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भैया का ख़याल मैं रखूँगी complete

तभी डॉक्टर. उसके कमरे मे दाखिल हुआ जिसे देख कर वीरेंदर ने आँखों ही आँखों मे उसे विश किया. डॉक्टर. ने वीरेंदर को लेटे रहने का इशारा किया और पूछा: मिस्टर. वीरेंदर अब आप कैसा फील कर रहे हैं?

वीरेंदर: मैं ठीक हूँ डॉक्टर. बस ज़रा सी कमज़ोरी फील हो रही है.

डॉक्टर.: इट्स ओके, वो जल्द ही ठीक हो जाएगी. अब आप के साथ जो लड़कियाँ आई थीं वो आप से मिलने आएँगी, आप प्लीज़ ज़्यादा बोलने की कोशिश ना करना.

वीरेंदर: मुझे यहाँ कोई दो लड़कियाँ लेकर आई थी???.

डॉक्टर.: हां, ओह तो आपको पता नहीं होगा कि वो कॉन हैं, कोई बात नहीं बस ज़्यादा बोलना मत अभी आपको बहुत कमज़ोरी है.

वीरेंदर: ओके डॉक्टर.

डॉक्टर. ने बाहर आकर जब आशना और प्रिया को यह खबर दी के वीरेंदर को होश आ गया है, वो चाहें तो उस से मिल सकती है, आशना एक दम वीरेंदर के वॉर्ड की तरफ भागी.

डॉक्टर. ने उन्हे सावधान रहना के लिए कहा कि पेशेंट के साथ कोई टॅन्षन वाली बात ना करें. आशना जैसे ही दरवाज़े से अंदर पहुँची, वीरेंदर एक पल उसे देख कर हैरान रह गया. दोनो एक दूसरे के एकटक देखते रहे और फिर आशना एक दम भागी और उस से लिपट कर रो पड़ी.वीरेंदर के सारे गीले शिकवे एक पल के लिए जैसे धुल से गये और उसने प्यार से अपना हाथ आशना के सिर पर रख दिया.

आशना(रोते हुए): आप यहाँ क्या करने आ गये? मुझे बताया क्यूँ नहीं?क्या हालत बना ली आपने अपनी, पता है मैं कितनी परेशन हो गई थी.? आप सच मुच बहुत गंदे हैं, मैं आपको कभी माफ़ नहीं करूँगी.

वीरेंदर (मन मे सोचते हुए): आशना माफ़ तो मैं भी तुम्हे ज़िंदगी भर नहीं करूँगा, तुमने मुझ से बहुत बड़ा झूठ बोला है.

आशना: अब चुप क्यूँ हैं, कुछ बोलिए ना. वीरेंदर खामोश रहा.

तभी उसकी नज़र दरवाज़े पर खड़ी प्रिया पर पड़ी. आशना ने देखा कि वीरेंदर प्रिया की तरफ सवालिया नज़रों से देख रहा है तो आशना बोली: यह प्रिया दीदी है एयिर्हसटेस्स हैं, आपकी चचेरी बेहन आशना जी की रूम पार्ट्नर.इतना सुनकर वीरेंदर चौंक गया.

आशना: जी हां, डॉक्टर, बीना ने ही मुझे आपकी चचेरी बेहन के बारे मे बताया था. उन्होने बताया था कि आपकी एक चचेरी बेहन है आशना जो कि बॅंगलॉर मे रहती है और एक एयिर्हसटेस्स है. मैं भी बॅंगलॉर मे ही मेडिकल की स्टडी कर रही थी तो मैने अपनी फ्रेंड्स से इनका पता करवाया. मेरी फ्रेंड ने मुझे आशना का नंबर. भी दिया, मैने उनसे बात की और मैने उनसे आपके बारे मे भी बताया कि आपकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी. आशना दीदी ने मुझे बस इतना कहा कि "मेरा कोई भाई नहीं है". यह बात सुनकर वीरेंदर को खुशी भी हो रही थी और दुख भी कि उसकी बेहन आशना ने उसे अभी तक माफ़ नहीं किया है.

आशना:मेरी फ्रेंड ने मुझे प्रिया दीदी का नंबर. दिया तो इन्होने ही मुझ से कहा कि मैं बॅंगलॉर आकर इनसे बात करूँ, हो सकता है कि हम दोनो मिलकर कुछ कर सकें. इसीलिए देल्ही से निकालने से पहले मैने इन्हे फोन करके अपने आने के बारे मे बता दिया था तो यह मुझे लेकर अपने फ्लॅट मे आ गई.

वीरेंदर को कुछ समझ ही नही आ रहा था कि क्या हो रहा है. वीरेंदर की आसमंजस्ता को देख कर प्रिया बोली: मिस्टर. वीरेंदर, आशना का सच मे कोई भाई भी है मुझे तो कुछ दिन पहले ही पता चला जब इन्होने मुझे फोन करके बताया वरना मुझे तो यही लगता था कि शायद लोगों को आशना के बारे मे ग़लत पता है. मैने उस दिन आशना से बात की तो वो मुझसे नाराज़ होकर चली गई.

वीरेंदर: इसमे उस बेचारी का कोई कसूर नहीं है प्रिया जी, शायद मैने ही उसके साथ अच्छा नहीं किया हो.

आशना के मन मे आया "भैया आपने तो मेरे लिए वो किया है जो शायद एक बाप भी अपनी बेटी के लिए ना करता, मेरी हर ज़िद, हर ख्वाहिश अपने पूरी की है, मैं ही आपको ग़लत समझी".

वीरेंदर: अब आशना कहाँ है??

प्रिया: दो दिन से उसका कोई पता नहीं, एरलाइन्स मे पता किया कि उसने नौकरी छोड़ दी है, शायद वो यहाँ से कहीं और चली गई है.

