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गुलाम

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Guest
गुलाम

डॅड हम आ गये

ये कहते हुए तीन लड़किया ठाकुर साहब के गले लग गईं

ठाकुर- कितना इंतज़ार करवाया है तुम लोगो ने. मैं कब से सब तैयारी कर के बैठा हूँ. आज ये हवेली फिर से जगमगा उठेगी मेरी बेटियाँ जो सालों बाद वापस आई है

अब कही नही जाने दूँगा मैं तुम्हे

लड़की- अब हम जाएँगे भी नही आपको छोड़ कर. देखो कितने कमजोर हो गये हो

कुछ खाते पीते हो की नही. बिल्कुल अपना ध्यान नही रखते. आगे से मैं देखती हू कैसे अपनी मनमानी करोगे

ठाकुर- अरे बेटा आते ही डाटना शुरू कर दिया

चलो अंदर चलते है सर्प्राइज़ है तुम सबके लिए

दूसरी लड़की- यहह सर्प्राइज़ आई लव सर्प्रा....

वो बेचारी इतना ही बोल पाई की उन सबके सामने एक आदमी का कटा हुआ सर आके गिरा और उसके पीछे पीछे एक खून मे सना हुआ लड़का या यू कहे दरिन्दा चला आ रहा था

ये देख कर उन लड़कियो की तो आँखे ही फटी की फटी रह गई

वो लड़का आया और ठाकुर के सामने नज़र नीचे करके खड़ा हो गया

ठाकुर- पहले ये देख लिया कर की सामने कौन खड़ा है. अब मेरी बेटियाँ आ गई है और वो यही रहेगी तो जितना भी खून ख़राबा है वो हवेली के बाहर और है तू हर सेकेंड इनके साथ रहेगा . एक बात याद रखना अगर मेरी बेटियो के एक खरॉच भी आई तो तेरा वो हाल करूँगा की हैवान भी काप जाएँगे

अब जा और ये जिसका भी सर है उसे भी लेके जा यहाँ से और अपनी हालत सुधार कर अंदर आ बात करनी है

वो लड़का अपना सर नीचे ही रखते हुए वहाँ से चला गया

लड़किया बेचारी अभी भी बहुत डरी हुई थी. उन्हे ऐसे देख कर ठाकुर साहब

ठाकुर- अरे बेटा डरो मत मैं हू ना

यहाँ का माहौल थोड़ा खराब है

लड़की3- डॅड वो लड़का कौन था?

ठाकुर- तुम सब कितना सवाल जवाब करती हो चलो अंदर भूख भी लगने लगी है

ठाकुर उसकी बात को टालते हुए उन्हे अंदर लेके जाते है

सब जाके सोफे पर बैठ जाते है और इधर उधर की बातें करने लगते है

फिर थोड़ी देर बाद

ठाकुर- तुम सबका रूम बिल्कुल वैसा ही है जैसा बचपन मे तुम लोग छोड़ कर गई थी

जाके फ्रेश होलो फिर हम साथ मे खाना खाएँगे और हा जल्दी आना बहुत भूख लगी है बेटा

लड़की वहाँ से चली जाती है और वो लड़का वहाँ आजाता है

बिना कुछ बोले अपनी नज़र को नीचे करके ठाकुर के सामने खड़ा हो जाता है

ठाकुर- आज से तू बाहर का कोई भी काम नही करेगा

मुझे हर वक़्त तू मेरी बेटियो के साथ चाहिए

यहाँ बहुत ख़तरा है और मैं उन्हे बहुत प्यार करता हू बाकी तू समझ जा

और उन्हे खून ख़राबा बिल्कुल पसंद नही है तो जितना हो सके अपने दिमाग़ पर कंट्रोल रखना समझ गया

वो लड़का बस हा मे गर्दन हिला देता है

ठाकुर- ये ड्रग्स भी कम कर दे

तेरी बुद्धि खराब कर रहे है ये

एक टाइम था जब तू कितना लायक हुआ करता था

अब देख क्या हालत बना ली है तूने

बस एक बात याद रखना मुझे मेरी बेटियाँ खुश और सेफ चाहिए

तब तक वो तीनो लड़किया भी नीचे आजाती है और जब सामने उस लड़के को देखती है तो बस देखती रह जाती है

