल रही थी लेकिन रीमा भावहीन होकर उसकी गांड मार रही थी उसका रबर का लंड खनन सटासट प्रियम की गांड में के छेद की सुराग को साफ़ कर चौड़ा करने में लगा हुआ था | प्रियम कराहता हुआ - रीमा चाची धीरे धीरे करिए दर्द होता है |

इतन गुस्सा होने के बावजूद भी रीमा के दिल के किसी कोने में प्रियम के लिए बार बार प्यार उमड़ ही आता था |

प्रियम की हालत देख रीमा को उस पर दया आ रही थी लेकिन अगले ही पल उस पर गुस्सा भी आ रहा था | रीमा ने प्रियम को गरिआते हुए उसकी गांड में जोर जोर से हचक कर लंड पलते हुए - दर्द हो रहा है ................ साले मैंने तुझे पहले भी समझाया था लेकिन तू तो साला समझने लायक है ही नहीं,................... मैंने बोला था ना मेरी चूत का ख्वाब देखना छोड़ दे लेकिन तुझे समझ में नहीं आया | अब गांड में लंड जा रहा है, अब मुझ्से अपने दोस्तों के सामने गांड मरवाकर खुस है | अब उतर गयी सारी मेरी चूत की ठरक | अब अकल ठिकाने आ गई जब मेरी चूत पर बंधा मोटा लंड तेरी गांड को चीर कर रखे दे रहा है | अपनी चाची से ही गांड मरवाकर खुश है न अब , अब तुझे समझ आ रहा होगा कि रीमा चाची के कहने का क्या मतलंब था | रीमा बाते करते करते अपनी कमर भी तेजी से हिला रही थी | रीमा - ले अन्दर तक मेरा लंड , और अन्दर तक ले पूरा का पूरा |

तेरे लंड में इतनी खुजली माजी है साले की मुझे से गांड मराने आ गया, तो ले तेरी गांड मारकर मै तेरे लंड की सारी खुजली मिटा देती हूँ आज | आज देख चूत का लंड कितना ताकतवर होता है, ले पानी गांड में पूरा का पूरा औरत का लंड |

रीमा प्रियम को कोसते हुए जोरदार तरीके से लंड उसकी गांड में पेल रही थी | प्रियम के तो सारे अस्थि पंजर ढीले हो चुके थे | रीमा के करारे करारे झटको से प्रियम पूरी तरह हिल गया | उसके मन में भी बहुत ज्यादा अस्थिरता थी | उसकी चाची का रबर का पूरा का पूरा लंड उसकी गांड में घुसा हुआ | वो चाची के इस नए रूप को देखकर हैरान परेशान था | रीमा ने एक करारा जोरदार झटका मारा, प्रियम तो जैसे भीषण दर्द से पूरा का पूरा बेहोश ही होने की कगार पर पहुँच गया |

ये सब उसके साथ पहली बार हो रहा था इसलिए उसकी और ज्यादा फटी पड़ी थी | उसे रीमा चाची का ये रौद्र रूप बहुत ज्यादा परेशान किये था | वो उनकी हरकते उनका अंदाज सबकुछ पढ़ पाने में बिलकुल नाकाम साबित हो रहा था | वो जितना रीमा की हरकतों से हैरान था और जग्गू के व्यवहार से भी उतना ज्यादा दुखी लग रहा था उसे अहसास हो गया था कि उसे जग्गू के चंगुल में पड़ना ही नहीं चाहिए , उससे जितना हो सके उससे दूर रहना चाहिए था रीमा के प्लास्टिक के लंड से लगते हर झटके के साथ में प्रियम कसम खा रहा था कि अब वो रीमा से हर मामले में दूर ही रहेगा उसे किसी भी मामले में नहीं पड़ना को कितनी बार उसने रीमा से पंगा लेने की कोशिश करी हर बार उसने मुंह की खाई है और इस बार तो कुछ ज्यादा ही हो गई आज वह एक खूबसूरत औरत एक खूबसूरत हसीना से अपनी गांड मरवा रहा है, जबकि उसे तो इस समय उसकी चूत चटानी थी उसकी चुन्चिया मसलनी थी और उसके खूबसूरत जिस्म के आगोश में अपने प्यार की पींगे बढ़ानी थी वहां आज उसकी गलतियों की वजह से वही औरत क्रोध में भरी उसकी गांड मार रही थी |