वीरेंदर: अगर कभी वो आप से मिले तो प्लीज़ एक बार मुझे उस से ज़रूर मिला देना.

प्रिया की आँखों मे पानी आ गया और घुटे हुए लहजे मे वो बोली: जी ज़रूर.

प्रिया: अच्छा, आशना मैं चलती हूँ, शाम को आउन्गि. आशना ने उसे अपनी आँखों से शुक्रिया अदा किया.

प्रिया के जाने के बाद आशना बोली: तो आप मेरा पीछा करते हुए यहाँ तक आ गये थे.

वीरेंदर: तो और क्या करता? तुमने मेरी बात का जवाब भी नहीं दिया था.

आशना: कॉन सी बात?

वीरेंदर: तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी?

आशना: सोच लो बहुत ज़िद्दी हूँ मैं, मेरी सारी ख्वाइशे पूरी कर सकोगे?

वीरेंदर: ज़िद्दी तो मैं भी बहुत हूँ देखो तुम्हे मनाने यहाँ तक आ गया.

आशना: तो फिर ठीक है, चलो खूब पटेगी हमारी और यह कह कर हंस दी. वीरेंदर भी उसके साथ ही हंस दिया.

वीरेंदर: तुमने मुझे ग़लत नंबर. क्यूँ दिया था.

आशना: ग़लत नंबर. नहीं दिया था. नंबर. तो ठीक ही था. आक्च्युयली वो मेरा प्राइवेट नंबर. था, रीसेंट्ली ही लिया था. सबसे पहले वो नंबर.आपको ही दिया था. मैं आपके फोन का इंतज़ार सारी रात और अगले सारे दिन करती रही लेकिन कोई फोन ही नहीं आया. फिर जब आपकी गाड़ी मे रखा समान मैने अपने रूम मे रखा तो देखा (वीरेंदर उसकी तरफ देख कर हैरान रह गया)कि जिस समान को मैने हाथ लगाया था वो सब आपने मेरे लिए पॅक करवा लिया है, उसी मे मुझे यह मोबाइल मिला. आशना ने वीरेंदर को अपनी जेब से मोबाइल निकाल कर दिखाया. जब अपने मोबाइल से सिम निकाल कर इस मोबाइल मे डालने लगी तो मैं यह देख कर हैरान रह गई कि ग़लती से वो सिम मैने मोबाइल मे डाली ही नहीं है. उस सिम को लेने के बाद मैने पता नहीं कहाँ रख दिया था, वो मुझे मिली ही नहीं. मैने उसे काफ़ी ढूँढा मगर वो सिम नहीं मिली.

 


वीरेंदर: तो तुम काका से मेरा नंबर. लेकर मुझे तो फोन कर ही सकती थी ना?

आशना: हाई राम इतने सवाल, हे भगवान यह लड़का तो बहुत ज़िद्दी है.

वीरेंदर: यह मेरे सवाल का जवाब नहीं है.

आशना: तो जनाब जवाब सुने बगैर नहीं मानने वाले?

वीरेंदर: बिल्कुल नहीं.

आशना: तो सुनिए जनाब, बात ऐसी थी कि मैं बॅंगलॉर सिर्फ़ अपना समान लेने के लिए आने वाली थी, आपसे झूठ बस इस लिए बोला था कि जो लड़का मुझे गर्लफ्रेंड बनने का ऑफर दे रहा है वो मेरी कितनी परवाह करता है, मैं यह देखना चाहती थी. इस लिए मैने आपका नंबर. किसी से नहीं लिया ताकि मेरे वापस आने पर आप सर्प्राइज़ हो जाएँ. लेकिन यहाँ तो आपने मेरे पीछे आकर मुझे यह तो जता ही दिया कि आप मेरे बाय्फ्रेंड बनने के लिए बिल्कुल सही रहेंगे बल्कि मुझे एक बहुत बड़ा सर्प्राइज़ भी दे दिया.

इतना सुनते ही वीरेंदर का चेहरा खिल गया.

वीरेंदर: तो इसका मतलब कि तुम्हारी हां है?

आशना: किस बात के लिए?

वीरेंदर: यही कि तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी.

आशना: मैने अभी तक हां तो नही कही.

वीरेंदर: लेकिन अभी तक ना भी तो नही कही.

आशना(अदा से कमर पर हाथ रखते हुए): सोचेंगे.

वीरेंदर ने उसकी कलाई पकड़ कर उसे अपने पास खींचा तो आशना गुड़िया की तरह उसके सीन पर जा गिरी.

वीरेंदर: अब तू सोचती रहना, मैने तो सोच लिया तेरा क्या करना है.

आशना(शरम से नज़रें नीचे झुकाते हुए): क्या करना है?

वीरेंदर: घर चल सब बता भी दूँगा और करके दिखा भी दूँगा.

आशना: वीरेंदर प्लीज़ छोड़ो ना, कोई आ जाएगा.

वीरेंदर: तो आने दे ना, मैं क्या किसी के बाप से डरता हूँ क्या?

आशना:वीरेंदर प्लीज़ छोड़िए ना.

वीरेंदर: पहले बोल, अब कभी मुझे ऐसे सताएगी.

आशना ने झटका देकर अपने आप को छुड़ाया और भाग कर दरवाज़े के पास पहुँच कर बोली: अभी सताया ही कहाँ है, सताउन्गी तो अब और यह कह कर बाहर निकल गई. वीरेंदर के चेहरे पर स्माइल आ गई.

वीरेंदर: बड़ी तीखी मिर्ची है यह लड़की तो.

