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(Saas Ki Pyas Bujhai)

हाई दोस्तों.मेरा नाम अनिल है और मेरी उम्र 31 साल की है. मेरी शादी हुए 6 साल हो चुके है और मेरी बीवी का नाम माधुरी है, यह सेक्स कहानी 2 साल पहेले मेरे जीवन में हुई एक सच्ची घटना है. उस दिन मेरी सास की चूत के अंदर मैंने अपना लंड दे दिया था. आइये आपको विस्तार से इस देसी सेक्स के बारे में बताऊँ.

मैं मेरी साली उन्नति के बेटे की बर्थ-डे पार्टी के लिए ससुराल गया था. शाम का वक्त था और मैं अपना लेपटोप देख रहा था. उन्नती और माधुरी तैयार हुए और माधुरी ने मुझ से गाडी की चाबी मांगी, उसने मुझे कहा की हम लोग पार्लर जा रहे है. अगर तुम्हे कुछ चाहिए तो मम्मी को बोल देना, मेरी सास मुश्किल से 45 की होगी, लेकिन वह पति के 5 साल पहेले गुजर जाने से अकेली हो गई थी. उसकी केवल यह दो बेटिया थी. मेरी साली का हसबंड दुबई काम करता था और साल में एकाद बार इंडिया आता था. मैं लेपटोप पर काम करते करते अब एक लाइव मॉडल साईट खोलने लगा और मॉडल से सेक्स चेट करने लगा. मेरा लंड मस्त तन गया था और मैं लंड को हाथ से दबा के सुलाने की नाकाम कोशिश कर रहा था. तभी मुझे प्यास लगी और मैं पानी पिने के लिए निचे उतर रहा था तभी मेरा पाँव फिसला और मैं सीडियों पर गिर गया. मेरे पाँव में मोच आ गई और मैं लंगड़ाता हुआ खड़ा हुआ. सामने से मेरी सासू नंदिनी यह देख रही थी.

वह भाग के आई और मुझे कंधे से पकड़ लिया, उसने मुझे कहा ज्यादा लगी तो नहीं. मैंने कहा नहीं बस घुटने में दर्द है. सास बोली में आयोडेक्स मल देती हूँ. सास ने मुझे अपने कमरे में ही ले लिया और उसके पलंग प् बिठा दिया. मुझे अजीब तो लग रहा था लेकिन आयोडेक्स लगने से राहत हो जाएगी यह सोच के मैंने अपने पेंट को मोड़ा. सास मेरे घुटने के उपर आयोडेक्स लगा रही थी. पेंट टाईट होने से उसे आयोडेक्स मलने में तकलीफ हो रही थी. सास बोली मैं आपको आपकी लुंगी उपर से ला देती हूँ, जिस से मुझे आराम रहे. वोह दौड़ के उपर गई और मेरी लुंगी ले आई. मैंने उसके सामने ही धीमे से लुंगी बदल ली. मेरा लंड अकड़ने लगा और मुझे पहेली बार मेरी सास की खूबसूरती का अंदाजा हुआ. 45 की उम्र में भी सास 35 जितनी ही दिखती थी और उसके चुंचे अभी तक जैसे की टाईट थे.मुझे पहेली बार अहेसास हुआ की सास अभी भी लंड को खुश कर सकने में समर्थ है.

मैंने लुंगी को झांघो तक उठा लिया और सास मेरे घुटनों का मसाज करने लगी. मैं तकिये के उपर सर रख के लेट गया और सास की मसाज औ भी खुबसूरत होने लगी. मुझे लग रहा था की मेरी सास धीरे से झांघो के उपर अपना हाथ बढ़ा रही थी. मैंने आँखे बंध कर दी और उसका तमाशा को महसूस करने लगा. सास सच में उपर आ रही थी. अब इस वयस्क इंडियन औरत यानी की मेरी सास की इन हरकतों से लंड फूलता जा रहा था और मैं मनोमन आज इसकी चूत को पेलने के सपने देखने लगा. सास भी शायद अंदर से पुरुष झांघो का स्पर्श इतने दिन के बाद पाने से हिल गई थी और मैंने जब आँखे चुपके से खोल के देखा तो उसकी नजर भी मेरे लंड के उपर ही थी. मैंने पेंतरा रचा और उसे कहा, मुझे यहाँ कमर में भी दर्द हो रहा है. सास ने मुझे उल्टा कर दिया और वह कमर के निचे के भाग में मालिश करने लगी. मैंने लुंगी को आगे से खोला और सास गांड के उपर के भाग तक मुझे आयोडेक्स लगा रही थी. मेरे लंड में सनसनी फेलने लगी थी. मुझे कुछ भी कर के चुदाई अभी करनी थी नहीं तो फिर कौन जाने कितने साल के बाद यह मौका हाथ आएगा.

