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वतन तेरे हम लाडले complete

एयरपोर्ट पर साना जावेद को फुल प्रोटोकॉल मिल रहा था क्योंकि कर्नल इरफ़ान भी इंडिया प्रस्थान से पहले साना जावेद के विशेष मिशन के बारे में एयरपोर्ट प्रशासन को बता चुका था, और इस बात का लाभ मेजर राज को भी हुआ कि उसकी विशेष चेकिंग नहीं हुई महज पासपोर्ट चेक किया गया जोकि असली था। मगर फ़िरोज़ के नाम था जिसका हुलिया उस समय राज ने अपना रखा था। कुछ ही देर के बाद यह छोटी फ़्लाईट टेकऑफ करने के लिए तैयार हो चुकी थी जो कुछ सवारियां थीं और एयरपोर्ट से ही कुछ फिल्म इंडस्ट्री की गैर प्रमुख हस्तियों ने साना जावेद के साथ हाई हेलो की जिनका साना जावेद की इस रिलीज की जाने वाली फिल्म से किसी न किसी सीमा तक संबंध था मगर उनके पास मेजर राज की कोई हैसियत नहीं थी वह तो महज साना जावेद का कर्मचारी था इसलिए प्रथम श्रेणी अनुभाग में होने के बावजूद उसको बिल्कुल अंतिम सीट पर बिठाया गया था जबकि बाकी लोग कुछ आगे थे और साना जावेद के पास थे

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रात 8 बजे तक मारिया उत्सुकता से लोकाटी का इंतजार करती रही, 8 बजे के करीब एक महिला ने कमरे में आकर मारिया को बताया कि लोकाटी साहब कुछ ही देर में आपके कमरे में तशरीफ़ लाएंगे उन्होने आपको तैयार करने का आदेश दिया है। मारिया ने उसे कहा तुम जाओ में खुद ही तैयार हो जाउन्गी यह सुनकर वह स्त्री उल्टे पांव लौट गई और मारिया लोकाटी के लिए तैयार होने लगी। मारिया को तैयार होने में ज्यादा देर नहीं लगी।मगर उसको लोकाटी के लिए थोड़ी मेहनत की जो उसके लिए काफी दर्दनाक था। वजह यह नहीं थी कि वह लोकाटी के लंड को बेचैन हो रही थी बल्कि वजह थी लोकाटी के खिलाफ बनाए गए प्लान को अमलीजामा पहनाने की जिसकी मारिया को खासी ज़रूरत थी। और वैसे भी आज सारे दिन हवेली नुमा महल की एकएक जगह छान मारी थी और उसे यह भी पता था कि यहां रात को जल्दी सोने के आदी हैं लोग ,

हवेली रात 9 बजे ही सुनसान हो जाती है सभी कर्मचारी और हवेली के अपने अपने कमरे में जाकर सपना खरगोश के मजे लूटते हैं, रात की ड्यूटी वाले कर्मचारियों के लिए एक विशिष्ट कक्ष था कि अगर रात में किसी को जरूरत हो तो वह उसी कमरे से कर्मचारी को इंटरकॉम के माध्यम बुला सकते थे। ऐसे में रात 9 बजे तक लोकाटी का इंतजार करना काफी मुश्किल हो रहा था मारिया के लिए।

अचानक कमरे का दरवाजा खुला तो मारिया समझ गई कि अब की बार लोकाटी कमरे में आया है, वह सिमट कर बैठ गई थी। लोकाटी कमरे में आया तो एक पल के लिए तो उसकी आंखें खुली की खुली रह गईं। कमरे में सभी रोशनी बंद थीं मगर बेड के चारों ओर मोमबत्ती रोशन थीं जिसकी हल्की हल्की रोशनी में अंदर का माहौल काफी रोमांटिक और मस्त हो रहा था और बेड के चारों ओर गुलाब की पत्तियां मोमबत्ती की हल्की रोशनी में बहुत सुंदर दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं। बेड पर भी गुलाब की पत्तियां बिखरी हुई थीं और उनके बीच में लाल रंग की चादर में लिपटी समीरा लोकाटी का इंतजार कर रही थी। घूँघट निकाले हुए मारिया खासी उत्सुकता से लोकाटी का इंतजार कर रही थी और अब यह इंतजार खत्म हो गया था। लोकाटी ने मारिया को लाल चादर में लिपटा देखा तो एक पल के लिए उसे यूँ लगा कि एक नई नवेली दुल्हन उसके इंतजार में लाल रंग का शादी पहनावा पहने उसके इंतजार में बैठी है। कमरे के रोमांटिक माहौल और सामने बेड पर दुल्हन की तरह बैठी मारिया को देखकर लोकाटी के दिल में लड्डू फूटने लगे थे और उसकी सलवार में लंड ने सिर उठाना शुरू कर दिया था। इसे एक बार तो वही समीरा याद आ गई थी जिसको सुंदर रात में गोवा के होटल में लोकाटी ने खूब जमकर चोदा था।

लोकाटी धीरे धीरे आगे बढ़ता हुआ मारिया तक गया और उसके पास जाकर बैठ गया और उसे देखने लगा। लंबी चादर से मारिया के केवल सुंदर हाथ ही दिख रहे थे जिन पर मेंहदी का सुंदर डिजाइन बना हुआ था। ये मेहंदी भी मारिया ने एक नौकरानी से शाम में ही लगवा ली थी जिसका एक ही घंटे में काफी अच्छा रंग चढ़ गया था, और हाथों से नीचे मारिया के सुंदर चमकते हुए पैर दिख रहे थे, उसके अलावा बाकी केवल लाल रंग की पुष्पांजलि थी। लोकाटी ने आगे बढ़कर मारिया के पास होकर हौले से कहा, यदि अनुमति हो तो क्या मैं आपका घूँघट उठा सकता हूँ। मारिया ने धीरे से हाँ में सिर हिलाया, तो लोकाटी ने मारिया के चेहरे के आगे से हल्की सी चादर हटा कर उसके सिर पर रख दी। उसकी नज़र मारिया के चेहरे पर पड़ी तो वह और भी खुश हुआ, मारिया के सुंदर गुलाबी और रसीले होठों पर इस समय लाल लिप स्टिक लगी हुई थी जो लोकाटी को बहुत पसंद थी। और उसका हल्का लेकिन बहुत कौशल से किया गया मेकअप उसकी खूबसूरती को चार चांद लगा रहा था अब तो लोकाटी अपने आपे से बाहर हुआ जा रहा था उसका बस नहीं चल रहा था कि वो जल्दी से पहले मारिया को उसके सारे कपड़ों से मुक्त कर दे और उसकी सुंदर और टाइट योनी में अपना लंड घुसा कर धक्के पर धक्के मारे।मगर उसने मारिया से वादा कर रखा था कि आज की रात जैसे मारिया कहेगी वैसे ही लोकाटी उसके बदन से प्यार करेगा .

