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गरम बदन संग चुदाई

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Antarvasna sex stories, hindi sex kahani: मैं अपने रूम में बैठा हुआ अपने ऑफिस का काम कर रहा था क्योंकि मेरी छुट्टी थी तो सोचा ऑफिस का कुछ काम घर पर ही कर लेता हूं तभी मेरी मम्मी रूम में आई और कहने लगी कि बेटा पड़ोस में रहने वाली अंजली का रिश्ता तय हो गया है। मैंने मम्मी से कहा मम्मी क्या बात कर रही हो अंजलि ने तो अभी अपना कॉलेज कुछ समय पहले ही पूरा किया है और इतनी जल्द वह शादी करने जा रही है। मेरी मम्मी मुझे कहने लगी अंकित बेटा तुम्हें अंजली के बारे में क्या पता नहीं है मैंने मम्मी से कहा नहीं मम्मी मुझे अंजली के बारे में तो ऐसा कुछ भी पता नहीं है। मम्मी ने मुझे बताया कि वह एक लड़के से प्यार करती है और वह भी हमारी कॉलोनी में ही रहता है। मुझे तो इस बात की कोई खबर ही नहीं थी क्योंकि शायद मेरे पास कभी समय ही नहीं होता था कॉलोनी में मेरी ज्यादा किसी के साथ भी दोस्ती नहीं है।

जब मम्मी ने मुझे इस बारे में बताया तो मैंने मम्मी को कहा मम्मी क्या अंजली शादी के लिए तैयार हो चुकी है तो मम्मी कहने लगी हां बेटा अंजलि तो शादी के लिए तैयार हो चुकी है और जल्द ही वह शादी करने वाली है। मैंने मम्मी को कहा अच्छा मम्मी आपको यह बात किसने बताई मैंने जब मम्मी को यह बात पूछी तो मम्मी मुझे कहने लगी कि यह बात मुझे पड़ोस में रहने वाली मंजू ने बताई। मंजू भाभी अक्सर हमारे घर पर आती है मंजू भाभी को पूरी कॉलोनी की खबर थी इसीलिए उन्होंने मां को यह बात बताई। मां ने मुझे जब यह बात बताई तो मैंने मां से कहा मां लेकिन मंजू भाभी को यह सब कहां से पता चल जाता है। मां कहने लगी बेटा यह तो मुझे भी नहीं पता कि मंजू को यह सब कहां से पता चलता है लेकिन मंजू ने मुझे जब इस बारे में बताया तो मैंने भी सोचा चलो अंजली की मम्मी को इस बात के लिए बधाई दे देती हूं मैंने जब उन्हें बधाई दी तो वह लोग खुश तो नहीं थे क्योंकि यह अंजलि की मर्जी से ही हो रहा है। मैं और मम्मी साथ में बात कर रहे थे कि तभी पापा भी आ गए पापा कहने लगे दोनों मां-बेटे के बीच में आज क्या बात चल रही है तो मैंने पापा से कहा पापा कुछ भी नहीं बस ऐसे ही बात कर रहे थे। पापा कहने लगे कि अंकित बेटा क्या आज तुम घर पर ही हो मैंने पापा से कहा हां पापा आज मैं घर पर ही हूं पापा ने मुझे कहा बेटा हम लोग शाम को आज महेश अंकल के घर चलेंगे।

