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मुझे चुदने मे मजा बहुत आता है

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Antarvasna, hindi sex story: मैं अपने मायके जयपुर गई हुई थी जयपुर में मैं करीब 15 दिनों तक अपने मम्मी पापा के पास रही मेरे भैया भाभी विदेश में रहते हैं और वह लोग कम ही जयपुर जाया करते हैं इसलिए मैं अपनी मां से मिलने के लिए कभी कबार आ जाए करती हूं। मेरा रिजर्वेशन मेरे पति महेश ने करवा दिया था महेश से जब मेरी बात हुई तो उन्होंने मुझे कहा कि मैंने तुम्हारा रिजर्वेशन करवा दिया है और तुम्हें मैं तुम्हारी सीट नंबर भेज देता हूं। महेश ने मुझे मेरी सीट नंबर भेज दी और महेश ने मुझे बताया कि मेरी ट्रेन रात को है मैं अब स्टेशन पर आई लेकिन स्टेशन पर बिल्कुल भी भीड़ नहीं थी वहां पर काफी कम लोग नजर आ रहे थे। हालांकि ऐसा कभी होता नहीं है लेकिन उस दिन बहुत कम लोग नजर आ रहे थे मैंने जब महेश से बात की तो महेश मुझे कहने लगे कि क्या तुम स्टेशन पहुंच चुकी हो।

मैंने महेश को कहा कि हां मैं स्टेशन पहुंच चुकी हूं बस थोड़ी देर बाद ट्रेन आती ही होगी। मैं ट्रेन का इंतजार कर रही थी मैं करीब आधे घंटे पहले ही स्टेशन पहुंच चुकी थी इसलिए मैं ट्रेन का इंतजार कर रही थी मैं बार-बार स्टेशन पर लगी बड़ी घड़ी की तरफ देखती लेकिन घड़ी की सुई जैसी बड़ी धीमी गति से चल रही थी। अभी भी ट्रेन आने में 20 मिनट बचे थे तभी अनाउंसमेंट हुआ की ट्रेन आने में देरी हो सकती है मैं बहुत ज्यादा घबरा गई थी मेरे पास काफी सामान भी था और मैं सोचने लगी की ट्रेन पता नहीं कब तक आएगी मुझे नींद भी आ रही थी लेकिन ट्रेन एक घंटा देरी से आने वाली थी इसलिए मैं स्टेशन पर ही बैठी हुई थी। वहां आसपास अजीब अजीब तरह के लोग मुझे दिखाई दे रहे थे यह देखकर मुझे डर भी लग रहा था मैंने महेश को फोन किया तो महेश मेरा फोन नहीं उठा रहे थे शायद वह भी सो चुके थे तभी मेरे पास आकर एक परिवार बैठा और वह लोग आपस में बात करने लगे मैं इस बात से खुश थी कि कम से कम मेरे पास आकर वह परिवार तो बैठा।

मैं उनसे बात करने लगी वह लोग भी अहमदाबाद ही जाने वाले थे उनका पूरा परिवार जयपुर से अहमदाबाद जा रहा था और मुझे भी अहमदाबाद ही जाना था। जिस ट्रेन में मैं जाने वाली थी उसी ट्रेन में वह लोग भी जाने वाले थे हम लोग बात कर ही रहे थे कि तभी एक नौजवान लड़का आया मुझे नहीं पता था कि वह उनका बेटा है और उसी वक्त ट्रेन भी आगे से आती हुई नजर आई। ट्रेन आ चुकी थी मैंने भी जल्दी से अपना सामान उठाया और उस नौजवान लड़के ने मेरी मदद की और उसने भी मेरे साथ सामान को रख दिया। अब मैं ट्रेन में बैठ चुकी थी मेरी सांस में सांस आ चुकी थी की कम से कम मैं ट्रेन में बैठ चुकी हूं मैं जैसे ही ट्रेन में बैठी तो मुझे मेरे पति महेश का फोन आया और वह कहने लगे कि माधुरी मैं सो गया था। मैंने महेश को कहा कि महेश ट्रेन एक घंटा देरी से चल रही है तो महेश कहने लगे कि ठीक है माधुरी तुम सुबह तक तो पहुंच जाओगी मैंने महेश को कहा हां महेश मैं सुबह तक तो आ ही जाऊंगी। मैंने महेश को कहा कि आप सो जाइए महेश ने फोन रख दिया और मै भी सोने की तैयारी करने लगी मुझे भी बहुत गहरी नींद आ रही थी मैं अब सो चुकी थी। सुबह जब मेरी आंख खुली तो उस वक्त 7:00 बज रहे थे रात को मुझे काफी अच्छी नींद आई मैं अहमदाबाद पहुंच चुकी थी महेश मुझे लेने के लिए स्टेशन आ चुके थे। महेश जब मुझे लेने के लिए स्टेशन आए तो महेश ने मुझे कहा माधुरी तुम्हारे मम्मी पापा ठीक है तो मैंने महेश को कहा हां वह लोग ठीक हैं लेकिन कल ट्रेन देरी से चल रही थी इसलिए आने में देर हो गई। मैं और महेश घर पहुंच चुके थे मैंने महेश को कहा कि आज आप ऑफिस नहीं जा रहे हैं तो महेश मुझे कहने लगे कि माधुरी आज मेरा ऑफिस जाने का मन नहीं है। मैंने महेश को कहा आज आप घर पर ही रुकने वाले हैं तो महेश कहने लगे कि हां माधुरी आज मैं घर पर ही हूं मैंने महेश को कहा कि महेश मुझे बहुत तेज भूख लग रही है मैं कुछ बना देती हूं। महेश कहने लगे कि नहीं माधुरी तुम रहने दो मैं बाहर से कुछ ले आता हूं, हमारे घर के पास ही एक रेस्टोरेंट है महेश वहां पर चले गए और वह वहां से नाश्ता पैक करवा कर ले आये।

