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गांव की कच्ची कली को तोड़ा

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Antarvasna, desi kahani: राकेश मुझे कहने लगा की यार यहां पर कितना अच्छा लग रहा है राकेश मेरे साथ मेरे गांव आया हुआ था और मैं भी अपने गांव काफ़ी समय बाद गया था, राकेश मुझे कहने लगा कि तुम्हारे गांव में तो काफी आनंद आ रहा है। हम लोग अपने खेतों में चले गए और वहां पर हम दोनो ट्यूबवेल में नहाने लगे राकेश मेरे साथ मेरी कंपनी में जॉब करता है। मैं काफी समय बाद अपने गांव आया था और मैंने जब राकेश को कहा कि तुम मेरे साथ गांव चलोगे तो राकेश भी मेरी बात मान गया। हम लोग काफी दिनों से सोच रहे थे कि कहीं घूमने जाया जाए लेकिन फिलहाल हमे गांव से बढ़िया जगह कोई लगी नहीं और हम लोग अपने गांव आ गए। गांव में मेरे चाचा चाची रहते हैं वही लोग खेती का पूरा काम संभालते हैं जब राकेश और मैं छत पर बैठे हुए थे तो सामने से एक लड़की मटका लेकर जा रही थी वह पानी भरने के लिए आई हुई थी राकेश ने मुझे कहा की वह लड़की कितनी सुंदर लग रही है।

मैंने उस लड़की को पहली बार ही गांव में देखा था क्योंकि मेरा भी गांव में आना जाना कम हीं हुआ करता था। जब मैं और राकेश उस लड़की के पास गए तो वह हमें देखकर शरमाने लगी और वह वहां से वह चली गई। अगले दिन भी मैं उस लड़की का इंतजार करता रहा लेकिन वह लड़की नहीं आई एक दिन मैं अपने चाचा के लड़के के साथ जा रहा था तो मैंने उससे पूछा उस लड़की का क्या नाम है तो वह मुझे कहने लगा कि भैया उस लड़की का नाम लता है। लता मुझे देखकर शरमा रही थी और वह मुझसे नजरे मिला ही नहीं पाई लेकिन मेरा दिल लता पर आ चुका था और अब मैं उसे किसी भी प्रकार से अपना बनाना चाहता था लेकिन मेरी छुट्टियां भी खत्म होने वाली थी। राकेश मुझे कहने लगा कि हमें तो कल शहर के लिए निकलना होगा मैंने राकेश से कहा यार मेरा जाने का मन तो हो ही नहीं रहा है। राकेश मुझे कहने लगा कि तुम यहां गांव में रह कर क्या करोगे मैंने राकेश से कहा मुझे लता से बात करनी है राकेश मुझे कहने लगा कि तुम बेवजह पागल मत बनो और मेरे साथ चलो।

