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निदा के कारनामे complete

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Guest
निदा के कारनामे

साहिबान आपके लिए एक और कहानी पेश कर रही हूँ जो नेट से ली हुई है और आपको पसंद आएगी और ये छोटी कहानियों को मिलाकर बनी हुई कहानी है

01. दरजी के साथ

02. मेरा नौकर

03. जीजाजी

04. सोबिया अंकल के साथ

05. पापा के आफिस के साथी

06. बाबाजी मेरी बेटी को अपनी पनाह में ले लें

07. पहलवान था वोह

08. वोह पागल था मैं भी हो गई

09. दादा जान

10. टेलीफोन लाइनमैन

11. शादी में भी लण्ड मिल गये

12. भाई के दोस्त
 
01 दरजी के साथ

मेरा नाम निदा है। मैं यहां अपने साथ घटी हुई छोटी-छोटी घटनाओं को आपके साथ शेयर करूंगी, अगर आपको मजा आए तो बताईएगा जरूर।

हाय मेरा कद 5 फूट तीन इंच, रंग गोरा और फिगर 34-29-36 है। आज मैं आपको अपनी कहानी बता रही हैं। की कैसे मैं दर्जी से चुदी।

मैं सेक्स के लिए क्रेजी हूँ और मुझे अधेड़ मर्द ज्यादा पसन्द हैं। मेरे दर्जी की उमर 46-50 साल होगी। मैं जब पहली बार उससे कैप्री सिलवाने गई तो उससे अपना नाप करवाया और उसने नाप ले लिया नार्मल तरीके से

और उसको बताया की ड्रेस फिटिंग वाला होना चाहिए, स्लीवलेस और कैप्री होनी चाहिए, घुटनों से थोड़ा नीचे तक होनी चाहिए। उसने तीन दिन का टाइम दिया। तीन दिन बाद मैं उसकी दुकान पर गई, मैंने टी-शर्ट और जीन्स पहनी थी, ब्रा नहीं पहना था शर्ट के साथ और ना ही पैंटी।

मैंने उससे ड्रेस का पूछा तो उसने कहा की तैयार है। मैंने देखा की वो मेरे चूचियां को घूर रहा था मुसलसल।

मैंने उससे पूछा की ट्रायल रूम कहां है...

वो चौंक कर बोलो वहां है उस तरफ।

मैं ट्रायल रूम में गई और कपड़े चेंज करके बाहर आई, कमीज में से मेरे निपल नजर आ रहे थे, क्योंकी ब्रा तो थी नहीं। मैंने उससे कहा की कैप्री भी लूज है, कमीज भी सही नहीं है। मैंने गुस्से से कहा की ये कैसी कैप्री सिले हैं.

वो मेरे निपल्स को घूरता हुआ बोला की म-मैं ठ-ठीक्क कर दूंगा।

मैंने कहा- नाप सही से नहीं लिया था क्या तुमने?

वो कहने लगा की दोबारा से दे दें अभी।

ये सुनकर मैं मुश्कुराई तो उसकी जान में जान आई।

मैंने कहा- ठीक है ले लो और ध्यान से लेना इस बार।

उसने कहा- ठीक है। वो चलकर मेरे पास आया। मैं उसके पैंट में उभार साफ देख रही थी। वो मेरे पास आया

और इंच टेप से मेरे चूचियां का साइज लेने लगा। फिर पूछा- इतना टाइट काफी है?
 
मैंने कहा की नहीं थोड़ा और करो।

उसने कहा- आप ब्रा पहनेंगी इस कमीज के साथ तो जरा टाइट हो जाएगा।

मैंने कहा- अच्छा फिर ठीक है इतना टाइट। तो उसने कहा की वैसे ब्रा के बगैर ज्यादा अच्छी लग रही है। कमीज, और मेरे चूचियां को हल्का सा दबा दिया। मैं कुछ ना बोली फिर उसने उनको पकड़ के और दबाया और कहने लगा की बहुत अच्छी हैं ये...

