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11:30 बजे वीरेंदर, रागिनी और मोहित होटेल में एक छोटे से कान्फरेन्स रूम में बैठे हुए टेंडर के बारे में डिसकस कर रहे थे.
वीरेंदर: मोहित अगर यह टेंडर हमें मिल गया तो अगले 3 सालों मे हम कम से कम 7 करोड़ इस टेंडर से बचा ही लेंगे.
मोहित: सर, वो सब तो ठीक है, लेकिन पिछली बार भी मेजर ने हमारी कोटेशन्स ठुकरा दी थी जबकि सबसे कम रेट्स हमारी कोटेशन में था.
वीरेंदर: अरे तुम नहीं जानते इन आर्मी ऑफिसर्स को. पिछला टेंडर भी हमे ही मिला होता अगर "केपर एलेक्ट्रॉनिक्स"के मलिक ने बीच में टाँग ना अड़ाई होती.
मोहित: सर वो तो इस बार भी टेंडर के पीछे हाथ धोकर पड़ा है और मुझे पूरा यकीन है कि वो इस बार भी यह टेंडर हासिल करने के लिए कोई ना कोई तो हथकंडा ज़रूर अपनाएगा.
वीरेंदर: तुम इतने यकीन से कैसे कह सकते हो.
मोहित, वीरेंदर के पास जाकर उसके कान मैं बोलता है "सर, मिस्टर. केपर ने पिछली बार भी मेजर को अपनी असिस्टेंट ऑफर की थी और मुझे पूरा यकीन है कि इस बार भी वो कोई ऐसा ही हथकंडा अपनाएगा. आप तो जानते ही हैं इन ऑफिसर्स को, लड़कियाँ इनकी सबसे बड़ी कमज़ोरी होती है". यह बात कहकर मोहित अपनी सीट पर जाकर बैठ गया. वीरेंदर के चेहरे पर चिंता की लकीरें सॉफ देखी जा सकती थी. रागिनी ने भी सॉफ महसूस किया कि वीरेंदर, मोहित की बात सुनकर परेशान हो उठा है लेकिन उसे यह पता ना लगा कि वीरेंदर आख़िर किस बात को लेकर इतना परेशान है.
इस से पहले कि वो वीरेंदर से कुछ पूछ पाती, रूम में एक के बाद एक कयि लोग एंटर होने लगे. वीरेंदर और मोहित ने सबसे हाथ मिलाया. उन में से सारे लोग टेंडर्स की होड में आए थे. वीरेंदर ने देखा कि केपर के साथ उसका मेनेज़र और उसकी असिस्टेंट भी आई है.
वीरेंदर: मिस्टर. केपर, बस आपकी कमी थी, आप आ गये. बेस्ट ऑफ लक फॉर दा टेंडर.
मिस्टर. केपर(रागिनी की तरफ देख कर): मिस्टर. शर्मा, लगता है आप ने इस बार टेंडर हथियाने का पूरा बंदोबस्त करके रखा है. चलो अच्छा है कि आपको भी टेंडर्स लेने के लिए किसी सहारे की ज़रूरत पड़ी वरना आप तो सारा बिज़्नेस अकेले दम पर ही चलाकर छोटी सी उम्र में ही हम से काफ़ी आगे निकल गये हैं.
रागिनी को केपर की बात कोई ज़्यादा समझ में नहीं आई मगर उसकी नज़रों को पढ़कर उसे सिचुयेशन का थोड़ा बहुत अंदाज़ा हो गया. उसने केपर के साथ आई लड़की पर नज़र डाली. वो कोई 27- 28 साल की औरत थी. लेकिन उसके पहनावे से ऐसा लगता था कि वो अपनी उम्र छुपाने की कोशिश कर रही हो. घुटनो तक पहनी येल्लो स्कर्ट और उपेर वाइट टॉप उसके शरीर से ऐसे जुड़े थे जैसे उसके सांस लेते ही यह कपड़े फट जायें. उस लड़की के हिप्स और बूब्स काफ़ी भारी थे मगर उसकी यह शोभा उसके थुलथुले पेट के कारण कम हो रही थी. कानो मे गोल और बड़ी बड़ी बालियां, होंठों पर डार्क रेड लिपस्टिक और खुले बाल उसे बिल्कुल एक स्लट लुक दे रहे थे.
रागिनी अभी सारी सिचुयेशन को समझ ही रही थी कि कमरे का दरवाज़ा खुला और एक 50-55 साल का बहुत ही रौबदार आदमी आर्मी की यूनिफॉर्म मे कमरे मे दाखिल हुआ. उसके पीछे दो बॉडीगार्ड्स भी थे. उसे देख कर सभी ने उठकर उसका अभिवादन किया. मेजर पांडे ने इशारे से सबको बैठने को कहा और सबने अपनी अपनी सीट ले ली.
