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25. रुपल औऱ मैं
मेरी रूपल से दोस्ती गहरी होती चली गई ये बात मिताली को पता नहीं थी,
मुझे रूपल से ये बात जाननी थी कि उसने ही मिताली और कुणाल को पास लाने का षडियंत्र रचा था क्या?
यदि इसके पीछे उसी का हाथ था तो उसे भी मैं छोड़ने वाला नहीं था,
मेरा फोकस, मेरा जुनून , मेरा सब कुछ मिताली ही थी,
और अब मैं उससे बदला लेने में कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहता था,
संडे शाम रूपल और मेरा उन्ही के फ़्लैट में मिलने का तय हुआ, इस संडे मिताली और कुणाल बाहर जा रहे थे,
मैं रूपल से मिलने फ़्लैट पहुंचा , मिताली के जाते ही मैं छुपते छुपाते अन्दर पहुंचा , रूपल मेरा इन्तज़ार ही कर रही थी,
रूपल ने मेरा बहुत ही मीठी मुस्कान के साथ स्वागत किया,
रूपल और मेरी बातें शुरू हुई , कहानी और पेंचिदा हो गई,
रूपल तो खुद ही धोखे की शिकार निकली, पता चला कि कुणाल ने रूपल के साथ धोखा किया था, मिताली से पहले वो उसके करीब आया था, मेरी तरह ही उसने कुणाल से बदले के लिए दोस्ती का समझौता किया ,
मैंने उसे रोककर कुणाल के बारें में डिटेल से बताने को कहा,
उसने बताया कि
" कुणाल के पापा एक सीनियर आई ए एस अधिकारी है, उसकी मम्मी भी बड़ी सरकारी अफ़सर है , बहन जानी मानी डॉक्टर है और विधवा है , और ये रियल एस्टेट का काम करता है, पैसों कि कोई कमी नहीं है , बस इधर उधर करके पैसे कमाना और अय्याशियां करना इसका शगल है, सिर्फ लड़की ही इसका नशा नहीं है बल्कि नई नवेली लड़की इसका नशा है।"
रूपल ने मोबाइल में कुणाल और खुद की फोटो दिखाते हुए कहा,
" ये देखो पीछे क्या दिख रहा है?"
" ये तो एफेल टॉवर है ।"
" हां हम पेरिस गए थे , मुझे बहुत फुसलता रहा पर मैंने हाथ ना लगाने दिया फ़िर मुझे खुद की कसम देने लगा मैंने भावनाओं में बहकर हां कर दिया और सब कुछ सौंप दिया, उसने मुझसे कहा कि इस ख़ास दिन को यादगार मनाना है यहां के थर्ड क्लास होटल में नहीं किसी शाही जगह पर सेलिब्रेशन करेंगें, मैं भी खुश थी कि मेरे लिए कितना कुछ कर रहा है, इतना पैसा कोई ऐसे ही थोड़ी खर्च करेगा मज़े के लिए, मुझसे सच्चा प्यार करता है वरना यहां क्या बुरा था , कहीं भी ले जाकर कर लेता दस मिनिट की वासना ही तो थी ,पर मेरे सारे नखरे उठाकर पेरिस ले गया वहां उसने मुझसे मेरा कौमार्य छीन लिया, फ़िर सब कुछ ठीक चल रहा था तभी ये मिताली उसकी ज़िन्दगी में आ गई, मुझसे वो दुर होता चला गया, कई बार उसकी मेरी लड़ाई भी हुई पर वो एक नम्बर का गुंडा है, मुझे धमकियां देता रहता है, पर मैंने भी फ़ैसला किया है कि उसे मैं छोडूंगी नहीं , उसके बारे में सारी जानकारियां जुटा रही हूं ।"
मैंने कहा,
"वो तो तुम्हारे घर के ही पास रहता था न तो तुम्हें नहीं पता था क्या उसके बारे में?"
