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[SIZE=150%] जब मिली कमर हिलाने लगती तो सहाय थम जाता | मिली में अब उतना दम नहीं बचा था वो दस बीस झटके लगाकर शांत हो जाती और सहाय की कमर फिर हिलने लगती और सहाय का लंड मिली की चूत को फिर चीरने लगता चोदने लगता | सटासट मिली की मखमली नरम चूत में जाता लंड दोनों को उत्तेजना के चरम की ओर ले जा रहा था | दोनों के तपते बदन एक दुसरे के अन्दर लगी हवस की आग को शांत करने की पुरजोर कोशिश कर रहे थे, इसी लिए दोनों अपने अपने जिस्म को जमकर निचोड़ने में लगे थे, जिससे दोनों के जिस्मो के सावनी फुहारों के फव्वारे फूटे और उनके बदन में लगी हवस की आग शांत हो सके | सहाय बिना रुके मिली की चूत को लगातार चोद रहा था और ऐसा बहुत कम होता है जब मर्द बिना ब्रेक लिए ऐसा कर पाए, तो मिली के लिए ये किसी जैकपोट से कम नहीं था | एक दो उसे इतना दमदार चोदने वाला मिला और उसे इसके पैसे भी मिलेगें | मिली के तो दोनों हाथो में लड्डू थे | उसे बस चुदते रहना था | यहाँ उसकी मर्जी चलने की गुंजाईश कम थी वैसे भी एक बार चुदाई शुरू होने के बाद औरतो की कहाँ चलती है | फिर तो जब तक पिचकारी न छुट जाये मर्द अपने हिसाब से ही औरत को चोदते है | फिर औरत चाहे टांग पटके या सर | जब तक आदमी झड़ नहीं जाता, चूत का रौदना रुकता नहीं | यहाँ तो मिली को तीन बार तो अपने होशो हवास में झड़ी बाकि भीषण चुदाई की ठोकरों के बीच उसके ओर्गास्म के कितने राउंड हुए उसे खुद ही नहीं पता | सहाय की भीषण चुदाई की ठोकरों में मिली बदहवास सी हो जाती और फिर उसे भी अपने ओर्गास्म नहीं पता चलते | उसे बस इतना पता होता उसे कई बार झाड़ कर झड़ने वालो में था सहाय | सहाय के इतनी देर तक चोदने के पीछे का राज शायद मिली ही थी जो उसे खाने में और नाश्ते में ताकत के सुप्प्लिमेंट्स देती रहती थी, जो मर्द की ताकत तीन से चार गुना बढ़ा देते थे | फिलहाल न तो इन सब बातो कि न तो मिली को परवाह थी , न सहाय को | सहाय धकाधक मिली की चूत में लंड पेले जा रहा था | उसकी चूत का गीलापन सुख गया था लेकिन उसकी चूत की नरम दीवारों के कारन सहाय का पूरा का पूरा लंड मिली की चूत में समाये जा रहा था | जब चूत गरम होती है तो उसकी दीवारे फ़ैल जाती है और बड़े से बड़ा या यूं कहे अपने साइज़ का चार गुना लंड तक ले सकती है | चूत २ से चार या 6 इंच तक गहरी होती है | सबका अलग अलग साइज़ होता है | अब ४ इंच की चूत अपने अधिकतम फैलाव में १६ इंच का लंड ले सटी है फिर यहाँ तो मिली 9 इंच लम्बा लंड ही अपनी चूत मे ले रही थी | मिली बस आहे कराहे भर रही थी और नज़रे नीची करके अपनी चूत में गायब होते लंड को देख रही थी | पीछे बुरी तरह हांफता सहाय थोड़ा थमकर अपने लंड को ठीक करता है और फिर चूत में घुसेड देता है और मिली के चूत दाने को रगड़ने लगता है | अपनी घनघोर चुदाई में मंत्रमुग्ध मिली और ज्यादा आनंदित हो जाती है | चूत दाने को मसलने के कारन उठने वाली वासना की तरंगो के कारन अपनी जांघे सिकोड़कर लंड को कसने की कोशिश करने लगती है, सहाय उसकी जांघे फैलाता है लेकिन् मिली फिर से जांघे सिकोड़ लेती है | जिससे लंड नरम जांघो की एक्स्ट्रा रगड़न खाने लगता है | सहाय फिर से मिली की जांघे फैलाता है और उसके चूत दाने को रगड़ने की बजाय उसके दोनों स्तन हथेलियों में भरकर मसलने लगता है | मिली के चेहरे पर स्तनों के बुरी तरह मसलने के कारन कामुक दर्द की लकीरे तैर जाती है | सहाय और ज्यादा गहरे धक्के मिली की चूत में लगाने लगता है |