पहले खून मे सने होने के कारण उसे ठीक से देख नही पाई थी

नीली आँखें,बड़े लंबे बाल, मस्क्युलर शरीर और काले कपड़े

किसी को भी अपनी तरफ खिच ले

जब ठाकुर ने उन्हे देखा तो उस लड़के को वहाँ से जाने को बोलते है

ठाकुर- चलो जल्दी से खाना खाते है बहुत ही भूख लगी है

लड़की3- डॅड ऐसा लगता है काफ़ी दिनों से खाना ही नही खाया है अपने बस हमारा इंतज़ार कर रहे थे

ठाकुर- हा मेरे बेटे खाने का मन ही नही करता था

लड़की-कोई नही अब हम सारी कसर निकाल देंगे खिला खिला कर

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चलो थोड़ा इंट्रोडक्षन हो जाए

ठाकुर- शहर का मुखिया

मैन काम अंदरवर्ल्ड से जुड़ा हुआ है

प्रिया ठाकुर-सबसे बड़ी बेटी

शिवानी ठाकुर-दूसरे नंबर की

निशा ठाकुर- सबसे छोटी

बचपन मे ही शहर चले गये थे ताकि खून ख़राबे से दूर रहे पर फॅमिली का लगाव वापस खिच लाया इन्हें

इनका नेचर तो स्टोरी के साथ साथ ही पता चलेगा

जय- थोड़ा मिस्टीरियस कॅरक्टर है इसके बारे मे भी आगे पता चलेगा

बॅक टू स्टोरी

निशा-तो डॅड हमें सिटी कब घुमाओगे?

ठाकुर- जब मेरी गुड़िया का मन करे तभी

निशा- तो अभी चलते है

ठाकुर- तुम लोगो को आराम नही करना

निशा- नही हमें घूमना है

हॅना दीदी?

प्रिया और शिवानी बस मुस्कुरा देती है उन्हे पता है की निशा बहुत जिद्दी है वो वैसे भी नही मानेगी

ठाकुर- ठीक है पहले खाना खा लो

ठाकुर एक नोकर को जय को बुलाने के लिए भेजता है

प्रिया- डॅड आप नही चलोगो?

ठाकुर- बेटा बुढ़ापा आ गया है अब ज़्यादा मेहनत नही होती

तुम लोग एंजाय करो

शिवानी- डॅड मुझे उससे डर लगता है

ठाकुर- तुम्हे डरने की क्या ज़रूरत है

तुम ठाकुर की बेटी हो

और वो सबसे ट्रस्टेड पर्सन है

अगर जाओगे तो उसके साथ अदरवाइज़ कोई कही नही जाएगा

निशा- ठीक है डॅड

हमें कोई प्राब्लम नही है

ऐसे ही बात करते करते खाना भी ख़तम हो जाता है और तभी जय भी आजाता है

अपनी आदत अनुसार नज़र नीचे करके खड़ा होगया

ठाकुर अपना मूह सॉफ करते हुए

इनको लेके जाओ और पूरा शहर अच्छे से दिखा कर लाओ

एक बात याद रखना जब वापस आएँ तो चेहरे पर मुस्कान होनी चाहिए

इतना बोल कर ठाकुर वहाँ से चला जाता है

अब बच जाते है तीन बहनें और जय

जय कुछ सोच कर

आई ऐम वेटिंग आउटसाइड

और वहाँ से निकल जाता है

पीछे पीछे ही वो लड़किया भी आजाती है

कसम से क्या लग रही थी सारी के सारी

मतलब बॉम्ब बिल्कुल बॉम्ब

सब जल्दी जल्दी कार में बैठ जाते है

जय ड्राइवर शीट पर

उसके साइड मे प्रिया और निशा शिवानी बीच मे
 
वो लोग ऐसे ही इधर उधर की बातें कर रहे थे पर जय के चेहरे पर कोई भाव नही था

निशा ने सोचा थोड़ा इसके मज़े लेते है

निशा- आप क्या करते है?

