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पड़ोस की भाभी की चूत पेली

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Padosan bhabhi ki chut peli - Hindi sex story

हाय फ्रेंड्स, दिस इज माई फर्स्ट इंडियन सेक्स स्टोरी, आई होप यु लाइक इट. आई ऍम तरुन, एंड माई ऐज इज २३. आई ऍम स्मार्ट एंड गुड लूकिंग. आई ऍम लिव विथ माई जॉइंट फॅमिली इन रोहतक, हरियाणा. अब मैं स्टोरी स्टार्ट करता हु. हम जिस एरिया में रहते है वो एरिया बहुत अच्छा है. सारे पडोसी मिल जुल कर रहते है. हमारे पड़ोस में एक लड़का है आशु, वो साड़ियो का काम करता है. उसकी हाइट है ५ फीट ३ इंच, मोटा है, उसकी शादी हुए ३ साल हो चुके है. और अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ था.. जो शोकिंग न्यूज़ थी.

आशु की शादी जिस लड़की से हुई थी उसका नाम शिखा है. ओह्ह्ह्ह. गॉड क्या बतायु शी इज वैरी हॉट. उसे देख कर मेरा मन करता था की आशु के पिछवाड़े पर लात मारू, और शिखा को पागलो की तरह चोदता रहू. पर करा करे शरीफों की सोसाइटी में रहने में कुछ लोस भी होता है.

चलिए कोई बात नहीं, अब अपनी स्टोरी पर आते है, शिखा जब से शादी करके आई थी, तभी से से छोड़ने का मेरा बड़ा मन था. मैंने एक दो बार ट्राई करने की सोची जब वो नयी नयी आई थी पर हिम्मत नहीं हुई.

उसका फिगर २६-२४-३० था पर अब ३ साल बाद वो ३४-३२-३६ की हो गयी थी. मुझे पता है थोड़ी मोती हो गयी थी पर यार आज भी कमल की लगती है. उसे जब भी देखता हूँ, मेरा लं सलामी मरने लगता है.

तो मैं हमेशा सोचता था की उसे कैसे कैसे चोदु बस एक बार. तो फाइनली ३ साल बाद वो मौका मिला मुझे. हुआ यु की जैसे मैंने आपको पेहले बताया की हम पडोसी पडोसी मिल जुल कर रहते है.

तो एक दिन शिखा ने मुझे मार्किट से कुछ सामान लाने को कहा. उस दिन उसका चूतिया पति और ससुर अपनी शॉप पर गए हर थे और शिखा की सास अपनी बहिन के घर. दिन का टाइम था तो मैं मार्किट से सामान ले कर उसके घर पंहुचा और बिना बेल बजाये सीधा अंदर घुस गया. भाभी अंदर वाले कमरे में कपडे प्रेस कर रही थी.

मैंने जैसे आवाज़ लगायी भाभी आने लगी पर अचानक रास्ते में उनका पैर फिसल गया और वो गिरने ही वाली थी कि मैंने जल्दी से उन्हें सँभालने लगा. सँभालते- सँभालते मैंने उन्हें हलके से धक्के से दिवार के सहारे किया और खुद को भी सँभालने के चक्कर में उनको कास कर पकड़ लिया और गलती से ही सही, मैंने उनके होठो पर किस दे दी.

क्या बतायु यारो.. कितना मज़ा आया. मैंने जानबूझकर अपने होठ नहीं हटाये लगभग १ मिनट तक. शायद उनको भी मज़ा आ रहा था. फिर अचानक से उन्होंने मुझे हटाया और मैंने भी सॉरी बोला. वो हलकी सी स्माइल देकर इट्स ओके बोली और अंदर चली गयी. फिर ऐसे ही कुछ दिनों बाद मैं उनके घर कुछ काम से गया था. वो भी दिन का ही टाइम था. वो शायद नहा रही थी मैंने आवाज लगायी भाभी.. कहा हो आप. उन्होंने कहा मैं बाथरूम में हु, अभी नहा रही हूँ. तुम रुको एक मिनट मैं अभी आती हूँ.

