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आओ ना घर पर आओ

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Antarvasna, hindi sex stories: मेरी पत्नी मृदुला शर्मीले स्वभाव की और अपने आप तक ही सीमित रहने वाली महिला है उसे पार्टी का शोरगुल बिल्कुल भी पसंद नहीं है वह मेरे साथ कहीं भी बाहर नहीं जाती परंतु मेरी जिद के आगे शायद उसे मेरे साथ संभव की पार्टी में आना पड़ा आखिरकार संभव की खुशी में मुझे तो शरीक होना ही था। संभव मेरे बचपन का दोस्त है और संभव ने अपनी खुशी को हम लोगों के साथ साझा करने के लिए एक पार्टी का आयोजन किया था उसमें मेरे कई पुराने कॉलेज के मित्र आए हुए थे। मुझे उन लोगों के साथ में बात करना बड़ा अच्छा लग रहा था हम लोगों की मुलाकात आखिर इतने वर्षों बाद जो हो रही थी लेकिन मृदुला अलग-थलग बैठी हुई थी वह ना जाने किस ख्याल में खोई हुई थी।

मैं मृदुला के पास गया वह मेरी तरफ देखते हुए कहने लगी तुम्हें तो अपने दोस्तों से फुर्सत ही नहीं मिल रही है। मैंने मृदुला से कहा ऐसा बिल्कुल भी नहीं है तुम्हें शायद कोई गलतफहमी हुई है मैं उन लोगों से सिर्फ मिल रहा था आखिर इतने वर्षों बाद अपने दोस्तों से मुलाकात हो रही थी तो उनसे मिलकर अच्छा लग रहा था। मृदुला मुझे कहने लगी मैं तो तुमसे मजाक कर रही थी तुम अपने दोस्तों के साथ एंजॉय करो मैं यहां पर ठीक हूं। मैंने मृदुला से कहा नहीं मैं तुम्हारे साथ ही बैठा हूं और हम दोनों साथ में ही बैठे रहे तभी मेरा दोस्त हमारे पास आया जब संभव हमारे पास आया तो वह कहने लगा तुम लोग तो यहां अलग बैठे हुए हो। मैंने संभव से कहा नहीं दोस्त ऐसा कुछ नहीं है वह कहने लगा लगता है तुम लोग पार्टी को इंजॉय नहीं कर रहे हो मैंने उससे कहा नहीं ऐसा कुछ नहीं है मैं मृदुला के साथ ही बैठा हुआ था और हम दोनों आपस में बात कर रहे थे। संभव उठकर कुछ दोस्तों के साथ बातचीत कर रहा था और कुछ देर बाद हम लोग संभव की पार्टी से वापस लौट आए। जब हम लोग संभव की पार्टी से वापस लौटे तो मुझे लगा कि मृदुला मुझसे खुश नहीं है मैंने मृदुला से बात की और कहा तुम्हें शायद आज अच्छा नहीं लगा। वह कहने लगी नहीं अविनाश ऐसी कोई बात नहीं है तुम्हें पता है ना मैं ज्यादा शोर शराबा पसंद नहीं करती मैं तुम्हारे कहने पर संभव की खुशी में शरीक हो गई थी।