मारिया का सुंदर चेहरा देखकर लोकाटी ने उसे प्यार भरी आवाज़ में कहा, मांग मेरी महारानी आज क्या मांगती है।आज तुम जो चाहोगी लोकाटी वह तुम्हें देगा तुम्हारी इन सुंदर आंखों और होठों के सदके . मारिया ने शरमाते हुए लोकाटी को देखा, और हौले से बोली, आपने इस नाचीज़ को अपनी महारानी बना लिया और उसके बाद भला किस चीज की कामना कर सकती हूँ, अब तो बस एक ही तमन्ना है कि जिन होठों के लिए आप ने ये बात कही है, उन्ही होठों की प्यास अपने होंठों से बुझा दें। यह सुनते ही लोकाटी की आंखों में चमक आ गई वो तो पहले से ही यह चाहता था अब मारिया द्वारा फरमाइश के बाद तो लोकाटी एक क्षण बर्बाद किए बिना उनके होठों से सारा रस पी जाना चाहता था। वो एकदम से मारिया के होंठों को चूसने के लिए आगे बढ़ा मगर मारिया ने हाथ के इशारे से रोक दिया और बोली नहीं ऐसे नहीं। लोकाटी उत्सुकता से बोला तो फिर कैसे मेरी जानेमन ??? मारिया मुस्कुराई और बोली पहले अपनी आँखें बंद करो। और अपने हाथ अपने सिर के पीछे बांध लें। और जब तक मैं न कहूँ तो न तो अपनी आंखें खोलेंगे और न अपने हाथों से मेरे शरीर के किसी भी हिस्से को छूने की कोशिश करेंगे

लोकाटी ने उत्साह में अपनी आँखें बंद कर ली और अपने हाथ अपने सिर के पीछे बांध लिए। जैसे ही उसने अपनी आँखें बंद की उसे बेड पर हलचल महसूस हुई और फिर कुछ ही सेकंड के अंतराल के साथ उसे 440 वोल्ट का झटका लगा जब उसे अपने होठों पर मारिया के सुंदर होठों का स्पर्श महसूस हुआ और अपने चेहरे पर मारिया के हाथ की नरम नरम पकड़ महसूस हुई। लोकाटी ने उत्साह में मारिया के होंठों को चूसना शुरू कर दिया था मगर मारिया के कहने के अनुसार न तो उसने अपनी आंखें खोलीं और न ही उसने अपने हाथ मारिया के शरीर की ओर बढ़ाए। लेकिन मारिया के नाजुक हाथ अब लोकाटी की गर्दन पर हौले हौले मालिश कर रहे थे और लगातार लोकाटी के होंठ मारिया के होंठ चूसने में व्यस्त थे। फिर लोकाटी को तब और भी मज़ा आने लगा जब मारिया ने अपनी ज़ुबान मुंह से निकाल कर लोकाटी के होंठों पर रखकर दबाव डालना शुरू किया। लोकाटी समझ गया था कि उसकी महारानी अपनी ज़ुबान उसके मुंह में प्रवेश कराना चाहती थी उसने तुरंत ही अपना मुंह थोड़ा सा खोल कर मारिया की ज़ुबान को अंदर जाने का रास्ता दिया और जैसे ही मारिया की ज़ुबान लोकाटी के मुंह में गई उसने उत्साह से मारिया की ज़ुबान को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। कुछ देर तक मारिया इसी तरह लोकाटी की गर्दन पर हाथ फेरती रही और अपनी जीभ उसके मुंह में डालकर प्यार करती रही।

फिर मारिया ने लोकाटी के दोनों हाथों को खोल कर अपने हाथों में पकड़ लिया और एक हाथ को अपने हाथ से पकड़ कर अपने चेहरे पर फेरना शुरू कर दिया। मगर अब तक लोकाटी को आंखें खोलने की अनुमति नहीं थी। मगर वह बहुत गंभीरता और स्नेह के साथ अब अपने हाथ मारिया के चेहरे पर फेर रहा था, वह कभी अपने हाथ मारिया के नाजुक और रूई जैसे गालों की तरह नरम गालों पर फेरता तो कभी अपनी उंगली मारिया के होठों पर फेर कर उनका स्पर्श लेता। फिर मारिया ने लोकाटी को नीचे लेट जाने को कहा तो लोकाटी आंखें बंद किए ही बेड पर लेट गया और मारिया उसके पेट के ऊपर आकर बैठ गई मगर लोकाटी के हाथ अब तक मारिया के हाथों में थे और उसकी आँखें अभी बंद थीं।

लोकाटी मन ही मन में सोच रहा था कि अब मारिया उसको आँखें खोलने की अनुमति दे और उसके हाथों को मुक्त कर दे तो वह दिल खोलकर मारिया को प्यार करे मगर मारिया से अभी यह अनुमति नहीं मिली थी। लोकाटी को नीचे लिटा कर मारिया ने एक बार फिर लोकाटी को अपने हाथ सिर के पीछे बांधने को कहा तो लोकाटी ने किसी आज्ञाकारी बच्चे की तरह अपने हाथ सिर के पीछे बांध लिए। अब मारिया ने लोकाटी की कमीज के बटन खोलने शुरू किये और एक एक करके सारे बटन खोल कर उसके सीने पर झुक कर प्यार करने लगी। लोकाटी को अपने सीने पर मारिया के जवान और गर्म होठों का स्पर्श बहुत प्यारा लग रहा था उसके साथ उसे मारिया के मम्मों का एहसास हो रहा था जो उसके सीने से टकरा रहे थे। कुछ देर इसी तरह लोकाटी को प्यार करने के बाद मारिया ने एक बार फिर लोकाटी के हाथों को अपने हाथों में पकड़ लिया और दोनों हाथों को खींच कर अपनी टांगों पर थाईज़ के ऊपर रख दिया। जैसे ही मारिया ने लोकाटी के हाथ अपनी थाईज़ पर रखे तो लोकाटी को एक झटका लगा और उसने अपनी आँखें खोली। झटका लगने की वजह यह थी कि जब मारिया ने लोकाटी के हाथों को अपनी थाईज़ पर रखा तो वहां उसे किसी कपड़े के होने का एहसास नहीं हुआ बल्कि मारिया की थाईज़ बिल्कुल नंगी थी, और जब लोकाटी ने आँखें खोलीं तो उसके सामने मारिया एक सुंदर नाइटी पहने उसे बहुत प्यार से देख रही थी