दोपहर को डॉक्टर्स ने वीरेंदर का चेकप किया तो वीरेंदर की हालत मे आई इंप्रूव्मेंट को देखकर एकदम हैरान थे. उन्होने आशना को बताया कि वीरेंदर ने काफ़ी जल्दी रिकवर कर लिया है लेकिन फिर भी हम चाहते हैं कि कल सुबह तक हम इन्हे अंडर अब्ज़र्वेशन रखे, फिर हम उन्हे डिसचार्ज कर देंगे. आशना ने प्रिया को फोन पर बता दिया कि वो आज रात भी यहीं रुकेगी. उसके बाद सारा दिन यूँ ही गुज़र गया. वीरेंदर के डॉक्टर्स ने शाम को चाइ के साथ बिस्किट्स लेने की पार्मिशन दे दी और शाम की चाइ प्रिया-आशना-वीरेंदर ने एक साथ वॉर्ड मे बैठ कर पी.

जब तक यह लोग चाइ का मज़ा लेते हैं, आइए हम लोग देल्ही जाकर "शर्मा निवास" की कुछ खबर लेते हैं.

कल बिहारी की शादी रागिनी से हो चुकी थी और शादी के तुरंत बाद बीना बिहारी को लेकर एक शॉपिंग माल मे चली जाती है. नयी नवेली दुल्हन को माल के बाहर अपनी गाड़ी मे बिठाकर बीना और बिहारी एक शॉपिंग माल मे चले जाते हैं. माल मे लॅडीस की सेक्सी ड्रेस देख कर बिहारी एक दम हैरान रह जाता है.

बिहारी: यह तो बिल्कुल फिल्मी हीरोइनो के जैसे कपड़े हैं.

बीना: रज्जा देख ले जो पसंद है ले ले. तेरी हीरोइन कॉन सी कम है.

बिहारी: मैं तो अब उसे ज़िंदगी भर कपड़े ही नहीं पहनने दूँगा.

बीना: नयी नवेली दुल्हन है शुरू शुरू मे तो कपड़े पहनने ही पड़ेंगे, आख़िर उसके भी तो कुछ अरमान होंगे. तेरा पानी लगते ही वो भी बेशरम हो जाएगी, उसके बाद कपड़ो का खर्च बच जाएगा.

बिहारी: तो वो सब ले ले जिस से उस कली का बदन छुपे कम और दिखे ज़्यादा.

बीना: तभी तो मैं तुझे यहाँ लाई हूँ, इस जगह ऐसे ऐसे कपड़े मिलते हैं कि अगर कोई लड़की उन कपड़ो को पहन कर किसी मर्द के सामने भी आ जाए तो फिर उस मर्द की तो बुरी हालत हो जाए. ऐसे कपड़े लूँगी तेरी चिड़िया के लिए कि अगर मुर्दा भी इसे उन कपड़ो मे देखे तो उसका लौडा भी खड़ा हो जाए.

बिहारी: तू मेरे लिए यह सब करेगी?

बीना: और नहीं तो क्या, तू यार है मेरा और फिर यह कपड़े तो मैं भी पहनूनी ना जब तेरा मन मुझे चोदने को करेगा.

बिहारी: तू चिंता ना कर, तुझे तेरी चुदाई बराबर मिलती रहेगी. तू घर तो चल उस लोंड़िया की सील तोड़ने से पहले मैं तेरी चूत से ही अपने लोड्‍े की धार तेज़ करने वाला हूँ.

बीना: आह, मेरे रज्जा मैं तो बहुत खुशकिस्मत हूँ जो तेरे दिल मे मेरे लिए जगह कम नही हुई नहीं तो मुझे अपनी सौत से जलन होने लगी थी.

बिहारी: चल अब जल्दी कर, जो खरीदना है खरीद ताकि घर जाकर पहले तेरी चुदाई करूँ और फिर उस नाज़ुक कली की चूत की बलि चढ़ाऊ. गान्ड तो इसकी ऐसे मटकाती है मन करता है कि पहले इसकी गान्ड ही चोद लूँ.

बीना: तरस खा उस बेचारी पर, अभी 18 की ही हुई है. तेरा लौडा अपनी चूत मे ही झेल जाए तो बहुत बड़ी बात है. अभी कच्ची कली है, पहले पकने तो दे, गान्ड भी देगी वो बस सबर रखना. एक ही दिन मैं उसकी इतनी भी बुरी हालत ना कर देना के दूसरी बार वो चुदने का नाम ही ना ले.

बिहारी: जैसा तू बोलेगी मैं वैसा ही करूँगा. बीना(मन मे सोचते हुए): अब आया ना ऊँट पहाड़ के नीचे, साला हमेशा अपनी बात ही मनवाता था, आज रागिनी के कारण ज़िंदगी भर के लिए यह मेरा गुलाम बन जाएगा. आज के बाद जो मैं कहुन्गी यह वैसा ही करेगा. करीब एक घंटे की शॉपिंग के बाद बीना ने रागिनी के लिए वो हर एक ड्रेस लेली जो उसके बदन के हिसाब से उसे सेक्सी बनाए. शॉपिंग करने के बाद वो 'शर्मा निवास" पहुँच गये.