उसके बाद सबने अपने अपने कोटेशन्स मेजर के सामने रखे. मेजर पांडे ने सारी कोटेशन्स पर नज़र डाली और आख़िर में दो कोटेशन्स अपने पास रखकर कहा "शर्मा एलेक्ट्रॉनिक वर्ल्ड" और "केपर एलेक्ट्रॉनिक" की कोटेशन्स सबसे ज़्यादा अट्रॅक्टिव हैं. दोनो कंपनीज़ के रेप्रेज़ेंटेटिव्स यहीं रुकें बाकी के सारे लोग यहाँ से जा सकते हैं. मेजर की रौबदार आवाज़ सुनकर बाकी सभी लोग बिना किसी आवाज़ के कान्फरेन्स रूम से बाहर निकल गये. अब कमरे में मेजर पांडे, उनके दो बॉडीगार्ड्स के अलावा सिर्फ़ 6 लोग बचे थे. मेजर पांडे ने अपने बॉडी गार्ड्स को बाहर जाने का इशारा किया. वो दोनो सल्यूट करके बाहर निकल गये.
कमरे में कुछ देर खामोशी छाई रही.कुछ देर के बाद मेजर पांडे ने बोलना शुरू किया :जेंटल मॅन आंड लॅडीस, आप दोनो की ही कोटेशन्स काफ़ी अट्रॅक्टिव हैं लेकिन यह टेंडर तो किसी एक को ही मिलेगा.
केपर: सर हम यह प्रॉजेक्ट स्टिप्युलेटेड टाइम से भी कम समय में कर देंगे, आप हम पर भरोसा कर सकते हैं. पिछला प्रॉजेक्ट भी हमने विदिन टाइम कंप्लीट कर दिया था.
मेजर ने केपर की तरफ घूर कर देखा और बोला: मेरी बात अभी ख़तम नहीं हुई है मिस्टर. केपर, लेट मी फिनिश फर्स्ट. देन यू विल गेट दा टाइम टू प्रेज़ेंट युवर अचीव्मेंट्स.
केपर(शर्मिंदा होकर): सॉरी सर.
मेजर पांडे: पिछले टेंडर के दौरान एक बात जो हम ऑफिसर्स को पता चली थी वो यह थी कि कुछ कंपनीज़ ने अपनी फीमेल असिस्टेंट्स का सहारा लिया था उस टेंडर को हासिल करने के लिए. सबसे पहले तो मैं यह बात क्लियर कर देना चाहता हूँ कि मुझे इस तरह के किसी भी ऑफर से सख़्त नफ़रत है.
केपर के माथे पर पसीना आने लगा था.
मेजर पांडे: मैं एक इज़्ज़तदार आदमी हूँ और चाहता हूँ कि इस करार में जो भी फाइनल हो, वो सिर्फ़ मेरे और टेंडर होल्डर के बीच रहे. ईज़ था क्लियर???
वीरेंदर: यस सर और हमे खुशी होगी आपके साथ काम करने में.
मेजर ने पहले वीरेंदर की तरफ देखा, फिर मोहित की तरफ और फिर रागिनी की तरफ देख कर बोला "मुझे भी".
रूम में बैठे सभी लोगों ने मेजर की तरफ चौंक कर देखा तो मेजर बोला: दा टेंडर गोज़ टू "शर्मा एलेक्ट्रॉनिक वर्ल्ड" दिस टाइम आंड आइ लव टू वर्क वित दा फर्म.
यह सारी बात बोलते हुए मेजर रागिनी की तरफ ही देखता रहा.वीरेंदर को कुछ अटपटा सा लगा मगर रागिनी के चेहरे पर कोई शिकन ना देख कर वो भी खामोश रहा.
मेजर, वीरेंदर से हाथ मिलाकर चला गेया तो केपर ने वीरेंदर को अलग बुला कर पूछा " मिस्टर वीरेंदर, आपके साथ यह लड़की आपकी असिस्टेंट है क्या????"
वीरेंदर: हां, मेरी दूर की रिश्तेदार है, आज ही जाय्न किया है.
केपर: यह लड़की आप के लिए बहुत लकी है मिस्टर. शर्मा. यूँ समझ लो कि आज आपको टेंडर इस लड़की के कारण ही मिला है और मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ कि यह मेजर ज़रूर कमसिन लड़कियों का शौकीन है.
इस से पहले कि वीरेंदर कोई जवाब देता, केपर और उसके साथी भी कमरे से बाहर निकल गये.
मोहित: कोंग्रथस सर, टेंडर हमे मिल गया. बस कुछ डॉक्युमेंटरी फ्रॉमॅलिटीस के बाद यह 100% हमारा हो जाएगा.