मारिया को इस हालत में देखकर मारिया की गाण्ड के नीचे मौजूद लोकाटी के लंड ने अपना सिर उठा लिया और पूरी तरह से खड़ा होकर मारिया की चूत में जाने की जिद करने लगा। मगर मारिया ने उस पर अपनी गाण्ड का दबाव डाल कर उसे नीचे बिठा दिया और धैर्य रखने को कहा। मारिया इस समय एक हल्के नीले रंग की जालीदार नाइटी पहने हुई थी जिसमें उसके कंधे पूर्ण नग्न थे मात्र बारीक डोरयों के माध्यम से नाइटी उसके बदन पर रुकी हुई थी। मारिया का ब्रा गहरे नीले रंग का था, फोम वाला यह ब्रा अंडर वाईर्ड था यानी उसके नीचले हिस्से में एक पेड़ डला हुआ था जो मम्मों को न केवल ऊपर की ओर उठाता है बल्कि उनको आपस में जकड़ कर एक दूसरे के साथ भी जोड़ता है जिसकी वजह सेक्सी क्लीवेज़ बनती है और छोटे मम्मे होने के बावजूद ऊपर से देखने में बड़े लगते हैं। और मारिया के मम्मे तो वैसे ही 36 के आकार के थे और उस पर अंडर वाईर्ड ब्रा जो मम्मों को उठाया तो उनकी ऐसी सुंदर और सेक्सी शेप बनी हुई थी कि कोई भी पुरुष उनको पकड़ने के लिये अपने हाथ बढ़ा दे। मारिया के भी दोनों मम्मे आपस में मिलकर गहरी लाइन बना रहे थे और उनका आकार भी काफी बढ़ गया था जिसकी वजह से 36 आकार के मम्मे अब 38 आकार के लग रहे थे। ब्रा के ऊपर मारिया की बारीक जालीदार नाइटी थी जो मोमबत्ती की हल्की रोशनी में बहुत सेक्सी लग रही थी, यह नाइटी सीने के ऊपर एक पतली सी डोरी के साथ बंधी हुई थी जबकि उसके नीचे पूरी खुली थी जिसकी वजह से मारिया का पतला और सेक्सी पेट बहुत ही सुंदर लग रहा था। मारिया की नाभि की हल्की सी गहराई और रंग बहुत सुन्दर था। नाइटी मारिया के चूतड़ों तक आकर खत्म हो रही थी जबकि सामने से पैन्टी तक भी नहीं आ रही थी पैन्टी के ऊपर ही खत्म हो रही थी। नीचे मारिया ने एक बहुत ही सेक्सी नीले रंग की पैंटी पहन रखी थी जो सामने से महज उसकी चूत की लाइन घेर रही थी जबकि चूत की लाइन के साथ वाला हिस्सा स्पष्ट दिख रहा था और मारिया के बाल मुक्त नरम और मुलायम पैर और मोटी थाईज़ भी बहुत सेक्सी लग रही थी।

लोकाटी को अपनी किस्मत पर यकीन नहीं आ रहा था कि वह इतनी सुंदर और सेक्सी लड़की की आज चुदाई करने वाला है। वह तुरंत उठ कर बैठ गया था और मारिया अब उसकी गोद में थी, उठ कर बैठते ही लोकाटी ने अपने हाथ मारिया की पतली कमर के गिर्द लपेट लिए थे जिस पर एक पतली नाइटी मौजूद थी जबकि उसके होंठ मारिया के मम्मों के उभारों पर क्लीवेज़ लाइन में प्यार कर रहे थे। लोकाटी अपनी ज़ुबान निकालकर मम्मों के बीच से से बनने वाली लाइन की गहराई में उतार रहा था मगर उसकी ज़ुबान इतनी लंबी नहीं थी कि वह मारिया के मम्मों की लाइन की गहराई तक जा सके। कुछ देर तक वह इसी तरह मारिया की कमर पर हाथ रखे उसके मम्मों के उभारों पर प्यार करता रहा फिर उसने मारिया को बेड पर लिटा लिया और खुद मारिया के ऊपर आकर मारिया के दोनों मम्मों को अपने हाथ में पकड़ कर दबाना शुरू कर दिया। मारिया ने अपनी जीभ बाहर निकाल कर अपने होंठों पर फेरनी शुरू कर दी जिससे लोकाटी के आनंद में और भी वृद्धि हो गई और वह एक बार फिर से मारिया के ऊपर झुक कर उसके मम्मों की लाइन में ज़ुबान फेरने लगा। कुछ देर इसी तरह करने के बाद लोकाटी कुछ नीचे आया और मारिया के पेट पर अपने होंठो से प्यार करने लगा। पेट से प्यार करते करते वह नीचे की ओर आ रहा था और मारिया की सुंदर नाभि में अपनी ज़ुबान फेरनी शुरू कर दी जिससे मारिया का पेट थर थर कांपने लगा था

 
नाभि से नीचे आकर लोकाटी ने अपने दोनों हाथ मारिया के चूतड़ों के नीचे रख लिए थे और उन्हें हल्का सा उठा कर खुद मारिया की चूत के ऊपर झुक गया था। कुछ देर तक मारिया की चूत के साइड पर नग्न हिस्से पर जीभ फेरने के बाद अब लोकाटी मारिया की बारीक पैन्टी के ऊपर से मारिया चूत लाइन पर अपनी जीभ फेर रहा था जिसकी वजह से मारिया चूत काफी गीली हो गई थी। कुछ देर चूत चाटने के बाद अब लोकाटी की ज़ुबान मारिया की मांस से भरी थर थर हिलती हुई थाईज़ पर थी। फिर लोकाटी ने मारिया के दोनों पैरों को पकड़ कर ऊपर उठाया और अपने हाथ मारिया की गाण्ड के नीचे रख कर उसे भी ऊपर उठा कर इस तरह मोड़ दिया कि मारिया की कमर ऊपर की ओर मुड़ गई थी और अब मारिया के चूतड़ स्पष्ट नजर आ रहे थे , मारिया की सेक्सी पैन्टी पीछे से बस उसकी गाण्ड की लाइन ही छुपा रही थी बाकी नितंब पूर्ण नग्न थे और अब की बार लोकाटी ने पैन्टी को मारिया की गाण्ड की लाइन साइड से हटा कर उसकी गाण्ड के छेद पर अपनी जीभ रख दी थी और उसको चूसना शुरू कर दिया था जिससे मारिया का पूरा शरीर कांपने लगा था। उसे लोकाटी का ये दीवाना पन बहुत अच्छा लग रहा था। कुछ देर तक लोकाटी मारिया को उसी तरह प्यार करता रहा, मगर मारिया ने अभी तक ना तो अपनी पैन्टी उतारी थी और न ही अपनी नाइटी और ब्रा उतारा था।

कुछ देर बाद मारिया ने लोकाटी को गाण्ड चाटने से रोक दिया और लोकाटी को नीचे लेटने के लिये कहा। लोकाटी नीचे लेटा तो मारिया ने बिना समय जाया किए लोकाटी की कमीज़ ऊपर उठा दी और उसका नाड़ा खोल कर उसकी सलवार में हाथ डाला और उसका तना हुआ लंड बाहर निकाल लिया। लंड बाहर निकालने के बाद मारिया उसके ऊपर झुकी और अपनी जीभ बाहर निकाल कर लोकाटी के लंड की टोपी से निकलने वाले पानी को अपनी जीभ की नोक से चाट लिया . लोकाटी अपने लंड की टोपी पर मारिया की ज़ुबान का स्पर्श बहुत अच्छा लगा, लेकिन मारिया ने ज़ुबान में लगने वाले इस पानी को न तो निगला और न ही अपनी ज़ुबान अंदर की, बल्कि वह अपनी गाण्ड लोकाटी के लंड पर रखकर लोकाटी के ऊपर झुक गई और उसका मुंह खुलवा कर उसकी जीभ बाहर निकलवा कर अपनी ज़ुबान में लगे हुए लंड के पानी को लोकाटी की जीभ की नोक पर लगा दिया। लोकाटी अपने वीर्य का नमकीन स्वाद बहुत अच्छा लगा, उसे पहली बार वीर्य स्वाद महसूस किया था। और फिर उसने मारिया की ज़ुबान को चूसना शुरू कर दिया था, मारिया के लोकाटी ऊपर झुकी हुई थी और लोकाटी का लंड मारिया की चूत के बिल्कुल नीचे था जो मारिया को उकसा रहा था कि वह जल्दी से अपनी पैंटी उतार दे और लोकाटी तने हुए लंड को अपनी चूत में प्रवेश करवा ले

