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Nazayaz rishta : zarurat ya kamjori नाजायज़ रिश्ता : ज़रूरत या कमज़ोरी

राज: अभी तो कुतिया बना कर चोदुन्गा मेरी रानी

और मे बेड पर अपने घुटनो और हाथो पर बैठ गई

और राज मेरे पीछे आ गया और झुक कर मेरी गान्ड के सुराख पर अपनी जीभ लगा दी

मे: राज छिह क्या कर रहे हो गंदी है हटो वहाँ से''

राज: तभी तो शेम्पू से धो कर लाया हूँ मेरी जान और अपनी जीभ मेरी गान्ड के सुराख मे घुसाने लगा

मे: सस्स्स्स्स्सस्स माआआआअ बाआहूआतत्त बदमाश हो गये हो माआआआअ क्या कर रहे हो काफ़ी देर अपनी जीभ से मेरे सुराख को कुरेदने के बाद अपने लंड को मेरी गान्ड के सुराख पे लगा दिया

राज: जान तैयार हो

मे: हा पर धीरे धीरे डाल ना जान पहली बार ले रही हू तुम्हारी ख़ुसी के लिए

राज: जान मे हू ना और उसने हल्का सा धक्का मारा''

मे: आàआआआआहह;

राज: क्या हुआ जान'

मे: कुछ नही ''और एक लंबी से सांस ले कर

मे: ''डालो मेरे राजा;''

और राज ने फिर हल्का सा धक्का मारा

पर वो साइड मे फिसल गया

मे: उूुुउउइइफफफफफफफफफफ्फ़ क्या हुआ

राज: तुम्हारी गान्ड का सुराख बहुत टाइट है मा थोड़ी ताक़त लगानी पड़ेगी

मे: तो लगाओ ना तुम भी तो बहुत धीरे से धक्का मार रहे हो थोड़ी तेज मारो''

राज: मा आप अपने दोनो चुतड़ों को बाहर की तरफ खीँचो इसे से आप का छेद थोड़ा खुल जाएगा

हम दोनो अपनी कोशिश मे लगे थे पता नही नेहा का उठ कर बैठ गई जो की जब हम बाथरूम से आए थे तो सो गई थी

और हमे देख रही थी

नेहा': भाई कस कर धक्का मारो''

मे: अच्छा अपनी बारी पे मुझे से बोल रही थी धीरे'

नेहा': मैने आप को देख लिया था की आप भाई को बोल रही थी की कसके धक्का मारो

भाई थोड़ी ताक़त लगाई तभी जाएगा अंदर आप का लंड क्यूँ की ये मा के गान्ड के सुराख से बहुत मोटा है

और राज ने एक और धक्का मारा इस बार राज के लंड का टोपा मेरी गान्ड के सुराख मे घुस गया

और मेरे मूह से चीख निकल गई

मे: आआहह माआआ माआररर डाआाआलाआ कमीने

नेहा': भाई रुकना मत एक और धक्का मारो ज़ोर से

पर राज ने नेहा की नही मानी और एक और धक्का मारा पर उतनी तेज़ जितना चूत मारने मे मारता था

मे: आआहह मररर्र्र्ररर रहो राज

कितना गया अंदर

नेहा: मा अभी तो आधा भी नही गया

मे: क्या मुझे लगा की पूरा हो गया

नेहा: पूरे मे तो आप की गान्ड फट जाएगी और खून निकल आए हा

और राज इतने से ही धक्के मारने लगा क्यूँ की नेहा को पता नही था पर राज मेरी चूत मार मार समझदार हो गया था

और जितना घुसा इतने से ही धक्के मारने लगा और मेरे निपल को मसलने लगा
 
मैने अभी भी अपने दोनो हाथों से अपने चूतड़ फैला रखे थे

और राज धक्के मार रहा था

और तभी राज ने वो किया जिस की मुझे उम्मीद नही थी पता नही क्या हुआ राज को उसने बिना पता लगे मेरे बूब्स कसकर पकड़े और और लंड पूरा बाहर निकाला और एक झटके से अंदर घुसा दिया और इस झटके से मेरे मूह से चीख निकल गई

