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तीनों बैठकर बातें कर ही रही थी ।
कि तभी शैलेश गरम कैसरॉल में डिनर भर के टेबल पर रखने लगा ।
उसने बाकायदा सभी के सामने प्लेटे भी रखी ,,,,यहां तक कि पानी का जग भी। और बड़ी ही अदब के साथ कहा ,,,आप सभी डिनर स्टार्ट कर सकते हैं ।
अच्छा जी -देखते हैं आखिर डॉक्टर शैलेश ने क्या क्या बनाया है ।
राजनी सभी डोंगे खोलने लगी पहले में गरमा गरम पास्ता,,,
दूसरे में बिरयानी ,,,
और,तीसरे डोंगे में शानदार वेजिटेबल सैंडविच ,,,खाने से काफी अच्छी खुशबू आ रही थी।
राजनी से तो सब्र ही नहीं हो रहा था।
वह जल्दी से सब की प्लेटों में सारी चीजें रखने लगी ।
और कोई शुरू करता ,उससे पहले राजनी ने सैंडविच पर सॉस लगाते हुए उससे खाना शुरू भी कर दिया।
एक बाइट खाते साथ ही उसके मुंह से निकला,,,WOW,,, डॉक्टर शैलेश मानना पड़ेगा,,, एक अच्छे डॉक्टर के साथ आप एक अच्छे कुक भी है ।
कुछ भी हो,, पूनम आंटी ,,मॉम ,,,अब डॉक्टर शैलेश मेरे सारे टेस्ट में पास हो चुके हैं ।
अब आप जब कहे मै इनसे शादी करने के लिए तैयार हूं ।
क्या
जैसे ही राजनी के मुंह से ये बात सुनी की सभी एक साथ हंस पड़े ।
डॉली ने झूठा गुस्सा दिखाते हुए कहा राजनी तू यह कैसी बातें कर रही है।
शैलेश से खाना बनवाएगी
जी अगर शैलेश अच्छा खाना बनाता है तो खाना वही बनाएगा,,,, इस तरह हंसी मजाक करते हुए सभी डिनर करने लगे।
इस बीच शैलेश और राजनी की शादी की बातों को लेकर भी डॉली और पूनम काफी कुछ सोचती रही थी ।
हंसी खुशी 8 दिन कब बीत गए, पता ही नहीं चला ।
डॉली पूनम शैलेश सोनितपुर से वापस अपने-अपने घर आ गए थे।
2 महीने बाद दिवाली थी ,तो दिवाली पर नीलेश और राजनी डॉली के पास आने वाले थे ।
और डॉली ने तय कर लिया था, कि वह दीवाली पर ही शैलेश और राजनी की शादी की डेट फिक्स कर देगी।
और नीलेश से भी रमैया के बारे में सारी बातें क्लियर
करके उन दोनों की शादी के लिए भी उनके घर वालों से पूछ लेंगे ।
इन सभी बातों की प्लानिंग पूनम और डॉली के बीच में चलने लगी थी। आखिरकार 2 महीने पूरे हो गए ,,,आज का दिन था, जब नीलेश और राजनी गांव आने वाले थे ।
डॉली दिवाली की सारी तैयारियां कर चुकी थी, बस 4 दिन बाद दिवाली थी। जैसे ही दोनों बच्चे घर आए, कि घर में रौनक लग गई थी ।
राजनी तो पूरे 1 साल बाद घर आ रही थी ,और नीलेश वह भी लगभग इतने ही दिनों बाद आ रहा था ।
इस बार दोनों 10 से 12 दिन का समय निकालकर आए थे ।
क्योंकि सबके बीच काफी कुछ जरूरी बातें भी होने थीं।
काकी को तो जैसे नजरें बिछाकर दोनों बच्चों का इंतजार था ।
घर में एक बार फिर से खुशी आ गई थी। दोनों बच्चों के आने से घर,,,घर लगने लगा था।
डॉली ने पूनम से कह दिया था, कि दिवाली की पूजा के बाद, हम एक साथ बैठकर शादी के बारे में सारी बातें डिस्कस कर लेंगे ।
और पूनम को सबके साथ आने का इनविटेशन भी दे दिया था ।
