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सुमन का सेल्फी सेक्स

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Suman ke sath selfie sex kiya - Hindi kahani

लोग आजकल सेल्फियों के बड़े दीवाने हैं ऐसी ही एक दीवानी मेरी ज़िन्दगी में भी थी जिसके साथ मैं सेक्स और सेक्स के दौरान सेल्फियाँ ले कर मौज उड़ाई. सुमन हमारे मामा जी के दोस्त की बेटी थी मामा जी के दोस्त का ट्रान्सफर हमारे शहर में हो गया उनकी लड़की सुमन मुझे पहले से पसंद थी, हम जब भी फैमिली फंक्शन वगेरह में मिलते तो खूब बातें करते. एक दिन सुमन के घर पर कुछ सामान पहुँचाने के लिए मम्मी ने मुझे भेज दिया, मैं वहां गया और सुमन के परिवार वालों ने मुझे बिना खाना खाए जाने नहीं दिया. सुमन भी थोड़ी देर में कॉलेज से आ गयी थी, वो थोड़ी परेशान थी क्यूंकि आज उसका पहला दिन था.

सुमन ने मुझसे बात भी नहीं की, लेकिन मैं समझ गया की उसके मन में ज़रूर कुछ चल रहा था, मैंने इधर उधर की बातें करते हुए सुमन से बात भी करने की कोशिश की लेकिन वो कुछ नहीं बोली. शाम को फेसबुक पर सुमन का मेसेज आया "क्या कर रहे हो" जिसका मैंने जवाब दिया "सोच रहा हूँ की जो लड़की इतनी बातें करती थी वो चुप क्यों है". सुमन ने मुझसे साड़ी ब्बातें शेयर की, किस तरह उसके मम्मी पापा को उसके बॉय फ्रेंड और उसके बारे में पता लगा और फिर पापा ने अहमदाबाद से यहाँ ट्रान्सफर ले लिया और अब वो अपने बॉय फ्रेंड को मिस कर रही है.

मैंने उस से कहा धीरे धीरे सब ठीक हो जाएगा, मेरे मन में बस यही बात थी की सुमन किसी तरह बस पहले की जैसे हँसना बोलना शुरू कर दे क्यूंकि कहीं न कहीं मैं उसे चाहता तो था ही. मैंने सुमन को ऍफ़ बी पर मेसेज कर के उसके नंबर ले लिए और एक दिन उसे कॉल कर के कहा "अगर जीना चाहती हो तो आज मेरे साथ कॉलेज बंक करो". वो राज़ी हो गई और उस दिन हम दोनों ने जमकर मस्ती की, मूवी गए, एम्यूजमेंट पार्क गए, हाईवे के ढाबे पर खाना खाया और शाम को जब मैं सुमन को उसके घर तक छोड़ने जाने लगा तो वो बाइक पर मुझसे लिपट गई और बोली "मुझे वहां नहीं जाना मुझे उस घर में बहुत नेगेटिविटी लगती है.

मैंने उसे दिलासा दिलाया और उसे उसके घर छोड़ा, अब हम अमूमन रोज़ बातें करते थे और एक दिन मैंने उसे पूछा "तुम्हे मैं कैसा लगता हूँ" तो बदले में उसने जवाब दिया "मैं भी यही पूछना चाहती थी". हम दोनों ने एक दुसरे के प्यार को एक्सेप्ट कर लिया, एक दिन जब मेरे घर वाले कहीं बाहर जा रहे थे तो मैंने सुमन को अपने घर ही बुला लिया. हम दोनों ने मिल कर खाना बनाया खाया, मूवीज देखी और खूब बातें की. दोपहर के खाने के बाद सुमन और मैं सोफे पर लेटे मूवी देख रहे थे तो उस में एक सेक्स सीन आया और मैंने देखा की सुमन बिलकुल बिना पलक झपके उसे गौर से देख रही थी.

मैं कभी सीन को तो कभी सुमन को देख रहा था और वो मेरे इतना करीब थी की मेरा लंड खड़ा हो गया, सुमन को मेरी गर्म साँसें महसूस हो रहीं थीं और मेरा लंड भी उसके चूतड़ों पर टच हो रहा था. सुमन ने कहा "तुम भी वही चाहते हो जो मैं चाहती हूँ" तो मैं सकपका गया लेकिन संभल कर बोला "लेकिन तुम" उसने मेरे होठों पर अपनी ऊँगली रखी और धीरे से वही ऊँगली मेरे मुंह में सरका दी जिसे मैं न जाने किस मूड में चूसने लगा. अब सुमन ने अपने होंठ मेरे होठों पर धीरे धीरे रगड़ने शुरू किए और उसके बाद अपनी जीभ मेरे होठों पर फिराने लगी, मैंने एक्साइटमेंट में उसकी जीभ अप्पने मुंह में ले ली और उसे चूसने लगा. सुमन और मुझे किस करते हुए दस मिनट से ऊपर हो गए थे, मैं उसे किस करते हुए उसकी गांड - जांघों और चुचों को सहला रहा था.