मे: माआआआअ माआररर डाआाआलाआ मममम्मम माअर गैिईईईई माआआआअ मररर्र्र्ररर डाआाआलाआ कमीने मादरचोद बेहनचोद माआर गई क्या हुआ तुम्हे फ़ाआद दी मेरी गान्ड मेरे राजा मआआअर गई मे तुम्हे क्या हुआ जो मेरी गान्ड फाड़ दी

राज: माआ मज़ा आ रहा है अब पूरा लंड अंदर बाहर हो रहा है पहले आधा जा रहा था

अब पूरा जा रहा है '

मे: तेरे पूरे के चक्कर मई मेरी फट गई

राज: बस थोड़ी देर और से लो फिर मज़ा ही मज़ा है

मे: वो तो से लूँगी मेरे राजा पर दर्द हो रहा है

राज: अभी बंद करता हू

और राज मेरे बूब्स को मसलने लगा और हल्के हल्के धक्के मारने लगा

थोड़ी देर बाद मेरा भी दर्द बंद हो गया और मेरे मूह से चीख की जगह सिसकारिया आने लगी

मे: आआहह राजा मज़ा आ रहा है

तभी नेहा वॉल पड़ी

नेहा: मा मज़ा तो आएगा ही गान्ड से खून जो निकल रहा है

मे: क्यूँ जब तुम्हारी चूत से निकला था तब मेरी से निकला

तो क्या हुआ मुझे भी तो अपनी सुहाग रात याद रखनी है

''मार धक्के मेरे राजा बेटा और फाड़ दे अपनी मा की गान्ड और बन जा गान्ड्मर मादरचोद''

और मेरी बात सुन कर राज और भी तेज़ी से मेरी गान्ड मारने लगा और मेरी सिसकारिया कमरे मे गूँजती रही रूम साउंड प्रूफ था की आवाज़ बाहर जाने का डर नही था

और करीब मेरी गान्ड की नॉनस्टॉप 30 मिनिट की चुदाई के बाद राज मेरे गान्ड मे झड़ने लगा और मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया राज के धक्का इतने शक्ति शालि थे की मुझ से 10 मिनिट तक सीधा नही हुआ गया.

राज मेरे बगल मे लेट गया और मेरी फटी हुए कच्छी से मेरी गान्ड पे लगा खून पोन्छ दिया और अपने लंड लगे खून को भी पोन्छ कर मेरी कच्छी मुझे दे दी

और मैने हँस कर उससे अपने पास रख लिया

मे: थॅंक्स जान ''

राज: मेन्षन नोट मेरी जान और मेरे माथे पर चूम लिया ''

राज: दर्द तो नही हो रहा

मे: होने दो तभी तो पता लगेगा की गान्ड फटी है.और मेरे बेटे से मैने आज सुहाग रात मनाई है

नेहा: काफ़ी देर के बाद मुझे तो नही पूछा

राज: क्यूँ की चूत तुम मरवाना चाहती थी और गान्ड मे मारना चाहता था

मा मरवाना नही चाहती थी

नेहा: झूठे बात सिर्फ़ इतनी है आप मुझे से ज़्यादा मा से प्यार करते हो

राज: शायद

और इतना सुनते ही नेहा राज के सीने पर मारने लगी

थोड़ी हसी मज़ाक करते हुए हम तीनो वही सो गये
 
थोड़ी देर बाद मुझे लगा की कोई मेरी चूत पर हाथ फेर रहा है

आँख खोली तो राज फेर रहे थे

मे,: क्या हुआ जान मन कर रहा है मा की चूत मारने का

राज: हा मा आप की चूत नही मारी

मे' तो मना किसने किया है

राज: वो आपके दर्द हो रहा होगा

मे: वो तो गान्ड मे हो रहा है

राज: दर्द तो दर्द है

मे: इतनी चिंता है मेरे बच्चे को अपनी मा की

राज: हा बहुत ज़्यादा

मे: जितनी तुम्हे है उतनी मुझे भी है तुम्हारी चलो ज़ल्दी आओ और चोद लो मेरे चूत को और ठंडा कर लो अपने इस खंबे को जो खड़ा हो रखा है

