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मेरी पहली चुदाई में रंडी की हुई जमकर ठुकाई

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कुछ देर बाद वो लड़की आयी और उसने मुझसे पैसे मांगे. तो मैंने बड़ी ही मासूमियत से कह दिया कि पैसे तो मैंने सारे उस बुढ़िया को दे दिए हैं. ये सुन कर शायद वो गुस्सा हो गई थी पर अब उसे तो मुझसे चुदना ही था. इधर अब तक मैं अपनी फटी हुई गान्ड़ को जोड़ने की कोशिश कर ही रहा था कि इसी बीच उसने अपनी जीन्स उतार दी. जब मैंने उसकी तरफ देखा तो पाया कि उसने पैंटी नहीं पहन रखी थी…

हेलो दोस्तों! मेरा नाम सनी (बदला हुआ नाम) है और मैं उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर से हूँ और मेरी उम्र 18 साल है. मैं दिखाने में भी काफी आकर्षक हूँ और एक अच्छे – खासे शरीर का मालिक भी हूँ. मेरी हाइट 5 फिट और 6 इंच है और मेरा लन्ड भी करीब 6 इंच लम्बा है.

दोस्तों, ये मेरी पहली कहानी है अगर इसमें कहीं कुछ गड़बड़ हो जाए तो मुझे माफ़ कर दीजियेगा. मेरी यह कहानी उस समय की है जब मैं 11वीं क्लास में था और उस समय मेरी नयी – नयी जवानी चढ़ी हुई थी. मैं अक्सर अपने लन्ड को हिला कर के अपने मन को शांत कर लिया करता था. लेकिन आप लोग तो जानते ही हैं कि सिर्फ हिला लेने से ही यह वासना कहाँ शांत होती है.

खैर, अब आप लोगों को ज्यादा बोर न करते हुए मैं सीधा अपनी कहनी पर आता हूँ. एक दिन मुझे सेक्स की बहुत इच्छा हुई. दो बार मुठ मारने पर भी मेरा मन नहीं मान रहा था तो मैंने अपने एक दोस्त से कहा – भाई, मुझे मीरगंज जाना है. अब बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं किया जाता है.

लेकिन दोस्तों मेरी फट भी बहुत रही थी और घबराहट भी थी क्योंकि मैं पहली बार मीरगंज जाने वाला था. शाम को करीब 8 बजे मेरे दोस्त ने मुझे फोन किया और कहा कि 200 रुपये तैयार रखना हम कल सुबह ही मीरगंज चलेंगे.

ये सुन कर तो मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा. मैं बहुत खुश था क्योंकि कल मुझे पहली बार चूत चुदाई का मौका मिलने वाला था. खैर, जैसे – तैसे मैंने रात बिताई और सुबह 4 बजे से ही उठ कर बैठा था. करीब 5 बजे मेरे उस दोस्त का फोन आया. उसने मुझसे कहा कि तुम जल्दी से मेरे कमरे पर आ जाओ. हम थोड़ी देर बाद उधर चलेंगे.

अब हम दोनों दोस्त करीब 7 बजे मीरगंज की गलियों में पहुंच गये. वहां का माहौल देख कर तो मेरी फट के हाथ में आ गई थी. वहां पर दिखाई देने वाली सारी की सारी लड़कियां मुझे बुला रही थी. वो सारी की सारी लड़कियां भी एक से बढ़ कर एक थीं. आज मेरे पास पूरा खुला मौका था. सब मेरी पसंद पर डिपेंड था. आज मैं इतनी सारी लड़कियों में से जिसे चाहूँ चोद सकता हूँ.

फिर मैंने हिम्मत कर के एक गोरी, पतली और बड़े – बड़े चूचे वाली लडकी पसंद कर ली. कसम से दोस्तों उसे देख कर तो लग रहा था कि ऐसी माल तो अब शायद मैं सपने में भी न चोद पाऊंगा.

अब मेरे दोस्त ने मुझसे कहा केवल 120 रुपये ही लेकर जा तू. अंदर जो बुढ़िया होगी उसमें से 100 रुपये उसको दे देना और बाकी के 20 रुपये लडकी को दे देना. लड़की खुश हो जायेगी और एक दम मजे से चुदेगी. फिर मैं अंदर चला गया.