जय कुछ नही बोलता

निशा- हा आपसे ही बात कर रही हूँ

डॅड के साथ कब से हो

जय फिर भी कुछ नही बोला

जिससे निशा थोड़ी चिड गई

निशा- तुम्हे सुनाई नही देता क्या तुम्ही से बात कर रही हूँ

या तुम्हे पता नही है की जब मालिक बात करते है तो कैसे रिप्लाइ करते है

प्रिया- अरे गुड़िया रहने दे उसे नही बात करनी तो मत करने दे

तू क्यू चिड रही है

निशा- ऐसे कैसे रहने दूँ

वो नौकर है अगर हम कुछ पूछे तो उससे जवाब देना पड़ेगा

जय ने एक झटके से कार रोकी और पीछे मूह करके

जय- आपने सही कहा हम नौकर है इसलिए जवाब देना तो बनता है

मैं नौकर हू तो नौकरो वाले सारे काम करता हू

मैं बचपन से उनके साथ हू

और आपके बातो का रिप्लाइ इसलिए नही कर रहा की मुझे लड़कियो से बात करना नही आता इसलिए कुछ ग़लत ना निकल जाए मूह से तो चुप हूँ

और कुछ पूछना है आपको

निशा- मुझे घर जाना है

शिवानी-अब क्या होगया तुझे

निशा- मुझे घर जाना है इसको बोलो की घर लेके चले

प्रिया ने इशारे मे जय को बोला और उसने कार घर की तरफ मोड़ दी

पूरे रास्ते किसी मे कोई बात नही हुई

हवेली पहुँचते ही निशा सबसे पहले कार से निकली और डॅड डॅड चिल्लाते हुए घर मे घुस गई

ठाकुर उसे इतनी जल्दी वापस देख कर

अरे बहुत जल्दी वापस आ गये

निशा- डॅड मुझे वो बिल्कुल पसंद नही है

मुझे वो बिल्कुल पसंद नही है

वो बहुत बदतमीज़ है

तब तक जय और बाकी सब भी आ गये

ठाकुर गुस्से मे- कौन

निशा ने जय की तरफ इशारा किया और ठाकुर ने बिना कुछ सोचे समझे तीन चार खिच खिच कर चान्टे रख दिए जय को

पूरी हवेली मे चटाक़ चटाक़ चटाक़ की आवाज़ गूँज उठी

जय जैसे पहले खड़ा रहता है आज भी वैसे ही खड़ा था बस उसकी नाक से खून निकल रहा था

ठाकुर- तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी बेटी से बदतमीज़ी करने की बोल

चटाक़कक

चटाक़ककक

चटाक़ककक

फिर से वोही आवाज़ गूँज गई
 
माफी माँग अभी के अभी माफी माँग

जय ने अपनी नाक से खून सॉफ किया और अपने घुटनो के बल बैठ कर निशा के पैर पकड़ लिए

ग़लती हो गई माफ़ कर दीजिए

आगे से ऐसा नही होगा

निशा ने फटाक से अपना पैर पीछे कर किए वो थोड़ा नाराज़ ज़रूर थी थप्पड़ तक ठीक था पर कोई उससे बड़ा पर्सन उसके पैर छुके माफी माँगे ये उसके लिए भी ज़्यादा था

उसने अपने पैर पीछे किए और बस एक हल्की सी आवाज़ आई इट'स ओके

ठाकुर ने जय को वहाँ से जाने को बोला और निशा को अपने गले लगा लिया.....
 
प्रिया- गुड़िया से अच्छी बात नही है तुम्हरी

इसमे उसकी कोई ग़लती नही थी

तुमने कभी देखा है उसे कैसे डॅड के सामने नज़र नीचे करके खड़ा रहता है, कभी कुछ नही बोलता उसका नेचर ही ऐसा है और तुमने खामखा बोल दिया डॅड को

शिवानी- हा दीदी पहले मुझे भी डर लग रहा था पर अब लगता है वो किसी गुलाम टाइप का है जो सिर्फ़ हुकम का पालन करता है और बस