और राज को अपने ऊपर खिच लिया और राज ने मेरी दोनो टाँगे उठा कर अपने कंधे पर रख लो

मे: आआहह

राज: दर्द हुआ क्या

मे: हा गान्ड का सुराख खुला ना तो दर्द हुआ

राज: मेरे बच्चा और कह कर मेरे माथे पर किस कर दिया

मे: क्या बोला

राज: मेरा बच्चा

इस बात पर मुझे राज पर इतना प्यार आया की मैने उससे अपनी बाहों मे भर लिया.
 
राज: ऐसे पकड़ लॉगी तो चोदुन्गा कैसे

मे: कोशिश करो ऐसे ही चोदने की

और राज मेरी चूत मे लंड घुसा ने लगे

और हल्के हल्के धक्के मार कर पूरा लंड घुसा दिया

राज ने मुझे भी अपनी बाहों मे भर लिया

पोज़िशन ये थी मे नीचे थी राज मेरे ऊपर मेरी टाँगे राज के कंधे पर और हम दोनो ने एक दूसरे को अपनी बाहों मे भींच रखा था इस वजह से राज हल्के हल्के धक्के मार रहे थे

और बड़े आराम से और मे भी हल्के हल्के नीचे से अपनी गान्ड उछाल रही थी

राज मेरी आँखों मे देखते हुए

राज: कैसे लग रहा है

मे: बहुत अच्छा जान

राज: देखो ना कैसे नेहा चुप चाप सो रही है कितनी मासूम लग रही है

राज अब भी धीरे धीरे धक्के मार रहे थे

मे: हा पर इसकी ज़िंदगी बरवाद हो गई जो इसको चाहिए था वो नही मिला

राज: हा वो तो है पर ज़रूरी तो नही सब का लंड मेरी तरह हो

मे: वो तो है पर ये बोल रही थी की अनुपम घुसा भी नही पा रहे थे और झड़ रहे थे

राज: हा ये तो है पर हो सकता है पहली बार हो इस लिए ऐसा हुआ हो

मेरे साथ भी तो ऐसा था पर आप थे मेरे साथ याद है आप को आप ने मेरी मुट्ठी मारी थी की पहली बार कही मे ज़ल्दी ना झड़ जाऊं

हो सकता है उसके साथ भी ये हुआ हो और वैसे भी नेहा मेरे से पहले चुदना चाहती थी तो हो सकता है उसने भी कोशिश ना की हो

मे: आआहह

राज: क्या हुआ जान

मे: मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया

राज: इतनी ज़ल्दी

मे: मेरा बेटा चोद रहा है मुझे बड़ा फक्र है उसके लंड मे.

राज अब भी धक्के मार रहे थे

मे: तो नेहा से बोलते है की अनुपम के साथ फिज़िकल तो होने की कोशिश करे फिर पता चलेगा की कुछ कमी है

या पहली बार का प्रेशर.

राज: हा तभी क्लियर होगा ‘

मे' आआहह सीईईई धीरे

राज: हल्के हल्के तो मार रहा हू

मे: वो मेरी टाँगे आप के कंधे पर रखी है ना तो दर्द होने लगा है

राज : तो टाँगे मेरे कंधे से हटा लो

और मैने अपनी टाँगे सीधे कर ली

और राज अपना काम करते रहे धीरे धीरे.

मे: और कितनी देर लगेगी जान

राज: क्यूँ क्या है मन नही कर रहा

मे' नही ऐसा नही है आप के लंड को हमेशा मे अपने अंदर रखना चाहती हू

राज: फिर तेज़ तेज़ धक्के खाने का मन है

मे: हा जान धीरे धीरे अब मन नही करता थोड़ी बेरहमी की आदत पड़ती जा रही है मुझे

राज: अच्छा तो ये लो

और राज से ताबड तोड़ धक्के मारने शुरू कर दिया और मेरे मूह से सिसकिया निकल ने लगी और मेरी सिसकारिया सुन कर नेहा की आँख खुल गई