हम दोनों अब शहर तो आ चुके थे लेकिन मेरा मन तो लता की यादों में खोया हुआ था और मैं यही सोच रहा था कि मैंने लता से बात क्यों नहीं की मुझे कम से कम लता से बात तो करनी ही चाहिए थी। राकेश मुझे कहने लगा अब तुम उसके बारे में भूल जाओ लेकिन मेरा मन तो लता कि यादों में खोया हुआ था और मैं दोबारा से गांव लौट गया। मैं जब गांव गया तो लता से मेरी मुलाकात हुई जब लता से मैं मिला तो हम दोनों एक दूसरे से मिलकर खुश थे। मुझे नहीं मालूम था कि लता के दिल में भी मेरे लिए कुछ अच्छा रहा है मैंने लता से कहा मैं कल शहर लौट जाऊंगा लेकिन मुझे लगा कि मैं तुमसे बात कर लूं इसलिए मैं गांव आ गया था। लता कहने लगी कि मुझे भी आपको देखकर अच्छा लगा था लेकिन मैं भी आपसे बात नहीं कर पाई थी। लता अब भी मुझसे बात करने में शरमा रही थी, मैं भी शहर लौट आया था मैं जब शहर लौटा तो मैंने यह बात राकेश को बताई राकेश मुझे कहने लगा कि अच्छा तो तुमने लता से बात कर ली। मैंने राकेश से कहा हां यार मैंने लता से बात कर ली राकेश मुझे कहने लगा कि तुम तो बड़े छुपे रुस्तम निकले मैंने राकेश से कहा मेरा मन ही नहीं मान रहा था मुझे लगा कि मुझे लता से एक बार तो बात करनी चाहिए इसलिए मैं उससे बात करने के लिए गांव चला गया और आखिरकार हम दोनों की बात हो ही गई। राकेश मुझे कहने लगा की क्या तुम लता के लिए गंभीरता से सोचते हो या फिर तुम्हें लग रहा है कि तुम लता के साथ प्यार का खेल खेलोगे। मैंने राकेश से कहा नहीं राकेश ऐसा बिल्कुल भी नहीं है मैं लता को पसंद करता हूं और मुझे वह बहुत अच्छी लगी मैं चाहता हूं कि लता के साथ मैं अपना जीवन बिताऊँ। राकेश मुझे कहने लगा यदि ऐसा है तो तुम अपने घर पर लता के बारे में बता दो मैंने राकेश से कहा यार बताना तो चाहता हूं लेकिन अभी मुझे कुछ समय चाहिए मुझे यदि थोड़ा समय मिल जाएगा तो मैं लता से बात कर पाऊंगा। हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे तभी हमारे साथ में काम करने वाले अरविंद जी भी आ गए अरविंद जी कहने लगे की आप दोनों के बीच में क्या बात चल रही है।

मैंने अरविंद जी से कहा नहीं सर कुछ भी तो नहीं अरविंद जी उम्र में हमसे बड़े हैं और वह काफी अच्छे हैं वह हमें पूछने लगे कि लगता है आप दोनों के बीच आजकल कुछ बात तो चल रही है। मैंने कहा नहीं सर ऐसा तो कुछ भी नहीं है आखिरकार उन्होंने हमसे निकलवा ही लिया तो मैंने उन्हें लता के बारे में बताया और जब मैंने उन्हें लता के बारे में बताया तो वह मुझे कहने लगे अच्छा तो आप भी आजकल प्यार में पड़े हुए हैं। मैंने उन्हें कहा क्या कोई और भी है जो प्यार में पड़ा हुआ है तो वह कहने लगे कि हां हमारे ही ऑफिस में हरीश जी भी आजकल एक लड़की के प्यार में गिरफ्तार है और वह बड़े ही खोए खोए से रहते हैं। अरविंद जी जैसे मेरी बातों पर मजे ले रहे थे मैंने अरविंद जी से कहा सर आप बेवजह ही मजे ले रहे हैं अरविंद जी कहने लगे अमन जी ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अरविंद जी बहुत अच्छे हैं और वह मुझे कहने लगे कि अभी मैं चलता हूं। हम दोनों ने लंच कर लिया था और हम लोग भी उसके बाद अपना काम करने लगे। लता को मिलने के लिए मैं गांव चला गया जब लता को मिलने के लिए में गांव गया तो वह मुझे कहने लगी अमन मैं तुम्हारे बिना बिल्कुल रह नहीं पाती हूं। मैंने लता से कहा देखो लता मुझे भी लगता है कि मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊंगा लता मुझे कहने लगी आज बाबूजी और मां घर पर नहीं है मैं घर पर अकेली रहूंगी तुम मुझसे मिलने के लिए घर पर आना।

