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रागिनी: विराट. प्लीज़ ऐसी बातें मत करो. देखना सब ठीक हो जाएगा.
बिहारी: चाहता तो मैं भी यही हूँ कि सब ठीक हो जाए, कॉन चाहेगा के उसकी जवान पत्नी किसी और से चुदे मगर मैं अपनी हालत समझता हूँ. लेकिन चलो कोई बात नहीं, तुम्हारा भ्रम भी जल्द ही टूट जाएगा.
यह कह कर बिहारी ने रागिनी की चूत को सूखे कपड़े से पोछा और पानी का बर्तन रखने किचन की तरफ चल दिया. रागिनी बेड पर ही टाँगे खोली बैठी रही और सोचती रही कि विराट ऐसी बातें क्यूँ कर रहे हैं. क्या सच मच मे वो मेरी भूख शांत करने के काबिल नहीं हैं???, क्या सच मे मुझे हर रोज़ कल रात की तरह ही तड़पना पड़ेगा.रागिनी ने अपने बदन पर कंबल डाला और सोचते हुए लेट गई. करीब 10:00 बजे बिहारी ने उसे जगाया और कहा कि नाश्ता तैयार है.
रागिनी: विराट, आप मेरे लिए कितना कुछ कर रहे हैं और मैं सोती ही रह गई.
बिहारी: मेरी तो रोज़ की आदत है, अपने ही घर मे मुझे नौकरो के सब काम करने पड़ते हैं. जैसे सफाई, खाना बनाना कपड़े धोना वगेरह वगेरह.
रागिनी: मैं जानती हूँ विराट कि आप एक अच्छे इंसान हैं और सब कुछ होने के बाद भी आप अपने ही घर मे नौकरों की तरह रहते हैं लेकिन अब मैं आ गई हूँ और जब तक आपको आपका हक नहीं मिल जाता मैं चैन से नहीं बैठूँगी.
बिहारी ने रागिनी को अपने सीने से लगाते हुए कहा: रागिनी, तुम मुझे इतना प्यार मत करो कि मैं अपने आप को दुनिया का सबसे खुशनसीब इंसान समझने लगूँ.
रागिनी ने भी अपनी बाहें बिहारी के गले मे डाल दी और बोली: विराट, मैं आपको दुनिया का वो हर सुख, वो हर हक देना चाहती हूँ जिसके आप हकदार हैं.
बिहारी, रागिनी के बालों मे हाथ फिराते हुए अपनी कामयाबी पर खुश हो रहा था. बिहारी: अच्छा चलो अब जल्दी से नहा लो और फिर नाश्ता कर लो.
रागिनी की चूत मे अभी भी आग लगी थी, उसकी चूत की भूख उसके पेट की भूख से कहीं ज़्यादा थी लेकिन उसने अपने मन को समझाया कि आगे भी ऐसी कई रातें आएँगी जिस मे वो अपने खवाब पूरे कर सकती है. धीरे धीरे चलकर रागिनी बाथरूम तक पहुँची. उसकी चूत मे अभी भी दर्द था लेकिन अब वो बर्दाश्त के लायक था. गरम पानी की सिकाई से उसकी चूत की स्वेल्लिंग भी कम हो गई थी. बाथरूम मे गरम पानी मे बैठकर रागिनी ने खूब रगड़ रगड़ कर स्नान किया और फिर बाथरूम से बाहर आई तो देखा विराट वहाँ नहीं था. रागिनी के दिल से एक ठंडी आह निकली.
रागिनी सोचने लगी " यह विराट को क्या हो गया है, एक ही रात मे उनका सारा क्रेज़ ही ख़तम हो गया. उन्हे पता था कि मैं बाथरूम मे नगी ही गई थी और बाहर भी नंगी ही आउन्गी. तो फिर मुझे छेड़ने के लिए वो यहाँ क्यूँ नहीं रुके?? क्या उनके शरीर के साथ साथ उनका दिल भी बूढ़ा हो गया है????
थके मन से रागिनी ने बॅग से एक ड्रेस निकाली. एक पिंक कलर की घुटनो तक की स्कर्ट और उसपर लाल रंग का टॉप. रागिनी ने ड्रेस के अंदर काले रंग की ब्रा पहनी और पैंटी तो उस से पहनी ही ना गई. जैसे ही उसने पेंटी पहननी चाही, पैंटी के मुलायम कपड़े से भी रागिनी को जलन होने लगी तो उसने पैंटी ना पहनने का फ़ैसला किया. रागिनी ने विराट द्वारा दिए हुए हार को भी पहना और अच्छी तरह तैयार होकर कमरे से बाहर निकली तो देखा बिहारी नीचे हाल मे बैठा हुआ उसका इंतज़ार कर रह था. रागिनी को देखते ही बिहारी ने उस से कहा कि जल्दी से नीचे आ जाओ. ब्रेकफास्ट करके तुम्हे सारा घर दिखाता हूँ. अब रागिनी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत थी सीडीयाँ उतारना. वो सीडीयो तक पहुँची तो जैसे ही उसने अपना बयान पावं उठाकर एक सीधी पर रखा उसके मुँह से एक कराह निकल गई.
बिहारी मुस्कुराया और पूछा क्या हुआ.
रागिनी: हटो बशरम कहीं के, मेरी दुख रही है और तुम्हे हँसी आ रही है.
बिहारी: आराम से रेलिंग पकड़ कर धीरे धीरे नीचे आओ.
रागिनी ने रेलिंग का सहारा लेकर नीचे आना शुरू किया लेकिन हर बार उसका शरीर कांप जाता. जब रागिनी 3-4 सीडीयाँ उतर गई तब बिहारी तेज़ी से भागता हुआ सीडीयों पर चढ़ा और देखते ही देखते रागिनी को अपनी बाहों मे उठाकर नीचे आने लगा.
रागिनी ने अपनी बाहें बिहारी के गले में डाल दी और बोली: थॅंक्स विराट.
बिहारी ने रागिनी को ऐसे उठा रखा था जैसे किसी बच्चे को उठाते हैं. रागिनी का धड़ बिहारी के लेफ्ट कंधे से सटा हुआ था और बिहारी के एक हाथ रागिनी के गले से थोड़ा नीचे और एक हाथ घुटनो से थोड़ा उपर. बिहारी ने जानबूझ कर अपना नीचे वाला हाथ उपर की तरफ सरकाना शुरू कर दिया. नीचे आते आते रागिनी की स्कर्ट बिल्कुल उसकी कमर तक पहुँच चुकी थी और बिहारी का हाथ रागिनी के गदराए नितंबो पर.
बिहारी: यह क्या?? तुमने तो पैंटी पहनी ही नहीं.
रागिनी ने नीचे उतरते हुए बिहारी के कंधे पर प्यार से मुक्का मारते हुए कहा: पैंटी भी जलन कर रही थी, ऐसी हालत कर दी आपने मेरी.
बिहारी: मुझे तो लगा था कि सुबह सुबह तुमने मुझे अपनी गान्ड देने का मन बना लिया है.
रागिनी: हरगिज़ नहीं, आगे वाली की हालत देख कर लगता है कि पीछे से देने का वादा तोड़ ही दूं.
बिहारी: ऐसा मत करना, मेरा तो दिल ही टूट जाएगा.
रागिनी हँसने लगी और बोली: विराट आख़िर आप पीछे के लिए इतने उतावले क्यूँ हैं??