 


घर मे आते ही बीना ने रागिनी का पूरे रस्म-ओ-रिवाज़ो से स्वागत किया जिस से रागिनी के दिल मे बीना के लिए इज़्ज़त और भी बढ़ गई. बिहारी ने सुहागरात के लिए वीरेंदर का कमरा सजाया था. क्यूंकी वीरेंदर के कमरे का बेड काफ़ी बड़ा और गोलाई लिए हुए था और सुहागरात के लिए एकदम परफ़ेक्ट था. बिहारी ने तो वीरेंदर के रूम का नक्शा ही बदल दिया था. वीरेंदर के कमरे को उसने सजाकर अपनी सुहाग रात के लिए बिल्कुल तैयार कर लिया था. कमरे के बीचो-बीच एक बड़ा सा गोल बेड था जिस पर एक बहुत ही मोटा लेकिन काफ़ी नरम मट्रेस्स था. मट्रेस्स के उपर हल्की गुलाबी रंग की एक सिल्की शाइनी चद्दर थी और दो बहुत ही नरम गोल तकिये जिन पर डार्क पिंक कलर के कवर्स थे, रखे हुए थे. पूरे बिस्तर पर गुलाब की पत्तियो के साथ अलग अलग तरह के महकते हुए फूल थे. कमरे की सारी खिड़कियो पर लाइट पिंक कलर के पर्दे थे और छत से लेकर ज़मीन तक बिस्तर के हर तरफ अलग अलग फुलो की लंबी लंबी लाडियाँ. सारा कमरा रोशनी से जगमगा रहा था.

बीना ने बिहारी को नीचे बैठने का इशारा किया और रागिनी को लेकर वो उपर रूम म आ गई. बीना और रागिनी की नज़र जब कमरे के अंदर पड़ी तो दोनो एकदम हैरान रह गई. कमरे मे सुहागरात के लिए बिल्कुल परफ़ेक्ट वातावरण था.

बीना: तो विराट जी ने पूरी तैयारी पहले से ही कर रखी है.

रागिनी ने कस कर बीना का हाथ पकड़ लिया.

बीना: अरे तुम्हे क्या हुआ??? तुम तो खुशकिस्मत हो कि तुम्हे इतना दौलतमंद और इतना प्यार करने वाला पति मिला है. मुझे पूरा यकीन है कि विराट जी बहुत उतावले हो रहे हैं और मेरे जाते ही तुम पर टूट पड़ेंगे.

रागिनी की आँखें शरम से झुक गई और होंठ थरथराने लगे.

बीना: अरे तुम तो शरमाती ही जा रही हो. माना शरम औरत का गहना होती है, लेकिन मर्द से यह शरम तब तक ही रखो जब तक कि वो आपका पति ना बन जाए. बिस्तर मे मर्दो को बेशरम औरते ही अच्छी लगती हैं. बस थोड़ा बहुत शरमाना और फिर एकदम बेशरम होकर अपना जिस्म ढीला छोड़ देना विराट जी के लिए और सबसे ज़रूरी बात उनकी किसी भी बात को मना नहीं करना. एक बार तुमने बिस्तर मे उनका पूरा साथ दे दिया तो समझ लो कि फिर वो ज़िंदगी भर के लिए तेरे पल्लू से बँध गये.

रागिनी ने शरमाते हुए हां मे सिर हिलाया.

बीना ने रागिनी को बिस्तर के बीचो बीच बिठाया और जो नयी ड्रेस माल से लाई थी वो सब उसे दिखाई. ड्रेस देख कर रागिनी के गाल और कान लाल हो गये. ऐसे कपड़ों की तो उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी. इतनी छोटी ड्रेस तो उसने फ़िल्मो मे भी नहीं देखी थी.

बीना: यह तुम्हे विराट जी के लिए सिर्फ़ बेडरूम मे ही पहननी हैं और एक दूसरा बॅग दिखाकर उसे बोली कि इस मे कुछ वेस्टर्न ड्रेस हैं जो कि तुम घर पर भी पहन सकती हो और कहीं बाहर भी. बीना ने रागिनी को शख्त हिदायत दे के आज के बाद इस घर मे वो सूट-सलवार नहीं पहन सकती. उसे अपने आप को विराट के स्टेटस के हिसाब से ही रखना होगा. रागिनी उसकी हर बात मनती चली जा रही थी.

बीना: अच्छा अब तुम बैठो मैं थोड़ी देर मे आउन्गि तुम्हारे लिए कुछ हल्का से खाने को लेकर उसके बाद मे क्लिनिक चली जाउन्गी और तुम विराट जी के साथ अपने मिलन मे डूब जाना. रागिनी खामोश रही. बाहर आकर बीना ने बाहर से कमरे का दरवाज़ा बंद कर दिया.

नीचे आते ही बीना ने देखा कि बिहारी बिल्कुल नंगा होकर हाल मे बैठ कर शराब पी रहा है और बीना का इंतज़ार कर रहा था.

बिहारी को देख कर बीना बोली : कुत्ते तू तो हाल मे ही नंगा बैठा शराब पी रहा है, अगर तेरी बीवी भी नीचे आ गई तो.

बिहारी (जिसपे शराब का नशा हावी होने लगा था): साली तो क्या आकर मेरी गान्ड मार लेती, आ जाती तो क्या, चुदवाती तो वो ही ना मेरी गान्ड मे कॉन सा लंड पेल देती.

बीना: देख बिहारी, लड़की बहुत भोली है, इसे जैसा चाहे वैसे ईस्तमाल कर सकते हैं, इस लिए एक बात का बिल्कुल ध्यान रहे कि इसे हमारे बारे मे कोई शक ना हो.

बिहारी: मैं कोई कच्चा खिलाड़ी नहीं हूँ, अब तक अलग अलग तरह की 12 चूतें और गान्ड चोद चुका हूँ.

बीना: वो तो मैं भी जानती हूँ कि तू बहुत बड़ा खिलाड़ी है मगर साला सोचता लंड से है, दिमाग़ नहीं लगता अपना. बाकी बातें छोड़ बस इतना याद रहे कि लड़की अभी बच्ची है, प्यार से करेगा तो सब करेगी, जो कहेगा वो मानेगी बस ज़बरदस्ती मत करना. मुझे पूरा यकीन है कि बहुत जल्दी तेरे लोड्‍े को अपनी गान्ड का न्योता भी दे देगी बस तू सबर करना.

