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जितना चोदो उतना मजा आता

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Administrator
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Antarvasna, sex stories in hindi: मैं अमेरिका से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने घर लौट आया। लखनऊ में पापा का बिजनेस अब मैं ही संभालने लगा था पापा इस बात से बड़े खुश थे कि मैं उनके बिजनेस को संभालने लगा हूं। पापा और मम्मी मुझे बहुत प्यार करते हैं मैं घर में एकलौता हूं और मुझे आज तक कभी भी किसी चीज की कोई कमी नहीं हुई लेकिन उस वक्त मैं गलत साबित हुआ जब मुझे अभिलाषा मिली। अभिलाषा बेहद ही गरीब परिवार से थी और उनके परिवार की स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं थी, मुझे नहीं पता था कि अभिलाषा को मैं इतना प्यार करने लगूंगा कि उसकी वजह से मैं पूरी तरीके से बदल जाऊंगा। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी गरीबी नहीं देखी थी लेकिन अभिलाषा ने मुझे बताया कि कैसे कम संसाधनों में भी जिंदगी को मैनेज किया जा सकता है।

अभिलाषा अब नौकरी की तलाश में थी, उसकी पारिवारिक स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं थी तो मैंने ही उसे नौकरी दिलवा दी लेकिन अभिलाषा कभी भी किसी का एहसान अपने ऊपर रखना नहीं चाहती थी मुझे नहीं पता था कि अभिलाषा और मेरे बीच अच्छी दोस्ती हो जाएगी। अभिलाषा से पहली बार मेरी मुलाकात उस वक्त हुई थी जब वह हमारे ऑफिस में इंटरव्यू देने के लिए आई थी उसके बाद भी वह मुझसे एक दो बार मिली फिर मैं अभिलाषा को पसंद करने लगा और हम दोनों एक दूसरे के नजदीक आते चले गए। हम दोनों एक दूसरे के इतने नजदीक आ चुके थे कि मैं अभिलाषा से शादी करने के सपने अपने मन में बुनने लगा था। मैंने अभिलाषा को अपने दिल की बात तो नहीं कही थी लेकिन मैं चाहता था कि मैं उसे अपने दिल की बात कह दूं। मैंने जब अभिलाष से अपने दिल की बात कही तो अभिलाषा ने मुझे कहा कि शोभित मुझे तुम बहुत पसंद हो लेकिन तुम जानते हो कि मेरे परिवार वाले बहुत ही गरीब है और तुम्हारी फैमिली मुझे कभी भी एक्सेप्ट नहीं करेगी, मैं नहीं चाहती कि हम दोनों को इससे कुछ परेशानी हो। मैंने अभिलाषा को कहा कि अभिलाष ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा मैं तुम्हें जिंदगी की हर वह खुशी दूंगा जो तुम चाहती हो।

अभिलाषा मुझे कहने लगी कि मुझे पता है कि तुम मुझे हर वह खुशी दोगे लेकिन फिर भी तुम तो जानते ही हो कि हम दोनों एक दूसरे से बहुत ही अलग है तुमने जिंदगी में कभी गरीबी नहीं देखी है और मेरा जीवन तो गरीबी में ही बिता है मेरे पापा ही घर में कमाने वाले थे लेकिन जब से उनका स्वास्थ्य खराब रहने लगा उसके बाद यह जिम्मेदारी मेरे ऊपर आ गई और अब मुझे ही इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाना है। मैंने अभिलाषा को कहा कि तुम्हें किसी भी चीज की चिंता करने की जरूरत नहीं है मैं सब कुछ ठीक कर दूंगा। अभिलाषा मुझे कहने लगी कि शोभित मुझे पता है कि तुम्हारी फैमिली मुझे कभी भी एक्सेप्ट नहीं करने वाली। मुझे भी लगा था की यह सब इतना आसान नही होगा क्योंकि मैं जिस परवरिश में पला बढ़ा था उसमें हम लोगों ने कभी भी गरीबी नही देखी थी और ना ही मेरी फैमिली अभिलाषा को एक्सेप्ट करना चाहती थी। जब मुझे इस बात का अंदाजा हो गया कि मेरे परिवार वाले अभिलाषा को स्वीकार करने वाले नहीं है तो मैंने पापा से बात की। पापा ने कभी भी आज तक मेरी किसी बात को टाला नहीं था लेकिन यह बात पापा बिल्कुल भी स्वीकार करने को तैयार नहीं थे और उन्हें यह बात बिल्कुल भी हजम नहीं हो रही थी कि मैं अभिलाषा से शादी करूं। पापा और मेरी इस बारे में काफी देर तक बात हुई मैंने पापा से कहा कि पापा देखो आप तो जानते ही हैं कि मैं अभिलाषा से कितना प्यार करता हूं और उसके बिना मैं रह नहीं पाऊंगा। आखिरकार मेरी फैमिली को मेरी बात माननी ही पड़ी लेकिन मुझे समझ आ चुका था कि मेरी फैमिली अभिलाषा के साथ अपने आपको एडजेस्ट नहीं कर पाएगी और ना ही अभिलाषा उन लोगों के साथ हर वह चीज कर पाएगी इसलिए मैंने अलग रहने की सोची तो इस बात से मेरी मां मुझ पर गुस्सा हो गई और कहने लगी कि शोभित बेटा क्या हम लोगों ने तुम्हें कभी अपने आप से अलग करने की कोशिश की है जो तुमने इस बारे में सोच लिया। मेरी शादी अभी अभिलाषा के साथ हुई नहीं थी लेकिन मैं अलग रहना चाहता था और इस बारे में मैंने पापा और मम्मी से बात की भी थी तो मेरी मां ने मुझे बहुत समझाया और कहा कि शोभित बेटा यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है।

