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सगाई के पहले चुदाई करने गई मंगेतर के साथ

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(Sagai Ke Pahle Chudai Karne Gai Mangetar Ke Sath)

मैं और मेरी सहेली प्रतिमा हम दोनों ही अपनी पहली डेट पर जाने के लिए बड़े ही उत्साहित थे प्रतिमा और आकाश की मुलाकात कुछ समय पहले ही हुई थी आकाश और प्रतिमा जल्दी एक दूसरे से सगाई करने वाले थे। हम दोनों के परिवार पहले से ही एक दूसरे को जानते थे इसीलिए प्रतिमा आकाश से मिलना चाहती थी। Sagai Ke Pahle Chudai Karne Gai Mangetar Ke Sath.

यह प्रतिमा की पहली डेट थी और मेरी भी अतुल के साथ पहली डेट होने वाली थी क्योंकि हम दोनों सहेलियां बचपन से ही एक दूसरे के साथ इतना घुलमिल कर रहे हैं कि हमने कभी भी एक दूसरे से कोई भी बात नही छुपाई। प्रतिमा तैयार होकर मेरे घर पर आई और कहने लगी नमिता तुम अभी तक तैयार नहीं हुई हो मैंने उसे कहा बस कुछ ही देर बाद तैयार हो जाऊंगी।

मैंने प्रतिमा से कहा मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा कि मुझे क्या पहनना चाहिए प्रतिमा कहने लगी तुम एक नंबर की पागल हो मैं तुम्हें बताती हूं तुम्हें क्या पहनना है यदि तुम मुझे पहले ही बता देती तो मैं कब का आ जाती। प्रतिमा के कहने पर मैंने अपने पीले रंग के कढ़ाई दार पटियाला सूट को पहन लिया और मेरे बाल भी खुले हुए थे मैंने प्रतिमा से कहा तुम मेरे बाल बना दो तो प्रतिमा ने मेरे बालों को हेयर ड्रायर से पहले तो सूखाया उसके बाद उसने मेरे बालों को बना दिया।

मैं अब अपने श्रृंगार में लगी हुई थी मैंने अपनी आंखों पर काजल भी लगा लिया था और अपने होठों पर मैंने लाल रंग की लिपस्टिक भी लगा ली। मुझे लग रहा था कि कहीं कोई कमी ना रह जाए यह पहली ही मुलाकात थी जब अतुल से मैं मिलने वाली थी। मैंने प्रतिमा से कहा मैं कैसी लग रही हूं तो प्रतिमा कहने लगी तुम बहुत ही सुंदर लग रही हो प्रतिमा भी मुझसे पूछने लगी मैं तो ठीक लग रही हूं ना। हम दोनों अब तक समझ नहीं पाए थे कि हम दोनों को और क्या करना चाहिए आखिरकार हम दोनों ने जाने का फैसला किया और हम दोनों अतुल और आकाश से मिलने के लिए एक बड़े से रेस्टोरेंट में चले गए।

काफी देर तक तो हम लोग एक दूसरे को देखते रहे किसी की भी बात करने की हिम्मत नहीं हुई लेकिन अतुल ने बात को आगे बढ़ाया और कहा अच्छा तो आकाश तुम्हारी सगाई प्रतिमा से हो जाएगी उसके बाद तुम लोगों का क्या प्लान है। आकाश भी बात करने लगे थे और आकाश कहने लगे कि मैं तो इसके बाद विदेश में ही अपना काम शुरू कर लूंगा। मैंने आकाश से पूछा क्या तुम प्रतिमा को भी अपने साथ ले जाओगे आकाश कहने लगे हां क्यों नहीं प्रतिमा को भी मैं अपने साथ ले जाऊंगा। हम लोग आपस में बात कर ही रहे थे कि तभी रेस्टोरेंट का वेटर हमारे पास आया और बड़ी ही तहजीब से उसने हमें रेस्टोरेंट का मेनू कार्ड दिया। वह हमें बड़े ही ध्यान से देख रहा था और फिर हम लोगों ने ऑर्डर दे दिया कुछ ही देर बाद हमारा ऑर्डर आ गया। हम लोग एक दूसरे से खुलकर बातें करने लगे थे अतुल और आकाश भी एक दूसरे से पहली बार ही मिले थे लेकिन उन दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी।