वीरेंदर: मोहित अगर यह टेंडर हमें मिल गया तो अगले 3 सालों मे हम कम से कम 7 करोड़ इस टेंडर से बचा ही लेंगे.
मोहित: सर, वो सब तो ठीक है, लेकिन पिछली बार भी मेजर ने हमारी कोटेशन्स ठुकरा दी थी जबकि सबसे कम रेट्स हमारी कोटेशन में था.
वीरेंदर: अरे तुम नहीं जानते इन आर्मी ऑफिसर्स को. पिछला टेंडर भी हमे ही मिला होता अगर "केपर एलेक्ट्रॉनिक्स"के मलिक ने बीच में टाँग ना अड़ाई होती.
मोहित: सर वो तो इस बार भी टेंडर के पीछे हाथ धोकर पड़ा है और मुझे पूरा यकीन है कि वो इस बार भी यह टेंडर हासिल करने के लिए कोई ना कोई तो हथकंडा ज़रूर अपनाएगा.
वीरेंदर: तुम इतने यकीन से कैसे कह सकते हो.
मोहित, वीरेंदर के पास जाकर उसके कान मैं बोलता है "सर, मिस्टर. केपर ने पिछली बार भी मेजर को अपनी असिस्टेंट ऑफर की थी और मुझे पूरा यकीन है कि इस बार भी वो कोई ऐसा ही हथकंडा अपनाएगा. आप तो जानते ही हैं इन ऑफिसर्स को, लड़कियाँ इनकी सबसे बड़ी कमज़ोरी होती है". यह बात कहकर मोहित अपनी सीट पर जाकर बैठ गया. वीरेंदर के चेहरे पर चिंता की लकीरें सॉफ देखी जा सकती थी. रागिनी ने भी सॉफ महसूस किया कि वीरेंदर, मोहित की बात सुनकर परेशान हो उठा है लेकिन उसे यह पता ना लगा कि वीरेंदर आख़िर किस बात को लेकर इतना परेशान है.
इस से पहले कि वो वीरेंदर से कुछ पूछ पाती, रूम में एक के बाद एक कयि लोग एंटर होने लगे. वीरेंदर और मोहित ने सबसे हाथ मिलाया. उन में से सारे लोग टेंडर्स की होड में आए थे. वीरेंदर ने देखा कि केपर के साथ उसका मेनेज़र और उसकी असिस्टेंट भी आई है.
वीरेंदर: मिस्टर. केपर, बस आपकी कमी थी, आप आ गये. बेस्ट ऑफ लक फॉर दा टेंडर.
मिस्टर. केपर(रागिनी की तरफ देख कर): मिस्टर. शर्मा, लगता है आप ने इस बार टेंडर हथियाने का पूरा बंदोबस्त करके रखा है. चलो अच्छा है कि आपको भी टेंडर्स लेने के लिए किसी सहारे की ज़रूरत पड़ी वरना आप तो सारा बिज़्नेस अकेले दम पर ही चलाकर छोटी सी उम्र में ही हम से काफ़ी आगे निकल गये हैं.
रागिनी को केपर की बात कोई ज़्यादा समझ में नहीं आई मगर उसकी नज़रों को पढ़कर उसे सिचुयेशन का थोड़ा बहुत अंदाज़ा हो गया. उसने केपर के साथ आई लड़की पर नज़र डाली. वो कोई 27- 28 साल की औरत थी. लेकिन उसके पहनावे से ऐसा लगता था कि वो अपनी उम्र छुपाने की कोशिश कर रही हो. घुटनो तक पहनी येल्लो स्कर्ट और उपेर वाइट टॉप उसके शरीर से ऐसे जुड़े थे जैसे उसके सांस लेते ही यह कपड़े फट जायें. उस लड़की के हिप्स और बूब्स काफ़ी भारी थे मगर उसकी यह शोभा उसके थुलथुले पेट के कारण कम हो रही थी. कानो मे गोल और बड़ी बड़ी बालियां, होंठों पर डार्क रेड लिपस्टिक और खुले बाल उसे बिल्कुल एक स्लट लुक दे रहे थे.
रागिनी अभी सारी सिचुयेशन को समझ ही रही थी कि कमरे का दरवाज़ा खुला और एक 50-55 साल का बहुत ही रौबदार आदमी आर्मी की यूनिफॉर्म मे कमरे मे दाखिल हुआ. उसके पीछे दो बॉडीगार्ड्स भी थे. उसे देख कर सभी ने उठकर उसका अभिवादन किया. मेजर पांडे ने इशारे से सबको बैठने को कहा और सबने अपनी अपनी सीट ले ली.
