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आप बहुत सेक्सी हो

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Antarvasna, desi kahani: मैं कानपुर में गारमेंट की शॉप चलाता हूं वहां पिछले कई सालों से मैं यह काम कर रहा हूं इससे पहले मैं नौकरी किया करता था लेकिन पिछले 5 वर्षों से मैं अपनी गारमेंट की शॉप जला रहा हूं। घर में मेरी पत्नी बच्चों को और मेरी बूढ़ी मां का ख्याल रखती है मेरी शादी को 10 वर्ष हो चुके हैं और मैं अपनी शादीशुदा जीवन से भी काफी खुश हूं मेरी पत्नी ने मेरे घर की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। मेरी दुकान शुरुआती समय में कुछ अच्छी नहीं चलती थी लेकिन धीरे धीरे मेरी दुकान का काम भी अच्छा चलने लगा और अब सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा है मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं कि मेरी दुकान में अब काफी कस्टमर आते हैं। मैं जब अपने घर लौटा तो उस वक्त रात के 10:00 बज चुके थे मेरी पत्नी रचना ने मुझे कहा कि गगन कल मेरे मम्मी पापा यहां आ रहे हैं मैंने रचना से कहा यह तो बहुत अच्छी बात है की तुम्हारे मम्मी पापा तुमसे मिलने के लिए आ रहे हैं।

वह मुझे कहने लगी कि यदि कल आप घर पर ही रहते तो मुझे भी अच्छा लगता मैंने रचना से कहा ठीक है कल मैं दुकान पर छोटू को भेज दूंगा। छोटू मेरे छोटे भाई का नाम है घर में सब लोग उसे प्यार से छोटू बुलाते हैं वह कॉलेज की पढ़ाई कर रहा है मैंने रचना से कहा क्या छोटू घर आ चुका है तो वह कहने लगी कि अभी तो वह घर नहीं आया है। छोटू मुझसे उम्र में काफी छोटा है इस वजह से घर में उसे कोई भी कुछ नहीं कहता था मैंने रचना से कहा तुम मेरे लिए खाना लगा दो। रचना मेरे लिए खाना लगाने लगी और मैं भी बाथरुम से हाथ मुंह धोकर खाने की टेबल पर पहुंचा जब मैं खाना खा रहा था तो मेरा भाई छोटू उसी वक्त घर लौटा मैंने उससे कहा कि तुम अभी कहां से आ रहे हो। वह कहने लगा कि भैया मैं अपने दोस्तों के साथ था इसलिए मुझे आने में देर हो गई मैंने उसे कहा तुमने खाना खा लिया तो वह कहने लगा नहीं मैंने खाना तो नहीं खाया। मैंने अपनी पत्नी को आवाज देते हुए कहा कि तुम छोटू के लिए भी खाना ले आना वह रसोई में ही थी और वह छोटू के लिए भी खाना ले आई हम दोनों साथ में बैठकर खाना खा रहे थे तो मैंने छोटू से कहा तुम्हारी कॉलेज की पढ़ाई कैसी चल रही है।