मैं मुश्कुरा दी। फिर उसने मेरी बेल्ली का नाप लिया फिर चूतड़ों पर आकर नाप लेने लगा और टाइट करके पूछा- इतना काफी है...

मैंने कहा की हाँ..

फिर मेरे चूतड़ों को घिसने करने लगा और दबाने लगा और कहने लगा की बहुत बड़े हैं चूतर आपके। अब उसका लण्ड मेरी चूतड़ों की दरार पर टकरा रहा था। मैं बहुत गर्म हो गई थी अब। लेकिन इतने में ही कोई और ग्राहक आ गई, और बात वहीं रह गई। फिर उसने कहा की सनडे को आ जाना सूट लेने। मैंने पूछा की सनडे को भी खोलते हो तो कहने लगा की नहीं लेकिन तुम्हारे लिए दुकान खोलूंगा और बेशर्मी से मुश्कुरा दिया। मैं भी इसका मतलब समझ गई और हँसती हुई चली गई।

दोसतो, सनडे को क्या हुआ ये मैं आपको जल्द ही बताऊँगी।

मैं फिटिंग के कपड़े पहनती थी इसलिए की जब-जब मैं बाहर जाती थी तो लोग मुझे खूब ताड़ते थे और मुझे उनका ताड़ना अच्छा लगता था। इसलिए मैं टाइट से टाइट फिटिंग के कपड़े पहनती थी। इस वक़्त भी मैंने टाइट फिटिंग की कमीज शलवार पहना हुवा था और मेरा दुपट्टा मेरे फिगर को छुपाने के लिए ना काफी था। सनडे को मैं दोपहर के वक्त दर्जी के पास गई। उस दिन मैंने ब्लू फिटिंग की कमीज शलवार पहना हुवा था और मेरा दुपट्टा मेरे फिगर को छुपाने के लिए ना काफी था। जब मैं वहाँ पहुँची तो मुझे देखके मुश्कुराया और कहने लगा की मैं तुम्हारा ही इंतेजार कर रहा था।

मैं भी बेशर्मी से मुश्कुराई और पूछा की कैप्री तैयार हैं..

वो बोलो की हाँ...

मैं उससे कैप्री लेकर ट्रायल रूम में जानी लगी तो कहने लगा की यहीं पर चेक करलो, मुझे से क्या शर्म...

मैं हँसी और बोली की- फिर तुम आओ मेरी हेल्प करो।

वो दुकान का दरवाजा बंद करके आ गया। वो मेरे पास आया और मुझे फ्रेंच किस की।

मैंने भी पूरा साथ दिया और अपनी जबान उसके मुँह में डाल दी और हम दोनों चूसने लगे। फिर वो मेरी चूचियां दबाने लगा और मेरी कमीज उतार दी और झट से ब्रा भी उतार दी। मेरी 34" इंच साइज के गोरे-गोरे मम्मों पर वो पागल हो गया और उनको कुत्तों की तरह चाटने लगा। मैं भी पूरी मस्त हो गई थी, वो चूसता जा रहा था। और मेरी गाण्ड भी सहला रहा था। फिर उसने मेरी इलास्टिक वाली सलवार भी उतार दी और मेरी गाण्ड को देखके कहने लगा की मस्त है, तेरी गाण्ड तो बहुत मस्त है।

 
फिर उसने मुझे पूरा नंगा कर दिया। फिर वहीं जमीन पर एक कपड़ा बिछाके मुझे लिटा दिया। वो मेरे पूरे बदन

को चाट रहा था जिससे मुझे बहुत मजा आ रहा था। थोड़ी देर बाद ही वो मेरी चूत को चाटने लगा और मैं लज़्ज़त से तड़पने लगी, मेरे मुँह से बे-इख्तियार सिसकारियां निकल रही थी।

ओह... ऊऊऊओह...

ऊऊऊआआ... आअह्ह... उफफ्फ़... उफफ्फ़... हमम्म्म म... हमम्म्माआअ... ऊऊओह... ज उफफ्फ़...