अंदर पहुंचते ही वहां बैठी बुढ़िया ने मुझसे पैसे मांगे तो मैंने दोस्त के कहने के अनुसार 100 रुपये उसको दे दिया. इस पर उस बुढ़िया ने मुझसे कमरे का किराया माँगा. चूँकि मेरी तो पहले से ही फटी पड़ी थी इसलिए मैंने पास बचे वो 20 रुपयों को भी उसको दे दिया और चुपचाप कमरे में जाकर बैठ गया.

कुछ देर बाद वो लड़की आयी और उसने मुझसे पैसे मांगे. तो मैंने बड़ी ही मासूमियत से कह दिया कि पैसे तो मैंने सारे उस बुढ़िया को दे दिए हैं. ये सुन कर शायद वो गुस्सा हो गई थी पर अब उसे तो मुझसे चुदना ही था. इधर अब तक मैं अपनी फटी हुई गान्ड़ को जोड़ने की कोशिश कर ही रहा था कि इसी बीच उसने अपनी जीन्स उतार दी. जब मैंने उसकी तरफ देखा तो पाया कि उसने पैंटी नहीं पहन रखी थी.

कसम से दोस्तों, उस दिन मैं पहली बार किसी लड़की की चूत देख रहा था और उसकी चूत को तो देख कर मेरा तो जैसे खून ही सूख गया हो. फ़िर उसने हाथ बढ़ा कर मेरी पैंट की चैन खोल दिया और उसमें से मेरे लन्ड को बाहर निकाल लिया. दोस्तों, मेरी इतनी फटी हुई थी कि उसकी चूत को देख कर भी मेरा लन्ड खडा नहीं हो रहा था.

लेकिन अब जैसे ही उसने मेरे लन्ड को छुआ वैसे ही मेरे लन्ड में जान आ गई और फिर हिम्मत करके मैंने अपने लन्ड कॉन्डोम लगाया और फ़िर लन्ड को जैसे ही उसकी चूत के छेद पर रख कर धक्का दिया वैसे ही मेरा पूरा का पूरा लन्ड एक ही बार में उसकी चूत के अंदर घुस गया.

अब धक्कों का दौर चालू हो गया था और मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि मेरे लन्ड की चुदाई की वजह से वो चिल्ला रही है. मैं लगातार उसको चोदता रहा और वो ‘अ आह आह ई ईह ईह ऊह, आह चोदो मुझे और जोर – जोर से चोदो. चोद भोसड़ी वाले चोद आह’ चिल्लाती जा रही थी.

उसकी गाली सुन कर मुझे गुस्सा आ रहा था. जिस कारण मैं उसको और तेज – तेज चोदने लगा. मुझे समय का तो पता ही नहीं चल रहा था. 25 मिनट की चुदाई में करीब 200 धक्के लगाने के बाद मैं झड़ने वाला था. चूँकि मैंने पहले ही कॉन्डोम पहन रखा था इसलिए मैं उसके अंदर ही झड़ गया.

फ़िर मैंने हॉलीवुड फ़िल्मों की तरह चुदाई करने के बाद जब उसका नाम पूछा तो उसने कहा कि मेरा नाम खुशी है. चुदाई करने के बाद जब मैं वहां से बाहर निकलने लगा तो मुझे गेट पर पुलिस के दो सिपाही खड़े दिखाई दिए. जिन्हें देख कर मेरी तो बची हुई भी एक दम से फट गई. लेकिन शायद वो भी चोदने के लिए ही आये थे. उन लोगों मुझे कुछ नहीं बोला और फिर मैं वहां से निकल आया. जैसे ही मैं गली से निकला अपनी जान बचा कर भाग खड़ा हुआ.

तो दोस्तों, इस तरह से मैंने अपनी पहली चुदाई की. अगली कहानी में मै आपको बाकी की चुदाई के बारे में बताऊंगा.
आप को मेरी ये सच्ची कहानी कैसे लगी मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी –
 
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