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इंडियन आंटी के बदन की बढ़ास

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Administrator
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आज मैं आपको एक दूकान वाली इंडियन आंटी की कहानी सुनाने जा रहा हूँ दोस्तों जिनकी किराने की दूकान थी | दोस्तों वो आंटी दिखने में ३२ - ३५ साल की होंगी पर किसी कुंवारी लौंडिया से दिखने में कम नहीं लगती थी और उनके बदन में हर वो खासियत है जो किसी मर्द जैसे की हमारा पाना चाहेगा | उनका आंटी का फिगर ४० ३२ ३६, इंच के करीब होगा जो मेरे मन की प्यास को हर पल बढ़ा देता था | मैं इंडियन आंटी की जमकर चुदाई करना चाहता था और अपने ख्याल पुलाव को बड़ी दुखी मन से पाने दोस्तों को समझाया करता था | तभी मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया की आंटी का एक ही छोटू सा पति है जिससे आंटी के मन की बढ़ास नहीं मिटती है और मैं सब कुछ समझ रहा था मैंने तभी आंटी की चुदाई का प्लान बनाया |

मैं एक दिन इंडियन आंटी के पास गया और मैंने जान बुझ कर एक छोटा सा नेकर और उप्पर शर्ट चढाई हुई जिसके पहले से ही दो बटन खुले हुए थे | आंटी मेरे मर्दानी जाँघों को देखती ही रह गयी और जब उप्पर की और नज़र पड़ी तो देखा की मेरी चाहती उनके चुचों को भींचने के लिए कितनी उपयुक्त है | मेरा लंड भी मेरे नेकर के माप भी आंटी को साफ़ सिखाई दे रहा था | आंटी ने कहा क्या चहिये, और मैंने क्या जो तुम देना चाहो . . !! आंटी समझ गयी की आज मैं उनकी चुत ही मारने आया हूँ | फिर आंटी के कुछ देर सोचा और मुझे पीछे के रास्ते से अंदर बुला लिया | मैं जब अंदर गया तो आंटी किसी लड़के को दूकान संभालने के लिए दे दी और पीछे से मुझे अपने घर में ले गयी |

इंडियन आंटी अपने घर में कहने लगी, अच्छा तो क्या लेने की बात कर रहे थे तुम . .?? मैंने तभी अपनी शर्ट और नेकर नीचे कर दिया और अलंटी ने भी अपने कपड़ों को खोल डाला | मैं आंटी के उप्पर टूट पड़ा और उनके चुचों को चूसने लगा साथ ही मैं उनेक होठों के रस को पीते हुए उसके चुचों को मसलने लगा | मैंने आंटी की चर्बी से भरी गुदगुदी चुत में अपनी डालते हुए उनकी चुत को चाटने लगा | मेरे लंड को आंटी अपने हाथ में मसलते हुए गरम कर चुकी थी और अब मैं भी अपने लंड को आंटी की चुत में चोदे जा रहा था जिसपर वो अपना मुंह फाड़े कर वाली सिस्कारियां भर रही थी |

मैं इंडियन आंटी के की चुचियों की जमकर चुसाई मचा रहा था और उनकी गद्रिली चुत में लंड को धंसाए जा रहा था जिस्पर आंटी भी चिलाती हुई अपनी चुत की पिचकारी को छोड़ने लगी | आंटी की चूत की पिचकारी छूटते ही मैं भी अब मुठ छोड़ने वाला था और वहीँ ढाके धक्के में मेरा मुठ भी निकल पड़ा | आंटी अपने छोटू से पति से इतनी नाखुश भी थी की आंटी की इतनी बडिया चुत कोई कुत्ता भी मार जाता तो आंटी शायद उससे भी खुशी खुशी मरवा लेती और इसी तरह फिलहाल तो कई दिनों तक उस चुत पर मेरा ही कब्ज़ा रहा |
 
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