इससे ज्यादा और घटिया क्या बात हो सकती है कि एक औरत जो कभी प्रियम को अपने आगोश में लेने को आतुर थी आज घुस्से और बदले से भरी प्रियम की गांड मार रही है | प्रियम के लंड में भी अब हरकत होने लगी, लगातार गांड पर पड़ते धक्को से आब उसमें भी अकड़न आ गयी थी | उसकी गांड का दर्द बहुत कम हो गया था | रीमा को भी लग रहा था की प्रियम की पोजीसन अब्दल देनी चाहिए | रीमा ने प्रियम को उलट दिया और फिर से उसकी गांड में लंड को घुसेड़ दिया और जग्गू रीमा के धक्के मारते हिलाते चूतड़ देखकर बहुत ही ज्यादा खुश हो रहा था | रीमा के खूबसूरत गुलाबी जिस्म और उसकी हिलती पतली कमर, उसके चौड़े भारी भरकम चूतड़ जब जोर लगाकर प्रियम की गांड चीर रहे थे तो जग्गू का लंड ये सब देख फिर से अकड़ रहा था |

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[SIZE=150%] जग्गू ने ताना मारते हुए - लगता है इसको अपनी गांड मरवाने में मजा आ रहा है रीमा मैडम .............|

रीमा जग्गू की बात सुनते ही गूसे से अन्दर ही अन्दर भर गयी लेकिन उसकी भी मजबूरी थी, अभी जग्गू को बुरी तरह से सबक सिखाने का टाइम आया नहीं था | रीमा बनावटी मुस्कराहट के साथ - क्या कहते हैं जग्गू |

जग्गू - मैंने बोला था न साला गांड मरा है ये ............ इसको तो गांड मरवाने में भी मजा आ रहा है वरना इसका लंड ऐसे नहीं खड़ा होता |

रीमा के शांत दिमाग में एक विचार कौधा - जग्गू मेरा लंड प्रियम की गांड मारते मारते सुख गया है, थोडा सा मुहँ में लेकर गीला कर दो न | देखो सूखे लंड से गांड मरूंगी तो इसकी गांड का फलूदा बाद जायेगा |

जग्गू रीमा के इस अनुरोध से एकदम सकपका गया, उसकी मस्ती छु मंतर हो गयी - मै कैसे मैडम ऐसे कैसे |

रीमा बड़ी ही मादक अदा से - क्या कैसे ऐसे , एक छोटा सा तो काम बोल रही हूँ |

जग्गू खुद को संभालता हुआ - मैडम ये गन्दा लंड मै अपने मुहँ में कैसे ले सकता हूँ | ये तो बहुत गंदा होगा इसमें से से तो बदबू आ रही होगी यह मैं कैसे मै अपने मुहँ में ले सकता हूं |

रीमा ने अपना पांसा फेंका, बहुत ही कामुक अदा से - क्यों मेरी चूत में लंड डालना है या नहीं डालना है मुझे चोदना है हचक हचक के या नहीं |

जग्गू उत्साह से - हां चोदना है न रीमाँ मैडम |

रीमा - तो एक बार ले लो न ...............क्या हुआ थोड़ा सा गंदा ही तो है एक ही बार में मुहँ में लेकर अच्छे से गीला कर दो इसके बाद तुम्हे मेरी चिकनी चूत भी तो चोदने को मिलेगी, मेरे खूबसूरत हसीन जिस्म को चूसने, चटाने का भी तो मौका मिलेगा और यकीं दिलाती हूँ तुम्हे रंडी की तरह से चोदना मुझे , अच्छे से हचक हचक कर पूरा लंड पेल कर |

प्रियम अब तक रीमा की अच्छे से समझ गया था, वो जान गया था जग्गू की शामत आने वाली है, अभी रीमा चाची मछली का चारा फेंक रही है | वो भी चाहता था की रीमा चाची जग्गू को सबक सिखाये | उसकी इज्जत तो जमीं पर पड़ी थी तो क्यों न जग्गू की भी यही दुर्हती हो |