नेहा: वाह क्या बात है आप दोनो फिर से शुरू हो गये

मे: तुम्हे चुदना है

नेहा: ना बाबा ना मेरी चूत मे तो बहुत दर्द हो रहा है

मुझे नही चुदना आप ही चुदो

मे: तो तुम सो जाओ

और राज अब भी धक्के मार रहे थे और मे एक बार और झड़ी गई

मे: जान मेरा तो हो गया

राज: तो गान्ड मैं डाल दूँ

मे: मन है तो डाल दो

राज: नही मेरे बच्चे के दर्द है अभी चूत मे ही चुद लो

मे: जैसे आप की मर्ज़ी

और करीब 15 मिनिट की नॉनस्टॉप चुदाई के बाद राज मेरी चूत मे झड़ गये

और मेरे ऊपर लेट गये

मे: हो गया अब नींद आ जाएगी मेरी जान को

राज: हा और अगर ज़रूरत पड़ेगी तो उठा लूँगा

मे: राज के चेहरे को अपने हाथों मे ले कर

‘’जब मन करे उठा लेना जान चलो अब सभा से 3 बाज रहे है सो जाओ काफ़ी थक गये होगे आप 2 चूत और एक बार गान्ड मारी है आज

और दो दो का उद्घाटन किया है’’

राज: हा और मेरे सीने पर सिर रख के सोने लगे

और मेरी भी आँख लग गई

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सुबह मेरी आँख खुली तब राज और नेहा सो रहे थे

मे: राज जान उठो सुबह हो गई है नेहा को अनुपम ढूँढ रहे होंगे

और हम तीनो उठने लगे मेरी नज़र राज के लंड पर पड़ी

मे: राज ये कैसे सूजा सूजा लग रहा है

राज': हा मा कुछ सूजा हुआ है

मे: रात को ज़्यादा मेहनत कर ली इसने दो दो कुवारे छेद खोल दिए .

राज: हा वो तो है

नेहा: मा मेरी भी चूत की फाँकें सूज गई है

मे: बेटा पहली चुदाई मे ऐसा ही होता है खास कर राज के लंड से चुदाने के बाद

पता है मेरी गान्ड का सुराख अभी दर्द कर रहा है और मे ठीक से चल भी नही पाउन्गी शायद

नेहा: मुझ से भी चला जाएगा मा

मे: फिर अनुपम की क्या बोलोगी

नेहा': देखते है और उनका नाम मत लो मेरे सामने

और मैने राज के साथ हुए बात को नेहा को बता दिया

तुम एक बार ट्राइ करो फिर देखते है

नेहा: इस सूजी हुए चूत के साथ

मे: नही आज नही कल ट्राइ करना तब तक चूत की सूजन कम हो जाएगी

नेहा,: अभी का क्या करे अपने रूम मे कैसे जाए

मे: हा राज हम तो दूसरे रूम मे है मुझ से तो चले भी नही जाएगा

राज: मे हू ना

और हम से अपने कपड़े पहने बड़ी मुस्किल से और एक

बार राज अपने रूम मे हमारा समान रख आए फिर एक बार नेहा को अपनी गोदी मे ले कर छोड़ आए