मिली के मुहँ की सिसकारियां और तेज हो जाती है | कमरे में बस फच फच चट चट की आवाजे ही गूँज रही थी | फच फच चट चट की आवाजो के बीच मिली की कराहे तब तेज हो जाती जब सहाय मिली के दोनों निप्पल चुटकी से कसकर पकड़कर मसलने लगता है और भीचने लगता है | मिली के मुहँ से बस यही निकलता - ओह्ह्ह्ह्ह्ह मा्आ्आ्आ्आ्ह्ह्ह्ह ईईईईईर्र्ररररर | वो दर्द भरी मादकता से कराहकर रह जाती है लेकिन उसका उत्तेजना से भरा गरम शरीर ये बर्दाश्त कर ले जाता है | उसकी चूत में सहाय गहरे गहरे धक्के लगा रहा था | हर लगते धक्के का एक्सप्रेशन मिली के चेहरे पर दिख रहा था | सहाय के मिली के जिस्म को लगते धक्को के कारन शरीर में कराह पैदा कर दी थी | हर धक्के पर उसका कराहना बता रहा था अब वो अपनी शरीर की शक्ति से निढाल हो बस सहाय के झड़ने की आस में टिकी है और सहाय का मोटा लंड सटासटअपनी चूत मे ले रही है | सहाय ने भी पिछले आधे घंटे में उसकी चूत का कोना कोना बजा डाला था और उसके जिस्म का पुर्जा पुर्जा हिला डाला था | कोई इस तरह से एक औरत को चोद दे तो उसकी चूत में कम से कम तीन महीने तक खुजली नहीं मचेगी और न ही उसके जिस्म में हवस की भूख जगेगी | मिली को इस चुदाई की आदत हो गयी थी, उसके लिए हर हफ्ते के अंत में या कई बार हफ्ते में दो बार यही होना था, कभी लम्बा तो कभी शार्ट | सहाय को भी मिली कोक चोदकर बहुत मजा आता था| अब मिली को चोद पाना सामान्य लंड के बस का नहीं था | उसे सहाय जैसा ही कोई तगड़ा लंड चोद सकता था | सहाय मिली की चूत में लंड पेले जा रहा था | मिली को भी अपनी चूत के सूखे पन का अहसास हुआ | उसने मुहँ से ढेर सारी लार निकाली और अपनी चूत के मुहाने पर मल दी | सहाय ने दो चार करारे धक्के लगाये, जिससे मिली का पुर्जा पुर्जा हिल गया|
वो कराह पड़ी - आआआआआआआआह्हीईईईईईईईईईइ सर थोड़ा धीईरीईईईई रीईईईईए ,
आआआआआआआआआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह मममममर्र्र्र्र्र्र गय्य्य्यी्ई्ई्ई्ई्ई रे ऊऊऊऊऊउ ईईईईईईईईईइ फ्फ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ प्लीजजजजजजजजजज सससससरररर रररररररररररर आआआआराआम्म्म्म स्स्स्से ओओओओओओफ्फ्फ्फ, आह ओओओओओओफ्फ्फ्फ, आह |
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मिली के मुहँ की सिसकारियां और तेज हो जाती है | कमरे में बस फच फच चट चट की आवाजे ही गूँज रही थी | फच फच चट चट की आवाजो के बीच मिली की कराहे तब तेज हो जाती जब सहाय मिली के दोनों निप्पल चुटकी से कसकर पकड़कर मसलने लगता है और भीचने लगता है | मिली के मुहँ से बस यही निकलता - ओह्ह्ह्ह्ह्ह मा्आ्आ्आ्आ्ह्ह्ह्ह ईईईईईर्र्ररररर | वो दर्द भरी मादकता से कराहकर रह जाती है लेकिन उसका उत्तेजना से भरा गरम शरीर ये बर्दाश्त कर ले जाता है | उसकी चूत में सहाय गहरे गहरे धक्के लगा रहा था | हर लगते धक्के का एक्सप्रेशन मिली के चेहरे पर दिख रहा था | सहाय के मिली के जिस्म को लगते धक्को के कारन शरीर में कराह पैदा कर दी थी | हर धक्के पर उसका कराहना बता रहा था अब वो अपनी शरीर की शक्ति से निढाल हो बस सहाय के झड़ने की आस में टिकी है और सहाय का मोटा लंड सटासटअपनी चूत मे ले रही है | सहाय ने भी पिछले आधे घंटे में उसकी चूत का कोना कोना बजा डाला था और उसके जिस्म का पुर्जा पुर्जा हिला डाला था | कोई इस तरह से एक औरत को चोद दे तो उसकी चूत में कम से कम तीन महीने तक खुजली नहीं मचेगी और न ही उसके जिस्म में हवस की भूख जगेगी | मिली को इस चुदाई की आदत हो गयी थी, उसके लिए हर हफ्ते के अंत में या कई बार हफ्ते में दो बार यही होना था, कभी लम्बा तो कभी शार्ट | सहाय को भी मिली कोक चोदकर बहुत मजा आता था| अब मिली को चोद पाना सामान्य लंड के बस का नहीं था | उसे सहाय जैसा ही कोई तगड़ा लंड चोद सकता था | सहाय मिली की चूत में लंड पेले जा रहा था | मिली को भी अपनी चूत के सूखे पन का अहसास हुआ | उसने मुहँ से ढेर सारी लार निकाली और अपनी चूत के मुहाने पर मल दी | सहाय ने दो चार करारे धक्के लगाये, जिससे मिली का पुर्जा पुर्जा हिल गया|
वो कराह पड़ी - आआआआआआआआह्हीईईईईईईईईईइ सर थोड़ा धीईरीईईईई रीईईईईए ,
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