इतना सुनते ही जग्गू जोश से भर गया लेकिन उसको यह सोच कर कि घिन और उबकाई आ रही थी कि प्रियम की गांड से निकला प्लास्टिक का लंड उसे अपने मुंह में लेना है |

जग्गू बोला - मैं मैं आपकी चूत के लिए कुछ भी करने को तैयार हूं लेकिन मुझे बहुत घिन आ रही है, मुझसे ये नहीं होगा मैडम |

रीमा कामुक अदा से - कोई नहीं तो मेरे पास तो आ जा बच्चे मैं तेरी नाक और आंख दोनों ही बंद कर दूंगी, न तुझे कुछ दिखेगा न तुझे कोई गांड आएगी | बस प्रियम की गांड के रस का स्वाद लेना | तुझे सिर्फ मुहँ खोलना है और मुंह में लंड लेना है | ज्यादा सोच मत नहीं तो मेरी चिकनी गुलाबी चूत तेरे हाथ से फिसल जाएगी | जग्गू की आत्मा और मन हिकारत से भरे हुए थे वो जग्गू के कदम आगे बढने से रोक रहे थे लेकिन जग्गू का लालच उसे नरक की गन्दगी में डुबाने को आतुर था | रीमा की चूत के लालच में जग्गू धीरे-धीरे रीमां के पास आ गया उसे अभी भी यकीन नहीं हो रहा था कि वह एक गांड से निकले प्लास्टिक के लंड को अपने मुंह में लेने जा रहा है लेकिन दिमाग की चूत के लालच में वह सब कुछ करने को तैयार था रीमा ने भी आपको अच्छे से पोजीशन किया | जैसे ही जग्गू पास आया | रीमा ने उसकी आंखे बंद कर दी | और उसकी नाक को भी कसकर बंद कर लिया ताकि उसको प्रियम की गांड से निकला हुआ गन्दा प्लास्टिक का लंड अपने मुहँ में लेने में किसी तरह की कोई तकलीफ ना हो | फिर भी रबर का लंड मुहँ में जाते हु जग्गू को एक बारतेज उबकाई आ ही गई लेकिन उसके बाद उसने किसी तरह से रीमा के लंड को अपने मुहँ में घुसेड लिया | एक बार मुहँ में लंड जाने का मतलब साफ़ है अब बिना चुसे तो रीमा उसे निकाल नहीं लेगी |

रीमा बोली - एक बार चुसो तो सही |

प्रियम का लंड अच्छे से तना हुआ था जिसे रीमा अपने हाथ में लेकर मुस्कुराने लगी और तेजी से उसकी गांड मारने लगी यह सब देख कर जग्गू बहुत ही ज्यादा जोश में आ गया था उसका लंड बुरी तरह अकड़ा हुआ था | रीमा कनखियों से राजू के लंड को भी अच्छे से देख रही थी राजू अपने लंड को अपने हाथ से पकड़ कर मसलने लगा था |जग्गू को बुरी तरह से लंड मसलता देखा रीमा समझ गयी की जग्गू पूरी तरह से उत्तेजित हो गया है और उसके दिमाग में क्या चल रहा है इसका भी अनुमान लगाने की कोशिश करने लगी थी रीमा को अंदाजा था उसकी बातों को सुन सुनकर जग्गू उत्तेजित हो गया है और उसकी चूत को चोदने के सपने पालने लगा है | इसी बात ने उसके अन्दर का गुस्सा और ज्यादा बढ़ा दिया उसने प्रियम को करारे झटके देने शुरू कर दिए थे और उसके लंड को बहुत तेजी से मुठीयाने लगी थी | प्रियम लंड और गांड पर हो रहे इस दोहरे हमले से कराहने लगा | रीमा ने भी दनादन चौकड़ी भर कर प्रियम की गांड पर धक्के दे धक्के की गांड के चीथड़े उड़ा दिए | प्रियम की अब बर्दाश्त से बाहर था |

उसने दोनों हाथ जोड़ लिये - चाची चाची अब मैं आपसे बहुत दूर रहूंगा आपके साथ कोई गलत काम नहीं करूंगा आपके बारे में कुछ भी गलत नहीं सोच लूंगा प्लीज मुझे माफ कर दो और इससे ज्यादा मैं और नहीं सह सकता |