मैंऔर अतुल भी एक दूसरे से शादी करना चाहते थे लेकिन हम दोनों के बीच में मेरे पिताजी जो खड़े थे मेरे पिताजी अतुल को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते थे। एक बार अतुल और मेरे पिताजी के बीच में कुछ अनबन हो गई थी उसके बाद से वह अतुल को बिल्कुल पसंद नहीं करते थे अतुल हमारे घर से कुछ दूरी पर ही रहता है। मेरे पिताजी एक दिन अपने स्कूटर से लौट रहे थे तभी अतुल भी अपनी कार से आ रहा था और शायद अतुल को यह बात मालूम नहीं थी कि वह मेरे पिताजी हैं। अतुल की कार से मेरे पिताजी का एक्सीडेंट हो गया और उन्हें काफी चोट भी आई उसके बाद अतुल उनसे माफी मांगने के लिए घर पर भी आया था लेकिन उन्होंने अतुल को घर से जाने के लिए कह दिया और कहा आज के बाद तुम कभी अपनी शक्ल भी मुझे मत दिखाना। यह बात शायद अतुल को कहा मालूम थी कि वह मेरे पिताजी हैं इसलिए हम दोनों की सगाई का फैसला तो अभी दूर की बात थी। हम लोगों ने उस दिन साथ में अच्छा समय बिताया मैं और प्रतिमा बहुत खुश थे जब हम लोग घर वापस लौटे तो प्रतिमा कहने लगी तुम्हें आकाश से मिलकर कैसा लगा। मैंने प्रतिमा को कहा आकाश तुम्हारे लिए बिल्कुल सही है और वह तुम्हारा बहुत ख्याल भी रखेगा।

प्रतिमा कहने लगी मैं जब आकाश से पहली बार मिली थी तो आकाश मेरी कुछ भी बात नहीं हो पाई थी लेकिन आज पहली बार मेरी आकाश से बात हुई है मुझे उससे बात करके बहुत अच्छा लगा और अपनापन सा लगा। जब यह बात मुझे प्रतिमा ने कहीं तो मैंने प्रतिमा से कहा तुम्हारी किस्मत तो बहुत अच्छी है जो तुम्हारी जीवन में आकाश आ चुका है और तुम्हारे परिवार वालों ने भी उसे स्वीकार कर लिया है लेकिन मेरे और अतुल के बीच ना जाने क्या होगा मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं पता।

प्रतिमा मुझे कहने लगी नमिता सब कुछ ठीक हो जाएगा तुम्हारे पिताजी तुमसे बहुत प्यार करते हैं और वह तुम्हारी बातों को कभी भी मना नही कर सकते मैंने देखा है कि वह तुम्हारे बारे में कितना सोचते हैं और तुम्हें कितना प्यार करते हैं। प्रतिमा ने बचपन से लेकर अब तक हमेशा ही मेरा साथ दिया है और जब प्रतिमा और आकाश की शादी का दिन तय हो गया तो मुझे काफी बुरा लग रहा था क्योंकि प्रतिमा अब ससुराल जाने वाली थी। मैंने प्रतिमा से कहा जब तुम अपने ससुराल चली जाओगी तो मुझे काफी अच्छा लगेगा बचपन से ही हम दोनों एक साथ रहे हैं हम दोनों के बीच सगी बहनों का प्यार था।

कुछ ही दिन बाद प्रतिमा की शादी का आकाश के साथ हो गई जब प्रतिमा की शादी आकाश के साथ हुई तो वह अपने ससुराल चली गई। मैं काफी अकेली हो चुकी थी अतुल से मैं सिर्फ फोन पर ही बात किया करती थी और कभी कबार उसे चोरी छुपे मिल लिया करती थी लेकिन प्रतिमा के जाने का दुख मुझे बहुत था। एक दिन अतुल मुझे कहने लगा अब तो प्रतिमा की शादी हो चुकी है हमें भी शादी के बारे में सोच लेना चाहिए मैंने अतुल से कहा लेकिन पापा कहां मानेंगे तुम्हें तो मालूम ही है ना तुम पापा को अच्छे से जानते हो। अतुल कहने लगा देखो नमिता तुम्हें पापा से बात तो करनी ही पड़ेगी तभी जाकर आगे कोई बात बन बढ़ पाएगी।

