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Adultery गदरायी लड़कियाँ

अब कच्ची कली के वजाये वह विखरी कली ही मुझे जन्नत दिखा रही थी ।

अपने को सम्हाल मैं कमरे से बाहर आया 1, मीना उपर मंजिल के कमरे में पढ़ती थी ।

रास्ता बरामदे में था । बाहर आते ही मनोहर दरबान लपक कर आया। और पूछा-काम बना मास्टर जी

“हां.....हां मनोहर

"बस मास्टर तुम्हारी किस्मत खुल गई बस मालकिन की बात भुले | से मत काटना मेरा ख्याल रखना

हां....हा....

जाओ मीना अभी अभी उपर गयी है तुम्हारे लिये बात कर दिया हूँ। |

'क्या....

पढाते हुये मजा लो- कुछ नहीं कहेगी मनोहर दरवान ने दबे हुए | स्वर में कहा

मनोहर की इस सुचना से मेरे जवान बदन में बिजली दौड़ी और मैंने मनोहर के कंधे पर हाथ रखते कहा- मैं तुम्हें रूपया दंगा

इस पर मनोहर मेरी गुलाबी आंखों में आख डाल बोला-बस । मालकिन जो कहे उसे मानना मजा भी पाओगे और नॉट भी क्या कही है

| जिस पगलाये लंड को दबा दबा कुछ क्षणों पहले शांत किया था--मनोहर की बातो से गुदगुदा कर खड़ा होने लगा । |

"कही है- मीना को भी तुम |

 
"तब क्या जाओ मजा लो-देखना औरों के साथ मीना को भी चोदवा |कर देख हमे सब बताना मनोहर अंकल

'' चिता मत करो-हमें लगता है कि मालकिन लिये कहा है''

अब सेठानी की मस्ती और मीना के साथ दी गयी छूट से तो तबीयत बाग बाग हो रही थी ।

बस झिझक इसलिए थीं कि अपने दोस्त अशोक की तरह ट्यूशन करते हुए बड़े घर की हसीन छोकरियों का मज़ा कभी नहीं लिया था ।

वैसे अब झीने गाउन में देखी नयी चिकनी गुदाज सेठानी की पुरानी बुर में ही डाल जवानी का पहला मजा लेने का मन कर रहा था ।

मेंने मीना.की कच्ची चुची को आज पढाते समय दबाने का मन बनाया .

ज्या कमरे में गया-त्यों हीकमसीन मीना चेचर से उठी ।

आज उसने उसके कपड़े बदल रखे थे ।

फ्राक के स्थान पर शर्ट और नीले रंग का स्कर्ट पहन रखी थी । दोनों टमाटरों पर नजर पड़ते ही उसकी मम्मी के गोरे गोरे बड़े दानों वाली चुंची। का नशा उतरा....और मैं लंड को पहले की तरह उभरते उस कमसीन हसीन को देखा.....

स्कर्ट उसका आधे रान तक का था ।।

सुडौल रान और गोरी गोरी टांगों के साथ उसके गठीले बदन को देखते आज रोज से अधिक मस्ती आयी तो मैं उसकी आंखों में आंखे डाल-दरवाजे के

पास खड़ा होकर पार्टनर के बताये फारमुले पर चलतामीना को दिखाते हुए हाथ से पैंट के उभार को दबाया

मीना मेरी हरकत पर ध्यान देती मेरी ओर मुस्कुराइ

 
दोस्तो अपडेट दे दिया है

हमारे सभी साइलेंट यूज़र्स से प्रार्थना है कि कमेंट ज़रूर दें .
 
दोस्तो १० - १५ लोगों से ज़्यादा कोई कमेंट नहीं देता इसका मतलब तीन चार लोगो को छोड़कर जो दोस्त ये कहानियाँ पोस्ट करते हैं वही एक दूसरे की पीठ थपथपा लेते हैं

मैने पहले भी कई बार रिक्वेस्ट की है और कल एक बार फिर से आप सभी पढ़ने वाले और इस साइट के चाहने वालों से प्रार्थना की थी कि आप सब कहानी पोस्ट करने वालों की सराहना करें ताकि वो आपके लिए और भी अच्छी अच्छी कहानियाँ लाए जिससे आपका और ज़्यादा मनोरंजन हो .

दोस्तो कल से मैं किसी भी कहानी में पोस्ट नही करूँगा सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने लेखक बंधुओं की हॉंसलाहफजाई करूँगा ताकि उनके काम की सराहना करने वालों मे एक श्रोता की बढ़ोत्तरी हो . और जब तक कुछ और लोग कमेंट करने के लिए आगे नही आते तब तक मैं सिर्फ़ और सिर्फ़ कहानियों पर कमेंट करूँगा
 
धन्यवाद दोस्तो

अपने साइलेंट पाठकों के लिए दुआ कि वो जल्दी से ठीक होकर कमेंट करने लग जाएँ और हमारा ये परिवार ( आरएसएस) आदर्श परिवार बन जाए

आपका दोस्त
 
पास से उसके गुलाबी गालों को देखते ही मेरी जवानी तडपी और मैं तपाक से शर्ट से उभरी दोनों चूचियों को हाथ से पहली बार टटोला- चुची पकड़ते ही लंड अकडाऔर कल्पना से ज्यादा मजा हमको आया । । | धड़कन बढी तभी मीना बिना विरोध के बिना किसी नुकर पुकर के सीने को उभार

