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ब्रा वाली दुकान complete

मैंने बाइक को रेस दी और उनके घर से निकल कर लुहाडिया चौक की तरफ बढ़ने लगा जहां से मुझे आगे बहावलपुर रोड से जाना था। सुबह 6 बजकर 30 मिनट का समय था रोड पर अधिक यातायात नहीं था इसलिए मैं थोड़ा तेज गति के साथ बाइक चला रहा था कि अचानक सड़क पर लुहाडिया चौक से कुछ पहले एक बच्चा आ गया जिसकी वजह से मुझे अचानक ब्रेक लगानी पड़ी और लैला मैम बाइक की सीट पर थोड़ा फिसल कर मेरे पास आ गईं और उनके 36 आकार के कसे हुए मम्मे मुझे अपनी कमर पर महसूस होने लगे। लैला मैम ने मुझे कहा कि ध्यान से बाइक ड्राइव करो तो मैंने गति थोड़ी धीमी रखी मगर हैरानी की बात यह थी कि लैला मैम फिर से पीछे नहीं हुई बल्कि वह अपने मम्मे मेरी कमर में घर्षण करते हुए मेरे साथ चिपक कर बैठी रहीं जिसकी वजह से मेरे अंडरवेअर मे मेरे लंड ने सिर उठाना शुरू कर दिया था और मैं पहले ही अंदाज़ा कर रहा था कि मैंने अंडर वेअर पहन लिया था। लैला मैम के मम्मे लगातार मेरी कमर के साथ लगे हुए थे मगर उन्होंने कोई ऐसी हरकत नहीं की थी जिसकी वजह से मैं यह समझता कि वह इस समय सेक्स के लिए तैयार हैं, न तो उन्होंने मेरी कमर पर अपने मम्मों को मसला और न ही ज्यादा चिपक कर बैठी, जितना करीब वह ब्रेक लगने के कारण हुई थीं बस इतना ही करीब होकर बैठी थी और उनके मम्मे मेरी कमर पर अपनी मौजूदगी का अहसास दिला रहे थे।

कुछ ही देर बाद हम बहावलपुर रोड पर पहुँच चुके थे जहां करीब 2 से 3 मील की दूरी पर जाकर लैला मैम मुझे एक कच्चे रास्ते पर चलने को कहा और मैं बाइक कच्चे रास्ते पर चला दी। यहाँ बाइक की गति काफी धीमी थी और सड़क पर खुड्डे की वजह से काफी झटके लग रहे थे। इन्हीं झटकों की बदौलत अब बार बार लैला मैम के मम्मे मेरी कमरे से टकरा रहे थे और झटके लगने के कारण मम्मे मात्र स्पर्श नहीं होते थे बल्कि पूरी तरह मेरी कमर के साथ दब जाते थे। मगर लैला मैम इस बार नहीं बोलीं कि बाइक ध्यान से ड्राइव कतो क्योंकि वे जानती थीं कि बाइक पर इस तरह के झटके तो लगेंगे ही जब रोड खराब होगा तो वह चुपचाप मुझे कसकर पकड़ कर बैठी रहीं और मैं अपनी कमर पर लैला मैम के मम्मों को महसूस करके खुश होता रहा। यहाँ लैला मैम मुझे रास्ता बताती रहीं और कुछ देर के बाद लैला मैम ने एक निर्माणाधीन मकान नुमा कोठी के सामने बाइक रोकने के लिए मुझे कहा। मैं बाइक रोकी तो लैला मैम बाइक से उतरीं और अपने पर्स में से एक चाबी निकालकर हवेली के बड़े गेट पर लगा ताला खोला और गेट खोलकर मुझे बाइक अंदर लाने को कहा। अंदर काफी खुला ग्राउंड था जिसमे कुछ पौधे लगे हुए थे और चन्द एक पेड़ भी थे और ग्राउंड में घास थी।

हवेली देखकर लग रहा था कि यहाँ कोई नहीं रहता और चीजें काफी बिखरी हुई थीं। लैला मैम दरवाजा खुला छोड़ कर अंदर आ गई और मैंने भी बाइक एक साइड पर खड़ी कर दी। लैला मैम किसी से फोन पर बात कर रही थीं और छोटी सी बात के बाद मैम ने फोन बंद कर दिया। फिर लैला मैम ने मुझे कहा कि आओ तुम्हें अपनी हवेली दिखाऊ यह कह कर लैला मैम मेरे आगे आगे चलने लगीं और उनकी फिटिंग वाली कमीज से उनके 32 आकार के हिलते हुए चूतड़ देख देख कर मैं अपने लोड़े को मसल रहा था। हवेली में जाकर लैला मैम मुझे अलग कमरे दिखाने लगीं और उनके बारे में बताने लगी कि किस कमरे को किस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। हवेली बहुत बड़ी थी पूरी हवेली दिखाते दिखाते लैला मैम को 20 मिनट हो चुके थे और अब हवेली कुछ हिस्सा ही देखना बाकी था। इतने में मुझे कमरे से बाहर ग्राउंड में एक महिला और 2 पुरुषों आते दिखाई दिए। लैला मैम ने भी उन्हें देख लिया और मुझे लेकर उनकी ओर चल पड़ी ये यहाँ काम करने वाले लोग थे, निर्माण तो रुका हुआ था मगर मैम लॉन की सफाई आदि और कुछ अन्य जरूर काम हर महीने करवाती थीं। उनमें से एक माली था जिसको लैला मैम ने लॉन सफाई और पौधों की सफाई का काम दिया जबकि एक व्यक्ति को महिला के साथ सभी कमरों की सफाई करने को कहा और उसके बाद मुझे हवेली के पिछले हिस्से में ले गईं। वहाँ एक सुंदर सा लॉन बना हुआ था जिसमें कुछ कुर्सियों लगी हुई थीं और आगे एक साइड पर एक छोटे आकार का स्विमिंग पूल था जिसमे इस समय खासी मिट्टी और पत्ते आदि पड़े थे .. स्विमिंग पूल से थोड़ा ही आगे एक ट्यूबवेल लगा हुआ था। मैंने लैला मैम से पूछा कि क्या यह ट्यूबवेल चलता भी है तो लैला मैम ने बताया कि हां यह चलता है और हम अपनी जमीन में लगी फसल को पानी देते हैं।

मैंने आगे बढ़कर देखा तो ट्यूबवेल का हौज खासा बड़ा था और इसमें नहाने का निश्चित ही मज़ा आता मगर इसमें गंदा पानी भरा था। जिसमें नहाना संभव नहीं था। लैला मैम ने मेरी चिंता देखते हुए पूछा नहाने का इरादा है क्या इसमें ??? मैंने कहा जी मेडम, आज बड़ा मूड था त्यबवेल पर नहाने का अब सामने है तो मन कर रहा है। मैम ने कहा मगर इस समय तो इसमे पानी खासा गंदा है। मैंने इधर उधर नजर दौड़ाई तो एक साइड पर मुझे एक बड़े आकार की बाल्टी रखी दिखी, मैंने मैम को कहा गंदा पानी में अब निकाल देता हूँ तो ट्यूबवेल चलाकर सफाई करके नहा लूँगा। मैम ने कहा, तुम एक मिनट रूको, करमू का खत्म हो जाए तो फिर वह सफाई कर देगा। मैंने कहा नहीं मैम में खुद कर लूँगा उसको तो बहुत देर हो जाएगी और फिर धूप भी तेज हो जानी है तो मैं ये कर लेता हूँ। यह कह कर मैंने अपनी टी शर्ट और बनियान उतार कर ट्यूबवेल के पाइप पर लटका कर कच्छा ऊपर करके बाल्टी उठाकर ट्यूबवेल के गड्ढे में घुस गया और वहां से गंदा पानी बाल्टी भर-भर कर बाहर निकालने लगा। कुछ देर में जब सारा पानी बाहर निकल गया तो नीचे मौजूद कचरा और ईमेल आदि को मैंने झाड़ू से साफ किया और काफी तालाब की सफाई कर ली। इस दौरान लैला मैम वापस हवेली के कमरे में जा चुकी थीं और वहां मौजूद नौकरों से काम करवा रही थीं।