और फिर मुझे लेने आए

मे: आप रहने दो मे चल लूँगी

राज: दर्द है ना वो भी गान्ड मे फिर

मे: मे नेहा की तरह हल्की नही हू

राज: पता है पर मेरे लिए तुम्हारा बज़न गुलाब के फूल की तरह है

मे: अच्छा जी

राज: हा जी

फिर भी राज मुझे अपनी गोदी मे उठा लेते है और मुझे अपने रूम मे ले आते है

और पहले नेहा फ्रेश होने जाती है फिर मे और फिर राज
 
आज मैने और नेहा ने पैंटी नही पहनी थी क्यूँ हम दोनो की चूत और गान्ड सूजी हुए थी

राज मेरे बेटे राज ने मेरी गान्ड पर और नेहा की चूत पर

क्रीम लगा दी थी की जिस से हमारी सूजन कम हो जाए

और हम अनुपम का इंतज़ार करने लगे

पर अब भी हम दोनो ठीक से चल नही पा रही थी

राज: क्या हुआ जान

मे: गान्ड दर्द कर रही

राज: एक बार और मार लेता हू

मे: मना कौन कर रहा है मार लो मेरी गान्ड और चूत जो मन करे

राज': पर क्या करू

मे: क्यूँ

राज': अनुपम कभी भी आ सकता है

मे: हा वो तो है

राज: आज कही घूम ने चले

मे: चल ने मे दिक्कत होगी पर चलो

अनुपम को आने दो

जैसे की उम्मीद थी अनुपम आएँगे वो आए

और

मे: क्या हुआ अनुपम नेहा कल तो यही थी

अनुपम: पता नही क्या हुआ इसको बोली मा के पास जाना है और रात को वही रुकूंगी

और आ गई पता नही क्या हुआ है

मे: ओके देख लो अभी भी मना कर रही है

अनुपम: चल कही चलते है घूम कर आते है

नेहा: ठीक है चलती हू

और नेहा अनुपम के साथ चली गई

राज: ब्रेकफास्ट यही रूम मे मॅंगा लू

मे: हा जान यही मॅंगा लो

और फिर हम दोनो ने अपने रूम में ही ब्रेकफास्ट किया

मे: अब कही चले या फिर कुछ करना है

राज: जैसे की

मे: जैसे की अपनी मा की चूत मारनी हो

या अपनी पत्नी की गान्ड मारनी हो

या अपनी मा की चूत चूसनी हो

या अपनी मा से अपना लंड चुसवाना हो

जो तुम चाहो

राज: आप आराम करो जान

मे: सोच लो

और राज ने मुझे बेड पर लिटाया

मुझे लगा की चूत मारेंगे पर नही

उसने मेरी सारी और पेटीकोट ऊपर उठाया और मेरी गान्ड पर एक बार और आंटिसेपटिक क्रीम लगा दी

मे: जान कितना प्यार करोगे मेरी आदत बिगड़ जाएगी

राज: कोई बात नही बच्चे मे हू ना

मे: मेरे पापा

बोल कर राज के गले लग गई और मे उसके कान मे

जान छोड़ो ना मुझे मे अपने हनिमून को यादगार बनाना चाहती हू इतना चोदो की मुझे घर अपनी गोदी मे उठा कर ले जाना पड़े.

राज: सच जान

मे: हा एकदम सच अब तुम से एक मिनिट भी सिर नही रहा जाता और इसको तो बिल्कुल नही और उसके लंड पर हाथ फेर दिया

राज: नही जान अभी तुम्हारी गान्ड दुख रही है मे और दर्द नही दे सकता तुम को

रात भर जागी हुए हो थोड़ा आराम कर लो

चुदाई बाद मे भी हो जाएगी

मे: और कितना दिल जीतोगे मेरी जान

राज: अब क्या किया

मे,: मे देख रही थी जब मे आप को चोदने को कहूँगी तो आप क्या कहते हो

पर आप ने फिर मेरी सोच से अलग और अपने पापा से अलग फ़ैसला लिया और मुझे आराम करने को बोल रहे हो

आई लव यू

राज: मे तो जान

और मुझे बेड पर लिटा दिया

और मेरे बगल मे लेट गये

और हम दोनो एक दूसरे के आँखों मे देखने लगे

मे: जान आज जब बाहर जाएँगे तो ई पिल दिला देना

राज: ये क्या होता है जान

मे: अनचाही प्रेग्नेन्सी को रोकने की गोली

राज: पर हम तो बच्चे

मे::- जानती हू जान पर अभी नही

राज: क्यूँ

मे: बेटा मे तुम्हारे साथ अपनी लाइफ एंजाय करना चाहती हूँ और बच्चे ठहरने के बाद पूरे 9 महीने पॅक

तो जीतने खुलकर अभी चोद लेते हो तब नही चोद पाओगे

और अभी तो हमारी शादी हुए है तो कम से कम से साल एंजाय फिर बच्चे की सोचेंगे

राज: मे भी अभी बच्चा नही चाहता जान क्यूँ की अभी तो आप की गान्ड और चूत के सुराख मेरे लंड को झेलने लायक नही हुए है पहले उनको अपने मेरे लंड के लायक होने दो फिर बच्चे की प्लानिंग करेंगे