वह कहने लगा भैया मेरे कॉलेज की पढ़ाई तो अच्छी चल रही है मैंने उसे कहा कल तुम्हारी भाभी के मम्मी पापा आ रहे हैं तो कल मैं घर पर ही रहूंगा तुम कल दुकान पर चले जाना वह कहने लगा ठीक है भैया कल मैं दुकान पर चला जाऊंगा। अगले दिन जब सुबह मैं सोकर उठा तो उस वक्त छोटू सोया हुआ था मैंने अपनी पत्नी रचना से कहकर छोटू को उठाया और उसे कहा कि तुम जल्दी से तैयार हो जाओ तुम्हे दुकान जाने में समय भी तो लगेगा। वह कहने लगा ठीक है भैया अभी तैयार हो जाता हूं वह अब नहाने के लिए चला गया और उसके बाद जब वह नहा कर बाथरूम से बाहर निकला तो मैंने उसे कहा कि तुम जल्दी से दुकान के लिए तैयार हो जाओ। वह तैयार हो चुका था और वह घर से निकल चुका था मैं भी अब नहाने के लिए बाथरूम में चला गया कुछ देर बाद मैं नहा कर बाहर आया तो मैंने रचना को कहा तुम्हारे मम्मी पापा कब तक आ जाएंगे वह कहने लगी कि वह लोग बस आते ही होंगे। रचना के मम्मी पापा भी अब आने वाले थे मैंने रचना से कहा क्या तुमने मां को उनकी दवाइयां दे दी थी तो रचना कहने लगी कि हां मैंने मां को दवाइयां दे दी थी और वह अपने कमरे में ही आराम कर रही हैं। काफी दिनों बाद मैं अपनी मां के साथ कुछ देर के लिए बैठा हुआ था मां मेरे बचपन की यादों को ताजा कर रही थी और वह मुझसे हमारे बचपन की बातें करने लगी तभी रचना कहने लगी कि मम्मी पापा आ चुके हैं। उसके मम्मी पापा के आ जाने के बाद मैं उनके साथ ही बैठा हुआ था रचना उनके लिए चाय बना कर ले आई और जब वह लोग चाय पी रहे थे तो उन्होंने मुझसे उस वक्त पूछा कि गगन तुम्हारा काम कैसा चल रहा है। मैंने अपने ससुर जी से कहा कि मेरा दुकान का काम तो अच्छा चल रहा है मैंने उन्हें कहा रचना मुझे बता रही थी कि आप कुछ समय बाद रिटायर होने वाले हैं तो वह मुझे कहने लगे कि बस अगले महीने ही मैं रिटायर हो जाऊंगा अब इतने साल तक मैंने अपनी सेवाएं दी हैं तो अब मेरी उम्र भी रिटायरमेंट की हो चुकी है।

वह सरकारी स्कूल में क्लर्क हैं और जल्दी वह रिटायर होने वाले थे उस दिन वह लोग हमारे घर पर ही रुकने वाले थे इसलिए मुझे भी उस दिन घर पर ही रहना पड़ा और अगले दिन वह लोग चले गए। जब अगले दिन मैं दुकान पर गया तो मैंने देखा कि हमारे दुकान के पास ही एक कॉन्प्लेक्स बन रहा था मुझे यह बात पता नहीं थी कि हमारे सामने कांपलेक्स बनने लगा है पहले जो दुकानदार वहां पर अपनी दुकान चलाया करते थे उन्होंने अपनी दुकान बेच दी थी और अब वहां पर कंपलेक्स का काम शुरू हो चुका था। कॉन्प्लेक्स बनने से मेरी चिंताएं बढ़ने लगी थी क्योंकि मुझे यह डर था कि कहीं मेरा काम उसके बाद कम ना हो जाए लेकिन फिलहाल तो मेरा काम अच्छे से चल रहा था और मेरी दुकान पर काफी लोग आया भी करते हैं। हर रोज की तरह मै रात के वक्त जब घर पर लौटा तो मैंने उस दिन रचना से कहा कि रचना छोटू आ चुका है तो वह कहने लगी कि नहीं अभी तक तो वह नहीं आया है। छोटू की आदतें अब कुछ ज्यादा ही खराब होने लगी थी वह हर रोज घर देर से लौटा करता लेकिन उस दिन मैंने छोटू को समझाया और कहा कि देखो छोटू हर रोज अब घर पर देर से आना ठीक नहीं है मैं कुछ दिनों से देख रहा हूं कि तुम घर बहुत देर से आते हो।