मैंने ट्यूबवेल चलाया और जब थोड़ा पानी स्वीमिंगपूल में भरा तो ट्यूबवेल बंद करके फिर से तालाब का पानी निकाला ताकि ज़्यादा गंद बाहर निकल जाए और अंदर ताजा और फ्रेश पानी रह जाए। इस काम में मुझे करीब आधा घंटा लग गया था और मुझे खासा पसीना आ चुका था। मगर ये सारी सफाई कर लेने के बाद में स्वीमिंगपूल से बाहर निकल आया और लैला मैम का इंतजार करने लगा। क्योंकि हौज़ के आगे निकलने वाला पाइप बंद था और मुझे नहीं पता था कि क्या उसे खोलना है ताकि पानी फसलों की ओर जा सके या फिर इसे बंद ही रखना है और फसलों तक पानी जाने से रोकना है। 15 मिनट के इंतजार के बाद लैला मैम आ गई और पूछा कि तुम ने नहाना शुरू नहीं किया अब तक ??? मैंने मैम से पानी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा खोल दो वैसे भी तुम सफाई न भी करते तो ट्यूबवेल चलाकर फसलों को पानी तो देना ही था। यह सुनकर मैंने हौज के गड्ढे से आगे निकलने वाले पाइप का बड़ा सा ढक्कन हटा दिया ताकि पानी आगे निकल सके और उसके बाद पीछे बनी छोटी सी कोठरी से ट्यूबवेल ऑन कर दिया। लैला मैम और मैं ट्यूबवेल के बड़े पाइप से ठंडा पानी निकलता देख रहे थे। मैंने मैम से नौकरों के बारे मे पूछा तो मैम ने बताया कि वे जा चुके हैं। उनका काम पूरा हो गया। अब बस ट्यूबवेल चलाकर खेतों तक पानी पहुंचाना है और फिर वापसी।

 
मैं ने मैम से पूछा कि आप भी नहाती हैं ट्यूबवेल में ??? तो मैम ने कहा हां जब मेरे पति चल फिर सकते थे तो हम दोनों यहाँ आकर नहाते थे। मैंने कहा तो आज भी नहाएँ, बहुत ठंडा पानी होता है ट्यूबवेल का आराम मिल जाएगा। मेरी बात पर मेडम की आँखों में चिंता काफी स्पष्ट थी, मगर उन्होंने बेबसी से कहा नहीं मेरे सारे कपड़े खराब हो जाएंगे। मैंने कहा तो मेरे कपड़े पहन लें

... मैम ने कहा नहीं तुम्हारे भी तो खराब होंगे और वापसी पर बाइक पर जाना है तो गीले कपड़े की वजह से हवा लगेगी और निमोनिया हो सकता है। मैंने कुछ सोचने के बाद कहा आप ऐसा करें मेरी बनियान पहन लें वापसी पर मैं बनियान नहीं पहनूंगा टी शर्ट पहन कर चला जाऊंगा। मैम ने कहा और मेरी सलवार ???? मैंने मैम की सलवार को देखा और कहा मैं अंडर वेअर तो पहना हुआ हेागर आप चाहें तो मेरी हाफ़पेंट पहन सकती हैं। लैला मैम ने कहा नहीं तुम चलो। बस आप नहाओ में फिर कभी नहा लूंगी जब एक्स्ट्रा कपड़े साथ ले आउन्गी मैंने मैम पर अधिक जोर नहीं डाला और ट्यूबवेल के तालाब की ओर चला गया। वहां जाकर मेरे दिल में ख्याल आया कि क्या पता मैम का भी मूड बन जाए नहाने का इसलिए अपने हाफ़पेंट उतार दूं।

मैंने मेम से कहा, यदि आप बुरा न माने तो मैं अपनी हाफ़पेंट उतार दूँ ??? नीचे अंडर वेअर है। मैम ने कहा हां उतार दो इसमें पूछने वाली कौनसी बात है। मैंने तुरंत अपनी हाफ़पेंट उतारी और ट्यूबवेल के तालाब में कूद गया जो अब भर चुका था, उसमें पानी के निकलने वाला छेद काफी ऊंचा था जिसकी वजह से इस हौज में पर्याप्त पानी जमा हुआ था और मेरे पेट तक हौज में पानी मौजूद था। पानी में डुबकी के बाद एक बार में ट्यूबवेल से निकलने वाले पानी के नीचे सिर करके खड़ा हो गया और अपने पूरे शरीर पर पानी गिरने दिया। ठंडा ठंडा पानी सिर पर पड़ने से बहुत आराम मिल रहा था। जब मैंने ट्यूबवेल के नीचे से सिर निकाल कर कुछ गहरी सांसें लीं तो मैंने देखा कि लैला मैम गड्ढे के बिलकुल करीब खड़ी थीं और मुझे नहाते हुए देख रही थीं। मैं लीला मैम के थोड़ा करीब हुआ और अपने दोनों हाथ छाती पर बांध कर कांपते हुए कहा मैम बहुत ठंडा पानी है, आ जाइए आप को भी बहुत मजा आएगा। मैम ने मुस्कुराते हुए कहा मन तो बड़ा है, लेकिन कपड़ों की समस्या है। मैंने कहा मैम आप कपड़ों की चिंता न करें, अपनी कमीज उतार कर मेरी बनियान पहन लें और सलवार की जगह मेरी हाफ़ पेंट पहन लें और घबराएँ नहीं दोनों साफ है मैंने आज सुबह ही यह बनियान और हाफ़पेंट पहनी है। धूलि हुई हैं।

मैम ने मुस्कुराते हुए कहा नहीं वो बात नहीं, तुम्हारी बनियान तक तो ठीक है वह पहन सकती हूँ लेकिन तुम्हारी हाफ़पेंट ..... वो तो आप वापसी पर तुम्हे ज़रूर पहननी है। मैंने कहा मैम वो मेरी समस्या है आप परेशान न हों, बस आप कपड़े बदलें और आ जाएं। मैम ने फिर से कहा नहीं यार तुम्हारी हाफ़पेंट खराब हो जाएगी। मैंने फिर हंसते हुए कहा उसका तो यही हल है कि जैसे मैं अंडर वेअर में नहा रहा हूँ आप अपने अंडर वेअर में नहा लें। यह कह कर मैंने एक मामूली ठहाका लगाया और फिर से ठंडे पानी के नीचे अपना सिर ले गया। कुछ देर ठंडा पानी सिर पर फिर से डालने के बाद मैं तालाब में एक जलमग्न और तैराकी करते हुए एक कोने से दूसरे कोने की ओर चला गया। हौज़ खासा बड़ा था, उसकी न्यूनतम लंबाई 20 मीटर होगी। और इतना लंबा तालाब बनवाने का उद्देश्य वास्तव में यही होगा कि मैम अपने पति के साथ इसमें नहाती होंगी। दूसरी ओर पहुंचकर मैं एक बार और जलमग्न हुआ और वापस ट्यूबवेल से निकलने वाले पानी के पास आ गया, वहाँ पहुँच कर मैंने फिर ट्यूबवेल के नीचे अपना सिर किया और फिर सांस लेने के लिए अपना सिर बाहर निकाला तो मेरी ऊपर की सांस ऊपर और नीचे की सांस नीचे रह गई

