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मेरे मोबाईल ने लड़की दिलाई

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Administrator
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हाई दोस्तों,

कॉल सेंटर में चुदाई नही होगी तो कहा होगी ? दोस्तों मेरा नाम रितेश हे और मैं दिल्ली में काम करता हू एक कॉल सेंटर में | यहाँ अक्सर लड़किया चुदती रहती हे ये मुझे यहाँ आने से पहले से ही पता था | मेरे साथ एक लड़की और काम करती थी जो काम होने के बाद मेरे साथ ही कैब में जाती थी | एक रात की बात हे जब हमारा काम खतम हुआ तो मैं मूतने के लिए गया, और उसी वक्त उसी लड़की को मुझसे कुछ काम था तो वो मुझसे पूछने के लिए मेरे पीछे पीछे आ रही थी | मैं टोइलेट चला गया और फिर वहा से मैं एक कमरे में गया जो पहले कांफ्रेंस रूम हुआ करता था | मैं उस रूम में गया और बैठ के ब्लू फिल्म देखने लग गया मोबाईल में क्युकी कैब छे बजे आती थी और उस वक्त साडे चार बज रहे थे | मैं मस्त में देख ही रहा था की वो अंदर आ गयी, और मई हडबडी में फिल्म बंद करने के जगह मेने मोबाईल को उल्टा रख दिया और फिल्म चल रही थी |

वो मुझसे बातें कर रही थी और फिर व बात करते करते उसने मेरे मोबाईल को उठा लिया और देखने लग गयी | वो एक दम से चुप हो गयी और मेरी सुख गयी की लोडा ये क्या हो गया अब ये क्या सोचेगी | उसकी साँसे मनो एक दम से रुक गयी थी, मैं उसे कुछ पल के लिए कुछ नही बोला और फिर उसके हाथ को पकड़ के उससे पूछें वाला था की क्या हुआ तो मेने देखा की उसका शारीर एक दम गर्म हे | मेने उसके हाथ से मोबाईल ले लिया और अपने पॉकेट में रख लिया तो वो मुझे बहुत अजीब नजरो से देख रही थी जेसे मानो उसे सेक्स की प्यास लगी हो | मेने सोचा मोका अच्चा हे तराई करता हू लग गया तो ठीक वरना जो होगा देखा जायेगा |

मेने उसके हाथो को पकड़ा और उसके होठो पे चूम लिया तो वो कुछ नही बोली और मेरा साथ देने लग गयी | मेने उसे कस के गले लगा लिया और उसके होठो को कस कस के चूसने लग गया और वो एक दम मस्त हो गयी और मुझे कसने लग गयी | मेने उसके सूट के अंदर हाथ डाल के उसके पीठ पे हाथ फेरने लग गया तो वो भी मेरे पीठ को मसलने लग गयी | मैं हाथ फेरते फेरते उसके ब्रा का हुक खोल दिया और फिर उसके चुचो को सामने से मसलने लग गया, वो एक दम से सिसकिय भरने लग गयी और मेरे होठो को काटने लग गयी | मेने सामने से सूट उठा दिया और उसके दोनों निप्पलो को बारी बारी से च्सुने लग गया | मेने अपने लंड को बहार निकाल दिया तो वो उसे पकड़ के कस कस के मसलने लग गयी |

दो मिनट के बाद मेने उसके पजामे का नाडा खोल दिया और उसे एक कुर्सी पे बिठा दिया और उसके दोनों टांगो को कुर्सी के हेंडल पे रख दिया और उसकी चिकनी चुत पे लंड रगड़ने लग गया | वो अजीब अजीब सी आवाजे निकालने लग गयी और मेने कुछ देर रगड़ने के बाद मेने धक्का देना शुरू कर दिया तो वो दर्द से चीखने लगी तो मेने झट से उसके होठो पे होठ रख दिए और अंदर डालता गया और बहुत मेहनत के बाद चुत के सीमा तक पहुच ही गया | कुर्सी पे खून लग गया पर मेरा लंड खून से लत पट हो गया | मेने इन सब को अन्धेका किया और धक्के देना शुर कर दिया, तिन मिनट में उसका दर्द गायब हो गया और वो मस्त में कराहने लग गयी और वो भरपूर मजा लेने लग गयी | वो मेरे गर्दन को पकड़ के मुझे अपनी तरफ खिचती रही और में कस कस के पेलता गया | करीब पन्द्रह मिनट बाद मैं लंड निकाल के उसके पेट पे मुठ गिरा दिया |

हम दोनों ढीले पड गए और उसके चेहरे पे अजीब सी सुकून सी दिकाही पड रही थी, सब कुछ होने के बाद मेने कुर्सी को कोने पे उल्टा ररख दिया और फिर हम दोनों साफ़ और ठीक हुए और उसके बाद वो मुझे किस करने लगी और फिर किस करते हुए बोली की आज का दिन में कभी नही भूलूंगी और क्या तुम मुझसे शादी करोगे ? मैं क्चुह नही बोल पाया और बस हाँ में सर हिला दिया |
 
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