हम लोगों ने साथ में नाश्ता किया मैंने महेश को कहा आप अकेले थे कहीं आपको कोई परेशानी तो नहीं हुई महेश कहने लगे कि नहीं मुझे कोई भी परेशानी नहीं हुई मैंने मैनेज कर लिया था। महेश को खाना बनाने में बड़ी परेशानी होती है इस वजह से महेश बाहर से ही खाना ले आते थे। महेश घर पर ही थे इसलिए हम दोनों ने सोचा कि कहीं घूमने के लिए चलते हैं और हम दोनों घूमने के लिए चले गए। उस दिन साथ में हम लोगों ने मूवी देखी, काफी समय बाद हम लोगों ने साथ में मूवी देखी थी मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था, हम लोग साथ में मूवी देखकर बहुत खुश थे। महेश और मेरी शादी को अभी 3 वर्ष ही हुए हैं महेश के माता-पिता भी जयपुर में रहते हैं महेश और मेरी शादी जयपुर में ही हुई थी लेकिन महेश अपने मामा जी के साथ अहमदाबाद में रहने लगे। महेश के मामा जी ने ही महेश की नौकरी एक कंपनी में लगवाई अब महेश और मैं साथ में हमदाबाद में रहते हैं। महेश ने मुझे कहा कि क्या तुम मम्मी पापा से भी मिली थी मैंने महेश को बताया हां मैं उनसे भी मिली थी और मैं दो दिन वहां भी रही थी वह लोग भी अच्छे हैं। महेश के बड़े भैया और भाभी जयपुर में ही रहते हैं जयपुर में वह हैंडीक्राफ्ट का काम करते हैं अगले दिन महेश ऑफिस के लिए जा चुके थे और घर में राशन भी नहीं था तो मैंने सोचा कि पास की दुकान से राशन ले आती हूं और मैं वहां चली गई।