काफी समय बाद प्रतिमा अपने ससुराल से घर आई तो मैं उससे मिलने के लिए चली गयी मैंने प्रतिमा से कहा की आकाश तुम्हारा ध्यान तो रखते हैं ना। प्रतिमा कहने लगी आकाश मुझे बहुत प्यार करते हैं और उनके मम्मी पापा भी मुझे बहुत अच्छा मानते हैं। मैं प्रतिमा को छेड़ते हुए कहने लगी शादी की पहली रात तो आकाश ने तुम्हारे साथ बहुत प्यार किया होगा। प्रतिमा शर्मा कर कहने लगी नमिता तुम किस प्रकार की बातें कर रही हो मैंने प्रतिमा से कहा यार मुझे भी बताओ ना तुम्हारी पहली रात कैसी रही थी। प्रतिमा मुझे कहने लगी अब तुम जाने भी दो बेवजह की बातें मत करो।

मैंने प्रतिमा और आकाश के बीच हुई सेक्स की रात को पूछ लिया जब उसने मुझे बताया कि किस प्रकार से आकाश ने उसके साथ सेक्स संबंध बनाए थे उससे वह पूरी तरीके से मचलने लगी थी। वह बहुत खुश हो गई थी प्रतिमा ने मेरे मन में भी चिंगारी पैदा करती थी और जिसको सिर्फ और सिर्फ अतुल ही बुझा सकता था। अतुल ने मुझे मिलने के लिए बुलाया तो मैं उससे मिलने के लिए चली गई मेरे अंदर सेक्स कि आग लगी हुई थी। मैं बिल्कुल भी अपने आपको ना रोक सकी मैंने अतुल को किस कर लिया और किस करने के बाद वह कहने लगा तुम क्या कर रही हो। मैंने उसे कहा बस ऐसे ही तुम पर कुछ ज्यादा ही प्यार आ रहा था। वह मुझे कहने लगा लेकिन पब्लिक प्लेस में यह सब करना ठीक कहां है।

मैंने उसे कहा सब कुछ ठीक है यह कहते ही अतुल ने मुझे भी किस कर लिया उसके बाद हम दोनों ही अपने आपको एक-दूसरे की बाहों में आने से नहीं रोक सके। वह मुझे अपने घर पर ले आया जब मैं अतुल के साथ उसके घर पर गई त अतुल ने मेरी सूट को उतारते हुए मुझे कहां तुम्हारा बदन तो बड़ा लाजवाब है जैसे ही अतुल ने मेरी लाल रंग की पैंटी और ब्रा को उतारा तो मैं और भी ज्यादा उत्तेजित होने लगी।
"Sagai Ke Pahle Chudai"

अतुल के हाथ जब मेरे स्तनों पर लग रहे थे तो उससे मेरी योनि से पानी बाहर को निकल आया था मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी थी। मैंने अतुल से कहा तुम भी मुझे अपने लंड को दिखाओ? अतुल कहने लगा तुम बडी बेचैन लग रही हो यह कहते ही अतुल ने जब अपने मोटे से लंड को बाहर निकाला तो मैं उसे हिलाने लगी। जब मैं उसे अपने हाथों से हिलाती तो अतुल को मोटा लंड एकदम तन कर खड़ा हो चुका था वह बहुत ही ज्यादा जोश में आ गया। उसने अपने मोटे से लंड को मेरी योनि पर लगाया और कहने लगा तुम्हारी योनि से पानी बाहर की तरफ को आ रहा है।

यह हम दोनों के बीच पहला ही सेक्स संबध होने वाला था इसलिए मेरे दिल की धड़कने बहुत तेज थी और मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं अतुल के लंड को अपनी योनि में नहीं ले पाऊंगी लेकिन जैसे ही अतुल ने अपने मोटे लंड को मेरी योनि के अंदर डाला तो मेरे मुंह से आह की आवाज निकली और उसी के साथ अतुल का मोटा सा 9 इंच का लंड मेरी चूत में प्रवेश हो चुका था। जैसे ही अतुल का मोटा लंड मेरी योनि में प्रवेश हुआ तो मेरे दिल की धड़कने तेज होने लगी।

अतुल ने मुझे कसकर अपनी बाहों में भर लिया था वह जिस प्रकार से मेरे दोनों जांघों को पकड़कर मुझे धक्के मार रहा था उससे मेरी योनि से खून बाहर की तरफ को निकल रहा था और मेरी योनि की चिकनाई मैं भी बढ़ोतरी होने लगी थी। जैसे ही मेरी योनि में अतुल का वीर्य समाया तो मैंने उसे गले लगा लिया उस रात हम दोनों के बीच पहली बार सेक्स संबंध स्थापित हुए थे। "Sagai Ke Pahle Chudai"
 
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