अपनी गोरी गोरी टांगों को कस मेरी आंखों में आंखें डाल अपने दायें हाथ को फसक से तने लण्ड के उभार को पैंट के उपर से मुठी में भर हमको जो अपनी ओर से हरी झंडी दी तो मैं कपड़े के उपर उसकी उठान ले रही दोनों चूचियों को मीसने लगा ।

लंड को जो पकड़ी तो हमको और मजा आया- झुठ नहीं बोलूंगा--गजब का पहला मजा आया । | चुचियों को खडे खडे तीन चार बार ही मसला था कि किसी के आने के आहट पकर-मैं घबड़ा कर चुचियों से हाथ को मीना के हाथ में उभार को अलग कर सम्हाला ।

तभी कपड़े में उसकी मां को आया देख- मैं बुरी तरह घबड़ा कर एक ओर घिसका ।।

पर मीना ज्यो की त्यो मस्त खड़ी थी......।

.

मिझे लगा कि चुची पकडने से उसको काफी मजा आया था । उसका चेहरा लाल हो गया था ।।

पर घबराहट के कारण मेरी हालत पल भर में ही खराब हो चुकी | थी । लौड़ा डाउन हो गया ।। | सेठानी उसी नशीले अंदाज में आयी थी । आगे से बड़ी पपीते सी चुची और गोरी गोरी रान तथा बुर का उभार दिख रहा था । । तभी वह मीना के वाव कट वालो पर हाथ फेरती बोली- '' शाबास इसी तरह के कपड़े में सर से पढ़ा करो ।।

इसके साथ सेठानी बिना किसी झेप के-मीना की बायी चुची को दो उगंल के बीच दबा-बोली-क्यों मास्टर जी...मेरी बिटिया सुन्दर है ना।

"जी-जी एकदम कली हैं...गुलाब की बहुत प्यारी है..ना"

"देखो अभी इसकी कितनी छोटी-छोटी है...."

वह जिस अदा से अपनी नादान लड़को की चूची को ऊगली के बीच लेकर उभारी थी और साथ में उसकी औरत नंगी दिख रही थी उससे जवानी को फौरन झटका लगा और पेन्ट का डाऊन सिगनल अप होने लगा ।।

"अभी बेबी की उम्र ही क्या है? मैं थोड़ा घबराहट से उक्ति पाकर लंड को पैन्ट में सही करता सेठानी की ओर देख कहा ।"

तभी अदा के साथ मीना मेरी ओर मीठी नजर से देखती पकड़ी गयी चूची पर से अंगुलियों को हटाकर बोली

"तुम जाओ न मम्मी...हमको टीचर जी से पढ़ना है..."

\

इसपर संठानी अदा के साथ मेरी ओर सटक मेरे चुतड़ पर अपनी गुदाज हथेली रख हमें उमंग की दुनियाँ में पहुंचाती बोली

* तुम्हारे टीचर को, पढाना नहीं आता चलो मेरे वेड रूम में...मैं| इसको लेकर आती हूँ..."

 
* ओ. के. मम्मी....ओके ..." मीना चहकीं और सीने के बीच उतर गयी ।

भले मेरा दोस्त कइयों की ले चुका था पर मैं कमसिन मीना की उठाल वाली कच्ची चुचियों पर भी हाथ रखने को अभी भी तरस रहा था । डर रहा था हाथ लगाने में पर उसकी मां एक दिन जो प्रस्ताव की तो मैं अपने पार्टनर से भी ज्यादे आंनद लोक में पहुँच

गया........

उसकी मां को चुदती कामसीन लड़कियों को देखने का शौक था. ... वो मीना को सयानी करने की छूट देती स्वयं चुदवाइ उसको चोद मेरी जवानी अंगड़ाई ले ली और मीना के जाते ही वह हाथ को आगे कर मेरे लण्ड जो पकडी मै दूसरे हाथ से उसकी चुची को पकड़ा तो वह खुश हो बोली।

* आज रात मेरे पास ही रहना है। जाना भी मत जवानी लुटाने को होती है खूब लुटाओ- मेरी मीना अभी चुदने लायक नहीं है..... ।

अभी चूम चाट कर इसको थोड़ी बड़ी करो- तुमको भी तो अभी मजा लेना नहीं आता है और तने लण्ड को अपनी गुदाज मुठी से दवायी | तो हमको काफी मजा आया..... ।

\“जी.......जी मैडम| "

ओ के तुम हमको मैडम ही कहो- ' फाइन यंग मैन और मीना भी अभी मजा लेना नहीं जानती चलो तुम दोनों को आपस में मजा लेना सिखा दें फिर

मजा लेकर उसको उपर और नीचे से सयानी करो। घबराओं नहीं मेरी छोकरी का भी पहला मजा तुम्ही लोगे

“जी......जी.....मैडम आप जो कहें मैं पुनः जन्नत में पहुँच गया था ।

उसकी बातो से अब मुझे पूरी तरह यकीन हो गया था कि सेठानी को खुद चुदने का उतना शौक नहीं है जितना की कुआंरी लड़कियों को चुदते . देखने का ।

,

लंड के फुले सुपाड़े को मसलती बोली- “आज रात दो कुआरी लड़कियों को तुम्हारे लिये माँगा रही हूँ..... दोनों को चोद कर दिखाओ

डियर तुम्हारा इतना तगड़ा है कि दोनों कसमसा कर हाये मर गई कहेंगी ।

** ओ के मैडम जो आप कहेगी......

“चलो तुम दोनों का आपस में मजा लेना सिखाती हूँ.....।

तभी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

 
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