सुमन ने मेरा टी शर्ट उतरा और मेरी चेस्ट पर उंगलियाँ फिराने लगी फिर उसने अपना टॉप उतारा और सबसे पहले फ़ोन से अपनी एक सेल्फी ली, मुझे थोड़ी हैरानी हुई लेकिन फिर मज़ा भी आने लगा क्यूंकि वो मेरे निप्प्ल्स को अपनी जीभ से चाटते हुए और उन्हें चूसते हुए भी सेल्फी ले रही थी. मैंने उसके चुचे दबाने शुरू किए तो उसकी सिस्कारियां निकल गई, उसकी सिस्कारियों की आवाज़ से मैंने खुश हो कर उसके चुचों कको बेतहाशा चूसना शुरू किया और वो हर चीज़ की सेल्फी लिए जा रही थी. सुमन ने मेरी पेंट खोल कर अपने चुचों पर मेरे लंड को रगड़ना शुरू किया और मेरे लंड को चुचों के बीच फंसाकर भी सेल्फियाँ ली, उसके चुचे बड़े ही न्नार्म और गुदगुदे थे.

सुमन मेरे लंड को वहशियाना तरीके से चूस रही थी और चूसते हुए भी सेल्फी ले रही थी, उसने मेरे लंड पर दो तीन हलके थप्पड़ भी लगाए तो मेरा लंड मारे जोश के तन गया और उसकी नसें तक दिखने लगीं. सुमन मेरे लंड को चूसने के साथ साथ मेरे लंड को हलके से काट भी रही थी और उसने मेरे लंड को चाटते हुए मेरे गोटों पर हमला कर दिया और उन्हें मुंह में ले कर ऐसे चूसा जैसे वो कोई गुलाब जामुन हों. मैंने सुमन से कहा "तुम पहले भी कर चुकी हो सेक्स" तो बोली "हाँ लेकिन तुम्हारे साथ मुझे डर नहीं लग रहा बल्कि इतना मज़ा आरहा है की पूछो मत, तुम्हारा लम्बा लंड मेरी चूत में फिट कर के मुझे आज वो साड़ी खुशियाँ दे दो जो रोहित नहीं दे पाया".

अब मुझपर रोहित के अधूरे काम को पूरा करने की ज़िम्मेदारी थी, सो मैंने सुमन की एक टांग उठाई और उसकी पेंटी साइड में खिसका कर अपना लंड उसकी चूत में फंसा दिया, सुमन ने एक हलकी चीख मार कर कहा "मुझे लग ही रहा था की ये मेरी चूत के लिए काफी बड़ा होगा". मैंने कहा "तुम चिंता मत करो मेरी जान बस इस जॉय राइड के मज़े लो" पांच मिनट तक सुमन को ऐसे ही चोदने के बाद मैंने उसको सोफे पर अधलेटा कर के एक कुशन उसकी कमर के नीचे लगाया और उसकी दोनों टांगें उठाकर उसे जमकर चोदा.

सुमन चुदने में एक्सपर्ट थी और चुदते हुए वो बोली "देखो अगर आज मैं गलती से तुम्हे रोहित कह दूँ तो बुरा मत मानना" मैंने कहा तुम मुझे रावण भी कहोगी तो भी रहूँगा तो मैं बंटी ही ना" वो हंस पड़ी और अब हमने फिर पोजीशन चेंज कर ली. ये सुमन के साथ का असर था या मेरे लंड को सुमन की चूत का लालच हम दोनों ही झड़ नहीं रहे थे, मैंने सुमन को सोफे के हत्थों को टाइट पकड़ने को कहा और उसकी दोनों टांगें पकड़ कर उसके शरीर को उठा लिया और अब वो एरोप्लेन बनी हुई मुझसे चुद रही थी. सुमन को अलग अलग एंगल से चुदने में काफी मज़ा आरहा था वो बोली "ऊओह्ह बंटी तुझे कितना कुछ आता है" मैंने कहा अभी तो तू रुक मुझे जो जो आता है वो सब करूँगा और जो नहीं भी आता वो सीख कर तेरी जवानी के मज़े लूँगा मेरी जान".

हम दोनों ने इतनी चुदाई मचा ली थी की हम दोनों थक रहे थे और अब सुमन भी झड़ चुकी थी लेकिन मेरे लंड ने हार नहीं मानी और मैंने उसे सीधा लिटा कर डालने लगा तो वो बोली "प्लीज़ आज इतना मत चोद की घर भी लंगडाती हुई जाऊं, तू रुक मैं तेरा काम आसान कर देती हूँ" और ये कहकर सुमन मेरे लंड को हिला हिला कर चूसने लगी जिस से मेरा ढेर सारा वीर्य उसके चुचों और चेहरे पर गिर गया जिसे उसने किसी मसाज क्रीम की तरह मॉल लिया और रगड़ रगड़ के अपना मुंह धोया. इसके बाद वो थोड़ी देर और मेरे घर पर रुकी लेकिन चुदाई नहीं की बस मेरे लंड को एक दफे और चूसा और ढेर साडी नंगी सेल्फियाँ ली, अब सुमन और मेरी चुदाई की रेलगाड़ी प्लेटफार्म छोड़ चुकी थी और हम सेक्स के अथाह सागर में गोते लगाने लगे थे और सेक्स सेल्फियों का रिकॉर्ड बना रहे थे
 
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