मे: तट'स माइहब्बी

राज ने मेरे चुतड़ों पर थप्पड़ मार दिया

मे:: आआहह माआअ

राज: सॉरी सॉरी जान भूल गया था

मे: हा आप तो भूल जाओगे ही क्यूँ की दर्द तो मेरे हो रहा है

आप के थोड़े ही हो रहा है

राज: जान आप भी मेरी गान्ड मार लो

मे: क्या कहा आप ने

राज: वही जो तुम ने सुना फिर तो हम दोनो एक से हो जाएँगे

मे: कभी नही जान जो काम आप का आप करो और जो मेरे फर्ज़ है वो मे करूँगी

राज: क्या फर्ज़ है

मे: मेरी चूत और गान्ड को चोदना मेरी जान और मेरे मूह मे अपना लंड डाल कर मूह को भी चोदना अपने लंड से

चलो थोड़ी देर आप भी सो जाओ फिर देखते है क्या करना है

थोड़ी देर ऐसे ही बात करते रहे फिर सो गये
 
हम दोनो जब तक सोते रहे पता नही पर जब गेट पर नॉक हुआ तो मे

मे: जान देखना गेट पर मे है

उर राज ने उठ कर गेट खोला तो गेट पर नेहा खड़ी थी

और अंदर भाग कर मेरे पास आ कर गले लग गई और रोने लगी

मे: क्या हुआ बेटी रो क्यूँ रही हो

और राज भी गेट बंद करके अंदर आ गई

नेहा: मा अनुपम मे कमी है वो मुझे कभी चोद नही सकते

मे: पर हुआ क्या बेटा

नेहा: आज मे चल नही पा रही थी तो हम कही घूमने नही गये और बेड पर लेट गये मेरे मना करने के बाद भी वो मुझे चोदना चाहते थे

और जब मे रेडी हो गई उनके बहुत कहने पर तो जब वो मुझे चोदने को हुए और मेरी चूत पर लंड रख कर

अंदर डालने लगे तभी वो मेरी चूत पर पर ही झड़ गये

और मेरी सबर का बाँध टूट गया

और मे उनपर चिल्ला उठी तो वो घबरा गये और बोले की मे कोशिश कर तो रहा हू

कोशिश मतलब

ये कोई कोशिश की बात होती है अभी तक आप मेरे साथ सेक्स नही कर पाए हो

और हनिमून पर लाए हो

ये बोलकर मे यहा आ गई

मा मेरी ज़िंदगी बरवाद हो गई मे क्या करू

तभी राज हमारे पास आ कर

राज: नेहा तुम्हारी ज़िंदगी मेरी वजह से बर्बाद हुई है

नेहा: तुम्हारी वजह से क्यूँ

मे: हा जान आप की वजह कैसे

राज: अगर दी ने मेरा लंड नही देखा होता तो शायद इससे ये नही पता होता की लंड इतना बड़ा भी होता है

और इनको अनुपम से शिकायत नही होती

मे: ऐसा नही है राज बात बड़े और छोटे की नही है बाद ज़ल्दी पानी निकल जाने की है वो तो अभी तक नेहा की चूत मे लंड भी घुसा नही पाया है

तो आप वजह कैसे हो गये

अपने दिमाग़ से इन बातों को निकाल दो

नेहा: हा भाई आप नही हो वजह मेरी किस्मत मे वो ही थे तो क्या कर सकते है

मे: जान प्रॉमिस करो अब कभी इस बात को मन मे नही लाओगे प्रॉमिस मी जान

राज: ओके

मे: इधर आ मेरा बच्चा और ये बोल कर राज को गले लगा लिया

और नेहा से

मे: तुम अनुपम से खुल कर बात करो बिना गुस्से के पता तो चले प्राब्लम क्या है अगर कोई बीमारी है तो डॉक्टर को दिखते है कुछ ना कुछ सल्यूशन तो निकल ही जाएगा

नेहा : पता नही मा क्या प्राब्लम है अब मेरा मन नही है हनिमून पे घर चलते है

मे,: क्यूँ राज ने कहा ना

नेहा: मा राज का बहुत बड़ा है अभी तक मेरी चूत मे दर्द हो रह है पता नही आप ने उसे गान्ड मे कैसे ले लिया.