लोकाटी बड़े मजे के साथ मारिया की ज़ुबान को चूसने में व्यस्त था और पीछे से उसने मारिया के भारीभर कम चूतड़ों को अपने हाथ में पकड़ रखा था और थोड़ी कोशिश करके अपनी एक उंगली मारिया की गाण्ड पर भी फेरने की कोशिश कर रहा था । मारिया ने कुछ देर इसी तरह लेटे लेटे लोकाटी को अपनी चूत और ज़ुबान का मज़ा दिया उसके बाद मारिया लोकाटी के लोड़े पर सीधी होकर बैठ गई और अपने मम्मे दोनों हाथों से पकड़ कर उन्हें हिलाने लगी जिससे लोकाटी की बैचैनि में और वृद्धि हो रही थी तो मारिया ने लोकाटी को लेटे रहने का इशारा किया और खुद लोकाटी के ऊपर से उठकर पास पड़े फ्रिज की तरफ गई और एक थाली निकाल लाई जिसमें अंगूर का एक गुच्छा पड़ा था। मारिया ने वह थाली उठाकर लोकाटी के पास रखी और फिर लोकाटी के लंड के ऊपर अपनी चूत रख कर बैठ गई मगर उसकी पैन्टी अभी उतरी नहीं थी। फिर मारिया ने अपने दोनों बूब्स से ब्रा को हटा दिया है और अपने बड़े बढ़ मम्मों को नीचे से पकड़ कर और ऊपर उठा कर उनकी क्लीवेज़ बनाकर लोकाटी को दिखाने लगी। मारिया की इन हरकतों से लोकाटी की उत्तेजना बढ़ रही थी और उसे ऐसा लग रहा था कि आज मारिया चूत में लंड डालने से पहले ही उसका लंड वीर्य छोड़ देगा।

लोकाटी ने हाथ आगे बढ़ाकर मारिया के मम्मों को पकड़ना चाहा तो मारिया ने उसका हाथ झटक दिया और बोली जब तक मैं नहीं कहूँगी तब तक उन्हें छेड़ना भी मत। यह कह कर मारिया ने एक अंगूर तोड़ा और उसे अपने होंठों में फंसाकर लोकाटी के ऊपर झुक गई, लोकाटी ने तत्काल अपना मुँह खोला और मारिया ने वह अंगूर का दाना लोकाटी के मुंह में डाल दिया और साथ ही उसकी ज़ुबान को अपने होंठों में लेकर न केवल चूसा बल्कि थोड़ा थूक भी लोकाटी गले में डाल दिया। फिर मारिया ने एक और अंगूर का दाना तोड़ा और उसे अपनी पैन्टी से कुछ ऊपर नाभि से लेकर अपने सेक्सी और गर्म शरीर से रगड़ते हुए अपने मम्मों तक लाई और फिर उसने अपने हाथ से लोकाटी के मुंह में डाल दिया जिसको लोकाटी ने मजे से खा लिया। फिर मारिया ने अंगूरों के गुच्छों से ज़्यादा दाने तोड़े और करीब 10 दानों को अपने मम्मों के ऊपर बनने वाली क्लीवेज़ में फंसाकर अपने दोनों मम्मे आपस में मिला लिए। 2, 3 दाने नीचे गिरे मगर बाकी दाने मारिया के मम्मों के ऊपर ही पड़े रहे, फिर मारिया ने लोकाटी को आमंत्रित किया कि वह बिना हाथ लगाए अपनी जीभ से एक पिक्सेल उठाए और अपने मुंह में डालता रहे

लोकाटी तुरंत उठा और उसने अपनी ज़ुबान मारिया मम्मों के ऊपर पड़े हुए अंगूरों पर रख दिया और अपनी जीभ की मदद से एक एक अंगूर करके खाता चला गया यूँ सारे अंगूर वह मारिया के मम्मों से खा गया। जब मारिया के मम्मे खाली हो गए तो मारिया ने मम्मों पर लगा अंगूरों का पानी चाटने को कहा तो लोकाटी वह भी चाट गया। फिर मारिया ने अंगूरों का एक और पिक्सेल तोड़ा और उसे अपने निपल्स के ऊपर रखकर लोकाटी को कहा कि अपने मुंह से यह अंगूर का दाना इस तरह चूसे कि न तो वह उसके निपल्स से अलग हो और न ही वह उसके मुँह में जाए। लोकाटी ने तुरंत आगे बढ़कर अंगूर का वह दाना अपने मुँह में ले लिया मगर उसे अपने होंठों से आगे नहीं जाने दिया ताकि वह इस दाने को मारिया के निप्पल के साथ लगा रहने दे। इस दौरान लोकाटी ने मारिया के आदेश को ब्रेक करते हुए मारिया का एक मम्मा अपने हाथ से पकड़ लिया था ताकि वह पीछे न हो सके। फिर कुछ देर के बाद मारिया ने यही पिक्सेल खाने को कहा तो लोकाटी न केवल तुरंत ही इस दाने को निगल गया बल्कि साथ ही उसने मारिया के निपल्स पर भी अपने होंठ रखकर उन्हें जोर से चूस लिया जिससे मारिया की एक हल्की सी सिसकारी निकली मगर उसने लोकाटी की इस हरकत पर कुछ नहीं कहा। फिर मारिया ने एक और पिक्सेल अपने दूसरे निपल्स पर रखा और उसको भी इसी तरह पहले चूसने और बाद में खाने को कहा, लोकाटी ने दूसरे निप्पल का भी पिक्सेल खाकर मारिया के निपल को चूस लिया जिससे मारिया की चूत में चिकनाहट बढ़ने लगी थी। फिर मारिया ने फिर से अंगूरों के कुछ दाने तोड़े और खुद बेड पर लेट कर एक पिक्सेल अपनी नाभि में डाल कर लोकाटी को अपनी जीभ से निकालने को कहा।

लोकाटी मारिया के ऊपर झुक गया और उसकी नाभि से दाने निकालने की कोशिश करता रहा। थोड़ी कोशिश के बाद मारिया की नाभि से लोकाटी ने वह दाना निकाल कर खा लिया तो मारिया ने एक और दाने को अपनी नाभि में डाल दिया, उसको भी लोकाटी इसी तरह खा गया। फिर मारिया ने कुछ दाने अपने पेट पर रखे और अपना सांस रोककर पेट को अंदर की तरफ खींच लिया ताकि दाने नीचे न गिरे। यह सभी दाने भी लोकाटी एक एक करके मारिया के गर्म गर्म पेट से सभी दाने खा गया। ..

 
rangila wrote: ↑ 12 Oct 2017 16:39
Mast nazara chal raha bhai. .......beech me kyun chod diya bhai
 