" नहीं यार वो बहुत स्मार्ट दिखता था , मेरा बहुत मन था उसके , करीब आने का पर उन दिनों मैं छोटी थी और इतनी सुंदर नहीं दिखती थी सजना संवरने से कोसो दूर थी, जो बदलाव किया यहां आकर किया, और उसका असर ये हुआ कि एक बार हम लखनऊ में साथ - साथ घर पहुंचे उसने पहली बार मुझे ढंग से देखा था शायद ।"
रूपल भी दिखने में कम नहीं थी ख़ूबसूरती उसकी भी किसी को मोह लेने की ताकत रखती थी,
" ओह तो ये भंवरा आदमी है ।" मैंने कहा ।
" बिल्कुल सही पकड़ा, ये नई कलियों को शिकार बनाता है, ये हर साल विदेश टूर पर जाता है और नई लड़की को ले जाता है, शायद मनोरोग है इसे, बहुत विकृति इसके दिमाग में भरी है, और नई लड़कियों के साथ दरिंदगी करता है, पेरिस में मेरी तो जान ही निकल गई थी,
मैं उन अंतरंग पलों के दौरान ही बेहोश हो गई थी,
बाद में पता चला पहले भी ऐसे ही लड़कियों को शिकार बनाता रहा है,
और फिर अपनी पॉवर और एप्रोच के दम पर लड़कियों को चुप कर देता है, मैंने मिताली से दोस्ती उससे बदला लेने के लिए ही कि है।"
मेरी आंखें फटी की फटी रह गई , मै सक्ते में था कि क्या सोचा क्या निकला, मुझे मिताली पर तरस भी आ रहा था और गुस्सा भी कि मुझसे धोखा करने की वज़ह ये पैसा और पॉवर था ,
रूपल शायद मेरे मनसूबे भांप चुकी थी उसने मुझसे कहा,
" शायद तुम्हें भी मिताली से बदला लेना होगा ना?"
"हां लेकिन तुम्हें कैसे पता चला?"
"तुमसे फोन पर बातें करते हुए सुना है मैंने इसे, और अब तुम्हें दोस्ती निभाते हुए देख रही हूं।"
रूपल ने तीर सीधे निशाने पर लगाया था,
, मैंने रूपल से पूछा,
" इस साल कहां जा रहा है वो?"
उसने कहा,
" स्विट्जरलैंड।"
मुझे यकीन हो गया था कि रूपल एक दम सही कह रही थी,
" कब जाएंगे?"
" ये नहीं पता अभी।"
" रूपल दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है इस लिहाज़ से तुम दोस्ती निभाओगी, मेरे पास एक आइडिया है इन से बदला लेने का, बोलो दोगी साथ??"
रूपल ने ताली देते हुए हामी भरी ।,
मेरी रूपल से दोस्ती गहरी होती चली गई ये बात मिताली को पता नहीं थी,
मुझे रूपल से ये बात जाननी थी कि उसने ही मिताली और कुणाल को पास लाने का षडियंत्र रचा था क्या?
यदि इसके पीछे उसी का हाथ था तो उसे भी मैं छोड़ने वाला नहीं था,
मेरा फोकस, मेरा जुनून , मेरा सब कुछ मिताली ही थी,
और अब मैं उससे बदला लेने में कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहता था,
संडे शाम रूपल और मेरा उन्ही के फ़्लैट में मिलने का तय हुआ, इस संडे मिताली और कुणाल बाहर जा रहे थे,
मैं रूपल से मिलने फ़्लैट पहुंचा , मिताली के जाते ही मैं छुपते छुपाते अन्दर पहुंचा , रूपल मेरा इन्तज़ार ही कर रही थी,
रूपल ने मेरा बहुत ही मीठी मुस्कान के साथ स्वागत किया,
रूपल और मेरी बातें शुरू हुई , कहानी और पेंचिदा हो गई,
रूपल तो खुद ही धोखे की शिकार निकली, पता चला कि कुणाल ने रूपल के साथ धोखा किया था, मिताली से पहले वो उसके करीब आया था, मेरी तरह ही उसने कुणाल से बदले के लिए दोस्ती का समझौता किया ,
मैंने उसे रोककर कुणाल के बारें में डिटेल से बताने को कहा,
उसने बताया कि
" कुणाल के पापा एक सीनियर आई ए एस अधिकारी है, उसकी मम्मी भी बड़ी सरकारी अफ़सर है , बहन जानी मानी डॉक्टर है और विधवा है , और ये रियल एस्टेट का काम करता है, पैसों कि कोई कमी नहीं है , बस इधर उधर करके पैसे कमाना और अय्याशियां करना इसका शगल है, सिर्फ लड़की ही इसका नशा नहीं है बल्कि नई नवेली लड़की इसका नशा है।"
रूपल ने मोबाइल में कुणाल और खुद की फोटो दिखाते हुए कहा,
" ये देखो पीछे क्या दिख रहा है?"