दिवाली मनाई जा चुकी थी ।
उसके ठीक दूसरे दिन, पूनम विकास गौरी ,और शैलेश ,चारों डॉली के घर पर आ चुके थे ।
क्योंकि यहां काकी थी ,और काकी के सामने ही डॉली सारी बातें फाइनल करना चाहती थी ।
पर राजनी को अभी इतना पता नहीं था कि दिवाली के दूसरे दिन ही पूनम आंटी आकर शादी की डेट भी निकलवाने वाली है ।
जब सबके बीच बातें होने लगी, और बात डेट तक आ पहुंची,,, तो राजनी ने डॉली की तरफ देखते हुए कहा -- मॉम मैं शादी के लिए तैयार हूं ,और मैंने कहा भी था। कि ठीक है ,पर इतनी जल्दी
मैंने ऐसा तो नहीं सोचा था ।
डॉली और पूनम चौकते हुए राजनी की तरफ देखते लगी,,,,
राजनी बेटा सोनितपुर में तुमने ही तो कहा था ,कि तुम तैयार हो, और हम जब चाहे ,तुम्हारी शादी कर दे ,इसीलिए तो हम सबने ये प्लान बनाया था।
हां मम्मा ,,,मैंने कहा था ,पर यह तो नहीं कहा था ,कि 2 महीने बाद ही आप मेरी शादी की डेट फिक्स कर दो ।
मैं इतनी जल्दी तैयार नहीं हूं ।
डॉली ने कुछ डांटते हुए कहा --राजनी तुम कैसी बातें कर रही हो
सब कुछ तुमसे पूछ कर ही किया जा रहा है ,तुम्हारे कहने के बाद ही मैंने विकास और पूनम को यहां बुलाया है।
मामा सॉरी !
पर अभी इतनी भी जल्दी नहीं है ,कि हम शादी की डेट ही निकलवा ले ।
ये सुनकर डॉली और काकी राजनी पर दबाव बनाने लगी।
तो उसने आंखों में आंसू लाते हुए कहा मम्मा क्या हम डैड के लिए थोड़ा और वेट नहीं कर सकते
एक बार डैड को आ जाने दो मैं उनके आशीर्वाद के साथ ही शैलेश के साथ अपनी नई जिंदगी शुरू करना चाहती हूं। राजनी तुझे सब कुछ पता है, फिर क्यों बच्चों जैसी जिद कर रही है ,आखिर हम कब तक इंतजार करें
जब तक डैड नहीं आएंगे तब तक। राजनी कुछ गुस्से में बोली,,,,
डॉली भी राजनी पर भड़क गई,,, राजनी तुझे हर बात अच्छी तरह से पता है ,कि हम में से कोई भी नहीं बता सकता ,कि तेरे डैड कब आएंगे, फिर क्यों बच्चों की तरह जिद कर रही है
आखिर शैलेश को और कितना इंतजार करवाएंगे ,,,,मम्मा जितना इंतजार आपने मुझे डैड का करवाया है ।
इस बात पर एक साथ सभी राजनी की तरफ देखने लगे,,, शैलेश ने खड़े होते हुए कहा-- राजनी तुम क्या कुछ भी बोले जा रही हो
इन सब में डॉली आंटी कहां बीच में आ गई
हां शैलेश इन सबके बीच में मॉम ही तो है मॉम ने ही डैड को जाने के लिए कहा था डॉली ,,,राजनी को देखे जा रही थी,,,, राजनी मैंने राज को जाने के लिए कहा
हां मॉम मुझे अच्छी तरह से याद है ,डैड ने आपसे ही पूछा था ना ,,,कि क्या वह वहाँ रह सकते हैं,,, उन्होंने यह फैसला आपके ऊपर ही छोड़ा था ना।
कि अगर आप कहोगी तो ही वो वहाँ रुकेंगे,,,, और आपने हम सब से बिना पूछे डैड को वहाँ रुकने के लिए कह दिया था ।
मम्मा क्या डैड पर मेरा ,निलेश का और काकी का कोई हक नहीं है
क्या डैड सिर्फ आप ही के थे
जब आपने डैड से प्रॉमिस ले लिया उसके बाद आप ने हम सब को बताया था ।