मैंने सोचा अच्छा मौका है उनको नंगा देखने का. मैं बाथरूम के पास गया और उन्हें कीहोल से देखने की कोशिश करने लगा.

मुझे क्या पता था की डोर लॉक नहीं है और मैंने जैसे ही देखने के लिए दूर के हैंडल का सहारा लिया अचानक से डोर खुल गया और मैं फिसल कर अंदर चला गया और सीधा जाकर उन् पर गिरा. पहले तो मैं घबरा गुआ और वो भी गबरा गयी.

लेकिन दोस्तों क्या नज़ारा था भभी पूरी नंगी थी और उनके गिले गिले बदन पर जो पानी की बुँदे थी, वो किसी हीरे (डायमंड) से कम नहीं लग रही थी.

भभी एक दम शॉक और गुस्से में आ गयी थी और बोली- तुम अंदर कैसे आ गए.

मैं जल्दी से उठते उठते फिर से फिसल गया और गलती से हाथ भभी की चूत पर रखा गया और मेरी मिडिल फिंगर अंदर चली गयी.

भभी के मुह से आह्ह्ह.. निकली और मुझे लगा मौका अच्छा है. मैंने फिर देर न करते हुए जल्दी से फिन्गेरिंग स्टार्ट कर दी. भभी सीडयुस होना स्टार्ट हो गयी और हिल रही थी- आह्ह्हह्ह यह क्या कर रहे हो तरुण. छोड़ो मुझे यह सब गलत है..

मैं- भभी आई लव यु प्लीज डोंट से एनीथिंग जस्ट एन्जॉय दिस मोमेंट.

मैंने जल्दी से भभी को किस करना स्टार्ट कर दिया और एक दुसरे हाथ से उनके चूचो को मसलना. वो भी पागल हो गयी थी..

मैंने बाथरूम में ही जल्दी से खड़े हो कर अपने सारे कपडे निकाल दिए और अपना ९ इंच का लंड निकाल कर उनके ऊपर लेट गया. भाभी की गोरी गोरी चूत से मेरा लंड टकरा रहा था. भभी भी मदहोशी में आह्ह्ह.. आह्ह्ह.. ऊऊऊऊ.. कर रही थी.

मैंने हाथ से अपना लंड पकड़ा और भाभी की चूत पर मसलना शुरू कर दिया वो अपने आप को रोक नहीं पायी और बोले लगी- प्लीज मत तडपायो छोड़ो या चोद दो.

मैंने सोचा अभी तो जल्दी है अभी भाभी को थोडा और तडपाना चाहिए. मैं अपना लंड उनकी चूत पर मसलता रहा कभी आराम से कभी हार्डली.

और भाभी जी तो सिर्फ तड़प में- आह्ह... आह्ह... प्लीज यह क्या कर रहे हो तरुन प्लीज कुछ करो मुझ से अब रहा नहीं जा रहा. आःह्ह.. आआह्ह्ह...

मैंने कहा- बेबी, अभी तो पार्टी शुरू हुई है आह्ह्ह...

मैं अपना लौदा उनकी चूत पर मसल ही रहा था कि भाभी ने अचानक से मुझे किस करना शुरू कर दिया और एक हाथ से मेरा लौदा पकड़ कर अपनी चूत में डाल दिया. चूत का होल थोडा टाइट था. शायद, बहुत दिनों से उनकी चुदाई नहीं हुई थी . मेरा सिर्फ टोपा ही अंदर गया था पर फिर भी भाभी इतनी जोर से चिल्लाई मरी आज आह्ह्ह.... पर अब मुझ से भी रहा नहीं गया और फिर मैं भी शुरू हो गया.

मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकला और जोर से पूरी स्पीड में झटका मारा. मेरा ९ इंच का लंड भाभी की चूत को चीरते हुए घुस गया. भाभी को बहुत दर्द हुआ. उनसे दर्द सहा नहीं जा रहा था. वो चिल्लाने लगी आःह्ह्ह.. यह कर दियाआआ... चूतियेय्य्य्यय्य्य.. मर गयी मैं निकाल इसको..

