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हिंदी कहानी भवह भाव से पतोहू ताव से चोदो [भाग-2]

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इस हिंदी कहानी के पिछले भाग 1 में मैंने बताया कि कैसे ह्मारे पड़ोसी लालता प्रसाद की पतोहू और भवह चुदवासी और प्यासी थीं। उस रात वह छत पर अपनी दूधिया जवानी चांद के प्रकाश में दिखाती हुई टहल रही थीं और मुझे चुदाई का बुलावा भेज रहीं थीं तब क्या हुआ आगे पढिये। उनके छत पर कूद कर मैने तुरत ही उन दोनों कामुक युवतियों को नंगा कर दिया और फ़िर दोनों को अपना लंड चूसने का आदेश दिया। वो दोनों हीं मेरा लंड और अंडकोष चूसने लगीं। उन्हें बेहद आनंद आ रहा था। बारी बारी से अंडकोष चूसते हुए वो मेरे गांड और पिछले हिस्से क्को सहला रहीं थीं जिससे मुझे गुस्सा आ रहा था। मैंने उन्हें छत पर लिटा दिया। मुझे पेशाब लगा हुआ था तो मैंने मीरा को अपना लंड मुह में लेने को कह के उसमें मूत दिया। वो सारा मूत गटक गयी। फ़िर थोड़ा सा अपने मुह में से राधा को दे दिया। ये सीन्स काफ़ी गरमा गरम थे और दूधिया चांद के प्रकाश में यह सब काफ़ी उत्तेजक लग रहा था। यह हिंदी कहानी आप बेलन बाबा के कारनामों के बारे में पढ रहे हैं। तो फ़िर मैंने अपना मोटा और जरुरत के हिसाब से बारह इंच तक लंबा हो जाने वाले लंड को अब चोदने के काम में लगाने के बारे में सोचा। वो इस्से अब भी झूला झूलने की कोशिश कर रहीं थीं और इसे छोडने को तैयार न थीं। मैंने इस बार राधा को चुना और उसकी चूत को मारने के लिये उसे गोद में उठा लिया। अपना सुपाड़ा उसकी चूत पर रख कर जैसे ही उसे नीचे की तरफ़ झुलाया व्ह चिल्लाने लगी। लेकिन वो मेरी पकड़ में थी और मेरा लंड सीधा 7 इन्च अंदर जा चुका था और अभी भी पांच इंच बाहर था। मीरा नीचे से झुक कर हमारा अंडकोष और मीरा की गांड दोनों को चाट रही थी।

हम सब बेलन बाबा के मुख से यह हिंदी कहानी सुन कर काफ़ी मजे ले रहे थे और हमें इस हिंदी कहानी का नशा चढ रहा था। सेक्सी हिंदी कहानी असर कर रही थी हमलोगो पर, हमारे लंड काफ़ी टाईट हो चुके थे। बाबा बेलन ने कहना जारी रखा। यह माजरा देख उसके भी होश उडे हुए थे। मैंने एक धक्का और दिया और राधा की चूत का टायर बर्स्ट हो गया। शादी शुदा चूत से खून की धारा बहने लगी। वह निढाल हो गयी। मैंने रावल पिंडी एक्सप्रेस की रफ़तार पकड़ी और वो जग गयी। इस बार वह आहें और सीत्कारियां मार रही थी। मीरा भी अपनी चूत में उंगली करते हुए लगातार मेरे बाल्स को सहला रही थी। मैंने उसे रिम जाब मतलब कि गांड चूसने को कहा। वो पीछे से आकर मेरा गांड और पिछवाड़ा चूसने लगी। मुझे मजा आ रहा था कि अचानक राधा की चूत से धारा पिचकारी की तरह निकली और मीरा के मुह और सिर को भिगोती हुई चली गयी। राधा मेरे बाहों में झूल चुकी थी। अब राधा झड़ चुकी थी और मीरा पूरी तरह से गरम हो चुकी थी इस लिये मुझे अब उसे चोदने का कार्यक्रम लगाना था और साथ साथ उनके ससुर लालता प्रसाद को भी इस खेल में शामिल कर इन नौ यौवनाओं की चूत चूदाई का परमानेंट जुगाड़ कर देना था। तो इस हिंदी कहानी के अगले भाग में पढिये कैसे किया प्रचंड लँड धारी बेलन बाबा ने यह कारनामा अपने प्रचंड लंड के प्रताप से।
 
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