मुझे नहीं पता था कि पापा मम्मी मेरे इस फैसले से बहुत दुखी हो जाएंगे और वह लोग मेंरे इस फैसले से इतना ज्यादा दुखी हो चुके थे कि पापा ने मुझे समझाया और कहा कि बेटा ऐसा बिल्कुल भी नहीं है जैसा तुम सोच रहे हो। पापा ने उस दिन मुझे कहा कि हमें मालूम है कि अभिलाषा हमारे साथ हर चीज एडजेस्ट नहीं कर पाएगी लेकिन धीरे धीरे उसे हमारे साथ रहने की आदत हो जाएगी। मैं अभिलाषा के प्यार में पूरी तरीके से पागल था मैं अभिलाषा से किसी भी तरीके से शादी करना चाहता था और वह पल मेरे लिए बड़ा ही अच्छा होने वाला था जब अभिलाषा मुझसे शादी करने के लिए तैयार हो चुकी थी। वह मेरी बात मान चुकी थी और फिर हम दोनों ने कोर्ट में शादी कर ली मैं नहीं चाहता था कि हम लोग ज्यादा किसी को अपनी शादी में बुलाये इसलिए हम दोनों ने कोर्ट मैरिज करने की सोची लेकिन पापा चाहते थे कि हमारी शादी धूम धाम से हो। हम दोनों ने शादी कर ली और हम दोनों पति-पत्नी बन चुके थे।

मैं इस बात से बड़ा ही खुश था कि अब अभिलाषा मेरी पत्नी बन चुकी है लेकिन मेरे लिए अभिलाषा के साथ आगे जीवन बिताना इतना आसान नहीं था यह सोचकर मैं काफी ज्यादा परेशान था कि कैसे अभिलाषा मेरी फैमिली के साथ एडजेस्ट करेगी परन्तु अभिलाषा ने मेरी फैमिली के साथ एडजेस्ट कर लिया था और सब कुछ ठीक होने लगा था। मेरे घर वाले भी अभिलाषा को काफी पसंद करने लगे थे और मां के साथ अभिलाषा हमेशा ही अच्छे से रहती। अभिलाषा और मैं दूसरे के साथ अच्छे से अपनी जिंदगी बिता रहे थे और मैं चाहता था कि कुछ समय के लिए हम लोग किसी टूर पर जाएं। मैंने अभिलाषा के साथ मनाली जाने का प्लान बना लिया मनाली में मेरे दोस्त का रिसोर्ट है और वहीं पर मैं अभिलाषा के साथ कुछ दिनों के लिए चला गया। अभिलाषा और मैं मनाली में एक दूसरे के साथ अपने आपको बहुत ही अच्छा महसूस कर रहे थे इससे पहले तो हम लोगों के बीच कई बार सेक्स हो चुका था और अभिलाषा कि सील मैने तोड़ी थी लेकिन उस दिन जब कुछ ज्यादा ही रोमांटिक मूड में हम दोनों हो गए तो मैने अभिलाषा के होठों को चूम लिया। मैं अब अभिलाषा को किस करने लगा था वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी और हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आ चुके थे। हम दोनों एक दूसरे के बदन को महसूस करने लगे वह मेरी गोद में बैठी तो मैंने उसे कहा लगता है आज तुम बहुत खुश हो। वह कहने लगी हां तुम समझ चुके होगे आज मेरा भी बहुत ज्यादा मन हो रहा है। मैं अभिलाषा को महसूस करने लगा। मै उसके होंठों को बड़े अच्छे से चूमने लगा था मैं उसके होठों को जिस प्रकार से चूम रहा था उससे मुझे बड़ा मजा आ रहा था और वह बहुत ज्यादा उत्तेजित होती जा रही थी। उसकी उत्तेजना बढ़ने लगी थी हम दोनों एक दूसरे के लिए बहुत ज्यादा तड़पने लगे थे। मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डालना पड़ेगा वह खुश थी। मैंने अभिलाषा के कपड़े उतारकर उसकी गुलाबी ब्रा को उतार दिया और उसके स्तनों को मैंने अपने हाथों से दबाया वह अब तड़पने लगी थी उसकी उत्तेजना बढने लगी थी। मैंने अभिलाषा के स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसा मैं उसके स्तनो को बड़े अच्छे से चूसने लगा।