पापा और महेश अंकल के बीच बहुत पुरानी दोस्ती है तो पापा ने जब मुझे यह बात कही तो मैंने पापा को कहा ठीक है पापा हम लोग शाम के वक्त महेश अंकल से मिलने के लिए चलेंगे। शाम के वक्त हम लोग महेश अंकल से मिलने के लिए चले गए जब मैं महेश अंकल से मिला तो महेश अंकल मुझे कहने लगे कि अंकित बेटा तुम कैसे हो तो मैंने उन्हें बताया अंकल मैं तो ठीक हूं आप बताइए आपका स्वास्थ्य कैसा है। वह कहने लगे कि मेरा स्वास्थ्य भी अच्छा है बस कुछ दिनों से तबियत खराब चल रही थी परंतु अब तबीयत ठीक है मैं डॉक्टर के पास गया था और डॉक्टर ने मुझे कुछ दवाइयां दी उसके बाद मैं ठीक हूं। पापा और अंकल बात करने लगे मम्मी भी महेश अंकल की पत्नी शीला आंटी के साथ में थी और वह लोग आपस में बात कर रहे थे। मैं अपने फोन में गेम खेलने लगा थोड़ी देर बाद मेरे फोन में मेरे ही ऑफिस में काम करने वाले रजत का फोन आया रजत मुझे कहने लगा कि अंकित तुम इस वक्त कहां हो। मैंने रजत को कहा मैं अपने किसी परिचित के घर पर आया हुआ हूं रजत कहने लगा कि कल तुम कितने बजे तक ऑफिस आ जाओगे मैंने रजत को कहा मैं तो सुबह के वक्त ही ऑफिस आ जाऊंगा। रजत कहने लगा मुझे तुमसे कोई जरूरी काम था मैंने रजत को कहा ठीक है रजत जब मैं घर से निकलूंगा तो मैं तुम्हें फोन कर दूंगा तो रजत कहने लगा ठीक है तुम मुझे फोन कर देना। हम लोग उस दिन महेश अंकल और शीला आंटी से मिलकर खुश थे काफी समय बाद हम लोग उन लोगों से मुलाकात कर रहे थे और रात के वक्त हम लोगों ने उनके घर पर ही डिनर किया और जब हम लोग घर लौटे तो उस वक्त काफी देर हो चुकी थी। मुझे बहुत नींद भी आ रही थी तो मैं सो गया और अगले दिन सुबह जल्दी से मैं अपने ऑफिस के लिए तैयार हुआ तो मम्मी कहने लगी कि अंकित बेटा मैंने तुम्हारे लिए नाश्ता बना दिया है। मैंने मम्मी को कहा मम्मी ठीक है आपने मेरे लिए नाश्ता बना दिया है मैं बस अभी नाश्ता कर लेता हूं, मैंने जल्दी से नाश्ता किया और मैं अपने ऑफिस के लिए निकल गया।

मैंने रजत को फोन किया रजत मुझे कहने लगा कि तुम कितनी देर में ऑफिस पहुंच जाओगे तो मैंने रजत को कहा बस मैं थोड़ी देर बाद ऑफिस पहुंच जाऊंगा। थोड़ी देर के बाद मैं ऑफिस पहुंच गया तब रजत ने मुझे बताया कि उसे कुछ पैसों की आवश्यकता है मैंने रजत को कहा ठीक है यदि तुम्हें पैसों की जरूरत है तो मैं तुम्हारी मदद करता हूं। मैंने रजत की मदद की जब मैंने रजत की मदद की तो वह कहने लगा कि अंकित तुम्हारा बहुत धन्यवाद क्योंकि मुझे पूरा यकीन था कि तुम मेरी मदद जरूर करोगे और तुमने मेरी मदद की। रजत इस बात से खुश था रजत और मैं साथ में बैठ कर बात कर रहे थे तो रजत ने मुझे बताया कि वह बहुत जल्द सगाई करने वाला है। मैंने रजत को कहा लेकिन तुमने तो किसी को भी नहीं बताया रजत मुझे कहने लगा कि बस ऐसे ही मैंने जल्दी से अपनी सगाई का प्लान बना लिया। रजत ने मुझे अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में बताया और कहने लगा कि मेरी गर्लफ्रेंड और मेरा रिलेशन काफी समय से चल रहा है और हम दोनों अब जल्दी सगाई करने वाले हैं। मैंने रजत को कहा तुम मुझे अपनी गर्लफ्रेंड से कब मिलवा रहे हो रजत कहने लगा कि जब तुम कहो तब मैं तुम्हें मिलवा देता हूं लेकिन उसके बाद मुझे भी समय नहीं मिल पाया और रजत को भी शायद समय नहीं मिल पाया परंतु जब रजत की सगाई हुई तो मैं रजत की सगाई में गया था। रजत की सगाई के दौरान मेरी मुलाकात संजना से हुई संजना से मेरी मुलाकात हुई तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा और मैं संजना से बातें करने लगा।