अब वो चूचियां को चूमता हुवा एक हाथ से मेरी चूत में उंगली भी कर रहा था। फिर मैं एक चीख के साथ झड़ गई और मेरी चूत से पानी निकलने लगा और उसकी उंगली को भीगोने लगा। फिर वो कहने लगा की मेरी जान अभी तो तुमने और तड़पना है क्योंकी पहले तुमने मेरे लण्ड को चूसना है फिर मैं तुम्हें चोदूंगा। फिर वो मेरे सीने पर बैठ गया और अपना लण्ड मेरे मुँह के पास कर दिया। मैंने उसके लण्ड पर अपनी जुबान को फिराना शुरू कर दिया।

वो आहें भरने लगा थोड़ी देर तक चूसने के बाद उसका लण्ड एकदम टाइट हो गया। उसने अपना लण्ड मेरे मुँह से निकल लिया और मेरे पैरों के बीच आ गया। मैं समझ गई की अब मेरे दिल की मुराद पूरी होने वाली है।

अब उसने अपने लण्ड की टोपी को मेरी चूत के बीच में रखा और धीरे धीरे अंदर दबाने लगा। उसने अपना लण्ड धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया। वो अपना पूरा लण्ड मेरी चूत में डाले बिना मुझे चोदने लगा। थोड़ी ही देर में मुझे मजा आने लगा और मैं आहें भरने लगी। उसने जब देखा की मुझे मजा आ रहा है और मेरी चूत को उसके लण्ड के साइज की आदत पड़ना शुरू हो गई है तो उसने एक धक्का तेज लगा दिया। मैं फिर से चीख उठी।

उसका लण्ड मेरी चूत में सारे का सारा अंदर घुस गया। उसने धीरे धीरे धक्कों के साथ मुझे चोदना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा। वो मुझे इसी तरह चोदता रहा और मैं मुसलसल से आह्ह्ह उफफ्फ़... ऊऊऊऊईई ऊऊओह... ऊऊह्ह... उफफ्फ़... उफफ्फ़... हमम्म्मम... हमम्म्म म... ऊऊहह... आह्ह्ह... ज्जोरर्र लगाओऊ ना... करती रही।

20 मिनट तक चोदने के बाद वो मेरे मम्मों पर झड़ गया। उसने अपना लण्ड मेरे मुँह के पास कर दिया। मैं उसे फिर से चूसने लगी। 10 मिनट के बाद हम अगली राउंड के लिए तैयार थे।

 
उसने मुझे अब घोड़ी की तरह कर दिया (डागी स्टाइल) और मेरे पीछे आ गया। उसने मेरी चूत को फैलाकर बीच में अपने लण्ड को फँसा दिया, और बोला- “अभी तक मैंने तुम्हें बहुत आराम के साथ चोदा है। अब तुम कितना भी चिल्लाओ, मैं कोई परवाह नहीं करूंगा...” उसने मेरी कमर को जोर से पकड़ लिया।

उसने और एक जोरदार धक्का मारा तो उसका सारे का सारा लण्ड मेरी चूत में घुस गया। मैं चिल्लाने लगी। लेकिन उसने कोई परवाह नहीं की और बहुत ही ताकत के साथ धक्के मारने लगा। मेरी चूत में बहुत तेज दर्द हुआ और फिर ठीक हो गया। मैं पसीने से एकदम तर हो गई। वो रुका नहीं और पूरी ताकत के साथ मेरी चुदाई शुरू कर दी।

और मेरे मुँह से आवाजें निकल रही थीं- “ऊओ आह्ह... हहाअयए... आह... आह्ह... आआहह... उफफ्फ़... उफफ्फ़... क्याअ लण्ड है उफफ्फ़... ऊऊह्ह... ऊओह... मजा आ रहा है...”