फिर मारिया उलटी होकर लेट गई और लोकाटी को कुछ दाने पकड़ाए कि वह इन दानों को मारिया की गाण्ड की लाइन में डाल दे, लोकाटी ने मारिया की पैन्टी गाण्ड की लाइन से निकाली और उसे थोड़ा सा खोल कर उसमें अंगूर के दान डाल दिए , मारिया ने तुरंत ही अपने सुंदर चूतड़ों को आपस में दबा कर मिला लिया और अब लोकाटी को पता था कि उसे क्या करना है, वह मारिया की गाण्ड लाइन से एक पिक्सेल अपनी ज़ुबान की मदद से अपने मुंह में डालता रहा और सारे दाने मारिया की गाण्ड लाइन से खाने के बाद उसकी गांड में लगे पानी को भी जीभ से चाट गया। अंगूर के जायके से मारिया की गाण्ड का स्वाद भी कुछ मीठा हो गया था अब लोकाटी मारिया की गाण्ड को चाटना चाहता था मगर मारिया ने कुछ दाने हाथ में लेकर उनको दबा दिया। इन दानों का मलीदा बनाने के बाद मारिया ने हाथ पीछे ले जा कर अपनी गाण्ड के छेद पर मसल दिया तो लोकाटी जल्दी से मारिया की गाण्ड पर झुका और अपनी जीभ से अंगूरों के इस मलीदे को मारिया गाण्ड से चाटने लगा। जब सारा मलीदा वह मारिया कीगाण्ड से चाट गया, तब मारिया सीधी होकर लेट गई और अब की बार उसने अपनी पैन्टी नीचे की और अंगूर का एक दाना अपनी चूत के लबों पर रखा तो लोकाटी उसे भी खा गया। फिर दूसरा, फिर तीसरा और फिर चौथा पिक्सेल, मारिया एक एक करके अपनी चूत पर रखती गई और लोकाटी उसे मारिया की चूत से खाता गया

फिर मारिया ने एक दाना उठा कर अपनी चूत के होंठ खोले और उनके अंदर घुसा दिया और लोकाटी से कहा वह बिना चूत को हाथ से छूए इस दाने को खाए। लोकाटी ने काफी मेहनत से अपनी ज़ुबान को बिना हाथ लगाए मारिया की चूत के लबों के बीच प्रवेश कराया और फिर इस दाने को मारिया की चूत से निकाल कर उसे भी निगल गया। यहां भी मारिया ने बारी बारी 6, 7 दाने अपनी चूत में डाले जिन्हें लोकाटी थोड़ी सी मेहनत के बाद खाता जाता था।

अब मारिया ने जो किया उसने तो लोकाटी को पागल ही कर दिया था। मारिया ने सभी अंगूर अपने दोनों हाथों में उठा लिए और उन्हें मसलने लगी, अंगूर अच्छी तरह मसलने के बाद मारिया ने उनका मलीदा अपने बड़े बड़े मम्मों पर मसल दिया और लोकाटी मारिया के मम्मों पर ऐसे टूट पड़ा जैसे कोई कुत्ता हड्डी के पीछे भागता है । उसने मारिया के ऊपर चढ़ कर उसके दोनों मम्मों पर ज़ुबान फेरना शुरू कर दिया और कुछ ही देर मे वह मारिया के अंगूरों से भरे हुए मम्मों को अपनी जीभ से चाट कर पूरा साफ़ कर चुका था और उसके बाद भी काफी देर तक वह मारिया के मम्मों को और उसके निपल्स को अपने मुँह में लेकर चूसता और चाटता रहा। अंगूरों का मीठा मीठा स्वाद उसको अब तक मारिया के अंगूरों के आकार जितने तने हुए निपल्स पर महसूस हो रहा था और वह बहुत मज़े के साथ मारिया के मम्मे चूस रहा था। फिर मारिया ने लोकाटी को लेटने को कहा और खुद फ्रिज में से एक केला निकाल लाई।

मारिया ने लोकाटी के ऊपर बैठ कर उस केले के छिलके और उसका वाल्व एक साइड पर फेंक दिया। फिर मारिया पीछे की ओर झुकी जिससे मारिया की चूत आगे स्पष्ट दिखने लगी। अब मारिया ने केला अपनी चूत पर फेरना शुरू किया और बड़ी सहजता के साथ उस केले को अपनी चूत के लबों के बीच फेरती रही। मारिया ने इस बात का ध्यान रखा कि इस दौरान वह केला टूट न जाए। जब केले में मारिया की चूत का पानी अच्छी तरह से लग गया तो मारिया ने वह केला लोकाटी की तरफ बढ़ा दिया जो काफी देर से केला खाने के लिए मरा जा रहा था। जैसे ही मारिया ने वह केला लोकाटी की ओर बढ़ाया उसने आधा केला एक ही बार में खा लिया। बाकी का आधा केला मारिया ने अपनी चूत पर रख कर उसे चूत में ही मसल दिया और फिर अपनी चूत उठा कर लोकाटी के मुंह के ऊपर बैठ गई, लोकाटी ने अपने दोनों हाथ मारिया के चूतड़ों के नीचे रख कर उसे ऊँचा किया और अपनी ज़ुबान मारिया की चूत में लगे हुए केले पर फेरने लगा और देखते ही देखते वह सारा केला मारिया की चूत से खा गया अब वहाँ केले का नामोनिशान तक नहीं था

कुछ देर तक आह ह ह ह ह ह। । । । । । । आह ह ह ह ह ह आह ह ह ह ह की सिसकियाँ निकालने के बाद एक बार फिर मारिया ने नीचे उतर कर फ्रिज खोला और उसमें से कुछ अंगूर और उठाए जो अलग रखे हुए थे। मारिया ने अंगूरों के गुच्छे को अपने हाथों से मसल कर उसका भी मलीदा बना दिया और फिर मलीदे को लोकाटी के लंड पर फेरने लगी। सारा मलीदा लोकाटी के लंड पर फेरने के बाद मारिया ने लोकाटी के लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे चाटने लगी। लंड मुंह में लेके उसको अच्छी तरह चाट कर साफ करने के बाद मारिया ने अपनी ज़ुबान निकालकर लंड के उस हिस्से से भी अंगूरों को चाट लिया जो हिस्सा मारिया के मुंह में नहीं जा सका था और कुछ ही देर के चौपों के बाद लोकाटी का लंड ऐसे साफ हो चुका था जैसे वहाँ उससे पहले कुछ था ही नहीं।