हम दोनों की बातें अब प्यार का रूप लेने लगी थी और हम दोनों एक दूसरे के प्यार में गिरफ्तार होने लगे थे हम दोनों को एक दूसरे से बातें करना अच्छा लगता। संजना और मेरी मुलाकात हर रोज हुआ करती थी और संजना चाहती थी कि जल्द ही हम लोग भी सगाई कर ले लेकिन मुझे समय चाहिए था और मैं फिलहाल सगाई नहीं करना चाहता था। संजना मुझसे हर रोज इसी बारे में बात किया करती थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ फोन पर घंटों तक बातें किया करते थे मुझे संजना से बातें करना अच्छा लगता संजना से अब मै अश्लील बातें भी करने लगा था और संजना के अंदर की उत्तेजना को मैंने फोन पर ही जगा दिया था। संजना चाहती थी हम दोनों मिलकर एक दूसरे के साथ अंतरंग संबंध बनाए मैं संजना को एक दिन अपने साथ घुमाने के लिए ले गया। हम दोनों घूमने के लिए चले गए और जब हम लोग होटल में गए मैंने संजना को अपने पास बैठने के लिए कहा संजना मेरे पास आकर बैठी तो मैंने उसकी जांघ पर अपने हाथ को रखा और सहलाना शुरू किया। मैं उसकी जांघ को बहुत देर तक सहलाता रहा मुझे अच्छा लगने लगा। मैंने संजना को कहा मुझे लग रहा है तुम बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी हो? संजना मुझे कहने लगी हां मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी हूं जैसे ही संजना ने कपड़ों को उतारकर मुझे अपना गोरा बदन दिखाया तो उसका गोरा बदन देखकर मैं अपने आपको रोक ना सका और मैंने अपने हाथों से संजना के स्तनों को दबाना शुरू किया। मैं जब उसकी चूचियों को दबा रहा था तो मैंने अपने लंड को संजना की चूचियो पर रगड़ना शुरू किया उसके बाद मैंने उसकी चूचियों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसे बहुत मजा आने लगा और मुझे भी बड़ा आनंद आ रहा था।

बहुत देर तक मैं उसकी चूचियों के मजे लेता रहा जब वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई तो वह मुझे कहने लगी मुझे ऐसा लग रहा है जैसे कि अब मैं रह नहीं पाऊंगी। मैंने अपने लंड को संजना की चूत के अंदर घुसाना शुरू किया तो मुझे नहीं मालूम था कि उसकी चूत एकदम सील पैक है जैसे ही मेरा लंड संजना की चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो वह चिल्ला उठी और मेरा लंड उसकी चूत के अंदर चुका था। जब वह चिल्ला रही थी तो मैंने संजना को कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है संजना अपने पैरों को खोलकर मेरी लंड को अपनी चूत के अंदर ले रही थी मैंने जब संजना की चूत की तरफ देखा तो उसकी चूत से खून बाहर की तरफ को निकल रहा था।

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से मैं संजना को धक्के मार रहा था उससे हम दोनों ही पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुके थे और मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका था और संजना की चूत से भी खून बाहर की तरफ को निकल रहा था मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगा था मेरा वीर्य पतन बाहर की तरफ होने वाला था मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं चरम सीमा पर पहुंच चुका हूं। मेरा वीर्य पतन बस कुछ देर बाद हो गया। मैंने संजना को कहा आज तुम्हारी चूत मार कर मुझे बहुत मजा आया संजना मुझे कहने लगी मुझे आज आपके साथ सेक्स करने में बड़ा मजा आया और हम दोनों ने एक दूसरे के साथ बहुत देर तक सेक्स का आनंद लिया था जिससे कि मेरा लंड तो छिल चुका था उसे भी मजा आने लगा था। उसके बाद संजना और मैंने कई बार सेक्स संबंध बनाए जब भी हम लोग एक दूसरे को मिलते तो हमेशा ही हम लोग एक दूसरे के साथ सेक्स किया करते थे क्योंकि संजना का बदन इतना हॉट है उसे चोदे बिना मैं रह नहीं पाता था।
 
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