निशा- मैं तो बस ऐसे ही मज़ाक कर रही थी

मुझे क्या पता था वो वैसे रिएक्ट करेगा फिर मुझे गुस्सा आगया

मानती हू ग़लती मेरी थी पर मैं तो बस कॉन्वर्सेशन चाहती थी

मुझे भी अच्छा नही लगा की वो मेरे पैर छूकर सॉरी बोले

इनफॅक्ट मैं तो उससे सॉरी बोलने का और सोच रही थी

शिवानी- हा तुम सॉरी बोल देना उससे

वैसे कितना हॅंडसम है ना

निशा- हा दी हॅंडसम तो बहुत है

बस थोड़ी अकल नही है

शिवानी- मुझे तो ना वो प्यार वाली फीलिंग आ रही है

प्रिया- ऊ महरानियो बस ठहर जाओ

गुड़िया तू जाके सॉरी बोलके आ

शिवानी- दी मैं भी जाऊँ गुड़िया के साथ कही गुड़िया डर ना जाए

प्रिया- कोई ज़रूरत नही है पहले तो तुझे उससे डर लग रहा था अब क्या हुआ

शिवानी- कुछ भी तो नही मैं तो बस अपनी प्यारी छोटी बेहन के बारे मे सोच रही थी

प्रिया- कोई ज़रूरत नही है

अच्छा गुड़िया अभी रहने दे सुबह बोल देना

निशा- अरे नही दीदी मैं अभी दो मिनिट मे बोल कर आती हू

और निशा वहाँ से भाग गई

और भागते हुए ही सीधा जय के रूम मे घुस गई

निशा शॉक्ड

निशा- ओह्ह शिट

आई ऐम सो सॉरीसॉरी

बोलते हुए मूह दूसरी तरफ कर लिया

जय जो बेचारा नंगा बैठा हुआ था फटाक से अपने कपड़े पहनने लगा

जय- आपको कुछ चाहिए था?

कपड़े पहनने के बाद बोला

निशा ने चेहरा उसकी तरफ किया और उसका रूम देखने लग गये

इतना बड़ा तो खुद निशा या उसकी किसी भी बेहन का रूम नही था

जय- मेम?

निशा- ओह हा सॉरी

वो आज के लिए सॉरी

वो मैने कुछ ज़्यादा ही ओवर रिएक्ट कर दिया था

आपकी कोई ग़लती भी नही थी

इसलिए आई ऐम सो सॉरी

जय- मेम नौकरो को सॉरी नही बोला जाता

निशा- आप प्लीज़ मुझे मेम ना बोले और दूसरा मुझे और शर्मिंदा ना करे

मैं सच मे आज के लिए माफी मांगती हू

जय- ओके

अब आप जाए यहाँ से

निशा- पहले माफ़ तो करदो

और क्या आपको पसंद नही की कोई आपसे बात करे

जय- मेम मैं एक गुलाम हू आपके पिताजी का

मैं बस हुकम का पालन करता हू

मुझे किसी से नाराज़ होने की पर्मिशन नही है

निशा- आप हमेशा ऐसे क्यू बात करते है

और मैने बोला ना की मुझे मेम मत बोलो

निशा नाम है मेरा

जय- आप यहाँ से जाए प्लीज़ नही तो प्राब्लम हो जाएगी

निशा- कैसी प्राब्लम

जय- पिताजी गुस्सा करेंगे

निशा- किसके

जय- आपके

निशा- वो कुछ नही बोलेंगे

ई जस्ट वाना टॉक टू यू फॉर आ वाइल

प्लीज़

जय- यू प्लीज़ ट्राइ टू अंडरस्टॅंड आई कॅन’ट डु दट

प्लीज़ ट्राइ टू अंडरस्टॅंड आंड लीव

निशा- क्या बात है इतनी अच्छी इंग्लीश बोल लेते हो

अच्छा बताओ और क्या क्या कर लेते हो

जय अपना सर झटक कर साइड मे खड़ा हो जाता है

निशा- आप बात कर सकते हो आपका ही रूम है

जय- मैं एक गुलाम हू आपको समझ नही आ रहा क्या

अगर किसी ने आपको यहाँ देख लिया तो बहुत प्राब्लम हो जानी है
 
निशा- कुछ प्राब्लम नही होगी मैं दीदी को बता कर आई हूँ और अगर दूसरी बार अपने आपने आपको गुलाम बोला तो ज़रूर प्राब्लम हो जाएगी

जय- आप क्या चाहते है?

निशा- आ कॉन्वर्सेशन

जय- ओके स्टार्ट

निशा- ह्म

आप यहाँ कब से है?

जय- बचपन से

निशा- क्या करते हो

जय- ड्रिंक,स्मोक,फक आंड किल

निशा- मतलब सारे बुरे काम

मोंम डॅड कहा है?

जय- नही है

निशा- ओह्ह सॉरी कही अच्छा काम क्यू नही कर लेते

जय- गुलाम हू और कुछ नही कर सकता

निशा- अगर आप यहाँ से जाना चाहते हो तो मैं डॅड से बात कर सकती हू

जय- नो थॅंक्स

अब बहुत होगया आप जाए अब

निशा- थोड़ी देर और प्लीज़

जय- जाईए

जय थोड़ी तेज आवाज़ मे बोला

निशा भी बुरी सकल बना कर वहाँ से चली गई

जय ने भी चैन की सास ली और जाके गेट लॉक करके सो गया

शिवानी- तुझे इतना टाइम कैसे लग गया

निशा- पता है क्या हुआ दी अभी

शिवानी- क्या??