बिहारी: कोई बात नहीं आज पहली बार कोई सील पॅक चूत चोदने की खुशी मे मैं इसकी गान्ड बक्ष दूँगा तू चिंता मत कर.

बीना: काश मैं भी तेरे साथ तेरे कमरे मे होती तो अपनी आँखों से चूत उद्घाटन का लाइव टेल्कास्ट देखती.

बिहारी: तूने मेरे लिए इतना किया है तो मैने भी तेरे लिए एक अरेंज्मेंट करके रखा है.

बीना: क्या??

बिहारी: तू आराम से जा और कल आकर हमारी सुहागरात की सीडी लेजाना.

बीना: क्या मतलब?

 
बिहारी : मैने कमरे मे दो जगह कमरे लगा दिया हैं पूरी चुदाई उस मे क़ैद हो जाएगी.

बीना( खुश होते हुए):वाह मेरे रज्जा मगर दूसरा कॅमरा तू लाया कहाँ से.

बिहारी: वीरेंदर का कमरा सॉफ करते करते यह उसकी अलमारी मे मिला. मैने सोचा कि बहुत सालो से इसका इस्तेमाल तो हुआ नहीं होगा तो क्यों ना इसे टेस्ट कर लिया जाए.

बीना: तू बहुत हरामी है रे रज्जा, अपनी बीवी की पहली चुदाई की वीडियो मुझे दिखाएगा.

बिहारी: तू बस देखती जा, एक दिन एक ही बिस्तर पर तुम दोनो को चोदुन्गा भी.

बीना: तेरे सारे अरमान भगवान पूरे करे.

बिहारी: अच्छा मेरी शादी हुई है तो तूने मुझे कोई गिफ्ट नहीं दिया.

बेना मुस्कुराते हुए बिहारी के कमरे मे घुस गई और बोली: लाई हूँ ना गिफ्ट तेरे लिए मेरे रज्जा. आ जा अंदर आकर लेले,यह कह कर बीना ने अपनी साड़ी कमर तक उठाई और घूम कर अपनी गंद दरवाज़े की तरफ कर दी.

बिहारी जैसे ही दरवाज़े तक पहुँचा, बिहारी की आँखों के सामने जो नज़ारा था उस से उसकी आँखें चमक उठी.

बीना: "कैसा लगा गिफ्ट मेरे आका"?.

बीना की गान्ड देख कर बिहारी का नशा दोगुना हो गया और उसके लोड्‍े ने हुंकार भरी.

बिहारी: साली तेरी चूत और गान्ड पर तो आज एक भी बाल नहीं है. बीना: मैने सोचा कि मेरा रज्जा अपनी बीवी की सॉफ चूत और गान्ड देख कर मुझे ना भूल जाए इस लिए मैने भी आज इनको सॉफ कर दिया ताकि यह नज़ारा तेरी आँखें भूल ना पाएँ.

बिहारी, वाह आज तो मज़ा आ जाएगा तेरी चूत चाटने का.

बीना: राजा छत ले जितनी चाटनी है और अपना लौडा मेरे हवाले कर दे यह भी तो बिना बालों के कैसे चमक रहा है. बीना लेट जाती है और बिहारी उसके उपर 69 मैं आ जाता है. बीना की चूत पर बिहारी के होंठ लगते ही बीना के मूह से आह निकलती है और बिहारी का लौडा सीधा उसके मूह मे घुस जाता है. जहाँ दोनो अधेड़ उम्र के दो जिस्म एक दूसरे को अपने अपने तरीके से सुख दे रहे थे वहीं उनसे कुछ ही दूरी पर बैठी एक अल्हड़ कुँवारी कली अपने पति के मिलन के लिए तड़प रही थी, रह रह कर उसके जिस्म मे एक टीस उठती और वो सिहर जाती. वो अपने दिल को बार बार तसल्ली दे रही थी कि बस वो घड़ी आने ही वाली है.

करीब आधे घंटे की चली लगातार चुदाई मे बिहारी ने बीना की चूत और गान्ड दोनो की कस कर ठुकाई की और फिर जब बिहारी झडा तो ऐसा झडा कि बीना जैसी चूत भी छल छल करती बह गई. कुछ देर बाद बीना सॅंडविच और जूस लेकर उपर आ गई. अंदर आकर उसने रागिनी को सॅंडविच और जूस दिया और बोला कि थोड़ा लाइट ही खाना, हल्की फुल्की रहोगी तो सेक्स के दौरान उछलने मे आसानी होगी. बीना की बात सुनकर रागिनी शरम से दोहरी हो गई. बीना ने टेबल पर दूध का ग्लास रख दिया (जिसमे उसने अफ़रोडियासिक डोज मिला दी थी) और रागिनी को हिदायत दी कि विराट के आते ही आधा दूध उसे पिलाना और आधा खुद पी लेना.

रागिनी: मैं दूध नहीं पीती.

बीना: यह तो आधा पीना ही पड़ेगा और हां अब दूध पीना शुरू कर दे. दूध पिएगी तो ही विराट को पिला सकेगी.

जब तक रागिनी बीना की बात समझती बीना यह कर कर नीचे चली गई कि अब वो कल ही आएगी. बीना की बात समझ मे आते ही रागिनी का शरीर और गरम हो उठा. वो जानती थी कि आज उसे बस कुछ ही देर मे एक मर्द के सामने नंगा होना है और फिर उस मर्द की हर वो बात माननी है जो उसे कही जाएगी. रागिनी अपने ख़यालो मे खोई थी कि उसे दरवाज़े के बाहर कदमो की आहट हुई. रागिनी बिस्तर पर अपना सर घुटनो पर रखकर बैठी थी और उसका सर चुनरी से ढका था. उसके हाथ अपने घुटनो से नीचे एक दूसरे मे उंगलियाँ फसाए हुए थे. दरवाज़े पर किसी की आहट होते ही उसका जिस्म थरथराने लगा और उसके दिल की धड़कन तेज़ हो गई. कमरे मे इतनी खामोशी थी कि रागिनी अपने दिल की धड़कन सॉफ सुन सकती थी.