लोकाटी के लिए यह सब कुछ नया था, आज तक किसी ने उसके साथ इस तरह सेक्स नहीं किया था, उसको इस पूरे खेल में बहुत मज़ा आ रहा था मगर आश्चर्यजनक रूप से उसको अपनी आँखें बहुत भारी महसूस हो रही थी। और उसको नींद हावी हो रही थी मारिया को भी लोकाटी की आंखों से अनुमान हो गया था कि उस पर उनींदापन छा रहा है मगर उसका लंड अभी खड़ा था, मारिया ने मौके की गनीमत जाना और तुरंत ही अपने पैन्टी उतार कर अपनी चूत को लोकाटी के लंड पर रखा और धीरे धीरे अपना वजन लोकाटी के लंड पर डालते हुए पूरा लंड अपनी चूत में ले लिया। अपने लंड पर गर्म चिकनी चूत की पकड़ महसूस कर लोकाटी की आंखें थोड़ी खुली और उसने कुछ धक्के मारिया की चूत मारने की कोशिश की, लेकिन फिर धीरे धीरे उसका लंड वापस बैठने लगा और लंड के बैठते ही लोकाटी भी नींद की घाटियों में खो चुका था। जब मारिया को विश्वास हो गया कि लोकाटी सो चुका है तो वह तुरन्त उठी और अपना ब्रा सही कर फिर से अपने मम्मे छुपा लिए और फिर अपनी पैन्टी भी पहन ली और फिर से अपने बाल और अपना हुलिया ठीक करने लगी। मारिया को यह चेक करने की जरूरत नहीं थी कि लोकाटी वाकई सो गया है या नहीं क्योंकि उसके लंड का बैठ जाना इस बात का सबूत था कि वह अब अपने होश में नहीं रहा।

मारिया ने दोपहर में मिलने वाली बेहोशी की दवा को प्लेट में मौजूद अंगूरों में अच्छी तरह छिड़क दिया था और केले के छिलके के बाद अपने हाथ पर लगाई गई दवा को केले पर भी लगा दिया था जिसके प्रभाव से लोकाटी गहरी नींद सो गया था, जबकि एक अंगूर का गुच्छा मारिया ने जानबूझकर अलग रखा था जो उसने लोकाटी के लंड पर मसल कर खुद चौपे लगा लगाकर खाया था। फिर से लिपस्टिक लगाने के बाद और फिर से तैयार होने के बाद मारिया अब अपने आप को एक और बड़ी चादर से ढक चुकी थी। तब उसने फिर से लोकाटी की ओर देखा और अपने कमरे से बाहर निकल गई

गलियारे से होती हुई मारिया कुछ ही देर बाद फैजल कमरे के बाहर मौजूद थी, हल्का सा दरवाजा ख़टखटाने के बाद अंदर से फैजल की कर्कश आवाज़ आई अबे कौन है, तब मारिया ने हल्की आवाज में फैजल को बताया कि वह मारिया है तो वह हड़बड़ा कर उठ बैठा। इसके भ्रम और गुमान भी नही था कि इस समय मारिया उसके कमरे में आ सकती है। उसने जल्दी-जल्दी अपनी कमीज पहनी और आँखें मलता हुआ कमरे के दरवाजे तक पहुंच गया।दरवाजा खोला तो अंदर चादर में लिपटी मारिया खड़ी थी जिसका चेहरा बहुत खिला खिला और लिपस्टिक लगी हुई थी तब भी। उसने हैरानगी दिखाते हुए पूछा जी बीबीजी क्या हुआ? मारिया उसके निकलते ही दूसरी तरफ चल पड़ी और उसे अपने पीछे आने को कहा,

फैजल किसी आज्ञाकारी बच्चे की तरह उसके पीछे पीछे चलने लगा।कुछ देर के बाद मारिया अब फग़ान के कमरे के सामने रुककर उसका दरवाजा खटखटा रही थी। मगर इस बार फग़ान की बजाय अंदर से उसकी बेगम की आवाज आई तो मारिया खुद पीछे होकर खड़ी हो गई और फैजल को कहा कि फग़ान को बाहर बुलाए फग़ान ने कर्कश स्वर में अपनी भाभी को कहा कि फग़ान को से जरूरी काम है उसे . अपने जेठ की आवाज सुनकर फग़ान की पत्नी ने फग़ान को उठा दिया।

फग़ान भी समय अपने बड़े भाई के आने पर हैरान था मगर उसने भी अपनी कमीज पहनी और दरवाजे तक आ गया। दरवाजे पर उसने भाई को देखा तो फैजल ने उसे बाहर आने को कहा फग़ान ने बाहर आकर दरवाजा बंद कर दिया और साथ खड़ी मारिया को देखकर हैरान हुआ मगर मारिया ने अपने होठों पर उंगली रख कर उसको चुप रहने का इशारा किया। और फग़ान के कक्ष से अब एक और कमरे की तरफ जाने लगी जिसका चयन उसने बड़ा सोच समझ कर किया था। इस कमरे में पहुंच कर और फग़ान और फैजल को कमरे में बुलाकर मारिया ने दरवाजा बंद कर दिया और कमरे के बीच में आकर खड़ी हो गई। वह अब कुछ गहरी गहरी साँसें ले रही थी, जो काम करने जा रही थी उस काम में उसकी जान को पूरा पूरा खतरा था, या तो उसे पूर्ण सफलता मिलने वाली थी या फिर उसे यहीं अपनी जान से हाथ धोने पड़ जाते। इसके अलावा और कोई तीसरा मामला नहीं था और इसी टेंशन में मारिया की सांसें तेज चल रही थीं मगर उसने कुछ देर ठहर करके अपनी सांसें बहाल कीं और फिर फैजल और फग़ान को संबोधित करते हुए बोली देखो इस समय मैं जो आप कहने जा रही हूँ वह बहुत ही महत्वपूर्ण है। और तुम्हें अपने कान और दिमाग खोल कर मेरी बात सुननी है। मारिया की बात सुनकर दोनों एकदम सीधे होकर खड़े हो गए

मारिया ने कहा कि जो बात मैं तुम्हें अब बताने जा रही हूँ, उस पर तुम दोनों के भविष्य निर्भर है। न केवल तुम्हारे बल्कि मेरा भी भविष्य निर्भर इसी बात पर है। इसलिए कोई भी फैसला करने से पहले अच्छी तरह सोच समझ लेना कि तुम जो निर्णय लेने जा रहे हो उस पर कायम भी रह सकोगे या नहीं, और बाद में कहीं तुम्हें अफसोस तो नहीं होगा। यह कह कर मारिया कुछ देर के लिए रुकी तो फैजल बोला जी बीबीजी आप बोलें में सुन रहा हूँ। अब मारिया झुंझला कर बोली मैंने तुम्हें मना किया है मुझे बीबीजी मत कहो मैं तुम्हारी बीबी जी नहीं हूँ। यह सुनकर फैजल ने आश्चर्य से मारिया को देखा और फग़ान भी न समझने की शैली में मारिया को देखने लगा।

फिर मारिया ने कुछ उन्हें देखा और बोली देखो, मेरी तुम्हारे बाबा साईं के साथ कोई शादी नहीं हुई और न ही होने वाली है। फैजल ने मारिया की बात काटते हुए बोला मगर वह तो। । । । । । मारिया ने भी फैजल की बात काटी और बोली पहले मेरी पूरी बात सुन लो। इतना तो तुम दोनों जानते ही होगे कि जल्द ही इस प्रांत को इंडिया से अलग किए जाने का प्लान लागू होने वाला है। मारिया के मुंह से यह बात सुनते ही दोनों के चेहरे पर एक रंग आया और एक गया, उनके विचार में उनके बाबा साईं इतने पागल नहीं थे कि वह किसी अंजान लड़की को यहां तक कि अपनी पत्नी को भी ऐसी बात बताएंगे। मगर उन्हें क्या पता था कि बुड्ढा आदमी जब टाइट चूत की मांग हो तो वह कुछ भी बता सकता है . मारिया ने उनकी हैरानगी को भांपते हुए कहा हैरान होने की जरूरत नहीं मुझे यह सब कुछ तुम्हारे बाबा ने नहीं बताया, बल्कि मैं पाकिस्तान सरकार की ओर से इस विशेष मिशन पर यहाँ आई हूँ। और इस मिशन में मेरी भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। और हाँ मेरा मूल नाम मारिया नहीं बल्कि अंजलि है। और पाकिस्तानी लड़की हूँ।