मैंने भाभी की बातो को अनसुना कर दिया और उन्हें ऐसे ही झटके मरता रहा.. ताबड़तोड़.. भाभी जी भी पागल हो गयी आह्ह्ह... आआह्ह्ह्ह.. करती रही बोली.. साले भाआआगि थोड़े ही न जा रही हूऊऊऊ.. आराम से कर....

मैंने नहीं सुना और अपना गियर लगाये रखा ( क्यूंकि गाइस असली मज़ा तो हार्ड कोर में ही है)

तो अब भाभी थोड़ी शांत होने लगी थी, उन्हें मज़ा भी आने लगा था.. करीब २० मिनट के झटके के बाद मैंने भाभी को उठाया गोदी में और खड़ा हो गया और दुबारा झटके स्टार्ट कर दिए. भाभी पागल हो गयी और कहने लगी अर्रेरेरे रे रे... क्या करते हो. यह कौन सा स्टाइल है... तुम तो पागल हो एक दम.

मैंने खा भभी जी दिस इज वाइल्ड स्टाइल... आज तुझे दिखता हूँ.. कि असली चुदाई किसे कहते है. भाभी ने मुझे अचानक से टाइट पकड़ लिया. मुझे समझ आ गया भाभी अब झड़ने वाली है. मैंने फिर अपने झटको की स्पीड और टेक्स कर दी एक दम मशीन की तरह, मैंने उनको चोदना शुरू कर दिया.

भाभी जी के मुह से सिर्फ- आआह्ह्ह.. अह्ह्हह्ह्ह्ह.. उफ्फ्फ्फ़... ओह्ह्ह्हह्ह. इट्स डिफरेंट की आवाज़े आ रही थी.

फिर थोड़ी देर में ही भभी जी झड गयी पर मेरा तो अभी बाकी था. भभी अब ढीली पड़ने लगी थी. मैंने उनके निपले पर अपना दांत लगाया और उसको काटने लगा. भाभी को दर्द भी हो रहा था और मज़ा भी आ रहा था.

फिर मैंने कहा- मेरी जान अभी कहा से ख़तम हो गया अभी तोह बस इंटरवल हुआ है. पिक्चर तोह अभी बाकी है...

भाभी घबरा गयी कि अब क्या करेगा यह, मैंने भाभी को गोदी से उतरा और अपना लंड उसके मुह में दे दिया. भभी मुह में लेने से मन कर रही थी. तो मैंने उनके चुचे के निप्पल को जोर से दबा दिया और जैसे उसने आःह.. मैंने उसके मुह में एक झटका मार दिया.

भाभी जी चुसना नहीं चाहती थी लेकिन मैंने अपने झटके कंटिन्यू रखे और करीबन २० मिनट बाद उनके मुह में ही झड गया. मेरा सारा वीर्य उनके मुह में से टपक रहा था और उनकी चुचियो से गिरते हुए उनके पैर तक आया गया था.

लेकिन मेरा लंड तो अभी भी अपने पूरे जोश में था. आखिर मैं भाभी का सब से बड़ा आशिक जो था. मैंने भाभी को अपनी गोदी में उठाया और बेडरूम में ले गया. भाभी थकी हुई थी और मेरी आँखों में देख रही थी. पर मैं आज अपनी पूरे ३ साल की कसर पूरी कर लेना चाहता था. इसलिए मैंने उन्हें बेड पर लिटाया. हम दोनों बाथरूम में से नंगे और गिले ही आ गए थे. और ऐसे ही बेड पर लेट गए. पहले तो मैंने भाभी को ऊपर से नीचे तक अच्छी तरह देखा क्यूंकि बाथरूम में सब इतना जल्दी हुआ कि कुछ पता ही नहीं चला. हमने फिर से सेक्स करना शुरू किया और इस बार भाभी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

कैसे लगी आपको मेरी यह सेक्स स्टोरी मुझे कमेंट्स भेज कर बताइयेगा जरुर..
 
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