तालाब के बाहर लैला मैम मेरी बनियान पहन कर खड़ी थीं। बनियान का गला बाद काफी बड़ा होता है इसलिए मेरी बनियान से लैला मैम के उभरे हुए मम्मे स्पष्ट दिख रहे थे और उनकी सुंदर कलयूेज भी बनी हुई थी। बनियान के नीचे मैम का काले रंग का ब्रा स्पष्ट नजर आ रहा था। मेरे अंडर वेअर में लंड ने एक बार फिर से सिर उठा लिया था और मुझे यह सोच सोच कर ही कुछ होने लगा था कि अब कुछ देर बाद लैला मैम और मैं इसी गड्ढे में इकट्ठे नहाएँ और मैं लैला मैम के बदन से खेलूंगा। इतने में मुझे ट्यूबवेल के पाइप पर अपनी हाफ़पेंट दिखी तो मैंने एकदम से लैला मैम के पैर की तरफ देखा कि अगर मेरी हाफ़पेंट वहीं है तो लैला मैम ने क्या पहना है ...

. वाहह । । । । क्या नज़ारा था वह जब मैंने लैला मैम के पैरों की तरफ देखा। लैला मैम ने अपना दुपट्टा अपनी टांगों पर लपेट रखा था जो शायद उनकी जांघों को ढक रहा था। दुपट्टे के नीचे शायद मैम ने पैन्टी पहनी हुई थी। बिल्कुल सकते की हालत में मैम को देख रहा था जब मैं तभी मैम की आवाज़ आई, मेरा हाथ पकड़ कर खींची तो मैं होश में आया तो लैला मैम ने अपना सुंदर हाथ मेरी ओर बढ़ाया हुआ था जिसको मैंने तुरंत ही थाम लिया, तो मैम ने अपनी एक टांग ऊपर उठाई और ट्यूबवेल के तालाब की दीवार पर रख दी। दीवार खासी ऊंची होने के कारण मेम को काफी मुश्किल हुई अपनी टांग ऊपर रखने में, और इसलिए मुझे मैम के पैरों के बीच का नज़ारा भी मिल गया। मैम का एक पैर गड्ढे की दीवार पर और एक नीचे जमीन पर था और मेरी नजरें मैम के दुपट्टे के बीच में थी जहां से मैम की काले रंग की पैन्टी स्पष्ट दिख रही थी।

लेकिन अब की बार मैंने होशओहवाश को नियंत्रण में रखा और लैला मैम की पैन्टी से नजरें हटाकर जो टांग उनकी नीचे जमीन पर थी उसके साइड वाले नितंब पर हाथ रखकर मैम को ऊपर उठने में मदद की तो लैला मैम ने दूसरे पैर को उठाकर भी ट्यूबवेल के तालाब की दीवार पर रख लीया और फिर वहीं पर बैठ गईं। इस तरह बैठने से न केवल मुझे लैला मैम की पैन्टी बहुत स्पष्ट दिख रही थी बल्कि उनकी क्लीवेज़ और मम्मों की गहराई भी बहुत स्पष्ट दिख रही थी। फिर मैंने लैला मैम को अंदर आने को कहा तो उन्होंने एक हल्की झुरझुरी ली जैसे उन्हें डर लग रहा हो। मैंने कहा क्या हुआ मैम? तो वह बोलीं पानी बहुत ठंडा होगा और मुझे तो वैसे ही बहुत ठंड लगती है। यह सुनकर मैंने मैम को कहा तो आप ऐसा करें अपने ब्रा को भी उतार दें बस बनियान ही पहने रखें वरना बाद में ब्रा गीला होने के कारण भी आपको ठंड लगेगी। मैम ने कहा अब तो मैंने बनियान पहन ली अब फिर उतारकर ब्रा नहीं पहन रही। मैं एक मिनट में आपका ब्रा उतार देता हूँ बिना बनियान उतारे यह कह कर मैंने मैम की कमर पर हाथ रख कर उनकी बनियान ऊपर उठाई और उनकी कोमल और मुलायम कमर पर हाथ फेरने के बाद मैम की ब्रा का हुक खोल दिया और बनियान वापस नीचे कर दी। इस दौरान मैम ने मुझे कंधे पर हाथ रख कर पकड़ा हुआ था।

ब्रा हुक खोलने के बाद मैंने मैम की ब्रा की स्ट्रिप उनके दोनों हाथ से ऐसे निकाली कि वह बनियान के नीचे से ही निकले और उसके बाद आगे मैम की बनियान में हाथ डाल कर अपने दोनों हाथ मैम के मम्मों पर रख कर उनके ब्रा को पकड़ा और मम्मों को हल्के ढंग से दबा कर ब्रा उतार लिया और बनियान वापस नीचे कर दी, फिर मैंने मैम को कहा तो जरा संभल कर बैठें में आपका ब्रा पाईप पर लटका देता हूँ, यह कह कर मैं मैम से पीछे से हटा तो उन्होंने तालाब की दीवार पर हाथ रख लिए, लेकिन गड्ढे में उतरने की हिम्मत नहीं की। मैंने मैम का ब्रा ट्यूबवेल के पाइप पर अपनी हाफ़पेंट के साथ रख दिया और वापस आकर मैम को पकड़ लिया। फिर मैंने एक हाथ मैम के चूतड़ों पर रखा और एक कमर पर रखकर मैम को अपनी गोद में उठा लिया तो मैम ने मुझे कसकर पकड़ लिया जैसे उन्हें गिरने का डर हो। मैंने फिर मेम को आराम के साथ तालाब में उतार दिया जिससे उनकी एक सिसकी निकली। ये सिसकी ठंडे पानी की वजह से थी जैसे हमें शावर के नीचे होते हुए एकदम से झुरझुरी आती है और सिसकी से निकलती है। पानी में जाते ही मैम ने अपने दोनों हाथ अपने सीने पर बांध लिए और आँखें बंद कर लीं जबकि मैं आंखें फाड़ फाड़कर मैम के सेक्सी शरीर को देख रहा था और मेरा मन कर रहा था कि अभी अपना 8 इंच का लंड बाहर निकालूं और मैम की नाजुक चूत में डाल दूं जो काफी समय से लंड के लिए तरस रही है। मगर मैं ऐसा नहीं कर सकता था, ऐसा करने के लिए उनकी सहमती ज़रूरी थी मैम को अगर गुस्सा आ जाता तो वह मेरी दुकान भी मुझसे खाली करवा सकती थीं इसलिए मुझे इंतजार करना था कि कब मैम खुद मेरे लंड की मांग करें।