साथ साथ वो मेरी गाण्ड पर थप्पड़ भी मारता जाता और मैं चिल्लाने लगती। लगभग 25 मिनट की चुदाई के बीच मैं दो बार फारिघ हो चुकी थी पर वो रुकने का नाम नहीं ले रहा था, 10 मिनट बाद वो बोला की मैं अब छूटने वाला हूँ। फिर उसने लण्ड निकालकर मेरी गाण्ड की तरफ किया और उसके लण्ड ने झटका खाया और उसके लण्ड से मनी एक धार की सूरत में निकलकर मेरी गाण्ड को पूरी तरह गीला कर दिया।

हम दोनों बुरी तरह हाँफ रहे थे। फिर मैंने अपनी कैप्री पहनी मुँह पर लगी मनी तो जज्ब हो गई थी मगर गाण्ड गीली थी। मगर मैंने परवाह किये बगैर उसी पर पैंटी पहन ली। ये देखकर वो मुश्कुराया और कहने लगा की तू बहुत पक्की है। अगली बार तुझे और ज्यादा चोदूंगा और गाण्ड भी नहीं छोडूंगा।

मैं हँसी और कैप्री पहन के वहाँ से निकली और घर आ गई।

* * * * *

* *

* * *

 
ये उस वाकिये के 3 हफ्ते के बाद की बात है। सनडे का ही दिन था और मैं घर पर ये कहकर गई थी कि अपनी दोस्त के घर जा रही हूँ, 3-4 घंटे तक लौट आऊँगी। दोपहर के 12:00 बज रहे थे और गर्मी भी थी। मैंने नायलान की खूब फिटिंग वाली पिंक शलवार कमीज पहनी थी और अंदर ब्लैक ब्रा और दुपट्टा ओढ़ करके। मेरे ड्रेस में से ब्लैक ब्रा साफ नजर आ रही थी और जब मैं बाहर निकली तो बहुत से लोग मेरी तरफ ही देख रहे थे

और ये देखकर मुझे अजीब सा मजा आता है, जब सब मेरी तरफ देखें।

थोरी देर के बाद मैं उसकी शाप पर थी और वो किसी कस्टमर को फारिग ही कर रहा था। मुझे देखकर वो मुश्कुराया। कस्टमर के जाने के साथ ही उसने शाप भी अंदर से बंद की और “दुकान बंद है” का बोर्ड लगा दिया। आज हम दोनों पूरी तरह तैयारी के साथ मौजूद थे। उसने एक गद्दे का भी इंतेजाम करके रखा था। मैं उसको देखकर उसका मकसद समझ गई।

वो आया मेरे पास और कहने लगा- “तूने बहुत तड़पाया है, इतने दिन से। इस ड्रेस में तो क्या लग रही हो...। बिल्कुल कयामत। मुझे यकीन है कि रास्ते भर तुझे सबने ताड़ा होगा और तूने बुरा भी ना माना होगा। तुझे यही अच्छा लगता है कि सब तुझे और तेरे जिश्म को देखें। है ना?”

मैं उसकी बात पर बेशर्मी से हँसी और कहने लगी- “सही कहा है तू ने..”

इस पर वो भी मुश्कुराया और कहने लगा- “आज तुझे पहली बार से भी ज्यादा चोदूंगा मेरी रानी...”

और मैं मुश्कुरा दी। फिर वो मेरे करीब आ गया। और धीरे-धीरे मेरे कंधे सहलाने लगा और किस करने लगा। कंधों से, गर्दन को सहलाते हुए मेरी चूचियों की तरफ आ गया।

क्या बताऊँ दोस्तों... एक अलग ही एहसास था वो... धीरे-धीरे वो मेरे मम्मे मसलने लगा, मैं मदहोश हो रही थी, और चो मेरे होंठों को चूमने लगा, धीरे-धीरे काटते हुए वो मेरे होंठ चूसने लगा, उसकी जबान मेरे दांतों पर दबाव डाल रही थी। मैं समझ गई कि वो मेरे मुँह में अपनी जबान डालना चाहता है तो मैं उसकी जबान चूसने लगी। 5 मिनट के बाद हम रुके और उसने मुझे पूरा नंगा कर दिया।

 
मेरा गोरा, नंगा खूबसूरत सेक्सी जिश्म देखकर उसकी राल टपकने लगी, और वो बोला- “वाह... मेरी रानी, तेरा। बदन तो बहुत ही चिकना और सेक्सी है और तू भी बहुत मस्त है। फिर मेरी चूचियों को चूसने और चाटने लगा

और साथ-साथ वो मेरी चूत पर हाथ फेरने लगा।

मैं बिल्कुल गर्म हो गई थी और आहें भर रही थी- “कककक.. ईईईईई..ई उउम्म्म्म म..”

