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नंगी इंडियन आंटी की देसी चुदाई

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Administrator
Staff member
आज मैं दोस्तों आपको नीलिमा, नंगी इंडियन आंटी आंटी की कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे ही दोस्त की मम्मी थी | वैसे तो मैं कभी किसी आंटी को इतनी भी बुरी नज़र से नहीं देखता जितना मैंने नीलिमा की मम्मी को देखना चालू कर दिया था पर करे भी क्या आखिर आंटी का मोटा बदन निचोड़ने का मन बैठ गया था | आंटी के घर मैं जबव भी अपने दोस्त से मिलने आया करता था वो हमेशा ही एकदम घुलमिलकर मुझसे बात कर दिया करती थी और मेरे अंदर भी हवस भर सिसकियाँ मच उठती थी | आंटी को अपने करीब पाते ही जैसे मेरी सांसें बढ़ने लगती थी | मैंने एक दिन यह मौका अपने हाथ में ले लिया जब मैं अपने दोस्त के घर में विडियो गेम खेलने गया हुआ था | अचानक मेरे दोस्त को अपना कुछ काम याद आ गया और उसने कहा की वो एक घंटे में आ जायेगा तब तक मैं अकेला ही विडियो गेम खेल लूँ |

मैं सोच ही रहा था की क्या करूँ इतने में नीलिमा आंटी मेरे सामने आ गयी और बोली, चलो आज कुछ और खेलते हैं !! मैं सोच ही रहा था की तभी आंटी ने मुझे आँख मारी और अपनी साडी के पल्लू को परे कर दिया | मैं फडफड़ाता हुआ उठा और आंटी के चुचों को उप्पर से दबाने लगा | अब नीलिमा आंटी भी मेरे होंठों पर होंठ को रखते हुए खूब सहयोग करने लगी | मैंने आंटी के होंठों को चूसना शुर कर दिया जिसपर हम दोनों खूब गरमा गए थे | मैंने अब पल में नीलिमा आंटी को वहीँ चित्त लिटा डाला और उनके कपड़ों को खोलने लगा | अब तो नीलिमा आंटी ने सारे कपड़े खोल मेरे सामने पूरी नंगी हो गयी | मैंने अब नीलिमा, नंगी इंडियन आंटी आंटी के चुचों को दबाते हुए चूचकों के साथ मसला - मसली कर रहा था और इसी दौरान मेरा लंड भी तैनात हो चूका था इसीलिए मैंने आंटी की चुत की फांकों के बीच रगड़ते आगे - पीछे करना शुरू कर दिया |

नंगी इंडियन आंटी भी अपनी मोटी गांड हिलाते हुए मेरे लंड को लिए जा रही थी और मैं ज़ोरों की चुदाई में लगा हुआ था | मैंने आंटी जल्दी अपने सामने घोड़ी बना दिया और चूतडों के पीछे से मैं अपने लंड को चुत में दिए जा रहा था | आंटी और मैं एक - दूसरे को मस्त वाले धक्के दिए जा रहा थे | कुछ पल बाद मेरा मुठ भी पिचकारी के साथ निकल पड़ा | अब मैंने दूसरी पारी में आंटी की चुत को चोदने के लिए पहले अपने सुपाडे को उनकी चुत पर टिकाया और फिर इस धीमी चुदाई में आनंद लेते हुए आंटी की चुत को पेल रहा था | मुझे जरा भी शर्म नहीं थी की मैं अपनी यार की मम्मी को ठोक रहा हूँ बस मुझे इतना पता था की मैं किसी मोती चूतडों वाली आंटी की चुत से अपने लंड को स्वर्गों वाला काम्दीन सुख दे रहा हूँ | अब नीलिमा आंटी मेरी चुदाई की शौक़ीन हो गयीं थी और हमेशा अपनी देसी चुदाई मुझी से कराना पसंद करती थी |
 
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