 
प्यारे रीडर्स और मित्रो यहाँ से शुरू होगा बिहारी और रागिनी की सुहागरात मजेदार किस्सा

आप सब साथ बने रहिए तब और मज़ा आएगा
 


तभी कमरे का दरवाज़ा खुला और बिहारी कमरे मे दाखिल हुआ. रागिनी का शरीर बेड पर बैठे बैठे ही सिकुड़ने लगा. बिहारी ने अंदर आते ही दरवाज़ा बंद किया और लॉक कर दिया. रागिनी ने चोर नज़रो से अपने सर पर पड़ी जालीदार चुनरी से बिहारी की तरफ देखा तो अनायास ही शरम से उसकी आँखें बंद हो गई, उसे नशा सा छाने लगा. दिल की धड़कने अस्त-व्यस्त हो गई, उसे समझ मे ही नहीं आ रहा था कि उसे क्या हो रहा है. बिहारी की नज़र बेड पर बैठी हुई छुई-मुई सी लड़की पर पड़ी तो एक बार तो उसका मन किया कि शेर की तरह अपने शिकार पर झपट पड़े लेकिन शराब के नशे के बावजूद उसे बीना की हिदायत याद थी. बिहारी धीमे कदमों से रागिनी तक पहुँचा और उसके पास खड़ा होकर उस नाज़ुक गुड़िया की झलक पाने के लिए लालायत हो उठा.

बिहारी के बेड पर बैठने का एहसास जैसे ही रागिनी को हुआ उसके पैर अपने आप ही पीछे की ओर सरक कर अपने नितंबो से चिपक गये. बिहारी यह सोच कर फूला नहीं समा रहा था कि उसके सामने उसकी बेटी की उम्र की लड़की सुहाग के जोड़े मे, सुहाग की सेज पर उसको अपना सब कुछ सौंपने को तैयार बैठी है. बिहारी कुछ देर उसको यूँ ही निहारता रहा.

कुछ देर बाद बिहारी बोला: रागिनी, तुम खुश तो हो ना?

रागिनी को तो जैसे काटो तो खून नहीं.

रागिनी ने सोचा: यह कैसा सवाल है, यह तो इनसे पूछना चाहिए कि मुझे अपनी बीवी के रूप मे पा कर यह खुश हैं या नहीं. इन्होने मुझ पर इतना बड़ा एहसान किया है लेकिन फिर भी मुझे से पूछ रहे है. रागिनी बिहारी के इस प्रश्न से बहुत प्रभावित हुई. उसने मन मे ठान लिया कि वो विराट को वो हर सुख देगी जिस से वो आज तक वंचित रहा, चाहे उस के लिए उसे कुछ भी करना पड़े. उसने मन मे प्रण लिया कि आज सुहाग सेज पर वो यह साबित कर देगी कि वो विराट से कितना प्यार करती है.

रागिनी का कोई जवाब ना पाकर बिहारी बोला: देखो रागिनी, तुम पर कोई पाबंदी नहीं है, तुम चाहो तो अभी भी जा सकती हो. मैं जानता हूँ कि तुम्हारे मन मे ख़याल आ रहा होगा कि मेरी और तुम्हारी उम्र मे बहुत फरक है. मैं तुम्हारे दिल की दुविधा समझ सकता हूँ.

कहाँ तुम 18 साल की और कहाँ मैं..........इस से पहले कि बिहारी आगे कुछ बोलता, रागिनी ने अपना मेहंदी वाला हाथ बिहारी के होंठों पर रख दिया और बोली, मुझे आप जैसा नेक इंसान पति के रूप मे मिलने की उम्मीद भी नहीं थी. मेरे बारे मे सब जानते हुए भी अपने मुझे पत्नी के रूप मे अपनाकर मुझे ज़िंदगी भर के लिए अपनी दासी बना लिया है. आज से मैं आपके चर्नो की दासी हूँ.

बिहारी: तुम मेरी दासी नहीं, मेरी विरासत की मालकिन हो और तुम्हारी जगह मेरे कदमो पर नहीं मेरे दिल मे है.

रागिनी, बिहारी की यह बातें सुनकर गड़-गद हो उठी.

बिहारी: कल सुबह मैं तुम्हे हमारा यह घर दिखाउन्गा, अब से यह सब हम दोनो को मिलकर संभालना है. रागिनी ने गर्दन हिलाकर सहमति दी.

बिहारी: यह घूँघट कब तक डाले रखोगी, अब तो अपना चाँद सा मुखड़ा दिखा दो.

रागिनी ने शरमा कर अपनी गर्दन झुका ली और ना मे सिर हिलाया.

बिहारी(गाना गाते हुए): "यह जो चिलमन है दुश्मन है हमारी, कितनी शर्मीली......., कितनी शर्मीली दुल्हन है हमारी" और यह गाना गया कर बिहारी ने धीरे से रागिनी का घूँघट उठा दिया. घूँघट हटते ही रागिनी एक दम से शरमा गई..

बिहारी: "मेरी ज़िंदगी के मालिक मेरे दिल पर हाथ रख दे, तेरे आने की खुशी मे मेरा दम निकल ना जाए".

