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लंड जीजा का चूत साली की - [भाग 1]

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Administrator
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18 साल की जवानी जब लंड मांगती हैं तो कभी कभी लड़की कुछ ऐसे काम कर लेती हैं की बाद में चूत फट जाती हैं. ऐसा ही कुछ पाप मेरे हाथ से भी हो गया था जब मेरी जवान चूत में मैंने अपने जीजा सुभाष यादव का लंड लिया था. 29 साल के जीजा ने जब मेरी प्यासी चूत में अपना बांस जितना लम्बा लंड दिया तब मैं उसके वीर्य से गर्भवती तक हो गई थी और फिर उसने पैसे दे के बच्चा गिरवा दिया था. आइये आप को कैसे मैंने जीजा के साथ अपने चूत की आतिशबाजी करवाई उसकी पूरी दास्तान बताती हूँ.

बरसात की रात जीजा जी के साथ

तब मैं अपने कोलेज के वेकेशन में जीजी के वहाँ गई थी. मेरी जीजी नर्स हैं और वो एक अस्पताल में काम करती हैं, वैसे उसकी दिन की ही शिफ्ट रहती हैं लेकिन बरसात की सीजन की वजह से एक दो नर्स नाईट शिफ्ट में आ नहीं सकी इसलिए जीजी को नाईट करनी पड़ी. सुभाष जीजा जी रेलवे में इंजीनियर हैं और वो दोपहर के 4 बजे तक आ जाते हैं. मैं दिखने में थोड़ी सांवली हूँ इसलिए कोलेज के लड़के मुझे लाइन नहीं देते हैं. वैसे मैंने एक दो बार लेस्बियन सेक्स का मजा चखा था लेकिन मेरी चूत अभी तक लंड के मामले में वर्जिन थी. मैंने शाम को कढ़ी चावल बनाये जिसे जीजा जी ने तारीफ़ कर कर के खाए और फिर जब रात हुई तो मैं सोने के लिए अपने कमरे में चली गई. चद्दर में खुद को ढँक के मैंने अपने मोबाइल की गेलरी से ब्ल्यू फिल्म की क्लिप देखि और अपनी बालो से भरी हुई चूत में ऊँगली करनी चालू कर दी. दो मिनिट की क्लिप जैसे एकदम ही ख़तम हो जा रही थी और मेरी चूत में से पानी भी आने लगा था. मेरे तन बदन में आग सी लगी थी और मेरा बदन कांप सा रहा था. मैंने चद्दर में ही चूत को शांत किया और फिर मोबाइल का फ्लेप बंध किया. मैं उठ के पानी पिने के लिए किचन की तरफ गई तो देखा की जीजा जी बैठक रूम में बैठे डिस्कवरी चेनल के शेर देख रहे हैं. मैंने पानी पी लिया और मैं भी जीजा जी के पास बैठ गई.

जीजा जी ने मेरी तरफ देखा और पूछा, "अरे नंदिनी नींद नहीं आ रही हैं क्या.?"

मैंने कहा, "नहीं जीजा जी मुझे प्यास लगी थी इसलिए नींद उड़ गई. आप क्यों नहीं सोएं?"

जीजा ने कहा, "मेरे घुटने में दर्द हैं. वैसे तुम्हारी जीजी मसाज कर देती हैं गरम तेल का तो ठीक ही जाता हैं लेकिन आज कुछ ज्यादा ही दर्द हैं."

मैंने कहा, "मैं कर देती हूँ मसाज. आप जाएं कमरे में मैं तेल ले के आती हूँ."