इस बार जब तुम्हारे बाबा पाकिस्तान आए तो हमारी सरकार ने विशेष रूप से मुझे तुम्हारे बाबा के पास रहने और फिर इंडिया मे तुम्हारे घर आकर तुम दोनों से मिलने का निर्देश दिया था। तुम जानते हो कि इस प्रांत की स्वतंत्रता के बाद निश्चित रूप से इस प्रांत का पाकिस्तान से संबद्ध होगा, इसी शर्त पर पाकिस्तान तुम लोगों की मदद कर रहा है। यह सुनकर फैजल ने हैरानगी दिखाते हुए मारिया को देखा, उसका विचार था कि यह छुई मुई सी लड़की को किसी तरह उसके पिता ने फंसा लिया है मगर उसको इस हद तक जानकारी है तो यह निश्चित रूप से कोई गुप्त एजेंट लड़की ही होगी। फैजल ने पूछा आपकी बात ठीक है कि जल्द ही बड़ा कदम उठाया जाएगा और कर्नल इरफ़ान भी कल तक इंडिया पहुंच जाएंगे और हम यहीं बैठकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। मगर इस समय हमें यहाँ बुलाने का क्या उद्देश्य है

इस पर मारिया ने कहा यही तो असली बात है कि मैंने यूँ तुम दोनों अचानक यहाँ बुलाया है। तुम्हारे बाबा साईं की उम्र और उनका स्वास्थ्य तुम्हारे सामने है। वह अधिक दबाव सहन नहीं कर सकते और न ही किसी बड़ी भीड़ का नेतृत्व कर सकते हैं। और तुम यह जानते हो कि जो कुछ होने जा रहा है वह कोई छोटा कदम नहीं है, इसके लिए इंसान को बहुत अधिक दबाव सहन करने की हिम्मत होनी चाहिए और इस काम के बदले में जब भारतीय की सेना की ओर से हमला किया जाएगा तो घाटी में बहुत बड़ी भीड़ भी अपने अधिकारों के लिए इनकलेगी उसका नेतृत्व करना भी बहुत बड़ी समस्या है। ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि कोई बूढ़ा और बीमार आदमी इस आंदोलन का नेतृत्व करे। बल्कि उन्हें युवा खून की जरूरत है। जो न केवल मानसिक रूप से मज़बूत और स्वस्थ शरीर का मालिक हो और कठिन निर्णय कर सकें, बल्कि कठिन परिस्थितियों में वह अपनी जनता के साथ खड़े होकर उनका हौसला भी बुलंद कर सकें, और याद रखो जब नेता जनता के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो जाए तो दुनिया की कोई सेना उस जनता को हरा नहीं सकता।

मारिया की बातें कुछ कुछ फैजल और फग़ान की समझ में आ रही थीं। मगर यह सब कुछ मारिया के मुंह से ही सुनना चाहते थे कि क्या उन्हें कोई गलतफहमी न हो और कोई गलत बात मुँह से न निकल जाए। अब की बार फग़ान ने कहा यह बात तो आपकी ठीक है लेकिन हमें इस बात का विश्वास कैसे होगा कि आप पाकिस्तान सरकार से आई हो और आप भारतीय एजेंट नहीं हो ??? इस पर मारिया मुस्कुराई और बोली अगर मैं िबदियान एजेंट होती तो इसका मतलब है कि इंडिया को इस परियोजना के बारे में पता हो चुका है और अगर हमारे अंतिम वार से पहले किसी भी तरह इंडियन सरकार या सेना को इस आंदोलन के बारे में पता चल जाए तो तुम्हारे सहित तुम्हारा पूरा परिवार वह नष्ट कर देंगे। यह बात आप अच्छी तरह से जानते हैं। मारिया की बात में दम था और इस बात ने फैजल और फग़ान को सोचने पर मजबूर कर दिया था। फिर फैजल ने पूछा कि लेकिन आप हमसे क्या चाहती है?

मारिया ने फैजल की तरफ देखा और फिर कुछ देर फग़ान की आँखों में आँखें डाल कर देखती रही, फिर बोली तुम दोनों में से कौन है जो अपने आप को इस योग्य समझता है कि वह इंडियन सेना और सरकार के खिलाफ जनता के साथ खड़ा होकर उनका नेतृत्व कर सके ??? इस पर दोनों ने एक ज़ुबान में कहा, मैं ऐसा कर सकता हूं।दोनों की आवाज़ एक साथ ऐसे आई थी जैसे वह हां में एक दूसरे से आगे जाना चाहते हैं। फिर दोनों एक दूसरे देखने लगे तो मारिया ने कहा, हां मुझे पता है कि तुम दोनों इस लायक हो। मगर सोचने की बात यह है कि तुम दोनों में निपुण कौन है? इस बार फिर दोनों ने एक ज़ुबान होकर कहा आप आज़मा कर देख लें हर परीक्षा में पूरा उतरूँगा . वास्तव में उन दोनों के दिमाग में यह बात आ चुकी थी उनके पिता का खेल अब खत्म हो चुका है और पाकिस्तान सरकार इन दोनों में से किसी एक को घाटी की स्वतंत्रता के बाद यहाँ की सरकार देना चाहती है। मगर वह खुल कर उसको व्यक्त नहीं कर पा रहे थे

 
मारिया ने फैजल की तरफ देखा और फिर कुछ देर फग़ान की आँखों में आँखें डाल कर देखती रही, फिर बोली तुम दोनों में से कौन है जो अपने आप को इस योग्य समझता है कि वह इंडियन सेना और सरकार के खिलाफ जनता के साथ खड़ा होकर उनका नेतृत्व कर सके ??? इस पर दोनों ने एक ज़ुबान में कहा, मैं ऐसा कर सकता हूं।दोनों की आवाज़ एक साथ ऐसे आई थी जैसे वह हां में एक दूसरे से आगे जाना चाहते हैं। फिर दोनों एक दूसरे देखने लगे तो मारिया ने कहा, हां मुझे पता है कि तुम दोनों इस लायक हो। मगर सोचने की बात यह है कि तुम दोनों में निपुण कौन है? इस बार फिर दोनों ने एक ज़ुबान होकर कहा आप आज़मा कर देख लें हर परीक्षा में पूरा उतरूँगा . वास्तव में उन दोनों के दिमाग में यह बात आ चुकी थी उनके पिता का खेल अब खत्म हो चुका है और पाकिस्तान सरकार इन दोनों में से किसी एक को घाटी की स्वतंत्रता के बाद यहाँ की सरकार देना चाहती है। मगर वह खुल कर उसको व्यक्त नहीं कर पा रहे थे

मारिया ने उन दोनों के सरकार पाने के लालच को देखकर अंतिम फैसला कर लिया कि वो अब खुलकर बात करेगी। मारिया ने अब थोड़ा धीमे स्वर में उनसे पूछा कि आप दोनों ही सरकार प्राप्त करना चाहते हो और यहाँ पर राज करना चाहते हैं। ठीक कह रही हूँ ना मैं। इस पर फग़ान तो चुप रहा मगर फैजल ने एक शातिर मुस्कान दी और बोला जाहिरी बात है जी, पावर का नशा किसे नहीं होता ???