मैं कुछ देर तक ऐसे ही लैला मैम को देखता रहा फिर मैंने मैम से कहा कि आप पानी से इतना डरती क्यों हैं? मैम ने आँखें खोली और बोलीं मैं पानी से नहीं डरती बस मुझे ठंड अधिक लगती है। मैंने कहा चलें अब तो आप पानी में आ गई हैं अब एक डुबकी भी लगा लें पानी में। यह कह कर मैंने मैम को उनके सिर से पकड़ कर नीचे की ओर धकेला और उनका मुंह पानी में डाल दिया, पानी में जाने से पहले मैम ने हल्की सी चीख मारी मगर जैसे ही उनका मुंह पानी में गया उन्होंने अपना मुंह बंद कर लिया और कोई चीख नहीं निकली। कुछ सेकंड पानी में रहने के बाद मैम वापस बाहर निकल आईं और अब उनके बदन पर कंपकंपी हुई थी और आँखों में चमक भी थी। उन्हें शायद अच्छा लग रहा था ट्यूबवेल पर नहाना। लेकिन अब की बार मैंने मैम को ध्यान से देखा तो एक बार फिर नज़रें हटाना भूल गया। मैम ने मेरी जो बनियान पहन रखी थी वह बहुत बारीक थी और मैं उनका ब्रा तो उतार ही चुका था नीचे से। बनियान गीली होने के कारण उनके बदन से चिपक गई थी और उनके मम्मे और छोटे ब्राउन निपल्स बनियान में बहुत स्पष्ट नजर आ रहे थे। मैम इस बात से अनजान कि मेरी नजरें उनके मम्मों पर हैं और मैं उनके निप्पल देख रहा हूँ पानी देख कर खुश हो रही थीं। फिर मेम ने मेरी ओर देखा और बोलीं तुम्हें ठंड नहीं लग रही है, जब कि तुमने सिर्फ अंडर वेअर पहन रखा है। मैंने कहा नहीं मैम मैं तो नहाता रहता हूँ ट्यूबवेल के पानी में मुझे ठंड ही नहीं लगती, यह कह कर मैं ट्यूब वैल से निकलने वाले पानी के नीचे जाकर खड़ा हो गया और अपना चेहरा मेडम की ओर किया। पानी मेरे सिर पर गिर रहा था और दबाव की वजह से पानी सिर पर गिरने के बाद फैल कर आगे मैम की तरफ जा रहा था।

मैम मुझे पानी के नीचे देख कर खुश हो रही थीं, उन्होने अब की बार खुद ही पानी में एक डुबकी लगाई और कुछ सेकंड तक पानी में रहने के बाद फिर बाहर निकल आईं, उनके सिर से पानी चेहरे से होता हुआ नीचे गिर रहा था और वह अपन दोनों हाथों को चेहरे और आंखों पर फेर कर पानी साफ कर रही थीं। कि अचानक उनकी नजर अपने मम्मों पर पड़ी जहां उनके नपल्स बहुत स्पष्ट नजर आ रहे थे, तो उन्होने चौंक कर मेरी तरफ देखा और मेरी नजरें उस समय मैम के हल्के ब्राउन नपल्स पर ही थी। लैला मैम थोड़ी शर्मिंदा हुई और बोली ये बनियान तो बहुत बारीक है, इसमे तो सब कुछ दिख रहा है। तुम नहाओ, मैं जा रही हूँ। यह कह कर मैम तालाब की दीवार की ओर जाने लगीं, उनका निकलने का इरादा था, लेकिन मैंने आगे बढ़कर मैम को पकड़ लिया और कहा इसमें ऐसी कौन सी बात है मैम, मैं भी तो सिर्फ अंडर वेअर में ही नहा रहा हूँ। आपने तो भी बनियान पहन रखी है। मैंने मैम को उनके पेट के आसपास हाथ डाल कर रोका था। मैम ने इस पर मुझे कुछ नहीं कहा लेकिन मेरी ओर मुंह करके बोलीं तुम लड़के हो, तुम्हारी चलती है, मगर मैं औरत हूँ और मेरी जगह केवल मेरे पति ही देख सकते हैं। मैंने कहा अरे मैम इसमें भला इतना घबराने वाली कौनसी बात है। वास्तव में बनियान बारीक बहुत है इसलिए ऐसे आपके निपल्स नज़र आ रहे हैं, लाएं में सही कर देता हूँ। यह कर मैंने मैम की पहनी हुई बनियान नीचे से पकड़कर उठा कर उनके बूब्स पर रख दी और उसका निचला हिस्सा बनियान के ऊपरी भाग के साथ मोड़ दिया, बनियान अब थोड़ी मोटी हो गई थी लेकिन अब मैम की नाभि, अर्थात् नेवल दिख रही थी जो बहुत सुंदर थी, मैंने एक बार फिर बनियान को नीचे से पकड़ा और उसको फिर से फ़ोल्ड करके मॅम के मम्मों पर चढ़ा दिया।

अब बनियान काफी मोटी हो गई थी और लैला मैम के मम्मे दिखना बंद हो गए थे लेकिन उनका पूरा पेट नंगा हो गया था। और बनियान अब ब्रा का रूप ले चुकी थी जो केवल लैला मैम मम्मों को घेर थी। बनियान सेट करने के बाद मैंने लैला मैम के पेट पर हाथ रखकर फेरा और उन्हें कहा मैम वैसे आपके शरीर को देखकर लगता नहीं कि आप 32 साल की महिला हैं। लैला मैम मेरी बात सुन कर मुस्कुराई जैसा कि हर लड़की और औरत अपनी तारीफ सुन कर खुश होती है। लैला मैम ने कहा फिर मैं कितने साल की औरत लगती हूँ ??? मैंने कहा अरे मैम औरत तो लगती ही नहीं, आपकी फिट बॉडी और फिगर देखकर तो लगता है कि आप 23, 24 साल की जवान लड़की हैं। मेरी बात सुनकर लैला मैम के गालों पर लाली आ गई थी और वह बोलीं, लगता है लड़कियों को पटाने का काफी अनुभव है तुम्हें। उनकी बात सुनकर मैं भी हंसने लगा और बोला कहाँ मेडम आपको तो आज तक पटा नहीं सका और लड़कियों को क्या खाक पटाउँगा यह कह कर मैं भी हंसने लगा और लैला मैम भी मेरी बात सुनकर हंसने लगीं और उसके बाद फिर से पानी में एक डुबकी लगाई और अब की बार वह तैराकी करने लगी थीं। उन्हें तैराकी करता देखकर मैंने भी तैराकी शुरू कर दी और ऐसे ही हम तालाब के दूसरे किनारे पर पहुँच गए। यहां तालाब की गहराई थोड़ी सी ज्यादा थी और पानी हमारे सीने तक आ रहा था। लैला मैम की कद काठी अच्छी थी, वह करीब-करीब मेरे बराबर ही थी। पानी उनके बूब्स को छू रहा था यहाँ भी।

यहां पास ही गड्ढे में वह छेद था जहां से तालाब का पानी का बाहर निकालता है। मैं उसके सामने जाकर बैठ गया और पानी का रास्ता रोक लिया। अब पानी का निकलना बहुत कम हो गया और ट्यूबवेल से निकलने वाला पानी हौज़ को बहुत तेजी से भर रहा था। लैला मैम ने अपने पति के बारे में बताया कि वह भी इसी तरह पानी रोककर तालाब में पानी इतना कर लेते थे कि बस हमारा चेहरा ही पानी के बाहर रह जाता था। मैंने कहा नहाने का मजा ही ऐसे आता है खाली पेट तक पानी हो तो इसमें मजा नहीं। कुछ ही देर में पानी का स्तर काफी ऊंचा हो गया और पानी लैला मैम की गर्दन तक पहुंच चुका था और उन्हें यहाँ खड़े होना मुश्किल होने लगा था, वह वापसी के लिए बढ़ी तभी मैं छेद से पीछे हट गया और पानी का बहाव तेज़ी से छेद की तरफ बढ़ा और पानी निकलने लगा। पानी के इस दबाव के कारण लैला मैम थोड़ी सी लड़खड़ाई तो मैंने आगे बढ़कर उन्हें पकड़ लिया और उन्होने भी मेरे शरीर के आसपास अपने हाथ लपेट लिए। यहाँ मैं थोड़ा नीचे झुका और अपना चेहरा पानी के अंदर ले गया, पानी के नीचे आँखें खोलकर मैंने लैला मैम के शरीर को देखना शुरू किया। पानी में उनका गीला बदन और भी मस्त लग रहा था और नीचे उनकी गोरी गोरी बालों से मुक्त जांघे तो बहुत ही सुंदर थीं। मैंने आगे बढ़ कर अपने होंठ लैला मैम की नाभि पर रखकर वहाँ एक बोसा दिया और फिर लैला मैम को उनकी कमर से पकड़ कर वापस पानी से बाहर आ गया। लैला मैम ने अपनी नाभि पर मेरे होंठों का चुंबन महसूस कर लिया था जिसकी वजह से उनके चेहरे की लाली में वृद्धि हो गई थी फिर मैंने लैला मैम के चूतड़ों के आसपास अपने हाथ डाल कर उन्हें ऊपर उठा लिया इस तरह लैला मैम के मम्मे मेरे चेहरे के बिल्कुल सामने थे और मैंने थोड़ी हिम्मत से काम लेते हुए लैला मैम के मम्मों पर अपना चेहरा रख कर दबा दिया, मगर लैला मैम ने मुझे इस हरकत से मना नहीं किया।