मेरे और मृदुला के बीच कभी भी किसी बात को लेकर झगड़ा नहीं हुआ वह मुझे बड़े अच्छे से समझती है मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि कम से कम मृदुला मुझे समझती तो है। हम दोनों एक दूसरे को पहली बार मेरे मामा जी के घर पर मिले थे मृदुला का परिवार मेरे मामा जी के घर के पड़ोस में ही रहता है और मृदुला वहां पर आई हुई थी। मेरे मामा जी ने जब मेरा परिचय मृदुला से करवाया तो मुझे उससे बात कर के बहुत अच्छा लगा मुझे नहीं मालूम था कि मृदुला मेरी जीवनसंगिनी बन जाएगी। हमारी शादी को 3 वर्ष होने को आए हैं लेकिन इन 3 वर्षों में मुझे मृदुला से कभी कोई शिकायत नहीं रही। मैं अपने बिजनेस के सिलसिले में अक्सर बाहर जाता रहता हूं मुझे कुछ दिनों के लिए अहमदाबाद जाना था तो मैंने मृदुला से कहा मैं कुछ दिनों के लिए अहमदाबाद जा रहा हूं। जब मैं अहमदाबाद गया तो वहां पर मैं एक हफ्ते तक रुका एक हफ्ते बाद जब मैं वापस लौटा तो मृदुला ने मुझे कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए अपने मायके जा रही हूं। मैंने मृदुला से कहा क्या कोई जरूरी काम है तो वह कहने लगी हां मुझे मम्मी ने बुलाया था मम्मी कह रही थी कि तुम घर पर आना तो मैं सोच रही हूं कि मैं घर पर चली जाऊं। मैंने मृदुला को कहा ठीक है मैं तुम्हें छोड़ दूंगा मृदुला कहने लगी तुम घर में खाने का तो मैनेज कर लोगे ना मैंने मृदुला से कहा हां मैं खाने का मैनेज कर लूंगा तुम उसकी चिंता मत करो तुम कुछ दिनों तक अपने मायके में रहो। अगले दिन मृदुला अपने मायके जा चुकी थी मैं कुछ दिनों तक अपने घर पर ही था इस दौरान मुझे अपनी पुरानी जिंदगी जीने का मौका मिल गया। मैंने एक दिन संभव को घर पर बुला लिया और जब संभव घर पर आया तो वह कहने लगा आज मृदुला दिखाई नहीं दे रही तो मैंने उसे कहा मृदुला अपने मायके गई हुई है और वह कुछ दिनों बाद लौटेगी। संभव मुझे कहने लगा लगता है इसीलिए तुमने मुझे बुलाया है मैंने संभव से कहा हां इसलिए मैंने तुम्हें बुलाया है वह कहने लगा तो फिर आज शराब के जाम तो बनते ही हैं।

मैंने संभव से कहा क्यों नहीं जरूर और यह कहते ही मैंने शराब के दो पैग बना दिए मैंने शराब के दो पैग बनाए ही थे की संभव मुझे कहने लगा चलो फिर अपनी पुरानी यादों को ताजा किया जाए। हम दोनों ने उस दिन कुछ ज्यादा ही शराब पी ली जिस वजह से संभव अपने घर जा ही नहीं पाया और मेरे भी सर में बहुत तेज दर्द हो रहा था तभी मृदुला का फोन आया वह मुझे कहने लगी मैं अभी आ रही हूं। जैसे ही मैंने यह सुना तो मैंने संभव से कहा संभव मृदुला आने वाली है संभव कहने लगा मैं अपने घर निकलता हूं संभव जल्दी से तैयार हुआ और अपने घर चला गया। मृदुला भी एक घंटे बाद वापस लौट आई थी जब वह वापस लौटी तो मैंने उससे पहले सारी साफ सफाई करवा दी थी। मृदुला मुझे कहने लगी क्या आज आप अपने ऑफिस नहीं जा रहे मैंने मृदुला से कहा नहीं मैं आज घर पर ही हूं वह मुझे कहने लगी चलिए तो आज कम से कम साथ में समय बिताने का मौका तो मिलेगा मैंने मृदुला से कहा क्यों नहीं। हम दोनों साथ में बैठकर मूवी देख रहे थे और आपस में बात कर रहे थे तभी कुछ पुरानी यादें ताजा होने लगी मैंने मृदुला से कहा घर में मम्मी पापा ठीक है। वह कहने लगी हां वह लोग ठीक हैं और वह तुम्हारे बारे में पूछ रहे थे तो मैंने उन्हें बताया कि तुम भी ठीक हो मैंने मृदुला से कहा पापा भी अपनी जॉब से रिटायर होने वाले थे ना।