इस पर मारिया ने कहा फिर तुम्हें इस बात की भी समझ आ गई होगी कि लोकाटी साहब के होते हुए ऐसा संभव नहीं ??? यह कह कर मारिया ने बारी बारी दोनों के चेहरे के भाव देखे, मगर वहाँ परेशानी या क्रोध की बजाय ऐसे आसार थे जैसे वह कुछ सोच रहे हों या आगे का फैसला कर रहे हैं।

फिर फग़ान बोला हां जाहिर सी बात है बाबा साईं के होते हुए हम दोनों में से किसी को भी सरदारी नहीं मिल सकती। इस पर मारिया ने कहा कि पाकिस्तान सरकार इस काम में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती। बल्कि चाहती है कि उनका किस्सा उनके बेटों में से ही कोई तमाम कर दे।

मारिया की बात सुनकर कमरे में सन्नाटा छा गया और काफी देर तक कोई न बोला। मगर फिर एकदम फग़ान ने अपने होंठ खोले और बोला कब करना है यह काम ??

उसकी यह बात सुनकर मारिया के चेहरे पर मुस्कान आ गई और बोली अभी नहीं करना जब कर्नल साहब यहाँ आ चुके होंगे और आजादी के आंदोलन की घोषणा होने ही वाला होगी, इस घोषणा से पहले यह काम करना होगा और तब हम उसका आरोप हिन्दुस्तानी सेना पर डाल देंगे और आप में से किसी एक को पाकिस्तान सरकार अगला प्रधान चुनकर उसी से न केवल स्वतंत्रता आंदोलन की घोषणा कराएगी बल्कि अपने सैनिकबलों को भी तुम लोगों की सहायता के लिए भेज देगी।

अब की बार फैजल ने हस्तक्षेप किया और बोला लेकिन हम दोनों में से सरदार किसे चुना जाएगा? जो यह काम करेगा उसे या फिर किसी और को? और पाकिस्तान सरकार को कैसे मालूम होगा कि यह काम किसने किया? हो सकता है यह काम मैं करूँ मगर पाकिस्तान सरकार समझे कि यह फग़ान किया है ??? उसके स्वर में स्पष्ट बैर नजर आ रहा था अपने सगे भाई के लिए।

इस पर समीरा मुस्कुराई और बोली उसकी चिंता मत करो, जो सरकार इतना बड़ा आंदोलन शुरू करवा सकती है उसके लिए यह मुश्किल नहीं कि वो तुम दोनों में से सही पात्र व्यक्ति का चयन ना कर सके। और यह भी संभव है कि घाटी के पाकिस्तान मे विलय के बाद उसके 2 राज्य बना दिए जाए और तुम दोनों को ही एक एक राज्य दे दिया जाए। मगर इस बारे में तुम लोगों को अभी अंतिम रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता क्योंकि मुझे खुद भी इस मामले के बारे में पता नहीं है, लेकिन जो होगा अच्छा ही होगा।और अगर कोई एक भी चुना गया तो उसके लिए भी पहले लोकाटी का सफाया होगा।

फिर कुछ देर कमरे में चुप्पी छाइ रही और उसके बाद मारिया ने ही इस चुप्पी को तोड़ा और बोली- अब तुम्हारे भविष्य का फैसला तुम्हारे हाथ में है, अगर आपने ऐसा कर दिखाया तो तुम दोनों का ही भविष्य उज्ज्वल होगा।यह कह कर मारिया ने कहा ठीक है अब तुम लोग जाओ, लेकिन याद रखना अब यह बात सिर्फ हम तीनों के बीच रहेगी, और उचित समय आने पर ही यह काम करना है जल्दी करने की कोई जरूरत नहीं इस काम में नहीं तो अपना ही नुकसान होगा। मारिया की इस बात पर उन दोनों ने कहा ठीक है हम उचित समय का इंतजार करेंगे और दोनों वापसी के लिए चल पड़े।

अभी वह दरवाजे के पास ही पहुंचे थे कि मारिया ने कहा फैजल तुम रुको तुमसे एक और बात भी करनी है, फग़ान तुम जाओ अपने कमरे में। यह सुनकर फग़ान कमरे से निकल गया जबकि फैजल वहीं कमरे में ही रुक गया। फग़ान के जाने के बाद मारिया ने फैजल को दरवाजा बंद करने को कहा, फैजल ने धीरज के साथ दरवाजा बंद कर दिया और मारिया के पास आया तो मारिया ने मुस्कुराते हुए पूछा कि दोपहर में जब तुम मुझे हवेली दिखा रहे थे मैंने देखा कि तुम्हारी नजरें मेरे शरीर पर ज़्यादा केंद्रित थीं, ऐसा क्यों ??? यह सुनकर फैजल को एकदम चुप हो गया और उसकी समझ में कुछ नहीं आया कि वह इस बात का क्या जवाब दे।

फैजल को चुप देखकर मारिया ने फिर उससे कहा कि तुम्हारी निगाहें मेरे सीने पर थी, आखिर क्या देखना चाह रहे थे तुम। इस पर भी फैजल चुप खड़ा रहा और कोई एक बात भी मुंह से नहीं निकाली उसने .

फैजल को यूँ चुप देखकर मारिया ने अपने शरीर से चादर हटा दी और बोली लो अब जी भर कर देख लो मेरा शरीर। जैसे ही फैजल की दृष्टि मारिया के शरीर पर पड़ी तो वह अपनी आंखें झपकाना भूल गया था, मारिया वही नाइटी पहने थी जो अभी कुछ देर पहले ही पहन कर वह लोकाटी के साथ सेक्स कर रही थी। सेक्सी ब्रा में बड़े बड़े मम्मे आपस में मिलकर सेक्सी क्लीवेज़ बना रहे थे और उसके नीचे नेट की नाइटी से मारिया का सारा शरीर झलक रहा था जबकि उसके पेट से नाइटी वैसे ही हटी हुई थी और उसकी नाभि दिख रही थी, नीचे मात्र पैन्टी मारिया ने पहन रखी थी उसके नीचे मारिया के पैर बिल्कुल नंगे थे। मारिया को इतनी सेक्सी पोशाक में देखकर फैजल अपनी नज़रें झपकाना ही भूल गया। फैजल को यूँ अपनी तरफ देखते हुए पाकर मारिया ने प्रसन्नता से कहा अब यूँ ही देखते रहोगे या कुछ करोगे भी ??? अभी तुम्हारे बाबा साईं के लिए पहनी थी यह नाइटी मगर मेरे अंदर 4, 5 धक्के लगा कर ही वह खुद तो फारिग हो गए और मुझे वैसे ही प्यासा छोड़ दिया, क्या अब तुम मेरी प्यास बुझाओगे ???

 
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