मैं लता से मिलने के लिए उसके घर गया तो वह घर पर अकेली थी उसके घर पर कोई भी नहीं था जब मै उससे मिला तो उस वक्त मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगा कि जैसे हम दोनों ने एक दूसरे से बहुत कम बात है हम दोनों एक दूसरे से खुलकर बातें कर रहे थे। लता को मैंने अपनी बाहों में लिया तो वह शर्माने लगी मैंने लता से कहा इसमें शर्माने की क्या बात है। वह मुझे कहने लगी यह सब शादी से पहले ठीक नहीं है मैंने उसे कहा क्या शादी से पहले ठीक नहीं है। लता कहां मानने वाली थी मुझे उसे मनाना पड़ा और मैंने जब लता कि योनि के अंदर उंगली को डाला तो वह मचलने लगी और मुझे कहने लगी कि मुझे अच्छा लग रहा है। मैंने लता के मुंह के अंदर अपने लंड को घुसा दिया तो वह मेरे लंड को मुंह के अंदर बाहर कर रही थी और मुझे भी अच्छा लग रहा था। उसने मेरे लंड को बहुत ही अच्छे से चूसा मेरा लंड पूरी तरीके से खड़ा हो चुका था। मैंने लता से कहा मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है तो वह कहने लगी कि जब इतना हो चुका है तो थोड़ा सा और कर ही लेते हैं। लता के मुंह से यह बात सुनकर मैंने उसकी तड़प का अंदाजा लगा लिया था जब मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसे भी अच्छा लग रहा था और मुझे भी बहुत मजा आ रहा था। उसके स्तनों से मैंने खून भी निकाल कर रख दिया था और उसके स्तनों से जब खून निकल रहा था तो मैंने लता से कहा मैं तुम्हारी योनि को चाटना चाहता हूं लता के चूत को मैने चाटना शुरु किया। उसकी चूत को मैंने पूरा गिला बना दिया था उसकी चूत से लगातार पानी बाहर निकल रहा था उसने मेरे लंड को अपने हाथ से हिलाना शुरू किया जिस प्रकार से वह मेरे लंड को हिला रही थी उससे मेरा लंड पूरी तरीके से तन कर खड़ा हो चुका था।

वह मेरे लंड को बडे ही मजे से हिला रही थी जब मैंने लता के दोनों पैरों को खोलकर उसकी चूत के अंदर लंड को डाला तो उसकी टाइट चूत से खून बाहर की तरफ को निकलना शुरू हुआ और जिस प्रकार से मैंने उसे धक्के दिए उससे उसके मुंह से मादक आवाज निकलने लगी और उसकी उत्तेजना में और भी ज्यादा बढ़ोतरी होती जा रही थी। मैं उसे लगातार तेजी से चोद रहा था और उसे चोदकर मुझे मजा आता काफी देर तक मैंने उसकी चूत के मजे लिए और उसकी चूत से पानी बहुत अधिक मात्रा में निकलने लगा तो वह मुझसे कहने लगा कि अब मुझसे रहा नहीं जाएगा। मैंने लता से कहा मुझे तुम्हारी चूत मारने में मजा आ रहा है मुझे एक अलग ही एहसास हो रहा है।

लता कहने लगी लेकिन मुझे आप घोडी बनाकर चोदो मैंने उससे कहा रुको मुझे तुम्हारी चूत से लंड बाहर निकालने दो। मैंने अपने लंड को लता कि चूत से बाहर निकालते हुए लता की चूत के अंदर प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाने लगी मै उसे लगातार तेजी से धक्के मार रहा था और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरु किया तो मुझे बहुत मजा आ रहा था। उसकी टाइट चूत से खून भी निकल रहा था और मुझे बहुत अच्छा लगता क्योंकि मैं पहली बार इतनी टाइट चूत के मजे ले रहा था। गांव की कच्ची कली मेरी हो चुकी थी और उसकी चूत मारने में मुझे बहुत अच्छा लगा काफी देर तक मैंने ऐसा किया और जब मेरे अंदर की आग बुझने वाली थी और मेरा वीर्य गिरने वाला था तो लता कहने लगी आप अपने वीर्य को गिरा ही दीजिए। मैंने लता की चूत के अंदर अपने वीर्य को गिरा दिया जब मैंने अपनी माल को उसकी चूत में गिराया तो वह मुझे कहने लगी कि आज मुझे अच्छा लग रहा है, गांव की कच्ची कली को तोड़ना बड़ा ही शानदार रहा।
 
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