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रिया की मादक सिसकियाँ

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Hindi sex stories, antarvasna: मैं पिछले 8 महीनों से अपने घर पर ही था मेरी तबीयत ठीक नहीं थी जिस वजह से मुझे अपने ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ी और मैं कुछ समय घर पर ही था। मेरी तबीयत धीरे धीरे ठीक होने लगी थी और फिर मैंने अपना ऑफिस ज्वाइन कर लिया था। जब मैं ऑफिस गया तो ऑफिस में मुझे कुछ नए चेहरे दिखाई दिए। मेरी मुलाकात पहली बार विभा से ऑफिस में हुई और जब मैं पहली बार उससे मिला तो मुझे पहली ही मुलाकात में वह अच्छी लगने लगी थी। हम लोग साथ में अक्सर लंच किया करते तो मुझे भी विभा के बारे में काफी कुछ जानकारी पता चलने लगी थी। विभा की फैमिली में उसके पापा मम्मी और उसके एक बड़े भैया हैं जिनकी शादी कुछ समय पहले ही हुई है। विभा बहुत ही अच्छी लड़की है और उससे बात कर के मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। जब भी वह मुझसे बातें करती तो मुझे काफी अच्छा लगता है और कभी भी अगर मैं परेशान होता तो मैं विभा से बात कर लिया करता जिससे कि हम दोनों के बीच अंडरस्टैंडिंग बहुत ही अच्छे से बनने लगी थी।

हम दोनों की जिंदगी में भी कहीं ना कहीं काफी कुछ समानताएं थी जिस वजह से मेरे और विभा के बीच की नजदीकियां बढ़ने लगी थी। मैं विभा को चाहने लगा था लेकिन मैंने विभा से कभी भी अपने दिल की बात नहीं कही और मैंने अपने प्यार का इजहार भी उससे नहीं किया था। विभा के परिवार वाले उसकी शादी करवाने के लिए तैयार थे। जब विभा ने मुझे अपनी सगाई के बारे में बताया तो मैं थोड़ा हैरान जरूर था लेकिन मैं उससे कुछ भी ना कह सका और मेरे दिल की बात मेरे दिल में ही दबी रह गई। विभा की सगाई कुछ समय बाद ही हो गई और जब उसकी सगाई हुई तो मुझे उसे अपने दिल की बात बताने की कोशिश करनी थी लेकिन यह मेरे लिए इतना आसान नहीं था। हम दोनों एक दूसरे के साथ में काफी लंबे समय से थे और मैं उसे दिल ही दिल बहुत चाहता हूं लेकिन मैं उसे अपने दिल की बात कह ना सका। मुझे अपनी जिंदगी में आगे तो बढ़ना ही था और विभा की सगाई हो जाने के बाद उसकी शादी भी तय हो गई।

मैं उसकी शादी में भी गया था उसे मैंने उसकी शादी की बधाई दी और उसके जीवन के लिए मैंने उसे शुभकामनाएं दी। अब मेरी जिंदगी कहीं ना कहीं थम सी गई थी और मुझे लगने लगा था कि क्या मुझे विभा को अपने दिल की बात कहनी चाहिए थी। मैं इसी सोच में अक्सर डूबा रहता और मेरे दिमाग में ना चाहते हुए भी यह ख्याल आ ही जाता था। मुझे अक्सर लगता कि क्या मुझे उसे अपने दिल की बात कह देनी चाहिए थी? मेरे दिल और दिमाग में अक्सर यही बात आती और एक दिन मैं जब विभा से मिला तो मुझे उससे मिलकर अच्छा लगा। काफी लंबे समय के बाद मैं उससे मुलाकात कर रहा था करीब 6 महीने हो चुके थे और 6 महीने के बाद मेरी उससे मुलाकात हुई तो मुझे काफी अच्छा लगा। मैंने उससे उसके हालचाल पूछे तो उसने मुझे बताया कि उसकी जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा है और उसके हसबेंड उसका बहुत ध्यान रखते हैं। विभा अब जॉब नहीं करती है और वह घर की जिम्मेदारी को निभा रही है लेकिन उससे मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा और हम लोगों ने उस दिन साथ में काफी अच्छा समय बिताया।

मुझे अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना ही था और मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने लगा और अब मेरे लिए यह सब इतना आसान नहीं था कि मैं विभा को भुला पाऊं। विभा को भुला पाना मेरे लिए इतना आसान नहीं था परंतु फिर भी मैं अब अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था। मेरी जिंदगी में जब रिया ने कदम रखा तो मेरी लाइफ पूरी तरीके से बदलने लगी। रिया और मेरी मुलाकात एक पार्टी के दौरान हुई और उस पार्टी के दौरान हम दोनों बहुत ज्यादा करीब आ गए और उस दिन के बाद हम दोनों एक दूसरे को डेट करने लगे। मैं जब भी रिया को मिलता तो मुझे काफी अच्छा लगता और रिया भी बहुत ज्यादा खुश होती जब भी वह मेरे साथ होती। मैं चाहता था कि रिया से मैं जल्द से जल्द शादी कर लूं। मैंने रिया से इस बारे में बात की तो रिया ने मुझे कहा कि उसे अपने करियर को लेकर काफी चिंता है और वह अपने करियर को लेकर बहुत सीरियस है इसलिए उसे थोड़ा समय चाहिए।