मेरी जिम्मेदारी बनती थी कि मैं उसे समझाऊं छोटू ने मुझसे कहा कि भैया आइंदा से कभी भी मैं देरी से नहीं आऊंगा मैंने उसे कहा कि आगे से कभी भी तुम अपने दोस्तों के साथ इतने देर रात तक नहीं रहोगे और तुम घर जल्दी आ जाया करोगे। वह कहने लगा ठीक है भैया कल से मैं घर जल्दी आ जाया करूंगा। मैंने अब छोटू को समझा दिया था इसलिए वह घर जल्दी आने लगा था और हमारे घर में रहने वाले किराएदार जिनका की ट्रांसफर हो चुका था उन्होंने मुझसे कहा भाई साहब हम कुछ दिनों में घर खाली कर देंगे क्योंकि मेरा ट्रांसफर हो चुका है। मैंने उन्हें कहा कोई बात नहीं वह लोग हमारे घर पर पिछले 2 वर्ष से रह रहे थे। मेरी पत्नी रचना ने घर पर नए किरायेदार को रख लिया था जब उसने नए किरायेदारों को घर पर रखा। मैंने रचना से पूछा कि क्या तुमने उनसे उनके बारे में पूछा था। रचना ने मुझे बताया कि वह स्कूल मे क्लर्क हैं मैंने रचना को कहा चलो यह तो अच्छी बात है मेरी बातचीत रमेश के साथ काफी अच्छी होने लगी थी। रमेश की पत्नी सरिता भाभी काफी ज्यादा हॉट और सेक्सी है वह अक्सर मुझे देखती एक दिन सरिता भाभी मेरी दुकान पर आ गई। वह मुझे कहने लगी भाई साहब मेरे पति के लिए कुछ कपड़े दिखा दीजिए। मैंने उन्हें कहा रमेश आपके साथ नहीं आए वह मुझे कहने लगी मैंने सोचा कि मैं अकेली ही आ जाती हूं। वह मेरी दुकान पर बैठकर मेरी तरह अपनी प्यासी नजरों से देख रही थी। मैंने उस दिन सरिता के साथ सेक्स करने के बारे मे सोच लिया था मैंने सरिता से कहा आप बड़ी सेक्सी है। सरिता ने कहा अच्छा तो आपको भी लगता है कि मैं सेक्सी हूं। जब सरिता ने मुझे कहा आप अपने बदन की गर्मी से मुझे नहला दीजिए। मैने उनको कहा क्यों नहीं अभी आपको नहला देती हूं। वह कहने लगी क्या यहां पर कोई कमरा नहीं है जहां पर हम लोग कुछ समय अकेले मे बिता पाए। मैंने उन्हें कहा क्यों नहीं हम लोग अंदर के कमरे में चलते हैं मैं सरिता को अपने स्टोर में ले गया। मैं जब सरिता को अपने स्टोर मे लेकर गया तो सरिता ने मेरे सामने अपने कपड़े खोले मैंने जब सरिता का हॉट बदन दिखा तो मैंने सरिता से कहा तुम बड़ी ही हॉट और सेक्सी हो।

वह कहने लगी अब यह आपके ऊपर है कि आप मेरे बदन की गर्मी को कैसे बुझाती हैं। मैंने भी सरिता के नरम होंठों को चूमना शुरू किया और धीरे धीरे उसके स्तनों को चूसने लगा। मैं उसके स्तनों का रसपान कर रहा था तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और उसके स्तनों को मैंने बड़े ही अच्छे तरीके से चूसना शुरू कर दिया था। मैंने सरिता के अंदर की गर्मी को पूरी तरीके से बढा कर रख दिया था मैंने उसकी गुलाबी चूत पर जब अपनी जीभ को रगडना शुरू किया तो उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है आप ऐसे ही मेरी चूत को चाटते रहो मैंने सरिता की चूत को बहुत देर तक चाटा और फिर मैंने उसे घोड़ी बना दिया। मैंने उसे घोड़ी बनाकर जब सरिता की चूत के अंदर अपने मोटे लंड को घुसाया तो वह कहने लगी आपका लंड बहुत ही ज्यादा मोटा है। मैंने सरिता को कहा मुझे तुम्हे धक्के मारने मे बहुत मजा आ रहा है।

मैंने सरिता के अंदर की गर्मी को पूरी तरीके से बढा कर रख दिया था और उसके अंदर की गर्मी इस तरह बढ़ने लगी थी कि वह मुझे कहने लगी आपका लंड बहुत मोटा है। वह मुझसे अपनी चूतडो को टकराए जा रही थी जब उसने अपनी बडी चूतडो को टकराया तो मेरे अंदर कि गर्मी और भी बढती जाती। मैं सरिता को और भी तेज गति से धक्के मार रहा था मैंने सरिता को बहुत देर तक ऐसे ही धक्के मारे फिर मेरे अंदर की गर्मी बहुत बढ़ने लगी। मैंने सरिता को कहा मैं शायद अपने आपको नहीं रोक पाऊंगा। वह कहने लगी मुझे भी ऐसा ही लग रहा है मैं अपने आपको बिल्कुल नहीं रोक पाऊंगा। जब सरिता की चूत के अंदर मैंने अपने वीर्य को गिराया तो वह बहुत खुश हो गई और कहने लगी आपने तो मेरी गर्मी को आज अच्छी तरीके से बुझा दिया। उसके बाद जब भी मुझे मौका मिलता तो मैं सरिता के साथ सेक्स कर लिया करता था।
 
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