उसके बाद सबने अपने अपने कोटेशन्स मेजर के सामने रखे. मेजर पांडे ने सारी कोटेशन्स पर नज़र डाली और आख़िर में दो कोटेशन्स अपने पास रखकर कहा "शर्मा एलेक्ट्रॉनिक वर्ल्ड" और "केपर एलेक्ट्रॉनिक" की कोटेशन्स सबसे ज़्यादा अट्रॅक्टिव हैं. दोनो कंपनीज़ के रेप्रेज़ेंटेटिव्स यहीं रुकें बाकी के सारे लोग यहाँ से जा सकते हैं. मेजर की रौबदार आवाज़ सुनकर बाकी सभी लोग बिना किसी आवाज़ के कान्फरेन्स रूम से बाहर निकल गये. अब कमरे में मेजर पांडे, उनके दो बॉडीगार्ड्स के अलावा सिर्फ़ 6 लोग बचे थे. मेजर पांडे ने अपने बॉडी गार्ड्स को बाहर जाने का इशारा किया. वो दोनो सल्यूट करके बाहर निकल गये.
कमरे में कुछ देर खामोशी छाई रही.कुछ देर के बाद मेजर पांडे ने बोलना शुरू किया :जेंटल मॅन आंड लॅडीस, आप दोनो की ही कोटेशन्स काफ़ी अट्रॅक्टिव हैं लेकिन यह टेंडर तो किसी एक को ही मिलेगा.
केपर: सर हम यह प्रॉजेक्ट स्टिप्युलेटेड टाइम से भी कम समय में कर देंगे, आप हम पर भरोसा कर सकते हैं. पिछला प्रॉजेक्ट भी हमने विदिन टाइम कंप्लीट कर दिया था.
मेजर ने केपर की तरफ घूर कर देखा और बोला: मेरी बात अभी ख़तम नहीं हुई है मिस्टर. केपर, लेट मी फिनिश फर्स्ट. देन यू विल गेट दा टाइम टू प्रेज़ेंट युवर अचीव्मेंट्स.
केपर(शर्मिंदा होकर): सॉरी सर.
मेजर पांडे: पिछले टेंडर के दौरान एक बात जो हम ऑफिसर्स को पता चली थी वो यह थी कि कुछ कंपनीज़ ने अपनी फीमेल असिस्टेंट्स का सहारा लिया था उस टेंडर को हासिल करने के लिए. सबसे पहले तो मैं यह बात क्लियर कर देना चाहता हूँ कि मुझे इस तरह के किसी भी ऑफर से सख़्त नफ़रत है.
केपर के माथे पर पसीना आने लगा था.
मेजर पांडे: मैं एक इज़्ज़तदार आदमी हूँ और चाहता हूँ कि इस करार में जो भी फाइनल हो, वो सिर्फ़ मेरे और टेंडर होल्डर के बीच रहे. ईज़ था क्लियर???
वीरेंदर: यस सर और हमे खुशी होगी आपके साथ काम करने में.
मेजर ने पहले वीरेंदर की तरफ देखा, फिर मोहित की तरफ और फिर रागिनी की तरफ देख कर बोला "मुझे भी".
रूम में बैठे सभी लोगों ने मेजर की तरफ चौंक कर देखा तो मेजर बोला: दा टेंडर गोज़ टू "शर्मा एलेक्ट्रॉनिक वर्ल्ड" दिस टाइम आंड आइ लव टू वर्क वित दा फर्म.
यह सारी बात बोलते हुए मेजर रागिनी की तरफ ही देखता रहा.वीरेंदर को कुछ अटपटा सा लगा मगर रागिनी के चेहरे पर कोई शिकन ना देख कर वो भी खामोश रहा.
मेजर, वीरेंदर से हाथ मिलाकर चला गेया तो केपर ने वीरेंदर को अलग बुला कर पूछा " मिस्टर वीरेंदर, आपके साथ यह लड़की आपकी असिस्टेंट है क्या????"
वीरेंदर: हां, मेरी दूर की रिश्तेदार है, आज ही जाय्न किया है.
केपर: यह लड़की आप के लिए बहुत लकी है मिस्टर. शर्मा. यूँ समझ लो कि आज आपको टेंडर इस लड़की के कारण ही मिला है और मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ कि यह मेजर ज़रूर कमसिन लड़कियों का शौकीन है.
इस से पहले कि वीरेंदर कोई जवाब देता, केपर और उसके साथी भी कमरे से बाहर निकल गये.
मोहित: कोंग्रथस सर, टेंडर हमे मिल गया. बस कुछ डॉक्युमेंटरी फ्रॉमॅलिटीस के बाद यह 100% हमारा हो जाएगा.