और तब हम कर भी क्या सकते थे, तब डैड डिसीजन ले चुके थे ।
सॉरी मम्मा बट डैड को हम सब से दूर करने में ,कहीं ना कहीं आप भी जिम्मेदार है ।
आज हम सब डैड के बिना कितने अधूरे हैं ,,,आप सोच भी कैसे सकती हैं, की डैड के बिना मैं शैलेश से शादी कर लूंगी इतना कहते हुए राजनी रोती हुई ऊपर अपने कमरे में चली गई थी,,,,
उसके पीछे पीछे शैलेश भी भागता हुआ उसे मनाने के लिए ऊपर चला गया।
इन 6 सालों में डॉली ने खुद को इतना कमजोर महसूस
कभी नहीं किया था जितना वह आज कर रही थी।
उसके पैर बुरी तरह से कांप रहे थे ,अगर नीलेश ने उसे थामा न होता ,तो शायद जमीन पर ही गिर जाती ।
नीलेश ने उसे पकड़ कर बिठाया ,और पानी पिलाते उसे समझाने लगा,,,
प्लीज मॉम आप उसकी बातों का बुरा मत मानो ,,,मैं जानता हूं ,वो डैड से कितना प्यार करती है।
मॉम डैड के जाने के बाद राजनी को रोते हुए मैंने देखा है,,, इन 6 सालों में उसने डैड को कितना मिस किया है।
भले ही ऊपर से वह कितनी भी स्ट्रांग बनी हुई हो ,,अंदर से वह हर पल डैड कॉम मिस करती है।
डॉली के आंसू उसे गीला करते जा रहे थे पूनम विकास और काकी सभी डॉली को समझा रहे थे ।
कि राजनी बच्ची है ,उसकी बातों को दिल पर मत लो ।
लेकिन डॉली अंदर तक जड़ हो गई थी।
डॉली को समझाते हुए विकास और पूनम देर रात अपने घर चले गए थे ।
रात को डॉली ने नीलेश और काकी को उनके कमरे में भेज दिया ,,,और कहा कि वह ठीक है ।
सभी अपनी अपनी जगह आराम करो पर डॉली के मन पर तो जैसे राजनी की बातों का एक भारी-भरकम बोझ था ।
वह अकेली करवटें बदलते हुए सच में कहीं ना कहीं खुद को ही गुनहगार मान रही थी ।
अगर उस वक्त बस राज को ना कह देती तो राज नहीं जाते ।
अगर राजनी इसी तरह से ना करती रही तो ,,शैलेश पूनम कब तक रुकेंगे ।
उसकी भी उम्र हो रही है ,और आगे नीलेश के लिए भी तो सारी बातें सोचनी होंगी।
पूरी रात डॉली के दिमाग में इसी बात का मंथन चलता रहा था ।
उसने पूरी रात कितना सोचा था ,कितना समझा था ,सारी बातों को ।
हर तरीके से सोच चुकी थी ,सुबह होते होते वह राजनी काकी और नीलेश को देखते हुए एक बहुत बड़ा फैसला ले चुकी थी ।
चाहे कुछ भी हो वह राजनी की जिंदगी को बर्बाद नहीं होने देगी ।
हर काम समय पर ही अच्छा लगता है। आखिर और कितना इंतजार करेगी वह अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाने के लिए अब चाहे कुछ भी हो ,,,राजनी की शादी तो इस साल वह करवा कर ही रहेगी। उसके लिए डॉली को चाहे कितना ही बड़ा बलिदान क्यों ना देना पड़े।
डॉली ने आंसू पोछे ,,,उठ कर नहा धोकर पूजा की, और अपने कान्हा जी के सामने अपने फैसले पर खुद की मुहर लगा ली,,,,,,,
डॉली ये क्या किया
डॉली को पता था ,कि उसकी तरह राजनी भी पूरी रात सोई नहीं होगी। राजनी ने भले ही गुस्से में या दुख में डॉली से वह सब कहा था ।
लेकिन यह सब कह कर वह भी खुश नहीं होंगी।
डॉली ने अच्छे से दो कप कॉफी बनाई और खुद को नार्मल करते हुए ऊपर राजनी के पास आने लगी,,,,,