फिर उसने मेरी चूत को खोला और हल्की सी उंगली डाली और अंदर-बाहर करने लगा।

और मैं सिसकारियां लेती रही- “आहह... उईईइ... माँ... धीरे... धीरे से..." और फिर मैं फारिग हो गई।

फिर उसने अपनी गीली उंगली मेरे मुँह में देकर चुसवाया। फिर वो पूरा नंगा हो गया और मैं घुटनों पर बैठ गई और मैंने अपने दोनों हाथों से उसके लण्ड को पकड़ लिया और उसको मसलने लगी। वो मुँह से शीए... शीए... की आवाज निकाल रहा था। फिर उसने अपना लण्ड मेरे मुँह में डाल दिया और मैं उसका लण्ड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। वो अपने लण्ड को मेरे मुँह में जोर-जोर से डालने लगा और साथ-साथ कहता जाता- “चूस्स इसको...”

जब उसका लण्ड पूरी तरह तैयार हो गया तो उसने मेरी चूत पर थूका और मुझे सीधा लिटाकर टांगें ऊपर करके उसने अपना लण्ड मेरी चूत पर टिका दिया और एक हल्का झटका लगा दिया तो लण्ड थोड़ा सा अंदर चला । गया। फिर उसने एक और धक्का दिया तो पूरा लण्ड अंदर चला गया, और वो जोर-जोर से झटके मारने लगा

और मैं “आआह्ह्ह्ह... आहहह... अहह... आह्ह्ह .. आह्ह्ह...” की आवाजें निकाल रही थी।

 
Thanks to all

 
15 मिनट तक वो ऐसे ही चोदता रहा। फिर गीला लण्ड मुझे चूसने को कहा। मैंने इनकार किया तो कहने लगा

चल चूस्स्स कुतिया... तुझे चुदवाने का बहुत शौक है ना तो चूस्स इसको...” और मेरे मेरे मुँह में घुसा दिया, और मैं पूरा लण्ड 5 मिनट तक चूसती रही।

फिर उसने लण्ड मेरे मुँह से निकाला और कहा- “चल कुतिया, अब तेरी गाण्ड की बारी है..." और मेरी गाण्ड चाटने लगा।

मैं मजे से पागल हो रही थी। फिर उसने दो झटकों में पूरा अंदर डाल दिया था। मैं पहले भी गाण्ड मरवा चुकी थी इसलिये ज्यादा मुश्किल नहीं हुई और वो जोर-जोर से मुझे चोदने लगा और मैं भी पूरे जोश में- “अहह... ओह... हरामी चोद और जोर-जोर से चोद मुझे... आज मेरी गाण्ड फाड़ ही दो... आह्ह.. उम्म्म्म ..”

10 मिनट बाद वो मेरी गाण्ड में ही झड़ गया। फिर उसने मुझे अपना लण्ड चुसाया और वो फिर तैयार था। फिर उसने कहा- “अब तेरी गाण्ड और चूत दोनों मारूँगा... साली, चल कुतिया बन जा...”

तो मैं डागी पोजीशन में आ गई। फिर एक ही झटके में उसका लण्ड मेरी चूत में आधा घुस गया। मैं मस्ती में चिल्ला उठी। तभी उसने एक और धक्का मारा और पूरा लण्ड मेरी चूत में था। फिर वो पूरे जोरों से मुझे चोदने लगा। मुझे सेक्स में गाली-गलौज़ पसन्द है। मैं भी जोश में थी और उसको गालियां देकर उसका जोश बढ़ा रही थी। वो भी पूरे जोश में था और खूब जोरों से चोद भी रहा था और गालियां भी दे रहा था- “हरामजादी रांड़.. क्या चूत है तेरी... बड़ी लड़कियां चोदी पर तेरे जैसी कोई नहीं मिली...”