 
फिर मैंने लैला मैम को ऐसे ही उठाकर 2 कदम गड्ढे की दीवार की तरफ बढ़ाए और फिर गड्ढे दीवार पर पैर रखकर एक जोरदार उछाल लगाई जिससे लैला मैम मेरी गोद में ही ऊपर उठती चली गईं और जिससे मेरी महज नीचे वाली टांग पानी में रह गई तो मैंने पीछे की ओर अपना वजन डाल दिया जिससे लैला मैम और हवा में उड़ते हुए वापस पानी में आ गई, और इस दौरान लैला मैम ने मुझे गिर जाने के डर से कसकर पकड़ लिया था। हम दोनों वापस पानी में आकर गिरे और फिर पानी की गहराई तक गए तो लैला मैम ने मुझे छोड़ कर अपने हाथ पांव मारे और तैरती हुईं ट्यूबवेल के पाइप की तरफ जाने लगीं, इस स्थिति में लैला मैम का पहले पेट मेरे चेहरे से होता हुआ गुज़रा और फिर उनकी चूत और उसके बाद उनके पैर मेरे चेहरे पर लगते हुए गुजर गये जब लैला मैम की चूत मेरे चेहरे के बिल्कुल ऊपर हुई तो मैंने हाथ बढ़ा कर उनका वह दुपट्टा पकड़ लिया था जिसे उन्होंने अपनी पैन्टी के ऊपर से बांध रखा था। दुपट्टा बहुत ज़्यादा मजबूती से नहीं बांधा गया था इसलिए वह तुरंत ही खुल गया और मेरे हाथ में आ गया। ट्यूबवेल के पाइप के पास जाकर लैला मैम जब पानी से बाहर निकली और मेरी तरफ देखा तो उनका दुपट्टा मेरे हाथ में लहरा रहा था, मेरे हाथ में दुपट्टा देखकर लैला मैम ने बनावटी गुस्सा व्यक्त किया और बोलीं यह क्या हरकत है ??? जबकि वह इस बात से गुस्से का इजहार कर बोल रही थीं मगर उनके चेहरे पर खुशी भी काफी थी। और मैं जानता था कि लैला मैम को शरीर के साथ मेरी छेड़छाड़ उन्हें अच्छी लग रही है।

लैला मैम की बात पर मैंने मुस्कुराते हुए कहा कुछ नहीं मैम, बस ऐसे ही यह दुपट्टा आपके शरीर पर अच्छा नहीं लग रहा था, आपकी सुंदरता को छिपा रहा था इसलिए मैंने उसे उतार दिया। मेरी बात सुनकर लैला मैम बोलीं ऐसे तो तुम्हारा अंडर वेअर भी तुम्हारे सौंदर्य को छिपा रहा है। उनकी यह बात सुनकर मैंने तुरंत कहा तो कोई बात नहीं आप उतार दें मेरा अंडर वेअर। मेरी बात सुनकर लैला मैम मुस्कुराई और बोलीं, नहीं मुझे उसकी कोई जरूरत नहीं। मैंने नहीं देखना आपका सौंदर्य। मैंने कहा ठीक है आप नहीं उतार रही तो मैं उतार देता हूँ। यह कह कर मैं नीचे झुका तो लैला मैम तुरंत पानी में तैरते हुए मेरे पास आ गई और मेरे हाथ को पकड़ कर रोक दिया और बोलीं नहीं ऐसी हरकत मत करो। मैं तो ऐसे ही मजाक कर रही थी। मैं एक ठहाका लगाया और कहा तो मैं कौन सा सच में उतारने वाला था मैं भी तो मज़ाक कर रहा हूँ। यह कह कर मैंने लैला मैम की कमर में हाथ डाला और उन्हें ट्यूबवेल के पाइप की ओर ले जाने लगा। वहां जाकर लीला मैम के पीछे आ गया और उन्हें पेट में हाथ डाल कर पकड़ लिया और उन्हें थोड़ा आगे धक्का देकर पानी के नीचे किया तो लैला मैम अपनी गाण्ड बाहर निकाल कर झुक गई और ट्यूबवेल से निकलता हुआ तेज पानी उनके सिर पर गिरने लगा जबकि लैला मैम की बाहर निकली हुई गाण्ड मेरे लोड़े के बिल्कुल ऊपर थी और उसको छू रही थी।

निश्चित रूप से लैला मैम को भी अपनी गाण्ड पर मेरे लंड का दबाव महसूस हुआ होगा, मगर वह लगातार एक ही स्थिति में रही और पानी का मज़ा लेती रहीं। कुछ देर बाद उन्होंने अपना सिर पानी के नीचे से निकाल लिया मगर वह लगातार एक ही स्थिति में रही, फिर कुछ देर सांस लेने के बाद लैला मैम ने फिर से अपना सिर पानी के नीचे कर दिया, और मैंने अपने लंड का दबाव लैला मैम की गाण्ड बढ़ा दिया, इस बार लैला मैम ने भी अपनी गाण्ड को थोड़ा घुमा कर मेरे लोड़े ऊपर मसला। अगर बाहर से कोई इस समय हम दोनों इस पोज़ीशन में देख लेता तो वह यही समझता कि मेरा लंड लैला मैम की गाण्ड में जा चुका है। मैंने लैला मैम की कमर पर हाथ रखा हुआ था और उनको मज़बूती से पकड़ रखा था और अपने लंड को 2 झटके मे लैला मैम की गाण्ड में लगा दिया था 2 धक्के खाने के बाद लैला मैम ने अपना सिर फिर से पानी के नीचे से निकाल लिया और सीधी खड़ी हो गईं, तो वे वापस मूडी और हंसते हुए कहा बहुत मज़ा आया। वो पानी की बात कर रही थीं कि पानी के नीचे आकर मज़ा आया, लेकिन इस दौरान उन्होंने चोर नज़रों से मेरे लंड की ओर भी देखना चाहा, लेकिन पानी के नीचे होने के कारण उन्हें वहां कुछ नजर नहीं आया। मैंने द्विअर्थी ज़ुबान से लैला मैम से पूछा मैम सच में मज़ा आया आपको ??? मैम मेरी बात समझ गईं मगर एक अंजान बनते हुए बोलीं, हाँ बहुत मज़ा आया .... मैंने कहा तो एक बार फिर से होजाय ??? तो लैला मैम बोलीं, नहीं अभी नहीं। बल्कि अब तुम आओ पानी के सामने देखते हैं तुम पानी का कितना दबाव सहन कर सकते हैं ...