निशा- चलो छ्चोड़ो नींद आ रही है

शिवानी-बता ना गुड़िया

निशा- ह्म अभी....

गुड नाइट दी

शिवानी- गुड़िया बताना प्लीज़

निशा- अच्छा बाबा सुनो

मैं ना बिना नॉक किए घुस गई रूम मे और वो ना.....

शिवानी- बोल भी अब

निशा- बिना कपड़ो के बिल्कुल नंगा बेड पर लेटा हुआ था

शिवानी- क्य्ाआआआआअ

गंदी लड़की तुझे शरम नही आती

किसी के रूम मे ऐसी ही घुस जाती है

प्रिया- तूने सॉरी बोला

निशा- हा बोल दिया दी

पर वो है की पता नही क्या गुलाम गुलाम की रट लगाए बैठा है

बहुत अजीब बाते करता है

आज के टाइम मे भी

प्रिया- वो उसकी सोच

हमारे लिए सब एक जैसे है

वो डॅड की हेल्प करता है तो वी विल ट्रीट हिम वित रेस्पेक्ट

शिवानी- सही बोल रहे हो आप दीदी

प्रिया- और तू थोड़ा दूर रहियो उससे

शिवानी- क्यउउुुउउ

प्रिया- तेरी नियत खराब लग रही है मुझे

कही तेरे चक्कर मे उस बेचारे पर कोई प्राब्लम ना आजाए

निशा- दी पता है जब मैने उससे पूछा की आप क्या करते हो तब पता है क्या बोले वो

शिवानी- क्या

निशा- ड्रिंक,स्मोक,फक आंड किल

शिवानी- उसने तो मेरा दिल जुड़ने से पहले ही तोड़ दिया

पर कोई बात नही मैं सुधार दूँगी उसे

प्रिया- शिवानी

शिवानी- मज़ाक कर रही हूँ दी

वैसे आपको वो हॅंडसम नही लगता क्या

प्रिया- नही

शिवानी- फिर या तो आप अंधे हो या फिर आप किसी और के प्यार मे हो

प्रिया- ना मैं अंधी हू और ना मैं किसी के प्यार मे हू समझी

बस ही इज नोट माइ टाइप

शिवानी- वो तो मैं पूछा ही नही
 
मैं ने तो बस इतना बोला है की क्या आपको वो हॅंडसम नही लगता आप पता नही क्या क्या सोचने लग जाती हो

प्रिया- अच्छा बाबा समझ गये अब सो जाए

निशा- दी उसका रूम भी हमारे रूम से बहुत ज़्यादा बड़ा है

प्रिया- तो क्या हुआ गुड़िया , कितना सोचती हो और कितना बोलती हो तुम . कल डॅड से बोल कर उपर वाले फ्लोर पर शिफ्ट करा देती हू तुझे फिर पूरा फ्लोर तेरा

निशा- क्या दी कितना गुस्सा करते हो

क्या मैं आपके साथ सो जाऊँ आज

शिवानी- मैं भी मैं भी

प्रिया- चलो ठीक है

लाइट ऑफ करो और सोजाओ

निशा- पहले गिव मे माइ गुड नाइट किस देन आआई विल स्लीप

प्रिया- कितना नाटक करती है ये

उसके बाद शिवानी और प्रिया निशा को गुड नाइट किस करती है और तीनो बहने सो जाती है....

अपडेट-3

निशा- डॅड कल हम घूम नही पाए इसलिए आज जाएँगे

शिवानी- हा आप जय को बोल दीजिए

ठाकुर- उसको मैने काम से बाहर भेजा है जैसे ही आज़ाएगा तब चले जाना और मैने उसको समझा दिया है अब ठीक से बिहेव करेगा

निशा- डॅड वो कल मैं ही ज़्यादा ओवर रिएक्ट कर गई थी उसकी कोई ग़लती नही थी. आई ऐम सॉरी डॅड

ठाकुर- तभी मैं सोच रहा था की वो तुमसे कैसे बदतमीज़ी कर सकता है

निशा- वैसे मुझसे क्यू नही कर सकता?

ठाकुर उसकी बात को हँस कर टाल देते है

प्रिया- डॅड आख़िर ये है कौन और अपने आपको गुलाम क्यू बोलता है

ठाकुर- लोंग स्टोरी कभी फ़ुर्सत मे बताउन्गा

निशा- डॅड वो कब तक आएँगे?