कि तभी शैलेश गरम कैसरॉल में डिनर भर के टेबल पर रखने लगा ।
उसने बाकायदा सभी के सामने प्लेटे भी रखी ,,,,यहां तक कि पानी का जग भी। और बड़ी ही अदब के साथ कहा ,,,आप सभी डिनर स्टार्ट कर सकते हैं ।
अच्छा जी -देखते हैं आखिर डॉक्टर शैलेश ने क्या क्या बनाया है ।
राजनी सभी डोंगे खोलने लगी पहले में गरमा गरम पास्ता,,,
दूसरे में बिरयानी ,,,
और,तीसरे डोंगे में शानदार वेजिटेबल सैंडविच ,,,खाने से काफी अच्छी खुशबू आ रही थी।
राजनी से तो सब्र ही नहीं हो रहा था।
वह जल्दी से सब की प्लेटों में सारी चीजें रखने लगी ।
और कोई शुरू करता ,उससे पहले राजनी ने सैंडविच पर सॉस लगाते हुए उससे खाना शुरू भी कर दिया।
एक बाइट खाते साथ ही उसके मुंह से निकला,,,WOW,,, डॉक्टर शैलेश मानना पड़ेगा,,, एक अच्छे डॉक्टर के साथ आप एक अच्छे कुक भी है ।
कुछ भी हो,, पूनम आंटी ,,मॉम ,,,अब डॉक्टर शैलेश मेरे सारे टेस्ट में पास हो चुके हैं ।
अब आप जब कहे मै इनसे शादी करने के लिए तैयार हूं ।
क्या
जैसे ही राजनी के मुंह से ये बात सुनी की सभी एक साथ हंस पड़े ।
डॉली ने झूठा गुस्सा दिखाते हुए कहा राजनी तू यह कैसी बातें कर रही है।
शैलेश से खाना बनवाएगी
जी अगर शैलेश अच्छा खाना बनाता है तो खाना वही बनाएगा,,,, इस तरह हंसी मजाक करते हुए सभी डिनर करने लगे।
इस बीच शैलेश और राजनी की शादी की बातों को लेकर भी डॉली और पूनम काफी कुछ सोचती रही थी ।
हंसी खुशी 8 दिन कब बीत गए, पता ही नहीं चला ।
डॉली पूनम शैलेश सोनितपुर से वापस अपने-अपने घर आ गए थे।
2 महीने बाद दिवाली थी ,तो दिवाली पर नीलेश और राजनी डॉली के पास आने वाले थे ।
और डॉली ने तय कर लिया था, कि वह दीवाली पर ही शैलेश और राजनी की शादी की डेट फिक्स कर देगी।
और नीलेश से भी रमैया के बारे में सारी बातें क्लियर
करके उन दोनों की शादी के लिए भी उनके घर वालों से पूछ लेंगे ।
इन सभी बातों की प्लानिंग पूनम और डॉली के बीच में चलने लगी थी। आखिरकार 2 महीने पूरे हो गए ,,,आज का दिन था, जब नीलेश और राजनी गांव आने वाले थे ।
डॉली दिवाली की सारी तैयारियां कर चुकी थी, बस 4 दिन बाद दिवाली थी। जैसे ही दोनों बच्चे घर आए, कि घर में रौनक लग गई थी ।
राजनी तो पूरे 1 साल बाद घर आ रही थी ,और नीलेश वह भी लगभग इतने ही दिनों बाद आ रहा था ।
इस बार दोनों 10 से 12 दिन का समय निकालकर आए थे ।
क्योंकि सबके बीच काफी कुछ जरूरी बातें भी होने थीं।
काकी को तो जैसे नजरें बिछाकर दोनों बच्चों का इंतजार था ।
घर में एक बार फिर से खुशी आ गई थी। दोनों बच्चों के आने से घर,,,घर लगने लगा था।
डॉली ने पूनम से कह दिया था, कि दिवाली की पूजा के बाद, हम एक साथ बैठकर शादी के बारे में सारी बातें डिस्कस कर लेंगे ।
और पूनम को सबके साथ आने का इनविटेशन भी दे दिया था ।
दिवाली मनाई जा चुकी थी ।