मैंने कहा क्या मतलब ??? लैला मैम बोलीं मतलब यह कि तुम्हे पानी के सामने आना है और झुकना नहीं बल्कि अपने सीने पर पानी के दबाव को सहन करते हुए आगे बढ़ना है। देखते हैं आप कितना आगे बढ़ सकते हैं। यह सुनकर मैंने कहा ठीक है आज यह अनुभव भी कर लेते हैं। यह कह कर हाथ फैलाकर पानी के सामने आ गया और धीरे धीरे आगे बढ़ने लगा। पानी का दबाव बहुत तेज था और पानी मेरे सीने से टकरा कर साइड में फैल रहा था और बहुत सारा पानी ट्यूबवेल के गड्ढे से बाहर भी गिर रहा था। धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए एक जगह पर जाकर रुक गया। लैला मैम ने कहा क्या हुआ और आगे नहीं जा सकते ??? मैंने कहा नहीं मैम दबाव ज़्यादा है और आगे नहीं जा सकता। लैला मैम ने एक ठहाका लगाया और बोलीं, यह तो कुछ भी नहीं, मेरे पति तो बिल्कुल पाइप के पास पहुंच जाते थे और जितना आगे तुम गए हो उतना तो आगे तो मैं भी जा सकती हूँ।

 
मैंने कहा मैम इस समय पानी का दबाव कम होता होगा, लेकिन अब बहुत अधिक है। मैम ने कहा बहाने न बनाओ ज़्यादा

मैं पानी के आगे से हट गया और कहा चलिए देखते हैं कि आप यहाँ तक जा सकती हैं या नहीं। मेरी बात सुनकर लैला मैम थोड़ा आगे हुईं तो पानी उनके पेट पर गिर रहा था, वह धीरे धीरे आगे बढ़ने लगीं तो मैं उनके पास गया, और मैंने कहा मैं आपको सहारा देता हूँ, आप कहीं गिर न जाएं। यह कह कर मैंने अपना एक हाथ उनकी कमर के पीछे रख लिया और उन्हें धीरे धीरे आगे की ओर धकेलने लगा। पानी जो पहले उनकी नाभि के नीचे टकरा रहा था अब जैसे-जैसे मैम करीब हो रही थीं पानी नाभि से होता हुआ अब उनके सीने से कुछ नीचे टकरा रहा षा और यहां पानी का दबाव बहुत अधिक था।

लैला मैम की आँखें बंद थीं और वह करीब-करीब उसी जगह पर पहुँच चुकी थीं जहां तक मैं गया था। वह निश्चित रूप से अभी और आगे जा सकती थीं मगर अब उन्हें अपने सीने पर पानी का दबाव ज्यादा महसूस होने लगा था इसलिए वो थोड़ा पीछे की ओर झुकी थी। मैं उसी पल के इंतज़ार में था, जैसे ही लैला मैम पीछे की ओर झुकी, मैं उन्हें सहारा दिया और वह मेरे हाथ पर लेटने वाली स्थिति में आ गई, वो पूरी तरह लेटी तो नहीं थी, मगर काफी पीछे झुक चुकी थीं और मैंने उसी पल उनको थोड़ा आगे धकेला तो पानी उनके मम्मों से टकराने लगा और लैला मैम हंसने लग गईं और बोलीं वाकई यहां पानी का दबाव बहुत अधिक है लेकिन मैं आगे जाऊंगी, यह कह कर लैला मैम ने एक कदम आगे बढ़ाया तो पानी के दबाव के कारण लैला मैम की बनियान उनके मम्मों से उतर कर उनके सीने की ओर चली गई और उनके 36 आकार के बड़े ही सुंदर और सुडौल मम्मे मेरी आँखों के सामने थे।

मैंने आज पहली बार लैला मैम यह सुंदर मम्मे देखे थे। पानी के दबाव की वजह से शायद लैला मैम को आभास नहीं हो सका कि उनकी बनियान उतर गई है और उनके मम्मे उस समय नंगे हैं, वे लगातार हंस रही थीं और मैं लैला मैम के सुडौल मम्मों को आँखें फाड़ फाड़ कर देखने में व्यस्त था।

फिर अचानक न जाने मुझे क्या हुआ कि मेरा एक हाथ लैल मैम की तरफ बढ़ने लगा। मैंने अपना हाथ लैला मैम के पेट पर रखा और धीरे धीरे अपने हाथ को ऊपर की ओर ले जाने लगा। जब मेरा हाथ लैला मैम मम्मों के पास पहुंचा तो लैला मैम बोलीं बस भई अब और सहन नहीं होता बहुत ज़्यादा दबाव है, यह कह कर लैला मैम पीछे हटने लगीं मगर तब तक मेरा हाथ लैला मैम के मम्मों को छू चुका था, और मैंने अपना हाथ लैला मैम के एक मम्मे पर रख कर उसको पकड़ लिया था। जैसे ही मैंने लैला मैम मम्मे पर अपना हाथ रखा, उन्हें जैसे एक करंट लगा और वह तुरंत पीछे हुईं और अपने मम्मों की तरफ देखने लगीं तो वह पूर्ण नग्न थे, फिर लैला मैम ने मेरी ओर देखा तो मेरी नजरें उनके मम्मों पर ही थीं, लैला मैम ने डर कर फिर से अपने मम्मों की ओर देखा, लेकिन अब तक उन्होंने बनियान वापस मम्मों पर नहीं की थी, फिर अचानक उन्हें विचार आया तो उन्होंने जल्दी से अपनी बनियान मम्मों के ऊपर कर ली। तभी मैं बोला सोरी मैम, वह आपकी बनियान को ठीक करने लगा था कि अचानक आप पीछे हट गईं और मेरा हाथ आपके मम्मों पर लग गया। यह सुनकर लैला मैम ने सिर झुकाया और बोलीं कोई बात नहीं ... मगर उसके बाद लैला मैम फिर पानी के पास नहीं आईं और पीछे होकर खड़ी हो गईं और कुछ देर तक चुपचाप खड़ी रहीं,

मैं लीला मैम के पास गया और कहा सॉरी मैम अगर आपको बुरा लगा हो तो। लैला मैम ने कहा नहीं कोई बात नहीं इसमें तुम्हारी तो गलती नहीं, वह तो पानी की वजह से उतर गई थी बनियान। मैंने कहा चलें अब अपना मूड तो सही करें, यह कह कर मैंने लैला मैम को कंधों से पकड़ कर फिर से पानी में एक गोता दिलवा दिया। लैला मैम ने पानी निकलने की कोशिश की मगर कुछ पल मैंने उन्हें पानी के अंदर ही रहने दिया, तभी मुझे लगा कि मेरे लंड से कोई चीज़ टकराई है। बल्कि टकराई नहीं, लंड पर आकर रुक गई है। इस बार लीला मैम का हाथ था जो उन्होंने पानी के अंदर से ही मेरे खड़े हुए लंड पर रख दिया था। जबकि मैंने अंडर वेअर पहना हुआ था मगर फिर भी मेरे लंड में इस समय जितनी सख्ती थी कि वो अंडर वेअर से मापी नहीं जा सकती थी। लैला मैम ने मेरे लंड पर ना केवल अपना हाथ रखा था बल्कि उसको पकड़ कर दबा भी दिया था। तभी मैंने लैला मैम को छोड़ा तो वह पानी से निकली और हंसने लगीं और बोलीं, अब छोड़ दिया है न जल्दी। अगर मैं तुम्हारे उस पर हमला नही करती तो तुम तो मुझे निकलने ही न देते पानी से। मैंने कहा नहीं मैम में कौन सा आपको मारने वाला था, बस थोड़ी देर आपको तंग करना था।