मे: अभी तुम्हारा पहली बार था ना इसलिए दर्द हो रहा है धीरे धीरे आदत पड़ जाएगी फिर दर्द नही होगा

नेहा: मा मे आप की तरह राज के साथ हमेशा रह नही सकती जो धीरे धीरे आदत पड़ जाएगी कभी कभार ही आ सकती हू घर पर बाकी दिन का क्या तो मेरी आदत पड़ने से रही

मे,: अभी जब यहा से घर जाएँगे तो तुझे घर बुला लूँगी कुछ दिनों के लिए फिर रोज राज से चुसवाना फिर तो आदत पड़ जाएगी ..

नेहा,: मा कब तक

मे: जब तक अनुपम की प्राब्लम पता ना पड़ जाए तब तक राज से चुदवाति रहना ओके

नेहा: पर घर पर कब तक रहूंगी

मे: कुछ दिन फिर अपने ससुराल चली जाना और वहाँ राज को बुला लिया करना जब मन करे राज से चुदाने का

नेहा: पर घर पर तो काफ़ी लोग है

मे,: तब कुछ और सल्यूशन निकाल लेंगे अभी टेन्षन मत लो

तभी गेट पर नॉक हुआ

गेट खोला तो अनुपम खड़े थे

राज अनुपम को अंदर ले कर आए

अनुपम: नेहा यहा क्या कर रही हो चलो

नेहा: आप जाओ मे आती हू

अनुपम: चलो कुछ खा लो खाना भी नही खाया

राज: आप भी यही रुक जाओ खाना ऑर्डर कर के यही मगा लेते है

मे: हा ये आइडिया ठीक है

और राज ने खाना ऑर्डर किया और हम सब ने मिलकर खाना खाया

पर नेहा के चेहरे पर कोई मुस्कान नही थी

और मे उसकी हालत को समझ सकती थी क्यूँ की एक औरत ही औरत के दर्द को समझ सकती है यहा तो नेहा की ज़िंदगी जा सवाल था अगर अनुपम मे कोई प्राब्लम निकली फिर क्या होगा मेरी बेटी की तो ज़िंदगी खराब हो गई

ये कोई साल या दो साल की बात नही थी पूरी ज़िंदगी की थी

कल तो अगर बच्चा नही होगा तो भी मेरी बेटी को ही सुनना पड़ेगा की मा नही बन सकती

चाहे कमी लड़के में ही हो.
 
खाना खाने के बाद

अनुपम: नेहा चल रही हो

नेहा': नही आप जाओ मे आती हू

मे: बेटा कितने प्यार से अनुपम बोल रहे है तो चली जाओ

अनुपम: हा चलो कही घूम कर आते हैं रात को अपनी मा के पास आ जाना

राज: हा दी चली जाओ

अनुपम: नही तो एक काम करते है सारे साथ चलते है मज़ा आएगा

मे अनुपम के साथ जाना नही चाहती थी क्यूँ की मे अपने राज के साथ अकेले जाने वाली थी क्यूँ की ई पिल भी लानी थी

तभी नेहा शायद समझ गई

नेहा: नही इनको रहने दो हम चलते है

अनुपम: जैसे तुम्हारी इच्छा

और दोनो चले गये

उनके जाने के बाद राज ने गेट लॉक कर दिया

और मेरी तरफ देखने लगे

मे: क्या देख रहे हो

राज: मा अगर अनुपम मे कमी हुई तो

मे: तो क्या या तो डाइवोर्स लेना होगा

पर क्या बोलके लोगि की अनुपम मन कमी है

तो उसकी काफ़ी बदनामी होगी

राज: नही तो

मे: नही तो नेहा तो फिज़िकली अपनी इच्छाओ को मारना पड़ेगा और ज़िंदगी भर रो रो कर लाइफ बितानी पड़ेगी.