ठाकुर- जैसे ही उसका काम हो जाएगा वैसे ही आज़ाएगा

निशा- हम तो लेट हो जाएँगे नाआप कॉल करदो ना प्लीज़

ठाकुर- बेटा इंपॉर्टेंट काम के लिए गया है

निशा- आपने तो बोला था की वो सिर्फ़ हमारे लिए है आई मीन हमारी सेफ्टी देखेगा बस

ठाकुर- अच्छा बाबा सॉरी

अभी आजाने दे फिर कभी कही नही भेजूँगा ठीक है

फिर सब ब्रेकफास्ट करने लगे और ब्रेकफास्ट ख़तम होते होते जय भी आ गया

उसके हाथ मे खूब सारा खून लगा हुआ था और एक बड़ा सा बेग भी था

प्रिया और बाकी सब को देख कर वो बेग वही रख कर अंदर की तरफ चला गया थोड़ी ही देर मे वापस आया तो हाथ मूह सब धोए हुए थे और बेग ठाकुर के पास लाके रख दिया

ठाकुर- प्यार से बात करने के लिए भेजा था ना

जय- प्यार से बात नही होती और ना लोग प्यार से मानते है

ठाकुर- लोगो मे दहसत फैलाना मेरा लक्ष नही है

जितना हो सके शॅडो मे छुप कर काम करो

प्रिया- डॅड मैं भी सोच रही हूँ की बिज़्नेस जाय्न करलू

जय- नहियीईईईई

जय बहुत ज़ोर से बोला जिसे सुन कर तीनो बेहन एक दम डर गई पर ठाकुर ने कोई रिएक्ट नही किया

प्रिया- क्यू नही

जय- बिकॉज़ आई सड दट'स वाइ नही

ठाकुर- तू जा यहाँ से और तैयार होकर इन्हें घुमाने लेजा

ये सुन कर जय बिना कुछ कहे वहाँ से चला गया

प्रिया- डॅड ये ऐसे कैसे बात कर सकता है

ठाकुर- बेटा ही इज लाइक फॅमिली नाउ और बिज़्नेस मे बहुत ख़तरा है इसलिए मना किया है उसने

प्रिया- तो ख़तरे से निपटने के लिए तो वो है नही तो उसका फ़ायदा ही क्या है

ठाकुर- तुम अभी नही समझोगे

टाइम आने पर पता चल जाएगा

तुम एक काम क्यू नही करती अभी तो शहर देखो एंजाय करो उसके बाद शहर मे लोगो की हेल्प के लिए कुछ एनजीओ टाइप कुछ स्टार्ट कर देना तुम्हारे काम की वजह से मेरी इमेज भी सही हो जाएगी और तुम हमेशा से ही दूसरो की हेल्प भी करना चाहती थी

प्रिया- हा ये सही रहेगा डॅड

आई विल थिंक अवाउट इट

फिर वो सब भी उठ कर तैयार होने चली गई और कुछ ही देर मे तीनो बहनें और जय कार मे थे

जय हमेशा की तरह शांत ही था
 
और चुप चाप कार चला रहा था

आज उन सबने भी उससे कुछ नही कहा की कही फिर कुछ प्राब्लम ना हो जाए

प्रिया ने पहले ही पता कर लिया था की कहाँ कहाँ घूमना है इसलिए सबसे पहले जाने का प्लान बनाया मंदिर मे

प्रिया- सबसे पहले मंदिर ले चलो

सुना है यहाँ के मंदिर बहुत फेमस है

जय बस हा मे गर्दन हिला देता है और कुछ ही देर मे पहुच भी जाते है

जय जैसे ही कार से निकलता है लोगो की भीड़ जमा हो जाती है और सब मालिक मालिक बोल कर जय को प्रणाम करने लगते है

जय भी हाथ जोड़ कर सबको विश करता है

ये सब देख कर तीनो बहनें और सोच मे की ये आख़िर है कौन और सब उसे मालिक मालिक क्यू बोल रहे है

जय- आप लोग जाइए मैं यहाँ वेट कर रहा हू

शिवानी- आप साथ नही चलोगे?

जय- नही

आई ऐम वेटिंग हियर

निशा- और अंदर हमें किसी ने कुछ कर दिया तो?