लैला मैम बोलीं किसी को ज्यादा देर तक इस तरह पानी में अंदर नही रखना चाहिए अगर पानी मुंह में चला जाए तो खांसी भी शुरू हो जाती है और फिर तबीयत बिगड़ जाती है। यह कह कर लैला मैम तैराकी करती हुई दूसरी ओर चली गईं मैं भी तैराकी करते हुए दूसरी साइड मे चला गया। दूसरी ओर जाकर लैला मैम तालाब की दीवार के साथ कमर लगा कर खड़ी हो गई और मैं भी उनके काफी करीब जाकर उनकी गर्दन में अपनी बाहें डाल कर खड़ा हो गया, मेरा शरीर लैला मैम के शरीर से टकरा रहा था और शायद मेरा लंड उनकी चूत के बिल्कुल ऊपर ही था। मेरे होंठ लैला मैम के होंठों के करीब थे, मैंने धीरे से अपने होंठों को लैला मैम के होंठों पर रखकर उन्हें चूस लिया और आश्चर्यजनक रूप से लैला मैम ने मना करने की बजाय अपने हाथ मेरी कमर के आसपास लपेट कर मुझे अपने और भी करीब कर लिया। मैंने हैरान होकर लीला मैम के होंठों से अपने होंठ हटाए तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी। उन्होंने कुछ देर अपनी नज़रें नीचे रखी और फिर अपने होंठों का गोल आकर बनाकर मेरे पास होने लगीं और अबकी बार उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख कर उन्हें चूसना शुरू कर दिया। मैं तो कब से यही सब कुछ करना चाहता था, अब की बार मैंने एक हाथ लैला मैम की कमर के चारों ओर और दूसरा उनके चूतड़ों पर रख कर उन्हें जोर से पकड़ लिया और उनके होठों को चूसना जारी रखा। ठंडे पानी में अब हम दोनों के शरीर गर्म हो रहे थे। और अगर कहा जाए पानी में आग लग चुकी थी तो गलत न होगा।

काफी देर तक लैला मैम और मेरे बीच चुंबन चला फिर मेम ने अपने होंठ मेरे होंठों से हटाए और मेरे सीने को देखने लगी और फिर मेरे सीने पर झुक कर अपने होंठों को मेरे सीने पर रख दिया। अब लैला मैम एक हाथ मेरे सीने पर फेर रही थीं और अपने होंठों से मेरे सीने पर प्यार भी कर रही थीं, जबकि मेरा एक हाथ लैला मैम के नितंबों पर था और मैं उन्हे धीरे धीरे दबा रहा था। इसी दौरान लैला मैम ने अपने होंठ मेरे नपल्स पर रखकर उन्हें चूसना शुरू कर दिया और पार्टी वाले दिन की तरह ही अपनी जीभ को भी मेरे नपल्स को रगड़ना शुरू कर दिया जिससे मुझे बहुत मज़ा आने लगा। मैं अब एक हाथ लैला मैम की कमर पर फेर रहा था जबकि दूसरा हाथ लगातार उनके चूतड़ पर रखे उसे दबा रहा था। लैला मैम ने कुछ देर मेरे निपल्स को चूसने के बाद छोड़ दिया और सीधी खड़ी होकर गहरी सांस लेने लगीं तो अब की बार मैंने अपने होठों को लैला मैम की गर्दन पर रख दिया और अपने दोनों हाथ मैम के चूतड़ों पर रख कर उनको थोड़ा ऊपर उठा लिया और उनको दबाना भी शुरू कर दिया। गर्दन पर प्यार करते करते धीरे धीरे नीचे आने लगा और अब मेरे होंठ और जीभ लैला मैम के सीने पर मम्मों से कुछ ऊपर उन्हें चुंबन और चूसने में व्यस्त थे।

फिर मैंने लैला मैम के चूतड़ों को छोड़ा और अपने दोनों हाथ उनके बूब्स पर रखकर उनको दबाने लगा जिससे लैला मैम की हल्की-हल्की सिसकियाँ निकलने लगी। फिर मैंने अपने एक हाथ से लैला मैम की बनियान ऊपर करके उनके मम्मों को फिर से नंगा कर दिया और दूसरा हाथ लैला मैम की कमर पर रख दिया। कुछ देर मैं लैला मैम के मम्मों को देखता रहा और फिर एक हाथ से उनके एक मम्मे को पकड़ कर उस पर हाथ फेरने लगा और मैम से कहा मैम आपके मम्मे बहुत सुंदर हैं, इन्हे देखकर तो दिल करता है कि इनको खा जाऊं में।

 
लैला मैम कुछ नही बोली बस अपने बूब्स को और मुझे देखती रहीं। मैं खुश था कि आज लैला मैम मूड में हैं और आज तो मेरा लंड लैला मैम की चूत में जाकर उनकी प्यासी चूत को पानी पानी कर देगा। तभी मैंने अपनी उंगली और अंगूठे से लैला मैम के एक निप्पल पकड़ कर उसे मसल डाला जिससे लैला मैम की एक सुंदर सेक्सी सिसकी निकली और फिर मैंने अपनी ज़ुबान लैला मैम के निप्पल के ऊपर रख कर उसको थोड़ा छेड़ने के बाद उनके निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। मेरी इस हरकत से लैला मैम की सिसकियों में वृद्धि हो गई थी, लेकिन फिर अचानक ही उन्होंने मुझे रोक दिया और अपनी बनियान नीचे करके बोलीं, बस ऊपर ऊपर से ही कर लो। इससे ज्यादा नहीं। मैंने मन में सोचा कि लैला मैम अब सेक्स के लिए तैयार तो हैं, इसलिए कुछ देर ऊपर करके उनकी चूत को छेड़ते हैं तो यह फिर से प्रसन्न हो जाएंगी। अब मैंने लैला मैम की बनियान के ऊपर से ही उनके निप्पल को मुंह में ले लिया और उसे चूसना शुरू कर दिया। इसमें वह मजा तो नहीं था जो लैला मैम के नंगे निपल्स चूसने में था मगर फिर भी मुझे इतनी तसल्ली थी कि लैला मैम का सुंदर बदन इस समय मेरी बाहों में है। कुछ देर लैला मैम के मम्मों को बनियान के ऊपर से ही चूसता रहा, फिर लैला मैम ने मेरा चेहरा पकड़ कर अपने बूब्स से हटा दिया और फिर उन्होंने मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया। थोड़ी देर मेरे होंठ चूसने के बाद लैला मैम ने मुझे तालाब की दीवार लगा दिया और अब फिर से वो मेरे नपल्स को मुंह में लेकर चूसने लग गई थीं। जबकि मैं अपने दोनों हाथ लैला मैम के मम्मों पर रख कर उन्हें दबा रहा था। मेरा लंड लगातार पानी छोड़ रहा था जबकि मुझे यकीन था कि लैला मैम की चूत भी समय गीली होगी और उनका चिकना पानी लैला मैम की पैन्टी को भी गीला कर चुका होगा। फिर मेरे नपल्स को चुसते चुसते मैम एकदम मेरे पीछे हट कर खड़ी हो गईं और गहरी गहरी साँस लेने लग गईं। कुछ देर लैला मैम को देखता रहा फिर मुझे एक झटका लगा जब लैला मैम ने तालाब की दीवार पर हाथ रखकर एक कूद लगाई और दीवार पर चढ़कर तुरंत ही दूसरी ओर उतर गईं।