राज: पर ये तो ग़लत है

मे: पहले कन्फर्म होने दो फिर सोचते है

अभी कही ले चल रहे हो

राज: आप चल पाओगे

मे: अपनी जान के साथ जाने के लिए तो मे किसी भी हालत मे चल सकती हू ये तो हल्का सा गान्ड का दर्द है सो भी तुम्हारी क्रीम लगाने से कुछ हद तक कम हो गया है

राज: तो रेडी हो जाओ पैंटी को पहन नही पाओगी

मे: क्यूँ उस दिन तो बिना ब्रा पैंटी के लेट गये थे तो

आज नही पहनुगी तो क्या हो जाएगा

राज: कुछ नही होगा

होगा क्या बस तुम्हारी यूज्ड पैंटी नही मिलेगी

मे: आप भी ना अब भी मेरी पैंटी चाहिए जब की अब वो आप की है उसके साथ जो करना चाहो सकते हो

राज: ठर्की हू ना

मे: वो तो आप की आँखों से टपकता है

और हम दोनो रेडी हो गये और जब मे मेकप कर रही थी तो

मे' जान ज़रा यहा आना

राज: बोलो जान

मे: सिंदूर की जो डिब्बी राज ने दी थी उसको उनकी तरफ करते हुए

ज़रा लगा देना

और राज ने मेरी माँग मे अपने हाथो से सिंदूर लगा दिया

आज फिर मुझे ये अहसास हुआ की अब मेरे पति उमेश नही मेरी जान राज है

और रेडी हो कर हम बाहर आ गये

राज मे नेहा से पूछ लिया था की वो कहा है तो हम दूसरी जगह घूमने चले गये

और जब आए तो मुझे चल ने मे दर्द हो रहा था

तो पूरे रास्ते राज मेरा हाथ पड़के रहे और बड़े आराम आराम से चल रहे थे

चलना हमारी मज़बूरी थी क्यूँ की शिमला मे कोई रिक्शा नही चलते और इतना बड़ा नही है की कॅब कर ले

करीब 2 घंटे घूमने के बाद हम होटेल के ओर चल पड़े और रास्ते से राज ने मेडिकल से ई पिल खरीद ली

और एक पॅकेट लाए जो मुझे बताए बिना अपनी पॉकेट मे रख लिए

मे: पॉकेट मे क्या रखा है

राज: कुछ नही

मे: मुझ से छुपाओगे

राज: वो कुछ नही है

मे: जान प्लीज़

राज: वो कॉंडम लाया हू

मे: पर उसकी क्या ज़रूरत है जान ई पिल तो मंगाई है

राज': वो डॉटेड वाले लाया हू मेडिकल वाला बोल रहा था की डॉटेड कॉंडम से लड़की को ज़्यादा मज़ा आता है

मे: अच्छा उस मे ऐसा क्या है

राज: वो उसमे जगह जगह पर दाने होते है जिस की वजह से वो लड़की के चूत की दीवार से घिसते है तो लड़की तो एक्सट्रा मज़ा आता है

मे: सब पैसे कमाने का तरीका है जान

अगर लंड तुम्हारे जैसे हो तो लंड ही लड़की की दीवारो को फैला कर मज़ा दे देता है जो लड़की काफ़ी टाइम तक महसूस करती है जब लंड ही अनुपम जैसा होगा तो डॉटेड कॉंडम तो क्या हाथ से भी रगडो तो भी लड़की को मज़ा नही आएगा

इस लिए आज के बाद इनपर नही अपने लंड को ट्रस्ट करना लड़की को अपने आप मज़ा आ आएगा समझे

राज: समझ गया जान की तुम्हारा कॉंडम पहन कर नही चुदना तुम्हे तो मेरे गधे वालेलंड की रगड़ चाहिए डाइरेक्ट अपनी चूत की दीवार पर

मे: एकदम सही समझे मेरे राजा

और हम दोनो हँसते हुए पहले होटेल के रेस्टोरेंट मे गये खाना खाया फिर अपने रूम मे जाने लगे
 
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