और मैं कहने लगी- “मेरी चूत तेरे लण्ड की दीवानी हो गई है... क्या चोदता है? ककककक हाँआ...”

5 मिनट में उसने दो ही झटकों में अपना लण्ड मेरी गाण्ड में घुसा दिया, मेरे मम्मे पकड़ लिए और मुझे चोदने लगा। मैं भी लगातार अपनी गाण्ड को पीछे ढकेलते हुए उसका साथ दे रही थी।

वो बोला- “हरामजादी रांड तुझे कुतिया बनाकर चोदने का मजा ही अलग है...”

और मैं आआहह... एम्म्म... उउउईईई... करती रही फिर 5-7 मिनट बाद उसने फिर चूत में डाल दिया और फिर गाण्ड में। इस तरह वो करीब 40 मिनट तक चोदता रहा और साथ-साथ वो मेरी गाण्ड पर थप्पड़ भी मारता जाता और मैं और चिल्ला उठती और उसको गालियां देती।।

तो वो फिर और जोश में आ जाता। फिर आखिर में उसने अपना माल मेरी गर्दन और चूचियों पर गिरा दिया जिसकी मैंने अपने जिश्म पर मालिश कर ली।

***** समाप्त *****

*

 


02 मेरा नौकर मेरा




नाम निदा है अम्मी सोशियल वर्कर है और अक्सर घर से बाहर रहती हैं, मेरा बड़ा भाई जो के एम.बी.ए. कर रहे हैं, फिर मैं और मुझसे छोटी मेरी बहन 11 साल की। इसके अलावा हमारे घर में एक नौकर भी है। तनवीर नाम का, वो देहाती है और उसका बदन किसी पहलवान की तरह है, उसकी उमर कोई 38 साल होगी और अम्मी उसपर बहुत भरोसा करती थी।

कहानी वहां से शुरू होती है जब हमारे एक रिश्तेदार की मौत हो गई थी, अम्मी का जाना जरूरी था इसलिए वो उन दोनों को लेकर चली गई, मेरे पेपर करीब थे इसलिए मैं जा नहीं सकती थी इसलिए वो मुझे और नौकर तनवीर को छोड़ गई। तनवीर अम्मी के भरोसे का आदमी था इसलिए अम्मी को उसकी तरफ से कोई फिकर नहीं थी। फिर तनवीर भी बहुत शरीफ आदमी था। दोपहर को खाना खाने के बाद मैं टीवी देखने लगी तो तनवीर भी नीचे कार्पेट पर बैठकर टीवी देखने लगा।

थोड़ी देर बाद उसे नींद आने लगी तो वो वहीं सो गया। थोड़ी देर बाद मेरी नजर उसपर पड़ी तो मैं चौंक गई, तनवीर धोती पहनने का आदी था और इस वक़्त उसकी धोती खुल चुकी थी और उसका लण्ड जो की 9 इंच लंबा और तीन इंच मोटा था मुझे साफ नजर आ रहा था।

एकदम से मेरे जिम में चोंटियां सी रींगने लगी, मैंने बहुत से क्षकशकश मूवीस देखी थी जिसमें मैंने बहुत लण्ड देखे थे पर जितना बड़ा और मोटा लण्ड तनवीर का था इतना बड़ा और मोटा लण्ड मैंने आज तक किसी मूवी में नहीं देखा था। मैंने तनवीर को देखा तो वो गहरी नींद में सो रहा था और खर्राटे भर रहा था। मैं खुद को रोक नहीं पाई और बड़ी देर तक उसके लण्ड को देखती रही। मेरा दिल बहुत कर रहा था की उसे पकड़कर देखें और फिर मैं खुद को रोक नहीं पाई और मैंने तनवीर के पास बैठकर उसका लण्ड पकड़ लिया। उसका लण्ड जो पूरी तरह से अकड़ा हुवा नहीं था एकदम से अकड़ गया और सख़्त हो गया।

 
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