मैंने भी रिया से कुछ नहीं कहा और हम दोनों का रिलेशन एक दूसरे के साथ चल रहा था परंतु मुझे कई बार लगता कि मुझे रिया से शादी कर लेनी चाहिए लेकिन रिया इस बात के लिए तैयार नहीं थी इस वजह से मैं रिया से शादी नहीं कर पाया। हम दोनों एक दूसरे को रोज मिलते हैं और जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हमें बड़ा ही अच्छा लगता। मैं अपने ऑफिस के काम के चलते कुछ ज्यादा ही बिजी रहता हूं इस वजह से मुझे समय बिल्कुल भी नहीं मिल पाता। मेरे पास जितना भी समय होता है उतना मैं रिया के साथ बिताने की कोशिश करता हूं। रिया और मैं एक दूसरे के साथ रिलेशन में बहुत ज्यादा खुश हैं हम दोनों को एक दूसरे का साथ बहुत ही अच्छा लगता है। हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार भी करते हैं यही वजह है कि हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझते हैं। मैं रिया को बहुत ही अच्छे से समझता हूं और वह भी मेरे साथ हमेशा ही खुश रहती है। मैंने एक दिन सोचा कि क्यों ना मैं रिया के साथ मूवी देखने का प्रोग्राम बनाऊं। मैंने रिया को उस दिन फोन किया, रिया घर पर ही थी और उसने मुझे कहा कि वह थोड़ी देर बाद तैयार होकर मुझे मिलेगी।

मैंने भी रिया से कहा कि ठीक है मैं तुम्हारे घर के बाहर एक घंटे बाद आता हूं। रिया भी तैयार हो चुकी थी और जब मैं एक घंटे के बाद रिया के घर के पास गया तो वह तैयार हो चुकी थी और उसके बाद वह मुझे मिली। जब हम दोनों एक दूसरे को मिले तो मैं और रिया मूवी देखने के लिए गए। हम दोनों ने मूवी देखी तो हम दोनों को बड़ा अच्छा लगा जब उस दिन हम दोनों ने साथ में अच्छा समय बिताया और एक दूसरे के साथ हम दोनों बहुत ही खुश हैं। मैं जिस तरीके से रिया के साथ अपनी जिंदगी बिता रहा हूं उससे मुझे बड़ा ही अच्छा लगता है और वह भी बहुत ज्यादा खुश है। हम दोनों की जिंदगी बड़े ही अच्छे से चल रही है और कहीं ना कहीं हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझते हैं इसी वजह से हम दोनों की लाइफ बड़े अच्छे से चल रही है। मैं बहुत खुश हूं कि रिया मेरी जिंदगी में आई। जबसे मेरी जिंदगी में रिया ने कदम रखा है तब से मेरी लाइफ पूरी तरीके से बदल चुकी है और वह मेरी जिंदगी का एक अहम हिस्सा है जिसके बिना शायद मैं अधूरा हूं। एक दिन मैं रिया से फोन पर बातें कर रहा था, उस दिन हम दोनों के बीच फोन सेक्स हुआ।

हम दोनो के बीच कई बार फोन सेक्स भी हो चुका था। हम दोनों अब शारीरिक सुख का मजा लेना चाहते थे। जब उस दिन हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स करने के बारे में सोचा तो मैं बहुत ज्यादा खुश था। मैं रिया के साथ उस दिन अपने घर पर था।मैंने जैसे ही रिया के गुलाबी होठो पर अपनी उंगली लगाई तो वह मचल रही थी। अब वह मेरे लिए बहुत तडप रही थी और मैंने रिया के होंठो को चूम लिया था। जब मैंने रिया के होंठो को चूमा तो वह खुश हो चुकी थी और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था। अब हम दोनो के बदन एक दूसरे की बांहो मे थे। मैंने जैसे ही उसके होंठो को चूमकर उसके होंठो से खून निकाला तो वह मचल उठी थी। अब हम दोनो ही रह नहीं पा रहे थे लेकिन जब मैंने रिया के कपडो को खोला तो वह गरम हो रही थी और मैं भी गरम हो गया था।

मैंने उसके स्तनो का रसपान करना शुरू किया। जब मैंने उसके स्तनो का रसपान करना शुरू किया तो वह मचल उठी थी और मै भी मचल रहा था। मैंने जब उसकी चूत को भी चाटा तो वह मुझे अपने पैरो के बीच मे जकड रही थी। जब वह मुझे अपने पैरो के बीच मे जकड रही थी तो मै समझ चुका था उसकी चूत मेरे लिए तडप रही है। मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाने का फैसला कर लिया था। जब मैंने रिया की चूत पर अपने लंड को सटाया तो उसकी चूत गिली हो चुकी थी और मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया था। जब मेरा लंड रिया की चूत मे गया तो मुझे मजा आ गया था और मैं अब उसे तेजी से चोदने लगा था। मैं उसे चोदता ही जा रहा था और मेरे धक्के बढ चुके थे जब मे उसे चोद रहा था और मुझे बहुत मजा आ रहा था।

रिया की सिसकारियां बढती ही जा रही थी और मै उसे तेजी से धक्के मारता। वह बहुत ही गरम हो चुकी थी अब हम दोनो गरम हो गए थे। मेरा लंड मेरे अंडकोषो से बाहर निकलने को तैयार था और जैसे ही मेरा वीर्य गिरा तो मुझे मजा आ गया था। रिया ने मुझे कहा मुझे दोबारा से चोदो। मैंने उसकी चूतडो को अपनी तरफ किया और मै उसे तेजी से चोद रहा था। वह मुझसे अपनी चूतडो को टकरा रही थी। वह मुझे कहती मुझे तेजी से चोदो। मै उसे बहुत ही तेजी से धक्के दिए जा रहा था और वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी। अब हम दोनो ही रह नहीं पा रहे थे। जब वह झड गई तो वह अपनी चूतडो को मेरे सामने किए हुए थी और मैं उसे बहुत तेजी से चोदता। जिस से मेरा वीर्य उसकी चूत मे गिर चुका था और मैं बहुत ही खुश था।
 
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