रीमा को भी लगा कि अब इस लड़के के लिए इतनी सजा ठीक है | रीमा को अब प्रियम पर तरस आ रहा था |

रीमा ने उसे अपने सीने से चिपका लिया - आजा मेरे बच्चे मेरे पास आ जा अभी तेरी गांड मारनी तो नहीं बंद करूंगी लेकिन तू मेरी खूबसूरत चुचियों को चूस सकता है रीमा ने प्रियम को अपने आंचल में भर लिया और प्रियम बच्चों की तरह उसके खूबसूरत बड़े-बड़े तने हुए उरोजो के चुचियों को अपने मुंह में भरकर उन्हें चूसने लगा उसके बाद रीमा ने उसकी गांड में धक्के लगाने फिर से शुरू कर दिए |प्रियम लगातार उसकी चूचियों को अपने मुंह में भरकर चूसता रहा और रीमा उसी गांड में धक्के लगाती है | रीमा का एक हाथ प्रियम के लंड को मसलता रहा | चाची और भतीजे की यह कामुक हरकतें देख कर के जग्गू की उत्तेजना और ज्यादा बढ़ गई उसे लगा रीमा चाची प्रियम को चाहती हैं रीमा भी प्रियम के बालों को सहलाने लगी लेकिन उसने धक्के मारने कम नहीं किए और उसकी नाजुक गांड को फैलाकर के सुरंग बना दिया रीमा ने प्रियम को बहुत ही करारे झटके मारे थे इससे वह भी हांफने लगी थी रीमा को लगा इतना प्रियम के लिए पर्याप्त उसने प्रियम के बाल को सख्ती से पकड़कर कहा - सुन लड़के तू मेरा रिश्ते में कुछ भी लगता हो लेकिन आज के बाद मेरी चूत पर मेरे जिस्म के बाद में अगर कोई गन्दा ख्याल आया ना इससे बुरी तरह से तेरी गांड मारूंगी और मेरे पास इससे भी मोटे मोटे प्लास्टिक के बड़े बड़े लंड है जिनसे तेरी गांड फाड़ के सुरंग बना दूंगी इसलिए आगे से इस मामले में तू मुझसे दूर ही रहना |

इतना कहकर प्रियम के लंड को तेजी से मुठीयाने लगी | पप्रियम भी उत्तेजना के भंवर में गोते लगाता अपने आखिरी पड़ाव पर पंहुच गया था | रीमा - यह आखरी चेतावनी है इसके बाद में कोई हरकत के लिए तू ही जिम्मेदार होगा | प्रियम के लंड को रीमा तेजी से मुठीयाने लगी , प्रियम की कराहे बढ़ने लगी, रीमा ने प्रियम की गांड में चार पांच करारे करारे झटके मारे और प्रियम की गोलियां का सफ़ेद रस उसके लंड के मुहाने की तरफ बह चला | प्रियम की पिचकारी छुटने लगी, प्रियम मस्ती और उत्तेजन से कराहने लगा | सात आठ पिचकारियो में ही प्रियम का काम तमाम हो गया | प्रियम अपनी लम्बी लम्बी उखड़ी सांसे काबू करने लगा | रीमा ने प्रियम की गांड से प्लास्टिक का काला लंड निकाल लिया, उसका हाथ प्रियम के लंड रस से सान गया था | वो बड़ी अदा से अपने हाथ को चटाने लगी और जग्गू को देखने लगी | उसके मन में हल्की सी शंका थी लेकिन प्रियंका लंड रस चूसते हुए वो आत्मविश्वास से भरी हुई थी और उसे पटा था वो जग्गू को अच्छे से काबू कर सकती है | प्रियम तो किसी मुर्दे की तरह वहीं बिस्तर पर निढाल हो गया | रीमा जग्गू के पास आ गई और उसके सख्त करारे लंड को पकड़कर के हिलाने लगी जग्गू की आंखों में आंखें डाल रीमा बोली- अभी तुम मेरी चूत मारने के लिए तैयार नहीं दीखते |

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