जय- लोगो ने आप सब को मेरे साथ देख लिया है कोई कुछ नही करेगा

आप जाइए

निशा और शिवानी बेचारी सड़ा फेस बना कर चली गई जिससे देख कर प्रिया हँसने लगी

वो लोग जैसे ही मंदिर में घुसे उन्हे ऐसा फील हुआ की जैसे VIP ट्रीटमेंट मिल रहा हो

लोग अपने आप उनके लिए जगह छोड़ रहे थे

कोई उनकी तरफ नज़र मिला नही रहा था

उन्हे बहुत अजीब लगा बिकॉज़ उनके लिए तो वो सब नॉर्मल लड़किया ही थी

पर फिर सब कुछ इग्नोर करके वो लोग पूजा करते है और प्रसाद लेके वापस आजाते है

निशा- ये लीजिए हम आपके लिए प्रसाद लाए है

जय- लेट'स गो वी आर गेटिंग लेट

निशा- प्रसाद तो ले लिजिए

जय- मैं मीठा नही ख़ाता

प्रिया- प्रसाद के लिए मना नही किया करते

जय एक सेकेंड के लिए प्रिया की तरफ देखता है और फिर बिना कुछ बोले प्रसाद ले लेता है

निशा धीरे से प्रिया को बोलती है

प्रिया- दी क्या जादू कर दिया आपने इस खडुश पर आपकी बात एक सेकेंड मे मान ली आपने

प्रिया- ज़्यादा दिमाग़ मत चलाया कर

अब चल और बता आगे कहाँ जाना है

निशा- वो तो मैं सब पता कर लिया है पर अब सोच रही हूँ की अपने खडुश गाइड से ही पूछ लेते है

निशा कार में बैठ कर जय से

आप को जो पसंद है वहाँ ले चलिए अब

जय भी बिना कुछ बोले कार चला देता है और कुछ टाइम बाद पहुच जाते है एक जगह जो शायद शहर से दूर थी थी पर थी बहुत खूबसूरत और सबसे बड़ी बात ये थी की बहुत शांति थी
 
चारो तरफ हरियाली पास मे ही छोटा सा वॉटरफॉल

निशा और बाकी सब ये देख कर ही बहुत खुश हो गये

शिवानी- अच्छा तो अब समझ आया यहाँ कोई आता नही है इसलिए आपको पसंद है

पर कितनी प्यारी जगह है है ना दीदी

प्रिया- हा बहुत शांत और सुंदर जगह है

थॅंक यू जय

वो बहुत प्यार से बोलती है

जय बिना कुछ बोले पास के ही एक पत्थर पर जाके बैठ जाता है और अपने ही ख़यालों मे कही खो सा जाता है

बाकी सब वही एंजाय करने लगते है

तभी कुछ लड़के शायद बाहर से आए थे वहाँ आजाते है और तीन सुंदर सुंदर लड़कियो को देख कर मज़े करने की सोचते है

वो शहर के तो थे नही नही तो जय को देख कर किसी की ऐसा सोचने की हिम्मत भी नही होती पर शायद खराब किस्मत

लड़का- ओये देख सामने जन्नत

क्या लड़किया है भाई

चल थोड़ी मस्ती करते है

लड़का2- छोड़ ना बे क्यू बिना मतलब के टाँग घुसानी और तूने सुना नही क्या इस शहर के बारे मे

लड़का3- बे लोडू तेरी हर बार क्यू गान्ड फट जाती है

एक ही तो लड़का है उनके साथ और हम चार और किसी को पता चलने से पहले ही हम यहाँ से निकल लेंगे

लड़का4- चलो तो काम शुरू कर देते है

वो सारे लड़के कमिनी स्माइल के साथ प्रिया के पास जाने लगे क्यूकी सबसे ख़तरनाक फिगर उसी का था और झरने मे भीगने की वजह से और ज़्यादा कातिलाना लग रहा था

पर शायद निशा ने उन्हे आता हुआ देख लिया और अपनी बहनों को भी बता दिया

लड़का- क्या हुआ मेरी जान इतनी शांत कैसे हो गये अभी तो खूब ज़ोर ज़ोर से हँस रही थी

पर एक बात तो है तुम तीनो का फिगर कमाल का है

पीने मे बहुउूत्तत्त.....