सास अब जोर जोर से मालिश करने लगी और उसने मुझे पूछा अभी कैसे है आपको, मैं माधुरी को फोन करूँ. मैंने कहा नहीं अभी ठीक हो जाएगा. पीछे अब दर्द नहीं है, केवल झांघ में थोडा दर्द है, सास ने वापस अपना हाथ झांघ के उपर रख दिया और अब वोह मेरी आँखों में आँखे डाल के देख रही थी. उसकी आँखों में मुझे वासना का कीड़ा नजर आ रहा था, तो फिर उसे तो मेरी आँखों में वासना के डायनासोर ही नजर आ रहे होंगे. मेरा हथियार लहलहा रहा था और मैं खुली आँखों से सास की चूत, गांड और मुहं को लंड से चोदने के सपने देख रहा था. तभी मुझे लगा के मेरे गोलों पर कुछ स्पर्श सा हुआ, मैंने जानबूझ के इसे अनदेखा किया क्यूंकि वह मेरी सास का हाथ था जो लौड़े के दो पहेरेदारो को नमस्कार करने के लिए आया था. सास भी गरम ही चुकी थी. सास अब धीमे लंड को छूने लगी और कुछ देर में तो उसने मेरे लौड़े को दबा ही दिया.

मैंने सास की तरफ देख के कहा.क्या कर रही हैं आप?

सास बोली, कुछ नहीं अब मसाज कर ही रही थी तो सोचा पूरा ही कर दूँ.उसकी जबान उसके होंठो पर फिरने लगी..!

मैंने कुछ नहीं कहा और वापस सर निचे कर दिया.सास मेरे लंड को अब लुंगी हटा के सहलाने लगी, लौड़ा पूरा खड़ा हो चूका था और उसके आगे से प्रिकम भी निकल रहा था. सास ने लंड को मस्त हिलाना चालू कर दिया और एक मिनिट हिलाने के बाद उसने इसे सीधा मुहं के अंदर भर लिया. मुझे भी बहुत मजा आने लगा और मैं आँखे खोल इस 40 उपरकी देसी औरत की चुसाई को देखने लगा. सास के गले तक लौड़ा घुसा हुआ था और वह मेरे गोलों को हाथ से सहला रही थी. मुझ से रहा नहीं गया और मैं उठ खड़ा हुआ. मैंने तुरंत सास की साडी और ब्लाउज खोल दिया. सास के स्तन सही में बहुत कड़े हुए थे जैसे की नई नई जवान हुई लड़की की चुंचिया. मैं दोनों हाथ से उसके स्तन से खेलने लगा और वह अपना हाथ ,मेरे तोते के उपर रख के उसे सहलाने लगी. मैंने सास की चुंचियो को और भी जोर से दबाना चालू कर दिया. वोह लंड से मस्त खेले जा रही थी.

मैंने सासू माँ को अब पलंग पर लिटाया और उसके पेंटी को निकाल कर कोने में फेंक दिया. वह अपने हाथ से अपनी चूत को छुपाने लगी और मैंने उसके हाथ हटा दिए, अच्छा इसलिए चूत छुपा रही थी, शायद इसने 2-3 महीने से अपनी झांटे नहीं काटी थी और उसकी चूत के इर्दगिर्द कबूतर के घोंसले जैसा बना हुआ था. मगर चूत तो चूत होती है घनी हो या बिना बालो की. मैंने उसके हाथ जबरन हटाये और अपने लंड का सुपाड़ा उसके मुख पर रखा. लौड़े की गर्मी सास को और भी उत्तेजित करने लगी और वह मुझ से लपट गई मैंने उसके चूत के अंदर लंड का प्रहार कर दिया और फिर घचघच उसकी चुदाई करने लगा. मेरी सास बहुत ही चीखे मार रही थी, ओह मर गई आओ आह ओह ओह.बहुत जलन हो रही है आह आह..मुझे लगा की बहुत दिन बादइसने लंड लिया है इसलिए जलन हो रही होगी और मैं और भी जोर से उसे पलंग के अंदर दबाते हुए चोदने लगा. सास के चुंचे मैंने और एक बार चूस लिए और उसे पूरा ल;लौड़ा चूत के भीतर तक देते हुए ठोकता रहा. सास की चूत से झाग निकलने लगा और मैं और भी जुस्से से उसको ठोकता रहा. सास ने अब मोर्चा हार दिया था और वोह बगेर कुछ बोले पड़ी हुई थी. मैंने उसके कमर के उपर हाथ रखा और ओर जोर से उसकी ठुकाई चालू कर दी. उसकी आँख से आंसू निकलने लगे और मेरे लंड से वीर्य. मैं उठ खड़ा हुआ और लुंगी पहन ली. सास से उठा भी नहीं जा रहा था. तभी मुझे भी लंड के उपर जलन होने लगी.अरे हाँ ...बेन्चोद आयोडेक्स की जलन से सास मरी जा रही थी और मुझे लगा मेरे लंड का कमाल है..सास को जब मैंने यह बताया तो वो भी हंस पड़ी...दुसरे दिन सुबह तक उस सेसही तरह चला नहीं जा रहा था क्यूंकि उसके चूत की चमड़ी अंदर से जल गई थी शायद..लेकिन उस दिन के बाद से मेरी सास मेरी लंड की दासी जरुर बन गई...!
 
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