उसके ठीक दूसरे दिन, पूनम विकास गौरी ,और शैलेश ,चारों डॉली के घर पर आ चुके थे ।
क्योंकि यहां काकी थी ,और काकी के सामने ही डॉली सारी बातें फाइनल करना चाहती थी ।
पर राजनी को अभी इतना पता नहीं था कि दिवाली के दूसरे दिन ही पूनम आंटी आकर शादी की डेट भी निकलवाने वाली है ।
जब सबके बीच बातें होने लगी, और बात डेट तक आ पहुंची,,, तो राजनी ने डॉली की तरफ देखते हुए कहा -- मॉम मैं शादी के लिए तैयार हूं ,और मैंने कहा भी था। कि ठीक है ,पर इतनी जल्दी
मैंने ऐसा तो नहीं सोचा था ।
डॉली और पूनम चौकते हुए राजनी की तरफ देखते लगी,,,,
राजनी बेटा सोनितपुर में तुमने ही तो कहा था ,कि तुम तैयार हो, और हम जब चाहे ,तुम्हारी शादी कर दे ,इसीलिए तो हम सबने ये प्लान बनाया था।
हां मम्मा ,,,मैंने कहा था ,पर यह तो नहीं कहा था ,कि 2 महीने बाद ही आप मेरी शादी की डेट फिक्स कर दो ।
मैं इतनी जल्दी तैयार नहीं हूं ।
डॉली ने कुछ डांटते हुए कहा --राजनी तुम कैसी बातें कर रही हो
सब कुछ तुमसे पूछ कर ही किया जा रहा है ,तुम्हारे कहने के बाद ही मैंने विकास और पूनम को यहां बुलाया है।
मामा सॉरी !
पर अभी इतनी भी जल्दी नहीं है ,कि हम शादी की डेट ही निकलवा ले ।
ये सुनकर डॉली और काकी राजनी पर दबाव बनाने लगी।
तो उसने आंखों में आंसू लाते हुए कहा मम्मा क्या हम डैड के लिए थोड़ा और वेट नहीं कर सकते
एक बार डैड को आ जाने दो मैं उनके आशीर्वाद के साथ ही शैलेश के साथ अपनी नई जिंदगी शुरू करना चाहती हूं। राजनी तुझे सब कुछ पता है, फिर क्यों बच्चों जैसी जिद कर रही है ,आखिर हम कब तक इंतजार करें
जब तक डैड नहीं आएंगे तब तक। राजनी कुछ गुस्से में बोली,,,,
डॉली भी राजनी पर भड़क गई,,, राजनी तुझे हर बात अच्छी तरह से पता है ,कि हम में से कोई भी नहीं बता सकता ,कि तेरे डैड कब आएंगे, फिर क्यों बच्चों की तरह जिद कर रही है
आखिर शैलेश को और कितना इंतजार करवाएंगे ,,,,मम्मा जितना इंतजार आपने मुझे डैड का करवाया है ।
इस बात पर एक साथ सभी राजनी की तरफ देखने लगे,,, शैलेश ने खड़े होते हुए कहा-- राजनी तुम क्या कुछ भी बोले जा रही हो
इन सब में डॉली आंटी कहां बीच में आ गई
हां शैलेश इन सबके बीच में मॉम ही तो है मॉम ने ही डैड को जाने के लिए कहा था डॉली ,,,राजनी को देखे जा रही थी,,,, राजनी मैंने राज को जाने के लिए कहा
हां मॉम मुझे अच्छी तरह से याद है ,डैड ने आपसे ही पूछा था ना ,,,कि क्या वह वहाँ रह सकते हैं,,, उन्होंने यह फैसला आपके ऊपर ही छोड़ा था ना।
कि अगर आप कहोगी तो ही वो वहाँ रुकेंगे,,,, और आपने हम सब से बिना पूछे डैड को वहाँ रुकने के लिए कह दिया था ।
मम्मा क्या डैड पर मेरा ,निलेश का और काकी का कोई हक नहीं है
क्या डैड सिर्फ आप ही के थे
जब आपने डैड से प्रॉमिस ले लिया उसके बाद आप ने हम सब को बताया था ।
और तब हम कर भी क्या सकते थे, तब डैड डिसीजन ले चुके थे ।