बिहारी ने रागिनी की ठोडी को हाथ से उठा कर उसका चेहरा उपर किया. रागिनी का मासूम चेहरा, झुकी हुई आँखें, लाल लरजते होंठ और चेहरे की लाली देख कर बिहारी भी खुशी से पागल हो उठा. इस तरह की लड़की अपनी मर्ज़ी से उसका बिस्तर गरम करेगी उसने कभी ज़िंदगी मे सोचा भी नहीं थी. आशना के बारे मे उसने जब भी सोचा था उसने यही सोचा कि उसके साथ ज़ोर-ज़बरदस्ती ही करनी पड़ेगी लेकिन यहाँ तो उस से भी छोटी और उसी के मुक़ाबले खूबसूरत लड़की आज उसके सामने अपनी सहमति से उसे अपना सब कुछ सौंपने वाली है.

बिहारी ने दिल ही दिल मे बीना का शुक्रिया किया और अपनी जेब से एक हीरों का हार निकाला और रागिनी के चेहरे की तरफ करके कहा: देखिए हम आपके लिए मूह दिखाई मे क्या लाए हैं. रागिनी ने शरमाते हुए आँखे खोली तो अपनी आँखों के आयेज चमकते हीरून के हार को देख कर उसकी आँखें चमक उठी. उसकी आँखों की चमक देख कर बिहारी ने सोचा (साली बिल्कुल मेरे जैसी है, मेरी आँखों मे भी ऐसी ही चमक थी जब मैने यह हार बड़ी मालकिन के कमरे से चुराया था).

बिहारी: क्या तुम्हे मेरा तोहफा पसंद आया.

रागिनी: बहुत खूबसूरत है, बिल्कुल आप और आपके दिल की तरह.

बिहारी (मन मे सोचते हुए): मेरा लंड देखेगी तो पता चल जाएगा कि वो भी कितना खूबसूरत है, भला हो बीना का जो उसे थोड़ी देर पहले ही ठंडा कर गई वरना अभी तक तो यह मुझे चैन से बैठने भी नहीं देता.

बिहारी: तुमसे ज़्यादा खूबसूरत नहीं है यह हार.

रागिनी अपनी तारीफ से खुश हो गई और शरमाकर नज़रें झुका कर बोली: मैं आपको खूबसूरत लगी मेरी ज़िंदगी सफल हो गई.

बिहारी(मन मे सोचते हुए): अभी तेरी खूबसूरती देखना बाकी है, देखने से तो लगता है माल भारी है पर मज़ा तो पूरा नंगा करके देखने मे ही आएगा.

बिहारी: शादी ही इतनी जल्दी हुई कि तुम्हे शादी मे कोई जेवर नहीं पहना सका. जल्दी जल्दी मे यह हार ही ले पाया हूँ, कुछ ही दिनो मैं तुम्हे पूरा गहनो से लाद दूँगा.

रागिनी:आपकी जो मर्ज़ी, आप मेरे साथ कर लें सरताज, मैं तो बिल्कुल आपकी हूँ.

बिहारी: तो फिर सबसे पहले मुझे यह हार पहन कर दिखाओ.

रागिनी(शरमाते हुए):आप लाए हैं तो आप ही पहना दीजिए.

बिहारी का मन बल्लियो उछलने लगा. उसने सोचा चलो इस बहाने उसे रागिनी का बदन छूने का मोका ही मिलेगा. बिहारी बेड से उठा और रागिने के पीछे की ओर आ गया.

 


बिहारी (मन मे सोचते हुए):साली मम्मे तो घुटनो से छुपा लिए लेकिन गान्ड का क्या करेगी. रागिनी के पीछे जाते ही बिहारी की नज़र नीचे की ओर गई तो उसके लोड्‍े की नींद टूटी. हालाँकि जिस तरह से रागिनी बैठी थी उस से उसकी गान्ड के आकार का अंदाज़ा लगा पाना मुश्किल था मगर बिहारी जैसा गान्ड का ज़ोहरी तो अंदाज़े से ही गान्ड का आकार बता सकता था. बिहारी ने रागिनी के गले मे हार पहनाया तो उसकी उंगलियाँ रागिनी के गले को छू गई जिस से रागिनी के शरीर मे एक सिहरन दौड़ गई और बिहारी के लोड्‍े मे करेंट. बिहारी ने उसके पीछे ही अपना लौडा पॅंट मे अड्जस्ट किया ताकि उसकी दुल्हन चुदने से पहले ही उसके लोड्‍े का रूप देखकर बग़ावत ने कर दे. हार पहना कर बिहारी जब आगे आया तो रागिनी के गले मे चमक रहे हार को देख कर वो हैरान रह गया. हार का सिरा बिल्कुल रागिनी के मम्मों के बीच फस कर रह गया था.. रागिनी की तेज़ चलती सांस के साथ उसके मम्मे उपर नीचे हो रहे थे और उनके बीच फसा वो हार अपनी किस्मत पर झूम रहा था. रागिनी ने विराट की नज़रो का पीछा किया तो उसके लाल गाल और सुर्ख हो गये.

रागिनी प्लीज़ लाइट बंद कर दीजिए ना.

बिहारी: आज के दिन जी भर कर देख लेने दो.

रागिनी: मुझे शरम आती है. बिहारी ने उठ कर लाइट बंद कर दी.

रागिनी का दिल खुशी जे झूम उठा यह सोच कर के उसका पति उसकी कितनी इज़्ज़त करता है.

