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आंटी की हर रोज की खुआइश

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Administrator
Staff member
हाई दोस्तों,

आज कल की आंटियो को लंड की कितनी जरुरत हो गयी हे ये मुझे दो महीने पहले ही पता चला | मेरे बगल में एक आंटी रहती थी जिनकी दो लड़की थी और उनके पती अरब देश में काम करते हे और साल में सिर्फ एक महीने के लिए ही आते हे | आंटी अक्सर हमारे घर आया करती थी एक दिन वो आई तो मेरी माँ ने मुझे बुलाया और कहा की इनके घर का फैन नही चल रहा हे जर देख आ तो | मैं आंटी के साथ गया और फैन देखा तो उसका बट्टन खराब था, मेने आंटी को बताया तो आंटी बोली ठीक हे ये लो पैसे और शाम को इसका बट्टन ले आना | आंटी अपने कमरे में गयी, करीब दस मिनट हो गए आंटी वापस ही नही आई | मैं अंदर जाके देखा तो आंटी पैसे धुंद रही थी, आंटी मुझे देख के बोली बैठो में दे रही हूँ |

मैं बिस्तर पे बात गया तो आंटी जाके दरवाजा बंद कर दी, मुझे अजीब सा लगा फिर आंटी मेरे सामने खड़ी हो गयी और अपनी सूट उतारने लग गयी | मेने कहा ये क्या आंटी, आंटी बोली चुप रहो और देखो क्या होता हे | आंटी एक एक कर के अपने सारे कपड़े उतार दी और पूरी नंगी हो गयी | मेरा लंड अंदर तन चूका था, आंटी बोली कैसा लग रहा हे ? मैं बोला मजा आ रहा हे, आंटी बोली कुछ करोगे नही क्या ये ऐसे रुखा सुखा मजा लोगे | मैं बोला शुरू कहा से करू समझ नही आ रहा | फिर आंटी निचे बैठ गयी और मेरे पेंट की जीप खोलके लंड निकाल ली और लंड को मुह में ले ली और च्सुने अलग गयी | मैं तो एक ही पल में हवा में उड़ने लग गया | आंटी इतने मस्त से चुसी की में दो मिंत में उनके मुह में छोड़ दिया और आंटी सारा पी गयी |

उसके बाद में उठा और पूरा नंगा हो गया और आंटी बिस्तर पे ले गयी, आंटी ने चुचो की तरफ इशारा किया तो मैं उनके चुचो को मुह में लेके चूसने लग गया और दूसरे को मसलना शूर कर दिया | आंटी कस कस के सिसकिय भरने लग गयी, मैं उनके चुचो को पूरा गांड का दम लगा के मसलने लग गया और उनके गोरे चुचो को लाल कर दिया | मैं निप्पल को चूस चूस के बुरा हाल कर दिया, उसके बाद उठा तो आंटी ने खुद अपनी टांगो को फेला दिया ओ में समझ गया और फिर झुक के उनकी चुत को चाटने लग गया, उन्होंने अपने दोनों जांघों से मेरे सर को दबा दिया, उसके बाद मेने उनकी पंखडियो को खोला और छेद पे जीभ फेरने लग गया |

वो एक मस्त हो गयी और फर फर फर कर के झड गयी, और मेरा मुह गीला कर दिया | मैं उनके रस को पूरा साफ़ कर दिया | उसके बाद उन्होंने मेरे लंड को फिर चूसा और फिर मेने उनके टांगो को उपर कर के अपना लंड उनकी छेद पे सटा दिया और एक धक्का दिया तो लंड चुत को चीरता हुआ अंदर चला गया | वो चीखी पर शांत हो गयी, मैं धक्के पे धक्का देता रहा और वो कराहती गयी अहह ईई म्मम्मम्मम बेटे और कस कस के चोद मुझे फाड़ दे अपनी प्यारी आंटी का चुत, फाड़ दे इस चुत को | वो अपनी कमर उठा उठा के चुदने लगी और में कस कस के पेलता गया | करीब चालीस मिनट उनकी चुत मारने के बाद मैं बोला माल निकल रहा हे वो बोली मेरा भी, मैं पूछा मैं कहा निकालू वो बोली जहा मन करे मैं फिर कस कस के और पेलने लगा और बहुत सुकून के साथ उनकी चुत में झड गया |

आंटी के चेहरे पे एक सुकन सा चमक झलक रहा था, उसके बाद आंटी मेरे चेहरे को पकड़ के चूमने लगी और मुझे कस के गले लगे और बोली अब से तुम हर रोज मेरे घर आना और अपनी आंटी को खुश करते जाना |
 
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