सॉरी मम्मा बट डैड को हम सब से दूर करने में ,कहीं ना कहीं आप भी जिम्मेदार है ।
आज हम सब डैड के बिना कितने अधूरे हैं ,,,आप सोच भी कैसे सकती हैं, की डैड के बिना मैं शैलेश से शादी कर लूंगी इतना कहते हुए राजनी रोती हुई ऊपर अपने कमरे में चली गई थी,,,,
उसके पीछे पीछे शैलेश भी भागता हुआ उसे मनाने के लिए ऊपर चला गया।
इन 6 सालों में डॉली ने खुद को इतना कमजोर महसूस
कभी नहीं किया था जितना वह आज कर रही थी।
उसके पैर बुरी तरह से कांप रहे थे ,अगर नीलेश ने उसे थामा न होता ,तो शायद जमीन पर ही गिर जाती ।
नीलेश ने उसे पकड़ कर बिठाया ,और पानी पिलाते उसे समझाने लगा,,,
प्लीज मॉम आप उसकी बातों का बुरा मत मानो ,,,मैं जानता हूं ,वो डैड से कितना प्यार करती है।
मॉम डैड के जाने के बाद राजनी को रोते हुए मैंने देखा है,,, इन 6 सालों में उसने डैड को कितना मिस किया है।
भले ही ऊपर से वह कितनी भी स्ट्रांग बनी हुई हो ,,अंदर से वह हर पल डैड कॉम मिस करती है।
डॉली के आंसू उसे गीला करते जा रहे थे पूनम विकास और काकी सभी डॉली को समझा रहे थे ।
कि राजनी बच्ची है ,उसकी बातों को दिल पर मत लो ।
लेकिन डॉली अंदर तक जड़ हो गई थी।
डॉली को समझाते हुए विकास और पूनम देर रात अपने घर चले गए थे ।
रात को डॉली ने नीलेश और काकी को उनके कमरे में भेज दिया ,,,और कहा कि वह ठीक है ।
सभी अपनी अपनी जगह आराम करो पर डॉली के मन पर तो जैसे राजनी की बातों का एक भारी-भरकम बोझ था ।
वह अकेली करवटें बदलते हुए सच में कहीं ना कहीं खुद को ही गुनहगार मान रही थी ।
अगर उस वक्त बस राज को ना कह देती तो राज नहीं जाते ।
अगर राजनी इसी तरह से ना करती रही तो ,,शैलेश पूनम कब तक रुकेंगे ।
उसकी भी उम्र हो रही है ,और आगे नीलेश के लिए भी तो सारी बातें सोचनी होंगी।
पूरी रात डॉली के दिमाग में इसी बात का मंथन चलता रहा था ।
उसने पूरी रात कितना सोचा था ,कितना समझा था ,सारी बातों को ।
हर तरीके से सोच चुकी थी ,सुबह होते होते वह राजनी काकी और नीलेश को देखते हुए एक बहुत बड़ा फैसला ले चुकी थी ।
चाहे कुछ भी हो वह राजनी की जिंदगी को बर्बाद नहीं होने देगी ।
हर काम समय पर ही अच्छा लगता है। आखिर और कितना इंतजार करेगी वह अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाने के लिए अब चाहे कुछ भी हो ,,,राजनी की शादी तो इस साल वह करवा कर ही रहेगी। उसके लिए डॉली को चाहे कितना ही बड़ा बलिदान क्यों ना देना पड़े।
डॉली ने आंसू पोछे ,,,उठ कर नहा धोकर पूजा की, और अपने कान्हा जी के सामने अपने फैसले पर खुद की मुहर लगा ली,,,,,,,
डॉली ये क्या किया
डॉली को पता था ,कि उसकी तरह राजनी भी पूरी रात सोई नहीं होगी। राजनी ने भले ही गुस्से में या दुख में डॉली से वह सब कहा था ।
लेकिन यह सब कह कर वह भी खुश नहीं होंगी।
डॉली ने अच्छे से दो कप कॉफी बनाई और खुद को नार्मल करते हुए ऊपर राजनी के पास आने लगी,,,,,