उसकी आवाज़ उसके मूह मे ही रह गई और किसी ने उसकी गर्दन पीछे से पकड़ कर हवा मे उठा दी जिसे देख कर बाकी लड़के बुरी तरह डर गये

पर फिर भी एक ने हिम्मत करके

लड़का2- देख जान प्यारी है तो यहाँ से चला जा नही तो तेरी क्या हालत होगी ये तू सोच भी नही सकता

जय ने पहले लड़के को दूर फेक कर दूसरे के पास आया और अपनी पेंट से एक बड़ा सा चाकू भी निकाल लिया

जय- मैं तुम्हे एक मौका देता हू( जय अपने हाथ को चाकू से काटते हुए बोलता है)

यहाँ से चले जाओ वरना तुम्हारे खानदान मे छोटे बच्चे से लेकर बड़े बुड्ढे तक किसी की भी लाश को कंधा देने वाला कोई नही मिलेगा( जय ने अपना हाथ काफ़ी काट लिया था जिससे खूब खून बह रहा था)

अब साला ये देख कर किस की नही फटेगी जब कोई आदमी अपने आपको इतना नुकसान पहुचा सकता है तो दूसरो की क्या हालत करेगा वैसे ये एक टॉर्छेर टेक्निक है

खुद को नुकसान पहुचाते देख सामने वाले की बहुत गंदी फट जाती है

यहाँ भी वही हुआ और वो लड़के वहाँ से ऐसे गायब हुए जैसे फ्लश की पवर आ गई हो उनमे

प्रिया भागते हुए जय के पास आई

प्रिया- ये क्या किया आपने

कोई खुद के साथ भी ऐसा करता है क्या भला

अगर मारना था तो उनको मारना चाहिए था ना

जय- वो अभी बच्चे है सह नही पाते

दे डिज़र्व आ सेकेंड चान्स

आप चिंता मत करिए किसी को कुछ फ़र्क नही पड़ता मेरे लिए

और इतनी छोटी चोट से वैसे भी मेरे कुछ नही होने वाला

आप जाके एंजाय करो

फिर आगे भी जाना है

प्रिया- नही हमें अब घर जाना है

और जय के हाथ पर लगे खून को सॉफ करने लगी

जय उससे अपना हाथ छुड़ा कर

एक गुलाम के लिए इतना नही करते

आप जाइए

प्रिया गुस्से मे-पर एक भाई के लिए तो कर सकती हू ना

अगर मेरा कोई भाई होता तो आज वो भी तुम्हारे जीतना बड़ा हो चुका होता

क्या तुम मेरे भाई नही बन सकते

निशा और शिवानी के साथ--

नही दीदी भाई नही

आपके भाई होंगे तो हमारे भाई भी हो जाएँगे प्लीज़ भाई नही

फिर एक दम से बोलते बोलते रुक गई जय के सामने ही यॅ सब बोल गई
 
जय ने प्रिया के हाथ से कपड़ा लिया और खुद ही अपने हाथ पर बाँधने लग गया और फिर जाके कार में बैठ गया

उसके पीछे पीछे ही बाकी सब भी आ गये

प्रिया का मूड खफी खराब होगया था इसलिए उसने बोला की घर चलो

बाकी सब भी चुप ही रहे और जय ने कार सीधे घर की तरफ मोड़ दी

ठाकुर हॉल मे भी बैठा हुआ था और सबको आज फिरसे जल्दी देख कर जय पर भड़क गया

ठाकुर- आज तूने फिर कुछ किया क्या

आज तो तेरी चमड़ी अलग कर दूँगा मैं

निशा- डॅड उन्होने कुछ नही किया

वो फिर निशा ठाकुर को सब बता देती है

ठाकुर गुस्से मे जय को फिर से तीन चार थप्पड़ झाड़ देता है

ठाकुर- तूने उन्हे जिंदा क्यू जाने दिया

मुझे सबके शरीर के छोटे छोटे टुकड़े चाहिए समझ गया तू

छोटे छोटे टुकड़े

प्रिया- डॅड आई डॉन’ट वॉंट एनी ब्लडशेड

दे डिज़र्व आ सेकेंड चान्स और आप बात बात पर इसे क्यू मारते रहते हो

माना की आपके लिए काम करता है पर आपको रेस्पेक्ट से बात करनी चाहिए

ये कभी आपकी नज़रो मे देख कर बात तक नही करता और एक आप हो

ठाकुर- बेटा अभी तुमने बोला की पूरी बात जान लेनी चाहिए तो तुम्हे भी बोलने से पहले पूरी बात जान लेनी चाहिए

ये कुछ नही बोलता इसका रीज़न ये नही है की मेरे लिए काम करता है इसका बहुत बड़ा रीज़न है

इसने खुद अपनी रेस्पेक्ट खोई है
 
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