वह कहने लगी हां वह अगले महीने रिटायर होने वाले हैं मैंने मृदुला को कहा अच्छा तो वह अगले महीने रिटायर हो रहे हैं वह कहने लगी हां अगले महीने वह रिटायर हो जाएंगे उसके बाद वह लोग निखिल के साथ ऑस्ट्रेलिया चले जाएंगे। निखिल मृदुला का छोटा भाई है और वह ऑस्ट्रेलिया में ही सेटल है इस वजह से उसके माता-पिता भी निखिल के साथ जाना चाहते हैं। मेरे और मृदुला के बीच कुछ पुरानी यादें ताजा हो रही थी तभी मृदुला कहने लगी क्या आज हम लोग बाहर से कुछ खाने का ऑर्डर करवा दे मैंने मृदुला से कहा ठीक है। हमारे घर के पास ही एक रेस्टोरेंट है वहां से मैंने खाने का ऑर्डर करवा दिया था और हम लोगों ने जब खाना खाया तो मुझे काफी तेज नींद आने लगी और मैं सोने के लिए अपने रूम में चला गया। मृदुला कहने लगी मुझे तो नींद नहीं आ रही है वह टीवी देख रही थी और मैं आराम से सोया हुआ था तभी एक सपने के साथ मेरी नींद अचानक से खुली और मैं उठकर मृदुला के पास गया मृदुला उस वक्त टीवी देख रही थी। कुछ देर तक मैं मृदुला के साथ बैठा रहा और उसे मैंने अपने सपने के बारे में बताया तो वह कहने लगी आप भी ना पता नहीं कैसे-कैसे सपने देखते रहते हो। मैंने जब मृदुला को कहा कि सपने भला किसी के बस में होते हैं तो वह कहने लगी हां आप कह तो ठीक रहे हैं लेकिन ऐसे सपना आना ठीक नहीं है। हम दोनों साथ में बैठे हुए थे कुछ दिनों बाद हमारे पड़ोस में एक डॉक्टर रहने के लिए आई वह सिंगल ही थी। जब वह हमारे घर के पड़ोस में रहने आई तो मैं अक्सर उसे देखा करता जब भी मेरी नजर उन पर पड़ती तो मुझे बड़ा अच्छा लगता और उनके पति उनके साथ नहीं रहते थे मुझे जितने जानकारी मिली थी उससे तो मुझे यही पता चल पाया था कि उनके पति और उनके बीच काफी झगड़ा रहते हैं जिस वजह से वह अकेले रहती हैं।

मेरे पास इस बात की तो जानकारी थी और उनका नाम भी मुझे मालूम चल चुका था उनका नाम रेखा है। रेखा पर मैं डोरे डालने लगा था और मै अपने मकसद में कामयाब हो गया। एक दिन हम दोनों के मिलन की घड़ी आ गई जब मैं उनसे मिलने के लिए उनके घर पर गया तो वह मेरा बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रही थी। यह हम दोनों की तीसरी, चौथी ही मुलाकात थी इससे पहले हम लोग बाहर ही मिले थे लेकिन जब मैं उनके घर पर उनसे मिलने के लिए गया तो मुझे बड़ा अच्छा लगा और मै उनके साथ बैठा रहा। जब मैं उनके पास बैठा हुआ था तो मैंने अपने हाथों को उनकी जांघों पर सहलाना शुरू किया मेरे हाथों के स्पर्श से वह अपने आपको ना रोक सकी।

रेखा के अंदर की उत्तेजना बाहर निकलने लगी उन्होंने मुझे कहा तुम मेरे होठों को किस कर लो मैंने उनके पतले और गुलाबी होठों को किस किया तो उनके अंदर से बहुत ही ज्यादा गर्मी बाहर निकलने लगी थी और मेरे अंदर से गर्मी भी बाहर निकल चुकी थी। मैंने जैसे ही अपने लंड को बाहर निकाला तो मैने अपने मुंह के अंदर सामा लिया काफी देर तक वह मेरे मोटे लंड का रसपान करती रही और उन्हें बड़ा मजा आया। मैंने उनके कपड़े उतारते हुए उनके स्तनों को चूसा तो वह उत्तेजित हो गई थी मैंने जैसे ही उनकी योनि के अंदर लंड को डालना शुरु किया तो उनकी योनि से पानी बाहर निकल रहा था और मेरा लंड उनकी योनि के अंदर बाहर होने लगा। मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था वह भी पूरी तरीके से मेरी बाहो में थी। मैंने उन्हें अपनी बाहों में ले रखा था और उन्होंने भी अपने दोनों हाथों से मुझे जकड रखा था अब वह मुझे अपने पैरों के बीच में जकडने लगी थी। मैं समझ गया था कि उनकी इच्छा तो पूरी हो चुकी है और इसी दौरान उनकी योनि से कुछ ज्यादा ही गर्म पानी बाहर निकला तो मैंने उनकी चूत की गर्मी को बुझाते हुए अपने वीर्य को मैंने रेखा की योनि के अंदर गिरा दिया।
 
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