जब मैं राशन ले रही थी तो उस वक्त हमारे पड़ोस में रहने वाली ममता मुझे दिखाई दी मैं ममता से बात करने लगी। ममता मुझे कहने लगी कि माधुरी तुम काफी दिनों से दिखाई नहीं दी तो मैंने ममता को बताया कि मैं अपने मायके गई हुई थी। ममता और मैं बात कर ही रहे थे तभी मुझे वह नौजवान युवक दिखा जो ट्रेन में मेरे साथ आया था उसने मुझे देखते ही कहा भाभी जी आप यहां कैसे? मैंने भी उसकी तरफ देखते हुए कहा मैं तो यही रहती हूं। वह मुझे कहने लगा मैं अपने दोस्त के पास यहां आया हुआ था। मैंने उसे कहा चलो तुम घर पर चलो मैं उसे घर ले आई मैं उसे अपने साथ ले आई थी उसने मेरी मदद की उसने मेरे साथ घर का राशन लाने में मेरी मदद की जब हम दोनों घर पहुंचे तो मैंने उसे पानी दिया। हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे मुझे उसका नाम पता चला उसका नाम सोहन है मैंने सोहन से पूछा तुम क्या करते हो? सोहन मुझे कहने लगा भाभी जी अभी तो कॉलेज की पढ़ाई खत्म हुई है बस नौकरी की तलाश में हूं। वह मुझसे बड़े ही खुलकर बात कर रहा था मैं भी उससे बहुत देर तक बात करती रही लेकिन उस नौजवान युवक की चौड़ी छाती देखकर मैं अपने आपको कहां रोक पाती वह भी मेरी तरफ देख रहा था उसके बाद हम दोनों के बीच चुम्मा शुरू हो गया। जब हम दोनों के बीच जोरदार चुंबन हो रहा था तो मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और मैं उसके होठों को बड़े अच्छे तरीके से चूम रही थी मुझे उसके होठों को चूमने में बहुत आनंद आ रहा था, मेरी चूत से निकलता हुआ पानी बहुत ज्यादा बढ़ने लगा था मैं आप अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी। उसने अपने लंड को बाहर निकाला मैंने उसके लंड को अपने हाथ से हिलाना शुरू किया और उसके लंड को मैंने अपने मुंह के अंदर ले लिया मैंने उसके मोटे लंड को अपने मुंह में ले लिया था उसका लंड मेरे गले तक जा चुका था। जब उसने मेरे कपड़े उतारकर मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मैंने उससे कहा कि तुम और अच्छे से मेरे स्तनों को चूसती रहो वह बड़े ही अच्छे तरीके से मेरे स्तनों का रसपान कर रहा था मेरी चूत के अंदर उसने अपनी उंगली को डाल दिया।

मेरी चूत से निकलता हुआ पानी अब कुछ ज्यादा ही बाहर निकलने लगा था जैसे ही मैंने उसके सामने अपने दोनों पैरों को खोल दिया वह मेरी चूत को चाटने लगा। वह मेरी चूत को बड़े ही अच्छे तरीके से चाट रहा था जब वह मेरी चूत का आनंद लेता तो मुझे भी मज़ा आने लगा था मेरी चूत पूरी तरीके से चिकनी हो चुकी थी मेरी चूत के अंदर वह अपने लंड को डालने की तैयारी में था। सोहन ने अपने मोटे लंड को मेरी चूत के अंदर डाल दिया जैसे ही उसका लंड मेरी चूत के अंदर बाहर होना शुरू हुआ तो मुझे बहुत ही मजा आने लगा सोहन भी बहुत ज्यादा खुश था मैंने सोहन से कहा इससे पहले भी तुमने कभी सेक्स किया है? वह कहने लगा हां भाभी जी इस से पहले पर मैंने बहुत बार सेक्स किया है। मैंने उससे कहा तुम तो एक नंबर के चोदू हो। वह कहने लगा भाभी जी आपको देखकर आज वाकई में मैं भी अपने आपको नहीं रोक पाया था मेरे हाथ आपकी तरफ बढ़ ही रहे थे कि आपने मुझे अपनी और बुला लिया और हम दोनों के बीच संबंध बन गए। मैंने उसे कहा तुम मेरी चूत को चाटते रहो वह कहने लगा भाभी अभी तो मैं आपकी चूत के मजे ले रहा हूं थोड़ी देर बाद आपकी चूत को चाटूंगा।

उसने जब मेरे स्तनों को चाटना शुरू किया वह मेरी चूत पर बहुत जोरदार तरीके से प्रहार कर रहा था उस दिन मेरी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर निकल आया था। मै अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी मैंने उसे अपने दोनों पैरों के बीच में जकड़ लिया मैंने उसे अपने पैरों के बीच में जकड़ा तो वह कहने लगा भाभी जी मुझे लगता है कि अब मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाऊंगा। कुछ देर बाद उसने अपने वीर्य को मेरी चूत के अंदर गिरा दिया जैसे ही उसका वीर्य पतन मेरी चूत के अंदर हुआ तो उसने मुझे कहा भाभी आज आपकी मुलायम और कोमल चूत मारकर मजा आ गया। वह काफी देर तक मेरे साथ घर पर बैठा हुआ था हम दोनों ने एक दूसरे से काफी देर तक बात की। मैंने उसको कहा जब भी तुम चाहो तो मुझ मिलना। सोहन कहने लगा क्यों नहीं भाभी अब तो मुझे आपके यहां पर बार बार आना ही पड़ेगा। अब सोहन हफ्ते में तीन से चार बार मुझसे मिलने के लिए आ ही जाता था और उस दौरान हम दोनों के बीच में जमकर सेक्स होता है। मैं अपने पति के साथ भी सेक्स का मजा लेती हू और सोहन भी मेरी जरूरतों को पूरा कर रहा है वह मुझे बड़े अच्छे से चोदा करता है।
 
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