" ये तो एफेल टॉवर है ।"
" हां हम पेरिस गए थे , मुझे बहुत फुसलता रहा पर मैंने हाथ ना लगाने दिया फ़िर मुझे खुद की कसम देने लगा मैंने भावनाओं में बहकर हां कर दिया और सब कुछ सौंप दिया, उसने मुझसे कहा कि इस ख़ास दिन को यादगार मनाना है यहां के थर्ड क्लास होटल में नहीं किसी शाही जगह पर सेलिब्रेशन करेंगें, मैं भी खुश थी कि मेरे लिए कितना कुछ कर रहा है, इतना पैसा कोई ऐसे ही थोड़ी खर्च करेगा मज़े के लिए, मुझसे सच्चा प्यार करता है वरना यहां क्या बुरा था , कहीं भी ले जाकर कर लेता दस मिनिट की वासना ही तो थी ,पर मेरे सारे नखरे उठाकर पेरिस ले गया वहां उसने मुझसे मेरा कौमार्य छीन लिया, फ़िर सब कुछ ठीक चल रहा था तभी ये मिताली उसकी ज़िन्दगी में आ गई, मुझसे वो दुर होता चला गया, कई बार उसकी मेरी लड़ाई भी हुई पर वो एक नम्बर का गुंडा है, मुझे धमकियां देता रहता है, पर मैंने भी फ़ैसला किया है कि उसे मैं छोडूंगी नहीं , उसके बारे में सारी जानकारियां जुटा रही हूं ।"
मैंने कहा,
"वो तो तुम्हारे घर के ही पास रहता था न तो तुम्हें नहीं पता था क्या उसके बारे में?"
" नहीं यार वो बहुत स्मार्ट दिखता था , मेरा बहुत मन था उसके , करीब आने का पर उन दिनों मैं छोटी थी और इतनी सुंदर नहीं दिखती थी सजना संवरने से कोसो दूर थी, जो बदलाव किया यहां आकर किया, और उसका असर ये हुआ कि एक बार हम लखनऊ में साथ - साथ घर पहुंचे उसने पहली बार मुझे ढंग से देखा था शायद ।"
रूपल भी दिखने में कम नहीं थी ख़ूबसूरती उसकी भी किसी को मोह लेने की ताकत रखती थी,
" ओह तो ये भंवरा आदमी है ।" मैंने कहा ।
" बिल्कुल सही पकड़ा, ये नई कलियों को शिकार बनाता है, ये हर साल विदेश टूर पर जाता है और नई लड़की को ले जाता है, शायद मनोरोग है इसे, बहुत विकृति इसके दिमाग में भरी है, और नई लड़कियों के साथ दरिंदगी करता है, पेरिस में मेरी तो जान ही निकल गई थी,
मैं उन अंतरंग पलों के दौरान ही बेहोश हो गई थी,
बाद में पता चला पहले भी ऐसे ही लड़कियों को शिकार बनाता रहा है,
और फिर अपनी पॉवर और एप्रोच के दम पर लड़कियों को चुप कर देता है, मैंने मिताली से दोस्ती उससे बदला लेने के लिए ही कि है।"
मेरी आंखें फटी की फटी रह गई , मै सक्ते में था कि क्या सोचा क्या निकला, मुझे मिताली पर तरस भी आ रहा था और गुस्सा भी कि मुझसे धोखा करने की वज़ह ये पैसा और पॉवर था ,
रूपल शायद मेरे मनसूबे भांप चुकी थी उसने मुझसे कहा,
" शायद तुम्हें भी मिताली से बदला लेना होगा ना?"
"हां लेकिन तुम्हें कैसे पता चला?"
"तुमसे फोन पर बातें करते हुए सुना है मैंने इसे, और अब तुम्हें दोस्ती निभाते हुए देख रही हूं।"
रूपल ने तीर सीधे निशाने पर लगाया था,
, मैंने रूपल से पूछा,
" इस साल कहां जा रहा है वो?"
उसने कहा,
" स्विट्जरलैंड।"
मुझे यकीन हो गया था कि रूपल एक दम सही कह रही थी,
" कब जाएंगे?"
" ये नहीं पता अभी।"
" रूपल दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है इस लिहाज़ से तुम दोस्ती निभाओगी, मेरे पास एक आइडिया है इन से बदला लेने का, बोलो दोगी साथ??"
रूपल ने ताली देते हुए हामी भरी ।,