बिहारी(मन मे सोचते हुए): साली एक बार तुझे नंगा कर दूं उसके बाद लाइट जला कर तेरे हर एक अंग की तस्वीर अपनी आँखों मे क़ैद कर लूँगा. तस्वीर का ख़याल आते ही उसे कमेरे की याद आ गई. बिहारी ने देखा कि टेबल पर पड़ा कॅमरा फूलों से ढका है, उसने अपना कोट उतारा और उसे टेबल पर रखते ही चालाकी से कॅमरा का रेकॉर्डिंग बटन ऑन कर दिया, यह कॅमरा बेड के बिल्कुल सामने था जो कि उनके मिलन को बड़ी सफाई से अपने अंदर क़ैद कर लेता . दूसरा कॅमरा लेफ्ट साइड पर टेबल पर था जो कि रागिनी के चेहरे के हर एक्सप्रेशन को क़ैद करने के लिए रखा था. बिहारी ने उस टेबल के पास रखी चेयर पर बैठ कर अपने जूते उतारने शुरू किए और जूते उतारते ही आँख बचा कर उसने उस कैमरे को भी ऑन कर दिया. लाइट बंद करने के बावजूद भी अभी कमरे मे काफ़ी लाइट थी. दिन के 3:00 ही बजे थे, सूरज अपने पूरे शबाब मे चमक रहा था.

उसके बाद बिहारी बेड पर जाकर बैठ गया और बोला: तुम भी उतार दो ना. रागिनी: जी???

बिहारी: अरे इन कपड़ो मे कैसे सोओगी तुम, चेंज कर लो ना.

रागिनी: आपने भी तो पहने हैं अभी.

बिहारी ने अपनी शर्ट के बटन खोलना शुरू किया और धीरे धीरे बिहारी की बालों से भरी छाती रागिनी के सामने आने लगी और उसका दिल रोमांचित होने लगा. बिहारी ने शर्ट खोलकर उसे दूर टेबल पर फैंक दिया.

बिहारी: चलो अब तुम्हारी बारी.

रागिनी: मुझे शरम आती है.

बिहारी: तो चलो मैं ही तुम्हारे भी कपड़े उतार देता हूँ.

यह कहते ही बिहारी ने अपना हाथ आगे बढ़ाया तो रागिनी ने एक दम उसका हाथ पकड़ लिया और बोली"हाए राम".

इतना सुनते ही बिहारी की हँसी छूट पड़ी और रागिनी भी शरमाकर मुस्कुराती हुई बिहारी की तरफ झुकने लगी. बिहारी ने उसे खींच कर उसे आने सीने से लगा लिया और एक ठंडी आह भरी.

बिहारी: तुम नहीं जानती इस दिन के लिए मैने कितने सपने देखे हैं.

रागिनी: अब मैं आ गई हूँ, आपका हर सपना पूरा कर दूँगी.

बिहारी: सच.

रागिनी:हुउऊन्न्ञणणन्.

बिहारी: तो फिर उसके लिए कपड़े तो उतारने ही पड़ेंगे ना.

रागिनी खामोश रही, बिहारी ने रागिनी की तरफ से स्वीकृति पाकर उसकी चोली की डोरी पकड़ी तो रागिनी बोल पड़ी "अरे याद आया, डॉक्टर. बीना ने वो दूध बोला था पीने को" यह कह कर उसने अपना हाथ दूध के ग्लास की तरफ कर दिया.

बिहारी ने दूध के ग्लास की तरफ नज़र डाली तो बोला: आज तो ग्लास से दूध नहीं पियुंगा मैं.

रागिनी:धत्त, कितने बेशरम हैं आप.

बिहारी: बेशरम तो बनना ही पड़ेगा, आख़िर सुहागरात एक बार ही तो आती है ज़िंदगी मे. इस दिन भी अगर शरमाते रहे तो फिर तो ज़िंदगी भर अफ़सोस ही रहेगा.

रागिनी: वो सब ठीक है, लेकिन डॉक्टर. बीना ने कहा था कि दोनो आधा आधा ज़रूर पी लेना.

बिहारी को पता था कि इस दूध मे बीना ने क्या मिलाया है. वो समझ गया था कि लौंडिया बेशरम बनने के लिए बिल्कुल तैयार है. अब दूध पिलाकर उसे इस कदर बेशर्मी की राह मे ले जाना है कि वो फिर कभी वापिस ना आ सके. बिहारी ने ग्लास उठा कर गरम दूध आधा ग्लास खुद पिया और फिर रागिनी को भी पिला दिया.

बिहारी: मैं फ्रेशा होकर आता हूँ उसके बाद तुम भी फ्रेश हो जाना. बिहारी ने अलमारी से एक पाजामा निकाला और बाथरूम मे घुस गया. उसे पता था कि 25- 30 मिनट मे दूध अपना असर दिखाना शुरू कर देगा. बिहारी ने बाथरूम मे अपना पेट सॉफ किया और करीब 10 मिनिट मे वो केवल पाजामा पहनकर बाहर आ गया. बाहर आते ही उसने अपनी पॅंट को कोट के पास रखा और हाथ मे पकड़ी फ्रेंची का गोला बनाकर रागिनी के पास बेड पर फैंक दिया. रागिनी ने उसे उठाकर देखा तो उसे पता लगा कि वो विराट की फ्रेंची थी. रागिनी का चहरा शरम से लाल हो उठा.

रागिनी: विराट आप बड़े बेशरम हैं और बेड से उठकर पैर पटकती हुई वहाँ चली गई जहाँ वो बॅग रखे थे जो कि बीना और बिहारी शॉपिंग करके लाए थे. रागिनी ने उस मे से ड्रेस निकाली और बाथरूम मे घुस गई. बिहारी ने एलसीडी ऑन की और आराम से तकिये पर टेक लगा कर लेट गया. उसका लिंग अपनी औकात मे आने लगा यह सोच कर कि अभी कुछ ही देर मे उसे एक कुँवारी कली को औरत बनाना है.

 
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