मैंने चौंक कर लैला मैम को देखा और कहा यह क्या ??? लैला मैम बोलीं बस अब घर चलते हैं बहुत देर हो गई हमें यहाँ ... मैंने कहा लेकिन मैम ..... लैला मैम बोलीं बस यार, मुझे भूख भी लग रही है, तुम्हें भी लग रही होगी अब घर चलें घर जाकर नाश्ता करते हैं। मैं भी गड्ढे से बाहर निकल आया और कहा लेकिन मैम अभी तो नहाने का मजा आने लगा था। मेरी ओर देखकर लैला मैम मुस्कुराई और बोली, ज़्यादा मज़ा भी स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता। बस जितना मज़ा ले लिया है वह काफी है। चलो अब जल्दी चलें। ये कह कर लैला मैम ने ट्यूबवेल के पाइप से अपना ब्रा उतारा और साथ पड़ी कुर्सी से अपनी कमीज और सलवार उठा कर अंदर हवेली में चली गईं जबकि मैं बाहर अपना सा मुंह लेकर खड़ा रहा। मुझे एक बार फिर से लैला मैम पर गुस्सा आ रहा था कि अगर सेक्स करना नहीं था तो मूड क्यों बनाती हैं सेक्स का। अच्छा खासा मूड बनाकर आज फिर बीच में ही काम अधूरा छोड़ दिया था।

कुछ देर अपनी किस्मत को कोसने के बाद मैंने भी अपना कच्छा और शर्ट उठाई और ट्यूबवेल बंद करके अंदर हवेली में चला गया जहां लैला मैम अपना शरीर सुखाने के बाद सलवार और ब्रा पहन चुकी थीं। उनकी नजर मुझ पर पड़ी तो वह एक बार मुस्कुराई और फिर अपनी कमीज पहनने लगीं। कमीज पहनने के बाद बोलीं, तुम्हारा चेहरा देखकर तो लगता है जैसे तुम अभी रो पड़ोगे

मैंने बुरा सा मुंह बनाते हुए कहा यार यह अच्छी बात नहीं है, जब मज़ा आता है तो पीछे हो जाती हो मैंने पहली बार लैला मैम को मैम की बजाय यार कह कर बुलाया था। मैम मुस्कुराई और फिर बोलीं बस पता नहीं मुझे क्या हो जाता है, लेकिन तुम भी जानते हो कि हम जो कर रहे थे वह गलत था मैं एक शादीशुदा औरत हूँ और तुम्हारी भी सगाई हो चुकी है। अगर हमारी इस हरकत के बारे में मेरे पति या तुम्हारी मंगेतर को मालूम हो गया तो हम दोनों के लिए समस्या हो जाएगी . इसलिए भलाई इसी में है कि जितना मज़ा ले लिया है इतना काफी है। अब घर चलते हैं। इस दौरान लैला मैम ने दो बार अपनी नज़रें मेरे अंडर वेअर पर डाली थी जहां लंड अब तक लैला मैम की चूत के इंतजार में खड़ा था। लैला मैम अपने कपड़े पहन चुकी थीं और उन्होंने मेरी बनियान एक कुर्सी पर फैलाई हुई थी जबकि साथ ही उनकी पैन्टी भी पड़ी थी जिसका मतलब था कि अब उन्होंने पैन्टी नहीं पहनी हुई। मैंने भी गुस्से में लैला मैम के सामने ही अपना अंडर वेअर उतार दिया। अंडर वेअर उतारा तो मेरा लंड फनकारता हुआ लैला मैम के सामने खड़ा हो गया और लैला मैम फटी फटी आँखों से मेरे लंड को देखने लगीं, मगर मैंने उनकी नज़रों की परवाह किए बिना अपने हाथ में पकड़ी हुई हाफ़पैंट पहन ली और उसके बाद अपनी टी शर्ट भी पहन ली। और फिर अपना अंडर वेअर और बनियान उठाकर साथ लाए एक शापर में डाल दीं लैला मैम ने अपनी पैन्टी उठाई और बोलीं ये भी उसी में डाल दो, मगर उनकी नजरें अभी तक मेरे तने हुए लंड पर थीं जिसका तनाव हाफ़पेंट में भी स्पष्ट नजर आ रहा था।

लीला मैम की हालत समझ सकता था, वह एक शरीफ और अपने पति की वफादार पत्नी थीं, मगर काफी समय से लंड न मिलने के कारण उनकी चूत लंड की प्यासी थी जो उन्हें मजबूर करती थी मेरे साथ सेक्स करने को मगर फिर सेक्स करते करते उनकी शर्म और पति का प्यार जाग उठता है और वह बीच में ही काम अधूरा छोड़ देती थीं। और अब जिस तरह लैला मैम बार बार मेरे लंड को देख रही थीं उसका मतलब था कि उन्हें मेरे लंड की लंबाई पसंद आई है और वह इससे चुदना चाहती हैं, लेकिन वो मजबूर थीं कि वह एक शरीफ गृहिणी थीं। बहरहाल फौरन हम हवेली का गेट बंद करके बाइक पर फिर लैला मेम के घर की ओर जा रहे थे। रास्ते में हमारे बीच कोई खास बात नहीं हुई, शहर में प्रवेश होकर केंट से हमने नाश्ता खरीदा और लैला मेम के घर जाकर मैम ने मुझे एक कमरे में बिठा दिया और खुद खाना लेकर किचन में चली गईं। कुछ देर बाद लैला मैम हाथ में बर्तन लिए आईं और मेरे सामने भोजन रखा। तभी कमरे में एक जवान लड़की आई ये नर्स थी जो लैला मैम की अनुपस्थिति में उनके पति का ध्यान रखती थी। लैला मैम ने उससे पूछा कि उन्हें नाश्ता करवा दिया था तो नर्स ने कहा जी लैला जी अभी कुछ देर पहले ही उन्होंने नाश्ता किया है। यह सुनकर लैला मैम ने उसे कहा ठीक है अब तुम जाओ शाम को आ जाना। यह सुनकर वह नर्स चली गई जबकि लैला मैम मेरे साथ बैठकर नाश्ता करने लगीं।

नाश्ता करते करते मैंने कहा मैम आप एक बात पूछूँ ??? उन्होंने कहा हां पूछो, मैंने कहा मैम इतना तो मुझे पता है कि आपको सेक्स की ज़रूरत है, लेकिन आप अपने पति के प्यार में किसी से भी सेक्स करने के लिए तैयार नहीं। मैं समझता हूँ कि आप किस मुश्किल से अपने ऊपर नियंत्रण रखती होगी, मगर ये बताएँ कि आपके जो पति हैं, वो वास्तव में उठ नहीं सकते, मगर दिल तो उनका भी करता होगा सैक्स को। वे कैसे गुजारा करते हैं। लैला मैम मेरी बात सुनकर थोड़ा उदास हो गई और काफी देर चुप रही, फिर बोलीं उनकी जरूरत मैं पूरी कर देती हूँ।

मैंने कहा क्या मतलब ??? आप तो कह रही थी कि वह इस योग्य नहीं कि सेक्स कर सकें। फिर कैसे आप उनकी जरूरत पूरी करती हैं ???

मेरी बात सुनकर लैला मैम ने कहा मैं उनकी जरूरत पूरी करती हूँ मगर वह मेरी जरूरत पूरी नहीं कर सकते। उनका खड़ा तो होता है, मैं उनको झडवा देती हूँ, लेकिन मैं खुद उससे अपनी जरूरत पूरी नहीं कर सकती।

मैंने कहा मतलब आप हाथ से .... या मुँह में लेकर ...... ?????

लैला मैम ने एक नजर मेरी ओर देखा और बोली हाथ से भी और मुंह से भी। लेकिन एक बार मैं उनके ऊपर बैठी तो उनको बहुत तकलीफ हुई थी क्योंकि मेरा वजन अब वह सहन नही कर सकते हैं।

 
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