मैने उसके स्तनों का पूरी तरीके से चूसा वह बहुत ज्यादा गरम हो चुकी थी। मैंने अपने मोटे लंड को बाहर निकाला जब मै उसकी चूत पर लंड को रगडता तो उसे मज़ा आने लगता। मेरा लंड हिलोरे मारने लगा था उसकी चूत से पानी बाहर निकलने लगा था। मैं बिल्कुल भी अपने आपको रोक नहीं पाया मैंने अपने लंड को अभिलाषा की चूत के अंदर धीरे-धीरे डालना शुरू किया जब मेरे लंड उसकी चूत के अंदर चला गया तो वह बहुत जोर से चिल्लाई वह मुझे कहने लगी मेरी चूत फड गई। उसकी योनि से बहुत ज्यादा पानी निकलने लगा था। वह बहुत ज्यादा तड़पने लगी थी उसने मुझे अपने पैरों के बीच में कस कर जकड़ लिया था मैं उसके स्तनों को दबा रहा था। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था मैंने उसके स्तनों को बहुत देर तक चूसा अब मेरी गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी मुझे अभिलाषा को चोदना में बड़ा मजा आ रहा था। उसकी चूत से अब कुछ ज्यादा ही पानी बाहर निकलने लगा था मुझे उसको धक्के मारने में बड़ा आनंद आ रहा था। मेरा लंड भी बहुत ज्यादा मोटा होने लगा था जब मेरा वीर्य बाहर की तरफ गिरा तो मै खुश हो गया। मैंने दोबारा से उसकी चूत मे लंड लगाया अभिलाषा की चूत वीर्य बाहर की तरफ निकल रहा था उसकी चूत से निकलता मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

जब मैं उसको धक्के मारता तो मैंने उसकी जांघो को अपने हाथों से पकड़ लिया था मैंने उसकी मोटी जांघ को कसकर पकड़ा हुआ था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था अब उसकी चूत और मेरे लंड की टकराने लगा तो मुझे मजा आता। कुछ देर बाद मैंने उसे बिस्तर पर पेट के बल लेटा दिया जब मैंने अपने लंड को डाल दिया और उसकी चूत के अंदर बाहर लंड को करने लगा। उसकी चूत के अंदर बाहर मेरा लंड हो रहा था तो मुझे बहुत मजा आ रहा था। वह मेरा साथ बड़े ही अच्छे से दे रही थी उसकी चूतड़ों को पर मैने तेजी से प्रहार किया तो उसकी चूतडो से आवाज पैदा होती और मुझे ऐसा लगता जैसे बस में उसे चोदता रहू। मैंने अभिलाषा को बहुत देर तक चोदा मुझे एहसास होने लगा कि मैं ज्यादा देर तक अपने आपको रोक नहीं पाऊंगा मैंने उसकी चूत के अंदर अपने वीर्य को गिराकर अभिलाषा को खुश कर दिया। हम लोगो ने मनाली मे खूब मजे लिए उसके बाद मैं और अभिलाषा वापस आ गए थे।
 
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