जीजा खीचकने वाले भाव से मेरी और देखे और वो टीवी बंध कर के चुपचाप कमरे में चले गए. यकीन मानिए मित्रो यहाँ तक मेरी चूत में जीजा के लंड को भरने की कोई कपटनिति नहीं थी. लेकिन आगे जो हुआ वो ना होता तो ही अच्छा था. मैंने एक छोटी बाउल में तेल को थोडा सा गरम कर के जबी कमरे में गई तो देखा की जीजा ने एक लुंगी डाल ली थी और वो पलंग के उपर लेट गए थे. उनके घुटनों तक का भाग खुला था और वो एक किताब को पढ़ रहे थे. मैंने बाउल को मेज के ऊपर रखा और मैं पलंग की धार के पास बैठ गई. जीजा ने मेरी तरफ देखा और अपने पाँव अंदर की और सरका लियें. मैंने अपनी हथेली में हल्का सा गरम तेल लिया और जीजा के घुटनों के ऊपर मलने लगी. जीजा जी ने आँखे बंध की; शायद उन्हें घुटने छूने से दर्द हो रहा था. तभी मेरी नजर जीजा जी की लुंगी के ऊपर पड़ी. उनके लंड के पास वाला हिस्सा खड़ा हुआ था और तभी मेरी नजर बिस्तर के कोने से थोड़ी बहार आई किताब पे गई. शायद जीजा ने मेरे आने से पहले पोर्न मैगज़ीन देखी थी और अब यह हिंदी किताब पढने की एक्टिंग कर रहे थे. मरी चूत में हलकी सी आग लगी और मैंने मनोमन सोचा की क्यूँ ना अपनी देसी चूत का ओपनिंग जीजा जे लंड से करवा लूँ..? मेरे मन में कई सवाल उभर आये जैसे की, यह तो पाप हैं ना? अरे पाप हैं लेकिन जीजा को खुश रखना मेरा फर्ज भी तो हैं? मैं यही विडम्बनाओं में भरी थी और घुटनों को मल रही थी. मेरा सारा ध्यान हालंकि जीजा के लंड ने बनाये तंबू के उपरही था.

जीजा का लंड छू के देख लिया

मैंने सोचा की चलो थोडा पहल कर के देखती हूँ अगर जीजा ने अपना लंड देने की तैयार बताई तो मैं ले ही लुंगी वरना घुटनों की मालिश कर के बात यही खत्म कर दूंगी. और अपने प्लान को अंजाम देने के लिए मैंने हलके से जीजा की जांघ की तरफ ऊँगली बढाई. जीजा जी ने कोई हलनचलन नहीं बताई इसका मतलब वो मेरा ऐसा करने में राजी ही थे. मैंने जांघ के उपर हलके से मसाज की फिर भी जीजा जी कुछ नहीं बोले. मेरी हिम्मत और भी खुल गई और मैंने बिना कुछ सोचे समझे हाथ फिसलने का नाटक किया. और इस नाटक में मैंने जानबूझ के अपने हाथ को जीजाजी के लंड की तरफ बढ़ा दिया. वाओ क्या गर्म लौड़ा था जीजा जी का. मेरे हाथ लौड़े के ऊपर घिस गए और मैंने हाथ वापस घुटनों के उपर ले लिए. अब की ऐसा नहीं हुआ की जीजा जी नहीं हिले; बल्कि उन्होंने जो किया वो मैंने सपने में भी नहीं सोचा था.

जीजा जी ने अपनी लुंगी को लंड के ऊपर से हटाई और अपने लम्बे काले नाग को मुझे बताते हुए बोले, "नंदिनी यहाँ पे भी मालिश कर ही दो तेल से. तुम्हारी दीदी यहाँ की भी मालिश कर के देती हैं मुझे."

अब मैं समझ गई की जीजा ने मेरी कच्ची चूत मारने के लिए ही यह मालिश का नाटक किया था. लेकिन जीजा का पोर्नस्टार जैसा लम्बा लंड देख के मैं भी उसे छुए बिना नहीं रह सकी. मेरे हाथ में आके लंड के आकार में जैसे की व्रुध्धि होने लगी.जीजा ने कैसे मुझे कस के चोदा वो अगले भाग में पढना ना भूलें...!
 
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